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दबिश में पकड़े गए फरार आरोपी, MD ड्रग्स और दोपहिया वाहन सहित भारी मात्रा में माल मिला

पांच साल से फरार महिला और युवक मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार   एमडी ड्रग्स, मोबाइल और दोपहिया वाहन समेत 2 लाख का माल बरामद  भोपाल  राजधानी की क्राइम ब्रांच ने संगीन अपराध में पांच साल से फरार चल रही एक महिला और उसके साथी युवक को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास से एमडी ड्रग्स, दो मोबाइल फोन और दोपहिया वाहन समेत करीब 2 लाख रुपये का माल बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच अखिल पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने विशेष टीम बनाकर तस्करों की तलाश में लगाया था। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भीमनगर स्थित झरनेश्वर मंदिर के पास एक महिला और एक युवक दोपहिया वाहन सहित खड़े हैं और मादक पदार्थ की बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करने के बाद दोनों संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर 35 वर्षीय महिला निवासी अयोध्या नगर और युवक ने अपना नाम उजेर उर्फ माहिर खान (21) निवासी जहांगीराबाद बताया। तलाशी में मिली एमडी ड्रग्स पुलिस टीम संदेहियों की स्कूटर की डिग्गी की तलाशी ली तो पन्नी के अंदर क्रिस्टलनुमा ब्राउन रंग का पदार्थ रखा मिला, जिसकी पहचान एमडी ड्रग्स के रूप में हुई। वजन करने पर 5.91 ग्राम ड्रग्स पाया गया, जिसकी कीमत एक लाख अस्सी हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही दोनों के पास दो मोबाइल फोन और स्कूटर भी जब्त किया गया है। जब्त हुए मादक पदार्थ और स्कूटर समेत कुल माल की कीमत दो लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है। पांच साल से फरार चल रही थी महिला पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थ की तस्करी में गिरफ्तार हुई महिला पिछले पांच साल से एक संगीन अपराध में फरार चल रही थी। इसके अलावा वह एक अन्य मामले में भी फरार चल रही थी। पुलिस से बचने के लिए वह अपना ठिकाना बदल-बदल कर रह रही थी। दूसरे आरोपी उजेर के खिलाफ हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट का केस पहले से दर्ज है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में एसआई जसवंत सिंह, हेड कांस्टेबल कुंवर बहादुर, कुशलपाल, आरक्षक बृजमोहन व्यास, जावेद खान, अमन पटेल, घनश्याम चंद्रावत और महिला आरक्षक पूजा अग्रवाल की सराहनीय भूमिका रही है।

संपत्ति कर जमा नहीं करने पर चार बड़े बकायेदारों के व्यावसायिक परिसर सील

रायपुर. रायपुर नगर निगम ने वर्षों का बकाया संपत्ति कर वसूलने में सख्ती दिखाई है. वर्षों से संपत्ति कर नहीं पटाने वाले चार बड़े बकायेदारों की 6 व्यावसायिक परिसरों को निगम ने सील कर दिया है. निगम की इस कार्यवाही से बकायादारों में हड़कंप मचा हुआ है. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त आईएएस कुमार विश्वदीप के आदेशानुसार और अपर आयुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, उपायुक्त राजस्व जागृति साहू जोन 10 जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये उनके सम्बंधित 6 व्यावसायिक परिसरों को तत्काल ताला लगाकर सीलबंद की कार्यवाही की गई है. नगर निगम जोन 10 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन सहायक राजस्व अधिकारी गौरीशंकर साहू के मार्ग निर्देशन में नगर निगम जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित विद्याचरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 50, बाबू जगजीवन राम वार्ड क्रमांक 53 और लेफ्टिनेंट अरविन्द दीक्षित वार्ड क्रमांक 56 क्षेत्र अंतर्गत विगत कई वर्षों से रायपुर नगर निगम राजस्व विभाग को बकाया राशि अदा नही करने वाले सम्बंधित 4 भिन्न बड़े बकायादारों को डिमांड बिल, डिमांड नोटिस एवं अंतिम नोटिस जारी करने के उपरांत भी सम्पतिकर (टैक्स) जोन कार्यालय में जमा नहीं करने के कारण सख्ती से कार्यवाही करते हुये उनके सम्बंधित 6 व्यावसायिक परिसरों को तत्काल ताला लगाकर सीलबंद की कार्यवाही की गई है. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित विद्याचरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 50 अंतर्गत 7923831 रू. के बड़े बकायादार ज्योति केशवानी / केवलराम केशवानी बाबू जगजीवन राम वार्ड कमाक 53 अंतर्गत 107056 रू. के बड़े बकायादार भरत कुमार प्रिथवानी 111195 रू, 3994684 रू., 266768 रू. के बड़े बकायेदार किशोर कुमार प्रिथवानी, लेफ्टिनेंट अरविन्द दीक्षित वार्ड क्रमांक 56 अंतर्गत 91890 रू. के बड़े बकायादार रेखा लाल / एल. के. लाल द्वारा नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 10 राजस्व विभाग को बकाया राशि अदा नहीं किये जाने पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 राजस्व विभाग द्वारा सम्बंधित स्थलों पर पहुंचकर भिन्न 4 बड़े बकायादारों से सम्बंधित उनके विभिन्न 6 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को तत्काल ताला लगाकर सीलबंद करने की कार्यवाही की गयी.

एमपी में गर्मी की शुरुआत, रात का तापमान भी बढ़ा; आने वाले सिस्टम का मौसम पर कम असर रहने का अनुमान

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब सर्दी की रवानगी शुरू हो चुकी है. न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी साफ दिखाई दे रही है और दिन का पारा तेजी से चढ़ रहा है. प्रदेश के 15 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. वहीं ज्यादातर शहरों में रात का तापमान भी 10 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है. यानी अब ठंड धीरे-धीरे विदा लेने वाली है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सीमित असर मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. हालांकि इनका असर पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रहेगा. मध्यप्रदेश में इसका प्रभाव बहुत कम देखने को मिलेगा. फिलहाल प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं और कुछ जिलों में मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है, लेकिन तेज ठंड की वापसी के आसार नहीं हैं. कुछ जिलों में हल्के बदल  फिलहाल सक्रिय मौसमी हलचल के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल देखे जा रहे हैं। कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया और गुरुवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। ठंड का हल्का एक और दौर संभव मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी के बाद जब सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, तब तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इससे प्रदेश में हल्की ठंड की वापसी हो सकती है, हालांकि तीखी सर्दी की संभावना नहीं है। अगले दो दिन का पूर्वानुमा 14 फरवरी: कुछ जिलों में सुबह हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश के आसार नहीं हैं। दिन में बादल छा सकते हैं। 15 फरवरी: सीमित इलाकों में हल्का कोहरा रहेगा। वर्षा की संभावना नहीं। इन शहरों में 30°C पार धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी सहित 15 से अधिक शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई। नर्मदापुरम और सागर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री या उससे अधिक रहा। दूसरी ओर पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो, मंदसौर, कटनी (करौंदी), रीवा और राजगढ़ में भी पारा 10 डिग्री के आसपास या उससे अधिक रहा। प्रदेश में अब ठंड की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है और मौसम धीरे-धीरे गर्मी की ओर रुख कर रहा है।  हल्की सर्दी का एक और दौर मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     14 फरवरी- कुछ जिलों हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छा सकते हैं।     15 फरवरी- कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। इन जिलों में पारा बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री के पार रहा। वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात में नर्मदापुरम और सागर में तापमान 17 डिग्री या इससे अधिक पहुंच गया। वहीं, पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 8.6 डिग्री, मंदसौर में 9.7 डिग्री, कटनी के करौंदी में 10 डिग्री, रीवा में 10.2 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।

ग्वालियर मेले में छूट का असर, फॉर्च्यूनर सहित कारों की बुकिंग बंद, ग्राहक उमड़े शोरूम्स में

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार ऑटोमोबाइल सेक्टर में आकर्षक ऑफर और आरटीओ टैक्स छूट के बावजूद ग्राहकों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुकिंग के दो-दो महीने बाद भी गाड़ियों की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। मेले में छूट की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने कार बुक कराई, लेकिन अब डिलीवरी में देरी से असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई शोरूमों पर ग्राहकों को यह तक कहा जा रहा है कि मेला छूट जल्द खत्म होने वाली है, जबकि परिवहन विभाग की छूट पूरी मेला अवधि तक लागू है। इस भ्रमित जानकारी से ग्राहक और अधिक परेशान हैं। एक से दो महीने तक की वेटिंग लोकप्रिय मॉडलों पर एक से दो महीने तक की वेटिंग बताई जा रही है। ग्राहक मेले के ऑफर के भरोसे तुरंत कार लेने पहुंचते हैं, लेकिन लंबी प्रतीक्षा अवधि सुनते ही निराश हो जाते हैं। टाटा शोरूम के सीईओ श्रवण सिंह के अनुसार, बढ़ती मांग के कारण कई मॉडलों पर वेटिंग बढ़ी है, जिससे ग्राहक असंतोष जता रहे हैं। रोड टैक्स में छूट से बदला माहौल ग्वालियर व्यापार मेले में सरकार की ओर से रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट का ऐलान भले ही कुछ देर से हुआ हो, लेकिन इसका असर तुरंत नजर आने लगा. ऑटोमोबाइल सेक्टर में अचानक रौनक लौट आई और कार-बाइक खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई. ग्राहक लंबे समय से इस छूट का इंतजार कर रहे थे. ऑटोमोबाइल सेक्टर में उमड़ी भीड़ मेले में अब देशी ही नहीं, विदेशी कारों और बाइकों के शोरूम भी सज चुके हैं. टैक्स छूट के साथ-साथ जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव का भी फायदा ग्राहकों को मिल रहा है. इसी वजह से लोग बड़ी संख्या में मेले का रुख कर रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं. चार दिन में 4000 गाड़ियों की बिक्री टैक्स में छूट लागू होने के बाद सिर्फ चार दिनों में करीब 4000 गाड़ियों की बिक्री हो चुकी है. इन वाहनों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है. इससे मेले में कारोबार पहले से कहीं ज्यादा तेजी पकड़ चुका है. लाखों रुपये की हो रही सीधी बचत रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट के चलते 20 लाख रुपये तक की कीमत वाली गाड़ियों पर करीब डेढ़ लाख रुपये तक की सीधी बचत हो रही है. यही वजह है कि मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग दोनों ही बड़ी संख्या में वाहन खरीद रहे हैं. पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट का फायदा उठाकर वाहन लेकर लौट रहे ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. कई लोग परिवार के साथ मेले में पहुंच रहे हैं और अपनी पसंद की कार या बाइक खरीद रहे हैं. व्यापारियों और डीलरों का कहना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो इस साल ग्वालियर व्यापार मेला नए रिकॉर्ड बना सकता है. लग्जरी कारों की बिक्री गुरुवार को मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर से चार लग्जरी वाहन बिके, जिनमें एक करोड़ 44 लाख रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर सहित ऑडी और बीएमडब्ल्यू की गाड़ियां शामिल रहीं। हालांकि इस बार लग्जरी वाहनों की बिक्री देरी से शुरू हुई है। फारच्यूनर की बुकिंग बंद टोयोटा शोरूम के प्रतिनिधि के अनुसार, अधिक मांग और लंबी वेटिंग के चलते फारच्यूनर की बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। समय पर डिलीवरी न होने से विवाद की स्थिति बन रही थी। महंगी एसेसरीज और बीमा की शर्तें कुछ ग्राहकों ने आरोप लगाया कि मेले में एसेसरीज बाजार से तीन से पांच हजार रुपये तक महंगी दी जा रही हैं। शोरूम संचालकों का कहना है कि वे केवल कंपनी की ओरिजिनल और वारंटी वाली एसेसरीज उपलब्ध करा रहे हैं। पार्किंग में भी अव्यवस्था मेला परिसर की पार्किंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। अब तक तीन वाहन चोरी हो चुके हैं और ठेकेदार पर सात-आठ नोटिस तथा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्राहकों की प्रतिक्रिया महिंद्रा थार के एक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने तीन महीने पहले बुकिंग कराई थी, तब जाकर डिलीवरी मिली। वहीं एक अन्य ग्राहक ने कहा कि वे तुरंत कार लेने की उम्मीद से आए थे, लेकिन एक महीने की वेटिंग सुनकर निराश लौटना पड़ा। पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट … Read more

होली से पहले किसानों के लिए खुशखबरी, छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों के खातों में पहुंचे पैसे; तुरंत चेक करें स्टेटस

रायपुर  होली से पहले छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित द्वारा किसानों के खातों में 4.73 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। त्योहार से पहले हुए इस भुगतान से किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जारी है। प्रशासन और कारखाना प्रबंधन किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित भुगतान सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का भरोसा और मजबूत हुआ है। पेराई और उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन चालू पेराई सत्र में अब तक: 2,42,990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई 2,86,743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यप्रणाली का संयुक्त परिणाम है। गन्ना आपूर्ति को लेकर अहम अपील कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है। पिछले पेराई सत्र 2024-25 और वर्तमान सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं होने से पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका।  पर्याप्त गन्ना आपूर्ति से: पेराई अवधि बढ़ेगी उत्पादन में वृद्धि होगी समय पर भुगतान जारी रहेगा उपविधि धारा 07(02)(घ) के अनुसार सदस्य किसानों के लिए उत्पादित गन्ना कारखाने में देना अनिवार्य है। लगातार आपूर्ति नहीं करने पर सदस्यता समाप्त किए जाने का प्रावधान भी है। किसानों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं कारखाना केवल एफआरपी भुगतान ही नहीं करता, बल्कि: रिकवरी राशि का अतिरिक्त भुगतान शासन द्वारा घोषित बोनस का वितरण रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध उन्नत बीज वितरण प्रशिक्षण सुविधा कारखाना परिसर में “बलराम सदन” ,केवल 5 रुपये में गरम भोजन की कैंटीन,इन प्रयासों से किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति सुनिश्चित की जा रही है। सामूहिक सहभागिता से मजबूत होगा कारखाना प्रबंधन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे सर्वे के अनुसार अधिकतम गन्ना कारखाने में दें, ताकि सहकारी व्यवस्था मजबूत हो और क्षेत्र के किसानों का भविष्य सुरक्षित रहे। होली से पहले किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

कथा सुनते-सुनते महिला हुई बेहोश, पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में कार्डियक अरेस्ट की घटना

डबरा  ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जमकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का चल रही थी। इसी दौरान एक महिला कार्डियक अरेस्ट आ गया। 65 वर्षीय महिला मौत नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान आयोजित हो रही शिव पुराण कथा में शामिल होने के लिए 65 वर्षीय पुष्पा देवी पहुंची थी। जो कि यूपी के इटावा की रहने वाली थी। शुक्रवार की सुबह करीब 8:00 बजे कथा सुनने के लिए पंडाल में पहुंची थी। जिसके करीब 10 मिनट बाद हालत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 10 मिनट में बिगड़ी तबीयत जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पुष्पा देवी (65 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के इटावा की निवासी थीं। वह इन दिनों ग्वालियर के सराफा बाजार स्थित अपने जीजा के घर आई हुई थीं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वह कथा पंडाल में पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कथा शुरू होने के लगभग 10 मिनट बाद ही उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़ीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। श्रद्धालुओं में शोक धार्मिक आयोजन में हुई इस अचानक घटना से पंडाल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। आयोजन से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। फिलहाल परिजन महिला के पार्थिव शरीर को अपने गृह नगर ले जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वह सराफा बाजार में स्थित अपने जीजा के घर आईं थी।

पाकिस्तानी सेना में अंदरूनी कलह? जनरल की पिटाई पर हुक्मरानों की सफाई चर्चा में

इस्लामाबाद   पाकिस्तान में एक बार फिर से सेना की थू-थू हो रही है. पूरे देश में पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की गंभीर चोटों को लेकर चर्चाएं हैं. वो अस्पताल में भर्ती हैं और उनका स्कल फ्रैक्चर बताया जा रहा है. जब पाकिस्तान भर में खुसुर-फुसुर शुरू हुई तो सेना और परिवार ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी करके कहा है कि ‘बाथरूम में फिसल जाने’ से उनका ये हाल हुआ है. हालांकि, भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय खुफिया सूत्र को अंदर की बात पता चली है. CNN न्यूज18 को खुफिया सूत्रों ने बताया है कि बाजवा पर ये अटैक असल में फौजियों ने ही किया है. ‘बाथरूम में फिसले बाजवा’ दावा किया जा रहा है बाजवा के साथ ये घटना 10 फरवरी 2026 की सुबह तड़के 4:30 बजे हुई, ISPR और परिवार ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा है कि जनरल बाथरूम में फिसल गए और उनके सिर पर गंभीर चोटें आ गई. रावपिंडी के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) के आईसीयू में भर्ती बाजवा की खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. इस घटना ने पाकिस्तान सेना के भीतर पनप रहे आंतरिक असंतोष और बदले की आग को एक बार फिर सतह पर ला दिया है. जनरल बाजवा के साले नईम घुम्मन ने बताया कि जनरल नंगे पैर थे और बाथरूम में फिसल गए, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई. इसके बाद ISPR ने भी तुरंत पुष्टि की कि यह एक घरेलू दुर्घटना है और उनका सफल ऑपरेशन हो चुका है. Military Attack या कुछ और? हालांकि, खुफिया सूत्रों का मानना है कि यह कोई साधारण बाथरूम में फिसल जाने वाली घटना नहीं है. असल में जनरल बाजवा को तीन सैन्य कर्मियों ने घेर कर पीटा है. उन पर तब तक अटैक किया गया जब तक स्कल फ्रैक्चर नहीं हो गया. सूत्रों का दावा है कि 2022 में इमरान खान की सरकार गिराने के दौरान जनरल बाजवा ने ISI को कुछ ऐसे अधिकारियों के परिवारों को निशाना बनाने का आदेश दिया था जो इस तख्तापलट का विरोध कर रहे थे. माना जा रहा है कि यह हमला उन्हीं पीड़ित अधिकारियों के परिजनों या जूनियर कर्मियों ने किया है.

महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर गंभीर आरोप, पीड़िता ने समझौते की धमकियों की जानकारी पुलिस को दी

जयपुर  महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर राजस्थान निवासी एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने ई-मेल के माध्यम से दिल्ली पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि धर्म और आस्था का भरोसा दिलाकर उसके साथ मानसिक रूप से प्रभाव डालते हुए दुष्कर्म किया गया। शिकायत में युवती का कहना है कि उत्तम स्वामी स्वयं को आध्यात्मिक गुरु बताते हैं और समाज में उनका व्यापक प्रभाव है। युवती के अनुसार, जब उन्हें यह जानकारी मिली कि वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है, तो उसे सीधे और परोक्ष रूप से धमकियां दी जाने लगीं, ताकि वह एफआईआर दर्ज न कराए। पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज करवाने की भनक लगते ही उसे धमकियां मिलने लगी हैं। उत्तम स्वामी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनके करीबी लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं। युवती ने ई-मेल में लिखा है कि उसके और उसके परिवार के बारे में बेहद निजी जानकारी रखी जा रही है। उसे नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका है। पीड़िता ने कहा- धर्म की आड़ में कई साल किया यौन शोषण युवती ने आरोप लगाया है कि उत्तम स्वामी कई साल से उसका यौन शोषण कर रहा था। जब वह नाबालिग थी, तभी से धर्म की आड़ में उसके साथ गलत काम किए गए। उसने विरोध किया तो उसे डराया-धमकाया गया। उत्तम स्वामी के प्रभाव के कारण लंबे समय तक वह शिकायत नहीं कर सकी। पीड़िता ने यह भी कहा है कि उसके पास आरोपों से जुड़े सबूत हैं और वह कानून की मदद लेना चाहती है। उसने आशंका जताई है कि आरोपी के प्रभाव के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है। गवाहों को प्रभावित करने की आशंका युवती ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि मामले के गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। साथ ही उसने दावा किया है कि उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी के पास ऐसे समर्थक हैं, जो उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी हासिल कर सकते हैं, जिससे उसकी सुरक्षा को खतरा है। पीड़िता के अंग्रेजी में भेजे गए ईमेल का हिन्दी में अनुवाद… मैं (पीड़िता) अपने लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा का औपचारिक अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं। मुझे उत्तम स्वामी (आरोपी) द्वारा गंभीर यौन अपराध (बलात्कार) का शिकार बनाया गया है। मैं भारतीय न्याय संहिता (BNS)/भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत औपचारिक शिकायत दर्ज कराने वाली हूं। आरोपी स्वयंभू आध्यात्मिक व्यक्ति है, जिसका काफी प्रभाव और बड़ा अनुयायी वर्ग है। उसे हाल ही में मेरे द्वारा कानूनी कार्रवाई करने के इरादे की जानकारी मिल गई है। तब से मुझे एफआईआर दर्ज होने से रोकने और चुप कराने के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी के “गॉडमैन” जैसे प्रभाव के कारण गवाहों को प्रभावित करने, शारीरिक डराने-धमकाने और सबूत नष्ट करने का गंभीर खतरा है। आरोपी के पास मेरे आवागमन पर नजर रखने के संसाधन हैं, जिससे मैं अत्यंत असुरक्षित महसूस कर रही हूं। साथ ही, मीडिया में खबरें आने और आरोपी को मेरी पहचान पता चलने के कारण मेरी सुरक्षा खतरे में है। आरोपी ने धर्म और आस्था के नाम पर मुझे बहला-फुसलाकर कई स्थानों पर मेरे साथ बलात्कार किया है। बलात्कार के अतिरिक्त उस पर धोखाधड़ी, छल और आपराधिक विश्वासघात के भी आरोप हैं। मैं निवेदन करती हूं कि मेरे वर्तमान निवास पर 24×7 पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। कृपया मेरी पहचान और वर्तमान स्थान को गोपनीय रखा जाए। हमें आपके कार्यालय की प्रतिबद्धता पर विश्वास है और आशा है कि भय के कारण न्याय बाधित नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस ने की जांच और कार्रवाई की मांग उत्तम स्वामी पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े नेताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

विदिशा हादसा: बारातियों की कार भटक कर तालाब में गिरी, कई घायल और तीन की मौत

विदिशा  मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार देर रात बारातियों से भरी तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लाेग घायल हो गए, घायलाें में दाे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार गैरतगंज के जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहां बारात आ रही थी। टवेरा कार में कुल 10 लोग सवार थे। देर रात अंधेरा होने और तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 30 फीट नीचे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 30 वर्षीय सोनू लोधी (ड्राइवर) और 35 वर्षीय चंद्रशेखर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों में अशोक लोधी (25) का बायां हाथ फ्रैक्चर हुआ है। 14 वर्षीय राज बोधी के पेट में गंभीर चोट आई है। बृजेश लोधी (27) और सुदीप लोधी (20) के सीने में गंभीर चोटें हैं। 45 वर्षीय भावसिंह लोधी और 10 वर्षीय ऋतुराज लोधी की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक घायल को देर रात गंभीर हालत में भोपाल रेफर करना पड़ा। ग्रामीणों ने दिखाई मानवता हादसा शादी वाले घर से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। कई घायल खून से लथपथ थे—किसी के माथे से तो किसी के हाथ से लगातार खून बह रहा था। कलेक्टर पहुंचे अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।  

ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा

ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है। परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई।  दोगुना से अधिक हुआ निर्यात उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। 200 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।