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बठिंडा में पुलिस ने आधी रात दबिश देकर कई किसान नेताओं को लिया हिरासत में

बठिंडा. पंजाब के बठिंडा में चाऊके आदर्श स्कूल संघर्ष से जुड़े किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर आज बठिंडा में प्रस्तावित पक्के मोर्चे से पहले प्रशासन और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। पक्का मोर्चा विफल करने के उद्देश्य से पुलिस ने तड़के बड़े स्तर पर किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की, जिसमें कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां से जुड़े दो किसान नेताओं—कुलविंदर सिंह ग्याना और फौजी महिमा—को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अजैब सिंह जखेपल और कर्मजीत सिंह मंगवाल को भी पुलिस ने काबू किया है। वहीं जिला प्रधान शिंगारा सिंह मान, वरिष्ठ नेता जगदेव सिंह जोगेवाला, जगसीर सिंह झुंबा, गुलाब सिंह जिउंद, अमरीक सिंह सिवियां और लखबीर सिंह मान सहित करीब एक दर्जन नेताओं के घरों पर दबिश दी गई, लेकिन अधिकांश नेता पहले ही भूमिगत हो चुके थे। यूनियन के अनुसार आधी रात के बाद घराचों, महलां, गंडुआं और उगराहां सहित कई गांवों में पुलिस कार्रवाई की गई। प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के घर भी छापेमारी हुई, हालांकि वे वहां नहीं मिले। यूनियन ने सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने भुच्चो खुर्द में इकट्‌ठे होने का लिया निर्णय बताया जा रहा है कि कल जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किसानों ने डीसी कार्यालय का घेराव करने के बजाय भुच्चो खुर्द में एकत्र होने का निर्णय लिया था, लेकिन तड़के हुई कार्रवाई के बाद यूनियन ने रणनीति में बदलाव किया है। इधर धरना स्थल भुच्चो खुर्द को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान नेता की रिहाई की मांग यूनियन नेताओं ने बताया कि पूरा संघर्ष बलदेव सिंह चाऊके और सगनदीप सिंह जिउंद की रिहाई को लेकर है, जो पिछले नौ महीनों से बठिंडा जेल में बंद हैं। यूनियन का आरोप है कि दोनों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक रिहाई नहीं होती, तब तक पक्का मोर्चा जारी रहेगा।

सीएम साय आज दुर्ग और जगदलपुर तथा कल छत्तीसगढ़ आएँगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

दुर्ग. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग, रायपुर और जगदलपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे दुर्ग के PWD रेस्ट हाउस मीटिंग हॉल पहुंचेंगे. दोपहर 2 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे और शाम 4 बजे रायपुर से जगदलपुर जाएंगे. जगदलपुर जिले के कुम्हडाकोट में शाम 5.25 बजे “जनजातीय गौरव वाटिका” के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद 5.50 बजे पुनर्वासितों के प्रशिक्षण समापन पर संवाद और टूलकिट वितरण करेंगे. शाम 6.25 बजे सर्किट हाउस जगदलपुर में शासन की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर सामग्री वितरण करेंगे. मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम सर्किट हाउस जगदलपुर में रहेगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे. वे 7 फरवरी को शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और निजी होटल जाएंगे. 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल बैठक लेंगे, इसके बाद ‘शिफ्टिंग द लेंस’ थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे. 9 फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह 11 बजे विशेष विमान से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में रहेंगे. शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. 

मुंबई मेयर चुनाव की रेस में बीजेपी के 3 नाम, शिंदे की रणनीति क्या होगी?चौंका सकता है उद्धव गुट

मुंबई  महाराष्ट्र के नगर महापालिका चुनाव नतीजे आने के तीन हफ्ते के बाद अब मुंबई में बीएमसी के मेयर चुनाव काउंटडाउन शुरू हो गया है. मुंबई से सटे सभी शहरों में मेयर चुने जाने के बाद अब कहीं जाकर बीएमसी की बारी है. बीएमसी मेयर पद के लिए 11 फरवरी को चुनाव है, जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो रही है. ऐसे में सभी की निगाहे लगी है कि मुंबई का नया मेयर कौन होगा?  मुंबई का मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है. ऐसे में मेयर के लिए 6 फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है और 7 फरवरी तक चलेगी.  इसके बाद 11 फरवरी को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है और उसी दिन मेयर और डिप्टीमेयर के लिए चुनाव होंगे.  बीएमसी चुनावों में बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन उसे अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला है.  ऐसे में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना (शिंदे) को 29 सीटें मिली हैं, जिसका समर्थन हासिल कर अपने मेयर बना सकती है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी कैसे शिंदे के साथ बैलेंस बनाकर अपना मेयर बनाती है?  बीएमसी का मेयर चुनाव बना रोचक मुंबई के 227 सीटों वाली बीएमसी में मेयर के लिए 114 नगर सेवकों की जरूरत होती है. बीएमसी में बीजेपी के पास सबसे अधिक 89 नगर सेवक हैं जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के पास 65 नगर सेवक हैं तो कांग्रेस के पास 24 सीटें है.  शरद पवार की पार्टी एनसीपी के पास महज एक पार्षद है तो अजित पवार की एनसीपी के 3 पार्षद हैं. राज ठाकरे की पार्टी मनसे के 6 पार्षद हैं तो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के 8  और समाजवादी पार्टी के 2 पार्षद हैं.  मुंबई में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को कुल मिलाकर 118 नगर सेवक हो रहे हैं. इस तरह से महायुति को स्पष्ट बहुमत का नंबर होने के बावजूद मेयर पद के लिए दोनों की सहमति  नहीं बन पा रही है. वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी मेयर के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारने का ऐलान करके मुकाबले को रोचक बना दिया है. शिंदे-बीजेपी में कैसा बनेगा फॉर्मूला बीएमसी चुनाव के नतीजे ऐसे आए हैं कि कोई भी पार्टी अपने दम पर अपना मेयर बनाने की स्थिति में नहीं है. मुंबई चुनाव में बीजेपी भले ही सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए एकनाथ शिंदे की बैसाखी की जरूरत होगी. शिदे बीएमसी में 29 पार्षद लेकर किंगमेकर के रोल में है, जिनके समर्थन के बिना बीजेपी के सियासी मंसूबे के कामयाब नहीं होंगे.  बीजेपी अजित पवार की एनसीपी के पार्षद को मिलाकर भी अपना मेयर नहीं बना सकती है. ऐसे में शिंदे के साथ ही सहमति का फॉर्मूला बनाना होगा. शिंदे भी मुंबई में अपना मेयर चाहते हैं, जिसके लिए सार्वजनिक रूप से मांग भी उठा चुके हैं. ऐसे में बीजेपी बीएमसी में कब्जा जमाने के लिए डिप्टीमेयर का पद शिंदे की शिवसेना को देने का ऑफर दे सकती है. इसके बाद ही बीजेपी अपना मेयर बना पाएगी, लेकिन उसके लिए शिंदे की रजामंदी जरूरी है.  उद्धव ठाकरे का क्या है सियासी गेम  मुंबई के मेयर पद लेकर उद्धव ठाकरे खेमा एक्टिव है.  शिवसेना (यूबीटी) मुंबई मेयर और उपमेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार उतारने का दांव चल सकती है. मेयर चुनाव को लेकर शुक्रवार दोपहर मातोश्री में पार्टी नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, शिवसेना (UBT) के मुंबई के विधायक और कुछ प्रमुख पार्षद मौजूद रहेंगे.  मेयर चुनाव को लेकर इसी बैठक में यह अंतिम फैसला लिया जाएगा कि पार्टी बीएमसी में अपना उम्मीदवार उतारेगी या नहीं. बीएमसी में शिवसेना(यूबीटी) के नेता किशोरी पेडणेकर ने व्हीप जारी कर सभी पार्षदों को 11 फरवरी तक मुंबई से बाहर नहीं जाने के आदेश दिए हैं. संजय राउत ने दावा किया है कि शिवसेना खेमे के कई पार्षद और एकनाथ शिंदे खुद भी नहीं चाहते हैं कि मुंबई में बीजेपी का मेयर बने?  BMC मेयर के लिए BJP से रेस में 3 नाम  बैठक होगी और नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा. बीजेपी की ओर से मेयर पद के लिए तीन नामों पर चर्चा हो रही है. इनमें राजश्री शिरवलकर, ऋतु तावड़े और शीतल गंभीर का नाम शामिल है.  वहीं, डिप्टी मेयर का पद शिंदे गुट की शिवसेना के खाते में जाएगा. शिवसेना को दिए जाने वाले डिप्टी मेयर के पद के लिए दो नामों पर चर्चा हो रही है. इसमें तृष्णा विश्वासराव और यामिनी जाधव का नाम शामिल है. वहीं स्थायी समिति के अध्यक्ष का पद बीजेपी के पास रहेगा. मुंबई महानगरपालिका में सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षण की घोषणा की गई है. इसलिए, मुंबई की बागडोर एक महिला के हाथों में होगी. क्या मुंबई में मेयर चुनाव निर्विरोध होंगे?  एबीपी माझा के मुताबिक, मुंबई मेयर को लेकर चर्चा के बीच यह भी खबर है कि ठाकरे की शिवसेना मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार उतारेगी. इस संबंध में ठाकरे की शिवसेना के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भी संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि हमारे लोग काम कर रहे हैं. इसलिए, ठाकरे की शिवसेना की ओर से 7 फरवरी को महापौर पद के लिए आवेदन दाखिल करने की संभावना है.  बीएमसी चुनाव में बहुमत न मिलने के बावजूद, ठाकरे की शिवसेना (UBT) अपना उम्मीदवार उतारेगी. बीजेपी-शिंदे गठबंधन के 138 सदस्य हैं, जिनमें बीजेपी के 89 और शिंदे शिवसेना के 29 पार्षद शामिल हैं. इसलिए, बीजेपी के मेयर के चुनाव में कोई समस्या नहीं होगी. कैसे की जाती है स्थायी समिति की गणना? स्थायी समिति के नतीजों के बाद आए आंकड़ों के अनुसार, विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों को 13-13 सदस्य मिले. इसलिए, स्थायी समिति में अपनी ताकत बढ़ाने के उद्देश्य से शिंदे शिवसेना और बीजेपी ने एनसीपी के अजित पवार गुट की मदद लेने का फैसला किया है. शिंदे शिवसेना ने अपना गुट रजिस्टर्ड करा लिया है और अजित पवार गुट एनसीपी के साथ सहयोगी गुट के रूप में पंजीकरण कराने के लिए बातचीत चल रही है. हालांकि, … Read more

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम, 10 महीने में बनाए 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में नंबर एक

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।   उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है। आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

ग्वालियर में गैस रिसाव के बाद स्प्रिंग फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट, 5 की हालत गंभीर

 ग्वालियर ग्वालियर में भारतीय रेलवे की स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इस हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बीती रात 10 बजे यह घटना मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुई। झांसी रोड थाना क्षेत्र की सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद कौशल श्रीवास्तव, योगेश कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई, शब्बीर, बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस फैक्ट्री में ट्रेनों के लिए स्प्रिंग और अन्य पुर्जे बनाए जाते हैं। अस्पताल में घायलों का इलाज कर रहे डॉ. सोफी शकील ने बताया कि पांच लोग गंभीर जलन के साथ लाए गए थे। इनमें से तीन की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।झांसी रोड थाना के टीआई शक्ति यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। विवेचक सभी सबूत जुटा रहे हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घायलों का इलाज प्राथमिकता पर जारी है। आग से झुलसे योगेश जनगांम ने बताया कि मशीन के पास वायरिंग कर रहा था तभी अचानक आग की लपटे उठी और खुद को बचाने तक का समय नहीं मिला। वहीं 60 फीसदी झुलसे मोहम्मद साबिर की हालत गंभीर है। वही इस मामले को लेकर उत्तर मध्य रेलवे सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बंद मशीन की मेंटेनेंस के दौरान एलपीजी के रिसाव से ये हादसा हुआ है। पास में चल रहे स्प्रिंग निर्माण की वजह से गैस में आग पकड़ ली। हादसे में एक रेलवे कर्मी और चार कांटेक्ट कर्मचारी झुलसे हैं। घटना की जांच के आदेश दिए हैं। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में पारा गिरने से बढ़ेगी ठंड और घना होगा कोहरा

पटना. राज्य के मौसम में बदलाव जारी है। दिन में धूप निकलने के साथ हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। जबकि, रात में ठंड सता रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी भागों के आठ जिलों के पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में घना कोहरे का प्रभाव बन रहेगा। पटना सहित आसपास इलाकों में हवा की गति 40 किमी प्रतिघंटा रहने के साथ सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा। एक से दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है।  तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार हैं। पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस सिवान (जीरादेई) एवं 14.1 डिग्री सेल्सियस राजधानी का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 10 वर्षों के दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहा। दो सौ मीटर के साथ वाल्मीकि नगर में सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई। राज्य का न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों में मौसम शुष्क बने होने के साथ सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बना रहा। प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम तापमान (°C)     न्यूनतम तापमान (°C) पटना     24.8     14.1 गया जी     25.6     11.6 भागलपुर     25.5     12.8 मुजफ्फरपुर     23.4     13.6

भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन पर पहली बार पहुंची रेल, खिलचीपुर से राजगढ़ तक दंग कर देने वाली यात्रा

 रामगंज मंडी जिला मुख्यालय पर गुरुवार शाम को पहली बार जिला मुख्यालय तक रेल पहुंची है। रामगंज मंडी से चलकर पहली मालगाड़ी शाम को राजगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। बहुप्रतीक्षित भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन पर पहली बार ट्रेन के पहुंचते ही लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। वर्षों से रेल सेवा का इंतजार कर रहे नगरवासी बड़ी संख्या में रेलवे पटरी के किनारे जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस ऐतिहासिक पल को देखा और मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाकर खुशी जाहिर की। मालगाड़ी में लाया गया रेल निर्माण का सामान राजगढ़रेलवे स्टेशन पहुंची इस मालवाहक ट्रेन में रेलवे पटरी सहित रेल निर्माण से जुड़ी आवश्यक सामग्री लाई गई है। हालांकि फिलहाल ट्रैक अधूरा है और कई स्थानों पर काम जारी है, लेकिन पहली बार जिले में ट्रेन आने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि यह राजगढ़ के विकास की दिशा में बड़ा कदम है। खिलचीपुर से राजगढ़ के बीच ट्रैक को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। इसी खंड में पहले चरण में रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण प्रस्तावित है। मार्च तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मार्च माह तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी है। पहले चरण में राजगढ़-खिलचीपुर और आगे ब्यावरा तक यात्री ट्रेन चलाने की योजना है। रेल सेवा शुरू होने से राजगढ़ को भोपाल और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, खेती और आम लोगों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। 2026 के अंत तक पूरा होगा काम बता दें कि करीब 3050 करोड़ के रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम दिसंबर-2026 तक पूरा करना है। कोटा और भोपाल रेल मंडल में आने वाले उक्त प्रोजेक्ट में कोटा मंडल ने करीब 90 फीसदी काम पूरा करा लिया है। भोपाल मंडल में भी अब तेजी से काम जारी है। पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा करने का दांवा किया जा रहा है।

हरियाणा में जेल वॉर्डन और हेड को मिलेगा कॉन्स्टेबल वाला भत्ता: CM सैनी

करनाल. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह को प्रदेश के जेल वार्डरों के लिए ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। उन्होंने जेल वार्डर और पुलिस कॉन्स्टेबल के बीच पदोन्नति, सेवा अवधि और भत्तों में चली आ रही विसंगतियों को दूर करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिससे जेल विभाग के कर्मियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर हेड वार्डर के पद पर पदोन्नति मिलेगी। इसके साथ ही सुधारात्मक सेवा पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को एक वर्ष का सेवा-विस्तार दिया जाएगा। जेल वार्डर और हेड वार्डर को भी पुलिस कॉन्स्टेबल के समान भत्ता देने की घोषणा की गई। राशन भत्ता में बढ़ोतरी सीएम नायब सिंह सैनी ने राशन भत्ता बढ़ाकर 1500 रुपये, परिवहन भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये तथा वर्दी भत्ता बढ़ाकर 7500 रुपये करने की घोषणा की। दीक्षांत परेड समारोह में जेल सेवा में नियुक्त हुए 116 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दीं और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कारागार विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि करनाल में नवनिर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी विभाग के आधुनिकीकरण और व्यावसायिक दक्षता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कैदियों के पुनर्वास पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश की पांच जेलों में आइटीआइ और पालिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स शुरू किए हैं, जिनके माध्यम से कैदियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिये रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमओयू भी किया है। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को इस बयान पर तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदला

अमृतसर. अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदल दिया गया है। अब गहरे पीले और नीले चोले के साथ सफेद पजामा, और चोले के रंग के विपरीत पगड़ी होगी। प्रबंधक भगवंत सिंह धंगेड़ा ने बताया कि यह बदलाव श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी के लिए किया गया है। सेवादार दो दिन पीला और दो दिन नीला चोला पहनेंगे। बता दें, श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में तैनात सेवादारों को हर साल मैनेजर गर्मी और सर्दी के मौसम के लिए यूनिफॉर्म देते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब भी कोई मैनेजर बदलता है, तो वह अपनी सोच के हिसाब से सेवादारों के लिए यूनिफॉर्म का रंग भी बदल देता है। अब तक पीला-नीला चोला, सफेद पजामा, पीली, नीली और काली पगड़ी और हाथ में कमरकस्सा वाली बेल्ट के साथ हाथ में भाले के साथ सेवादार की पहचान रही है। अब इस पीले और नीले चोला का रंग गहरा कर दिया गया है। इसके साथ ही सफेद पायजामा, नीले चोले के साथ पीला व पीले चोले के साथ नीली पगड़ी व हाथ में कमकस्सा और भाले के साथ बेल्ट पहनाकर सेवादार की पहचान बनाई गई है। सेवादार दो दिन पीला चोला और दो दिन नीला चोला पहनकर ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा ने कहा कि सेवादारों की वर्दी का रंग यूनिक रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी हो।

ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी की चपेट में आने से स्कूली बच्चे की मौत

रायपुर. राजधानी रायपुर से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल जा रहे दो मासूम बच्चे एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए. यह दुर्घटना शहर के पॉश इलाके में स्थित छत्तीसगढ़ क्लब के ठीक सामने हुई. इस भीषण टक्कर में स्कूल जा रहे एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ मौजूद एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है. घायल बच्ची को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. हैरान करने वाली बात यह है कि मासूमों को कुचलने वाला वाहन ट्रैफिक पुलिस की ‘टोइंग गाड़ी’ (क्रिन) थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस की इस गाड़ी ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. वहीं ड्राइवर मौके से फरार हो गया. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मृत मासूम के शव को पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है. फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है.