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धीमी पारी से बना रिकॉर्ड: T20 WC में सबसे सुस्त अर्धशतक जड़ने वालों में नदीम, सूर्या भी शामिल

नई दिल्ली श्रीलंका ने गुरुवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप बी मैच में ओमान को 105 रनों से धूल चटाई। पल्लेकेले स्टेडियम में 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओमान की टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 120 रन ही बना सकी। ओमान के लिए मोहम्मद नदीम ने संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली और इतिहास रचा। उन्होंने 56 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाए। उनके बल्ले से तीन चौके और एक छक्का निकला। वह टी20 वर्ल्ड कप में 50 प्लस रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 43 साल 161 दिन की उम्र में ऐसा किया। नदीम ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज सनथ जयसूर्या (39 साल और 345 दिन, 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ) का रिकॉर्ड तोड़ा। नदीम ने साथ ही एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। वह टी20 वर्ल्ड कप में संयुक्त रूप से सबसे धीमी फिफ्टी लगाने वाले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने श्रीलंका के सामने 52 गेंदों में फिफ्टी कंप्लीट की। पाकिस्तान के विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान ने 2024 में आयोजित टूर्नामेंट में कनाडा के खिलाफ 52 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज डेविड मिलर ने पिछले टी20 वर्ल्ड कप में 50 गेंदों में नीदरलैंड के विरुद्ध अर्धशतक जमाया था। लिस्ट में सूर्यकुमार यादव भी शामिल हैं। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अमेरिका के खिलाफ 49 गेंदों में पचासा पूरा किया था। वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर डेवोन स्मिथ और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेविड हसी ने भी 49 गेंदों में अर्धशतक जमाया। T20 वर्ल्ड कप में सबसे धीमी फिफ्टी 52 – मोहम्मद रिजवान (पाकिस्तान) बनाम कनाडा, न्यूयॉर्क, 2024 52 – मोहम्मद नदीम (ओमान) बनाम श्रीलंका, पल्लेकेले, 2026* 50 – डेविड मिलर (साउथ अफ्रीका) बनाम नीदरलैंड, न्यूयॉर्क, 2024 49 – डेवोन स्मिथ (वेस्टइंडीज) बनाम बांग्लादेश, जोबर्ग, 2007 49 – डेविड हसी (ऑस्ट्रेलिया) बनाम इंग्लैंड, ब्रिजटाउन, 2010 49 – सूर्यकुमार यादव (भारत) बनाम अमेरिका, न्यूयॉर्क, 2024 कप्तान दासुन शनाका सहित तीन बल्लेबाजों के अर्धशतक और बाद में धारदार गेंदबाजी की मदद से श्रीलंका ने ओमान को 105 रन से करारी शिकस्त देकर सुपर आठ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत किया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद पांच विकेट पर 225 रन का मजबूत स्कोर बनाया। ओमान के बल्लेबाजों के पास श्रीलंका के तेज और स्पिन आक्रमण का कोई जवाब नहीं था। यह श्रीलंका की टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत है जबकि ओमान को इस फॉर्मेट में अपनी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका की लगातार दूसरी जीत से चार अंक लेकर ग्रुप बी में शीर्ष पर पहुंच गया है। ओमान को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।

अमेरिकी खेल बिगड़ा, ट्रंप की रणनीति भारत की सख्त नीति के सामने फेल

 नई दिल्ली भारत और अमेरिका में ट्रेड डील (India-US Trade Deal) का ऐलान हो चुका है. इसका फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और फैक्टशीट रिलीज होने के बाद इसमें अमेरिका की ओर से चुपचाप बड़ा बदलाव भी किया गया है. ये चेंज दालों (Pulses) से जुड़ा हुआ है. जी हां, भारत के साथ ट्रेड डील में अमेरिका की दाल नहीं गल पाई और भारत की रेड लाइन ने डोनाल्ड ट्रंप का पूरा खेल ही बिगाड़ दिया. आइए जानते हैं कैसे मोदी सरकार के किसानों के हित में अपना रुख अडिग रखने को साफ असर इस व्यापार समझौते में देखने को मिला है?  एग्री प्रोडक्ट पर ट्रंप की नहीं चली  सबसे पहले बात करते हैं 'दाल' को लेकर भारत की रणनीति के कामयाब होने के बारे में, तो बता दें कि बीते दिनों Donald Trump ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए थे. इसके बाद दोनों देशों ने डील का फ्रेमवर्क और फैक्टशीट जारी कर दी थी. लेकिन नया मोड़ तब आया, जब अमेरिका ने इस India-US Trade Deal Factsheet में अचानक बदलाव कर दिया, जो खासतौर पर भारत के लिए राहत भरा है. दरअसल, व्हाइट हाउस ने अमेरिकी टैरिफ लिस्ट में भारतीय दालों का जिक्र ही हटा दिया. यानी इस डील में Pulses शामिल नहीं की गईं.  India-US Trade Deal की संशोधित फैक्टशीट को देखें, डील के तहत भारत द्वारा 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों की खरीदारी की शर्त को प्रतिबद्धता (Committed) के बजाय अब इरादा या योजना में तब्दील कर दिया गया है. मतलब ये बाध्यकारी नहीं है. वहीं US White House की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, डील के तहत लागू प्रोडक्ट कैटेगरी की लिस्ट से कृषि शब्द को हटाया गया है. कुछ वस्तुओं, जिनमें दालें भी शामिल हैं, उन्हें Tariff Cut सूची से दूर कर दिया गया है. भारत ने पहले ही खींच दी थी Red Line गौरतलब है कि भारत ने अबतक जिन भी देशों से व्यापार समझौते किए हैं, उनमें भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर को दूर रखा है. देश के किसानों के हित के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता न करने के लिए भारत ने पहले ही रेड लाइन (Red Line) खींच रखी थी. बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील लंबे समय तक अटकी रहने के पीछे ये भी एक अहम कारण रहा था, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी एग्री-डेयरी प्रोडक्ट के लिए भारतीय बाजार में Tariff Free एंट्री पर अड़े हुए थे, जबकि भारत अपने रुख पर सख्ती से कायम रहा. अब इसका असर भी देखने को मिला है.  एग्री-डेयरी क्षेत्र को लेकर कैसा रहा भारत का रुख? गौरतलब है कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत शुरू होने से लेकर इसके फाइनल होने तक भारत का Agri-Dairy Sector को लेकर रुख साफ रहा है. जब अमेरिका ने अपने ऐसे प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में एंट्री दिलाने के लिए दबाव बढ़ाया था, तो बीते साल जुलाई महीने में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो-टूक कह दिया था. भारत किसी दबाव में नहीं आएगा और अपने मूल हितों खासतौर पर किसानों के हित से समझौता कतई नहीं करेगा. उन्होंने कहा था कि 'Nation First हमारा मूल मंत्र है और किसी भी तरह की कोई बातचीत दबाव में नहीं होगी. भारतीय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही बातचीत की जाएगी. अब India-US Trade Deal का ऐलान होने के बाद भी उन्होंने साफ किया है कि इस समझौते से भारत के किसानों और उनकी खेती को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा. इसमें कोई भी ऐसा उत्पाद शामिल नहीं है, जो भारतीय किसानों की आजीविका या देश की कृषि को प्रभावित कर सके. पीयूष गोयल ने भी बताया क्या-क्या डील से बाहर?  शिवराज सिंह चौहान के अलावा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्रेड डील के ऐलान और फ्रेमवर्क जारी होने के बाद कहा था कि यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है.  सबसे बड़ा उत्पादक, आयातक भी भारत सिर्फ दालों के लिहाज से देखें, तो भारत विश्व में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और आयातक है और लगातार इस सेक्टर में आत्मनिर्भरता पर जोर देता रहा है. बीते कुछ वित्तीय वर्षों में उत्पादन के आंकड़े देखें, तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में दाल उत्पादन  2022–23 में 26 मिलियन टन के करीब, 2023–24 में लगभग 24 मिलियन टन और 2024–25 में 25–27 मिलियन टन के बीच रहा है.  मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं. वहीं भारत कई देशों में दाल का निर्यात भी करता रहा है. इनमें बांग्लादेश, नेपाल, UAE, श्रीलंका, अमेरिका और कनाडा सबसे ऊपर रहे हैं. आयात की बात करें, तो 2024-25 में रिकॉर्ड 73 लाख टन दालों का इंपोर्ट किया गया था, जो घरेलू खपत का करीब 15% से अधिक था.   

इटली रिपोर्ट: एअर इंडिया 171 के पायलट की गलती नहीं, जानबूझकर किया गया फ्यूल बंद

नई दिल्ली अहमदाबाद में एअर इंडिया फ़्लाइट क्रैश की जांच कर रहे इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह हादसा किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं हुआ था, बल्कि यह एक 'जानबूझकर की गई हरकत' का नतीजा था. इटैलियन डेली अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई ताज़ा बातचीत से वाकिफ़ दो सोर्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया. हालांकि, DGCA की ऑफिशियल रिपोर्ट जारी होने से पहले कुछ भी नतीजा निकालना जल्दबाज़ी होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि 12 जून, 2025 को इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद हुआ क्रैश किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई एक्टिविटी की वजह से हुआ था. अधिकारी अब अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट का ड्राफ़्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं. अख़बार ने आगे कहा कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को 'एक बड़ी कामयाबी' बताया है. इटली के एक अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी रिपोर्ट में कह सकते हैं कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 एक पायलट के ऐक्शन के कारण क्रैश हो गई थी। अखबार ने पश्चिमी एविएशन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट में बता सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग जानबूझकर’ विमान के फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। पायलट ने ‘जानबूझ’ कर बंद किए फ्यूल स्विच इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने अपनी रिपोर्ट में पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा कि जांचकर्ता अपनी फाइनल रिपोर्ट में ऐसा कह सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग पक्का' ‘जानबूझ कर’ फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। ये नतीजे कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की जांच के साथ इस बात पर भी आधारित हैं कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। 260 लोगों की हुई थी मौत दावे पर भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का रिएक्शन नहीं मिल सका है। बता दें कि 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट 171) अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। हादसे में 260 लोग मारे गए थे। एयरक्राफ्ट दोनों इंजनों से थ्रस्ट खत्म होने के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल छात्रों के एक हॉस्टल पर गिर गया था। पायलट एसोसिएशन ने की निंदा हालांकि यह साफ नहीं है कि फाइनल रिपोर्ट में इसका जिक्र होगा कि स्विच जानबूझकर कैसे बंद किए गए थे? या यह भी कि साफ तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध एयरक्राफ्ट कमांडर सुमीत सभरवाल हैं। हालांकि इंडियन पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इस दावे की निंदा की है। उनका कहना है कि यह हादसे के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने की एक सोची-समझी कोशिश है। हादसे में विमान निर्माता, एयरलाइन समेत अन्य फैक्टर की बारीकी से जांच की जानी चाहिए। जांच में केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के भारतीय जांचकर्ता वाशिंगटन गए थे। उन्होंने वहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में विमान के ब्लैक बॉक्स के डेटा का फिर से एनालिसिस किया था। इसमें खास तौर पर केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस किया गया था। ऑडियो एनालिसिस से यह साफ हो गया था कि किस पायलट ने जानलेवा ऐक्शन लिया। अमेरिकी एक्सपर्ट्स को नहीं मिली तकनीकी खामी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग 787 के सिम्युलेटर टेस्ट करने वाले अमेरिकी एक्सपर्ट्स को कभी ऐसा कुछ नहीं मिला जिसमें दोनों इंजन किसी खराबी की वजह से बंद हो गए हों। हादसे के पीछे इंसानी दखल (जानबूझकर या गलती) ही एकमात्र वजह थी। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आधार पर पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों के आकलन में सभरवाल की ओर इशारा किया गया। यही नहीं इंजन एक के बाद एक बंद हुए। पहले बायां जहां कैप्टन बैठते हैं इसके बाद दायां इंजन… शुरुआती रिपोर्ट में भी फ्यूल स्विच का जिक्र सनद रहे हादसे के एक महीने बाद जारी शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि फ्यूल स्विच को 'रन' से ‘कटऑफ’ पर ले जाने के बाद इंजन लगभग एक साथ बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट यह पूछते हुए रिकॉर्ड हुआ कि आपने इंजन क्यों बंद किए? इस पर दूसरे ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया था कि किस पायलट ने इनमें से कौन सी बात कही थी।

Zendaya बनने वाली हैं बिना शादी मां? टॉम हॉलैंड से शादी से पहले प्रेग्नेंसी की चर्चाएं तेज

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड के गलियारे से एक दिलचस्‍प अफवाह सामने आई है। एक तरफ जहां जेंडया और टॉम हॉलैंड की शादी की अटकलें चल रही हैं, वहीं सोशल मीडिया पर शोर मचा हुआ है कि यह कपल जल्‍द पैरेंट्स बनने वाले हैं। इस नई अफवाह में दावा किया जा रहा है कि 'ड्यून' फेम जेंडया अपने मंगेतर के पहले बच्चे की मां बनने वाली हैं। यह चर्चा तब शुरू हुई जब, एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि जेंडया प्रेग्नेंट हैं। हालांकि, अभी तक इन दावों की पुष्‍ट‍ि नहीं हुई है। इसलिए इस पर शक गहरा रहा है कि यह झूठा दावा है। जेंडया और टॉम हॉलैंड को हाल ही स्‍पॉट किया गया। वायरल तस्‍वीरों को देखकर ही एक्‍ट्रेस की प्रेग्‍नेंसी की अटकलों ने जोर पकड़ा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ऐसी अफवाह उड़ी है। इससे पहले जब ऐसा हुआ था, तब जेंडया की मां, क्लेयर स्टॉर्मर ने इन दावों को सख्ती से खारिज कर दिया था और लोगों से बेहतर सोर्स पर भरोसा करने की अपील की थी। जेंडया के लूज-फिट कपड़ों को देखकर उड़ी अफवाह बहरहाल, इस बीच कई फैंस और ऑनलाइन कमेंटेटर्स का कहना है कि एक्‍ट्रेस जिस तरह बड़े साइज के कपड़े पहन रही हैं, यह सर्दियों में कई लेयर्स में पहने जाने वाले कपड़ों से अलग है। जेंडया और टॉम हॉलैंड आधिकारिक तौर पर सगाई कर चुके हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वे शादी को लेकर कोई जल्‍दबाजी नहीं करना चाहते हैं। इसकी वजह दोनों का बिजी वर्क शेड्यूल है। जेंडया की आने वाली फिल्‍में वर्क फ्रंट की बात करें तो जेंडया अब अपनी आने वाली रोमांटिक कॉमेडी फिल्म, 'द ड्रामा' में रॉबर्ट पैटिनसन के साथ नजर आने वाली हैं। इसके अलावा वह 'यूफोरिया सीजन 3', 'ड्यून: पार्ट 3', 'द ओडिसी', और 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में दिखने वाली हैं। जेंडया और टॉम हॉलैंड की लव स्‍टोरी और सगाई 'ड्यून' फेम जेंडया और 'स्‍पाइडर-मैन' फेम टॉम हॉलैंड की लव स्‍टोरी की शुरुआत साल 2016 में हुई। दोनों 'स्पाइडर-मैन: होमकमिंग' के सेट पर मिले थे। जहां उनके बीच दोस्ती बढ़ी और फिर प्‍यार हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 2024 के आखिर में छुट्टियों के आसपास सगाई कर ली है। मार्वल फ्रैंचाइजी में कई साल तक साथ काम करने के दौरान उनका रोमांस परवान चढ़ा, और 2021 से दोनों ऑफिश‍ियली पार्टनर बन गए हैं। कार में एक-दूसरे को चूमते नजर आए थे जेंडया और टॉम हॉलैंड साल 2021 की जुलाई में, पैपराजी ने दोनों को एक कार में एक-दूसरे को चूमते हुए कैमरे में कैद किया था। इसके बाद से ही दोनों का रोमांस पब्लिक हुआ। साल 2024 के आख‍िर में सगाई की खबरों को तब और हवा मिली, जब 2025 गोल्डन ग्लोब्स में जेंडया रिंग फिगर में एक अंगूठी पहने नजर आईं।

बालों के झड़ने से राहत, घर पर बनाएं प्याज का तेल

आजकल के प्रदूषण, खराब लाइफस्टाइल और केमिकल प्रोडक्ट्स के ज्यादा इस्तेमाल के कारण बाल झड़ना एक आम समस्या बन गई है। इसके लिए बाजार में कई तरह के महंगे तेल और ट्रीटमेंट्स उपलब्ध हैं, लेकिन जो बात प्राकृतिक नुस्खों में है, वह कहीं और नहीं। बालों की मजबूती और उन्हें दोबारा उगाने के लिए प्याज का रस सदियों भारतीय घरों में इस्तेमाल होता आया है। प्याज में भरपूर मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जो बालों को टूटने से बचाता है और उन्हें जड़ों से पोषण देता है। अगर आप भी हेयर फॉल से परेशान हैं, तो प्याज के रस से हेयर ऑयल बना सकते हैं। आइए जानें कैसे। प्याज के तेल के फायदे     सल्फर से भरपूर- सल्फर को बालों का बिल्डिंग ब्लॉक माना जाता है, जो केराटिन प्रोडक्शन में मदद करता है।     एंटी-बैक्टीरियल गुण- यह स्कैल्प के इन्फेक्शन और डैंड्रफ को दूर रखता है।     ब्लड सर्कुलेशन- यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे नए बाल उगने में मदद मिलती है।     बाल सफेद होने से बचाव- प्याज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकते हैं। घर पर प्याज का तेल बनाने की विधि सामग्री-     प्याज- 2-3 बड़े आकार के (लाल प्याज सबसे बेहतर होते हैं)     नारियल का तेल- 200 मिली     कढ़ी पत्ता- एक मुट्ठी     मेथी दाना- एक चम्मच बनाने का तरीका     सबसे पहले प्याज को छीलकर टुकड़ों में काट लें और मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें। आप चाहें तो इसमें बिना पानी डाले प्याज का रस भी छानकर निकाल सकते हैं।     अब एक भारी तले वाली कड़ाही लें और इसमें नारियल का तेल डालें और मध्यम आंच पर गरम करें।     जब तेल गरम हो जाए, तब इसमें प्याज का पेस्ट, कढ़ी पत्ता और मेथी दाना डालें। आंच को बिल्कुल धीमा रखें।     इसे धीरे-धीरे तब तक चलाएं जब तक प्याज का पेस्ट गहरा भूरा न हो जाए। ध्यान रहे कि प्याज जलना नहीं चाहिए, बस उसका अर्क तेल में उतरना चाहिए। इसमें करीब 15-20 मिनट लग सकते हैं।     जब तेल ठंडा हो जाए, तो इसे एक सूती कपड़े से छान लें। अब इस तेल को एक कांच की बोतल में भर कर रख लें। इस्तेमाल का तरीका     उंगलियों के टिप्स से तेल को स्कैल्प पर धीरे-धीरे लगाएं। कम से कम 10-15 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मालिश करें।     तेल को कम से कम 1 घंटा बालों में लगा रहने दें।     किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैम्पू से बालों को धो लें। प्याज की महक हटाने के लिए आप नींबू के रस वाले पानी से भी बाल धो सकते हैं।  

पुरानी मस्जिद हटाने का विवाद: कृषि भवन में नए टेंडर ने बढ़ाई वक्फ बोर्ड की चिंता

नई दिल्ली सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत नई दिल्ली के कृषि भवन परिसर में स्थित 100 साल से अधिक पुरानी 'कदीमी मस्जिद' के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिल्ली वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज करने और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा हाल ही में जारी टेंडर के बाद मस्जिद को हटाए जाने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने पूर्व में मस्जिद को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया था। 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि बोर्ड तब दोबारा कोर्ट आ सकता है जब उसे सेंट्रल विस्टा परियोजना में अपनी संपत्ति पर खतरा महसूस हो। याचिका में कृषि भवन की मस्जिद सहित छह धार्मिक स्थलों को सुरक्षा देने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान 1 दिसंबर 2021 को सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया था कि उन धार्मिक स्थलों के साथ कुछ नहीं हो रहा है और सरकार अभी वहां तक नहीं पहुंची है। लेकिन, अब स्थिति बदलती दिख रही है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 19 जनवरी 2026 को CPWD द्वारा कृषि भवन और शास्त्री भवन के पुनर्विकास के लिए जारी किए गए टेंडर दस्तावेजों में, मस्जिद को हटाए जाने वाली संरचनाओं की सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया है। इसके बावजूद, टेंडर के साथ संलग्न विस्तृत ड्रॉइंग्स में मस्जिद को नए प्रस्तावित भवन के नक्शे में उसके मूल स्थान पर नहीं दिखाया गया है। वक्फ बोर्ड और इमाम का पक्ष कदीमी मस्जिद कृषि भवन के खुले प्रांगण में स्थित है। यह मुख्य रूप से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों द्वारा नमाज अदा करने के लिए उपयोग की जाती है। हालांकि यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के तहत एक संरक्षित स्मारक नहीं है, लेकिन यह 1970 के दिल्ली प्रशासन के राजपत्र में प्रकाशित वक्फ संपत्तियों की सूची में दर्ज है। वक्फ बोर्ड ने अदालत को बताया था कि यह मस्जिद सरकारी इमारत से भी पुरानी है। बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्ला खान ने कहा, "सरकार ने अदालत में कहा था कि मस्जिदों को प्रभावित नहीं किया जाएगा। अगर अब वे इसे ध्वस्त करने जा रहे हैं, तो यह गलत है।" CPWD ने कृषि भवन और शास्त्री भवन के स्थान पर 'कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट' (CCS) की इमारतों 4 और 5 के निर्माण के लिए 19 जनवरी को टेंडर जारी किया था। इस टेंडर में बोली लगाने की अंतिम तिथि 13 फरवरी है। CCS 4 और 5 परियोजनाओं की अनुमानित लागत 3,006.07 करोड़ रुपये है और इसे 24 महीने में पूरा किया जाना है। इसके साथ ही, सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत उपराष्ट्रपति के पूर्व आधिकारिक निवास परिसर में स्थित एक मस्जिद और एक मंदिर को पहले ही हटाया जा चुका है।

पप्पू यादव को कोर्ट से नहीं मिली राहत!, 2 नए केस भी हुए दर्ज

पटना. इस वक्त पूर्णिया सांसद पप्पू यादव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को फिलहाल राहत नहीं मिली है. वहीं उनके खिलाफ 2 नए केस भी दर्ज कर दिये गए हैं. दरअसल बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाना से जुड़े वर्ष 2017 के मामले में अदालत के आदेश के बाद उन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है. कोर्ट में पेशी के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे उनके समर्थकों में हलचल मच गई. जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव से जुड़ा यह मामला पुराने आपराधिक प्रकरणों से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इसके साथ ही पप्पू यादव के खिलाफ दो नए मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस कर रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दर्ज नए मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पप्पू यादव की ओर से कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और उनके वकील कोर्ट में राहत के लिए आवेदन करने की तैयारी में हैं. एक मामले में इसी हफ्ते मिली थी जमानत वहीं इससे पहले बीते मंगलवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत दे दिया. इसके बाद भी पप्पू यादव अभी जेल के बाहर नहीं निकल पाये थे. दरअसल जिस 31 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, उसमें पटना की अदालत ने उन्हें जमानत तो दे दी, लेकिन कानूनी गलियारों की जटिलता ने उनकी राह फिर से रोक दी है. इस बार बाधा कोई पुराना मामला नहीं, बल्कि गिरफ्तारी के दौरान हुआ पटना पुलिस से बाद-विवाद है. पटना पुलिस ने उस मामले में भी पप्पू यादव को आरोपी बनाया है. समर्थकों ने लगाया आरोप ऐसे में अभी पप्पू यादव का जेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है. क्योंकि, उस मामले में पप्पू यादव को बेल नहीं मिली है. मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान पप्पू यादव के वकीलों ने दलील दी कि 1995 का यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसमें गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं थी. कोर्ट ने तथ्यों को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली. लेकिन, जैसे ही रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई, पटना पुलिस ने एक नया अड़ंगा लगा दिया.

श्रीलंका का रौद्र रूप, ओमान पस्त; 105 रन से जीतकर बनाया वर्ल्ड कप रिकॉर्ड

नई दिल्ली पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-B मुकाबले में श्रीलंका और ओमान आमने-सामने हुईं. जहां श्रीलंका ने पहले खेलते हुए 225 का स्कोर बनाया. जवाब में खेलने उतरी ओमान की टीम 120/9 रन ही बना सकी. इस तरह वो टारगेट से 105 रन पीछे रह गई. जो इस वर्ल्ड कप में रनों के ल‍िहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत रही. वहीं श्रीलंका का बनाया हुआ यह स्कोर भी इस टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर रहा. श्रीलंका ने टी20 वर्ल्ड कप में ओमान को 105 रनों से हराया. वह अपने दोनों मैच जीत चुकी है. पवन रत्नाएके को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार दिया गया| तो क्रिकेट फैन्स इस मुकाबले से महज़ इतना ही| अब हम रुख करते हैं आज के दूसरे मैच की तरफ जो नेपाल और इटली के बीच मुंबई में शुरू होने जा रहा है| आइये अब वहां होगी आपसे मुलाकात| गेंदबाजी में इस दौरान ओमान टीम के लिए जीतेन रामानंदी को 2 जबकि जय ओडेड्रा, सुफ्यान महमूद को 1-1 सफलता हाथ लगी थी| 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने जब ओमान की टीम उतरी तो उन्हें अच्छी शुरुआत नहीं मिली| महज 36 रनों पर टीम ने तीन विकेट गंवा दिए| वहां से चौथे विकेट के लिए मुहम्मद नदीम और वसीम अली (27) ने कुछ झुझारुपन दिखाया लेकिन फिर श्रीलंकाई कसी हुई गेंदबाजी के सामने बढ़ते रन रेट को वो पकड़ में नहीं ला सके| इन दोनों के अलावा और कोई भी बल्लेबाज दस रन क आंकड़े तक को पार नहीं कर पाया जिसकी वजह से श्रीलंकाई टीम को 105 रनों की बड़ी जीत हाथ लग गई| वहीँ अगर पहली पारी की बात करें तो श्रीलंका की तरफ से आज बल्लेबाजी में शुरुआत अच्छी नहीं रही रही| महज 15 के स्कोर पर टीम को पहला बड़ा झटका लगा| दोनों सलामी बल्लेबाज आज नहीं चल सके और ओमान के गेंदबाजों का शिकार बन गए| कुसल मेंडिस (23) और पवन रत्नाएके (60) ने शानदार बल्लेबाजी करते तीसरे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी निभाई और स्कोर को तेजी के साथ आगे बढ़ा दिया| लोअर ऑर्डर में दसुन शनाक के बल्ले से महज 20 गेंदों पर 50 रनों की तेज तर्रार पारी आई जिसकी वजह से टीम इस मुकाबले में विशाल स्कोर तक पहुँच पाई| इस बीच श्रीलंकाई मध्य क्रम ने शानदार तरीके से ओमानी गेंदबाजों पर काउंटर अटैक किया| आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप के 16वें मुकाबले में श्रीलंका ने ओमान को 105 रन से मात दी है| इस जीत के साथ श्रीलंकाई टीम ने इस प्रतियोगिता में अपनी दूसरी जीत दर्ज की है| टॉस आज ओमान के कप्तान ने जीता था और अपनी तगड़ी बल्लेबाजी को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने रन चेज करने का फैसला किया था जो ग़लत साबित हुआ| श्रीलंका द्वारा बोर्ड पर लगाए गए 225 रनों के जवाब में ओमान की टीम की बल्लेबाजी आज उम्मीद अनुसार नहीं चली| ओमान टीम के लिए इस रन चेज में मुहम्मद नदीम ने सबसे अधिक 53 रनों की पारी खेली| मोहम्मद नदीम को मथीशा पथिराना, डॉट बॉल के साथ ओवर और पारी की हुई समाप्ति| 105 रन से श्रीलंका ने इस मुकाबले में ओमान को हरा दिया है| कमाल का प्रदर्शन आज गेंद और बल्ले दोनों से इस टीम ने किया है| इस बार जड़ में डाली गई गेंद| लेग साइड पर फ्लिक किया और क्रीज से थोड़ा आगे आये| शॉर्ट मिड विकेट की तरफ गई गेंद| फील्डर ने उसे फील्ड करते हुए बल्लेबाजी एंड पर थ्रो किया जो विकटों के पास से निकल गया| अगर लग जाता तो शायद बल्लेबाज क्रीज के बाहर रह जाते|

AI से बदलेगा इंस्टाग्राम का गेम! फोटो और वीडियो में जुड़ सकेगा कोई भी चेहरा

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते चलन को देखते हुए मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टाग्राम एक ऐसा फीचर लाने पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से एआई से बनी फोटो और वीडियो में यूजर डिजिटली अपना चहरा जोड़ सकेंगे। कंपनी जल्द ही एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर ला सकती है। इंस्टाग्राम का यह फीचर OpenAI के Sora प्लेटफॉर्म को टक्कर दे सकता है। एक टिप्सटर Alessandro Paluzzi ने अपने एक्स अकाउंट से ट्वीट करके इस अपकमिंग टूल के बारे में बताया है। उनके अनुसार, इंस्टाग्राम में आने वाला यह टूल, सिंपल इमेज फिल्टर के बजाय पर्सनलाइज्ड “लाइकनेस” बनाने पर फोकस करता है। अभी तक इंस्टाग्राम ने इस फीचर के लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, टिप्सटर द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि इस सुविधा पर काफी पहले से काम चल रहा है। फेस स्वैप टूल लाने की तैयारी Alessandro Paluzzi ने X पर इंस्टाग्राम के अपकमिंग फीचर की डिलेट शेयर की है। उन्होंने दावा किया है कि इंस्टाग्राम AI-पावर्ड फेस स्वैप सिस्टम पर काम कर रहा है। इसे फेस स्वैप टूल भी कहा जाता है। हालांकि, इंस्टाग्राम में इसे “मेरी लाइकनेस बनाएं” नाम से लाया जा सकता है। लीक हुई इमेज के अनुसार, यूजर्स AI विजुअल्स या छोटी क्लिप बना सकते हैं। एआई से बनाई गई इन क्लिप में उनका चहरा भी जोड़ सकते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इंस्टाग्राम यह लाइकनेस डेटा कैसे इकट्ठा करेगा। उम्मीद है कि सिस्टम मौजूदा पोस्ट और हाइलाइट्स को एनालाइज करेगा या फिर ऑप्शन को एक्टिवेट करने के लिए यूजर्स को एक डेडिकेटेड सेल्फी अपलोड करने के लिए कहा जा सकता है। सेटअप हो जाने के बाद यूजर अलग-अलग सिनेरियो में खुद को दिखाते हुए कस्टमाइज्ड इमेज या वीडियो बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालना होगा। शेयरिंग और क्रिएटिव को मिलेगा बढ़ावा इस फीचर की मदद से एआई कंटेंट को और भी आकर्षक बनाया जा सकेगा। यूजर डायरेक्ट मैसेज के जरिए प्राइवेटली क्रिएशन भेज सकते हैं या उन्हें स्टोरीज और फीड पर पब्लिकली पोस्ट भी कर सकते हैं। हालांकि, ऐसी किसी भी डिटेल के लिए कोई कन्फर्मेशन नहीं है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो यह टूल मेटा के अपने ऐप्स में जेनरेटिव AI में बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के साथ अलाइन होगा। इससे यूजर्स को ज्यादा इंटरैक्टिव और पर्सनलाइज्ड कंटेंट क्रिएशन टूल मिलेंगे। लेनी होगी परमिशन रिपोर्ट की मानें तो यूजर्स डायरेक्ट मैसेज से इनवाइट या रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। AI से बने मीडिया में उनके अपीयरेंस का इस्तेमाल करने से पहले दूसरे यूजर को मंजूरी देनी होगी। यह परमिशन बेस्ड तरीका गलत इस्तेमाल को रोकने और पर्सनल आइडेंटिटी को प्रोटेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। अभी इस अपकमिंग फीचर की इतनी जानकारी ही सामने आई है। आगे आने वाले समय कंपनी इसके बारे में अन्य डिटेल शेयर कर सकती है।

NDPS जांच में बड़ा खुलासा, हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी; विभागीय जांच के आदेश

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती। 1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की जांच हुई और न ही प्राप्त करने वालों की। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे। न्यायालय ने यह भी पाया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना। विभागीय जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिए हैं कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी। दोषसिद्धि और सजा विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई। इन अधिकारियों पर कार्रवाई एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (जेएसआई कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ उनि अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। दो अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।