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हिसार में दंगल चैंपियनशिप में देशभर के पहलवान आजमाएंगे दांव-पेंच

हिसार. शहर में 23 फरवरी को देशभर के उभरते पहलवान दंगल चैंपियनशिप में अपने दांव-पेंच दिखाएंगे। उभरते पहलवानों को यह मौका भारतीय खेल प्राधिकरण और इंस्पायर इंस्टीट्यूट आफ स्पोटर्स की तरफ से दिया जा रहा है। दंगल चैंपियनशिप चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गिरी सेंटर में शहीद मदनलाल ढींगड़ा बहुद्देशीय हाल में किया जाएगा। यह कुश्ती दंगल चैंपियनशिप तीन मैट पर करवाई जाएगी। लड़कों की फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन कुश्ती के मुकाबले होंगे : इंस्पायर इंस्टीट्यूट आफ स्पोटर्स के हाई परफार्मेंस मैनेजर सत्यप्रकाश ने बताया कि पिछले साल साई के साथ मिलकर प्रदेश भर के पहलवानों के लिए दंगल करवाया था। इस बार जो दंगल चैंपियनशिप करवाई जा रही है वह देशभर के उभरते पहलवाने के लिए है। कुश्ती के लिए वजन श्रेणी सीनियर लड़कों में फ्री-स्टाइल में 57 किलोग्राम, 74 किलोग्राम और 74 से अधिक किलोग्राम के कुश्ती खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। वहीं ग्रीको रोमन में 60 किलोग्राम, 77 किलोग्राम और 77 किलोग्राम से ऊपर के कुश्ती खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। लड़कियों में 53 किलोग्राम, 62 किलोग्राम और 62 से अधिक किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा ले सकती है। पहले स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों 71 हजार से 11 हजार का इनाम देंगे।

रोज़ाना Black Coffee पीने से कैसे दूर हों सुस्ती और मोटापा?

आजकल की भागती हुई स्ट्रेसफुल लाइफ में सुबह की शुरुआत ताजगी और एनर्जी के साथ करना हर किसी की जरूरत है। कई लोग इसके लिए ब्लैक कॉफी का सहारा लेते हैं। ब्लैक कॉफी न सिर्फ आपको नींद और थकान से बाहर निकालती है बल्कि सेहत के लिए भी किसी टॉनिक से कम नहीं है। बिना दूध और चीनी के बनी यह कॉफी कैलोरी में बेहद कम और पोषक तत्वों में भरपूर होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, कैफीन, विटामिन्स और मिनरल्स शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं रोजाना एक कप ब्लैक कॉफी पीने से मिलने वाले कुछ बड़े लाभ के बारे में विस्तार से- एनर्जी लेवल को बढ़ाए ब्लैक कॉफी का सबसे पहला फायदा है एनर्जी बूस्ट। इसमें मौजूद कैफीन तुरंत दिमाग को सक्रिय करता है और थकान को मिटाकर शरीर में चुस्ती-फुर्ती भर देता है। कामकाजी लोगों और स्टूडेंट्स के लिए यह दिन की बेहतरीन शुरुआत है। वेट लॉस करने में मददगार ब्लैक कॉफी मेटाबॉलिज्म को तेज करके फैट बर्निंग में मदद करती है। यह कैलोरी में बहुत कम होती है और भूख को कुछ समय के लिए दबाकर ओवरईटिंग से बचाती है। वजन कम करने वालों के लिए यह नेचुरल सपोर्ट है। दिल की सेहत के लिए फायदेमंद रोजाना ब्लैक कॉफी का संतुलित सेवन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है। डायबिटीज के खतरे को कम करे ब्लैक कॉफी इंसुलिन की सेंसटिविटी को सुधारती है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखती है। इसके नियमित सेवन से टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम होता है। लिवर को स्वस्थ रखे ब्लैक कॉफी लिवर के लिए बेहद लाभकारी है। यह फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव करती है। लिवर की डिटॉक्स प्रक्रिया को भी यह सपोर्ट करती है। दिमाग की क्षमता बढ़ाए ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन न्यूरॉन्स को उत्तेजित करता है, जिससे मेमोरी, एकाग्रता और अलर्टनेस बढ़ती है। इसके सेवन से अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होता है। एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस ब्लैक कॉफी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है,जो शरीर को फ्री-रैडिकल्स से बचाकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है। यह एजिंग प्रोसेस को धीमा करती है और स्किन को हेल्दी ग्लो देती है। स्ट्रेस और डिप्रेशन से राहत ब्लैक कॉफी दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे "हैप्पी हार्मोन" को बढ़ाती है, जिससे मूड अच्छा होता है और स्ट्रेस व डिप्रेशन कम होता है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाए ब्लैक कॉफी पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करती है जिससे खाना आसानी से पचता है। यह कब्ज जैसी समस्या को भी कम करती है और पेट को हल्का रखती है।

गाजियाबाद में बड़ा सेक्स रैकेट पर्दाफाश, 500 लड़कियों और विदेशी महिलाओं की पहचान

गाजियाबाद गाजियाबाद के वैशाली में बुधवार को एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ जिसे महागुन सरोवर पोर्टिगो नाम के होटल से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी फरार हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल से 11 लड़कियों को बरामद किया गया, जो देश के अलग-अलग राज्यों की रहने वाली हैं। मैनेजर के फोन से 500 लड़कियों की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है, जिससे पता चलता है कि यह रैकेट कितना बड़ा है। ग्राहकों को वॉट्सऐप पर लड़कियों की तस्वीरें और रेट भेजकर जिस्म का सौदा किया जाता था। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें होटल का मैनेजर राहुल शर्मा (46) भी शामिल है, जिसे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसके अलावा वेटर सुनील सिंह (39) और अंकित चौहान (19) को गिरफ्तार किया गया है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने सूचना के आधार पर पुलिस टीमों के साथ सेक्टर तीन एफ वैशाली स्थित होटल पर छापेमारी की। पुलिस के होटल में पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने होटल के अलग अलग कमरों से देह व्यापार के लिए लाई गईं 11 युवतियों को रेस्क्यू किया। इस दौरान कुछ लोग फरार भी हो गए। चार आरोपी अब भी फरार एसीपी ने बताया कि टीम ने मौके से होटल मैनेजर राहुल शर्मा, अंकित चौहान निवासी कासिमपुर पावर हाउस थाना जवा जिला अलीगढ़ और सुनील निवासी ग्राम दभी थाना अकराबाद जिला अलीगढ़ को गिरफ्तार किया है। इस धंधे में शामिल सुमित रावत निवासी कोटद्वार उत्तराखंड , राहुल, निर्दोष और अफजल फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। निर्दोष का संबंध एक राजनीतिक दल से भी बताया जा रहा है। 21 से 31साल की लड़कियां, कई राज्यों से आईं एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोपनीय सूचना के बाद दोपहर करीब 2 बजे होटल पर छापेमारी की गई। उन्होंने कहा, 'होटल से रेस्क्यू की गईं लड़कियां 21 से 31 साल की हैं। ये गुजरात, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिसा की रहने वाली हैं।' पूछताछ के दौरान लड़कियों ने बताया कि राहुल रोजगार के नाम पर उन्हें होटल लाया था और दबाव डालकर गंदे धंधे में धकेल दिया। होटल में आती थीं विदेशी लड़कियां, ग्राहकों से लेते थे 15-20 हजार एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक महिलाओं ने पूछताछ के दौरान बताया कि ग्राहकों से 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे, जबकि उन्हें एक रात के लिए 5 हजार रुपये मिलते थे। कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि होटल में विदेशी लड़कियां भी सेक्स वर्कर्स के रूप में आती थीं। राहुल के मुताबिक वह ग्राहकों को वॉट्सऐप पर लड़कियों की तस्वीरें भेजता था, जिसके बाद वे होटल में आते थे। इसके अलावा लड़कियों को ग्राहकों के साथ दूसरे होटलो में भी भेजा जाता था। उनके लिए रूम की बुकिंग ऑनलाइन की जाती थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को मैनेजर के फोन से 500 से ज्यादा लड़कियों की तस्वीरें और 100 से ज्यादा ग्राहकों के फोन नंबर मिले हैं।

हेपेटाइटिस-बी टेस्ट में क्रांति: ऑस्ट्रेलियाई खोज से लैब जैसी सटीक जांच संभव

आस्ट्रेलिया में दुनिया के पहले ट्रायल में पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट  स्टैंडर्ड लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है, जिससे दूरदराज और सीमित संसाधनों वाली जगहों के ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच का रास्ता खुल गया है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलाजी में प्रकाशित हुआ। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह प्वॉइंट ऑफ केयर टेस्ट एक घंटे के अंदर नतीजे दे सकता है और इसे विकेंद्रीकृत क्लीनिकों में भी किया जा सकता है। टेस्ट में देरी को करेगा कम आस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के किर्बी इंस्टीट्यूट के एक बयान के अनुसार, फिंगरस्टिक टेस्ट प्रयोगशाला आधारित टेस्टिंग की वजह से होने वाली देरी को दूर करने में मदद कर सकता है। किर्बी इंस्टीट्यूट में अनुसंधान का नेतृत्व करने वाली प्रोफेसर गैल मैथ्यूज ने कहा, परिणामों ने पाया कि फिंगरस्टिक प्वाइंट आफ केयर परीक्षण अत्यधिक सटीक है, जो पारंपरिक परीक्षणों की सटीकता के करीब है। मैथ्यूज ने कहा कि यह खोज वैश्विक स्तर पर परीक्षण और उपचार की पहुंच को बढ़ाने की क्षमता रखती है, विशेष रूप क्लिनिक में फिंगर स्टिक ब्लड सैंपल का से जहां परीक्षण की पहुंच सीमित है । हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है जो लिवर पर हमला करता है । ग्लोबल डाटा के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 25 करोड़ 40 लाख लोग इससे पीड़ित हैं और हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। हालांकि वैक्सीन से इसे रोका जा सकता है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, क्रानिक हेपेटाइटिस बी से पीड़ित लोगों में से सिर्फ आठ प्रतिशत को ही इलाज मिल पाता है। अभी हेपेटाइटिस बी डीएन टेस्टिंग, निदान और निगरानी दोनों के लिए, एक केंद्रीय प्रयोगशाला में प्रोसेस करने के लिए वीनस ब्लड सैंपल इकट्ठा करने की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि टेस्ट के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है और फिर अक्सर रिजल्ट के लिए कई दिनों या हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। यह देरी इलाज और देखभाल में रुकावट डाल सकती हैं। 60 मिनट के अंदर रिजल्ट   इसकी तुलना में नया प्वाइंट आफ केयर टेस्ट छोटे हेल्थ इस्तेमाल करके किया जा सकता है, जिसे ज्यादा हेल्थ केयर वर्कर कर सकते हैं और 60 मिनट के अंदर रिजल्ट मिल जाता है। यह कई संक्रामक रोगों जिसमें हेपेटाइटिस सी भी शामिल है, के लिए लैब टेस्ट का एक प्रभावी विकल्प है। नया परीक्षण डब्ल्यूएचओ के 2030 तक हेपेटाइटिस बी को स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वैश्विक प्रयासों का समर्थन कर सकता है।  

सिरसा आर्केस्ट्रा आर्टिस्ट ने रात में जमकर पी शराब फिर बॉयफ्रेंड ने गला दबाकर मार डाला

सिरसा. आर्केस्ट्रा कलाकार सिमरन और उसके प्रेमी सुनील की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को कुछ कॉल डिटेल मिली है। एक कॉल में सुनील, सिमरन को बर्बाद करने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने सिमरन के मोबाइल का पासवर्ड उसके 11 वर्षीय बेटे से लेकर उसे खुलवाया। जिसके बाद इसका खुलासा हुआ। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि सोमवार की रात को सिमरन अपने बेटे के साथ मूवी देखकर आई थी। इसके बाद वह कमरे में आई। उसने शराब का सेवन किया था। रात 12 बजे जब सुनील आया तो वह भी नशे में था। दोनों ने फिर से शराब पी। अधिक शराब पीने के कारण उन्होंने कमरे में उल्टियां भी की। सिमरन के अन्य युवक के संपर्क में आने के कारण उनमें झगड़ा हुआ। आशंका जताई जा रही है कि झगड़ा होने के बाद सुनील ने उसका गला दबाकर हत्या की। जिसके बाद उसने खुद भी कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। गंजा था सुनील, पहनता था विग शहर के कंगनपुर रोड पर एडवोकेट रजनीश बांसल के मकान में सुसाइड करने वाला जींद निवासी सुनील गंजा था। वह अपने गंजेपन को छुपाने के लिए वह विग का इस्तेमाल करता था। वह शराब का आदी था। सुनील के विग पहनने का खुलासा उस समय हुआ, जब बुधवार को नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया। तीन सदस्यीय चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हुई। पोस्टमार्टम के दौरान सिमरन के गले पर हाथ से दबाने के निशान मिलने से मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है। हालांकि चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि मौत का अंतिम कारण विसरा रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक जांच आने के बाद ही तय हो सकेगा। मृतका सिमरन के शव का पोस्टमार्टम फोरेंसिक एक्सपर्ट डा. रामकिशन दहिया, डॉ. शहबाज तथा गायनी विशेषज्ञ डा. सुषमा बिश्नोई की टीम ने किया। वहीं सुनील के शव का पोस्टमार्टम डॉ. रामकिशन दहिया, डॉ. शहबाज और डॉ. अनिल द्वारा किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। घटनास्थल से मिला नोट, पुलिस नहीं कर रही पुष्टि सूत्रों के अनुसार सीन ऑफ क्राइम टीम को घटनास्थल की जांच के दौरान एक नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें दोनों की मौत के लिए एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया गया है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि नोट की लिखावट, भाषा और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। मंगलवार सुबह कमरे में मिले थे शव गौरतलब है कि मंगलवार सुबह सिरसा के कंगनपुर रोड स्थित फौजी चौक के पास एडवोकेट रजनीश बांसल के मकान के एक कमरे में सिमरन और सुनील के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिले थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और जांच के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया था। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों शव स्वजन के हवाले कर दिए, जिसके बाद वे शवों को लेकर अपने-अपने गांव के लिए रवाना हो गए। शहर थाना प्रभारी संदीप कुमार का कहना है कि धारा 174 के तहत कारवाई की गई। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से की मुलाकात

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

इंतजार खत्म, भारत ने किया बड़ा रक्षा सौदा पक्का: 114 राफेल और 6 P8I विमान शामिल

नई दिल्ली भारत की ताकत में और इजाफा होने जा रहा है. इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में राफेल जेट की संख्या बढ़ने जा रही है. जी हां, जिसका इंतजार था, वह घड़ी आ गई है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की एक बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इतना ही नहीं, अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद की बैठक में यह फैसला हुआ. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से ठीक पहले यह फैसला आया है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे. रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद ने फाइटर जेट राफेल की खरीद को आज यानी गुरुवार को मंजूरी दी. इतना ही नहीं, भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I विमानों की खरीद को भी मंज़ूरी मिली है.  राफेल डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की है, जो भारत की अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदे बन जाएगा. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसके बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से भी मंजूरी लेनी होगी. एयरफोर्स के लिए बेहद अहम है यह डील यह डील इंडियन एयर फोर्स के बेड़े में फाइटर जेट्स की कमी को दूर करने के लिए बहुत जरूरी थी. अभी भारतीय वायुसेना के पास सिर्फ 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 की है. पुराने एयरक्राफ्ट रिटायर हो रहे हैं, इसलिए नए और आधुनिक फाइटर जेट्स की जरूरत थी. राफेल जेट्स फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन से लिए जाएंगे.  इनमें से 18 जेट्स तैयार हालत में (फ्लाई-अवे कंडीशन) आएंगे, जबकि बाकी 96 भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बूस्ट मिलेगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी. अब जानते हैं कि राफेल जेट्स की खासियत क्या है? राफेल मल्टी-रोल फाइटर हैं. यानी हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री हमलों में इस्तेमाल हो सकते हैं. पाकिस्तान इसकी ताकत देख चुका है. राफेल फाइटर जेट्स पहले ही ऑपरेशन सिंदूर में अपना दमखम दिखा चुके हैं. वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा है कि राफेल जैसे नए जेट्स से एयर फोर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. ये जेट्स लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं, तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों से लैस हैं. इससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से खतरे का मुकाबला करना आसान होगा. पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट अब बात पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट की. ये 6 अतिरिक्त एयरक्राफ्ट इंडियन नेवी के लिए हैं. पी-8आई बोइंग कंपनी का बनाया हुआ है और समुद्री निगरानी के लिए इस्तेमाल होता है. ये दुश्मन की सबमरीन, जहाजों और एयरक्राफ्ट को दूर से ही पकड़ सकता है. भारत के पास पहले से 12 पी-8आई हैं, और ये नए 6 और ताकत बढ़ाएंगे. समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर हिंद महासागर में जहां चीन की गतिविधियां बढ़ रही हैं. यह डील क्यों इतनी बड़ी है? फ्रांस से गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील है, इसलिए पारदर्शिता ज्यादा है. पहले 36 राफेल की डील में भी ऐसा ही हुआ था, जो 2016 में साइन हुई. अब 114 की डील से IAF की स्क्वाड्रन संख्या बढ़कर 35-36 के करीब पहुंच जाएगी. राफेल डील की खास बातें     इस डील के अनुसार, भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इनमें से कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा. इस डील में आधुनिक तकनीक भारत को देने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है.     भारतीय वायुसेना के के बेड़े में पहले से ही दो स्क्वाड्रनों में 36 राफेल विमान शामिल हैं, जिनमें से ‘सी’ वेरिएंट की अंतिम डिलीवरी दिसंबर 2024 में हुई थी.     राफेल विमानों का इस्तेमाल भारत ने पिछले साल मई में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में किया था, जिसमें पाकिस्तान के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे.     राफेल विमानों का इस्तेमाल स्कैल्प (एससीएएलपी) मिसाइल को लॉन्च करने के लिए किया गया था, जो 250 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक बहुत सटीक हमला कर सकती है. इसके अलावा यह मेटियोर हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हैमर हथियार, स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और आधुनिक रडार से भी लैस है.     पिछले साल जून में भारत और फ्रांस ने डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के बीच चार बड़े समझौतों की घोषणा की थी, जिससे भारत को राफेल विमानों की डिलीवरी तेजी से मिलने में मदद मिलेगी.  

प्रदेश में ससम्मान गाया जाएगा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऐलान

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है। 

राशि के हिसाब से शिव पूजन: महाशिवरात्रि पर क्या चढ़ाएं कि मिले भोलेनाथ का आशीर्वाद

महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव भक्तों के लिए सबसे बड़ा दिन होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था.शास्त्रों के अनुसार, यदि इस दिन भक्त अपनी राशि के अनुसार भोलेनाथ का पूजन और अभिषेक करें, तो उनकी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर अपनी राशि के अनुसार आपको किन चीजों से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए. महाशिवरात्रि पर राशि अनुसार क्या चढ़ाएं मेष राशि मेष राशि के जातकों को भगवान शिव को लाल चंदन, शहद और गुड़ अर्पित करना चाहिए. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलती है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों को शिवलिंग पर कच्चा दूध, दही और सफेद फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है. इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातक भगवान शिव को दूर्वा, हरी इलायची और बेलपत्र अर्पित करें. इससे बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है. कर्क राशि कर्क राशि वालों को शिवलिंग पर दूध, चावल और सफेद मिठाई चढ़ानी चाहिए. इससे मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों को भगवान शिव को गुड़, गेहूं और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. इससे सम्मान और पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है. कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को शिवलिंग पर शहद, घी और हरे फल चढ़ाने चाहिए. इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में स्थिरता आती है. तुला राशि तुला राशि के जातकों को भगवान शिव को इत्र, सफेद फूल और मिश्री अर्पित करनी चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और रिश्ते मजबूत होते हैं. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों को शिवलिंग पर जल, शहद और लाल चंदन चढ़ाना लाभकारी माना जाता है. इससे साहस और ऊर्जा में वृद्धि होती है. धनु राशि धनु राशि के जातकों को भगवान शिव को हल्दी, पीले फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करने चाहिए. इससे भाग्य मजबूत होता है और बाधाएं दूर होती हैं. मकर राशि मकर राशि के लोगों को शिवलिंग पर काले तिल, जल और नीले फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है. इससे कार्यक्षेत्र में सफलता और शनि दोष से राहत मिलती है. कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों को भगवान शिव को नीले फूल, काले तिल और दूध अर्पित करना चाहिए. इससे जीवन में स्थिरता और तरक्की के योग बनते हैं. मीन राशि मीन राशि वालों को शिवलिंग पर केसर मिला दूध, पीले फूल और चंदन अर्पित करना चाहिए. इससे आध्यात्मिक उन्नति और मन की शांति मिलती है. महाशिवरात्रि पूजा का विशेष महत्व धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से सभी प्रकार के दोष दूर होते हैं. इस दिन व्रत रखने, रुद्राभिषेक करने और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष फल मिलता है. इसके अलावा रात्रि जागरण और शिव पुराण का पाठ करना भी बेहद शुभ माना जाता है. ऐसा करने से भगवान शिव भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

शौकत अली ने दिया आपत्तिजनक बयान, हिंदू समुदाय को लेकर कहा 14 बच्चे पैदा करें

मुजफ्फरनगर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली मुजफ्फरनगर पहुंचे, जहां उन्होंने दो नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर कहा कि देश की आबादी बढ़ने से राष्ट्र मजबूत होता है. शौकत अली ने हिंदू संगठनों के चार बच्चे पैदा करने वाले बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि हिंदू भाइयों को 4 नहीं बल्कि 14 बच्चे पैदा करने चाहिए. उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि चीन अपनी विशाल आबादी के कारण ही हमसे अधिक मजबूत है, इसलिए भारत को भी अपनी जनसंख्या बढ़ानी चाहिए. बाबरी मस्जिद और नामकरण पर तीखे तेवर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम से हो रहे निर्माण पर शौकत अली ने कहा कि संविधान किसी भी नाम से धार्मिक स्थल बनाने की अनुमति देता है. उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई अपने बेटे का नाम बाबर रखकर काम शुरू करे, तो क्या उसे लाइसेंस नहीं मिलेगा? शौकत ने आरोप लगाया कि देश में दाढ़ी, टोपी और गोश्त के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं. उनके अनुसार, यदि सरकार को जनसंख्या से आपत्ति है, तो वह 'हम दो हमारे दो' का कानून लेकर आए. चुनावों और बजट पर भी रखी अपनी बात शौकत अली ने आगामी जिला पंचायत और विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों का जिक्र किया. उन्होंने स्वीकार किया कि 2022 के चुनाव में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, इसलिए अब संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है. बजट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें आम जनता के लिए राहत की उम्मीद बेहद कम है. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान परिस्थितियों में मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा है, जिसे लेकर उनकी पार्टी आवाज उठाती रहेगी.