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छत्तीसगढ़ सरकार का फैसला, 82 लाख परिवारों को मिलेगा 2 माह का राशन अग्रिम

रायपुर  छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के राशन कार्ड धारकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत प्रदेश के लगभग 82 लाख परिवारों को फरवरी 2026 में ही दो महीने (फरवरी और मार्च) का चावल एकमुश्त प्रदान किया जाएगा। खाद्य विभाग (CG News) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य वितरण प्रणाली को सुचारू बनाना और कार्ड धारकों को अग्रिम राहत पहुँचाना है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को समय पर भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं। किसे मिलेगा कौन सा राशन? इस विशेष वितरण योजना (CG News) के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल (पोषण युक्त चावल) दिया जाएगा। वहीं, राज्य योजना के सामान्य एपीएल कार्ड धारकों को उनकी मासिक पात्रता के अनुसार चावल का वितरण होगा। चावल के अतिरिक्त, फरवरी माह के लिए नमक, शक्कर और गुड़ का आबंटन भी जारी किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड वालों को प्राथमिकता राज्य योजना के दायरे में आने वाले अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और दिव्यांग राशनकार्ड धारकों को फरवरी में ही दो माह की पात्रता का चावल मिलेगा। इन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित मात्रा के अनुसार सामान्य (नॉन-फोर्टिफाइड) चावल का वितरण किया जाएगा। सरकार ने इस आबंटन को एकमुश्त जारी किया है और राशन दुकानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने गोदामों में पर्याप्त स्टॉक जमा कर लें ताकि किसी भी कार्ड धारक को खाली हाथ न लौटना पड़े। फोर्टिफाइड राइस का भी होगा वितरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड धारकों को उनकी नियमित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। खाद्य विभाग के मुताबिक, इन परिवारों के लिए फरवरी का नियमित कोटा जारी कर दिया गया है। फोर्टिफाइड चावल पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसे सरकार कुपोषण से लड़ने के लिए वितरित कर रही है। वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्थानीय स्तर पर टीमें भी गठित की गई हैं। चावल के साथ नमक और शक्कर की भी व्यवस्था केवल चावल ही नहीं, बल्कि अन्य जरूरी खाद्य सामग्री का आबंटन भी जारी कर दिया गया है। सामान्य एपीएल (APL) कार्ड धारकों के लिए फरवरी का मासिक कोटा दुकानों तक भेज दिया गया है। इसके अलावा फरवरी महीने के लिए नमक, शक्कर और गुड़ की मात्रा भी तय कर दी गई है। उचित मूल्य की दुकानों को साफ तौर पर कहा गया है कि वे आबंटन के अनुसार ही सामग्रियों का वितरण करें और पारदर्शिता बनाए रखें। ई-पॉस मशीन से होगा सत्यापन राशन लेने के लिए हितग्राहियों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। चूंकि इस बार दो महीने का चावल एक साथ मिल रहा है, इसलिए ई-पॉस मशीन में फरवरी और मार्च के लिए अलग-अलग अंगूठा लगाना (बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण) अनिवार्य होगा। खाद्य विभाग के सॉफ्टवेयर में इसके लिए जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे उपभोक्ताओं को पहले से इसकी जानकारी दे दें ताकि सत्यापन के दौरान समय कम लगे। भंडारण और स्टॉक की स्थिति मजबूत खाद्य विभाग ने आश्वस्त किया है कि नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के गोदामों और उचित मूल्य की दुकानों में अनाज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने वितरण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विशेष टीम तैनात की है जो रोजाना स्टॉक और वितरण की रिपोर्ट चेक करेगी। यदि किसी दुकान पर राशन की कमी पाई जाती है, तो वहां तुरंत अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस फैसले से गरीब परिवारों को अग्रिम राशन मिलने से काफी मदद मिलेगी। बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य राशन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ई-पास (e-PoS) मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य रखा है। चूंकि इस बार दो महीने का राशन एक साथ दिया जा रहा है, इसलिए हितग्राहियों को मशीन पर दो बार (पृथक-पृथक) अंगूठा लगाकर प्रमाणीकरण करना होगा। एईपीडीएस (AePDS) सॉफ्टवेयर में इसके लिए आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए हैं। दुकानदारों को भी निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया के बारे में पहले से जानकारी दें ताकि दुकानों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। भंडारण और निगरानी के कड़े निर्देश सरकार ने स्पष्ट किया है कि दो महीने का राशन एकमुश्त (CG News) देने के कारण उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त स्टॉक होना अनिवार्य है। खाद्य विभाग के नियंत्रकों ने पुष्टि की है कि गोदामों से चावल का उठाव तेजी से किया जा रहा है और वितरण की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। हालांकि, मिलिंग की धीमी गति के कारण कुछ क्षेत्रों में स्टॉक की चुनौतियों की चर्चा थी, लेकिन विभाग ने दावा किया है कि वितरण में कोई बाधा नहीं आएगी और प्रत्येक पात्र परिवार को उनका हक समय पर मिलेगा।

नोएडा वासियों के लिए खुशखबरी: सेक्टर 142–बॉटनिकल गार्डन मेट्रो कनेक्टिविटी से सफर होगा आसान

नई दिल्ली सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा।   साकेंद्र सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को एक बड़ी सौगात देते हुए यहां मेट्रो के विस्तार को हरी झंडी देते हुए एक नई लाइन को मंजूरी दे दी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक करीब 11.56 किमी लंबे एक्सटेंशन (विस्तार) कॉरिडोर को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस नई लाइन पर आठ एलिवेटेड (ऊंचाई पर) स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कॉरिडोर के बनने से ना केवल नोएडा बल्कि ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए भी दिल्ली तक का सफर बहुत आसान हो जाएगा और उनके समय की भी भारी बचत होगी। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में 61.62 Km का हो जाएगा मेट्रो रेल नेटवर्क सरकार ने बताया कि इस नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सक्रिय नेटवर्क क्षेत्र बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगा। शनिवार को इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि यह नया विस्तार कॉरिडोर, नोएडा के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा, साथ ही यह परियोजना शहर की बुनियादी सुविधाओं में एक बड़ा सुधार भी है। बॉटनिकल गार्डन में ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधा इंटरचेंज सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा, साथ ही इससे बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज लाइन भी मिलेगी। इसका फायदा बताते हुए सरकार ने बताया कि इंटरचेंज की सुविधा मिलने से यात्रियों को दिल्ली और अन्य हिस्सों में जाने के लिए बार-बार साधन बदलने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। बनाया जाएगा 11.56 किलोमीटर की लम्बाई वाला ट्रैक बयान में कहा गया कि इस कॉरिडोर से लगभग 11.56 किलोमीटर की लम्बाई का ट्रैक बनेगा और शहर में सार्वजनिक यातायात भी बेहतर होगा। साथ ही यह प्रोजेक्ट बहुत ज्यादा चहल-पहल वाले कॉरिडोर के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, जिसमें बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज, ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन शामिल हैं। इस कॉरिडोर की वजह से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में तरक्की दिखाई देगी और नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा मेट्रो रेल नेटवर्क के एक बड़े विस्तार के तौर पर काम करेगा। सरकार ने कहा कि नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक एक्सटेंशन कॉरिडोर न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएगा बल्कि इकॉनमिक एक्टिविटी को भी बढ़ावा देगा और शहर में रहने वालों और नौकरी, बिजनेस, एजुकेशन और दूसरे कामों से सामान्य रूप से आने-जाने वालों के लिए भी आना-जाना आसान बनाएगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एक्स पर दी जानकारी उधर इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक मेट्रो कॉरिडोर के एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर की लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के चालू होने पर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर में 61.62 Km का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क होगा। नोएडा सेक्टर 142 से नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का यह कॉरिडोर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक बड़ी तरक्की दिखाता है।’

तनाव के साये में क्रिकेट जंग: भारत-पाकिस्तान भिड़ंत पर सबकी नजर

कोलंबो रविवार को क्रिकेट में सबसे ज़्यादा इंतज़ार किए जाने वाले मैचों में से एक होगा, जब भारत और पाकिस्तान पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में यहां आर प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। यह मैच, जो पहले से ही अपने ज़ोरदार खेल के लिए मशहूर है, मैदान के बाहर हुई ज़बरदस्त घटनाओं के बैकग्राउंड में हो रहा है, जिसने टूर्नामेंट में और भी दिलचस्प बातें जोड़ दी हैं। बंगलादेश ने अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए वर्ल्ड कप से नाम वापस ले लिया, और अपने ग्रुप-स्टेज मैचों के लिए भारत नहीं आने का फ़ैसला किया। उनकी जगह, स्कॉटलैंड ने यह पक्का किया कि टूर्नामेंट आसानी से हो सके। शुरू में, खबर थी कि बंगलादेश के नाम वापस लेने के बाद पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ अपने मैच का रिव्यू कर रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी के साथ बातचीत के बाद, पाकिस्तान ने कन्फ़र्म किया कि वे तय समय पर भारत के ख़िलाफ खेलेंगे, जिससे फ़ैन बिना किसी रुकावट के इस बड़े मैच का इंतज़ार कर सकें। मैदान पर, भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में आठ मैचों में सात जीत के अपने शानदार रिकॉर्ड के दम पर फेवरेट के तौर पर उतरेगा, जिसमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत भी शामिल है। भारत की बैटिंग की ताकत जबरदस्त शुरुआत और मोमेंटम बनाए रखने में काबिल एक मज़बूत मिडिल ऑर्डर का कॉम्बिनेशन है। ईशान किशन ज़बरदस्त फॉर्म में हैं, 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 220 से ज़्यादा रहा है और उन्होंने हाल ही में 24 गेंदों पर 61 रन बनाए हैं। अगर वह जल्दी चल पड़ते हैं, तो भारत पावरप्ले पर कंट्रोल कर सकता है और पाकिस्तान पर तुरंत प्रेशर डाल सकता है। सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा से बीच के ओवरों में पारी को संभालने की उम्मीद है, जबकि हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल डेथ ओवरों में तेज़ी लाने के लिए फायरपावर देंगे। भारत का बॉलिंग अटैक भी उतना ही बैलेंस्ड है: जसप्रीत बुमराह पेस यूनिट को लीड करते हैं, जिन्हें स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, अक्षर और कुलदीप यादव का सपोर्ट मिलता है, जो कोलंबो की धीमी, टर्निंग पिच के लिए काफी सही हैं। पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में लगातार मैच जीतकर अपने मोमेंटम के साथ आ रहा है। उनकी ताकत उनके स्पिन अटैक में है, जिसे शादाब खान और अनोखे उस्मान तारिक लीड कर रहे हैं, जो धीमी पिच पर अच्छा खेलते हैं और भारत के मिडिल ऑर्डर को परख सकते हैं। साहिबज़ादा फरहान, जो पिछले गेम में शानदार 73 रन की पारी खेलकर फ्रेश हुए हैं, बाबर आज़म और उस्मान खान के साथ मिलकर पारी को संभालेंगे और भारत की बैटिंग की गहराई को चुनौती देने के लिए पार्टनरशिप बनाएंगे। अब जब मैदान के बाहर की अनिश्चितताएं दूर हो गई हैं, तो पाकिस्तान सिर्फ परफॉर्मेंस पर फोकस कर सकता है, जिससे उन्हें भारत के दबदबे का मुकाबला करने का एक भरोसेमंद मौका मिलेगा। इस मुकाबले में टॉस अहम भूमिका निभा सकता है। बीच-बीच में बारिश का अनुमान है, और आसमान में बादल छाए रहने से पारी की शुरुआत में सीमर्स को फायदा हो सकता है, जबकि धीमी होती पिच से मैच आगे बढ़ने पर स्पिनर्स को फायदा होगा। टी20 क्रिकेट, खासकर इतने बड़े मैच में, अक्सर कुछ अहम पलों पर निर्भर करता है, एक शानदार पार्टनरशिप, अचानक हार, या एक अच्छी तरह से की गई डिलीवरी नतीजा तय कर सकती है। आखिर में, भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी 20 वर्ल्ड कप मैच जीतने का सिलसिला जारी रखने के लिए फेवरेट के तौर पर उतरेगा, लेकिन यह कोई सीधा मुकाबला नहीं होगा। किशन की ज़बरदस्त बैटिंग, पाकिस्तान का टैक्टिकल स्पिन अटैक, और बंगलादेश के हटने और पाकिस्तान के शेड्यूलिंग रिव्यू के सुलझने के बाद साइकोलॉजिकल इंटेंसिटी यह पक्का करती है कि यह मैच ड्रामा, हाई-स्टेक कॉम्पिटिशन और यादगार पलों का वादा करता है। स्किल और इमोशन दोनों में, यह मुकाबला क्रिकेट के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक जैसा नज़ारा पेश करने के लिए तैयार है।  

मुकाबले से नेतृत्व तक का सफर, चिन्नास्वामी में गढ़ी मेरी पहचान: अनिल कुंबले

बेंगलुरु भारत में कुछ ही ग्राउंड ऐसे हैं जो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम जितनी यादें, जीत और दुख समेटे हुए हैं। भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले शुक्रवार को स्टेडियम की 50वीं सालगिरह मनाने के लिए स्टेडियम लौटे, और अपने करियर के बारे में बताया जो एक युवा दर्शक के तौर पर वहीं से शुरू हुआ और देश के सबसे मशहूर क्रिकेट ग्राउंड में से एक के साथ-साथ आगे बढ़ा। कुंबले ने याद किया कि नौ साल की उम्र में वह बेंगलुरु की इस जगह पर रणजी ट्रॉफी मैच देखने के लिए पुलिस को चकमा देकर चुपके से निकल गए थे। उन्होंने याद करते हुए कहा, "मैं रोजर बिन्नी को सेंचुरी बनाते देखने आया था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं यहां खेलूंगा, या इंडियन कैप भी पहनूंगा।" किस्मत ने पलटा खाया, कुंबले के अपने रणजी डेब्यू में भी बिन्नी कप्तान थे, यह एक ऐसे करियर की शानदार शुरुआत थी जिसने इंडियन स्पिन के एक युग को तय किया। उन्होंने स्टेडियम को अपना दूसरा घर बताया, जहाँ क्रिकेट का हर सबक सीखा गया-एज-ग्रुप मैचों की मुश्किलों से लेकर रणजी ट्रॉफी मुकाबलों की तेज़ी तक। उन्होंने कहा, "यहीं पर मैंने मुकाबला करना, लीड करना और सपने देखना सीखा। स्टैंड्स ने गर्व, दिल टूटना और ऐसे यादगार पल देखे हैं जो हमेशा आपके साथ रहते हैं।"  

संसाधनों की दौड़ में गिलगित-बाल्टिस्तान: रेअर अर्थ खनिजों को लेकर बढ़ी हलचल, सेना पर उत्पीड़न के आरोप

वाशिंगटन पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में सियासी हालात संजीदा हो चले हैं। चीन के अलावा, पाकिस्तान अब अमेरिकी और सेंट्रल एशियाई कंपनियों से भी इस इलाके में संसाधनों के दोहन में शामिल होने की गुजारिश कर रहा है। एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में कजाकिस्तान और इंडोनेशिया ने गिलगित- बाल्टिस्तान के सोने और तांबे की माइन्स में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। कई स्थानीय कार्यकर्ता मानते हैं, "गिलगित-बाल्टिस्तान में अस्थिरता की एक मुख्य वजह स्ट्रेटेजिक लोकेशन और रेयर अर्थ्स की मौजूदगी है। पाकिस्तानी सेना स्थानीय लोगों को मुआवजा दिए बिना उनके संसाधनों का फायदा उठाना चाहती है। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में एक गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक लैंड रिफॉर्म एक्ट लागू किया है, जिससे प्राकृतिक संसाधन का गलत इस्तेमाल जारी है। जब स्थानीय सही हिस्सा मांगते हैं, तो पाकिस्तान रॉयल्टी देने से मना कर देता है, यह कहते हुए कि सियासी दिक्कत यह है कि जमीन विवादित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनी हुई है और इसलिए संवैधानिक और आर्थिक मजबूरियों के चलते इस पर मालिकाना हक नहीं जताया जा सकता।" पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के रहने वाले सेंगे सेरिंग ने वाशिंगटन के ग्लोबल स्ट्रैट व्यू के जरिए ये खुलासा किया है। सेरिंग, जो अब वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज (आईजीबीएस) के प्रमुख हैं, ने विस्तार से बताया कि यह देखते हुए कि रेयर अर्थ एलिमेंट का प्रसंस्करण और आपूर्ति कुछ ही देशों में केंद्रित है, गिलगित बाल्टिस्तान की भौगोलिक स्थिति प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के रेयर अर्थ सप्लाई चेन में विविधता लाने के प्रयासों को पूरा करती है। उन्होंने बताया कि तंगिर और गिलगित बाल्टिस्तान की आस-पास की घाटियां दुनिया भर में जानी-मानी मिनरल हॉटस्पॉट हैं – जहां मोनाजाइट, चेवकिनाइट, लैंथेनम, समैरियम, प्रेज़ोडायमियम, नियोडिमियम, सेरियम, टाइटेनियम, थोरियम और दूसरे रेयर अर्थ एलिमेंट्स बहुत अधिक हैं। चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की कोशिशों से पाकिस्तान को (अपने कब्जे वाले इलाके को) एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के चौराहे पर एक रेयर-अर्थ हब बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने वर्तमान हालातों को ध्यान में रख एक अपील की है। कहा है, "इन हालात में, गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को एकजुट रहना चाहिए और कब्जा करने वाले पाकिस्तानी औपनिवेशिक मालिकों को निकालने की अपनी कोशिशें जारी रखनी चाहिए, जो सिर्फ कुदरती दौलत और आने-जाने के रास्तों का फायदा उठाने और उनका गलत इस्तेमाल करने में दिलचस्पी रखते हैं, जबकि वहां के लोगों को उनके जरूरी सियासी और संवैधानिक अधिकार नहीं देते। यह लगन और हिम्मत आखिरकार गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को भारत के संवैधानिक नागरिक के तौर पर लद्दाख में शामिल होने और इलाके और पहचान दोनों की रक्षा करने में मदद करेगी।" गुरुवार को, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि पीओजीबी में डायमर की तंगिर घाटी में एक गाड़ी के पास एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक आर्मी मेजर समेत तीन अन्य घायल हो गए। सेरिंग, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके के सबसे जाने-माने जानकारों में से एक हैं, ने कहा कि कमांडर मौलाना आमिर हमजा से जुड़े एक आतंकवादी सेल ने हमले से पहले एक बयान दिया था, जिसमें बताया गया था कि वे गिलगित बाल्टिस्तान के डायमर जिले से हैं और पाकिस्तानी सेना, जिसमें आईएसआई और एमआई जैसी सीक्रेट एजेंसियां के अलावा पुलिस भी शामिल हैं, पर हमले करते हैं। सेरिंग ने ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में लिखा, "उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना गिलगित बाल्टिस्तान को कंट्रोल करने के लिए फूट डालो और राज करो की स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करती है। गिलगित बाल्टिस्तान के शिया और सुन्नी नेताओं, जिसमें आगा राहत भी शामिल हैं, को दिए एक बयान में, ग्रुप ने कहा कि अगर पहले आगा राहत या काजी निसार पर सांप्रदायिक हमले हुए हैं, तो यह पाकिस्तान की सेना और उनके एजेंटों का काम है ताकि स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा और फूट पैदा की जा सके।"

‘धोनी’ देखकर भड़का उस्मान तारिक, सेल्समैन से बना खतरनाक दुश्मन की कहानी

इस्लामाबाद    पाकिस्तान के स्टार स्पिनर उस्मान तारिक भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी बॉलिंग एक्शन को लेकर काफी चर्चा में है। इस हाईवोल्टेज मैच से पहले स्पिनर उस्मान तारिक ने अपनी क्रिकेट करियर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि एमएस धोनी की वजह से उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट छोड़कर दुबई में सेल्समैन की नौकरी कर ली थी और क्रिकेट में बड़ा नाम बनाने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन 2016 में एमएस धोनी की बायोपिक देखने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। इस फिल्म ने उन पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि उनके सोचने का तरीका ही बदल गया। उस्मान तारिक ने एएफपी को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैंने क्रिकेट में नाम कमाने का ख्याल छोड़ दिया था, लेकिन एक दिन मैंने यह फिल्म देखी और उसने मुझे विश्वास दिलाया कि मैं भी ऐसा ही कुछ कर सकता हूं।" फिल्म में धोनी की संघर्षपूर्ण जिंदगी, टिकट कलेक्टर की नौकरी के साथ क्रिकेट का सपना और आखिरकार सफलता की कहानी ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने दुबई की नौकरी छोड़ दी और पाकिस्तान लौटकर क्रिकेट पर फोकस किया। उन्होंने आगे कहा, ''पिछले साल जब मैं अपनी शादी की रस्मों में व्यस्त था, तब मेरे कोच ने मुझे पाकिस्तान टीम में चुने जाने की खबर दी। शुरुआत में मुझे लगा कि कोई मेरे साथ मजाक कर रहा है। लेकिन वह खबर सच थी, इसलिए मुझे लगता है कि मेरी पत्नी मेरे लिए लेडी लक (किस्मत) लेकर आई हैं।" उस्मान तारिक अपनी रहस्यमयी स्पिन और अनोखे गेंदबाजी एक्शन (जिसमें वे गेंद फेंकने से पहले एक पल के लिए रुकते हैं) के कारण चर्चा में हैं। उन्हें भारत के खिलाफ होने वाले मैच में पाकिस्तान का एक्स फैक्टर माना जा रहा है। भारत के खिलाफ मुकाबले पहले उस्मान तारिक की गेंदबाजी एक्शन पर सवाल भी उठ रहे हैं। लेकिन उस्मान ने साफ किया कि उनकी कोहनी में 'डबल जॉइंट' (दो कोहनियां) होने के कारण उनका हाथ प्राकृतिक रूप से मुड़ता है। उन्हें आईसीसी के नियमों के तहत दो बार क्लियर किया जा चुका है। मैदान पर भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में आठ मैचों में सात जीत के अपने शानदार रिकॉर्ड के दम पर फेवरेट के तौर पर उतरेगा, जिसमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत भी शामिल है। पिच धीमे गेंदबाजों की मददगार है और पाकिस्तान के पास उस्मान तारिक, सईम अयूब, अबरार अहमद, शादाब खान और मोहम्मद नवाज जैसे स्पिनर हैं। तारिक का गेंदबाजी एक्शन पहले ही र्चा का विषय बन चुका है और भारतीय बल्लेबाजों से उनकी टक्कर रोचक रहेगी।

भारत-पाक मुकाबले में ये 3 खिलाड़ी बन सकते हैं गेमचेंजर, कोलंबो में दिखेगा SKY का कमाल

कोलंबो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) का 27वां मुकाबला रविवार, 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं टीम इंडिया के उन तीन खिलाड़ियों के बारे में जो कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में इंडियन कैप्टन सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के ट्रम्प कार्ड साबित हो सकते हैं। हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya): हमने अपनी इस लिस्ट में सबसे पहले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का नाम रखा है। ये 32 साल का खिलाड़ी अपनी बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों के दम पर ही पाकिस्तानी टीम की धज्जियां उड़ाने की काबिलियत रखता है। टी20 इंटरनेशनल में हार्दिक के नाम 131 मैचों में लगभग 145 की स्ट्राइक रेट से 2,128 रन और 107 विकेट दर्ज हैं। बता दें कि उन्होंने T20I में पाकिस्तान के 9 मैचों में 15 विकेट निकाले हैं और 98 रन बनाए हैं। तिलक वर्मा (Tilak Varma): इस खास लिस्ट में हमने दूसरे नंबर पर 23 साल के युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा को जगह दी है। याद दिला दें कि पिछली बार जब एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत-पाक की टक्कर हुई थी तब तिलक ही संकटमोचन साबित हुए थे। उन्होंने दुबई के मैदान पर 53 गेंदों पर नाबाद 69 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई थी। खास बात ये है कि तिलक पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 130 की औसत से 130 रन ठोक चुके हैं। उनके नाम T20I में 42 मैचों में 48 की औसत से 1233 रन दर्ज हैं। कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav): कोलंबो के मैदान पर स्पिन गेंदबाज़ों के लिए जरूर मदद रहेगी, यही वज़ह है हमारी लिस्ट में शामिल तीसरे और आखिरी खिलाड़ी टीम इंडिया के सबसे अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव हैं। 31 साल के कुलदीप देश के लिए 53 टी20 इंटरनेशनल में 94 विकेट चटका चुके हैं। सबसे जरूरी बात उन्होंने पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 8 विकेट निकाले हैं। एशिया कप 2025 के फाइनल में तो उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवर में सिर्फ 30 रन देकर पाकिस्तान के 4 खिलाड़ियों को समेट दिया था। चामिंडा वास ने बताया, फाइनल को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी  श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास ने साफ कहा, भारत-पाक मैच का नतीजा स्किल से ज्यादा प्रेशर हैंडलिंग तय करेगी. वास के मुताबिक, “जो टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी, वही बाजी मारेगी.” पाकिस्तान के किन खिलाड़ियों से भारत को खतरा? चामिंडा वास ने पाकिस्तान की ओर से दो नाम खास तौर पर लिए जो बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी का रहा. उन्होंने कहा कि भारत को जीत के लिए इन दोनों के असर को सीमित करना होगा. भारत के मैच-विनर कौन? भारतीय टीम पर बात करते हुए वास ने कई खिलाड़ियों को गेम-चेंजर बताया जिसमे अभिषेक शर्मा जो तेज शुरुआत से विपक्ष पर दबाव डालते हैं और जसप्रीत बुमराह जो डेथ ओवरों के सबसे भरोसेमंद हथियार हैं. इसके साथ ही वास ने सूर्यकुमार यादव का नाम भी लिया, सूर्या 360-डिग्री शॉट्स से किसी भी अटैक को तोड़ने की क्षमता रखते है और USA के खिलाफ इसकी झलक भी दिखाई. इस कड़ी में उन्होंने हार्दिक पांड्या का भी नाम शामिल किया जो बैट-बॉल दोनों से संतुलन बनाने में माहिर हैं और संजू सैमसन को भी मैच विनर कि लिस्ट में शामिल किया जो मिडिल ऑर्डर में एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं. वास का मानना है कि भारत की ताकत उसकी गहराई और हरफनमौला खिलाड़ी हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में मैच जीता सकते हैं. इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें अभिषेक शर्मा भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं। अभिषेक अगर फिट होकर पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलते हैं, तो ये पाक टीम के लिए बुरी खबर होगी। शर्मा ने एशिया कप में पाकिस्तानी गेंदबाजों को खूब परेशान किया था और उन्होंने शाहीन अफरीदी को पहली गेंद पर छक्का लगाया था। अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाज दबाव में आ जाते हैं और इसी वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज पर सभी निगाहें रहने वाली हैं। वरुण चक्रवर्ती भारत के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती अपनी स्पिन के जाल से बल्लेबाजों को फंसाने में माहिर है। वे इस समय टी20 के दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं और उनकी विविधता के कारण बल्लेबाजों को पढ़ने में आसानी नहीं होती। कोलंबो की पिच आमतौर पर स्पिनर्स को मदद करती है और ऐसे में वरुण और भी घातक हो सकते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ होने इस मुकाबले में वरुण पर भी सभी की नजरें टिकी होंगी।  

थैलीसीमिया पीड़ितों के लिए बड़ा ऐलान, मुफ्त ट्रांसप्लांट और पेंशन योजना जारी

 जयपुर  राजस्थान में थैलीसीमिया पीड़ितों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ 1250 रुपए मासिक पेंशन मिल रही है। विधायक रूपिन्द्र सिंह कुन्नर द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने चिकित्सा सहायता से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक के प्रावधानों को लेकर जवाब पेश किया है। निःशुल्क चिकित्सा और डे-केयर की सुविधा सरकार ने अवगत कराया कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में थैलीसीमिया मरीजों के लिए विशेष 'डे-केयर सेंटर' संचालित हैं । इन केंद्रों पर मरीजों को बिना किसी रिप्लेसमेंट के ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन केलेशन थेरेपी और सभी प्रकार की जाँचे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं । इसके अतिरिक्त, गंभीर मरीजों के लिए वार्ड में भर्ती होने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी महंगी चिकित्सा सुविधा भी सरकार द्वारा मुफ्त दी जा रही है । आर्थिक संबल : 1250 रुपए की मासिक पेंशन सामाजिक सुरक्षा के तहत, राज्य सरकार थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को 'मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना' का लाभ दे रही है । इस श्रेणी के बच्चों को वर्तमान में 1250 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन दर से सहायता दी जा रही है । सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि थैलीसीमिया को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 21 दिव्यांगता श्रेणियों में शामिल किया गया है, जिसके आधार पर इन बच्चों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं । आधार और बायोमेट्रिक नियमों पर स्पष्टीकरण सदन में आधार कार्ड की अनिवार्यता और बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग ने स्थिति स्पष्ट की। 5 वर्ष से कम आयु: जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों का उपचार माता-पिता के आधार कार्ड के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाता है । छोटे बच्चों का आधार नामांकन 'हेड ऑफ फैमिली' (HoF) के सत्यापन से किया जाता है । बायोमेट्रिक की बाध्यता नहीं : सरकार ने विशेष आदेश जारी कर यह सुविधा दी है कि जिन बच्चों के बायोमेट्रिक (हाथों के निशान) अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी । ओटीपी आधारित सत्यापन : ऐसे मामलों में जहाँ फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन संभव नहीं है, वहाँ संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी (OTP) के माध्यम से आवेदन स्वीकार कर स्वतः स्वीकृति जारी कर सकते हैं । यह वैकल्पिक प्रक्रिया उन विशेष मामलों के लिए 'अपवाद स्वरूप' लागू की गई है, ताकि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र बच्चा सहायता से वंचित न रहे ।

iPhone 18 Pro फीचर्स हुए लीक, परफॉर्मेंस और AI में मचाएगा तहलका

नई दिल्ली Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 लाइनअप को लॉन्च कर सकता है. कयास हैं कि कंपनी इस साल सिर्फ प्रो वेरिएंट को ही लॉन्च करेगी. लेटेस्ट लीक रिपोर्ट्स की मानें, तो ब्रांड Pro मॉडल्स में कई बड़े अपग्रेड करेगा. ऐपल दो स्मार्टफोन्स- iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर सकता है. दोनों ही स्मार्टफोन्स में A20 Pro प्रोसेसर दिया जाएगा. कंपनी इन फोन्स में C2 मॉडम दे सकती है, जो ब्रांड का इन-हाउस चिप होगा. दोनों ही फोन्स में छोटा डायनैमिक आईलैंड मिलेगा. आइए जानते हैं इन फोन्स में क्या कुछ खास हो सकता है. मिलेंगे मैक्स अपग्रेड Macrumors की रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में बड़ा अपग्रेड मिलेगा. दोनों ही फोन्स में डायनैमिक आईलैंड का साइज छोटा किया जा सकता है. स्मार्टफोन से कुछ फेस आईडी टेक्नोलॉजी को हटाया जा सकता है. दोनों ही स्मार्टफोन्स में A20 Pro प्रोसेसर मिलेगा. ये चिप 2nm प्रॉसेस पर तैयार किया जाएगा. प्रोसेसर नए आर्किटेक्चर और पैकेजिंग डिजाइन पर बेस्ड होगा. इसकी वजह से परफॉर्मेंस के साथ ही पावर एफिशिएंसी भी बेहतर होगी. इसके अलावा सेल्यूलर और नेटवर्किंग फीचर के मामले में भी कंपनी अपग्रेड्स करेगी. अपकमिंग स्मार्टफोन सीरीज में N2 चिप मिलेगा. कंपनी इन दोनों ही फोन्स में 48MP का प्राइमरी फ्यूजन कैमरा दे सकती है. नए अपग्रेड के बाद iPhone में लाइट को कंट्रोल करना आसान होगा. नॉन प्रो मॉडल्स नहीं होंगे लॉन्च रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी इस साल iPhone 18 को लॉन्च नहीं करेगी. इस फोन को कंपनी अगले साल यानी 2027 में लॉन्च कर सकती है. वहीं iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को कंपनी इस साल यानी 2026 सितंबर में लॉन्च कर सकती है. प्रो सीरीज के डिजाइन में इस बार कुछ नया देखने को संभवतः नहीं मिलेगा.

फ्लाइट कैंसलेशन के बाद इंडिगो की भर्ती मुहिम, 1000 नए पायलट्स शामिल होंगे

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो को पिछले साल दिसंबर में पायलट और अन्य क्रू की भारी किल्लत की वजह से 7 दिनों के भीतर 5000 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा था। अब इंडिगो अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए 1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती करने जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो की इस भर्ती में ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कैप्टन शामिल हैं। अगर इंडिगो इस भर्ती को सफलतापूर्वक पूरा करती है तो यह भारतीय एयरलाइन कंपनी द्वारा की गई अभी तक की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक होगी। फ्रेशर भी रखे जाने की प्लानिंग  रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती नोटिस से पता चलता है कि एयरलाइन अपने नेटवर्क के प्रमुख विमान एयरबस ए320 पर बिना अनुभव वाले आवेदकों की भी भर्ती करने के लिए तैयार है। वहीं, एयरलाइन के नए नियमों के तहत पायलट द्वारा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच की जाने वाली लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है, साथ ही साप्ताहिक विश्राम की आवश्यकताएं भी बढ़ा दी गई हैं। पायलटों के भर्ती की तैयारी एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन अपने विमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पायलटों की निरंतर भर्ती के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रही है। एयरलाइन के इंटरनल ट्रेनिंग सिस्टम पहले से मजबूत है, जिसके तहत प्रति माह लगभग 20-25 फर्स्ट ऑफिसर को कप्तान के पद पर पदोन्नत किया जाता है। एयरलाइन औसतन प्रति माह लगभग चार नए विमान शामिल करती है। दिसंबर में क्यों रद हुई थी उड़ानें? नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने नए नियमों के लिए पर्याप्त भर्ती नहीं की और न ही ट्रेनिंग में तेजी लाई, जिससे पायलटों पर बार-बार ट्रांसफर, लंबे वर्किंग डेज और लंबे समय तक खाली उड़ान के कारण प्रेशर बढ़ गया। इंडिगो को 2,422 कप्तानों की आवश्यकता थी, लेकिन एयरलाइन के अनुसार उसके पास केवल 2,357 कप्तान ही थे। जिसकी वजह से रोस्टर पूरी तरह से लागू नहीं हो सका और उड़ानों को रद करना पड़ा।