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सशक्त मोबाइल ऐप से गाड़ियों की सुरक्षा, चोरी की सूचना देने वाले पुलिस द्वारा सम्मानित होंगे

रायपुर /रायगढ़  जिले में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाई साइलेंसर एवं हैवी हार्न के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर सीएसपी मयंक मिश्रा एवं ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह द्वारा सटीक कार्ययोजना तैयार कर अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। अभियान को सफल बनाने  शाम सीएसपी मयंक मिश्रा ने स्थानीय गैरेज संचालकों की पुलिस कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के “सशक्त ऐप” के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि गैरेज में प्रतिदिन आने वाले वाहनों में चोरी के वाहन भी हो सकते हैं, जिनकी पहचान इस ऐप के माध्यम से की जा सकती है। सभी गैरेज संचालकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराया गया तथा उसके उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि चोरी वाहन की सूचना देने वाले पुलिस मित्रों को रायगढ़ पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सीएसपी ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र मॉडिफाई साइलेंसर से विद्यार्थियों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गैरेज में मॉडिफाई साइलेंसर न लगाए जाएं। यदि कोई वाहन चालक यह बताए कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई अन्यथा ऐसे वाहन चालक पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही मॉडिफाई साइलेंसर की खरीद-फरोख्त पर भी निगरानी रखे हुए है। आम नागरिकों एवं गैरेज संचालकों से अपील की गई है कि ऐसे वाहनों की सूचना *पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479193299 पर दें* तथा संभव हो तो फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करें। सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न के खिलाफ अभियान तेज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न वाले वाहनों पर अभियान चलाया जा रहा है। गैरेज संचालकों को कहा गया कि ऐसे उपकरण न लगाएं। यदि कोई वाहन चालक पकड़े जाने के बाद यह बताता है कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई एसएसपी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न लगे वाहन चालक स्वयं तत्काल ऐसे उपकरण हटवा लें। पुलिस चेकिंग में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से समझौता नहीं किया जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर पर कार्यवाही अभियान के पहले ही दिन सघन चेकिंग दौरान यातायात पुलिस ने तीन दुपहिया वाहनों को मॉडिफाई साइलेंसर के साथ पकड़ा। वाहन चालकों के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई तथा चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोहराया है कि अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोबारा उल्लंघन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी घोषणाएँ राजस्थान बजट में: सोलर पार्क, हर घर नल और युवाओं के लिए वित्तीय समर्थन

जयपुर  राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य के 2026-27 के बजट में गांव और शहर की आबादी को नल का पानी देने के लिए 6,800 करोड़ रुपये और बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मौजूदा सरकार की ओर से किए गए स्ट्रक्चरल सुधारों और समझदारी भरे फाइनेंशियल मैनेजमेंट के असर पर रोशनी डाली और कहा कि राज्य का इकोनॉमिक साइज़ काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि CM जल जीवन मिशन के तहत गांवों को कवर किया जाएगा और हर घर को नल के पानी से जोड़ा जाएगा। इस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहरों में 2,300 करोड़ रुपये की लागत से पीने का पानी दिया जाएगा। 10 लाख तक बिना ब्याज का लोन मिलेगा बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये से नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। CM सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत, 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला लोन और ग्रांट दिया जाएगा। इससे 30,000 युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा, नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान की इकॉनमी 2026-27 में 21,52,100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, और राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी 2025-26 के आखिर तक 1.67 लाख रुपये से बढ़कर 2.02 लाख रुपये हो जाएगी। दीया कुमारी ने कहा कि यह ग्रोथ फिस्कल डिसिप्लिन और पॉलिसी रिफॉर्म के जरिए इकॉनमी को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दिखाती है। 'पीएम मोदी के सिद्धांतों पर चल रहे हैं' दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, राज्य सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मुख्य सिद्धांतों को अपनाते हुए, राज्य को आर्थिक समृद्धि, टिकाऊ और समावेशी विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, "2047 तक एक विकसित राजस्थान के सपने को पूरा करने के लिए, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण और अच्छे शासन को प्राथमिकता दी है, और इस विकास यात्रा में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखा है।"

वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट यूपी विधानसभा में पेश, कुल राशि 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को 'वन ट्रिलियन डॉलर' बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का आधार बताया है, जिसमें समाज के हर वर्ग किसान, युवा, महिला और गरीब की आशाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। बजट के मुख्य आंकड़े कुल बजट आकार: ₹9,12,696 करोड़ राजस्व प्राप्तियां: ₹3,53,315 करोड़ (अनुमानित) प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (जो 2016-17 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है) बेरोजगारी दर: घटकर महज 2.24% रह गई है। दुगनी हुई प्रति व्यक्ति आय योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में राज्य की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 06 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्र से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की शानदार वृद्धि दिखाती है। 14 नए मेडिकल कॉलेज, 1,023 करोड़ का प्रावधान वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं.  रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की दिक्कतों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.  ऊर्जा क्षेत्र को 65,926 करोड़ का बजट ऊर्जा सेक्टर में सरकार ने 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है. –  दिसंबर 2025 तक औसत बिजली आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्र में 19 घंटे, तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट और जनपद मुख्यालय में 24 घंटे सप्लाई हो रही. – 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन जारी. – 2017-18 से अब तक 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन जारी. – 4,680 कृषि फीडर लक्ष्य के मुकाबले 4,048 फीडर बन चुके हैं. इन पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक बताई गई. –  1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बने. – 20,924 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 85,684 की क्षमता बढ़ाई गई. – पारेषण क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट थी, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट किया गया.  नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति को 22,676 करोड़ – नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान. – 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य. अब तक 2.43 करोड़ घरों तक नल संयोजन पहुंच चुका है. – जल जीवन मिशन के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान. – गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 74 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत. 41 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं. सड़क और सेतु के लिए 34,468 करोड़ का प्रावधान प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा बजट आवंटन किया है.  – सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था.  – नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये. – सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये. – राज्य व जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये. – राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये और निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये. – शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये. -औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ी सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये.  यूपी बनेगा IT हब वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकट भविष्य में देश का IT हब बनेगा. भाषण के दौरान उन्होंने कहा, 'सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में.'  खादी एवं ग्रामोद्योग… 16 हजार रोजगार का लक्ष्य योगी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में बड़े प्रावधान किए हैं. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है. इससे 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है. पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर के खजनी स्थित कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है. माटीकला के पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.  टेक्नोलॉजी और एआई मिशन – राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे. – नई टेक्नोलॉजी … Read more

फेक AI कंटेंट पर सख्ती: सरकार ने जारी की नई डिजिटल नियमावली

नई दिल्ली  भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही फर्ज़ी वीडियो, डीपफेक, ऑनलाइन ठगी और गलत जानकारी का खतरा भी बढ़ा है. इन्हीं समस्याओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आईटी नियमों में बड़ा बदलाव किया है. भारत सरकार ने इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी ((Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) रूल्स, 2021 में संशोधन करते हुए नए नियम नोटिफाई किए हैं, जो 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे. इन नए नियमों के तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप्स, वीडियो शेयरिंग साइट्स और एआई टूल्स को यह साफ बताना होगा कि कोई कंटेंट एआई से बना है या उसमें एआई का इस्तेमाल किया गया है. भारत सरकार का साफ कहना है कि यूजर्स को यह जानने का हक है कि वो जो भी देख या सुन रहे हैं, वह असली है या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई टेक्नोलॉजी की मदद से बनाया गया है. एआई और सिंथेटिक कंटेंट की नई परिभाषा भारत सरकार ने एआई-जनरेटेड कंटेंट और सिंथेटिक कंटेंट की परिभाषा को पहले से ज्यादा बेहतर बना दिया है. अब फोटो, वीडियो, ऑडियो, ग्राफिक्स या किसी भी डिजिटल कंटेंट को, अगर कंप्यूटर या एआई टेक्नोलॉजी से इस तरह बदला गया है कि आम यूज़र को उसमें फर्क न समझ आए, तो उसे सिंथेटिक कंटेंट माना जाएगा. इसका सीधा निशाना डीपफेक कंटेंट है, जिसमें किसी व्यक्ति की नकली वीडियो या आवाज़ बनाकर उसे गलत तरीके से पेश किया जाता है. ऐसे कंटेंट को अब गैरकानूनी जानकारी की कैटेगिरटी में रखा जाएगा. हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि सामान्य फोटो एडिटिंग, कलर करेक्शन, सबटाइटल जोड़ना, ट्रांसलेशन, पढ़ाई या एक्सेसिबिलिटी से जुड़े काम सिंथेटिक कंटेंट नहीं माने जाएंगे, जब तक कि वो लोगों को गुमराह न करें.     AI कंटेंट पर लेबलिंग होगी जरूरी: नए नियमों के मुताबिक एआई से बने या बदले गए कंटेंट पर साफ लेबल लगाना अनिवार्य होगा. वीडियो में ऑन-स्क्रीन टैग दिखेगा और ऑडियो कंटेंट की शुरुआत में यह बताया जाएगा कि यह एआई से तैयार किया गया है. इसके अलावा कंटेंट में मेटाडेटा भी जोड़ा जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि वह किस प्लेटफॉर्म या टूल से बनाया गया है.     कंटेंट हटाने की समय सीमा बेहद कम: अब किसी भी गैरकानूनी या नुकसानदेह कंटेंट को हटाने के लिए प्लेटफॉर्म्स को पहले की तरह 36 घंटे नहीं, बल्कि सिर्फ 3 घंटे का समय मिलेगा. आपातकालीन शिकायतों पर कार्रवाई का समय भी घटाकर 2 घंटे कर दिया गया है.     बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती: Facebook, Instagram, YouTube, X जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को अब पोस्ट अपलोड करते वक्त यूजर्स से यह घोषणा लेनी होगी कि कंटेंट AI से बना है या नहीं. प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी तरीकों से इस दावे की जांच भी करनी होगी और AI कंटेंट को साफ तौर पर अलग दिखाना होगा. नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.     हर तीन महीने यूजर्स को चेतावनी जरूरी: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अब हर तीन महीने में यूजर्स को यह याद दिलाना होगा कि नियम तोड़ने पर अकाउंट सस्पेंड या बंद हो सकता है. ये नोटिस अंग्रेजी या भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में दिए जा सकते हैं. गंभीर मामलों में प्लेटफॉर्म्स को पुलिस या जांच एजेंसियों को सूचना देना भी अनिवार्य होगा.     AI टूल देने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी: जो प्लेटफॉर्म एआई या डीपफेक बनाने के टूल देते हैं, उन्हें यूजर्स को साफ चेतावनी देनी होगी कि गलत इस्तेमाल करने पर जेल और कानूनी कार्रवाई हो सकती है. अगर कोई नियम तोड़ता है, तो प्लेटफॉर्म को कंटेंट हटाने, अकाउंट बंद करने, सबूत सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर जानकारी शेयर करने की जिम्मेदारी निभानी होगी. कुल मिलाकर, ये नए नियम भारत में एआई कंटेंट को लेकर अब तक की सबसे सख्त और व्यापक पहल माने जा रहे हैं, जो डिजिटल दुनिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं.

सफारी में नियमों का उल्लंघन, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने जारी किए 17 नोटिस

बांधवगढ़ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली जोन में सफारी के दौरान नियमों की अनदेखी करना 17 वाहन चालकों और गाइडों को महंगा पड़ गया। पर्यटन अधिकारी ने सभी संबंधित चालकों और गाइडों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। कार्रवाई तब हुई जब सफारी के दौरान पर्यटकों को वाहन से नीचे उतरकर मोबाइल फोन का उपयोग करते देखा गया और कई वाहनों की गति निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई।  टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लागू है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण की शांति और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद खितौली जोन में नियमों की खुली अनदेखी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, कुछ पर्यटक वाहन से उतरकर मोबाइल का उपयोग कर रहे थे, जबकि संबंधित चालक और गाइड उन्हें रोकने में असफल रहे। साथ ही जंगल क्षेत्र में तेज रफ्तार से वाहन चलाने की शिकायतें भी दर्ज की गईं। वन विभाग का कहना है कि टाइगर रिजर्व में हर नियम वन्यजीवों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। तेज रफ्तार वाहन या अनियंत्रित गतिविधियां न केवल जानवरों को परेशान करती हैं, बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ाती हैं। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करना चालक और गाइड दोनों की जिम्मेदारी है। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है उनमें राम भगत यादव, राम सहाय यादव, प्रियांजू सिंह, नरेश सिंह, प्रवीण यादव, अंशुमन शाह, उत्तम सिंह, पवन साहू, विश्वजीत सिंह, महेश सिंह, शुयष केशरी, संजय गुप्ता, विनोद यादव, सूरज यादव, संजीव यादव और कार्तिकेय सिंह जैसे वाहन चालक शामिल हैं। इनके साथ देवराज सिंह, सोमेल सिंह, विजय सिंह, अनिल साहू, नंदलाल सिंह, रामावतार यादव, निखिल सिंह, अजय सिंह, अर्जन सिंह, पुष्पांजलि साहू, अजय कुमार गुप्ता, लवकेश सिंह, बसंतलाल यादव, राम कृपाल सिंह और काशी यादव जैसे गाइडों को भी नोटिस दिया गया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक न मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बांधवगढ़ की पहचान उसके अनुशासन और संरक्षण व्यवस्था से है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

पानी नहीं, स्वच्छता है मुद्दा: इंदौर में जश्न और स्वच्छ वार्ड रैंकिंग की शुरुआत

इंदौर पूरे देश में स्वच्छता के लिए पहचाने जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत नगर निगम के लिए अब कोई मुद्दा नहीं है. यही वजह है कि नगर निगम ने भागीरथपुरा के हालातों से किनारा करते हुए अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इस बीच फिर यहां दो लोगों की मौत हो गई है. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मृत्यु का दौर जारी है. हालांकि 2 महीने बीतने के बाद भी न तो सरकार मृत्यु का कारण स्पष्ट कर पाई न ही मरने वालों की संख्या सार्वजनिक कर पाई. इस मामले में दायर जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने खुद एक सदस्य जांच आयोग गठित किया है. लेकिन इसके बावजूद सरकार भागीरथपुरा की स्थिति पर अब तक नियंत्रण नहीं कर पाई. भागीरथपुरा में दो लोगों की मौत नतीजेतन यहां बॉम्बे अस्पताल में बीते कुछ दिनों से भर्ती भागीरथपुरा निवासी 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर और 2 साल की मासूम रिया जो सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल में भर्ती थी की मौत हो गई. हालांकि नगर निगम कमिश्नर ने विगत दिनों भागीरथपुरा को लेकर दावा किया था कि वहां पानी की लाइन बदलने का काम अंतिम दौर में है वही नर्मदा के पानी की सप्लाई भी शुरू करवा दी गई है. यह बात और है कि अभी भी लोग वहां नलों से आने वाले पानी को पीने से डर रहे हैं. नगर निगम का दावा इंदौर के हालात सामान्य हालांकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से यह मान लिया है कि अब वहां के हालात पूरी तरह सामान्य है. इसलिए निगम ने अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इसे लेकर मंगलवार को आयोजित एक समारोह में इंदौर को नवमी बार स्वच्छता रैंकिंग में पहले नंबर पर लाने के लिए वार्ड बार स्वच्छता अभियान की प्लानिंग की गई है. इसके अलावा शहर को स्वच्छता अभियान को लेकर प्रेरित करने के लिए नए सिरे से स्वच्छता गान तैयार किया गया है. स्वच्छता की शपथ दिलाई गई नगर निगम की परिषद में स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने बताया कि, ''स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत स्वच्छता गीत 2025-26 की लाॅचिंग, स्वच्छ वार्ड रैकिंग लाॅचिंग की शुरुआत की गई.'' इसे लेकर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री व महापौर ने इंदौर के स्वच्छता अभियान में सहयोगी स्वच्छता चैम्पियन का सम्मान तथा 22 जोनल कार्यालय के उत्कृष्ठ सफाई मित्रों का सम्मान किया. इस अवसर पर समस्त उपस्थित जन को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए, आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की नवीन टूल किट की भी प्रेजेटेंशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई. इस दौरान कार्यक्रम मेंं मौजूद केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का कहना था, ''इंदौर स्वच्छता का महागुरु है, जिससे की अन्य शहर स्वच्छता का पाठ पढ़ते है. इंदौर स्वच्छता का चैम्पियन है, मुझे पुरी उम्मीद है कि इंदौर नवीं बार भी स्वच्छता में नंबर वन आएगा.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, ''इंदौर की स्वच्छता टीम ने इंदौर को आठ बार नंबर वन स्वच्छ शहर बनाने का गौरव हासिल किया. इसके साथ ही इंदौर जैसा बड़ा शहर अपने साथ ही देपालपुर को भी स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिये सहयोग कर रहा है.''

Bank Strike: कर्मचारियों की हड़ताल से पहले आज ही करें जरूरी बैंकिंग काम

इंदौर  केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में गुरुवार को बैंककर्मी हड़ताल पर जा रहे हैं। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन और बेफी समेत विभिन्न बैंक यूनियनों द्वारा इस हड़ताल का आह्वान किया है। सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के अलावा एलआईसी, जीआईसी जैसी बीमा क्षेत्र की यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। इस हड़ताल के कारण गुरुवार को बैंकिंग और बीमा सेवाएं प्रभावित रहेंगी। देशव्यापी इस हड़ताल में हजारों बैंककर्मी शामिल होंगे। गांधी हॉल में विशाल आम सभा मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, गुरुवार सुबह 10 बजे इंदौर के गांधी हाल स्थित अभिनव कला समाज में विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि चार श्रम संहिताओं में बदलाव किया गया है जो कर्मचारी विरोधी नीतियां हैं। हड़ताल से पहले प्रदर्शन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा संस्थानों के निजीकरण, कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पुरानी पेंशन योजना की समाप्ति और बढ़ते सेवा शुल्क से न सिर्फ कर्मचारी बल्कि आम जनता भी प्रभावित हो रही है। हड़ताल से पहले आज बुधवार 11 फरवरी को शाम सवा पांच बजे पंजाब नेशनल बैंक में प्रदर्शन होगा।

बालाघाट पुलिस का अनोखा प्रयास: 24 थानों को बदलकर बनाया ‘न्याय सेवा सदन’, गिनीज रिकॉर्ड की तैयारी

बालाघाट पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संबंधों को मजबूती देने की दिशा में बालाघाट पुलिस ने अनूठी पहल की है। ये पहल बदलाव की है, जिसमें बालाघाट के सभी 24 पुलिस थानों को नए रंग-स्वरूप में परिवर्तित किया गया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि इस पहल का यही उद्देश्य है कि चाहे वह महिला हो, युवती हो या अन्य कोई भी व्यक्ति, वह बिना डरे थाने में जाकर अपनी शिकायत कर सके। पुलिस स्टाफ उसके साथ अच्छा व्यवहार करे, थाने सुंदर और व्यवस्थित हों। फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड का बेहतर संधारण और डिजिटलाइजेशन हो। आइएसओ प्रमाणित किया गया जिले के सभी 24 थानों, छह एसडीओपी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा पुलिस लाइन बालाघाट को आइएसओ प्रमाणित किया गया है। 32 पुलिस संस्थानों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए प्रमाण पत्र खास बात है कि सभी थाने उन्नयन, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। ये अंतरराष्ट्रीय मापदंड पर तैयार किए गए हैं, जिन्हें सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आइएसओ प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। जिले के सभी थानों और एसडीओपी कार्यालयों को महज चार महीने में नए स्वरूप में तैयार किया गया है। पहले अव्यवस्था का आलम रहता था इन संस्थानों में पहले अव्यवस्था का आलम रहता था। फाइलें धूल खाती थीं। कंप्यूटर कक्ष, मुंशी कक्ष, थाना प्रभारी कक्ष, विवेचक कक्ष, मालखाना आदि में फाइल सहित अन्य सामग्री अव्यवस्थित ढंग से रखी होती थीं, लेकिन अब इन्हें व्यवस्थित किया गया है। हर कक्ष की रंगाई-पोताई के साथ फाइलों के संधारण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा प्रस्ताव बालाघाट पुलिस ने एक-साथ 32 पुलिस संस्थानों के आइएसओ प्रमाणीकरण की उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रस्ताव भेजा है। बालाघाट पुलिस ने थानों के उन्नयन के लिए पांच बिंदुओं पर काम किया है। इन्हीं बिंदुओं पर आइएसओ प्रमाणीकरण हुआ है। थानों में इन पांच बिंदुओं पर किया काम 1. सैनेटाइजेशन: थाना परिसर में गंदगी को दूर किया गया। गार्डन तैयार कर परिसर में सुंदर और स्वच्छ बनाया गया। पुलिस ने सिर्फ थानों की अस्वच्छता को दूर नहीं किया बल्कि अव्यवस्थित दस्तावेज, फाइल, पुराने रिकार्ड को व्यवस्थित किया गया। 2. डिजिटाइजेशन: पुलिस ने सभी दस्तावेजों, फाइलों को फिजिकल सुरक्षित रखने के साथ इन्हें डिजिटल रूप में भी सुरक्षित किया है। ताकि कोई दस्तावेज भौतिक रूप से गुम भी हो, तो वह डिजिटल प्लेटफार्म में उपलब्ध हो और कार्रवाई में बाधा न आए। 3. आधारभूत संरचना: फरियादी के थाने पहुंचने पर उसे रिस्पेशन डेस्क उपलब्ध कराई गई है। फरियादी के लिए डे आफिसर को तैनात किया गया है। क्योंकि हर बार थाना प्रभारी थाने में हो ये संभव नहीं होता। डे आफिसर उस शिकायत पर निश्चित समय पर कार्रवाई करेगा। 4. समीक्षा बैठक कक्ष: थाना परिसर में रोज की कार्रवाइयों की समीक्षा के लिए पृथक कक्ष तैयार किया गया है। इस कक्ष में थाना प्रभारी अपने सभी विवेचकों के साथ बैठक लेंगे। जनता के साथ शांति समिति जैसी बैठकें भी कर सकेंगे। एसपी बैठक की निगरानी करेंगे। 5. साइबर सारथी: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने प्रत्येक थाने में साइबर सारथी के रूप में सात पुलिसकर्मियों का स्टाफ होगा, जिन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये स्टाफ फंड फ्रिजिंग करेगा और लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेगा।  

सोने में तेजी, चांदी में राहत बरकरार! 10 ग्राम गोल्ड का नया भाव क्या है?

नई दिल्ली  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है. इस साल बीते 29 जनवरी को लाइफ टाइम हाई छूने के बाद अचानक दोनों कीमती धातुएं क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो गई थीं, लेकिन बुधवार को इनमें एक बार फिर से तेज उछाल देखने को मिला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सिल्वर प्राइस खुलने के साथ ही झटके में 8200 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो सोना भी महंगा हुआ है. हालांकि, अगर गोल्ड-सिल्वर हाई रेट्स से तुलना करें, तो चांदी अभी भी 1.60 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  चांदी की ये लेटेस्ट कीमत सबसे पहले बात करते हैं, सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को एमसीएक्स पर चांदी के ओपनिंग कारोबार के बारे में, तो 5 मार्च की एक्सपायरी वाला MCX Silver Price अपने पिछले कारोबारी बंद 2,52,548 रुपये की तुलना में ओपन होते ही एक झटके में 2,60,838 रुपये के लेवल पर जा पहुंचा. इस हिसाब से कैलकुलेट करें, तो 1 Kg Silver 8,290 रुपये मंहगी हो गई है.  हाई से अभी भी इतनी सस्ती चांदी भले ही चांदी की कीमत में बुधवार को तेज उछाल देखने को मिला है, लेकिन ये अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से अभी भी करीब 1.60 लाख रुपये के आसपास सस्ती मिल रही है. दरअसल, बीते 29 जनवरी को चांदी ने तूफानी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख का स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये के हाई पर पहुंच गई थी. लेकिन ये स्तर छूने के बाद से ही Silver Crash होने का सिलसिला शुरु हो गया. फिलहाल, हाई से गिरावट देखें, तो चांदी 1,59,210 रुपये प्रति किलो सस्ती है.  Gold Rate का आज का हाल  चांदी के बाद बताते हैं बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने के वायदा भाव के बारे में, तो MCX पर सोना ओपनिंग के साथ ही 1633 रुपये उछल गया. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,56,803 रुपये पर क्लोज हुआ था और ये खुलने के साथ ही उछलकर 1,58,436 रुपये पर पहुंच गया.  हाई लेवल से इतना सस्ता सोना चांदी की तरह ही सोने की कीमतों में ताजा उछाल के बावजूद ये कीमती धातु अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से सस्ती बनी हुई है. जी हां, बीते 29 जनवरी को जहां Silver Price 4 लाख रुपये के पार निकला था, तो इसके कदम से कदम मिलाकर चलते हुए Gold Rate भी 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था. इस हाई से अभी भी वायदा सोना 34,660 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता बना हुआ है.

मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार

यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप बनाएगा ट्रॉमा सेंटर मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ के गठन के निर्देश एलोपैथी एवं आयुष के समन्वय से इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना का निर्णय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ट्रॉमा सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मंगलवार को बतौर कुलाधिपति विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में बहुमूल्य समय नष्ट होता है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण तथा मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को पश्चिमी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इस इकाई के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से इंटीग्रेटिव ओपीडी, विशेष क्लीनिक, योग एवं वेलनेस इकाई स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसंपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करे। इस क्रम में विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, रोग-निवारण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रमाणिक जानकारी तथा शैक्षणिक सामग्री का प्रसारण किया जाएगा।