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21 करोड़ की ड्रग्स बरामद: खेत में बना रखा था ठिकाना, तस्कर दबोचा गया

राजगढ़ राजगढ़ जिले में नशे की फैक्ट्री व कारोबार चलाने वाले इस कार्य में संलिप्त पांच सौदागरों को पुलिस ने अंतत: धर दबोचा। उनमें से गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले व अभयपुर में ड्रग्स फिंकवाने वाले दोनों मुख्य आरोपितों के पास से पुलिस ने 21 किलो एमडी ड्रग्स भी जब्त किया है। जो खेतों में छिपा रखी थी। इसकी कीमत 21 करोड़ आंकी है। मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी अमित कुमार तोलानी ने बताया कि एमडी ड्रग्स केस में कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी रात को राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी।उसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली। इसमें ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला।पिकअप सवारों ने बताया कि वह इसे मप्र के आगरा मालवा जिले की और लेकर जा रहे थे।दस्तावेज मांगने पर कुछ नहीं दिखा सके। उसी से इनपुट मिला था कि राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है। इसके बाद राजस्थान व माचलपुर की पुलिस ने 4 फरवरी को संयुक्त रूप से गोघटपुर में रघुनंदन पाटीदार के मकान पर दबिश दी, जहां कैमिकल से ड्रग्स बनाने की फैक्टी काे पकड़ा। जहां से करीब 4 करोड़ के कैमिकल बरामद किया था। इसके बाद 07-08 फ़रवरी को ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्स) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है।पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान खंती में 05 नीले रंग के ड्रम मिले। जिनमें प्लास्टिक की पन्नियों में भरा हुआ सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा कैमिकल पाउडर पाया गया।उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। कुल वजन 266.9 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये है। इसके बाद से ही आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी थी।पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।दो मुख्य आरोपितों से 21 करोड़ की ड्रग्स जब्त की है। आदमपुरा केस से मिले सुराग, ऐसे खुला रहस्य 7-8 फरवरी की रात को आदमपुरा के जंगल में 5 करोड़ का कैमिकल मिलने के बाद पुलिस टीम द्वारा ग्राम आदमपुरा क्षेत्र में विवेचना के दौरान स्थानीय व्यक्तियों से पूछताछ की गई।पूछताछ में 07 फरवरी 2026 को एक सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार द्वारा संदिग्ध नीले रंग के केमिकल ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई।जांच के दौरान ग्राम रामगढ़ स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। फुटेज में 07 फरवरी को सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार आरजे-02, सीएफ-2543 को आते-जाते देखा गया।उक्त कार ललित कुमार गुर्जर निवासी बरखेड़ा खुर्द, जिला झालावाड़ के नाम पर पंजीबद्ध होना पाया गया।वाहन की तलाश के दौरान मुखबिर सूचना पर ब्राह्मणगांव क्षेत्र में संदिग्ध वाहन को घेराबंदी कर रोका गया।वाहन में सवार तीन व्यक्ति दिनेश गुर्जर पिता कालूलाल गुर्जर, उम्र 30 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, ललित गुर्जर पिता भगवान सिंह गुर्जर, उम्र 26 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, रामेश्वर गुर्जर पिता कैलाश गुर्जर, उम्र 35 वर्ष, निवासी कोटरा राड़ी थाना बकानी सवार थे।जिन्हें पुलिस टीम द्वारा तत्परता से पकड़ लिया गया।घटना में प्रयुक्त कार आरजे-02, सीएफ-2543 को जब्त किया।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों द्वारा बताया गया कि दीपक पिता भगवान गुर्जर ने उन्हें उक्त ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने के लिए कहा था।आरोपितों ने यह भी बताया कि वे ड्रम दीपक के अरनिया स्थित स्थान से लेकर आए थे।इसके बाद कार सवारों की सूचना पर पकड़ा दीपक, फिर रघुनंदन पाटीदार कार सवार तीनों अारोपितों द्वारा जैसे ही दीपक का नाम बताया तो पुलिस ने मुखबिर सूचना पर ग्राम माणा के पास से आरोपित दीपक गुर्जर (29 वर्ष) निवासी ग्राम अरनिया को पकड़ा गया।पूछताछ में आरोपित द्वारा अपने घर ग्राम अरनिया में एमडी ड्रग्स छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।आरोपित के घर की तलाशी ली गई, जहां किचन में रखे कार्टून से 10.160 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई।विधिवत तौल, सीलिंग एवं जब्ती की कार्यवाही की गई तथा आरोपित को मौके से गिरफ्तार किया गया।आरोपित दीपक के पकड़े जाने के बाद पुलिस को गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन की तलाश थी।पुलिस ने फिर दीपक की निशानदेही पर संदेही रघुनंदन पाटीदार (34 वर्ष) निवासी ग्राम गोघटपुर को बरखेड़ा खुर्द (राजस्थान) से हिरासत में लिया गया।पूछताछ में उसके द्वारा बाबाजी वाले सरसों के खेत में मादक पदार्थ छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।खेत से हरे रंग के कार्टून में रखी 11.350 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई।विधिवत तौल, सीलबंदी एवं जप्ती उपरांत आरोपी को गिरफ्तार किया गया।कुल मिलाकर 11 फरवरी को मुख्य गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन पाटीदार व आदमपुरा के जंगल में कैमिकल फेंकने वाले दीपक गुर्जर के कब्जे से 21 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त की है।जो कि खेतों में व अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखी थी।जबकि गोघटपुर, अादमपुरा के जंगल सहित सभी दूर से मिलाकर कुल एमडी ड्रग्स एवं 309 किलोग्राम से अधिक रॉ मटेरियल जब्त किया है।जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹30 करोड़ आंकी है।

6 महीने में पोलियो, लेकिन हौसले बुलंद: वरुण सिंह भाटी ने पैरालंपिक में रचा इतिहास

नई दिल्ली वरुण सिंह भाटी का नाम देश के श्रेष्ठ पैरा एथलीटों में लिया जाता है। वह ऊंची कूद में देश को पैरालंपिक में पदक दिला चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता का सफर वरुण के लिए आसान नहीं था, लेकिन अपनी मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपना रास्ता बनाया है। वरुण सिंह भाटी का जन्म 13 फरवरी 1995 को नोएडा में हुआ था। महज छह महीने की उम्र में पोलियोमाइलाइटिस का शिकार होने के बाद उनके एक पैर में स्थायी विकलांगता आ गई। गलत दवा की वजह से उनकी परेशानी और बढ़ गई। बचपन में शारीरिक रूप से मिले इस झटके के बावजूद वरुण के परिवार ने उन्हें कभी कमजोर और हतोत्साहित नहीं होने दिया और हमेशा उन्हें कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही वरुण को खेलों में रुचि थी। बास्केटबॉल उनका पसंदीदा खेल था, लेकिन बाद में उन्होंने ऊंची कूद में बेहतर करने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने सामान्य एथलीटों के साथ अभ्यास करना शुरू किया ताकि उन्हें बेहतर करने की प्रेरणा मिल सके। पूर्व राष्ट्रीय एथलीट सत्यनारायण की कोचिंग में उनके करियर को नई उड़ान मिली। गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन के पैरा चैंपियंस प्रोग्राम से मिले समर्थन ने भी उनके सफर को मजबूती दी। टी42 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले वरुण ने 2012 में 1.60 मीटर की छलांग के साथ लंदन पैरालिंपिक के लिए ‘ए’ क्वालिफिकेशन मार्क हासिल किया था, हालांकि सीमित स्लॉट के कारण वे उस संस्करण में हिस्सा नहीं ले सके। इसके बाद उन्होंने 2014 एशियन पैरा गेम्स में भाग लिया और उसी साल चाइना ओपन में स्वर्ण पदक जीता। 2016 उनके करियर के लिए शानदार था। आईपीसी एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप में 1.82 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने स्वर्ण और एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया। रियो पैरालिंपिक 2016 में 1.86 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ उन्होंने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। 2017 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। 2018 एशियन पैरा गेम्स में 1.82 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके बेहतरीन खेल और सफलता को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 29 अगस्त 2018 को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।  

डायबिटीज की पहचान अब कलाई पर! दुबई में स्मार्टवॉच से हो रही नई टेस्टिंग

दुबई में एक ऐसी स्मार्टवॉच की टेस्टिंग चल रही है, जो लोगों को डायबटीज रिस्क के बारे में बताएगी। मंगलवार को दुबई में वर्ल्ड हेल्थ एक्सपो (WHX) 2026 का आयोजन किया गया। इसमें डायबिटीज के खतरे का पता लगाने के लिए स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी के बारे में बताया गया है। इसका मकसद बढ़ते डायबिटीज संकट से निपटना है। दुनिया भर में लाखों लोगों को यह भी नहीं पता चल पाता है कि उन्हें डायबटीज का खतरा है। इस कारण स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी के जरिए लोगों की मदद की जा रही है। इसके लिए नए स्टडी हो रही है, जिसमें स्मार्टवॉच की टेस्टिंग हो रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वॉच डायबटीज रिस्क के बारे में कितनी सटीक जानकारी दे सकती है। Huawei Watch GT 6 Pro की हो रही टेस्टिंग आजकल मार्केट में अलग-अलग तरह के गैजेट्स आते हैं। स्मार्टवॉच के जरिए लोग अपनी कई हेल्थ एक्टिविटीज को ट्रैक कर पाते हैं। दुनिया में डायबटीज के मरीज दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इससे निपटने के लिए नई स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है। Gulf News की रिपोर्ट के अमुसार, दुबई हेल्थ के तहत मोहम्मद बिन राशिद यूनिवर्सिटी (MBRU) में असिस्टेंट प्रोफेसर और एंडोक्राइनोलॉजी डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. मरियम अल सईद ने बताया कि रिसर्च में 150 मरीजों और वॉलंटियर्स पर Huawei Watch GT 6 Pro को टेस्ट किया जाएगा। यह टेस्टिंग इसलिए है ताकि यह देखा जा सके कि वॉच बढ़े हुए ब्लड ग्लूकोज लेवल को पहचानने में कितनी सही है। टेस्टिंग में शामिल होंगे कई लोग इस ट्रायल में 50 हेल्दी वॉलंटियर्स, 50 जाने-माने डायबिटीज के मरीज के साथ दुबई हेल्थ हॉस्पिटल और शहर भर के प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर से 50 प्री-डायबिटीज वाले मरीज भी शामिल होंगे। डॉ. सईद ने प्री-डायबिटीज ग्रुप में खास दिलचस्पी दिखाई। बता दें कि यह ग्रुप उन लोगों का है, जिनका ब्लड शुगर लेवल कभी ज्यादा और कभी कम हो सकता है और जिन्हें अपनी हालत के बारे में पता हो भी सकता है और नहीं भी। ​ट्रेडिशनल कैपिलरी ग्लूकोज मॉनिटर से होगी तुलना स्टडी में स्मार्टवॉच की रीडिंग की तुलना ट्रेडिशनल कैपिलरी ग्लूकोज मॉनिटर से की जाएगी। यह वह टेस्ट होता है, जिसमें एक्यूरेसी टेस्ट करने के लिए उंगली पर सुई चुभाते हैं और बल्ड की एक बूंद से टेस्ट किया जाता है। बता दें कि Huawei ने WHX में Huawei Health Strategy and Research Platform इवेंट में Huawei Watch GT 6 Pro के लिए डायबिटीज रिस्क के नए फीचर की घोषणा की थी। इसके बाद यह स्टडी की घोषणा हुई। क्या है टेक्नोलॉजी? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Huawei Watch GTX में फोटोप्लेथिस्मोग्राफी (PPG) का इस्तेमाल होता है। यह एक ऑप्टिकल तरीका है, जो लाइट सेंसर के जरिए ब्लड ग्लूकोज का अंदाजा लगा सकता है। कलाई पर पहना जाने वाले एक बाहरी और नॉन-इनवेसिव डिवाइस होने के कारण यह मिनिमली इनवेसिव कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटर से अलग है, जिन्हें स्किन के नीचे लगाना पड़ता है। डॉ. अल सईद ने कहा कि वॉच यह नहीं बताएगी कि आपको डायबिटीज है, लेकिन यह उन्हें बताएगी कि ग्लूकोज बढ़ा हुआ है। इस तरह वॉच आपको सिग्नल देगी कि शायद आपको अपने डॉक्टर के पास जाकर लैब टेस्ट करवाना चाहिए। जल्दी पता लगाना है जरूरी डॉ. सईद ने कहा कि दुनिया भर में 500 मिलियन से भी ज्यादा लोग टाइप 2 या टाइप 1 डायबिटीज के डायग्नोसिस के साथ जी रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिन लोगों को डायग्नोस नहीं हुआ है, उन्हें ये पता ही नहीं है कि उनको डायबिटीज है, क्योंकि उन्होंने कभी चेकअप ही नहीं करवाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्री-डायबिटीज वाले दो-तिहाई लोगों में कुछ समय बाद यह बीमारी पूरी तरह हो जाती है, इसलिए इसका जल्दी पता लगाना बहुत जरूरी है।

इटली का धमाका! नेपाल पर 10 विकेट की करारी जीत, T20 WC में मचाई सनसनी

मुंबई (महाराष्ट्र) इटली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप C मैच में नेपाल को 10 विकेट से हराकर ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इटली ने पूरे मैच में अपनी ऑलराउंड कोशिशें दिखाईं जिसमें नेपाल को टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने वाली टीम ने हराया और वानखेड़े में यादगार जीत हासिल की। 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओपनर और भाई जस्टिन मोस्का और एंथनी मोस्का ने इटली को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले 2 ओवर में 16 रन बनाए। एंथनी ने शुरुआती ओवरों में कुछ बाउंड्री लगाईं। अगले ही ओवर में नेपाल के बॉलर करण केसी को जस्टिन ने एक छक्के और दो चौकों की मदद से 14 रन ठोके जिससे इटली का स्कोर 30/0 हो गया। यूरोपियन नेशन ने एक और महंगे ओवर के बाद सिर्फ चार ओवर में अपनी फिफ्टी पूरी की, जब ओपनर्स ने ललित राजबंशी को 20 रन ठोके। वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाली टीम ने पावरप्ले का अंत 68/0 के जबरदस्त स्कोर के साथ किया। इटली के 10वें ओवर में 97/0 के मजबूत स्कोर पर पहुंचने के बाद दोनों ओपनर्स ने राइनोज के खिलाफ अपना अटैक जारी रखा। दोनों भाइयों ने 11वें ओवर में अपनी-अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की जिसमें जस्टिन ने 37 गेंदों में और एंथनी ने 28 गेंदों में यह माइलस्टोन पूरा किया। इटली की बैटिंग का यह शानदार प्रदर्शन था क्योंकि उन्होंने सिर्फ 12.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने नेपाल को 10 विकेट से हराया और इटली ने ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इससे पहले टॉस जीतकर पहले गेंदाबाजी चुनने वाले इटैलियन बॉलर्स ने शानदार परफॉर्मेंस दी और ग्रुप C मैच में नेपाल को सिर्फ 123 रनों पर रोक दिया। दूसरे ओवर में अली हसन की गेंद पर कुशाल भुर्टेल (5) के आउट होने के बाद राइनोज की शुरुआत खराब रही और नेपाल का स्कोर 8/1 हो गया। आसिफ शेख और कप्तान रोहित पौडेल ने दूसरे विकेट के लिए 41 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन दो विकेट जल्दी गिर गए। पौडेल का विकेट कलुगामागे की गेंद पर गिर गया और आसिफ को बेन मानेंटी ने आउट किया जिससे आठवें ओवर में नेपाल का स्कोर 49/3 हो गया। इसके बाद दीपेंद्र सिंह ऐरी और आरिफ शेख के बीच चौथे विकेट के लिए 43 रन की अहम पार्टनरशिप हुई जिसके बाद एक और विकेट गिर गया। हालांकि, इटली की शानदार बॉलिंग के बाद अचानक विकेट गिरे। दीपेंद्र सिंह ऐरी 17 रन बनाकर आउट हो गए, आरिफ ने 27, लोकेश बाम (3), गुलसन झा (3), और नादान यादव (0) ने 17वें ओवर में नेपाल का स्कोर 8/102 कर दिया। नेपाल ने सिर्फ 9 रन पर 5 विकेट खो दिए। आखिर में नेपाल 19.3 ओवर में 123 रन के मामूली स्कोर पर आउट हो गया। इटली के लिए बेन मानेंटी (2/9), अली हसन (1/34), जेजे स्मट्स (1/22), कलुगामागे (3/18) और जसप्रीत सिंह (1/8) ने विकेट लिए।

एम.पी. ट्रांसको ने विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया

एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत विदिशा जिले के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा एवं सबस्टेशन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं कार्यपालन अभियंता श्री संजय श्रीवास्तव ने सबस्टेशन मेंटेनेंस एवं आपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया। सुरक्षित एवं व्यवहारिक कार्य प्रणाली पर दिया जोर कार्यशाला में कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया। इस कार्यशाला में सबस्टेशन के अभियंता एवं नियमित व आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के प्रति जागरूक भी किया गया।  

मंत्री देवांगन का एक्शन मोड: श्रम विभाग की मैराथन बैठक में दिए अहम निर्देश

रायपुर. श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग की दो चरणों में मैराथन समीक्षा बैठक ली। प्रथम चरण की बैठक में श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों मंडलों की योजनाओं और कारखानों में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई। मंत्री  देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए की कारखाने की नियमित तौर पर निरीक्षण करें। श्रमिकों की हितों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें। कमी मिलने पर संबंधित उद्योग को निर्देशित करें। हर महीने किए जाने वाले निरीक्षण की भी समीक्षा करने की निर्देश दिए गए।        बैठक में उपस्थित अधिकारियों को श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप श्रमिक भाई बहनों को योजनाओं के ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाए, सुरक्षा के मानको का पूरा ख्याल रखने का प्रयास करें। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। बैठक में श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, उप सचिव  विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस. एल. जांगड़े, मती सविता मिश्रा, बीओसी सचिव गिरीश रामटेके सहित जिलो से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे। कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम पर विशेष फोकस करें  बैठक में श्रम मंत्री  देवांगन ने कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। इस अधिनियम के तहत पंजीकृत श्रमिकों को ईएसआईसी और पीएफ का लाभ सुनिश्चित करने साथ ही श्रमिकों की संख्या का मिलान करने के भी निर्देश दिए गए। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। इसके साथ-साथ निजी कंपनिययों से सेवानिवृत हो चुके कर्मियों के उपादन भुगतान संबंधी मामले के जल्द निराकरण, विभिन्न माध्यमों से आने वाले शिकायतों का समय अवधि में निराकरण, करने के निर्देश दिए गए। सात जिलों में शहीद वीर नारायण श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने की निर्देश  बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत किफायती दर पर भोजन केंद्र की भी समीक्षा की गई। प्रदेश के साथ जिलों में जल्द ही श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने निर्देश दिए गए। इनमें मुंगेली, सक्ति, जगदलपुर, कांकेर, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, जशपुर और जगदलपुर में केंद्र शुरू करने कहा गया है।     श्रमिकों के स्वास्थ्य के नियमित जांच करने की निर्देश        दूसरे चरण की बैठक में मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री  देवांगन ने सभी जिलों के डिस्पेंसरी की समीक्षा की। ओपीडी की संख्या को और बढ़ाने और श्रमिकों के गुणवत्तापूर्ण इलाज के निर्देश दिए गए। डिस्पेंसरी के स्टाफ की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक के आधार पर करने के निर्देश दिए। प्रमुख डिस्पेंसरी में सुविधा और बढ़ाने कार्य योजना बनाने कहां गया है। मंत्री  देवांगन ने उद्योगों में नजदीकी डिस्पेंसरी का पता चस्पा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कारखाने की नियमित जांच कर उनमें आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए।

चुनाव के साए में खौफनाक वारदात: बांग्लादेश में हिंदू युवक का शव गहरे जख्मों के साथ बरामद

ढाका    बांग्लादेश में आम चुनाव के दिन वोटिंग जारी है, लेकिन उससे ठीक पहले हिंदू अल्पसंख्यक पर हुई एक और हत्या ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। मौलवीबाजार जिले में बुधवार को 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार का शव संदिग्ध हालात में बरामद किया गया। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर गहरे जख्मों के निशान मिले हैं। मौलवी बाजार से मिली लाश रतन साहूकार चंपा इलाके के चाय बागानों में काम करता था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शव पर चोटों से खून बह रहा था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई। रतन के सहकर्मियों ने पुलिस को बताया कि जिस तरह से उसके हाथ-पैर बांधे गए और शरीर पर चोटें हैं, उससे यह सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हत्या चुनाव से जुड़ी हिंसा है या किसी अन्य कारण से हुई।   पहले भी हो चुकी  ऐसी वारदातें यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले मैमनसिंह जिले में 62 वर्षीय हिंदू व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी दुकान में ही हत्या कर शटर बंद कर दिया और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। शेख हसीना के भारत आने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार पर कट्टरपंथी तत्वों को खुली छूट देने के आरोप लगते रहे हैं।  चुनावी माहौल और सरकार की अपील आज बांग्लादेश में सुबह 7:30 बजे से वोटिंग जारी है, जो शाम 4:30 बजे तक चलेगी। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से संयम बरतने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है। लेकिन चुनाव से पहले हुई यह हत्या उनकी अपीलों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

स्किन टाइप के हिसाब से फेसवॉश न चुनना बन सकता है पिंपल्स की वजह

स्किन केयर रूटीन की शुरुआत हमेशा चेहरे की सफाई यानी क्लींजिंग से होती है। अक्सर हम विज्ञापनों या दोस्तों की सलाह पर कोई भी फेसवॉश खरीद लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत फेसवॉश आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा, रूखा या मुंहासों से भर सकता है? चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए सबसे जरूरी है अपनी स्किन टाइप को समझना और उसके अनुसार सही इंग्रिडिएंट्स वाला फेसवॉश चुनना। आइए जानते हैं अपनी स्किन के लिए सही फेसवॉश कैसे चुनें। ऑयली स्किन के लिए अगर आपका चेहरा धोने के कुछ देर बाद ही चिपचिपा और चमकदार दिखने लगता है, तो आपकी स्किन ऑयली है। ऐसी त्वचा के पोर्स अक्सर बंद हो जाते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स और मुंहासे होते हैं। इसलिए अगर स्किन ऑयली है, तो आपको फोमिंग या जेल-बेस्ड फेसवॉश चुनना चाहिए। इसमें सैलिसिलिक एसिड, ग्लाइकोलिक एसिड, टी-ट्री ऑयल या नीम होना चाहिए। ये स्किन के ऑयल प्रोडक्शन को कंट्रोल करते हैं और पोर्स की गहराई से सफाई करते हैं। ड्राई स्किन के लिए चेहरा धोने के बाद अगर त्वचा खिंची-खिंची और सफेद दिखने लगे, तो आपकी स्किन ड्राई है। ऐसी त्वचा को ऐसे क्लींजर की जरूरत होती है जो सफाई तो करे, लेकिन नेचुरल ऑयल्स को न छीने। आपको क्रीमी या लोशन-बेस्ड फेसवॉश का चुनाव करना चाहिए, जिसमें हयालूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन, एलोवेरा या विटामिन-ई हो। ये सफाई के साथ-साथ त्वचा को हाइड्रेट भी रखते हैं। कॉम्बिनेशन स्किन के लिए यह सबसे आम स्किन टाइप है, जिसमें 'T-Zone' (माथा, नाक और ठुड्डी) ऑयली होता है, जबकि गाल सूखे या नॉर्मल होते हैं। इसके लिए आपको एक जेंटल फेसवॉश की जरूरत है जो न तो बहुत ज्यादा ऑयली हो और न ही बहुत ज्यादा ड्राई। ऐसे फेसवॉश चुनें जो बैलेंसिंग हों। लैक्टिक एसिड या विटामिन-सी वाला माइल्ड क्लींजर आपके लिए बेहतरीन काम करेंगे। सेंसिटिव स्किन के लिए ऐसी त्वचा पर कोई भी नया प्रोडक्ट लगाते ही जलन, रेडनेस या खुजली होने लगती है। आपको फ्रेग्रेंस-फ्री और हाइपोएलर्जेनिक फेसवॉश की तलाश करनी चाहिए। इसमें कैमोमाइल, ओट्स या सेरामाइड्स होने चाहिए, जो स्किन बैरियर को मजबूत करते हैं। फेसवॉश खरीदते समय इन 3 बातों का भी रखें खास ध्यान     pH बैलेंस- हमारी त्वचा का प्राकृतिक pH लगभग 5.5 होता है। हमेशा 'pH Balanced' फेसवॉश ही चुनें ताकि त्वचा का नेचुरल बैलेंस न बिगड़े।     सल्फेट और पैराबेन से बचें- सल्फेट (जैसे SLS) फेसवॉश में झाग तो बहुत बनाता है, लेकिन यह त्वचा को बहुत ज्यादा रूखा कर देता है। हमेशा सल्फेट-फ्री फेसवॉश चुनें।     मौसम का मिजाज- याद रखें कि मौसम के साथ आपकी स्किन की जरूरतें बदलती हैं। सर्दियों में माइल्ड क्रीमी क्लींजर और गर्मियों में डीप क्लीनिंग फेसवॉश का इस्तेमाल करना समझदारी है।     दिन में दो बार इस्तेमाल करें- सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से पहले हरा साफ करना न भूलें।  

फेडरर के टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के समारोह के टिकट दो मिनट में बिके

न्यूपोर्ट (अमेरिका) रोजर फेडरर ने भले ही टेनिस को अलविदा कह दिया हो लेकिन उनका जादू अब भी प्रशंसकों पर सर चढ़कर बोलता है जिसकी बानगी यहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय टेनिस हॉल ऑफ़ फेम में शामिल करने के समारोह के टिकटों की भारी मांग में देखने में मिली। फेडरर से जुड़े इस समारोह के सभी टिकट दो मिनट में बिक गए। आयोजकों ने आउटडोर पार्टी के लिए अलग से अतिरिक्त टिकट जारी किए जो हाथों हाथ बिक गए। आखिर में आयोजकों को कहना पड़ा कि उनकी क्षमता सीमित है और वह अधिक टिकट जारी नहीं कर सकते हैं। आयोजक हॉल ऑफ़ फेम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक स्थल होने के कारण हमारी क्षमता सीमित है।’’ हॉल ने कहा कि उसे पहले से ही इस बात का अंदाज़ा था कि 20 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी फेडरर को लेकर कितना उत्साह होगा। इस दिग्गज टेनिस खिलाड़ी को 29 अगस्त को प्रसारक मैरी कैरिलो के साथ हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया जाएगा। न्यूपोर्ट स्थित इस प्रतिष्ठित हॉल में होने वाले मुख्य समारोह के लिए पहले से उपलब्ध 900 टिकटों के अलावा हॉल अपने 3,600 सीटों वाले स्टेडियम को एक विशेष कार्यक्रम के लिए खोलेगा। इसके बावजूद हॉल की प्रवक्ता मेगन एर्ब्स ने कहा कि 4,500 टिकट दो मिनट के भीतर ही बिक गए।  

SIR सर्वे टीम के भेष में आईटी की कार्रवाई, कोयला व्यापारी के ठिकानों पर छापेमारी

बिलासपुर  इनकम टैक्स की टीम ने बिलासपुर और चांपा में कोयला व्यापारी के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई कर रही है. इस छापामार कार्रवाई के लिए आईटी की टीम SIR की सर्वे टीम बनकर पहुंची थी. जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स की टीम बिलासपुर में फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, जिसमें श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित दफ्तर और रामा वर्ल्ड स्थित घर शामिल है. इसके अलावा इनकम टैक्स की टीम चाम्पा में चाम्पा-बिर्रा ओवर ब्रिज के पास स्थित तिरुपति मिनरल्समें भी छापामार कार्रवाई कर रही है.