samacharsecretary.com

मुंबई हादसे पर सरकार एक्शन में, CM फडणवीस ने जांच बैठाई, पीड़ित परिवारों को राहत राशि घोषित

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मुलुंड इलाके में हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक राहत की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र सीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मुंबई के मुलुंड इलाके में मेट्रो कंस्ट्रक्शन स्लैब गिरने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख जताया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं।" पोस्ट में आगे कहा गया है, "राज्य सरकार मृतकों के परिवार वालों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देगी और घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है।" डीसीपी मुंबई हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि मुलुंड की घटना को लेकर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, "मेट्रो के निर्माणाधीन ब्रिज का एक कंक्रीट का पार्ट नीचे गिर गया। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन व्यक्ति घायल हैं। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" शनिवार को दोपहर करीब 12:20 बजे मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्य के दौरान मुलुंड (वेस्ट) के एलबीएस रोड पर यह हादसा हुआ। मेट्रो पिलर के सीमेंट का एक बड़ा हिस्सा एक चलते हुए ऑटोरिक्शा पर गिर गया। हादसा इतना भयानक था कि ऑटोरिक्शा चकनाचूर हो गया। ऑटोरिक्शा के अलावा एक कार भी चपेट में आई। उसका आगे का दाहिना हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (एमएफबी), स्थानीय पुलिस, मेट्रो स्टाफ और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को 108 एम्बुलेंस से पास के हॉस्पिटल ले जाया गया। इस भयानक हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है, जबकि घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रूहिया शामिल हैं। राजकुमार इंद्रजीत यादव की स्थिति गंभीर बताई गई है।

आसमान में बवाल: फ्लाइट में मारपीट से मचा हड़कंप, बेल्जियम में उतारना पड़ा विमान

तुर्की तुर्की से यूनाइटेड किंगडम (UK) जा रही Jet2 की एक फ्लाइट में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रियों के बीच हवा में ही हिंसक झड़प शुरू हो गई। इस घटना के चलते विमान को रास्ते में ही Belgium में डायवर्ट करना पड़ा। फ्लाइट LS896, जो Antalya से Manchester जा रही थी, में गुरुवार को अचानक दो यात्रियों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विमान के गलियारे में यात्री एक-दूसरे पर घूंसे बरसा रहे हैं, जबकि आसपास बैठे लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं। एयरलाइन की ओर से जारी बयान में इस घटना को “बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य व्यवहार” बताया गया।   जेट2 के मुताबिक, झगड़े में शामिल दोनों “डिसरप्टिव पैसेंजर्स” को ब्रसेल्स में विमान से उतार दिया गया, जहां स्थानीय पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद फ्लाइट ने दोबारा उड़ान भरी और मैनचेस्टर पहुंची। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि झगड़े की शुरुआत किस वजह से हुई, लेकिन ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक चश्मदीद ने दावा किया है कि उड़ान के दौरान एक पुरुष यात्री ने कथित तौर पर नस्लवादी टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद हिंसा में बदल गया। यह घटना एक बार फिर फ्लाइट सेफ्टी और यात्रियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न सिर्फ यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि सैकड़ों लोगों की यात्रा भी प्रभावित होती है।

घरेलू मनी ट्रांसफर में सुधार जरूरी: जयराम रमेश ने उठाया मुद्दा

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि घरेलू स्तर पर धन प्रेषण (रेमिटेंस) में लगने वाला समय और लागत कम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश सहित कई पूर्वी और उत्तरी राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं को मदद मिलती है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''भारत को 2025 में विदेशों से पहले लगभग 135 अरब डॉलर की राशि (रेमिटेंस) प्राप्त हुई। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 3.4 प्रतिशत है। देश के भुगतान संतुलन के प्रबंधन में विदेश से भारतीय नागरिकों द्वारा भेजे जाने वाले पैसे की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है और केरल जैसे कई राज्यों की अर्थव्यवस्था के लिए ये निर्णायक रहे हैं। इन धन प्रेषण (रेमिटेंस) पर व्यापक अध्ययन भी हुआ है।'' उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, देश के भीतर एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवासी श्रमिकों द्वारा भेजी जाने वाली राशि की मात्रा के बारे में अपेक्षाकृत कम जानकारी उपलब्ध है। रमेश ने कहा, ''केरल के संबंध में कुछ अनुमान लगाए गए हैं, जिनके अनुसार एक अध्ययन बताता है कि केरल के भीतर से होने वाले घरेलू धन प्रेषण, केरल को विदेशों से प्राप्त प्रेषणों का लगभग एक-तिहाई हो सकते हैं।'' रमेश ने इस बात का उल्लेख किया, ''एमस्टर्डम विश्वविद्यालय के शिक्षाविद रॉबिन वैन जेन ड्यूजिन ने अत्यंत उपयोगी लेख लिखा है। उनके अनुसार, 2024 में पूरे भारत में घरेलू धन प्रेषण का अनुमान 36 से 48 अरब डॉलर के बीच है। यह भारत को विदेशों से प्राप्त प्रेषण का लगभग एक-तिहाई से अधिक है।'' रमेश ने कहा, ''दुर्भाग्यवश, घरेलू धन प्रेषण को कम सुर्खियां मिलती हैं, वे कम उत्साह पैदा करते हैं और उन्हें विदेशों से आने वाले धन प्रेषण की तुलना में कम नीतिगत ध्यान प्राप्त होता है। यह स्थिति बदलनी चाहिए, क्योंकि घरेलू प्रेषण की मात्रा भी महत्वपूर्ण है और उनका सामाजिक-आर्थिक प्रभाव भी व्यापक है।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रेषण में लगने वाले समय और लागत को कम किया जाना चाहिए। रमेश का यह भी कहना है कि घरेलू प्रेषण पूर्वी राज्यों तथा उत्तर प्रदेश जैसे कुछ उत्तरी राज्यों की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ कर रहे हैं।  

शादी की खुशियां मातम में बदलीं: तिलक से लौट रहे 3 लोगों को ट्रक ने रौंदा, घर में पसरा सन्नाटा

पटना बिहार के पूर्णिया से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि टोटो पर 6 लोग सवार थे। पिता-पुत्र समेत 3 की मौके पर दर्दनाक मौत मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार देर रात सरसी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर नहर के पास की है। मृतकों की पहचान धमदाहा थाना क्षेत्र के कुमारी गांव निवासी 45 वर्षीय जागो ऋषि, उनके 18 वर्षीय पुत्र किशन कुमार और 40 वर्षीय कंचन देवी के रूप में हुई है। हादसे में टोटो चालक समेत तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। रघुनाथपुर नहर के समीप तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। तिलक समारोह से लौट रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, 24 फरवरी को जागो ऋषि की बेटी की शादी होनी थी। टोटो पर सवार छह लोग तिलक की रस्म पूरी कर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में तेज रफ्तार ट्रक ने टोटो को टक्कर मारते हुए तीन लोगों को कुचल दिया और चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस जांच में जुटी इधर सूचना मिलते ही सरसी और धमदाहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त टोटो को जब्त कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान के लिए जांच जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गोल्ड-सिल्वर में भारी गिरावट! Valentine’s Day पर चांदी लुढ़की, सोने के दाम भी टूटे—देखें नया रेट

झारखण्ड अगर आप सोना-चांदी खरीदने या गहने बनवाने की सोच रहे हैं, तो पहले ताजा भाव जरूर जान लें। बाजार में इन दिनों सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में सही जानकारी के बिना खरीदारी करना महंगा पड़ सकता है। रांची में सोना-चांदी के दाम में गिरावट रांची ज्वेलरी एसोसिएशन के अनुसार राजधानी रांची में सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई है। आज 22 कैरेट सोना 1,44,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना 1,51,520 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। चांदी की बात करें तो आज इसका भाव 2,80,000 रुपये प्रति किलो है। जबकि शनिवार को चांदी 3,00,000 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। यानी एक ही दिन में चांदी 20,000 रुपये सस्ती हो गई है। सोना भी हुआ सस्ता रांची में 22 और 24 कैरेट सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है।     22 कैरेट सोना कल 1,46,200 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो आज घटकर 1,44,300 रुपये हो गया है। यानी 1,900 रुपये की कमी आई है।     24 कैरेट सोना कल 1,53,510 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो आज 1,51,520 रुपये पर आ गया है। यानी 1,990 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। अन्य शहरों में क्या है हाल? बोकारो     22 कैरेट सोना: 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम      24 कैरेट सोना: 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     चांदी: 2,55,000 रुपये प्रति किलो जमशेदपुर     22 कैरेट सोना: 1,42,200 रुपये प्रति 10 ग्राम     24 कैरेट सोना: 1,55,240 रुपये प्रति 10 ग्राम     चांदी: 2,45,630 रुपये प्रति किलो देवघर     22 कैरेट सोना: 1,43,229 रुपये प्रति 10 ग्राम     24 कैरेट सोना: 1,56,250 रुपये प्रति 10 ग्राम     चांदी: 2,45,630 रुपये प्रति किलो कुल मिलाकर, आज सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। हालांकि बाजार में दाम रोज बदल रहे हैं, इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें।  

मासूमों की मौतों का रहस्य उजागर, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर विसरा रिपोर्ट में नया खुलासा

छिंदवाड़ा  साल 2025 में जहरीला कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौतें हुईं थी. इस मामले की विसरा रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें इस बात की पुष्टि हो गई है कि बच्चों की मौत जहरीले केमिकल डाई एथिलीन ग्लाइकॉल की वजह से हुई है. इस मामले में पुलिस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था. सितंबर 2025 में कफ सिरफ से हुई बच्चों की मौतों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. 'डाई एथिलीन ग्लाइकॉल से खराब हुईं किडनी' छिंदवाड़ा और बैतूल के बच्चों को मामूली सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद परासिया के सरकारी डॉक्टर के निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया था. जांच के बाद डॉक्टर ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बच्चों को पिलाने के लिए लिखा था. इस दवा के इस्तेमाल से बच्चों की लगातार मौतें हो रहीं थीं. जांच में पाया गया था कि सिरप में जरूरत से ज्यादा मात्रा में डाई एथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया था. जिसके बाद मृतक बच्चों की विसरा रिपोर्ट भी जांच के लिए भेजी गई थी. परासिया के एसडीओपी और SIT प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने  बताया कि "बच्चों के आंतरिक अंगों में भी डाई एथिलीन ग्लाइकॉल दवा पाई गई है. जिसकी वजह से किडनी खराब हुईं थी. कोल्ड्रिफ कफ सिरप में भी यह ज्यादा मात्रा में पाई गई है." 'सप्लीमेंट्री चार्जशीट फिर से की जाएगी पेश' एसआईटी प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया, "बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साबित हो गया है कि बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से हुई है. इसमें पाया जाने वाला केमिकल खतरनाक था. इस आधार पर सप्लीमेंट्री चार्ज शीट फिर से पेश की जाएगी, जिसमें इन तथ्यों को शामिल कर उन लोगों को आरोपी बनाया जाएगा जो इसमें शामिल हैं." 11 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद बच्चों की धीरे-धीरे किडनी खराब हो रही थीं. इसके चलते छिंदवाड़ा और बैतूल के कुल 24 बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार और छिंदवाड़ा पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था. टीम ने कार्रवाई करते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन सहित कफ सिरप बच्चों को प्रिसक्राइब करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी, स्टॉकिस्ट और केमिकल एनालिस्ट सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. फिलहाल, सभी आरोपी जेल में हैं. प्रशासनिक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं परिजन पीड़ित परिजनों की पैरवी कर रहे एडवोकेट संजय पटेरिया का कहना है, "जिस तरीके से इस मामले की जांच की गई और कुछ लोगों को ही आरोपी बनाया गया है. इस कार्रवाई से पीड़ितों के परिजन नाखुश हैं. इससे नाराज परिजनों ने 17 फरवरी से प्रदर्शन करने की प्रशासन से अनुमति मांगी है." परिजनों का कहना है कि डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. अमित ठाकुर ने भी कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों का इलाज किया था. उन दोनों पर मामला दर्ज नहीं किया गया है, जबकि पुलिस का कहना है की जांच अभी जारी है, जो भी दोषी होंगे उनको सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल कर आरोपी बनाया जाएगा.

पढ़ाई के लिए अमेरिका गया भारतीय छात्र गायब, सैन फ्रांसिस्को में तलाश तेज

न्यू यार्क अमेरिका से भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। कर्नाटक के रहने वाले और University of California, Berkeley में पोस्ट-ग्रेजुएट की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया लापता हो गए हैं। इस मामले पर Consulate General of India, San Francisco ने गहरी चिंता जताई है। दूतावास ने बताया कि वह छात्र के माता-पिता के संपर्क में है और स्थानीय अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर साकेत की तलाश में जुटा हुआ है। भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि साकेत श्रीनिवासैया के लापता होने की जानकारी बेहद चिंताजनक है और हरसंभव सहायता की जा रही है। यह घटना कोई पहली नहीं है। बीते वर्षों में विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों ने नस्लीय भेदभाव, हमलों और स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही की शिकायतें उठाई हैं। इसी मुद्दे पर लोकसभा में सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय ने बताया था कि सरकार भारतीय छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेशों में किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत संबंधित देश की सरकार के सामने उठाया जाता है। भारतीय दूतावास छात्रों से लगातार संपर्क में रहते हैं, प्री-ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करते हैं और MADAD पोर्टल, व्हाट्सऐप ग्रुप, इमरजेंसी हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि संकट की स्थिति में भारतीय समुदाय कल्याण कोष (ICWF) के जरिए छात्रों को मदद दी जाती है और जरूरत पड़ने पर बड़े पैमाने पर निकासी अभियान भी चलाए जाते हैं। साकेत श्रीनिवासैया की गुमशुदगी ने एक बार फिर विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

सरकार का बड़ा फैसला: नया नाम, नया पता—PMO अब ‘सेवा तीर्थ’ से करेगा काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का पता अब बदल गया है। कल 13 फरवरी 2026 को साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई, जहां एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भवन परिसर का उद्घाटन किया, जिसका नाम 'सेवा तीर्थ' रखा गया है। अब से कैबिनेट बैठकें और पीएमओ का काम इसी नए परिसर में होगा। साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। ये भवन औपनिवेशिक शासन के प्रतीक थे, जिनके जरिए भारत को लंबे समय तक गुलामी में रखा गया। 1947 में आजादी मिलने के बाद भी प्रशासनिक ढांचा काफी हद तक उसी पुरानी व्यवस्था पर आधारित रहा। स्वतंत्रता के बाद से पीएमओ साउथ ब्लॉक से ही संचालित होता आया है। अब यह बदलाव एक ऐतिहासिक कदम है, जो औपनिवेशिक अतीत से मुक्ति और भारतीय मूल्यों पर आधारित नई शुरुआत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ के उद्घाटन के दौरान कहा कि सेवा भारत की आत्मा और असली पहचान है। इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी एक छत के नीचे आ गए हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज अधिक कुशल, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित बनेगा। परिसर की दीवार पर 'नागरिक देवो भव' का आदर्श वाक्य अंकित है, जो सेवा की भावना को मजबूत करता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह बदलाव सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत कई अन्य नाम भी बदले गए हैं, जैसे केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन और राजपथ को कर्तव्य पथ। सरकार का मानना है कि ये कदम औपनिवेशिक प्रतीकों से दूर हटकर आधुनिक, भारतीय जनभावना के अनुरूप शासन व्यवस्था को मजबूत करेंगे। सेवा तीर्थ में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल एकीकरण और बेहतर समन्वय की व्यवस्था है, जो देश की प्रगति और विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी।

PM मोदी को बुलाया जा सकता है बांग्लादेश के तारिक रहमान शपथ ग्रहण समारोह में, BNP दे सकती है न्योता

नई दिल्ली बांग्लादेश में फरवरी 2026 के चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने के बाद तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर BNP ने भारत के साथ संबंधों में एक 'नई शुरुआत' करने का संकेत दिया है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा बीएनपी सभी क्षेत्रीय राष्ट्राध्यक्षों को भी आमंत्रित कर सकती है. तारिक रहमान के विदेशी मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने पीटीआई से बात करते हुए स्पष्ट किया है कि यह समय दोनों देशों के लिए अपनी पुरानी धारणाओं को बदलने का है. उन्होंने कहा, 'भारत को यह समझना होगा कि आज के बांग्लादेश में शेख हसीना और अवामी लीग का अस्तित्व नहीं बचा है. BNP ने भारत से अपील की है कि वह शेख हसीना जैसी "आतंकवादी" को अपनी जमीन पर पनाह न दे, जिन्होंने बांग्लादेश को अस्थिर करने का प्रयास किया. हुमायूं कबीर के अनुसार, यदि भारत 'पड़ोसी प्रथम' की नीति के तहत सम्मानजनक व्यवहार करता है, तो दोनों देश विकास के नए आयाम छू सकते हैं. पीएम मोदी और तारिक रहमान की बातचीत चुनाव परिणामों के तुरंत बाद, 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान से फोन पर बात की और उन्हें इस शानदार जीत की बधाई दी. बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण रही, जिसमें पीएम मोदी ने एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया. पीएम मोदी ने तारिक रहमान को अपनी सुविधानुसार भारत आने का निमंत्रण भी दिया है.  

CEPA पर भारत-कनाडा की बातचीत तेज, उच्चायुक्त का दावा—डील आसान और संभव

कनाडा कनाडा में भारत के उच्चायुक्त ने भारत-कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर बड़ा और सकारात्मक संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि यह डील “बिल्कुल भी मुश्किल नहीं” होनी चाहिए और इसके लिए औपचारिक व्यापार वार्ताएं फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में शुरू हो सकती हैं। कनाडा के प्रतिष्ठित अख़बार Financial Post को दिए साक्षात्कार में उच्चायुक्त पटनायक ने बताया कि भारत और कनाडा ने G20 शिखर सम्मेलन, जोहान्सबर्ग के दौरान CEPA वार्ता शुरू करने का फैसला किया था और फिलहाल दोनों देश Terms of Reference (संदर्भ शर्तों) को अंतिम रूप दे रहे हैं।  क्यों आसान होगी CEPA डील? दिनेश पटनायक ने कहा कि भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कई वर्षों से चल रही थी, लेकिन कुछ कारणों से यह प्रक्रिया रुकी हुई थी। अब वह “पॉज” हटा लिया गया है। उन्होंने बताया कि कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney की सरकार ने संसद को 90 दिन का नोटिस दे दिया है, जिसके बाद औपचारिक वार्ताएं शुरू हो सकेंगी।  उनका कहना है कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में आए बदलाव, भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि और दोनों देशों द्वारा अलग-अलग व्यापार समझौते किए जाने से CEPA को नया आकार मिलेगा। पटनायक ने कहा -“दोनों पक्षों की मंशा साफ है, इसलिए मुझे भरोसा है कि हम इसे बहुत जल्द पूरा कर लेंगे।”   किन सेक्टरों पर होगा फोकस? उच्चायुक्त ने बताया कि CEPA केवल एक समझौता नहीं, बल्कि लगभग हर बड़े सेक्टर को कवर करेगा। इसमें शामिल होंगे:       डिफेंस और एयरोस्पेस     माइनिंग और एनर्जी     निवेश और फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स     रिसर्च, इनोवेशन और AI     उन्होंने कहा कि समझौते का मकसद होगा:     टैरिफ कम करना     कस्टम्स और दस्तावेज़ी प्रक्रिया सरल बनाना     नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाना     लॉजिस्टिक्स और निवेश को आसान बनाना पटनायक ने CEPA की तुलना “शादी” से की पटनायक ने CEPA की तुलना “शादी” से करते हुए कहा कि जैसे शादी में रिश्ते को आसान बनाने वाली बाधाएं हटाई जाती हैं, वैसे ही यह समझौता व्यापार में आने वाली अड़चनों को खत्म करेगा।     भारत-कनाडा व्यापार का मौजूदा आंकड़ा     भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार:     2024 में भारत का कनाडा को निर्यात: 8.02 अरब कनाडाई डॉलर     कनाडा से भारत का आयात: 5.30 अरब कनाडाई डॉलर     यह आंकड़े बताते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। CEPA से आगे भी रिश्तों पर जोर दिनेश पटनायक ने साफ किया कि CEPA अहम जरूर है, लेकिन यही एकमात्र केंद्रबिंदु नहीं है। भारत और कनाडा जल्द ही Canada-India Friendship Society शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों की संसदों, सांसदों, नागरिक समाज और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच सीधा संवाद बढ़े।उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में रिश्तों में आई “छोटी-सी खरोंच” के बावजूद  लोगों के बीच संबंध मजबूत रहे, व्यापार बढ़ता रहा, शिक्षा, शोध और नवाचार पर कोई असर नहीं पड़ा।  यह दोनों देशों के रिश्तों की असली मजबूती दिखाता है।