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गुरुग्राम में बनेगी देश की सबसे ऊंची इमारत

गुरुग्राम. हरियाणा सरकार गुरुग्राम को वैश्विक शहरों की कतार में खड़ा करने की दिशा में अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित की जा रही 1003 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ में देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का प्रस्ताव सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया गया है। सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए जल्द ही एडवाइजर नियुक्त करेगी। इसके लिए विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि इमारत का डिजाइन, तकनीक और सुरक्षा ढांचा वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके। ग्लोबल सिटी बनेगी आधुनिक शहरी मॉडल हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन ज़ोन, डिजिटल सुविधाओं और वर्ल्ड-क्लास अर्बन प्लानिंग के मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित गगनचुंबी इमारत इस पूरे प्रोजेक्ट की आइकॉनिक पहचान बनेगी। निवेश, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सरकारी अधिकारियों के अनुसार, देश की सबसे ऊंची इमारत बनने से विदेशी निवेश, मल्टीनेशनल कंपनियों की भागीदारी, पर्यटन और हाई-स्किल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुरुग्राम को वैश्विक बिजनेस और अर्बन हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। हालांकि यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है, लेकिन सरकार ने इसे लेकर सैद्धांतिक फैसला कर लिया है। आगामी चरणों में एडवाइजर की नियुक्ति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विस्तृत तकनीकी अध्ययन किए जाएंगे। एयरपोर्ट पास, सामने सबसे बड़ी चुनौती चूंकि प्रस्तावित साइट इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट के अपेक्षाकृत करीब है, इसलिए इमारत की ऊंचाई को लेकर तकनीकी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सरकार को इसके लिए डी.जी.सी.ए. (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ए.ए.आई.) से मंजूरी लेनी होगी। इमारत की अधिकतम ऊंचाई, एविएशन सेफ्टी, लाइटिंग सिस्टम और एयर ट्रैफिक पर प्रभाव, इन सभी पहलुओं पर गहन मंथन किया जा रहा है।

पंजाब में नए DC रेट से कर्मचारियों की बढ़ेगी Salary

पटियाला. पंजाब सरकार ने राज्य में संशोधित न्यूनतम वेतन (डीसी रेट) को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। लुधियाना सहित प्रदेश के सभी जिलों में डीसी रेट सितंबर 2025 में संशोधित किए गए थे, लेकिन अब लेबर डिपार्टमेंट की मंजूरी के बाद इन्हें एक सितंबर 2025 से बैकडेट लागू कर दिया गया है। इससे लाखों कर्मचारियों को सितंबर से अब तक का एरियर भी मिलेगा। संशोधित दरों के अनुसार महंगाई भत्ते में वृद्धि के कारण कर्मचारियों के मासिक वेतन में करीब ₹336 से ₹439 तक की बढ़ोतरी हुई है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आउटसोर्स और डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों को बकाया राशि का भुगतान करें, वहीं निजी संस्थानों को भी इन दरों का पालन करना अनिवार्य होगा। नए रेट के तहत अनस्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹11,389 से बढ़कर ₹11,726, सेमी-स्किल्ड का ₹12,169 से ₹12,506, स्किल्ड का ₹13,066 से ₹13,403 और हाई-स्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹14,098 से बढ़कर ₹14,435 कर दिया गया है। इसके अलावा सरकारी विभागों और बोर्डों में आउटसोर्स स्टाफ की विभिन्न कैटेगरी में भी वेतन में इजाफा किया गया है। कृषि क्षेत्र से जुड़े अकुशल श्रमिकों के वार्षिक वेतन में भी सीधी बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनका सालाना वेतन अब ₹79,107 से अधिक हो गया है। वहीं ईंट-भट्टा मजदूरों के पीस रेट में भी लगभग ₹28 प्रति हजार ईंट की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी सरकारी या निजी संस्था तय डीसी रेट से कम वेतन नहीं दे सकती। नियमों का उल्लंघन करने या साप्ताहिक छुट्टी न देने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रात का पारा बढ़ने से दिन रहेगा गर्म

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. फरवरी के पहले सप्ताह में दोपहर के वक्त गर्मी लोगों के पसीने छूटा रही है. हालांकि सुबह को कोहरे और रात के समय हल्की ठंड का सिलसिला जारी है. आगामी दिनों में रात के तापमान में बढ़ोतरी के संकेत है. राजनांदगांव में 32 डिग्री रिकॉर्ड मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया. बढ़ेगा रात का पारा मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर अफगानिस्तान उससे लगे क्षेत्र में स्थित है. प्रदेश में 7 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, उसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री के आसपास वृद्धि होने की संभावना है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?  राजधानी रायपुर में शनिवार को सुबह के वक्त धुंध छाया रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.

कर्नल सोफिया मामले पर विजय शाह ने मीडिया से की दूरी, भाजपा मुख्यालय में सवालों से भागे, 9 फरवरी को होगी सुनवाई

भोपाल  भाजपा प्रदेश मुख्यालय में  समस्याएं सुनने पहुंचे जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह उस वक्त असहज नजर आए, जब मीडिया ने उनसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण को लेकर सवाल पूछ लिया. सवाल सुनते ही मंत्री विजय शाह बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे वाहन में बैठकर रवाना हो गए. हालांकि, इसके बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री शिवाजी पटेल को अकेले प्रेस ब्रीफिंग की. मंत्री शाह और पटेल ने सुनी समस्या भाजपा संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेश मुख्यालय में मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है. प्रतिदिन दोपहर 1 से 3 बजे तक प्रदेशभर से कार्यकर्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं. जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव होता है, उनका मौके पर निराकरण किया जाता है, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजा जाता है. शुक्रवार को यह जिम्मेदारी मंत्री विजय शाह और मंत्री शिवाजी पटेल को सौंपी गई थी. मीडिया के सवालों से बचते दिखे विजय शाह कार्यकर्ताओं की सुनवाई के बाद जैसे ही दोनों मंत्री कार्यालय से बाहर निकले, मीडिया ने जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर सवाल किया. सवाल सुनते ही मंत्री बिना कुछ कहे वाहन में बैठकर निकल गए. विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश सरकार मंत्री विजय शाह के मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती. इसलिए अभियोजन की मंजूरी को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है. सरकार को 3 दिन में देना होगा जबाव 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुनवाई करते हुए एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट देखने के बाद कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी गई है. कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन का निर्णय लेकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 9 फरवरी को है, जबकि कार्यदिवसों के आधार पर सरकार के पास अभी लगभग तीन दिन का समय बचा है. सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है। पार्टी और विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटार्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है। सरकार ने रिपोर्ट दिल्ली भेजी मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में एसीएस गृह शिवशेखर शुक्ला, सचिव गृह कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है। तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच विजय शाह प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है। विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।' शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।' बजट सत्र के बाद हो सकती है कार्रवाई एसआईटी छह माह पहले ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसमें आरोपों की पुष्टि करते हुए मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है. अब अंतिम निर्णय सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा लिया जाएगा. माना जा रहा है कि विधानसभा के बजट सत्र के बाद सरकार और पार्टी मंत्री विजय शाह के खिलाफ एकशन ले सकते हैं.

भारत का बड़ा कदम: कृषि और डेयरी सेक्टर पर सुरक्षा कवच, अमेरिका के लिए नहीं मिली कोई राहत

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार इसकी जानकारी दी। इस फ्रेमवर्क के तहत भारत ने अपने संवेदनशील कृषि क्षेत्रों जैसे गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन, पोल्ट्री, दूध, चीज, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कुछ कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करने का वादा किया है, लेकिन मुख्य रूप से केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में। कृषि क्षेत्र में क्या खुला है? भारत ने अमेरिकी उत्पादों जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs) और रेड सोरघम (पशु चारे के लिए), ट्री नट्स (जैसे बादाम, अखरोट आदि), ताजा और प्रोसेस्ड फ्रूट्स, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स आदि पर टैरिफ कम या खत्म करने पर सहमति जताई है। ये मुख्य रूप से पशु आहार, नट्स और फलों से जुड़े हैं, जो भारत के मुख्य खाद्यान्न उत्पादन को सीधे प्रभावित नहीं करते। कृषि क्षेत्र में क्या बंद/संरक्षित है? भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में कोई समझौता नहीं हुआ है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों और ग्रामीण आजीविका की रक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की गई है। गेहूं, चावल, दूध और डेयरी उत्पादों जैसे मुख्य आइटम्स को डील से लगभग पूरी तरह बाहर रखा गया है। यह भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति है कि कृषि क्षेत्र को बड़े पैमाने पर विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जाए, खासकर क्योंकि अमेरिकी उत्पाद सब्सिडी वाले होते हैं और भारतीय किसानों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच हुए इस हालिया व्यापार समझौते में एक महत्वपूर्ण पहलू 'भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र का संरक्षण' बनकर उभरा है। 1. अनाज और आटा भारतीय अनाज बाजार को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं: प्रमुख अनाज: गेहूं, चावल, मक्का, जौ, ज्वार और रागी। मोटा अनाज (Millets): बाजरा, कोदो, कांगनी, ओट्स, श्यामक और अमरंथ। अन्य: कोपरा, मैदा, विभिन्न प्रकार के आटे (गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा आदि) और छिलका रहित अनाज। 2. डेयरी उत्पाद भारतीय डेयरी क्षेत्र, जो करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है, उसे पूर्ण संरक्षण दिया गया है: तरल और पाउडर उत्पाद: दूध (तरल, पाउडर, कंडेंस्ड), क्रीम और बटर मिल्क। वसा और अन्य: घी, मक्खन, बटर ऑयल, योगहर्ट और पनीर। चीज की किस्में: मोज़ेरेला, ब्लू वेंड, ग्रेडेड/पाउडर्ड चीज और व्हे प्रोडक्ट्स। 3. मसाले और औषधीय जड़ी-बूटियां भारतीय मसालों की वैश्विक साख को देखते हुए, इस श्रेणी में व्यापक सुरक्षा दी गई है: रोजाना के मसाले: काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक और हींग। अन्य बीज और पाउडर: सूखी हरी मिर्च, अजवाइन, मेथी, सरसों, राई, भूसी, चक्रमर्द, कैसिया और अन्य सभी पाउडर मसाले। 4. सब्जियां और फल ताजी और फ्रोजन दोनों प्रकार की सब्जियों और फलों को इस समझौते में संरक्षित श्रेणी में रखा गया है: सब्जियां: आलू, प्याज, मटर, फलियां, मशरूम, तोरी, कुंदरू, भिंडी, कद्दू, लहसुन, खीरा, शिमला मिर्च, काबुली चना और शकरकंद। फल (सामान्य): केला, आम, स्ट्रॉबेरी, संरक्षित चेरी, इमली और सिंघाड़ा गिरी। ड्राई फ्रूट्स: सूखा आलू बुखारा, सूखा सेब और अन्य सूखे फल। साइट्रस फल: संतरा, मैंडरिन, चकोतरा, नींबू, अंगूर और अन्य साइट्रस फल। इस समझौते के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से $500 बिलियन (लगभग 500 अरब डॉलर) मूल्य का सामान खरीदेगा। इसमें शामिल हैं:     ऊर्जा और संसाधन: तेल, गैस और कोकिंग कोल।     विमानन: विमान और उनके पुर्जे।     तकनीक: डेटा सेंटर के पुर्जे और AI अनुप्रयोगों के लिए उपयोग होने वाले GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट)। भारतीय निर्यातकों को क्या मिलेगा? हालांकि अमेरिका अधिकांश भारतीय सामानों (जैसे कपड़ा, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक और रसायन) पर 18% टैरिफ जारी रखेगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में विशेष राहत दी गई है: विमानन और ऑटो पार्ट्स: भारतीय विमान पुर्जों को वही राहत मिलेगी जो अमेरिका के अन्य सहयोगी देशों को मिलती है। ऑटो पार्ट्स के लिए एक विशेष कोटा तय किया जाएगा जिस पर कम शुल्क लगेगा। फार्मास्युटिकल्स: जेनेरिक दवाओं और उनके कच्चे माल के लिए बातचीत के जरिए अनुकूल परिणाम निकाले जाएंगे। टैरिफ (शुल्क) में भारी कटौती अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि भारतीय सामानों पर लगने वाले 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया जाएगा। इस 50% टैरिफ में से 25% हिस्सा ट्रंप प्रशासन ने दंड स्वरूप लगाया था क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था। भारत द्वारा रूस से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला से तेल खरीदने की सहमति के बाद, ट्रंप ने शुक्रवार को उस 25% अतिरिक्त टैरिफ को हटाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। दोनों देशों का लक्ष्य मार्च 2026 तक एक औपचारिक और पूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना है। इसके बाद भारत द्वारा अमेरिकी सामानों पर दी जाने वाली टैरिफ कटौती प्रभावी हो जाएगी। बरसों के विवादों (जैसे डिजिटल ट्रेड और कृषि) के बाद, अब चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और ऊर्जा सुरक्षा ने इन वार्ताओं को नई गति दे दी है।  

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी Cut Off को लेकर जताई चिंता, कम Cut Off पर किया सवाल

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2025 के क्वालिफाइंग कटऑफ को शून्य और नेगेटिव वैल्यू किए जाने पर चिंता जताई है. SC का कहना है कि माइनस 40 क्राइटेरिया तय करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है. सीटें खाली रहने के कारण इस तरह का क्राइटेरिया सेट करना सही नहीं है. जजों ने जताई चिंता इस मामले की सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अराधे की बेंच कर रही थी. जजों ने कहा कि खाली सीटें बेकार नहीं जानी चाहिए, लेकिन सिर्फ कैंडिडेट्स की कमी के कारण कटऑफ इतना घटाना सही नहीं है. इससे एलिजिबिलिटी का जो क्राइटेरिया सेट किया जा रहा है, उसके कमजोर होने का डर है. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सत्याम सिंह राजपूत थे. NBEMS ने घटाया था परसेंटाइल दरअसल, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कुछ समय पहले NEET PG 2025 एडमिशन के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल में बदलाव किया है. सीट खाली रह जाने का हवाला देते हुए NBEMS ने परसेंटाइल घटाया. NBEMS ने बताया था कि राउंड 2 काउंसलिंग पूरी हो गई है और उसके बाद भी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की 18,000 से ज्यादा PG सीटें खाली रह गई थीं. ऐसे में परसेंटाइल घटाया गया. EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50 से घटाकर 7 परसेंटाइल कर दिया गया था. वहीं जनरल PwBD कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 45 की जगह केवल 5 परसेंटाइल का मानक तय किया गया था. इसके अलावा SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 40 से घटाकर शून्य (0) परसेंटाइल कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में क्या-क्या हुआ? केंद्र सरकार की ओर से सीटें खाली रह जाने का तर्क दिया गया. इस पर SC ने कहा कि आखिरी बैलेंस बनाने के लिए मानकों को कितनी हद तक गिराया जा सकता है. जजों ने केंद्र के उस तर्क पर भी विचार किया जिसमें कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों को ढील के तहत दाखिला दिया जा रहा है, उनके पास पहले से MBBS की डिग्री है. हालांकि याचिकाकर्ताओं ने उनकी योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ MBBS होना पर्याप्त नहीं है. अगर वे NEET PG परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं. कितनी हैं नीट पीजी की सीटें? इससे पहले देशभर के अलग-अलग हिस्सों में नीट परसेंटाइल घटाए जाने पर बवाल मचा था. भारत में हर साल करीब 2.4 लाख स्टूडेंट्स नीट पीजी परीक्षा देते हैं. इनमें से करीब 1 लाख स्टूडेंट्स पास होते हैं. फिलहाल देश में लगभग 80,000 नीट पीजी सीट्स हैं. समय-समय पर सीट में बदलाव होता रहता है. साल 2021 से 2025 सीटों की संख्या बढ़ाई गई है.

तेज रफ्तार कंटेनर ने 15 यात्रियों को बेरहमी से कुचला, छह की मौत; सीएम योगी ने दिए तत्काल निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। लघुशंका के लिए बस से उतरे यात्रियों को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। यह घटना सुबह करीब 2:45 बजे की बताई जा रही है। हादसे की जानकारी होने पर सीएम योगी ने दुख जताया और हादसे का संज्ञान लिया है।  सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दिए ये निर्देश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कहां और कैसे हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, बस दिल्ली के नांगलोई से कानपुर के रसूलाबाद जा रही थी। सुरीर थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 88 के पास कुछ यात्रियों ने लघुशंका के लिए बस रोकने को कहा। चालक ने निर्धारित सुरक्षित स्थान (ग्रीन जोन) पर बस न रोककर रास्ते में ही बस खड़ी कर दी। यात्री बस से नीचे उतरे ही थे कि पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार कंटेनर बस से टकरा गया। टक्कर के बाद वाहन नियंत्रण से बाहर हुआ और नीचे खड़े यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। इन लोगों की हुई मौत हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है: सोनू — निवासी सरवा कटरा, औरैया देवेश — निवासी अलेवल, बस्ती असलम — निवासी गणेश का पुरवा, कन्नौज संतोष — निवासी प्रेम नगर, दिल्ली दो अन्य यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है घटना में अमर दुबे (निवासी बेला, औरैया) घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस कार्रवाई सूचना मिलने पर पुलिस और एक्सप्रेसवे की इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी में बस को असुरक्षित स्थान पर रोकना हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

झज्जर के ‘लाल’ ने आखिरी विकेट लेकर दिलाया अंडर-19 वर्ल्ड कप

झज्जर.  जिम्बाब्वे की धरती पर खेले गए अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के एक बड़े नायक झज्जर के गांव कुलाना निवासी ऑलराउंडर कनिष्क चौहान रहे, जिन्होंने मैच की आखिरी विकेट चटकाकर भारत की झोली में विश्व कप डाल दिया। शुक्रवार को खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में कनिष्क चौहान ने गेंद और बल्ले दोनों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जब टीम को रनों की सख्त जरूरत थी, तब कनिष्क ने मात्र 20 गेंदों पर 37 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। गेंदबाजी में कनिष्क ने 8 ओवर के स्पेल में 63 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके। सबसे खास पल वह रहा जब उन्होंने मैच की अंतिम विकेट लेकर भारतीय तिरंगा लहरा दिया। इससे पहले 4 फरवरी को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 55 रन देकर 2 विकेट हासिल किए थे। चैंपियन का होगा शाही स्वागतकनिष्क की इस वैश्विक सफलता के बाद उनके पैतृक गांव कुलाना में दीपावली जैसा माहौल है। कनिष्क की मां सरिता चौहान ने खुशी जाहिर करते हुए हरियाणवी अंदाज में कहा कि हमें तो पहले ही पता था कि वो मैदान में धुम्मा ठा देगा।" उन्होंने बताया कि चैंपियन बेटे के घर लौटने पर उसका स्वागत उसकी पसंदीदा डिश देशी घी के चूरमे और गाजर के हलवे से किया जाएगा। गांव में जीत की खुशी में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। 9 फरवरी को भव्य समारोह और जागरण गांव कुलाना ने अपने लाडले के स्वागत के लिए पलक-पावड़े बिछा दिए हैं। कनिष्क के सम्मान में 9 फरवरी को गांव में एक विशाल सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी दिन रात को परिवार की ओर से जीत की खुशी और कनिष्क के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक भव्य जागरण का भी आयोजन किया जाएगा। 4 साल की उम्र में थामी थी बैट – 26 सितंबर 2006 को जन्मे कनिष्क ने मात्र 4 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनकी प्रतिभा को देखते हुए परिवार साल 2014 में सिरसा शिफ्ट हो गया ताकि वे शाह सतनाम जी स्टेडियम में बेहतर ट्रेनिंग ले सकें। कनिष्क की सफलता को देखते हुए रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया है। साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले कनिष्क 'बेस्ट आलराउंडर आफ द सीरीज' भी रह चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनका रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है, जहां वे लगातार दो बार 'मैन आफ द मैच' बने।

शिक्षा विभाग का फैसला- मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी

पटियाला. पंजाब में मास्टर कैडर के पदों पर प्रमोशन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी) पंजाब की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET-2) पास करना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले मेमो नंबर 19/23-16 A-4 (5) दिनांक 14.09.2017 के तहत कुछ कर्मचारियों को PSTET से छूट दी गई थी। यह छूट उन अध्यापकों को मिली थी जो NCTE की अधिसूचना 23.08.2010 और RTE एक्ट 2009 के तहत PSTET की पहली घोषणा 30.07.2011 के बाद सेवा में आए थे। हालांकि, अब माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 01 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले (भरुनेग मुथविभा वेवत तैले अंजुमन-ए-इशात बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) के बाद स्थिति बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए PSTET-2 पास करना अनिवार्य घोषित किया है। इस फैसले के आधार पर शिक्षा विभाग ने पुराने नोटिस को रद्द करते हुए नया आदेश जारी किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी प्रमोशन के बाद मास्टर कैडर में कार्यरत हैं और जिनकी शेष सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक है, यदि उन्होंने अब तक PSTET-2 पास नहीं किया है तो उन्हें दो वर्षों के भीतर PSTET-2 पास करना होगा। ऐसा न करने पर विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राज्यपाल डेका और CM साय ने काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति

कोंडागांव. रायपुर से जगदलपुर जाते समय शुक्रवार को केशकाल में अचानक राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय का काफिला रुक गया. वजह थी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चल रहा सड़क उन्नयन कार्य. मुख्यमंत्री ने मौके पर उतरकर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया और अधिकारियों को साफ शब्दों में चेताया कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनएच-30 बस्तर संभाग की सबसे अहम सड़क है, जो राजधानी रायपुर को बस्तर और अन्य राज्यों से जोड़ती है. ऐसे में सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को तय मापदंडों के अनुसार काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. केशकाल बायपास पर भी नजर निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने केशकाल नगर के साथ-साथ केशकाल बायपास निर्माण कार्य की जानकारी ली. कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके. कोंडागांव में दीदी की रसोई पहुंचे, फरा-अंगाकर रोटी चखी इसके बाद राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय कोंडागांव पहुंचे. यहां उन्होंने बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित “मोर सुआद–दीदी की रसोई” का निरीक्षण किया. महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया. मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजन फरा और अंगाकर रोटी का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री साय ने समूह की महिलाओं से आय और कामकाज की जानकारी ली और कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम हैं. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि महिलाओं को आजीविका के लिए हर संभव सहयोग दिया जाए. लोक कलाकारों की पेंटिंग्स देखी इस दौरान जिले के लोक कलाकारों की पेंटिंग्स का भी अवलोकन किया गया. मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों से बातचीत कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, बस्तर सांसद, कोंडागांव विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.