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गौ सेवा एवं प्राकृतिक खेती को मिलेगा बल : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

राजेन्द्र दास जी की कथा की तैयारियों की समीक्षा भोपाल बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास जी महाराज गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर कथा करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र दास जी की कथा से गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। गौ अभयारण्य परिसर में आयोजित होने वाली कथा अप्रतिम व भव्य होगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि महाराज जी एवं उनके साथ आने वाले संतों के रूकने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। बैठक व्यवस्था से लेकर पार्किंग तथा प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्थाओं सहित प्रचार-प्रसार समिति आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। कार्यक्रम स्थल में डॉक्टर्स की टीम की उपलब्धता एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल में बनने वाले प्रसाद में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न व सब्जी का ही उपयोग किया जायेगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक महाराज की कथा होगी। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में द्वितीय चरण में दुधारू गौवंश संरक्षित किये जायेंगे उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में द्वितीय चरण में दुधारू गौवंश के संरक्षण के लिये बनाये जाने वाले शेड व अन्य निर्माण कार्यों की कार्य योजना का अवलोकन किया। गौवंश वन्य विहार से लगी 10 एकड़ भूमि में दुधारू गाय, बछड़ा व गर्भवती गायों के लिए शेड सहित भूसा शेड का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। अभी बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में बेसहारा गौवंश के लिए संरक्षण केन्द्र स्थापित है। यहां प्राकृतिक खेती भी हो रही है। आने वाले समय में शेष भूमि में दुधारू गौवंश का संरक्षण भी किया जायेगा। इस प्रकार इस गौवंश वन्य विहार में दोनों मॉडल हो जायेंगे। निर्माणाधीन सड़क मार्ग के दोनों तरफ पीपल का पौधरोपण किया जायेगा। इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थायें करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण कार्यों की लंबित राशि का भुगतान संबंधितों को शीघ्र करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रात्रि विश्राम गौवंश वन्य विहार में किया। प्रात: भ्रमण के दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती और गौसंरक्षण स्थल सहित कथा स्थल का अवलोकन किया। भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की और गौपूजन कर गाय को आहार खिलाया।

काशी, प्रयागराज ही नहीं, मथुरा, प्रतापगढ़, औरया व बदायूं में भी राही टूरिस्ट लॉज का निर्माण व रेनोवेशन

एटा के पटना पक्षी विहार, हरदोई की सांडी झील और बुलंदशहर के नरौरा में भी बनेंगे लॉज लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म को नई पहचान मिली है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों काशी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज में पिछले कुछ सालों से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसे देखते हुए योगी सरकार राज्य में छोटे शहरों में भी पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) प्रदेश के विभिन्न जनपदों में राही टूरिस्ट लॉज का निर्माण करा रहा है। इसके साथ ही वर्तमान में मौजूद लॉजों का रेनोवेशन व सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ नये विकसित किये जा रहे धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म स्थलों पर टूरिस्टों को बेहतर आवासीय  व खानपान की सुविधा उपलब्ध कराना है। विभिन्न जनपदों में 11 राही टूरिस्ट लॉजों/बंगलों का निर्माण   पर्यटन विभाग विभिन्न जनपदों में 11 राही टूरिस्ट लॉजों/बंगलों का निर्माण करा रहा है। इन्हें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। मथुरा के गोकुलगांव, आगरा के बटेश्वर, कासगंज के सोरों और सीतापुर में राही टूरिस्ट बंगलों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक पर्यावासों के समीप एटा के पटना पक्षी विहार, हरदोई की सांडी झील, बुलंदशहर के नरौरा में राही टूरिस्ट लॉजों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रतापगढ़ के भूपियामऊ, औरैया के देवकली, बदायूं के कछला घाट और शामली के कांधला में भी टूरिस्ट लॉजों का निर्माण कराया जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य इन परिसंपत्तियों के माध्यम से पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। यूपीएसटीडीसी के ‘राही’ टूरिस्ट बंगले न केवल प्रदेश में पर्यटन अवसंरचना को मजबूती प्रदान करेंगे,  बल्कि यूपी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगें। प्रयागराज, वाराणसी और चित्रकूट में टूरिस्ट होटलों का रेनोवेशन महाकुम्भ और माघ मेले जैसे भव्य आयोजनों के समय प्रयागराज में सर्वाधिक पर्यटकों का आगमन होता है। इसे देखते हुए यूपीएसटीडीसी की ओर से प्रयागराज में यमुना नदी के किनारे होटल राही त्रिवेणी दर्शन में नए भवन का निर्माण कराया गया है। इससे पर्यटकों की आवसीय क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही प्रयागराज में यूपीएसटीडीसी के होटल राही इलावर्त में इंटीरियर डेकोरेशन का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में वाराणसी के सारनाथ में स्थित राही टूरिस्ट लॉज में सुविधाओं का विकास और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। जबकि धार्मिक स्थल चित्रकूट में स्थित राही टूरिस्ट लॉज के पार्ट-ए और पार्ट-बी के नवीनीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। बलरामपुर में भी टूरिस्ट लॉज के नवीनीकरण का कार्य तेज गति से चल रहा है।

यूजीसी एक्ट के विरोध में उबाल, सवर्ण एकता मंच का ‘हल्ला बोल’, शहर की सड़कें बनीं आंदोलन का केंद्र

शाजापुर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून का जमकर विरोध हो रहा है। शाजापुर में भी रविवार को इसे लेकर सवर्ण एकता मंच के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न सवर्ण समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हैं। प्रदर्शन रैली के रूप में बस स्टैंड से शुरू हुआ है और अभी मुख्य मार्गों से रैली गुजर रही है। प्रदर्शन में शामिल लोग जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। सवर्ण एकता मंच के दिलीप शर्मा ने बताया कि मंच द्वारा रैली ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी एक्ट वापस लेने की मांग की जा रही है। सवर्ण एकता मंच से जुड़े एवं करणी सेना के अजित सिंह खड़ी डोडिया ने कहा कि यूजीसी का नया बिल काला कानून है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस नए बिल पर रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत योग्य है। किंतु सवर्ण समाज इस कानून को पूरी तरह समाप्त कराना चाहता है। इसी मांग को लेकर यह प्रदर्शन है।   करणी सेना जिलाध्यक्ष सोनू बना ने कहा कि कहा कि यह कानून उन छात्रों के हाथों में बेड़ियां डालेगा, जो देश का भविष्य है। इस कानून को तुरंत प्रभाव से रद्द कर देना चाहिए। वर्तमान में स्थिति यह है कि सामान्य वर्ग का बच्चा अब ना कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकता है ना नौकरियों में कंपीटिशन फाइट कर सकता है, ना सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकता है। सवर्णों को बर्बाद करने के लिए ये नियम लाया गया है। जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

काशी में भक्तिभाव का संगम: शिव–पार्वती विवाह हेतु माता वैष्णो देवी का दिव्य उपहार

वाराणसी महाशिवरात्रि के दिव्य पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में सनातन परंपरा को समृद्ध करने वाला एक शुभ और भावपूर्ण नवाचार इस वर्ष साकार हो रहा है. इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व के नवाचार में कई प्रसिद्ध देवालयों और देवी देवताओं द्वारा भगवान विश्वनाथ के इस महापर्व पर शुभेच्छपूर्वक उपहार प्रेषित किए जाने का विहंगम प्रयोग है. इसी श्रृंखला में महाशिवरात्रि उत्सव के दृष्टिगत 7 फरवरी को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड  की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर (श्री काशी विश्वनाथ महादेव) के लिए उपहार और प्रसाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास कार्यालय में प्राप्त हुआ. इस पावन भेंट के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करता है. यह नवाचार महाशिवरात्रि पर्व के महोत्सव को और ज्यादा आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान करने वाली है. माता वैष्णो देवी शक्ति स्वरूप की ओर से काशी में स्थित भगवान विश्वनाथ को अर्पित यह पावन उपहार शाश्वत शक्ति–शिव संबंध का सजीव प्रतीक है. महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर प्राप्त यह उपहार श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष माध्यम बनेगा और सनातन संस्कृति की मूल भावना को जनमानस के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए यह पावन उपहार प्रेषित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति हार्दिक धन्यवाद और कृतज्ञता ज्ञापित करता है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास मां वैष्णो देवी के प्रधान उत्सव पर भगवान विश्वनाथ की ओर से मां वैष्णो देवी को भी उपहार प्रेषित कर सनातन आस्था के केंद्रों के मध्य स्थाई पुण्य संबंधों को सशक्त करने के प्रति संकल्पित है. चेलेंग और गसोमा’ धारण करेंगे बाबा विश्वनाथ और मइया पार्वती इसके अलावा अन्य जगहों से भी बाबा विश्वनाथ और गौरा मइया के लिए उपहार आ रहे हैं. इस बार महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ और माता गौरा को जो परिधान धारण कराए जाएंगे, वह असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से विशेष रूप से मंगाए गए हैं. बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को असमिया पुरुष परिधान ‘चेलेंग और गसोमा’ धारण कराया जाएगा. इस परिधान में बाबा का स्वरूप अत्यंत राजसी और दिव्य दिखाई देगा, जो शिव-विवाह की गरिमा को और भी भव्य बनाएगा.

योगी सरकार की औद्योगिक नीति को रफ्तार, यमुना एक्सप्रेसवे पर अपैरल पार्क बन रहा रोजगार और निर्यात का नया हब

  175 एकड़ में विकसित हो रहा आधुनिक अपैरल पार्क 173 औद्योगिक भूखंडों में अब तक 156 भूखंडों का किया गया आवंटन 106 इकाइयों के पक्ष में लीज डीड निष्पादित, 89 निवेशकों को मिला कब्जा लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किया जा रहा अपैरल पार्क राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह परियोजना न केवल निवेश को आकर्षित कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। प्राधिकरण द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में 175 एकड़ भूमि पर अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न आकार के कुल 173 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिन्हें अपैरल एवं टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को आवंटित किया जा रहा है। आवंटन में तेजी, निवेशकों का बढ़ता भरोसा 22 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, अपैरल पार्क योजना के तहत अब तक 156 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि केवल 17 भूखंड रिक्त हैं। 106 इकाइयों के पक्ष में अब तक लीज डीड निष्पादित हो चुकी है तो 89 निवेशकों को कब्जा भी सौंपा जा चुका है। यह आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि योगी सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। निर्माण प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार अपैरल पार्क में अब परियोजनाएं तेजी से जमीन पर उतरने लगी हैं। योजना के तहत अब तक 118 इकाइयों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है, जबकि 39 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं, 15 इकाइयों में निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सरकार द्वारा सभी आवंटियों से डीपीआर के अनुरूप एक्शन प्लान मांगा गया है, ताकि परियोजनाएं तय समय-सीमा में धरातल पर उतर सकें। रोजगार और निर्यात पर योगी सरकार का फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और टेक्सटाइल नीति के माध्यम से वैश्विक निर्यात मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया जाए। अपैरल पार्क से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नया प्लेटफॉर्म जैसे लाभ मिलने की उम्मीद है। शेष भूखंडों के लिए भूमि क्रय प्रक्रिया जारी अपैरल पार्क के अंतर्गत 33.5 एकड़ क्षेत्रफल के 17 भूखंड अभी आवंटन हेतु शेष हैं। आंशिक भूमि उपलब्ध न होने के कारण भूमि क्रय की कार्यवाही प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश आज निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है। अपैरल पार्क इसकी एक मजबूत मिसाल है, जो योगी सरकार के विकास, रोजगार और निर्यात आधारित विजन को जमीन पर साकार करता दिख रहा है।

महिलाओं को आर्थिक मजबूती की सौगात, 8 मार्च को हेमंत सरकार की नई योजना

रांची झारखंड सरकार मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार 50 लाख महिला लाभुकों को स्वरोजगार के लिए बैंक के माध्यम से 20-20 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। अगर यह प्रस्ताव सफल रहा तो इसे आगामी बजट में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना को लेकर शनिवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में बैंकों के साथ एक अहम बैठक हुई। बैठक में सभी बैंक प्रतिनिधियों ने योजना के क्रियान्वयन में सहयोग करने पर सहमति जताई और वरीय प्रबंधन से जल्द अनुमति लेने की बात कही। फिलहाल मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। सरकार इसी राशि को आधार बनाकर महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना चाहती है। वित्त मंत्री ने बैंकों के सामने प्रस्ताव रखा कि ऋण की किस्त महिलाओं को मिलने वाली सम्मान राशि से ही समायोजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस राशि को पूंजी के रूप में इस्तेमाल कर महिलाओं को उद्यमी बनाया जा सकता है। सरकार इस योजना को औपचारिक रूप से 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की भी सहमति प्राप्त है। योजना के नाम को लेकर भी मुख्यमंत्री से विमर्श किया जाएगा। ऋण की अदायगी के लिए 12 से 24 महीने की समय-सीमा तय करने का सुझाव दिया गया है। इस पर वित्त विभाग और बैंकों के प्रतिनिधि आपसी सहमति से अंतिम निर्णय लेंगे। यह भी प्रस्ताव है कि यदि कोई लाभुक समय पर ऋण चुका देती है, तो बैंक व्यवसाय का भौतिक सत्यापन कर उसकी ऋण सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक कर सकते हैं। ऋण पर ब्याज दर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के मानकों के अनुरूप रखने पर विचार किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने बैंकों से आग्रह किया है कि ऋण प्रक्रिया को बेहद सरल रखा जाए। तय किया गया है कि केवल आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज बनाया जाए। आवेदन दस रुपये के रेवेन्यू स्टांप पर स्वीकार किया जा सकता है और सात दिनों के भीतर ऋण प्रक्रिया पूरी की जाएगी। योजना की निगरानी के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए ऋण वितरण और अदायगी की नियमित निगरानी की जाएगी। वित्त विभाग के अधिकारी बैंकों के साथ मिलकर पोर्टल की संरचना तैयार करेंगे।

उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र सोमवार से

माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत 11 फरवरी (बुधवार) को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट लखनऊ,  उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र 2026-27 9 फरवरी से प्रारंभ होगा। सत्र के प्रथम दिन सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा व विधान परिषद) के समक्ष माननीय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण होगा। 10 फरवरी को सदन के वर्तमान व पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की जाएगी। सदन की कार्यवाही 20 फरवरी तक प्रस्तावित है। 11 फरवरी (बुधवार) को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात राज्यपाल के अभिभाषण (धन्यवाद प्रस्ताव) पर चर्चा होगी। 13 फरवरी तक सदन नियमित तौर पर चलेगा। 14 व 15 फरवरी को क्रमशः शनिवार व रविवार होने के कारण सदन की बैठक स्थगित रहेगी। 16 फरवरी से पुनः सदन की कार्यवाही प्रारंभ होगी। विधानसभा अध्य़क्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों से सदन के सफल संचालन का अनुरोध किया है। वहीं नेता सदन (मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ ने सभी सदस्यों से जनता के मुद्दों को सदन में रखने और स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया है।

चलती ट्रेन में दहशत: भोपाल एक्सप्रेस के बी-2 कोच में आग की सूचना से मचा हड़कंप

भोपाल भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन और भोपाल स्टेशन के बीच पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब भोपाल एक्सप्रेस के बी-2 कोच में आग लगने के एक अनाउंसमेंट से अफवाह फैल गई। ट्रेन के रवाना होते ही मची इसके कारण यात्रियों में दहशत फैल गई और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन के प्लेटफार्म छोड़ते ही कोच में आग को लेकर लेकर एक अनाउंसमेंट किया गया। इससे यात्री इस कदर डर गए कि ट्रेन रुकते ही चेतक ब्रिज के पास कोच से बाहर निकलकर पटरियों पर आ खड़े हुए। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कोच में सफर कर रहे यात्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस अनाउंसमेंट के बाद यात्री बाहर आ गए और लोग पटरियों पर खड़े हो गए थे। देखते ही देखते पूरी बोगी में हंगामा खड़ा हो गया, सामने से मालगाड़ी आ रही थी। यात्रियों को समझाकर वापस बैठाया जैसे-तैसे रेलवे कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला और यात्रियों को समझा-बुझाकर वापस ट्रेन में बैठाया। गहन जांच के बाद जब स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाई गई, तब ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। ट्रेन भोपाल मुख्य स्टेशन पहुंची और वहां पर उसकी जांच की गई। उसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। स्टेशन पर लोगों ने हंगामा मचाया कि ट्रेन की अच्छी तरह से जांच की जाए।

शांतिकुंज का कदम: हरिद्वार पंतद्वीप में जुटे साधक, बड़े पैमाने पर सफाई अभियान

हरिद्वार हरिद्वार के पंतद्वीप मैदान में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जहाँ अखिल विश्व गायत्री परिवार (शांतिकुंज) के हजारों साधकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिला शासन एवं नगर निगम ने स्वच्छता की अलख जगाई। शांतिकुंज की गरिमा और उसके अनुशासित कार्यबल का परिचय देते हुए हजारों की संख्या में आए शांतिकुंज के स्वयंसेवकों ने पंतद्वीप क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चलाया। कई ट्राली अपशिष्टों, कचरों का निस्तारण किया गया। इस दौरान न केवल कूड़ा-करकट हटाया गया, बल्कि उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया गया। उत्तराखंड सरकार ने आवाहन किया है कि राज्य के प्रत्येक जिले में प्रत्येक व्यक्ति को सप्ताह में एक दिन सामूहिक रूप से स्वच्छता के लिए समय दान करना है। ताकि अभियान में जन जन की भागीदारी हो। इस अवसर पर शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी डोबाल, महापौर किरण जैसल सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने कहा कि पूज्य पं श्रीराम शर्मा आचार्यश्री के स्वस्थ शरीर, स्वच्छ मन के सिद्धांत को अपनाकर ही हम देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ राज्य के रूप में विकसित कर सकते हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शांतिकुंज के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जब आध्यात्मिक संस्थाएं प्रशासन के साथ जुड़‌ती हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाता। उल्लेखनीय है कि इस विशेष पहल के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य स्वच्छ भारत अभियान के तहत उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान दिलाना है। यदि जन भागीदारी इसी प्रकार बनी रही, तो हरिद्वार सहित पूरा उत्तराखंड स्वच्छता का एक नया उदारहण के रूप में विकसित होगा।

29.37 करोड़ का घर खरीदने वाले ईशान खट्टर कितनी कमाई करते हैं? फीस, नेट वर्थ और लाइफस्टाइल का खुलासा

मुंबई एक्टर ईशान खट्टर के सितारे इस वक्त बुलंदियों पर हैं। 'होमबाउंड' जैसी फिल्म से दुनियाभर में डंका बजाने वाले ईशान ने अब एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। यह अपार्टमेंट मुंबई के बांद्रा स्थित पॉश पाली हिल इलाके में है। यह अपार्टमेंट नवरोज प्रेमिसेस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के नवरोज अपार्टमेंट में स्थित है। इसका बिल्ट-अप एरिया 2,989.05 स्क्वायर फुट है। हाल ही इस अपार्टमेंट का रजिस्ट्रेशन किया गया। ईशान खट्टर का रियल एस्टेट की दुनिया में यह पहला इन्वेस्टमेंट है। उनके इस अपार्टमेंट की कीमत 29.37 करोड़ रुपये है। ईशान अभी तीन बेडरूम अपार्टमेंट में रहते हैं, जो बांद्रा में हैं और समंदर किनारे स्थित है। इसकी कीमत 40 करोड़ रुपये बताई जाती है। प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर ने इसके लिए 1.76 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकाई। इसमें चार पार्किंग स्पेस हैं। ईशान खट्टर की नेट वर्थ, फीस और कमाई का जरिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर की नेट वर्थ 15-20 करोड़ रुपये बताई जाती है। 'लाइफस्टाइल एशिया' के मुताबिक, वह एक फिल्म के लिए एक करोड़ रुपये की फीस चार्ज करते हैं। फिल्मों के अलावा वह सोशल मीडिया और ब्रांड एंडोर्समेंट्स से भी कमाई करते हैं। इंस्टाग्राम पर उनके अभी 3M फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट से भी वह अच्छी कमाई करते हैं। प्रति ब्रांड भी उनकी अच्छी कमाई है। वह एक ब्रांड को एंडोर्स करने के लिए 50 लाख रुपये फीस तक लेते हैं। ईशान खट्टर का करियर और स्ट्रगल ईशान खट्टर रिश्ते में शाहिद कपूर के सौतेले भाई हैं। वह नीलिमा अजीम और राजेश खट्टर के बेटे हैं। ईशान ने वैसे तो अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 2005 में आई फिल्म 'वाह! लाइफ हो तो ऐसी' से की थी, लेकिन उन्हें पहचान 2017 में आई फिल्म Beyond The Clouds से मिली। इसके बाद ईशान खट्टर को फिल्मों के ऑफर मिलते चले गए। उन्होंने अपने 9-10 साल के करियर में आठ फिल्में की हैं, और सभी में अलग किरदार निभाया है और हैरान किया है। ईशान खट्टर हाल ही 'होमबाउंड' में नजर आए थे, जिसमें उनकी दमदार एक्टिंग ने सबको मुरीद बना लिया। इस फिल्म को भारत की तरफ से ऑस्कर्स 2026 में भी भेजा गया था, पर दुर्भाग्य से यह नॉमिनेशन नहीं पा सकी। पर दुनियाभर में फिल्म के साथ ईशान खट्टर और उनके को-स्टार विशाल जेठवा का खूब नाम हुआ। एक्टर ईशान खट्टर के सितारे इस वक्त बुलंदियों पर हैं। 'होमबाउंड' जैसी फिल्म से दुनियाभर में डंका बजाने वाले ईशान ने अब एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। यह अपार्टमेंट मुंबई के बांद्रा स्थित पॉश पाली हिल इलाके में है। यह अपार्टमेंट नवरोज प्रेमिसेस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के नवरोज अपार्टमेंट में स्थित है। इसका बिल्ट-अप एरिया 2,989.05 स्क्वायर फुट है। हाल ही इस अपार्टमेंट का रजिस्ट्रेशन किया गया। ईशान खट्टर का रियल एस्टेट की दुनिया में यह पहला इन्वेस्टमेंट है। उनके इस अपार्टमेंट की कीमत 29.37 करोड़ रुपये है। ईशान अभी तीन बेडरूम अपार्टमेंट में रहते हैं, जो बांद्रा में हैं और समंदर किनारे स्थित है। इसकी कीमत 40 करोड़ रुपये बताई जाती है। प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर ने इसके लिए 1.76 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकाई। इसमें चार पार्किंग स्पेस हैं। ईशान खट्टर की नेट वर्थ, फीस और कमाई का जरिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर की नेट वर्थ 15-20 करोड़ रुपये बताई जाती है। 'लाइफस्टाइल एशिया' के मुताबिक, वह एक फिल्म के लिए एक करोड़ रुपये की फीस चार्ज करते हैं। फिल्मों के अलावा वह सोशल मीडिया और ब्रांड एंडोर्समेंट्स से भी कमाई करते हैं। इंस्टाग्राम पर उनके अभी 3M फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट से भी वह अच्छी कमाई करते हैं। प्रति ब्रांड भी उनकी अच्छी कमाई है। वह एक ब्रांड को एंडोर्स करने के लिए 50 लाख रुपये फीस तक लेते हैं। ईशान खट्टर का करियर और स्ट्रगल ईशान खट्टर रिश्ते में शाहिद कपूर के सौतेले भाई हैं। वह नीलिमा अजीम और राजेश खट्टर के बेटे हैं। ईशान ने वैसे तो अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 2005 में आई फिल्म 'वाह! लाइफ हो तो ऐसी' से की थी, लेकिन उन्हें पहचान 2017 में आई फिल्म Beyond The Clouds से मिली। इसके बाद ईशान खट्टर को फिल्मों के ऑफर मिलते चले गए। उन्होंने अपने 9-10 साल के करियर में आठ फिल्में की हैं, और सभी में अलग किरदार निभाया है और हैरान किया है। ईशान खट्टर हाल ही 'होमबाउंड' में नजर आए थे, जिसमें उनकी दमदार एक्टिंग ने सबको मुरीद बना लिया। इस फिल्म को भारत की तरफ से ऑस्कर्स 2026 में भी भेजा गया था, पर दुर्भाग्य से यह नॉमिनेशन नहीं पा सकी। पर दुनियाभर में फिल्म के साथ ईशान खट्टर और उनके को-स्टार विशाल जेठवा का खूब नाम हुआ।