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सीएम की बड़ी घोषणा: जैतपुर बना नगर परिषद, धनपुरी में शुरू हुआ वाटर पार्क

शहडोल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में धनपुरी वाटर पार्क का फीता काटकर शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि इससे क्षेत्र के पर्यटन को रफ्तार मिलेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने जैतपुर नगर को नगर परिषद का दर्जा देने की घोषणा की। सीएम ने कहा- बहनों को आगे बढाना है। विधायक जी ने कुछ मांगा है तो हम मना कैसे कर सकते हैं। 2300 करोड़ की सिंचाई योजना देने की घोषणा करता हूं। जैतपुर में महाविद्यालय का भवन बनेगा। शहडोल में नए महाविद्यालय की शुरूआत किया जाएगा। अब अगली बार भी आना है शेष बात हम बाद में करेंगे। सीएम ने लोगों की मांग पर जैतपुर को नगर पंचायत देने की घोषणा करता हूं।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे धनपुरी के अंदर इतना बढिया स्विमिंग पुल देखकर इंदौर, उज्जैन जैसे बड़े नगर की याद आ गई। जब मैं जय जयकार कराता हूं तो कांग्रेस वालों की पार्टी पर सांप लोट जाते हैं। हम भगवान श्रीराम की जयकार करने वाले लोग हैं। माता शबरी ने वर्षों तक राम का इंतजार किया। भगवान राम प्रेम के वशीभूत होकर शबरी माता के पास पहुंचे। श्रीराम ने शबरी के झूठे बेर खाए। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम यह है सनातन संस्कृति की विशेषता। हम जब पूरे शहडोल की तरफ देखते हैं तो देखते हैं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कितना काम यहां हुआ है। किसानों के हित का पूरा ध्यान रखा। मोदी जी का पूरा जीवन देश के विकास के लिए ही है। भारत का मान सम्मान बढाने के लिए सशक्त बनाने के लिए हम देश के प्रधानमंत्री का जोरदार अभिनंदन करें। धनपुरी धन्य हो गई आज धनपुरी में जो सौगात मिली है वह जंगल में मंगल हो गया है। धनपुरी धन्य हो गई। नगरपालिका अध्यक्ष को बधाई इतनी अच्छी सौगात इस क्षेत्र को मिली है। सभी क्षेत्र में काम करते हुए आज मप्र सबसे आगे बढ रहा है। हम लगातार काम कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण का काम किया गया है। बहुत जल्दी युवाओं को सभी तरह के कल कारखाने की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की ओर ध्यान नहीं दिया। हमारी सरकारों के काम करने का तरीका ही अलग है। सांसद बोलीं, मुख्यमंत्री जी छोटी बहन को निराश नहीं करेंगे शहडोल में हुए कार्यक्रम मंच से नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष रविंद्र कौर छाबड़ा ने विकास कार्य का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। क्षेत्रीय विधायक जयसिंह मरावी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मांग पत्र पढ़कर सुनाया। सांसद हिमाद्रि सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मंच भरा पूरा है और समय की सीमा है। आप सबको राम राम करती हूं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देश व प्रदेश विकास कर रहा है। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आपके समक्ष जो मांगें विधायक जयसिंह मरावी ने रखी हैं, उनको पूरा करेंगे और छोटी बहन को निराश नहीं करेंगे। माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण इसके बाद मुख्यमंत्री गंधिया जनपद पंचायत जयसिंह नगर के लिए प्रस्थान कर स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता निभाएंगे। वह यहां पर सीतामढ़ी धाम में स्थापित की गई माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रवास के दौरान शहडोल जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमि पूजन एवं योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे।  

धार्मिक आज़ादी पर सख्ती: चीन में चर्च सील, ईसाई पादरियों की गिरफ्तारी

बीजिंग चीन में गैर-पंजीकृत ईसाई चर्चों के खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है। जनवरी 2026 की शुरुआत में झेजियांग प्रांत के वेनझोउ शहर स्थित यायांग चर्च को सैकड़ों सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने घेर लिया और चर्च के ऊपर लगे क्रॉस को हटा दिया गया। यह कार्रवाई केवल स्थानीय निर्माण नियमों का मामला नहीं, बल्कि स्वतंत्र ईसाई उपासना के खिलाफ चल रहे व्यापक राष्ट्रीय अभियान का संकेत मानी जा रही है। यायांग चर्च एक अपंजीकृत प्रोटेस्टेंट “हाउस चर्च” है, जो सरकारी नियंत्रण वाली धार्मिक व्यवस्था से बाहर काम करता है। रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2025 के मध्य से ही चर्च पर दबाव बढ़ाया जा रहा था और कई पादरियों व सदस्यों को हिरासत में लिया गया था। जनवरी आते-आते यह मामला पूर्ण पुलिस ऑपरेशन में बदल गया, जिससे साफ है कि प्रशासन अनौपचारिक चर्चों को पूरी तरह राज्य नियंत्रण में लाना चाहता है। चीन में ईसाई धर्म को आधिकारिक मान्यता तो है, लेकिन केवल राज्य-नियंत्रित संस्थाओं के माध्यम से। प्रोटेस्टेंट चर्चों को ‘थ्री-सेल्फ पैट्रियॉटिक मूवमेंट’ और कैथोलिक चर्चों को सरकारी कैथोलिक संघ से जुड़ना अनिवार्य है। जो चर्च पंजीकरण से इनकार करते हैं, उन्हें अवैध घोषित कर दिया जाता है। वेनझोउ को लंबे समय से स्वतंत्र ईसाई समुदाय का गढ़ माना जाता रहा है और इसे “चीन का यरुशलम” भी कहा जाता है। यहां पहले भी क्रॉस हटाने, चर्च सील करने और पादरियों की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हालिया कार्रवाई को अधिक संगठित और समन्वित अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इसी अवधि में सिचुआन प्रांत के चेंगदू शहर में स्थित अर्ली रेन कवनेंट चर्च के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया। चर्च ने इसे सुनियोजित कार्रवाई बताया। वहीं, शांक्सी प्रांत के लिंफेन गोल्डन लैम्पस्टैंड चर्च से जुड़े लोगों को 2025 में कथित धोखाधड़ी के मामलों में सजा दी गई, जिसे मानवाधिकार समूह धार्मिक दमन का कानूनी जरिया बताते हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीन में संशोधित धार्मिक कानून सरकार को निगरानी, दंड और नियंत्रण की व्यापक शक्तियां देते हैं। आलोचकों के अनुसार, आपराधिक कानूनों का उपयोग कर शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों को दबाया जा रहा है, जिससे स्वतंत्र आस्था के लिए जगह लगातार सिमटती जा रही है।

न्यूजीलैंड ने अफगानिस्तान से मिली हार का लिया बदला, 13 गेंद बाकी रहते जीता मैच, विजयी शुरुआत की

चेन्नई न्यूजीलैंड ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में विजयी शुरुआत की है। ग्रुप डी का हिस्सा न्यूजीलैंड ने रविवार को टूर्नामेंट के चौथे मैच में अफगानिस्तान को पांच विकेट से धूल चटाई। न्यूजीलैंड ने चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में 183 रनों का टारगेट 13 गेंद बाकी रहते चेज किया। न्यूजीलैंड ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान से मिली हार का बदला ले लिया है। विकेटकीपर टिम सीफर्ट ने गदर काटा। उन्होंने 42 गेंदों में 62 रन बनाए। सीफर्ट के बल्ले से सात चौके और तीन छक्के निकले। लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने अच्छा आगाज नहीं किया। मुजीब उर रहमान ने दूसरे ओवर में फिन एलन (1) और रचिन रविंद्र (0) के रूप में डबल झटका दिया। इसके बाद, सीफर्ट और ग्लेन फिलिप्स (25 गेंदों में 42) ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 73 रनों की पार्टनरशिप की। मार्च चैपमैन ने 17 गेंदों में 25 रनों का योगदान दिया। डेरिल मिचेल (12 गेंदों में नाबाद 25) और कप्तान मिचेल सेंटनर (8 गेंदों में नाबाद 17) ने न्यूजीलैंड को जीत की दहलीज पार कराई। अफगानिस्तान के लिए कप्तान राशिद खान, मोहम्मद नबी और अजमतुल्लाह उमरजई ने एक-एक विकेट झटका इससे पहले, अफगनिस्तान ने टॉस जीतकर निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 182 रन जोड़े। गुलबदीन नईब ने अर्धशतक ठोका। उन्होंने 35 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली, जिसमें तीन चौके और चार सिक्स हैं। सेदिकुल्लाह अटल ने 29 और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 27 रनों का योगदान दिया। इब्राहिम जादरान 10, दरविश रसूली 20 और अजमतुल्लाह उमरजई 14 रन बनाकर लौटे। कीवी टीम की ओर से लॉकी फर्ग्यूसन ने दो शिकार किए जबकि मैट हेनरी, जैकब डफी और रचिन रवींद्र ने एक-एक विकेट लिया।

दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों का नामकरण बदला, राज्य नामकरण प्राधिकरण की रिपोर्ट के बाद लिया गया निर्णय

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने दो मेट्रो स्टेशनों के नाम बदल दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली राज्य नामकरण प्राधिकरण (SNA) की सिफारिश के बाद पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार पॉकेट-I मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ कर दिया गया है, जबकि पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन अब ‘मधुबन चौक’ के नाम से जाना जाएगा। नाम बदलने की मंजूरी मिलने के बाद DMRC ने दोनों स्टेशनों पर साइनेज और सूचना बोर्ड अपडेट कर दिए हैं। यात्रियों को किसी असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक घोषणाएं और डिजिटल डिस्प्ले भी बदले जा रहे हैं। सालों से मांग कर रहे थे लोग त्रिलोकपुरी के विधायक रविकांत उज्जैन ने स्टेशन का नाम बदले जाने पर कहा कि इससे लंबे समय से चली आ रही सार्वजनिक मांग पूरी हुई है। उन्होंने बताया कि लोग वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि मेट्रो स्टेशन का नाम मंदिर के नाम पर रखा जाए, लेकिन पहले इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने कहा, “पिछले छह महीनों से मैं इस मामले को गंभीरता से देख रहा था। मैंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने भी यह मुद्दा उठाया और इस संबंध में पत्र लिखे। आखिरकार यह नाम परिवर्तन हुआ, जो वास्तविक जन-भावना की पूर्ति है।” मयूर विहार स्टेशन प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट त्रिलोकपुरी के विधायक ने आगे कहा कि श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन, जो दिसंबर 2018 में दिल्ली मेट्रो के फेज-III विस्तार के तहत शुरू किया गया था, आज पूर्वी दिल्ली के यात्रियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट बन चुका है। उन्होंने बताया कि यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सबसे लंबे कॉरिडोर पर स्थित है और आवासीय इलाकों को प्रमुख कमर्शियल हब से जोड़ता है। साथ ही यह क्षेत्र की भीड़भाड़ वाली मुख्य सड़कों का प्रभावी विकल्प भी प्रदान करता है, जिससे रोज़ाना यात्रियों को काफी सुविधा मिलती है। क्या है राज्य नामकरण प्राधिकरण (SNA)? राज्य नामकरण प्राधिकरण (State Naming Authority – SNA) दिल्ली सरकार का एक गैर-संवैधानिक निकाय है, जो राजधानी दिल्ली के भीतर सड़कों, पार्कों, कॉलोनियों और अन्य संस्थाओं के नामकरण या नाम परिवर्तन से जुड़े मामलों का निर्णय करता है। हालांकि, इसके अधिकार क्षेत्र में दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के अधीन आने वाले क्षेत्र शामिल नहीं होते। इस प्राधिकरण में मुख्यमंत्री अध्यक्ष, मुख्य सचिव सदस्य होते हैं, जबकि अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव (शहरी विकास) सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करते हैं।

क्यों दादरी बना सपा का चुनावी लॉन्चपैड? 2027 के चुनाव से पहले पार्टी की बड़ी सियासी चाल

लखनऊ समाजवादी पार्टी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर पूरे प्रदेश में समाजवादी समानता भाईचारा रैली करेगी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 मार्च को नोएडा के दादरी से इसकी शुरुआत करेंगे। इसके बाद ये रैलियां प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाएंगी। इस रैली की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी संभालेंगे।  नोएडा से इस अभियान की शुरूआत के पीछे माना जा रहा है कि पार्टी इस कमजोर गढ़ में अपने को मजबूत दिखाने का संदेश देना चाहती है। पार्टी का मानना है कि अगर इन इलाकों में संगठन मजबूत किया गया, तो चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है विधानसभा चुनावों के करीब 11 महीने पहले नोएडा से शुरू होने वाली इस रैली की तर्ज पर प्रदेश के सभी जिलों में रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए समाजवादी पार्टी के नेता स्थानीय स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। इन रैलियों के आयोजन के जरिये सपा की कोशिश उन विधानसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है, जहां समाजवादी पार्टी को 2022 विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। रैलियों की शुरुआत के साथ ही समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनावों के उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। जातीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि ऐसे नेताओं को प्रत्याशी बनाया जाए, जिनकी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकार्यता हो। इसके अलावा टिकट के चयन में एसआईआर में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं का भी अहमियत दी जाएगी। सपा हर सीट पर प्रत्याशियों को टिकट देने के लिए सर्वे भी करा रही है। पार्टी शुभ संकेत के रूप में देख रही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि अखिलेश यादव ने 2012 में  गौतमबुद्धनगर से साइकिल यात्रा की शुरुआत की थी। उसी वर्ष समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी। एक बार फिर नोएडा से अभियान की शुरुआत को उसी ‘शुभ संकेत’ से जोड़कर देखा जा रहा है। नोएडा को लेकर लंबे समय से राजनीतिक मिथक भी रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है। वह छह महीने के भीतर कुर्सी गवां देता है। इसी कारण मुख्यमंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान अखिलेश यादव नोएडा नहीं गए थे। 2017 और 2022 के चुनावों में भी उन्होंने अभियान की शुरुआत दूसरे जिलों से की, लेकिन सत्ता हासिल नहीं कर सके।  

भारतीय टीम को था बड़े स्कोर का भरोसा, फिर क्यों चुपचाप रहा ड्रेसिंग रूम? सिराज का बड़ा खुलासा

मुंबई भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि जून 2024 के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी पर वह सबसे छोटे प्रारूप के लिए अपनी तैयारी को लेकर साफ थे और अमेरिका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में रणजी ट्रॉफी में फेंकी गई लाइन और लेंथ पर टिके रहना ही उनकी योजना थी। सिराज शनिवार से शुरू हुए विश्व कप के लिए शुरुआत में भारत की योजनाओं का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने हालांकि टीम में वापसी की और एकादश में शामिल होकर वानखेड़े स्टेडियम में मेजबान टीम की 29 रन की जीत में 29 रन देकर तीन विकेट लिए। 'जब विश्व कप में खेलते हैं तो…' मैच के बाद सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''भावनाएं हमेशा होती हैं क्योंकि एक खिलाड़ी के तौर पर जब आप विश्व कप में खेलते हैं तो एक पेशेवर के तौर और टूर्नामेंट के लिए सपना अलग होता है।'' उन्होंने कहा, ''मैं रणजी ट्रॉफी खेलकर आ रहा था इसलिए मेरी लाइन और लेंथ (अच्छी थी)… जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे तो नई गेंद को मारना आसान नहीं था और सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण था और अगर आपको विकेट मिलते तो यह टीम के लिए अच्छा होता। तो यही योजना थी और मैं इसे लागू कर पाया और विकेट भी लिए।'' 'मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा' सिराज को चोटिल हर्षित राणा की जगह अंतिम लम्हों में टीम में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगा था कि उन्हें तुरंत इलेवन में जगह मिलेगी लेकिन रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद की कप्तानी के अनुभव से मदद मिली। उन्होंने कहा, ''सबसे पहले तो मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा। मुझे बुलाए जाने पर खुशी हुई लेकिन मुझे सुबह पता चला कि मैं खेल रहा हूं इसलिए मैं थोड़ा और उत्साहित था क्योंकि मैं कल (शुक्रवार) ही आया था।'' सिराज ने कहा, ''जिस तरह से मैं रणजी ट्रॉफी में खेल रहा था, मैं (हैदराबाद की) कप्तानी भी कर रहा था इसलिए मैं खुद को शांत रखना चाहता था और मैं सिर्फ इस बारे में सोच रहा था कि मैं कैसे दबाव डाल सकता हूं और हमला कर सकता हूं। मैंने जो भी सोचा उसे मैं लागू कर पाया।'' '10 साल हो गए हैं इसलिए जब…' इस तेज गेंदबाज ने कहा, ''बेशक मैंने यहां दोपहर तीन बजे पहुंचने के बाद वीडियो देखे। बिना तैयारी के आप मैदान पर नहीं उतर सकते, आखिर यह विश्व कप है।'' सिराज ने बताया कि उनके फोन पर अब भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वॉलपेपर लगा हुआ है जिसे उन्होंने इंग्लैंड दौरे के दौरान साझा किया था। उन्होंने कहा, ''वॉलपेपर अब भी वही है। आपको मानसिक रूप से बहुत तैयार रहना पड़ता है, विशेषकर जब आप विश्व कप में खेल रहे हों। मुझे भारत के लिए खेलते हुए लगभग 10 साल हो गए हैं इसलिए जब आपको मौका मिलता है तो आपको ज्यादा समय की जरूरत नहीं होती…।'' सिराज ने कहा कि यह असमान गति वाला विकेट था क्योंकि पहले हाफ में एक समय भारत का स्कोर छह विकेट पर 77 रन हो गया था लेकिन ड्रेसिंग रूम में कभी दबाव नहीं था। 'भारतीय टीम ने इतना स्कोर सोचा था' उन्होंने कहा, ''ईशान (किशन) ने कहा कि यह असमान गति वाला विकेट है। हमने (शुरुआत में) विकेट गंवा दिए थे। हमने सोचा कि 170 का स्कोर बहुत अच्छा होगा क्योंकि ओस ज्यादा नहीं थी और हमने सोचा कि पावरप्ले में जितने ज्यादा विकेट ले सकें उससे विरोधी टीम पर दबाव पड़ेगा।'' सिराज ने कहा, ''हमने योजनाओं को अच्छी तरह लागू किया। अर्शदीप (सिंह) ने अच्छी गेंदबाजी की जिससे काफी दबाव बना।'' सिराज ने कहा कि ड्रेसिंग रूम शांत था क्योंकि कप्तान सूर्यकुमार यादव क्रीज पर थे जिन्होंने 49 गेंद में 84 रन की मैच जिताने वाली पारी खेली। उन्होंने कहा, ''हम शांत थे क्योंकि सूर्यकुमार खेल रहा था और वह विकेट को जानता है। वह मुंबई का है और उसने कहा 'मैं यहां हूं, चिंता मत करो'।'' सिराज ने कहा कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पेट खराब होने की वजह से दूसरे हाफ में अधिक समय तक क्षेत्ररक्षण नहीं किया। उन्होंने कहा, ''उसका पेट थोड़ा खराब था लेकिन मुझे यकीन है कि वह अगले मैच में अपना जादू दिखाएगा।''

PM मोदी-अनवर इब्राहिम बैठक रही निर्णायक: भारत-मलेशिया ने 11 समझौतों पर लगाई मुहर

मलेशिया मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक को “बहुत महत्वपूर्ण, रणनीतिक और निर्णायक” बताया और कहा कि यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। मोदी इस समय मलेशिया के दो-दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें वे कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। कुआलालंपुर में दोनों नेताओं ने प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता की और 11 दस्तावेजों सहित कई समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर का साक्षी बने। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनवर ने कहा कि भारत-मलेशिया के संबंध 1957 से चले आ रहे हैं और 2024 में इसे “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध, मजबूत जन-स्तरीय जुड़ाव और लगातार बढ़ती आर्थिक साझेदारी मौजूद है। अनवर ने आगे कहा कि भविष्य में दोनों देश व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन पहलों को तेजी से लागू करने के लिए दोनों सरकारों और विदेश मंत्रियों की प्रतिबद्धता है। वार्ता के परिणामों पर अनवर ने बताया कि 11 दस्तावेजों के हस्ताक्षर किए गए, जिनमें MoUs और पत्रों का आदान-प्रदान शामिल था। उन्होंने कहा कि ये समझौते पारंपरिक द्विपक्षीय समझौतों से आगे हैं और इनमें से कई क्षेत्र—जैसे सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहयोग-शांतिरक्षा (peacekeeping) जैसी पहलें भी शामिल हैं।   इससे पहले, अनवर ने मोदी का औपचारिक स्वागत किया और दोनों देशों के मजबूत संबंधों और इस दौरे की व्यक्तिगत अहमियत पर जोर दिया। इस यात्रा की शुरुआत पर पुत्राजया में प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर और अन्य औपचारिक सम्मान दिए गए। मोदी ने स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा कि मलेशिया ने उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल का बहुत ही गरिमामय और खूबसूरत स्वागत किया। मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस स्वागत के कुछ पल साझा किए और कहा कि भारत और मलेशिया का साझेदारी विश्वास, मित्रता और साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। यह मोदी का मलेशिया का तीसरा दौरा है और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों के “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में उन्नयन के बाद यह पहला दौरा है। इस दौरे के दौरान मोदी CEOs और व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और भारत-मलेशिया के व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने के लिए कदम उठाएंगे। दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का एक बड़ा कारण मलेशिया में भारतीय मूल की लगभग 2.9 मिलियन आबादी है, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी प्रवासी भारतीय समुदाय मानी जाती है।

विकास एजेंडे पर फोकस: बजट 2026-27 से पहले CM सुक्खू ने विधायकों से मांगे सुझाव

शिमला हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhu) ने शिमला और कांगड़ा जिलों के विधायकों के साथ बैठक की। यह बैठक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए बुलाई गई दो दिवसीय बैठक के अंतिम सत्र के दौरान हुई, जिसमें उन्होंने विधायकों से जल्द से जल्द अपनी विकास प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने की अपील की। विधायकों से निर्धारित प्रारूप में अपनी विकास प्राथमिकताओं को योजना विभाग को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया ताकि इन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जा सके। सुक्खू ने अधिकारियों को विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का निर्देश भी दिया। बैठक के दौरान, रोहरू विधायक मोहन लाल ब्राक्ता ने सरकार से सीमा कॉलेज में बी.एड. कक्षाएं शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया। शिमला (शहरी) के विधायक हरीश जनार्थ ने शहर में संपर्क सड़कों के निर्माण और मरम्मत तथा पेयजल योजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए अलग से बजट की मांग की। उन्होंने शिमला में भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के कार्य में भी तेजी लाने की मांग की।    

शहडोल में तनाव: मुख्यमंत्री मोहन यादव के आगमन से पहले किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता पकड़े गए

शहडोल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल आगमन से पहले ही जिले में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। एक ओर रामपुर बटूरा मेगा प्रोजेक्ट से प्रभावित किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रशासन ने दोनों ही समूहों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। रामपुर बटूरा प्रोजेक्ट से प्रभावित करीब 10 गांवों के किसान लंबे समय से एसईसीएल (SECL) प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि कोयला उत्खनन के कारण उनके घरों में दरारें पड़ रही हैं, स्कूल जर्जर हालत में पहुंच गए हैं और तीन साल बीत जाने के बावजूद न तो उन्हें स्थायी रोजगार मिला और न ही उचित पुनर्वास।मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे किसानों को बुढार पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि समाजसेवी भूपेश शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए थे।   जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल ने भी मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी और ब्लॉक अध्यक्ष अंकित सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी धनपुरी में वाटर पार्क के उद्घाटन को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए काले झंडे दिखाने की तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार, अवैध कोयला उत्खनन, रोजगार में स्थानीय लोगों की अनदेखी, कानून-व्यवस्था की स्थिति, दूषित पेयजल और खाद संकट जैसे मुद्दे उठाए। नारेबाजी के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर शहडोल भेज दिया। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान काले झंडे दिखाने और विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल मुख्यमंत्री के शहडोल पहुंचने से पहले ही जिले में विरोध के हालात बन गए हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के अलग-अलग समूह भी विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी में हैं, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

संजय राउत का दावा—मराठी वोट बैंक के चलते बीजेपी को झुकना पड़ा, रितु तावड़े बनीं मुंबई मेयर

नई दिल्ली शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में उनकी पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को मिले मराठी लोगों के भारी समर्थन के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मुंबई के महापौर के रूप में एक मराठी व्यक्ति को चुनना पड़ा। राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी कटाक्ष किया। शनिवार को आरएसएस शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अभिनेता सलमान खान को संघ प्रमुख मोहन भगवत से बातचीत करते देखा गया था। राज्यसभा सदस्य ने पूछा, "क्या यह फिल्म अभिनेता सलमान खान का स्वागत था या (यह संदेश था कि) संघ व उसकी शाखाओं में मुसलमानों का भी स्वागत है?" उन्होंने आरोप लगाया कि भागवत को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए क्योंकि जिस तरह से हिंदू-मुस्लिम नफरत और बदले की भावना से प्रेरित दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, उसमें संघ भी शामिल है। राउत ने मुंबई के महापौर पद के लिए भाजपा द्वारा रितु तावडे (53) को उम्मीदवार बनाए जाने पर कहा कि वह मूल रूप से कांग्रेस से हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं है। राज्यसभा सदस्य ने कहा, "जिस तरह से मराठी लोगों ने भारी बहुमत से शिवसेना (उबाठा) और मनसे को वोट दिया, भाजपा को मुंबई में एक मराठी महापौर बनाना ही पड़ा।" रितु तावडे, मुंबई की महापौर बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और शिवसेना (उबाठा) द्वारा किसी प्रतिद्वंद्वी को मैदान में नहीं उतारने के फैसले के बाद चार दशकों में सत्तारूढ़ पार्टी की वह पहली महापौर बनेंगी। रितु के निर्विरोध चुने जाने से ठाकरे परिवार का बीएमसी पर 25 साल का वर्चस्व समाप्त हो गया।