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नई सरकार से पहले बड़ा संकेत! क्या यूनुस बनेंगे बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति?

ढाका बांग्लादेश में नई सरकार की गठन की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच कयास लागे जा रहे हैं कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार रहे नोबेल विजेता मोहम्द यूनुस को भी कोई संवैधानिक पद दिया जा सकता है। हालांकि इसपर मुहर नहीं लगी है।  अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद सेना के समर्थन से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश का शासन सौंप दिया गया था। वह अंतरिम सरकार के सलाहकार के तौर पर इतने दिनों तक कामकाज देखते रहे। वहीं अब आम चुनाव के बाद बीएनपी चीफ तारिक अहमद 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस बीच मोहम्मद यूनुस को लेकर भी कई चर्चाएं गर्म हैं। जानकारों का कहना है कि आगे भी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। क्या राष्ट्रपति बनेंगे मोहम्मद यूनुस सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि मोहम्मद यूनुस को कोई बड़ा संवैधानिक पद दिया जा सकता है। रहमान के करीबी हुमायूं कबीर ने कहा, अब तक किसी की भूमिका तय नहीं की गई है। मोहम्मद यूनुस को लेकर भी आगे का कोई फैसला नहीं हुआ है। इतना जरूर हैकि उन्होंने देश को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हुमायूंकबीर ने कहा, अभी किसी के डिपार्टमेंट को लेकर भी चर्चा नहीं हुई है। तारिक रहमान की प्राथमिकता एक समावेशी सरकार बनाना है। इस चुनी हुई सरकार में लोगों की प्रतिभा का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा.। सांसदों के अनुभव, उनकी विशेषज्ञता के आधार पर उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। बता दें कि फिलहाल मोहम्मद शहाबुद्दीन बांग्लादेश के राष्ट्रपति हैं। लेखक डेविड बर्जमैन का मानना है कि मोहम्मद यूनुस को राष्ट्रपति बनाने से उनके अनुभवा का लाभ बांग्लादेश को मिल सकता है। उन्होंने कहा, मोहम्मद यूनुस की कई मामलों में आलोचना होती है, इसके बावजूद अंतरारष्ट्रीय स्तर पर उनकी मान्यता है। अगर प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सोच रखने वाले व्यक्ति का साथ मिलता है तो यह सोने पर सुहागा होगा। उन्हें विदेश नीति को लेकर मोहम्मद यूनुस से काफी मदद मिल सकती है। बर्जमैन ने दावा किया कि इस मामले को लेकर तारिक रहमान और मोहम्मद यूनुस के बीच वार्ता हो चुकी है। हालांकि दोनों की टीमों की ओर से ऐसे कयासों को खारिज किया गया है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नीतियों को लेकर मोहम्मद यूनुस तारिक रहमान के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं यूनुस के प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि उनकी राजनीति में ज्यादा कोई रुचि नही है और ना ही वह कोई संवैधानिक पद चाहते हैं। वह फिर से वापस जाना चाहते हैं और अपना महत्वपूर्ण समय खुद को देना चाहते हैं। उन्होंने बहुत सारे लक्ष्य हासिल किए हैं और अब सत्ता का हस्तांतरण कर रहे हैं। अपने बारे में मोहम्मद यूनुस ने कुछ नहीं बताया है।  

स्कूल में दरिंदगी: मासूम छात्र का जबड़ा तोड़ा, दर्द में जिंदगी—शिक्षक और प्राचार्य कटघरे में

गुरुग्राम पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया है कि मेडिकल जांच के दौरान बच्चे के बाएं जबड़े के जोड़ और दांतों की जड़ों में फ्रैक्चर पाया गया है, जिसके वजह से चेहरे पर काफी सूजन है और वह ज्यादा दर्द के चलते कुछ खा भी नहीं सकता है।   गुरुग्राम के भोंडसी में स्नेह विहार स्थित एक स्कूल में पढ़ने वाला आठवीं कक्षा का छात्र लिक्विड डाइट (तरल आहार) पर रहने को मजबूर है। ऐसा इसलिए क्योंकि आरोप है कि स्कूल में तीन टीचर और प्रिंसिपल ने उसकी इतनी पिटाई की कि उसके जबड़े के जोड़ और दांतों की जड़ों में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टरों ने बच्चे को सलाह दी है कि वह सिर्फ लिक्विड डाइट पर ही रहे। पुलिस ने बताया है कि बच्चे का सेक्टर 10ए स्थित सिविल अस्पताल में ईलाज चल रहा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया है कि मेडिकल जांच के दौरान बच्चे के बाएं जबड़े के जोड़ और दांतों की जड़ों में फ्रैक्चर पाया गया है, जिसके वजह से चेहरे पर काफी सूजन है और वह ज्यादा दर्द के चलते कुछ खा भी नहीं सकता है। खबर के मुताबिक यह घटना तब सामने आई जब स्कूल प्रशासन ने 28 जनवरी को लड़के की मां को उसकी चोट के बारे में सूचित किया। बच्चे की मां ने आरोप लगाया है कि स्कूल पहुंचने पर स्कूल परिसर में प्रिंसिपल और दो टीचरों ने उनके साथ भी जमकर मारपीट और गाली गलौज की थी। मां ने बेटे के चेहरे पर काफी सूजन देखी थी। मां का कहना है कि बेटे को कथित तौर पर बार-बार थप्पड़ मारे गए थे। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। 15 दिन बाद भी नहीं कम हुई सूजन बुधवार को भोंडसी पुलिस स्टेशन में प्रिंसिपल और तीन शिक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मां ने आरोप लगाया है कि ‘सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने ज्यादा दर्द और चेहरे की सूजन के वजह से बेटे को लिक्विड डाइट पर रखा है क्योंकि वह दर्द के वजह से खाना चबा नहीं सकता। शनिवार को सीटी स्कैन किया गया था जिसमें फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। 15 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, इसके बावजूद चेहरे पर अब भी काफी सूजन है और वह दर्द से तड़प रहा है। पूरी तरह ठीक होने में एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है।’ प्रिंसिपल ने मां पर ही लगाए आरोप एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि बच्चे को लगीं चोटें स्कूल परिसर में बच्चे संग हुई मारपीट से मेल खा रही हैं। साथ ही ये बताया है कि स्कूल ने अबतक सीसीटीवी फुटेज नहीं दिए हैं क्योंकि उस समय कैमरा काम नहीं कर रहे थे। हालांकि, प्रिसिंपल अमन यादव ने बच्चे संग मारपीट से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि हो सकता है कि मां ने ही बाद में बच्चें को चोटें पहुंचाई हों क्योंकि लड़के ने इंस्टाग्राम पर प्रिंसिपल को गाली दी थी और कैंटीन से चोरी की थी। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप तुरान ने बताया कि अस्पताल की रिपोर्ट सोमवार तक आने की उम्मीद है और जल्द ही एक्शन लिया जाएगा।  

इश्क का कड़वा अंजाम: दवा से जुड़ी मोहब्बत, दारू बनी मौत की वजह

हल्द्वानी उत्तराखंड के हल्द्वानी में वेलेंटाइन वीक के दौरान एक प्रेमी जोड़े की हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया है। अल्मोड़ा के शुभम और नैनीताल की रहने वाली लक्ष्मी की प्रेम कहानी एक मेडिकल स्टोर से शुरू हुई, लेकिन खत्म हुई गल्ला मंडी में शराब पार्टी और विवाद में हुई नृशंस हत्या के साथ। दोनों की पत्थरों से कूचकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, शवों की शिनाख्त के बाद इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मौके से मिले सबूतों व अन्य माध्यमों के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान हल्द्वानी के रहने वाले गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर (25), सौरभ भट्ट उर्फ भटिया (20), दीपू शर्मा उर्फ ध्रुव (20) और दीपेश लटवाल (25) के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे शुभम व लक्ष्मी के साथ बैठकर शराब पी रहे थे और इसी दौरान उन्होंने युवती से छेड़छाड़ शुरू कर दी, जिसका शुभम ने विरोध किया। अधिकारी ने बताया कि आपसी झगड़े में उन्होंने शुभम की हत्या कर दी और बाद मे सबूत मिटाने के लिए उन्होंने लक्ष्मी को भी मार दिया। मेडिकल स्टोर पर पहली मुलाकात दोनों की मुलाकात किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं, बल्कि उस मेडिकल स्टोर पर हुई थी, जहां लक्ष्मी काम करती थी। मुलाकात के बाद दोनों एक-दूसरे के करीब आए और सालभर के प्रेम को शादी में बदलने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि नियति ने कुछ और ही लिखा था। शुभम और अक्कू का पुराना संबंध पुलिस ने बताया कि शुभम कुछ साल पहले नशे की गिरफ्त में था। जब वह अल्मोड़ा से हल्द्वानी आया, तब उसकी मुलाकात अक्कू से हुई। अक्कू के माध्यम से ही शुभम का संपर्क दीपू शर्मा, दीपेश लटवाल और सौरभ भट्ट से हुआ। पिछले कुछ समय से ये लोग लगातार गल्ला मंडी में मिलकर पार्टियां कर रहे थे और अन्य प्रकार के नशे भी करते थे। बुधवार रात भी यही कारण था कि वे वहां एकत्र हुए। शुभम और लक्ष्मी का साथ शुभम और लक्ष्मी पिछले डेढ़ महीने से एक साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक लक्ष्मी पहले मुखानी स्थित एक मकान में अपनी दोस्त के साथ रहती थी। इसके बाद उसने शुभम के डहरिया स्थित घर में रहना शुरू किया। हालांकि पुलिस अब भी यह जांच कर रही है कि लक्ष्मी कब-कब कहां रही और किसके साथ थी। जांच में पता चला कि हत्या शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद के चलते हुई। यह मामला दर्शाता है कि छोटी सी अनबन और नशे की स्थिति में कितनी तेजी से स्थिति हिंसक रूप ले सकती है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए हैं।

ईरान का अमेरिका को बड़ा ऑफर: न्यूक्लियर समझौते पर हामी, अब गेंद ट्रंप के पाले में

ईरान ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौते का रास्ता खोल दिया है। तेहरान का हना है कि वह अमेरिका के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। हालांकि इसके लिए उसने शर्त भी रखा है। उसका कहना है कि समझौता केवल तभी जब वाशिंगटन प्रतिबंध हटाने के लिए तैयार हो। बीबीसी से बात करते हुए ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि समझौता करने की इच्छा साबित करने की जिम्मेदारी अमेरिका पर है। उन्होंने कहा कि अगर वे ईमानदार हैं, तो मुझे यकीन है कि हम समझौते की ओर बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रतिबंधों में राहत का प्रस्ताव रखा जाता है, तो तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने पर चर्चा करने को तैयार है। यूरेनियम संवर्धन विवादास्पद मुद्दा दरअसल, यूरेनियम संवर्धन एक प्रमुख विवादास्पद मुद्दा बना हुआ है। वाशिंगटन ने पहले ईरान से संवर्धन पूरी तरह बंद करने की मांग की थी। इस पर तख्त-रवांची ने कहा कि शून्य संवर्धन अब कोई मुद्दा नहीं है और ईरान के नजरिए से यह अब चर्चा का विषय नहीं है। यह ट्रंप के हालिया बयान के विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम किसी भी प्रकार का संवर्धन नहीं चाहते। दूसरी ओर ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत अपने अधिकारों के उल्लंघन के रूप में पूर्ण रोक को देखता है। तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम वार्ता का हिस्सा नहीं होगा, भले ही इजरायल की ओर से दबाव हो और रुबियो सहित अमेरिकी अधिकारियों द्वारा समझौते के दायरे को व्यापक बनाने की मांग की जा रही हो। तख्त-रवांची ने कहा कि जब इजरायलियों और अमेरिकियों ने हम पर हमला किया, तो हमारी मिसाइलों ने हमारी रक्षा की, तो हम अपनी रक्षात्मक क्षमताओं से खुद को वंचित कैसे कर सकते हैं? ओमान दौर की वार्ता के बाद बातचीत फिर शुरू अमेरिका और ईरान ने फरवरी की शुरुआत में ओमान में अप्रत्यक्ष वार्ता की थी। तख्त-रवांची ने पुष्टि की कि वार्ता का दूसरा दौर मंगलवार को जिनेवा में होगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती बातचीत कमोबेश सकारात्मक दिशा में थी, लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ट्रंप ने भी ओमान वार्ता को सकारात्मक बताया है। तेहरान ने अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने के प्रस्ताव को लचीलेपन के प्रमाण के रूप में पेश किया है। इस स्तर पर संवर्धित यूरेनियम हथियार-ग्रेड के करीब है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संदेह बढ़ा है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि ईरान इसे लगातार नकारता रहा है। तख्त-रवांची ने कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंधों पर चर्चा करने को तैयार है, तो हम अपने कार्यक्रम से जुड़े इस और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान सभी प्रतिबंध हटाने पर जोर देगा या आंशिक राहत स्वीकार करेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान 2015 के समझौते की तरह 400 किलोग्राम से अधिक उच्च संवर्धित यूरेनियम का भंडार बाहर भेजेगा, तो उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान क्या होगा, यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। ईरान से समझौता करना बहुत मुश्किल यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी अधिकारी लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान लंबे समय से चल रही वार्ता में प्रगति में बाधा डाल रहा है। शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन ईरान के साथ समझौता करना 'बहुत मुश्किल' है। ट्रंप कई बार दे चुके हैं हमले की धमकी पहली बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी थी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो परिणाम 'बेहद गंभीर और दर्दनाक' होंगे। ट्रंप ने कई बार धमकी दी है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने पर राजी नहीं हुआ तो बल प्रयोग किया जाएगा। ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है। ट्रंप ने हाल में ईरान में प्रदर्शनों पर की गई कड़ी कार्रवाई को लेकर भी धमकी दी थी।  

लंबे समय तक सहमति से संबंध के बाद शादी से मुकरना अपराध नहीं: हाई कोर्ट

उत्तराखंड उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि सहमति से लंबे समय तक संबंध बनाने के बाद शादी का वादा तोड़ना रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जब दो व्यस्कों के बीच सहमति से संबंध नते हैं तो रेप केस के लिए यह साबित करना जरूरी है कि शादी का वादा शुरू से ही झूठा था। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कहा है कि जब दो वयस्क आपसी सहमति से लंबे समय तक संबंध में हों तो शादी के वादे को पूरा न करना आईपीसी की धारा 376 के तहत बलात्कार नहीं माना जा सकता, जब तक कि यह साबित न हो जाए कि वादा शुरू से ही झूठा था। इस मामले में मसूरी की एक महिला ने सूरज बोरा नामक आदमी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया। बोरा ने 45 दिनों के भीतर शादी का आश्वासन देने के बाद बाद में इनकार कर दिया। जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया जिसे बोरा ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों पक्ष वयस्क थे और लंबे समय से आपसी सहमति से संबंध बनाए हुए थे। एफआईआर में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि रिश्ते की शुरुआत में आरोपी का इरादा कपटपूर्ण था। यह केवल एक असफल रिश्ता था और आपराधिक कार्यवाही शुरू करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। दूसरी ओर, राज्य सरकार और पीड़िता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि पीड़िता की सहमति पूरी तरह से शादी के आश्वासन पर आधारित थी, जिसे आरोपी बाद में पूरा करने में विफल रहा। उन्होंने आगे कहा कि क्या वादा शुरू से ही झूठा था, यह केवल मुकदमे के दौरान सबूतों के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है। इसलिए, कार्यवाही को रद्द नहीं किया जाना चाहिए। जस्टिस आशीष नैथानी ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी वयस्क महिला द्वारा दी गई सहमति मात्र इसलिए अमान्य नहीं हो जाती क्योंकि संबंध शादी में नहीं बदला। इसे धारा 376 के तहत अपराध मानने के लिए यह सिद्ध करना आवश्यक है कि शादी का वादा केवल संबंध बनाने के लए सहमति पाने का एक साधन था और आरोपी का शादी करने का कोई इरादा नहीं था। कोर्ट ने पाया कि दोनों पक्ष लंबे समय से रिश्ते में थे और उनके बीच बार-बार शारीरिक संबंध बने थे, जिससे प्रारंभिक धोखाधड़ी के बजाय आपसी सहमति का संकेत मिलता है। हाई कोर्ट ने यह निर्धारित किया कि ठोस आधार के अभाव में आपराधिक कार्यवाही जारी रखना आरोपी का उत्पीड़न होगा। हाई कोर्ट ने देहरादून के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित आपराधिक मामला और सूरज बोरा के खिलाफ 22 जुलाई 2023 की चार्जशीट को पूरी तरह रद्द कर दिया।  

कोलंबो में हाई-वोल्टेज मुकाबला, भारत ने पाकिस्तान को दिया 176 का टारगेट

कोलंबो टी-20 वर्ल्ड कप में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला अपने चरम रोमांच पर पहुंच गया है। कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में भारत ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 176 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। हालांकि, दूसरे छोर पर ईशान किशन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। ईशान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 77 रनों की पारी खेली और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। मध्यक्रम में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी 32 रनों का उपयोगी योगदान दिया, लेकिन वह उस्मान तारिक की गेंद पर सईम अयूब को कैच थमा बैठे।  पाकिस्तान की ओर से युवा खिलाड़ी सईम अयूब ने मैच का रुख पलट दिया। उन्होंने 15वें ओवर में लगातार दो गेंदों पर तिलक वर्मा और फिर हार्दिक पंड्या को आउट कर सनसनी फैला दी। हालांकि, सईम अपनी हैट्रिक पूरी करने से चूक गए क्योंकि अगली गेंद पर शिवम दुबे विकेट के पीछे कैच होने से बाल-बाल बच गए। सईम ने इस पारी में कुल 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। पारी के अंत में शिवम दुबे और रिंकू सिंह ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 175 के पार पहुँचाया। तनावपूर्ण माहौल: कप्तानों ने नहीं मिलाया हाथ खेल के मैदान के साथ-साथ मैदान के बाहर भी काफी तनाव देखा गया। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने आपस में हाथ नहीं मिलाया। बताया जा रहा है कि भारतीय टीम ने आतंकी हमलों के विरोध में पिछले साल एशिया कप के दौरान जो रुख अपनाया था, उसे इस मैच में भी बरकरार रखा है। हनुमानकाइंड की परफॉर्मेंस और रोहित शर्मा की मौजूदगी मैच शुरू होने से पहले मशहूर रैपर हनुमानकाइंड ने स्टेडियम में अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। उनके गानों को लेकर हाल ही में पाकिस्तान में विवाद भी हुआ था, जिसे लेकर दर्शकों के बीच काफी चर्चा रही। इस बीच, पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा भी अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए स्टेडियम पहुंचे और ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों से मुलाकात की। अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तानी बल्लेबाज भारत के 176 रनों के लक्ष्य को पार कर पाते हैं या जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का बचाव करने में सफल होते हैं।

बिहार की सड़कों में लगेगा ठेकेदारों का 70% पैसा

पटना. बिहार में सड़क बनाने वाले ठेकेदारों के लिए नियम अब बदलने वाले हैं. पथ निर्माण विभाग एक नई नियमावली तैयार कर रहा है, जिससे काम में पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी. अभी तक ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन साल 2007 की नियमावली के तहत होता था, लेकिन अब उसकी जगह बिहार संवेदक निबंधन नियमावली 2026 लाने की तैयारी चल रही है. सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि ठेकेदारों की एक नई कैटेगरी बनाई जाएगी. इसे केटेगरी-1 कहा जाएगा. इस केटेगरी में वही कंपनियां शामिल हो सकेंगी जो 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के प्रोजेक्ट में हिस्सा लेना चाहती हैं. अभी ऐसी कोई अलग केटेगरी नहीं थी, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए स्पष्ट व्यवस्था नहीं बन पाती थी. देना होगा जुर्माना नई नियमावली में यह भी साफ-साफ लिखा जाएगा कि अगर कोई कंपनी काम में लापरवाही करती है तो उसे कितना जुर्माना देना होगा. कितने समय तक उसे ब्लैकलिस्ट में रखा जाएगा, इसका भी स्पष्ट प्रावधान रहेगा. अभी तक इन मामलों में साफ नियम नहीं थे. इससे कई बार कार्रवाई में दिक्कत आती थी. विभाग की कोशिश जल्द लागू हो नियमावली विभाग की कोशिश है कि नई वित्तीय वर्ष में यह नियमावली लागू कर दी जाए. इसके साथ ही विभाग अपने मॉडल बिडिंग डॉक्यूमेंट में हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल भी जोड़ने जा रहा है. इस मॉडल को अक्टूबर 2025 में बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है. इस मॉडल के तहत सड़क परियोजना में कुल लागत का 70 प्रतिशत पैसा कंपनी लगाएगी, जबकि बाकी 30 प्रतिशत सरकार देगी. जरूरत के हिसाब सेटेंडर में खास शर्तें भी जोड़ी जा सकेंगी. विभाग की योजना है कि कुछ चुनिंदा सड़कों पर इस मॉडल से काम शुरू किया जाए.

रांची की मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो खर्च करने में सबसे आगे

रांची. रांची नगर निगम क्षेत्र में महापौर (आम) चुनाव 2026 के तहत जारी व्यय जांच रिपोर्ट में रोशनी खलखो और विनोद कुमार बड़ाइक सबसे अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशियों में शामिल रहे हैं. रोशनी खलखो ने अब तक सर्वाधिक 2,70,108 रुपये खर्च दर्शाया है, जबकि विनोद कुमार बड़ाइक 43,853 रुपये के साथ दूसरे स्थान पर हैं. सबसे कम खर्च दर्शाने वाले प्रत्याशी सुजीत विजय आनंद कुजूर रहे, जिन्होंने 14,600 रुपये का हिसाब दिया है. रिपोर्ट के अनुसार 12, 16 और 20 फरवरी तक चुनावी खर्च का ब्योरा जमा करना अनिवार्य था. पूर्व मेयर रमा खलखो ने अपना कुल खर्च 19,546 रुपये बताया रोशनी खलखो और विनोद कुमार बड़ाइक के बाद सुरेंद्र लिंडा (43,500 रुपये), प्रवीण कच्छप (31,096 रुपये), सोनू खलखो (21,742 रुपये) और रमा खलखो (19,546 रुपये) ने अपना-अपना व्यय विवरण प्रस्तुत किया है. वहीं किरण कुमारी मुंडा, देवी दयाल मुंडा, सुजाता कच्छप और सुमन कांत तिग्गा निर्धारित तिथि तक व्यय लेखा प्रस्तुत करने में अनुपस्थित पाये गये. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर खर्च का पूरा लेखा-जोखा जमा करना सभी प्रत्याशियों के लिए अनिवार्य है. अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों पर आगे कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है. वार्ड प्रत्याशियों में अलीशा ने किया सबसे अधिक खर्च वहीं, वार्ड प्रत्याशियों में अलीशा हक ने अब तक सबसे अधिक खर्च किया है. वह वार्ड- 03 की प्रत्याशी है. उन्होंने अब तक सर्वाधिक 62,763 रुपये खर्च कर सभी वार्डों में शीर्ष स्थान हासिल किया है. इसके विपरीत वार्ड-02 की रुपम कुमारी झा ने मात्र 500 रुपये खर्च दिखाकर सबसे कम व्यय दर्ज कराया है. जारी रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड-03 में ही हुस्ना आरा ने 54,573 रुपये खर्च कर दूसरा स्थान पाया है. वार्ड-06 की सुषमा खलखो ने 43,080 रुपये और वार्ड-05 की मोनिका खलखो ने 38,987 रुपये व्यय दर्शाया है. वहीं वार्ड-13 की हनी रूची धान ने 900 रुपये खर्च दर्ज किया है. सीमा उरांव ने 1,392 रुपये और निर्मला गाड़ी ने 17,263 रुपये का व्यय प्रस्तुत किया है. जांच प्रक्रिया के दौरान आशा कच्छप, कविता बिन्हा, गंगिया लिंडा, गीता कुमारी और लक्ष्मी कच्छप उपस्थित नहीं रहीं. कई वार्डों में आधे से अधिक प्रत्याशी अनुपस्थित पाये गये, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है.

छत्तीसगढ़ के ‘रमन लोक कला महोत्सव’ में दिखेगी झारखंडी कला

सरायकेला. संस्था आचार्य छौ नृत्य विचित्र के सह-निदेशक और छऊ नृत्य विशेषज्ञ रंजीत आचार्य के नेतृत्व में झारखंड के मानभूम छऊ नृत्य दल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय में आयोजित रमन लोक कला महोत्सव 2026 में छऊ नृत्य की प्रस्तुति देगा. यह महोत्सव तीन दिवसीय है, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध रचनाकार, संगीतकार, नृत्य विशेषज्ञ और कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं. महोत्सव की थीम ‘लोक में राम’ रखी गयी है रंजीत आचार्य ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘लोक में राम’ रखी गयी है. तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन वे अपने मानभूम छऊ नृत्य दल के साथ छऊ नृत्य की प्रस्तुति देंगे. इससे पूर्व वे सरायकेला और मनभूम दोनों छऊ शैलियों पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों व विद्यार्थियों के समक्ष संगोष्ठी में अपने विचार साझा करेंगे. लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन के बाद शाम छह बजे छऊ नृत्य की मंचीय प्रस्तुति होगी. बीते कई वर्षों से हो रहा है लोक कला महोत्सव का आयोजन रंजीत आचार्य ने बताया कि रमन लोक कला महोत्सव का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है, जहां केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से लोक कलाकारों को मंच प्रदान किया जाता है. साथ ही उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलाकारों को आमंत्रित किया जाता है. मनभूम छऊ नृत्य दल में प्रभात महतो, जय राम महतो, जतला कालिंदी, लखविंदर को, सीताराम महतो, स्वर्ण को, पी. मंटू महतो, कार्तिक महतो, दिनेश महतो, मनोहर कालिंदी, विकास कुमार सहित कुल 12 सदस्य शामिल हैं. डॉ. सीवी रमन प्रमुख विश्वविद्यालय में से एक बताया गया कि बिलासपुर स्थित डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है. विश्वविद्यालय के कुल सचिव के निमंत्रण पर रंजीत आचार्य व उनका दल इस प्रतिष्ठित लोक कला महोत्सव में अपनी प्रस्तुति दे रहा है.

‘राहुल गांधी को जेल में डाल देना चाहिए’: गिरिराज सिंह

मुजफ्फरपुर. देश में मौजूद गुलामी के प्रतीक चिह्नों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे किसी भी प्रतीक से गुलामी का एहसास नहीं होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी हमला बोला। वह शनिवार को मुजफ्फरपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय के कई नाम और प्रतीक अब भी प्रचलन में हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि नार्थ एवेन्यू और साउथ एवेन्यू जैसे नाम औपनिवेशिक दौर की याद दिलाते हैं। ऐसे स्थानों का नाम बदलकर भारतीय संस्कृति और सेवा भाव को दर्शाने वाले नाम रखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनका नाम बदलकर सेवा तीर्थ किया गया है और आगे भी इस प्रकार का अभियान जारी रहेगा। राहुल गांधी पर बोला हमला  नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के हालिया किसान संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी किसानों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित सुरक्षित हैं और उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा। उन्होंने बताया कि राफेल जैसे कई मुद्दों पर भी राहुल गांधी के बयान भ्रामक साबित हुए हैं। जनता अब उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती। गिरिराज सिंह ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपने बयानों के लिए जवाबदेह होना चाहिए। देश में कानून अपना काम कर रहा है। उनको जेल में डाल देना चाहिए। इस मौके पर महापौर निर्मला देवी, कुढ़नी विधायक केदार प्रसाद गुप्ता, भाजपा नेता देवांशु किशोर, रंजन कुमार साहू आदि मौजूद थे। राहुल गांधी का बयान बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रे़ड डील को एकतरफा करार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के भारी दबाव में आकर इस समझौते के जरिए भारत के किसानों की कड़ी मेहनत और खून-पसीने की कमाई को 'बेच' दिया है। देश समझ ले कि प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं।