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पति को फंसाने की साजिश नाकाम: झूठे दहेज आरोपों पर हाईकोर्ट सख्त, पत्नी को लगाई फटकार

बिलासपुर बिलासपुर से एक अहम कानूनी फैसले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी द्वारा पति और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज कराई गई झूठी और निराधार दहेज प्रताड़ना शिकायत को मानसिक क्रूरता करार दिया है। कोर्ट ने माना कि इस तरह के आरोप लगाकर पति और उसके परिजनों को जेल भिजवाने की कोशिश करना वैवाहिक रिश्ते को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। मामले में पति ने धमतरी परिवार न्यायालय में क्रूरता के आधार पर तलाक की याचिका दायर की थी, जिसे परिवार न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में अपील की। जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद पति की अपील स्वीकार करते हुए उसे तलाक का हकदार माना। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी द्वारा सास के खिलाफ निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाना, पति और उसके परिवार के बरी होने के बावजूद उच्च अदालतों में अपील दायर करना और उन्हें सजा दिलाने के प्रयास करना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि महिला ने 2017 में आईपीसी की धारा 498A के तहत पति, उसके भाई और मां के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। ट्रायल कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के इस फैसले को वैवाहिक मामलों में झूठे आपराधिक आरोपों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।  

खजराना मंदिर की मर्यादा तार-तार, गर्भगृह में घुसपैठ पर सुरक्षा एजेंसी पर जुर्माना

इंदौर शहर के आस्था के प्रमुख केंद्र खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश की घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को मंदिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, अनाधिकृत प्रवेश के लिए दबाव बनाने वाले आकाश रावत पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इंटरनेट मीडिया में खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में बदमाश सतीश भाऊ के प्रवेश का वीडियो शनिवार को बहुप्रसारित हुआ, जबकि गर्भगृह में प्रवेश करना प्रतिबंधित है। मामले को कलेक्टर शिवम वर्मा ने संज्ञान में लेकर सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई तो 11 फरवरी की शाम करीब 7.41 से 7.45 बजे के बीच कुछ व्यक्तियों के गर्भगृह में प्रवेश की पुष्टि हुई। जांच में क्या निकला जांच में सामने आया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने चैनल गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बातचीत की, जिसके बाद गेट खोला गया। उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद एजेंसी की सुरक्षा गार्ड ज्योति वरुण ने जांच में बताया कि आकाश ने ही दबाव बनाकर गर्भगृह में प्रवेश दिलाया था। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही बालाजी सिक्युरिटी सर्विस के गार्ड ज्योति वरुण की भूमिका लापरवाहीपूर्ण पाई गई, इसलिए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा और केवल विशेष परिस्थितियों में पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा। पुजारी अशोक भट्ट का कहना है कि मंदिर में सभी श्रद्धालुओं से समानता का व्यवहार किया जाता है, पूर्व अनुमति से ही गर्भगृह में प्रवेश किया जा सकता है। अनाधिकृत प्रवेश पर निगरानी रखी जाएगी और श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा। पहले भी सामने आए हैं वीडियो गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद अनाधिकृत प्रवेश के वीडियो पहले भी सामने आते रहे हैं। विधायक गोलू शुक्ला के बेटे के विवाह के बाद गर्भगृह में पूजन का वीडियो सामने आया था। उस दौरान भी हंगामा हुआ था, लेकिन प्रशासन ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।

गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया जनता दर्शन का आयोजन, करीब 150 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं

  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश- निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तत्परता से करें जन समस्याओं का निराकरण गोरखपुर, गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात की और समस्याएं सुनकर अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। रविवार को देवाधिदेव महादेव की आराधना के विशेष पर्व महाशिवरात्रि पर आनुष्ठानिक व्यस्तता में भी उन्होंने जनसेवा का अनुष्ठान जारी रखा। जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा, ‘चिंता मत करें, हर समस्या का समाधान होगा, सबकी भरपूर मदद की जाएगी।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएं। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जो लोग पात्र हैं और किसी कारण से उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है, उनके आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। सीएम ने पुकारा, ‘ओ भोलू’ और भाव विह्वल हो दौड़ आया गोवंश दृढ़ संकल्पों वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सुपरिचित पहचान गोसेवक की भी है। जब भी वह गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं गोशाला में जाकर गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। रविवार सुबह भी मंदिर की गोशाला में जाकर उन्होंने गोसेवा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। सीएम योगी यहां कई गोवंश को उनके लिए रखे नामों से बुलाते हैं। रविवार सुबह उन्होंने एक गोवंश को जब यह कहकर पुकारा, ‘ओ भोलू’ तो श्याम रंग का यह बछड़ा भाव विह्वल होकर सीएम योगी की तरफ दौड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने भोलू को खूब दुलारा और उसे अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। मंदिर की गोशाला में जब भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचते हैं तो प्रायः एक मोर भी उनके इर्द-गिर्द आ जाता है। मुख्यमंत्री ने मोर को भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी के टुकड़े करके उसे खिलाया। मंदिर परिसर में सीएम ने बच्चों पर लुटाया प्यार, कराया अन्नप्राशन रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर परिजनों के साथ मंदिर आए बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने बच्चों को अपने पास बुला लिया, उन पर खूब प्यार लुटाया। उन्होंने बच्चों से उनका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा। उनसे ठिठोली भी की और फिर स्नेहाशीष से खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी बच्चों को अपने हाथ से चॉकलेट भी दी। इस अवसर पर उन्होंने एक बच्चे को गोद में लेकर अन्नप्राशन भी कराया।

देश-विदेश के मंदिरों से श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंची पावन भेंट

ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ और सिद्धपीठों से प्रसाद अर्पण की परंपरा हुई प्रारंभ 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम वाराणसी,  महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, वाराणसी द्वारा एक अद्वितीय और अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों और प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल तथा श्रद्धा उपहार अर्पित किए जाने की परंपरा प्रारंभ की गई है। इस आध्यात्मिक समन्वय का उद्देश्य संपूर्ण सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोते हुए वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को मूर्त रूप प्रदान करना और वैश्विक आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ करना है। 62 मंदिरों से अब तक पहुंची पावन भेंट इस क्रम में, शनिवार तक श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश के कुल 62 मंदिरों से पावन भेंट और प्रसाद प्राप्त हो चुके हैं। इन मंदिरों में तमिलनाडु से भक्त मंडली, श्री रत्नगिरिस्वरर मंदिर चेन्नई, श्री अनंता पद्मनाभा स्वामी मंदिर चेन्नई, तेन सबनायाकर मंदिर कोविलूर, अरुल्मिगु वामनपुरफेश्वरर तिरुमणिकुझी, अरुल्मिगु द्रौपथी अम्मन मंदिर, अरुल्मिगु रीना विमोशनर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु तिरु सनगरी काली अम्मन वझापेट, अरुल्मिगु भूलोगा नाथर नेल्लिकुप्पम, अरुल्मिगु भूमिनाथ ईश्वरर वैटिपक्कम, श्री मदुरै वीरन मंदिर, अरुल्मिगु कुमारा गुरु परमस्वामी एस कुमारापुरम, अरुल्मिगु वेधा अरुल्पुरीश्वर कंदरकोट्टई, अरुल्मिगु सबनायगर कीरापालयम, अरुल्मिगु काशी विश्वनाथर गेडिलम नदी, सीयूओ, अरुल्मिगु विरुथा गिरिश्वरर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु अमृत लिंगेश्वर पेरिया, अरुल्मिगु मार्गबंधु तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु नादन पाथेश्वरर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु सिंगारणाथर कोंगरायनूर शामिल हैं। श्री कृष्ण जन्मस्थान, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड समेत कई मंदिरों से आए उपहार इसी प्रकार, मथुरा से श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, जम्मू कश्मीर से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड जम्मू, मलेसिया से श्री महा मरिअम्मन मंदिर, अरुल्मिगु श्री राजाकलियम्मन ग्लास मंदिर, श्री कंदस्वामी कोविल, श्री वीरा मुनिस्वरर मंदिर, श्री नगराथर शिवन मंदिर, अरुल्मिगु बालथंडायुथपानी मंदिर, श्री कुंज बिहार मंदिर भी इस आध्यात्मिक अभियान में सहभागी बने हैं। काशी के प्रमुख मंदिरों से भी सहभागिता वाराणसी से सप्तमात्रिका सिद्धपीठ श्री बड़ी शीतलाधाम शीतलाघाट, काशी त्रिलोचन महादेव मंदिर, सिद्ध पीठ बड़ी काली जी मंदिर कालिका गली, श्री बड़ा गणेश मंदिर लोहटिया, श्री केदारेश्वर मंदिर केदार घाट, श्री ओम कालेश्वर मंदिर कोयला बाजार, श्री कालभैरव मंदिर भैरोनाथ, विन्ध्यवासिनी, दशाश्वमेध, तुलजा देवी, दशाश्धमध्येश्वर, जमेश्वर, प्राचीन रुद्रसरोवर, श्री श्रीयन्त्रराज, श्री दक्षिणी आदि शीतला बुढ़ीय माई, कपिलधारा पंचकोशी, शूलटंकेश्वर, प्रयागघाट, रामेश्वर पंचकोशी, महिषासुर मां मंदिर, लोलार्क कुंड, बैजनाथ मंदिर बैजनत्था, श्री चन्द्रेश्वर मंदिर केदारघाट, श्री लोलार्क कुंड मंदिर भदैनी, श्री अन्नपूर्णा मंदिर विश्वनाथ गली, श्री महालक्ष्मी मंदिर लक्सा, श्री बटुक भैरव मंदिर कमच्छा, श्री कामख्या मंदिर कमच्छा, अन्य प्रमुख मंदिर काशी और विशालाक्षी मंदिर काशी से भी पावन भेंट प्राप्त हुई है। देश-विदेश के अन्य तीर्थस्थलों की सहभागिता उत्तराखंड से श्री केदारनाथ, मुंबई से लाल बाग के राजा और श्री सिद्धिविनायक मंदिर, गुजरात से द्वारकाधीश मंदिर, श्रीलंका से श्री ऐश्वर्या लक्ष्मी मंदिर कोलंबो तथा राजस्थान से नाथद्वारा मंदिर उदयपुर से भी पावन प्रसाद और भेंट काशी विश्वनाथ धाम पहुंच चुकी है। पवित्र सामग्री में जल, रज, वस्त्र और पुष्प शामिल इन भेंटों में विभिन्न तीर्थस्थलों का पवित्र जल, मंदिरों में पूजित पुष्पमालाएं, रज, चंदन, वस्त्र तथा अन्य पूजनीय सामग्री सम्मिलित है। यह संपूर्ण प्रक्रिया सनातन परंपरा की आध्यात्मिक एकता का सजीव प्रतीक बनकर सामने आई है। कूरियर और प्रतिनिधियों के माध्यम से जारी है क्रम इसके अतिरिक्त, अनेक मंदिरों से प्रसाद कूरियर माध्यम से प्रेषित किया जा रहा है, जबकि कुछ प्रतिष्ठित मंदिरों के प्रतिनिधि स्वयं पावन भेंट लेकर धाम में पधारने वाले हैं। इस प्रकार, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर संपूर्ण राष्ट्र और विश्व के विविध तीर्थों के मध्य भावनात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु के रूप में स्थापित हो रहा है। आध्यात्मिक एकात्मता का वैश्विक संदेश मंदिर न्यास की यह अभिनव पहल सनातन संस्कृति में निहित पारिवारिक समरसता, आध्यात्मिक बंधुत्व और सांस्कृतिक अखंडता के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित कर रही है। महाशिवरात्रि के दिव्य अवसर पर प्रारंभ की गई यह परंपरा न केवल काशी की आध्यात्मिक गरिमा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करती है, बल्कि समस्त सनातन आस्थाओं को एकात्म भाव से जोड़ते हुए धार्मिक सद्भाव और आध्यात्मिक समन्वय के नए अध्याय का उद्घाटन कर रही है। निश्चय ही, यह पहल राष्ट्र और विश्व के विविध तीर्थस्थलों को एक आध्यात्मिक सूत्र में संगठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कदम सिद्ध हो रही है।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल को विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने 16 फ़रवरी से प्रारम्भ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर पारस्परिक चर्चा हुई।

आगरा में बनेगा हाई-टेक स्पोर्ट्स कॉलेज, अब मंडल में ही निखरेंगी खेल प्रतिभाएं

– योगी सरकार ने मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए मंजूर किए 80 करोड़ रुपये   – पढ़ाई के साथ मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग, 2036 के ओलंपिक के लिए तैयार होंगे खिलाड़ी   आगरा, उत्तर प्रदेश को खेलों की दुनिया में 'नंबर वन' बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को एक बड़ी सौगात दी है। बजट 2026-27 में सरकार ने खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। इसी कड़ी में आगरा समेत प्रदेश के 10 मंडलों में नए स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जाएंगे। इसके निर्माण के लिए सरकार ने 80 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। अब ताजनगरी और आसपास के खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एत्मादपुर में 50 हेक्टेयर जमीन, आठ करोड़ का प्रावधान योगी सरकार की 'एक मंडल- एक स्पोर्ट्स कॉलेज' नीति के तहत आगरा में बनने वाले स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। एत्मादपुर क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद जल्द ही इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बजट में इस कॉलेज के निर्माण के लिए शुरुआती तौर पर करीब आठ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल मैदान, प्रशासनिक भवन, आवासीय सुविधाएं (हॉस्टल) और शिक्षा व्यवस्था एक ही परिसर में विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ पढ़ाई की सुविधा देना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में होगा विकसित यह संस्थान केवल एक कॉलेज नहीं बल्कि 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक में भारत की भागीदारी और पदक संभावनाओं को मजबूत करना है। आगरा का यह कॉलेज भविष्य के ओलंपियन तैयार करने की नर्सरी बनेगा। खेल दिग्गजों ने सराहा योगी सरकार के फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला ऐतिहासिक है। आगरा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। कमी थी तो बस उच्च स्तरीय संसाधनों की। स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से यहाँ की बेटियों और युवाओं को अब अपने घर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सकेगी। यह कदम आगरा से नए स्टार खिलाड़ी निकालने में मदद करेगा।   – हेमलता काला, पूर्व अध्यक्ष, चयन समिति, भारतीय महिला क्रिकेट टीम/ पूर्व क्रिकेटर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने खेलों को जो प्राथमिकता दी है, वह अभूतपूर्व है। मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भविष्य के ओलंपियंस तैयार करने की फैक्ट्री साबित होगी। – संजय गौतम, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हॉकी संघ आगरा में स्पोर्ट्स कॉलेज का सपना अब साकार होने जा रहा है। एक ही परिसर में पढ़ाई और खेल की व्यवस्था होने से अभिभावक भी बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। यह आगरा के खेल जगत के लिए संजीवनी समान है। – कमल चौधरी, अध्यक्ष, आगरा हॉकी संघ

रज्जाक केस पर MP हाईकोर्ट में सियासी घमासान, विधायक का बड़ा आरोप—बदले की भावना से हुई कार्रवाई

 जबलपुर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति आरके वाणी के समक्ष जबलपुर निवासी अब्दुल रज्जाक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने स्पष्ट किया कि याचिका दायर किए जाने की तारीख तक रज्जाक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। राज्य सरकार का पक्ष राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने अदालत को बताया कि रज्जाक की पत्नी सुबीना बेगम पहले अपनी याचिका वापस ले चुकी हैं। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता वर्तमान में जिस आपराधिक मामले में जेल में है, उसमें उसे नियमित जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। साथ ही, वह चाहें तो संबंधित आपराधिक कार्रवाई को निरस्त करने की मांग भी कर सकते हैं। याचिकाकर्ता की दलील रज्जाक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली ने राज्य सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय मांगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित कर दी। विधायक पर लगाए गए आरोप मामले में अब्दुल रज्जाक ने विधायक संजय पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विरुद्ध दर्ज कई मामलों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई है। गिरफ्तारी को बताया प्रक्रिया का दुरुपयोग रज्जाक का आरोप है कि एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरे प्रकरण में गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ छल बताया है।  

अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

कोसमनारा में सामुदायिक भवन विस्तार हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा रायगढ़ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोसमनारा धाम में आयोजित स्थापना दिवस एवं शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि समाज जब संगठित और जागरूक होता है, तब विकास को वास्तविक मजबूती मिलती है। साहू समाज की एकजुटता, शिक्षा और समर्पण प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 25 लाख से अधिक किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री साय ने कोसमनारा स्थित श्री 108 सत्यनारायण बाबा जी एवं भक्त माता कर्मा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 1998 से पूज्य सत्यनारायण बाबा खुले आकाश के नीचे निरंतर तपस्या में लीन हैं। तीनों ऋतुओं में 28 वर्षों से अधिक समय तक साधना करना अत्यंत अद्वितीय और प्रेरणादायक है। यह धाम सामाजिक समरसता, आस्था और भाईचारे का सशक्त प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से उन्हें चार बार सांसद रहने का अवसर मिला और आज मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ एवं बाबा सत्यनारायण से प्रदेशवासियों पर निरंतर कृपा बनाए रखने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसमनारा स्थित कर्मा साहू सामुदायिक भवन के ऊपर अतिरिक्त निर्माण के लिए ₹50 लाख की घोषणा की। साथ ही उन्होंने रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को अयोध्या सहित देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है। समारोह में समाज कल्याण में उत्कृष्ट योगदान के लिए त्रिभुवन साहू, भरत लाल साहू, कपिल नाथ, अरुणा साहू, मनोज साहू एवं वेदराम साहू को सम्मानित किया गया। कोरबा जिला साहू संघ की पत्रिका तथा बाबा सत्यनारायण चालीसा का विमोचन भी किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहू समाज की एकजुटता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कोसमनारा धाम के विकास हेतु लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित जिला साहू संघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, कसडोल विधायक संदीप साहू, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, डिग्रीलाल साहू सहित बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित पदाधिकारी, बाबा सत्यनारायण की माता हंसमती देवी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना

शिव भक्तों के साथ मनाया महाशिवरात्रि पर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए सभी के साथ महाशिवरात्रि पर्व मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। वे महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तगणों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस बैंड के सदस्यों सहित अनेक युवाओं ने डमरू दल के साथ पारम्परिक प्रस्तुति दी। शिव बारात का रथ खींचा मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिव बारात को रवाना किया और बारात का रथ भी खींचा। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकगण उत्साह, उमंग से बारात में शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और जय महाकाल के सामूहिक स्वर से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। महाशिवरात्रि के कार्यक्रम और शिव बारात में अनेक जनप्रतिनिधि और शिव भक्त भी शामिल हुए। इनमें सांसद श्री आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविंद्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित महाशिवरात्रि पर्व आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं।  

CM नीतीश ने पटना में नाला निर्माण का किया निरीक्षण

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कुर्जी (राजीव नगर नाला) व आनंदपुरी नाला निर्माण योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम पूरा किए जाने का निर्देश दिया। इस नाला निर्माण योजना के अंतर्गत नाले का पक्कीकरण कर इसके ऊपर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को तेजी से पूर्ण करें। इन योजनाओं के पूरा होने पर जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगी एवं नाले के ऊपर दो लेन सड़क निर्माण से लोगों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी। शहर भी साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान हमने 21 फरवरी, 2025 को पटना जिले के विकास कार्यों का जायजा लिया था और उस दौरान जिले की कई विकास योजनाओं की घोषणाएं की थीं। उसी समय आनन्दपुरी नाला तथा कुर्जी नाला (राजीव नगर नाला) का निरीक्षण किया था जिसमें काफी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे। उनकी समस्याओं को देखते हुए मैंने निर्देश दिया था कि इन नालों को ठीक करते हुए इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जाए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा हो। खुशी है कि इस पर काम किया जा रहा है। 4.26 किलोमीटर लंबा है नाला मालूम हो कि राजीव नगर नाला पटना शहर के जल निकासी हेतु एक महत्वपूर्ण नाला है। इसकी लंबाई 4.26 किलोमीटर है, जो दीघा आशियाना रोड से प्रारंभ होकर कुर्जी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर समाप्त होता है। राजीव नगर नाले का पक्कीकरण एवं इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जा रहा है। वहीं आनन्दपुरी नाला पटना शहर के जल निकासी हेतु एक महत्वपूर्ण नाला है। इसकी लंबाई लगभग चार किलोमीटर है, जो बाबा चौक से शुरू होकर अटल पथ एवं एएन कॉलेज के पास से राजापुर पुल ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर समाप्त होता है। आनन्दपुरी नाले का पक्कीकरण एवं इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष परासर, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एस,एम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।