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जेल में संदिग्ध हालात में मौत! शेख हसीना की पार्टी के नेता रमेश चंद्र सेन को लेकर कई सवाल

ढाका बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले हिंसा की घटनाएं आम हो गई हैं। वहीं इस बार अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को बैन कर दिया गया है। इसी बीच शेख हसीना की पार्टी के एक वरिष्ठ हिंदू नेता रमेश चंद्र सेन की जेल में ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उन्हें दीनाजपुर जिला जेल में रखा गया था। बता दें कि 12 फरवरी को बांग्लादेश में चुनाव होना है। रमेश चंद्र सेन की मौत, उनके इलाज को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।   83 साल की उम्र में जेल में बंद थे सेन सेन 83 साल के थे और उन्हें इलाज के लिए दीनाजपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। जेल अधीक्षक फरहद सरकार ने बताया कि सेन का शव उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा। 16 अगस्त 2024 को ही उन्हें हिरासत में लिया गया था। इससे पहले कुछ समय वह ठाकुरगांव जिला जिले में बंद थे। कौन थे रमेश चंद्र सेन सेन पर हत्या, राजनीतिक हिंसा और अन्य केस दर्ज किए गए थे। उनका जन्म 30 अप्रैल 1940 को हुआ था। वह ठाकुरगांव से कई बार सांसद चुने जा चुके थे। 2024 के आम चुनाव में भी इस सीट पर उन्होंने जीत हासिल की थी। वहीं इस बार उनकी पार्टी को चुनाव लड़ने से बैन कर दिया गया है। बताया गया कि उम्र की वजह से जेल में वह बीमार रहते थे लेकिन उनका ठीक से इलाज नहीं करवाया जाता था। बांग्लादेश में भड़क रही हिंसा की आग बांग्लादेश में दक्षिणपंथी इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की पिछले साल हुई हत्या के मामले में तत्काल न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से हुई झड़प में संगठन के कम से कम 50 कार्यकर्ता घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों द्वारा अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक जमुना आवास के पास सुरक्षा अवरोधक को तोड़ने की कोशिश करने और वहां रैलियों के दौरान पहले से घोषित प्रतिबंधों का उल्लंघन किए जाने के बाद ढाका पुलिस ने लाठियां भांजी तथा पानी की बौछार की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने 'साउंड ग्रेनेड' भी दागे। बांग्लादेश में 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में हादी अग्रणी कार्यकर्ताओं में शामिल थे। वह 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए प्रमुख उम्मीदवारों में भी शामिल थे। चुनाव प्रचार के दौरान 12 दिसंबर को राजधानी में हादी को गोली मार दी गई थी और बाद में उनकी मौत हो गई। बांग्लादेश में 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को जुलाई विद्रोह कहा जाता है और इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग की सरकार गिर गई थी।

एक ओवर, दो शिकार: मुजीब ने एलन और रचिन को बोल्ड कर पलटा मैच

चेन्नई टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चौथा मैच आज न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जा रहा है। दोनों टीम ग्रुप डी का हिस्सा हैं। अफगानिस्तान ने न्यूजीलैंड के सामने 183 रनों का मुश्किल टारगेट रखा है। अफगनिस्तान ने टॉस जीतकर निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 182 रन जोड़े। गुलबदीन नईब ने अर्धशतक ठोका। उन्होंने 35 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली, जिसमें तीन चौके और चार सिक्स हैं। सेदिकुल्लाह अटल ने 29 और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 27 रनों का योगदान दिया। इब्राहिम जादरान 10, दरविश रसूली 20 और अजमतुल्लाह उमरजई 14 रन बनाकर लौटे। कीवी टीम की ओर से लॉकी फर्ग्यूसन ने दो शिकार किए जबकि मैट हेनरी, जैकब डफी और रचिन रवींद्र ने एक-एक विकेट लिया। का टूर्नामेंट में यह पहला मुकबला है और कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली कीवी टीम रविवार को अफगानिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी क्योंकि वो उलटफेर करने में माहिर है। न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान ने आपस में सिर्फ दो टी20 मैच खेले हैं, जिसमें दोनों को एक-एक बार जीत नसीब हुई। अफगानिस्तान ने 2024 में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को 84 रनों से रौंदा था। टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड का सबसे छोटे फॉर्मेट प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। सेंटनर ब्रिगेड को भारत के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 1-4 से शिकस्त मिली। वहीं, राशिद खान की कप्तानी वाली अफगानिस्तान टीम ने पिछले महीने वेस्टइंडीज का तीन टी20 मैचों की सीरीज में सूपड़ा साफ किया।

अमेरिकी सांसद का विवादित बयान: डलास में मस्जिदें देख बोले– ‘ये अमेरिका है या पाकिस्तान?’ भारत कनेक्शन भी जोड़ा

वाशिंगटन अमेरिकी कांग्रेस सदस्य ब्रैंडन गिल ने टेक्सास के डलास क्षेत्र में बढ़ रहे इस्लामीकरण को लेकर विवादित टिप्पणी की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से ताल्लुक रखने वाले गिल ने इंटरव्यू में कहा कि वहां के स्थानीय मॉल में जाने पर ऐसा महसूस होता है जैसे आप पाकिस्तान में हों, डलास में नहीं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने उनकी टिप्पणियों को उनकी भारतीय मूल की पत्नी डेनियल डीसूजा गिल से जोड़कर देखा है।   ब्रैंडन गिल ने 'रियल अमेरिकाज वॉयस' को दिए इंटरव्यू में डलास की सांस्कृतिक पहचान बदलने पर चिंता जताई। गिल ने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग डलास के मॉल में पाकिस्तानी माहौल महसूस कर रहे हैं, जो उनके अनुसार एक समस्या है। उन्हें पाकिस्तान से इसकी तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन जमीनों के पास मस्जिदें बनाई जा रही हैं जो दशकों से स्थानीय परिवारों के पास रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि बड़े पैमाने पर इस्लामी प्रवासन उस अमेरिका को खत्म कर रहा है जिसे वे जानते और प्यार करते हैं। ब्रैंडन गिल की पत्नी डेनियल डीसूजा गिल मशहूर भारतीय-अमेरिकी लेखक और ट्रंप के सहयोगी दिनेश डीसूजा की बेटी हैं। गिल के पाकिस्तान वाले बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई यूजर्स ने लिखा कि गिल केवल अपनी भारतीय मूल की पत्नी को खुश करने के लिए पाकिस्तान का नाम ले रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "गिल साहब नई दिल्ली में रहने के इतने आदी हो गए हैं कि अब पाकिस्तान से नफरत करना उनके स्वभाव में आ गया है।" यह पहली बार नहीं है जब यह दंपत्ति चर्चा में है। कुछ समय पहले न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी के साथ उनका विवाद हुआ था। ब्रैंडन गिल ने ममदानी का हाथ से चावल खाते हुए एक वीडियो साझा कर उन्हें असभ्य कहा था और उन्हें 'तीसरी दुनिया' में वापस जाने की सलाह दी थी। डेनियल डीसूजा गिल ने अपने पति का बचाव करते हुए कहा था कि वह अमेरिका में पली-बढ़ी हैं और हमेशा फोर्क का इस्तेमाल करती हैं। जब लोगों ने उन्हें उनकी भारतीय जड़ों की याद दिलाई, तो उन्होंने खुद को "क्रिश्चियन मागा देशभक्त" बताते हुए कहा कि उनके ईसाई रिश्तेदार भी हाथ से खाना नहीं खाते। कौन हैं ब्रैंडन गिल? ब्रैंडन गिल टेक्सास के 26वें कांग्रेस जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2024 में निर्वाचित होने के बाद से वे अपने सख्त आव्रजन विरोधी रुख और शरिया मुक्त अमेरिका जैसे अभियानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में सोमालिया से आने वाले प्रवासियों पर 25 साल के प्रतिबंध का बिल भी पेश किया था।

सिर्फ ‘नीच’ बोलना SC/ST ऐक्ट के तहत अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने दी बड़ी व्याख्या

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति को ‘नीच’ जैसे सामान्य अपमानजनक शब्द कह देने मात्र से एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) ऐक्ट अपने-आप लागू नहीं होता। जस्टिस वीरेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि यह ऐक्ट तभी लगाया जा सकता है, जब यह साबित हो कि अपमान खास तौर पर जाति के आधार पर किया गया था और आरोपी को पीड़ित की जाति की जानकारी थी।   क्या है मामला यह मामला वर्ष 2011 में आईआईटी जोधपुर से जुड़े एक विवाद से संबंधित है। उस समय सरकारी अधिकारी अतिक्रमण की जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे। जांच के दौरान कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और कथित रूप से अधिकारियों को ‘नीच’ और ‘भिखारी’ जैसे शब्द कहे। अधिकारियों ने इसे जातिगत अपमान मानते हुए एफआईआर दर्ज करवाई और एससी/एसटी ऐक्ट की धारा के साथ आईपीसी की धाराएं भी जोड़ी गईं। आरोपियों की क्या दलील आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका देते हुए कहा कि उन्हें अधिकारियों की जाति के बारे में जानकारी नहीं थी और बोले गए शब्द जाति का संकेत नहीं देते। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था, इसलिए इसे जातिगत अपमान नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि इस्तेमाल किए गए शब्द किसी विशेष जाति की ओर संकेत नहीं करते और ना ही ऐसा कोई प्रमाण है कि आरोपियों को अधिकारियों की जाति के बारे में जानकारी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि एससी/एसटी ऐक्ट लगाने के लिए जाति-आधारित अपमान का स्पष्ट और ठोस प्रमाण होना आवश्यक है। इस आधार पर कोर्ट ने एससी/एसटी ऐक्ट के तहत लगाए गए आरोपों को रद्द कर दिया। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी से रोकने और उनसे धक्का-मुक्की से संबंधित आईपीसी की धाराएं बनी रहेंगी और इन्हीं धाराओं पर मामला आगे चलेगा।  

बजट में भरपूर पैसा, जमीन पर सुस्ती! किसानों की इस योजना में सबसे कम खर्च

नई दिल्ली सरकार ने इस वित्त वर्ष में अपनी सबसे बड़ी योजनाओं पर 40 फीसदी बजट ही खर्च किया है। ये वे योजनाएं हैं जिनके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इन योजनाओं में केंद्र और राज्यों को मिलकर खर्च करना है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणके तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेशन योजना और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री मैट्रिक वजीफा योजना शामिल है। इसके अलावा मनरेगा, अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना पर भी 40 फीसदी ही खर्च हो पाया है।   कुल 53 योजनाओं में से 6 योजनाओं पर 40 फीसदी से कम खर्च किया गया है। चार पर 40 से 50 फीसदी, 15 योनजाओं पर 51 से 75 फीसदी, 10 पर 90 से 100 पर्सेंट और 6 योजनाों पर 100 प्रतिशत खर्च हुआ है। बाकी 47 योजनाओं पर रिवाइज्ड एस्टिमेट बजट एस्टिमेट से कम है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 850 करोड़ के बजट काआवंटन किया गया था जिसमें से केवल 150 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अगर कुल 53 योजनाओं पर कुल खर्च की बात करें तो यह 3.8 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं पर 5 लाख करोड़ के बजट का ऐलान हुआ था। 31 दिसंबर तक दो लाख करोड़ का बजट रिलीज किया गया था। यह कुल बजट का 41.2 फीसदी था। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, वॉटर मैनेजमेंट, पीएम ईबस सेवा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, कंप्यूटराइजेशन ऑफ प्राइमरी ऐग्रीकस्च्र क्रेडिट सोसाइटी और अन्य कई योजाओं पर बजट का 40 फीसदी ही खर्च हुआ है। इनमें से 6 योजनाएं ऐसी भी हैं जिनके लिए केवल 10 फीसदी ही बजट रिलीज हुआ है। इस बजट सत्र के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील ने शनिवार को यहां बताया कि देश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है।पाटिल ने यहां केन्द्रीय बजट को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमृत सरोवर योजना और जेजेएम ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं और अमृत सरोवर योजना के तहहत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जेजेएम के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है और चार-पांच करोड़ घरों को और पानी देना है तथा इस योजना को वर्ष 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग नौ करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया गया है और आठ लाख महिलाओं ने परीक्षण पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट को रखा है।  

ट्रंप के दावे के बाद सवालों में भारत-रूस दोस्ती, क्या जारी रहेगी रूसी तेल की खरीद?

नई दिल्ली 7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तो तैयार हो गई। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उस कार्यकारी आदेश को भी वापस ले लिया, जिसमें भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। हालांकि, रूसी तेल को लेकर स्थिति अब भी कूटनीतिक रहस्यों में लिपटी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए गए कार्यकारी आदेश में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत ने रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत ने अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने और अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने का आश्वासन दिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि अमेरिकी वाणिज्य सचिव को पता चलता है कि भारत ने दोबारा रूसी तेल खरीदना शुरू किया है तो 25% का दंडात्मक शुल्क दोबारा लगाया जा सकता है। भारत का क्या है रुख? ट्रंप के इस बड़े दावे पर भारत सरकार की ओर से शनिवार को कोई सीधा खंडन या पुष्टि नहीं आई है। जब अधिकारियों से ट्रंप के इस दावे पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के गुरुवार के बयान का हवाला दिया। भारत के द्वारा कहा गया है कि, "1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बदलते बाजार को देखते हुए अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है।" विशेषज्ञों का मानना है कि भारत रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए सीधे तौर पर किसी दबाव में झुकने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करना चाहता, भले ही हालिया हफ्तों में रूसी तेल के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई हो। तेल पर सस्पेंस के बावजूद, भारतीय निर्यातकों के लिए यह समझौता संजीवनी जैसा है। भारतीय सामानों पर प्रभावी शुल्क 50% से घटकर 18% पर आ जाएगा। कपड़ा, रत्न-आभूषण, फार्मा और विमानन पुर्जों पर से अतिरिक्त शुल्क हटा लिए गए हैं। बदले में भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों (बादाम, अखरोट, सोयाबीन तेल) और औद्योगिक सामानों पर टैरिफ कम करने के साथ ही अगले 5 वर्षों में 500 अरब डॉलर की खरीदारी के लिए सहमत हुआ है। क्या भारत रूस को छोड़ देगा? आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का रूसी तेल आयात 38 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीद और अमेरिका से LNG आयात बढ़ाने के विकल्प खुले रखे हैं। रूस के क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें भारत की ओर से तेल खरीद बंद करने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। वे भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को महत्व देते हैं।

मलेशिया से पीएम मोदी का दो टूक ऐलान—आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति कायम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और मलेशिया ने रविवार को रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर तथा व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की। बैठक के बाद मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया एक 'विशेष संबंध' साझा करते हैं और दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, ''आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है; कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।' पीएम मोदी कुआलालंपुर पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नई गति का संकेत है। वार्ता से पहले मोदी का आज सुबह पर्दाना पुत्र में औपचारिक स्वागत किया गया। मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच एक विशेष संबंध है। हम समुद्री पड़ोसी हैं। सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'आज, भारतीय मूल के लोगों की आबादी के मामले में मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारी सभ्यताएं, साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य हमें एक सूत्र में बांधते हैं।'' मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी उपायों, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हम रक्षा सहयोग को और अधिक व्यापक बनाएंगे। उन्होंने कहा, ''कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।'प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, संपर्क और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर भारत ने शानदार वृद्धि दर्ज की है।  

‘मैं नाथूराम’ नाटक पर बवाल: राजकोट में हॉल में तोड़फोड़, 45 कांग्रेसी हिरासत में

राजकोट राजकोट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यहां गुजराती नाटक 'मैं नाथूराम' के मंचन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और हॉल में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद पुलिस ने करीब 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। घटना शहर के हेमू गढ़वी हॉल में हुई, जहां रात 9:15 बजे नाटक का मंचन होना था।   कांग्रेस ने क्यों किया विरोध मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता नाटक के मंचन का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप था कि यह नाटक महात्मा गांधी के सिद्धांतों को कमतर दिखाने की कोशिश करता है। कांग्रेस के राजकोट अध्यक्ष राजदीपसिंह जडेजा ने बताया कि उन्होंने पहले हॉल ट्रस्ट से नाटक रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि गांधीजी का राजकोट से गहरा जुड़ाव रहा है, क्योंकि उन्होंने यहां पढ़ाई की थी। जडेजा के मुताबिक, जब आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने से इनकार कर दिया और पुलिस सुरक्षा में मंचन कराने की बात कही, तब कांग्रेस ने विरोध करने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि विरोध के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और कुछ युवाओं ने मंच पर पड़े पाइप फेंक दिए। उनका कहना था कि यदि वे शांतिपूर्वक बैठते, तो नाटक जारी रहता। क्या बोले आयोजक इस मामले पर नाटक के निर्माता और प्रस्तुतकर्ता परितोष पेंटर ने कहा कि उनके पास सेंसर सर्टिफिकेट और पुलिस की अनुमति थी। उन्होंने बताया कि अचानक 200-300 लोगों का समूह वहां पहुंचा और नाटक को रोकने की कोशिश करने लगा। पेंटर ने कहा कि नाटक एक प्रकाशित किताब पर आधारित है और इसमें नाथूराम गोडसे के अदालत में दिए गए बयान को दिखाया गया है। उनका कहना है कि इसमें किसी को सही या गलत साबित करने की कोशिश नहीं की गई है। घटना के बाद पुलिस ने 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम तक पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि नाटक के आगामी दिनों में अन्य शहरों में भी मंचन की योजना है और आयोजक इसे जारी रखने पर अड़े हैं।  

रूस की यूनिवर्सिटी में नफरत की वारदात: भारतीयों पर हमला, खून से बनाया गया स्वास्तिक

रूस रूस की एक यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना में कम से कम चार भारतीय छात्र भी बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना में कुल 8 लोगों क घायल होने की जानकारी है। घटना के बारे में कई हैरान करने वाली बातें भी पता चली हैं। बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में एक किशोर ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों पर अचानक हमला कर दिया। रूस के गृह मंत्रालय ने बताया है कि उसने कई छात्रों पर चाकू से वार किया। उसने खुद को भी नुकसान पहुंचाया है। नाबालिग था हमला करने वाला रूस की सरकार ने बताया कि जब पुलिस ने बीच बचाव की कोशिश को तो उसने जवानों पर भी हमला कर दिया। बताया गया है कि घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और एक ही हालत नाजुक है। वहीं हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू की है। हमले के दौरान वह होलोकॉस्ट का जिक्र कर रहा था। इसके अलावा उसने पीड़ितों के खून से दीवार पर स्वास्तिक का निशान भी बनाया। बता दें कि होलोकॉस्ट दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान लाखों यहूदियों की तहत्या को कहते हैं। एडोल्फ हिटल की नाजी पार्टी ने यहूदियों को यातना ग्रह में डाल दिया और लाखों यहूदियों की हत्या करवा दी। यूरोप में रहने वाले 10 में से सात यहूदी को मार दिया गया था। इसी सप्ताह संसद में सरकार ने बताया था कि विदेश में कितने भारतीय छात्रों की मौत हुई है। सरकार ने संसद में बताया कि 2018 से 2025 तक 17 छात्र कनाडा में और 9 छात्र अमेरिका में मारे गए हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में एक छात्र की मौत हुई है। सरकार ने कहा कि विदेश में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय दूतावास तुरंत सक्रिय हो जाता है और प्रयास करता है कि आरोपियों को सजा मिले  

दरभंगा शर्मसार: मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, सड़कों पर उतरा लोगों का गुस्सा

दरभंगा बिहार के दरभंगा में एक छह साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बेला में शनिवार की रात छह साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके कपड़े पर खून के धब्बे मिले हैं। उसकी पहचान विकास महतो (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार किया है। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया है। आरोपी को सौंपने की मांग पर अड़े लोग उसे तालिबानी सजा देने की जिद पर अड़े हैं। पुलिस और पब्लिक आमने सामने है। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज कर दिया। मौके पर प्रशासन और पुलिस के वरीय अधिकारी मौजूद हैं।   घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और परिजनों ने मुख्य मार्ग को सुंदरपुर बेला मंदिर के पास जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपित को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी भी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। मौके पर पांच थानों की पुलिस तैनात है। लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। रेप-मर्डर के बाद सड़क पर आगजनी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बच्ची कादिराबाद की रहने वाली थी। वह बेला में अपने ननिहाल आयी थी। वह शनिवार की शाम से ही घर से लापता थी। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। देर रात गांव के बाहर तालाब के पास कुछ कुत्ते भौंक रहे थे। इसके बाद परिवार के लोगों को शक हुआ। परिजन मौके पर पहुंचे तो तालाब के किनारे दीवार के पास बच्ची खून से लथपथ हालत में पड़ी मिली। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि घटना के समय तीन बच्चियां तालाब किनारे खेल रही थीं। इसी दौरान आरोपित ने तीनों को पकड़ने की कोशिश की। एक बच्ची उसके हाथ लग गई, जबकि दो अन्य बच्चियां वहां से भाग निकलीं। आरोपित बच्ची को अंधेरे की ओर ले गया और जहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।