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सुनील जाखड़ ने मोगा मामले में उठाया मुद्दा, मजदूरों पर हमला कहा ‘संस्कृति और पंजाबियत के खिलाफ’

चंडीगढ़ पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मोगा में बाहरी राज्यों से आकर काम करने वाले मजदूरों को निशाना बनाए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को पंजाबियत और गुरुओं के दिखाए मार्ग के पूरी तरह खिलाफ बताया। जाखड़ ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा भाईचारे, आपसी सम्मान और सबको साथ लेकर चलने की रही है, ऐसे में किसी भी वर्ग को डराने या निशाना बनाने की कोशिश बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से राज्य में कारोबारियों को धमकियां और हमलों का सामना करना पड़ा है, जिससे नई इंडस्ट्री यहां निवेश करने से कतराने लगी है। अब मजदूर वर्ग को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो राज्य के सामाजिक ताने-बाने और आर्थिक ढांचे के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ ताकतें जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं। पंजाब की इंडस्ट्री व खेती बाड़ी में अहम योगदान जाखड़ ने कहा कि बाहर से आकर मेहनत करने वाले मजदूर पंजाब की इंडस्ट्री और खेती में अहम भूमिका निभाते हैं। फैक्ट्रियों, निर्माण कार्यों और खेतों में उनका बड़ा योगदान है। इनके बिना राज्य की अर्थव्यवस्था की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। ऐसे लोगों को डराने या भगाने की कोशिश पंजाब के हित में नहीं है। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को तुरंत सक्रिय होकर ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पंजाब की छवी पर बुरा असर उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई तो इससे पंजाब की छवि, निवेश और रोजगार के अवसरों पर बुरा असर पड़ेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब को नफरत की नहीं, बल्कि एकता और विकास की राजनीति की जरूरत है। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन मिलकर भाईचारे का संदेश दें और राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।  

पुलिस की मौजूदगी में रैली में बजा विवादित गीत, हिडमा के बोलों पर दिखा जोश

बस्तर बस्तर में आयोजित भूमकाल स्मृति दिवस की रैली उस वक्त चर्चा का विषय बन गई, जब रैली के दौरान सार्वजनिक स्थान पर हिडमा के नाम से जुड़ा गीत बजाया गया. गीत के बोलों पर रैली में शामिल लोग झूमते और तालियां बजाते नजर आए, जबकि मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी भी रही. जानकारी के मुताबिक, यह घटना जगदलपुर शहर के अग्रसेन चौक के पास सामने आई, जहां रैली गुजरने के दौरान तेज आवाज में गीत चलाया गया. गीत के बोलों में “हमारे हक की जंग है हिडमा”, “दिल की बस्ती में हिडमा”, “हमारा झंडा तू ही हिडमा” जैसे शब्द शामिल थे. इतना ही नहीं, गीत में जन्म से लेकर मृत्यु तक की कहानी को भी हिडमा के नाम से जोड़ा गया है. गीत बजते ही रैली में शामिल कई लोग भावनाओं में बहते हुए उस पर झूमते नजर आए. पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, हालांकि किसी तरह की तत्काल कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है. अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है कि ऐतिहासिक स्मृति दिवस जैसे कार्यक्रम में इस तरह के गीत का बजना कितना उचित है, और क्या यह कानून-व्यवस्था या सामाजिक संतुलन के लिहाज से सवाल खड़े करता है. अभी भी नक्लवाद की जड़ें बस्तर में समाए हुई : कांग्रेस छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशिल आनंद शुक्ला ने बस्तर में हिड़मा जिंदाबाद के नारे लगाए जाने की घटना को चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि यह सरकार की विफलता है. मार्च 2026 में नक्सलवाद खत्म करने की घोषणा की गई है, जिसमें अब लगभग 49 दिन बचें हैं. ऐसे में बस्तर में यह नारेबाजी सरकार के दावों के विपरीत हैं. अभी भी बस्तर में नक्सलवाद की जड़ें समाई हुई हैं. सिर्फ झूठी बयानबाजी से नक्लवाद समाप्त नहीं होगा. वायरल वीडियो की जांच जारी : बस्तर रेंज आईजी इस घटनाक्रम को लेकर बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है. यह गाना किसने चलाया और कौन-कौन मौके पर मौजूद था इसकी जांच जारी है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी.

2025-26 की तुलना में आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के आवंटन में 76 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी

बोटलनेक टू ब्रेक थ्रू : यूपी ने तकनीकी महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ाया निर्णायक कदम  2025-26 की तुलना में आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के आवंटन में 76 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर  के लिए 2059  करोड़ के प्रावधान के साथ एआई मिशन, साइबर सुरक्षा केंद्र और एआई लैब की बड़ी पहल 30,000 करोड़ निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क, 900 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य मोबाइल निर्माण में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी, 44744 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और स्टार्टअप में लीडर का दर्जा लखनऊ उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर बड़ा भरोसा जताया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 2059 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है,  जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि की गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था और उन्नत तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा। बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही इंडिया एआई मिशन के तहत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना के लिए 32 करोड़ 82 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। साइबर सुरक्षा को भी बजट में अहम स्थान मिला है। साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की नई योजना प्रस्तावित की गई है। डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एआई प्रज्ञा कार्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है। इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वन एम वन बी जैसी वैश्विक कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एआई प्रशिक्षण दे रही हैं। किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों तथा राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक को जमीनी स्तर तक उतरना है। डाटा सेंटर के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 6 डाटा सेंटर पार्क और 2 डाटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश और 644  मेगावाट क्षमता अर्जित की जा चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत बनी हुई है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उद्योग और तकनीक में बढ़ते निवेश तथा नवाचार को प्रोत्साहन देने की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर का दर्जा प्राप्त हुआ है। बजट में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर 76  प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से अग्रसर करेगा।

चंडीगढ़-पंजाब में बम स्क्वॉड अलर्ट: मोहाली के 16 स्कूलों और बड़े नेताओं को उड़ाने की धमकी

मोहाली  जिले के मोहाली शहर, जीरकपुर और बनूड़ (Banur) में 16 से अधिक प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई. धमकी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए और एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली करा लिया गया. जानकारी के मुताबिक, धमकी का मैसेज ईमेल से भेजा गया था. इसके बाद पुलिस की टीमें, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और स्कूल की तलाशी ली गई. बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनके अभिभावकों को सूचित कर दिया गया. पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और धमकी भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच कर रही है. मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें कुछ स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी मिली थी. सुरक्षा के बीच तुरंत कार्रवाई की गई और सभी स्कूलों को खाली कराकर चेक किया गया. अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जो भी इसके पीछे है, उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा. बम धमकी का पता चलते ही मोहाली पुलिस हाई अलर्ट पर आ गई। तुरंत बम स्क्वॉड की टीमें लेकर पुलिस फोर्स स्कूलों में पहुंच गई। स्कूल के आसपास का पूरा इलाका सील कर दिया गया। जिसके बाद पूरे स्कूल को खाली करवाकर पुलिस की टीमें जांच के लिए अंदर भेजी गईं। डीएसपी सिटी हरसिमरन बल खुद लर्निंग पाथ स्कूल पहुंचे। जबकि डीएसपी सिटी वन पृथ्वी चहल पैरागॉन स्कूल पहुंचे। पुलिन सभी स्कूलों को सील कर दिया और अंदर जांच की जा रही है। किसी को भी गेट से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। मोहाली के SSP हरमनदीप हंस ने कहा कि स्कूलों में जांच के लिए मोहाली के अलावा फतेहगढ़ साहिब, रोपड़ और चंडीगढ़ से भी बम निरोधक दस्ते बुलाए गए हैं। स बारे में मोहाली की जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) गिन्नी दुग्गल ने कहा कि अभी तक 10 स्कूलों को धमकी का पता चला है। इनमें पैरागॉन, लर्निंग पाथ, माइंड ड्री, जीडी गोयनका, विवेक स्कूल, इंडस भी शामिल हैं। इनमें छुट्‌टी करा दी गई। बाकी स्कूलों को भी अपनी ई-मेल चेक करने को कहा गया है। इसके साथ ही इस मामले संंबंधी जानकारी डीसी को भेजी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और सिर्फ सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें. लंबे समय से मिल रहीं धमकियां गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पूरे पंजाब में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां ईमेल के जरिये दी जा रही हैं. इससे पहले चंडीगढ़ के कई स्कूलों, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट, पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट और पंजाब के कई अन्य स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां भेजी गई थीं.

33वीं किस्त जल्द आने वाली, CM सागर से लाडली बहनों को मिलेगी राहत और लाभ

भोपाल   मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त का इंतज़ार कर रही महिलाओं की इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली है। सीएम मोहन यादव 14 फरवरी को प्रदेश की करोड़ों लाडली बहनों को बड़ी सौगात देंगे। सीएम मोहन खंडवा जिले के पंधाना से सिंगल क्लिक के माध्यम से बहनों के खाते में राशि डालेंगे। इसके अलावा करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। जिसमें भूमिपूजन भी शामिल है। सीएम के खंडवा दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 14 फरवरी को सीएम मोहन यादव खंडवा आ रहे हैं। वे पंधाना में लाडली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।  14फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना का दौरा प्रस्तावित है। यह से लाडली बहना योजना की राशि का विवरण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ मोहन पंधाना विधानसभा में अभी जितने में कार्य पूरे हो चुके है उन निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर विधायक की अध्यक्षता में विभागों की बैठक भी ली गई है। सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में इस योजना का शुभारंभ किया था। जिसके तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है। फरवरी में इस योजना की 33वीं किस्त जारी की जाएगी। क्यों कम हुए लाडली बहना योजना से नाम लाडली बहना योजना जब शुरू हुई थी, तब इसमें 1.32 करोड़ नाम जुड़े थे। लेकिन बाद में इसे 1.29 करोड़ और फिर 1.26 करोड़ कर दिया गया। पिछले महीने इस योजना से एक लाख नाम और कम हो गए। जानकारी के मुताबिक जो महिलाएं पात्रता की शर्त पूरी नहीं कर रही थीं, उनके नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा जिनकी उम्र 60 साल हो चुकी है, उनके नाम भी योजना से हटा दिए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक इस योजना का लाभ 60 की उम्र तक ही मिल सकता है। कैसे चेक करें स्टेटस अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि आपका नाम लिस्ट में है भी या नहीं, तो आप ऑनलाइन पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाकर पता कर सकते हैं। यहां आपके पास दो विकल्प होंगे। आप चाहें तो अंतिम सूची में जाकर अपना नाम चेक कर सकती हैं। या फिर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' में जाकर भी स्टेटस चेक कर सकती हैं। इस पर क्लिक करने के बाद बस आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी ही भरना है। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफाई करना है, आपका स्टेटस खुल जाएगा। क्या बजट में लाडली बहना को लेकर होगा ऐलान लाडली बहना योजना में नए रजिस्ट्रेशन लंबे समय से शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की महिलाएं 18 फरवरी को आने वाले बजट से उम्मीदें लगाए बैठी हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से उन्हें बड़ी सौगात मिल सकती है। इसके अलावा इस साल लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की भी बात है, उसे लेकर बजट में घोषणा हो सकती है।  

सरकारी कर्ज का रिकार्ड: एक हफ्ते में दो बार लिया 5 हजार करोड़, साल भर में बढ़ा 67,300 करोड़

भोपाल  विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा। बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है। इसलिए लिया गया कर्ज 10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं। 2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया। -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए। -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए। -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए। -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए। -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए। -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए। -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए। -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया। -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है। -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज, सीएम साय की मौजूदगी में बड़े निर्णयों की उम्मीद

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार यानी 11 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है. बजट सत्र से पूर्व हो रही बैठक काफी अहम मानी जा रही है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की संभावना है. कैबिनेट सदस्यों में चर्चा के बाद महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगेगी. बैठक के बाद मंत्री अरुण साव कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी साझा करेंगे.

PWD में गड़बड़ी का मामला: ननकीराम का PM को पत्र, विभाग उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास

रायपुर  सूबे में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को विपक्ष से अधिक अपने ही नेताओं से निपटने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक बार फिर भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपनी बेबाकी के लिए चर्चित कंवर ने इस बार सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। यह विभाग वर्तमान में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास है। ननकीराम कंवर की इस आक्रामकता से न केवल राज्य के प्रशासनिक, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में कंठ तक डूब चुकी है। सीजीपीएससी घोटाले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था वहीं भाजपा ने भी पलटवार करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों को गिनाया है। गौरतलब है कि ननकीराम कंवर वही नेता हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के दौरान सामने आए सीजीपीएससी घोटाले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में अब तक 13 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे इससे पहले वे कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर रायपुर में धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद प्रशासन को संबंधित अधिकारी का तबादला करना पड़ा था। वहीं, पिछले महीने ही रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बालोद जिले में आयोजित स्काउट-गाइड के जंबूरी कार्यक्रम में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस आयोजन को रद करने की सिफारिश की थी। प्रमुख अभियंता पर गंभीर आरोप, सीबीआइ जांच की मांग कंवर ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में प्रमुख अभियंता विजय भतपहरी पर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने और अकूत काली संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वर्ष 2011 और 2015 के पुराने आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए कहा है कि कथित रसूख के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। कंवर ने भ्रष्टाचार से अर्जित धन के जरिए जांच एजेंसियों को प्रभावित किए जाने की आशंका भी जताई है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने और अपनी मौजूदगी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है। कांग्रेस को मिला मुद्दा, दीपक बैज ने बोला हमला भाजपा के भीतर से उठ रही इन आवाजों ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की पोल अब उसके अपने ही विधायक और सांसद खोल रहे हैं। बैज ने राजिम कुंभ की अव्यवस्था, शिक्षक भर्ती और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, राजेश मूणत और सुनील सोनी जैसे नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए सरकार को ‘भ्रष्ट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ननकीराम कंवर के आरोपों पर सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि सभी गड़बड़ियां सरकार के इशारे पर ही हो रही हैं। भाजपा का पलटवार कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कड़ा पलटवार किया है। चिमनानी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि महादेव एप, गोठान, शराब और राशन जैसे संवेदनशील मामलों में घोटाले करने वाली कांग्रेस का भ्रष्टाचार पर बोलना वैसा ही है, जैसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में मोहन मरकाम और जयसिंह अग्रवाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने स्वयं अपनी ही सरकार में डीएमएफ भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों की जगह अब केवल जेल है। कई कांग्रेसी नेता पहले ही सलाखों के पीछे हैं और जिसने भी जनता का पैसा लूटा है, वह बच नहीं पाएगा।  

खौफ का नाम: सोमबीर मोटा को अमेरिका से पकड़कर लाया गया, हरियाणा-दिल्ली में अपराध की लहर

गुरुग्राम हरियाणा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कई जघन्य अपराधों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को अमेरिका से डिपोर्ट कर मंगलवार देर रात भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही हरियाणा STF की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। 20 से अधिक आपराधिक मामलों में था वांछित रोहतक के कारौर गांव का रहने वाला सोमबीर मोटा हरियाणा और दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट जैसे लगभग 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कुख्यात गैंगस्टर अनिल छिप्पी का भाई है और बताया जाता है कि इनके तार लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग से भी जुड़े रहे हैं। फर्जी पासपोर्ट का सहारा लेकर हुआ था फरार जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोमबीर मोटा साल 2024 में कानून की आंखों में धूल झोंककर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर अमेरिका फरार हो गया था। वह विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। हरियाणा एसटीएफ ने उसके फर्जी पासपोर्ट की पहचान की और इंटरपोल की मदद से उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाया, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया। CBI और इंटरपोल का रहा मुख्य सहयोग सोमबीर को भारत लाने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल ने अहम भूमिका निभाई है। भारत सरकार और गृह मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के चलते उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्ट किया गया। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि सोमबीर से पूछताछ के बाद प्रदेश में चल रहे अन्य गैंगस्टरों के नेटवर्क और रंगदारी के मामलों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। इन बड़े अपराधियों को लाया गया भारत हरियाणा के व्यापारियों और आम लोगों के लिए दहशत का नाम बन चुके कई बड़े गैंगस्टर साल 2025 में सलाखों के पीछे पहुँचाए गए। यह मुमकिन हुआ अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों और STF हरियाणा के बीच बेहतरीन तालमेल से। 1. गैंगस्टर जोगिंदर ग्योंग की वापसी (फिलीपींस) फरवरी की शुरुआत में STF को पहली बड़ी कामयाबी मिली। जोगिंदर ग्योंग, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 38 संगीन मामले दर्ज थे, उसे 02 फरवरी 2025 को फिलीपींस से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। 2.आर्मेनिया से दबोचा गया नरेश नरसी मार्च के महीने में कानून के हाथ आर्मेनिया तक पहुँचे। 04 मार्च 2025 को गैंगस्टर नरेश नरसी का डिप्रेशन और भागने का दौर खत्म हुआ, जब उसे वहां से भारत डिपोर्ट कर दिया गया। 3. कजाकिस्तान में कुणाल जून का अंत 27 अप्रैल 2025 को कुणाल जून की बारी थी। हत्या और जबरन वसूली जैसे 19 केसों का सामना कर रहे इस अपराधी को कजाकिस्तान से वापस लाया गया। 4. पैरोल से फरार मैनपाल बादली (कंबोडिया) एक शातिर अपराधी जो पैरोल पर आने के बाद कंबोडिया भाग गया था, उसे भी STF ने नहीं बख्शा। मैनपाल बादली, जिस पर हत्या के 30 मामले थे, उसे 02 सितंबर 2025 को डिपोर्ट किया गया। 5. अमेरिका से लखविंदर लाखा की रवानगी साल के अंत में 25 अक्टूबर 2025 को लखविंदर लाखा को USA से भारत वापस लाया गया। यह संदेश साफ था कि दुनिया का कोई भी कोना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है।

MP, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार समेत 7 राज्यों की ट्रेनें रद्द, छत्तीसगढ़ मार्ग पर सफर प्रभावित

रायपुर  छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कुल 26 यात्री ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया है। यह फैसला रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े निर्माण और रखरखाव कार्यों के चलते लिया गया है। ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार और पंजाब की ओर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, कुछ ट्रेनें 14 और 15 फरवरी को, जबकि बड़ी संख्या में गाड़ियां 4 अप्रैल से 26 अप्रैल तक संचालित नहीं होंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर नया बैलेस्टेड ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए लगभग 20 दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है। इसके अलावा रायपुर मंडल के हथबंद–भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग की जाएगी, जिसके चलते फरवरी में भी कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 14 और 15 फरवरी को कैंसिल होने वाली ट्रेनों के नाम-     68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर     68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर     58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर     58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर 15 फरवरी को ये ट्रेनें कैंसिल रहेंगी     58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर     58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द की जाने वाली ट्रेनों के नाम-     18030 (शालीमार-LTT एक्सप्रेस): 4 अप्रैल से 24 अप्रैल तक     18029 (LTT-शालीमार एक्सप्रेस): 6 अप्रैल से 26 अप्रैल तक     18237 (कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     18238 (अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस): 7 अप्रैल से 27 अप्रैल तक     12410 (निजामुद्दीन-रायगढ़): 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल     12409 (रायगढ़-निजामुद्दीन): 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल     12101 (LTT-शालीमार): 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल     12102 (शालीमार-LTT): 6, 8, 9, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22 और 23 अप्रैल     12807 (विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन): 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल     12808 (निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम): 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल मेमू और डेमू पैसेंजर      68815 (बल्लारशाह-गोंदिया मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     68816 (गोंदिया-बल्लारशाह मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78805 (गोंदिया-कटंगी डेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78806 (कटंगी-गोंदिया डेमू): 5 अप्रैल से 26 अप्रैल तक रद्द की गई ट्रेनों में कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस, शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, रायगढ़–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस और विशाखापट्टनम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है। इसके अलावा कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें भी इस अवधि में नहीं चलेंगी, जिससे दैनिक यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ ट्रेनें अपने अंतिम गंतव्य तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही समाप्त कर दी जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, गोंदिया–बल्लारशाह रूट की पैसेंजर ट्रेनें अप्रैल माह में हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी। वहीं बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक सीमित किया जाएगा, जिससे दुर्ग से आगे का सफर रद्द रहेगा। यात्रियों का कहना है कि पहले से टिकट बुक करा चुके लोगों के लिए अचानक ट्रेनों का रद्द होना असुविधाजनक है, खासकर शादी और परीक्षा सीजन को देखते हुए। हालांकि रेलवे का तर्क है कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर रेल सुविधाओं के लिए आवश्यक है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या नजदीकी स्टेशन से जरूर जांच लें। जिन यात्रियों की ट्रेन रद्द की गई है, उन्हें टिकट रिफंड या वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की सुविधा नियमों के तहत दी जाएगी। आने वाले दिनों में रेलवे द्वारा और ट्रेनों के संचालन में बदलाव की सूचना जारी की जा सकती है।