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आधुनिक ‘एलीफेंट केयर सेंटर’ में हाथियों को मिलेगा नया जीवन

जमशेदपुर. दलमा के तराई में स्थित डिमना लेक के बगल में बसे भादूडीह के पास एलीफेंट केयर सेंटर बनाए जाएंगे। डिमना लेक के पास बनने वाला यह एलीफेंट केयर सेंटर 10 हेक्टेयर यानि 26 एकड़ में बनाए जाएंगे। दलमा के डीएफओ सह गज परियोजना के उप निदेशक सबा आलम अंसारी ने बताया कि एक करोड़ की लागत से बनने वाला यह एलीफेंट केयर सेंटर कोल्हान में हाथियों के लिए जीवनदान होगा। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम डीएफओ ने बताया कि एलीफेंट केयर सेंटर का निर्माण कार्य अगले सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दलमा की तराई में बनने वाला यह एलीफेंट केयर सेंटर झारखंड में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा। हाथियों के प्राकृतिक आवास, स्वास्थ्य और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से यह केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। डीएफओ के अनुसार, इस सेंटर का मुख्य लक्ष्य घायल, बीमार, बुजुर्ग या अनाथ हाथियों या उनके बच्चे की देखभाल करना और उन्हें दोबारा स्वस्थ कर सुरक्षित वातावरण देना है। हाथियों का अस्पताल या पुनर्वास केंद्र डिमना लेक के पास बनने वाला एलीफेंट केयर सेंटर एक तरह से बीमार हाथियों के लिए अस्पताल और पुनर्वास केंद्र की तरह काम करेगा। यहां विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी, जो हाथियों की नियमित स्वास्थ्य जांच, उपचार और निगरानी करेगी। सेंटर में प्राथमिक उपचार के साथ-साथ सर्जरी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलोजी जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा, हाथियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खुले और प्राकृतिक बाड़ों का निर्माण किया जाएगा, ताकि वह तनावमुक्त वातावरण में रह सकें। सेंटर में संसाधन की रहेगी पूरी व्यवस्था एलीफेंट केयर सेंटर में हाथियों के लिए चारा, पानी की पर्याप्त आपूर्ति के लिए तालाब, वाटर टैंक और स्नान की विशेष व्यवस्था की जाएगी, क्योंकि हाथियों के लिए नियमित स्नान बेहद जरूरी होता है। इसके साथ ही, दलमा के जंगल से जुड़े प्राकृतिक रास्तों को भी संरक्षित किया जाएगा, ताकि हाथी अपनी स्वाभाविक गतिविधियां जारी रख सकें। डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि एलीफेंट केयर सेंटर में महावत व वनकर्मी भी तैनात रहेंगे। यह लोग हाथियों के व्यवहार, खान-पान और गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। साथ ही, ड्रोन, जीपीएस कालर और सीसीटीवी कैमरों जैसी तकनीकों का उपयोग कर हाथियों की मूवमेंट और स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। इससे मानव-हाथी संघर्ष को समय रहते रोका जा सकेगा। हाथियों का संरक्षण, रोजगार मिलेगा – एलीफेंट केयर सेंटर के बनने से जन-जागरूकता बढ़ेगी, हाथियों पर शोध करने वाले यहां आएंगे। समय-समय पर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, शोध कार्य और स्थानीय समुदायों के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इससे न सिर्फ हाथियों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर दलमा में बनने वाला एलीफेंट केयर सेंटर हाथियों के संरक्षण, उनके सुरक्षित भविष्य और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक कारगर सेंटर साबित होगा। – सबा आलम अंसारी, डीएफओ, दलमा

विकसित भारत के संकल्प की दिशा में देश ने पकड़ी तेज रफ्तार: अमित शाह

जम्मू  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, केन्द्रीय गृह मंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। –

ज्वैलरी शॉप से लाखों रुपए की सोने की चेन ले उड़ा कबूतर

नागौर. राजस्थान के नागौर जिले से सामने आया एक अनोखा वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कबूतर सोने की चेन चोंच में दबाकर उड़ता और बाद में उसे गले में डालकर बैठा नजर आ रहा है। जहां एक ओर सोने-चांदी के भावों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, वहीं इस ‘सोने की चेन पहने कबूतर’ ने लोगों को हैरान कर दिया है। ये है पूरा मामला ये वायरल वीडियो नागौर जिले के डेगाना कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार डेगाना के सर्राफा बाजार स्थित एक ज्वेलरी शॉप में सोने के आभूषण तैयार किए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक कबूतर दुकान के भीतर घुस आया और काउंटर पर रखी तैयार हो रही सोने की चेन को अपनी चोंच में दबाकर उड़ गया। कुछ ही पलों में कबूतर चेन लेकर दुकान के बाहर जा बैठा और उसे गले में डाल लिया। घटना को देखकर दुकान संचालक और आसपास मौजूद व्यापारी कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। सोने जैसी कीमती वस्तु को इस तरह उड़ते देख वहां अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों ने तुरंत कबूतर पर नजर बनाए रखी और उसे नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी देर की मशक्कत के बाद कबूतर ने चेन वहीं गिरा दी और उड़ गया, जिससे सोने की चेन सुरक्षित वापस मिल गई। इसके बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली। ये कमेंट कर रहे यूजर्स इस घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद ये तेजी से वायरल हो गया। वीडियो पर यूजर्स मजेदार कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'लगता है कबूतर को भी सोने की कीमत समझ आ गई है।' वहीं दूसरे ने कहा, 'कोई पुराना हिसाब-किताब बाकी होगा।' कुछ यूजर्स ने तो अनोखी डिमांड करते हुए लिखा कि “ये कबूतर मुझे चाहिए।' एक अन्य यूजर ने लिखा, भाई ये मॉडर्न कबूतर है, चिट्ठी नहीं अब सोने की चेन लेकर जाता है।' अन्य ने कहा कि 'शायद पत्नी ने एनिवर्सरी पर गोल्ड चेन की डिमांड कर दी होगी,' तो किसी ने इसे वेलेंटाइन डे से जोड़ते हुए लिखा कि 'वैलेंटाइन डे से पहले कबूतर अपनी GF के लिए गिफ्ट लेकर जा रहा है।'

किसानों की सहमति से होगा सड़क चौड़ीकरण, भूमि अधिग्रहण पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान

भोपाल . गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सड़क रीवा एयरपोर्ट को सिलपरा-बेला रिंग रोड से जोड़ेगी। सड़क चौड़ीकरण में आने वाली जमीनों के लिए चोरहटा, रघुनाथपुर व खैरा गांव के किसानों ने अपनी सहमति दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हवाई अड्डे को जोड़ने वाली सड़क के बन जाने से किसानों की शेष जमीनों का भी मूल्य बढ़ेगा। कलेक्ट्रेट रीवा के सभागार में बैठक में किसानों ने कहा कि हम सब रीवा के विकास में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के साथ हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कम से कम समय में पूरी हो जाएगी और किसानों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा भी शीघ्र मिल जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर अतिशीघ्र प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिलपरा-बेला रिंग रोड निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। आगामी अप्रैल माह में इसका लोकार्पण हो जाएगा। रिंग रोड के लोकार्पण से पूर्व ही गुरूकुल से खैरा होकर बनने वाली सड़क का चौड़ीकरण कार्य भी पूरा करा लिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा शहर के उत्तरी छोर में निर्माणाधीन चोरहटा-रतहरा बायपास के सिक्स लेन चौड़ीकरण मार्ग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा का संभागीय मुख्यालय प्रदेश का पहला संभागीय मुख्यालय होगा जहाँ आगामी माह में शहर के चारों तरफ बायपास या रिंगरोड का निर्माण हो जाएगा। कलेक्टर मती प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 9 एवं 10 फरवरी को शिविर आयोजित कर किसानों से सहमति पत्र लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं जिससे शीघ्र ही जमीन का अधिग्रहण किया जाकर नियत समय में चौड़ीकरण कार्य किया जा सके। बैठक में ढेकहा तिराहा के चौड़ीकरण तथा एयरपोर्ट विस्तार कार्य पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर मती सपना त्रिपाठी सहित राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा संबंधित गांवों के किसान उपस्थित रहे।  

बरेली में मस्जिद पर बुलडोजर का एक्शन, कोर्ट के आदेश से अवैध निर्माण ध्वस्त, भारी पुलिस तैनात

 बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है. इसी क्रम में भोजीपुरा इलाके के पिपरिया गांव में अवैध तरीके से बनी मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अधिकारियों का कहना है कि यह मस्जिद ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर बनाई गई थी. अदालत में लंबे समय तक सुनवाई हुई, अब अदालत के आदेश पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है. भोजीपुरा गांव में जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ पहुंची. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद का निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. करीब 300 वर्ग गज में यह निर्माण था. लंबे समय से इसे लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा. प्रशासन का कहना है कि निर्माण को अवैध श्रेणी में मानते हुए हटाया जा रहा है. ग्राम समाज के गाटा संख्या पर बनी मस्जिद का विवाद पहले तहसीलदार कोर्ट में चला, जहां से मस्जिद के पक्ष में कोर्ट में पेश होने वाले लोगों के खिलाफ आदेश आया. आदेश में यह साफ हुआ कि यह सरकारी ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अवैध तरीके से अस्थाई निर्माण हुआ. इसके बाद मुस्लिम पक्ष सिविल कोर्ट पहुंचा. वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले पर मोहर लगी. इसके बाद कई नोटिस दिए गए. नोटिस के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स, वरिष्ठ अधिकारियों, थाना भोजीपुरा की पुलिस, थाना अध्यक्ष, एसडीएम सदर व एएसपी की मौजूदगी में निर्माण ध्वस्त कर दिया गया. एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि इस अस्थाई मस्जिद में स्थानीय ग्रामीण नमाज पढ़ते थे. उन्हीं के द्वारा कोर्ट में केस दायर किया गया. विरोध में फैसला आने के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया. एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में बंजर (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी. गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण हुआ था. इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी. तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे. पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी उनका केस खारिज हो गया. अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की. बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था. सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई.

रूस का बड़ा हमला: यूक्रेन पर दागीं 400 ड्रोन और 40 मिसाइलें, इस साल का सबसे घातक अटैक

कीव     रूस ने यूक्रेन पर इस साल का अब तक सबसे घातक हमला किया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि रूस ने बीती रात यूक्रेन पर 400 से अधिक ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलें दागीं, जिनका मुख्य निशाना देश की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर रहा. खासतौर से बिजली उत्पादन इकाइयों, एनर्जी ग्रिड और वितरण सब-स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. जेलेंस्की ने कहा कि वोलिन, इवानो-फ्रांकीव्स्क, लविव और रिव्ने क्षेत्रों में भी नुकसान के मामले सामने आए हैं, जहां रिव्ने में एक अपार्टमेंट भवन भी प्रभावित हुआ. वहीं, विनित्सिया क्षेत्र के लाडिज़िन शहर में ड्रोन हमले में एक सामान्य कॉलेज की प्रशासनिक इमारत को निशाना बनाया गया. कीव और खार्किव क्षेत्रों में भी हमले जारी हैं और कई स्थानों पर एयर डिफेंस ऑपरेशन अभी तक खत्म नहीं हुए हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि मॉस्को हर दिन वास्तविक कूटनीति का विकल्प चुन सकता है, लेकिन वह निरंतर हमलों का रास्ता अपनाए हुए है. उन्होंने उन देशों पर जोर दिया जो त्रिपक्षीय बातचीत का समर्थन करते हैं, कि वे रूस की इस रणनीति पर सख्त प्रतिक्रिया दें. उन्होंने रूस को सर्दियों के दबाव को हथियार बनाने से रोकने पर भी बल दिया. इसके लिए यूक्रेन को पैट्रियट, NASAMS और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अधिक मिसाइलों की जरूरत है.  जेलेंस्की ने सभी इंटरनेशनल पार्टनर्स का धन्यवाद किया जो यूक्रेन की स्थिति को समझते हुए मदद प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर एक शिपमेंट यूक्रेन को इस कठिन सर्दी से लड़ने में मदद करता है.

12 फरवरी से शुरू होगा उज्जैन में 139 दिवसीय विक्रमोत्सव: अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला

भोपाल. अपर मुख्य सचिव संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सृष्टि सृजनकर्ता महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से 15 फरवरी को विक्रमोत्सव-2026 का भव्य औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। महोत्सव सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर अपनी पूर्णता जो प्राप्त करेगा। इसके पूर्व 12 फरवरी से महाकाल वन मेला में हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस तरह 12 फरवरी से 30 जून, 2026 तक यह 139 दिवसीय आयोजन देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव होगा। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से प्रारंभ होगा। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने यह जानकारी एमपीटी लेक व्यू रेजिडेंसी में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के  एन.पी. नामदेव, मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक राम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे। देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि गणनायक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रूपये 1 करोड़ 1 लाख का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के 3 राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किये हैं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ संचालित की जाएगी। शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियाँ शामिल है। इसके साथ ही भारतीय कालगणना पर केन्द्रित विक्रम पंचांग सहित विविध पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। और सबसे महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला का आयोजन विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी तक उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही इसमें आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की जायेगी तथा इस मौके पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही है। देव महादेव पर्वः प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मंदिरों की साज सज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ प्रमुख है। पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियाँ विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, कृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है। विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी के मंचन के साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन किया जाएगा। पुतुल समारोह 25 से 28 फरवरी तक भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियाँ होगी। भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन लोकरंजन के अंतर्गत 1 मार्च को जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषा के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। इसमें देश-प्रदेश की 9 महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। इसका संचालन अंतर्राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे। शिव पुराण शिवपुराण के अंतर्गत 13 से 17 मार्च तक भारतीय ज्ञान परंपरा के 18पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान पर आधरित चित्र प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा। अंतर्राष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में 25 से अधिक देश होंगे शामिल पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 25 से देश शामिल हो रहे है। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक, भाषाओं की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।  

अक्षरधाम मंदिर में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने की नागरिकों की सुख-समृद्धि के लिये प्रार्थना

भोपाल उपमुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने इंदौर में स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में स्वामीनारायण की आरती कर नागरिकों के लिए सुख एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर इंदौर अतिसुंदर रूप में निर्मित हुआ है। मंदिर में आकर अत्यंत आत्मिक शांति मिली है। मंदिर से बड़ी संख्या में भक्त जुड़कर सफलतम जीवन की कामना करते हैं और जीवन के हर क्षेत्र में सफल होते हैं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि यहां पहुंचकर स्वामीनारायण के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूर्व सांसद  कृष्णमुरारी मोघे ने भी स्वामीनारायण भगवान की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अतिथियों को मंदिर समिति के सेवादारों ने शॉल, फल एवं साहित्य भेंट किया। इस अवसर पर  जे.पी. मूलचंदानी,  नीलेंद्र अजमेरा,  राकेश अजमेरा,  रमेश भाई पटेल,  गिरीश नीमा सहित सेवा मंडल के सदस्य उपस्थित थे।  

Punjab में IAS/PCS अधिकारियों के तबादले

पटियाला. पंजाब सरकार के आदेशों के तहत पंजाब में IAS/PCS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनकी तैनातियां तुरन्त प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए हैं। 2 IAS और 2 PCS का तबादला किया है जिनमें कुमार अमित, रामवीर, सुरिंदर सिंह, यशपाल शर्मा शामिल हैं। आदेश के अनुसार IAS अधिकारी आदित्य डेचलवाल को रोपड़ का DC लगाया गया है। इसके साथ विजय नामदेव राव को वित्त विभाग के सचिव के साथ प्रवासी भारतीय मामलों के विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। IAS गुलप्रीत सिंह औलख को नवांशहर का डिप्टी कमिश्नर, IAS नीरू कत्याल गुप्ता को लुधियाना नगर निगम का कमिश्नर और IAS वरजीत वालिया को पटियाला का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। IAS साक्षी साहनी को मुख्य प्रशासक, ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्य प्रशासक, शहरी योजना एवं विकास प्राधिकरण तथा निदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। IAS अजीत बालाजी जोशी को प्रमुख सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। IAS अभिनव त्रिखा को सचिव, वित्त विभाग लगाया गया है। IAS कंवलप्रीत बराड़ को सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें आयुक्त, फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके अलावा IAS कुमार अमित को विशेष प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री पंजाब लगाया गया है। उन्हें प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। IAS विमल कुमार सेतिया को सचिव, गृह विभाग नियुक्त किया गया है। IAS प्रीति यादव को प्रबंध निदेशक, मार्कफेड नियुक्त किया गया है। IAS परमवीर सिंह को विशेष सचिव, माल एवं पुनर्वास विभाग बनाया गया है। साथ ही उन्हें निदेशक, भूमि अभिलेख का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

23 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक होगी आरक्षक (जी.डी.) भर्ती 2025 की द्वितीय चरण PET

भोपाल. आरक्षक (जी.डी.) एवं आरक्षक (रेडियों) के कुल 7500 पदों पर भर्ती हेतु मध्‍यप्रदेश कर्मचारी मंडल भोपाल द्वारा ऑनलाईन परीक्षा दिनांक 30.10.2025 से 15.12.2025 तक आयोजित कराई गई थी। उक्त परीक्षा का परिणाम दिनांक 25.01.2026 को वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर घोषित किया जा चुका है। सफल उम्‍मीदवार को अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा physical proficiency test (PPT) ली जाएगी। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण एवं 800 मीटर दौड़, लम्बी कूद एवं गोला फेंक मध्यप्रदेश के 10 स्थानों पर 23 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक प्रतिदिन प्रात: 6:00 बजे से आरंभ होगी। ऑनलाइन परीक्षा में सफल उम्मीदवार म.प्र.कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर निर्धारित शारीरिक प्रवीणता परीक्षा स्थल पर पहुंचे। सभी उम्मीदवारों को उनकी निर्धारित दिनांक को ही पहुंचना आवश्यक है। उम्मीदवार को शारीरिक प्रवीणता के लिये जो दिनांक व स्थान सूचित किया जा रहा है उस दिनांक व स्थान में कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। इन जगहों पर होगा शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन भोपाल में लाल परेड ग्राउड भोपाल, इंदौर में माउण्टेड ट्रूप डिपार्टमेंट (MTD) परिसर आरएपीटीसी इन्दौर, जबलपुर में परेड ग्राउण्ड 6वीं वाहिनी विसबल रांझी जबलपुर, ग्वालियर में परेड ग्राउण्ड 14वीं वाहिनी विसबल कम्पू ग्वालियर, उज्जैन में महानंदा एरीना ग्राउण्ड देवास रोड उज्जैन, सागर में शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज बहेरिया सागर, रीवा में परेड ग्राउण्ड 9वीं वाहिनी विसबल रीवा, बालाघाट में फुटबॉल/हॉकी ग्राउण्उ 36वीं वाहिनी विसबल बालाघाट, रतलाम में भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बस स्टैण्ड के पास जावरा रतलाम तथा मुरैना में परेड ग्राउण्ड 05वीं वाहिनी विसबल मुरैना में आयोजित होगी। शारीरिक दक्षता चयन के विभिन्न चरणों में आधार ई-केवायसी सत्यापन कराया जाएगा। अत: अभ्यार्थी अपना आधार कार्ड साथ लेकर आएं। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नम्बर उनके द्वारा लॉक न कर दिया गया हो। दस्तावेज परीक्षण हेतु उम्मीदवारों को समस्त मूल आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति (photocopy) साथ लेकर उपस्थित होना अनिवार्य है।