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लक्ष्य प्राप्ति के साथ निरंतरता और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर दिया जोर

रायपुर. आंगनवाड़ी, विद्यालय एवं दुग्ध उत्पादन केंद्रों का किया स्थल निरीक्षण महानिदेशक नीति आयोग, नई दिल्ली एवं जिले की प्रभारी सचिव निधि छिब्बर ने आज महासमुद के आकांक्षी विकासखंड पिथौरा  प्रवास कर विभिन्न विकास योजनाओं एवं संपूर्णता अभियान 2.0 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वच्छता तथा आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ  हेमंत नंदनवार, नीति आयोग के अपर सचिव  सतीश गोस्वामी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। लक्ष्य प्राप्ति के साथ निरंतरता और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर छिब्बर ने कहा कि केवल संकेतकों के लक्ष्य को पूर्ण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के रूप में अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए कि योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और प्राप्त उपलब्धियों को स्थायी परिणामों में बदला जाए। जिले में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए पशुपालन विभाग को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से सशक्त बनाने पर बल दिया गया। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता भी रेखांकित की। संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत जिले की प्रमुख उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि 31 दिसंबर 2025 तक जिले में अधिकांश लक्ष्यों की प्राप्ति हो चुकी है। जन्म के समय जीवित शिशुओं के वजन मापन में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है और कुल 12 हाजर 318 नवजात शिशुओं का वजन मापा गया है। क्षय रोग अधिसूचना दर को 81 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अंतर्गत 1,200 अनुमानित मामलों में से 973 मामलों की पहचान की जा चुकी है। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन 96.09 प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्रों में किया गया है। जिले के सभी 1 हजार 956 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए क्रियाशील शौचालय उपलब्ध हैं, जिससे इस सूचकांक में 100 प्रतिशत लक्ष्य पहले ही प्राप्त कर लिया गया है। पशुपालन क्षेत्र में भी 99.61 प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण पूर्ण किया जा चुका है और अप्रैल 2026 तक इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पिथौरा विकासखंड में उल्लेखनीय प्रगति आकांक्षी विकासखंड पिथौरा में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक विभिन्न प्रमुख सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आईसीडीएस योजना के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित अनुपूरक पोषण प्रदान करने में 86.77 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है, जिसमें 16 हजार 800 पात्र बच्चों में से 13 हजार 107 बच्चों को 21 दिनों से अधिक समय तक पोषण आहार दिया गया है। मार्च 2026 तक इसे 95 प्रतिशत तथा अप्रैल तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की माप-तौल की दक्षता 99.86 प्रतिशत दर्ज की गई है। 358 संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में से 356 में शौचालय सुविधा उपलब्ध है तथा 349 केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। क्षेत्र के 493 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय उपलब्ध हैं। पशुधन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान के तहत लक्षित 41 हजार 250 गोवंश पशुओं के विरुद्ध 41 हजार 324 पशुओं का टीकाकरण कर 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की गई है। आंगनवाड़ी, विद्यालय एवं दुग्ध उत्पादन केंद्रों का निरीक्षण नीति आयोग की महानिदेशक छिब्बर ने लहरौद आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों के पोषण स्तर, नियमित उपस्थिति, टीकाकरण, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था एवं रजिस्टर संधारण की समीक्षा की। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री माताओं को प्रदाय की जा रही पोषण एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया। नवीन प्राथमिक विद्यालय लहरौद में कक्षाओं का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया, शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली तथा मध्यान्ह भोजन योजना, छात्र उपस्थिति एवं आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त ग्राम गोड़बहाल में महिला समूहों द्वारा संचालित दुग्ध व्यवसाय का निरीक्षण कर महिलाओं को आजीविका विस्तार एवं बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित किया। समयबद्ध लाभ वितरण एवं गुणवत्ता सुधार के निर्देश निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का पोषण और शिक्षा जिले की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का फायदा हितग्राहियों को समय पर मिले: मुख्य सचिव

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील ने अधिकारियों से कहा है कि शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का फायदा हितग्राहियों को समय पर मिले यह सुनिश्चित हो। इसके लिए पहले से ही हितग्राही से संबंधित जानकारी दुरस्त कर लिया जाये। मुख्य सचिव आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित जनगणना वर्ष 2027 के संबंध में आयोजित राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम में सभी जिलों में पेयजलापूर्ति, गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से पहले से ही लोगों को सावधान रहने एवं बचाव करने जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्ययोजना बनाने और तैयारियां पहले से ही कर लें। कलेक्टर्स को इस वर्ष खरीफ मौसम की धान खरीदी की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने, राशन दुकानों में खाद्यान्न सामग्री की उपलब्धता, इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य, हाई स्कूल हायर सेकेंडरी परीक्षा, जनसमस्याओं के समाधान एवं निवारण, पीएम आवास सहित अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को जनगणना वर्ष 2027 संबंधी कार्यों को सतर्कता एवं संवेदनशीलता से करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गये।  मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी राशनकार्ड धारकों को पात्रता के अनुसार समय पर खाद्यान्न सामग्री मिले इसके लिए लगातार शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की मानीटरिंग करें। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को धान संग्रहण केन्द्रों के भौतिक सत्यापन कर धान परिवहन एवं मिलिंग कार्य करने जरूरी दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने मिलर्स के लंबित भुगतान करने जरूरी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग एवं मार्कफेड के अधिकारियों को आगामी खरीफ मौसम में खाद एवं बीज के पर्याप्त भंडारण करने कहा है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह ने कलेक्टरों को लोगों की विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं निवारण के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित करने कहा है। उन्होंने विभिन्न शासकीय लंबित भुगतान करने शिविर शिविर लगाकर कार्यवाही करने कहा है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ ने कलेक्टर्स को भारत की जनगणना 2027 से संबंधित कार्य के संबंध दिशा निर्देशों के संबंध विस्तार से बताया। राज्य स्तरीय संभागायुक्त कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के भारसाधक सचिव, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ट्रेन में युवती से दुष्कर्म की कोशिश का मामला, TTE सस्पेंड, GRP ने तेज की जांच

देवरिया जिले की एक युवती ने चलती ट्रेन में टिकट जांच कर्मचारी (टीटीई) पर दुष्कर्म के प्रयास मामले में आरोपित टीटीई राहुल कुमार को रेलवे प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए एसपी रेलवे ने पुलिस टीम का गठन कर आरोपी पर  10 हजार रुपये इनाम घोषित कर दिया है। आरोपी पटना (बिहार) के बिहटा स्थित समसारा गांव का रहने वाला है। AC फर्स्ट क्लास के केबिन में रेप का आरोप दरअसल, एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसके साथ AC फर्स्ट क्लास के केबिन में रेप की घटना का अंजाम दिए जाने की कोशिस की गई। पीड़िता की शिकायत पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने आरोपी टीटीई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें पटना में दबिश दे रही हैं। हालांकि अभी तक आरोपी तक रेलवे पुलिस नहीं पहुंच पाई है। गोरखपुर जीआरपी में मामला दर्ज  जीआरपी सूत्रों के अनुसार घटना 15 फरवरी की बताई जा रही है। पीड़िता मऊ से गोरखपुर जाने के लिए ट्रेन में सवार हुई थी। आरोप है कि यात्रा के दौरान टीटीई ने चलती ट्रेन में उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता की तहरीर पर पहले गोरखपुर जीआरपी में मामला दर्ज किया गया था। बाद में घटना स्थल देवरिया क्षेत्र में पड़ने के कारण केस को देवरिया जीआरपी को स्थानांतरित कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज एंव अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटा रही पुलिस  जीआरपी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। रेलवे अधिकारियों से आरोपी के ड्यूटी चाटर्, संबंधित कोच की सूची, यात्रियों का विवरण और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पीड़िता के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

मत्स्य क्षेत्र के विस्तार के लिये बजट में 412 करोड़ 89 लाख रूपये का प्रावधान

भोपाल मत्स्य विकास एवं मछुआ कल्याण मंत्री  नारायण सिंह पंवार ने बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह बजट मत्स्य क्षेत्र में 'ब्लू रिवॉल्यूशन' (नीली क्रांति) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ बजट आवंटन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और मछुआ समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बजट में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण विभाग के लिए 412 करोड़ 89 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 70 करोड़ रुपये अधिक है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  पंवार ने बताया कि बजट में केन्द्र और राज्य की योजनाओं में संतुलन बनाया गया है ताकि अधोसंरचना का विकास तेजी से हो सके। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 181 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक, कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का उपयोग मछुआरों को उपकरण वितरण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने में किया जाएगा। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि सरकार के 2025-26 में किए गए नीतिगत सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, 218 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई मत्स्य बीज का उत्पादन भी एक बड़ी उपलब्धि है, जो प्रदेश की बढ़ती क्षमता का परिचायक है। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि नवीन बजट प्रावधानों से प्रदेश में तालाबों और जलस्रोतों का विस्तार होगा। आधुनिक तकनीक और उन्नत प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल मछली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इससे जुड़े परिवारों की आय में भी ठोस वृद्धि होगी। यह बजट प्रदेश को देश में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।  

यूपी चुनाव को लेकर मायावती का ऐलान, बसपा उतरेगी अकेले; दिल्ली बंगला मामले में दी सफाई

लखनऊ वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की रणनीति स्पष्ट हो गई है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को साफ शब्दों में कहा कि बसपा किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और 2007 की तरह अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। गठबंधन की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि विरोधी दल जानबूझकर इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, ताकि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का ध्यान चुनावी तैयारियों से भटकाया जा सके। मायावती ने मीडिया में चल रही खबरों को “फेक न्यूज” बताते हुए कहा कि बसपा पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ अकेले मैदान में उतरेगी। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को पार्टी संस्थापक कांशी राम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने खुले मंच से अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद भी कई बार इस रुख को दोहराया जा चुका है, इसलिए अब इस विषय पर किसी तरह की चर्चा या भ्रम की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और भाजपा की नीतियां संकीर्ण हैं और ये दल भीमराव आंबेडकर की विचारधारा के अनुरूप काम नहीं करते। गठबंधन से बसपा को नुकसान ही हुआ मायावती ने कहा कि पिछले अनुभव बताते हैं कि इन दलों के साथ गठबंधन से बसपा को नुकसान ही हुआ है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी साजिश या भ्रामक खबर से प्रभावित न हों और 2027 में सरकार बनाने के लक्ष्य पर केंद्रित रहें। दिल्ली में नए बंगले के अलॉटमेंट पर क्या बोलीं दिल्ली में नए बंगले के अलॉटमेंट को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आवास आवंटित किया है। उन्होंने 2 जून 1995 को लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में हुए हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना के बाद से उनकी सुरक्षा संवेदनशील विषय रही है और वर्तमान परिस्थितियों में खतरा और बढ़ गया है। मायावती ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विरोधियों की साजिशें तेज होंगी। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों में जुटे रहने की जरूरत है।  

ऊर्जा आत्मनिर्भरता से विकास को मिलेगी नई गति : मंत्री श्री शुक्ला

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के गरीब कल्याण, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के सर्वांगीण विकास के संकल्प को धरातल पर साकार करने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘रोलिंग बजट’ जैसी नवाचारी पहल से वित्तीय योजना अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बनेगी, जिससे दीर्घकालिक परियोजनाओं का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। मंत्री शुक्ला ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा, कृषि क्षेत्र में, औद्योगिक निवेश और अधोसंस्थनात्मक विकास के संतुलित संयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए किए गए प्रावधान राज्य को आत्मनिर्भर विकास की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। सौर ऊर्जा विस्तार और हरित अधोसंरचना को मजबूत आधार मंत्री  शुक्ला ने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत 343 करोड़ रुपए का प्रावधान किसानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सौर ऊर्जा आधारित सौर कृषि पंपों को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन कार्यक्रम में विद्युतीकरण कार्यों के लिए 96 करोड़ रुपए का प्रावधान दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक विद्युत पहुंच सुनिश्चित करेगा। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि यह बजट पारंपरिक ऊर्जा के साथ नवकरणीय ऊर्जा के संतुलित विस्तार का मार्ग प्रशस्त करता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट वर्ष 2047 के विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की दिशा में सशक्त आधार सिद्ध होगा।  

जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान को सशक्त करने का किया आह्वान

रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जशपुर जिले के डांडटोली में कोल विद्रोह के महानायक, अमर शहीद वीर बुधु भगत की 234 वीं जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उरांव समाज के लिए निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा उपस्थित जनसमूह को शुभकामनाएं प्रदान कीं। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि अमर शहीद वीर बुधु भगत ने जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन संघर्ष, साहस और संगठन शक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास के संरक्षण तथा नई पीढ़ी तक उसके प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि “अमर शहीद वीर बुधु भगत का बलिदान हमें अन्याय और शोषण के विरुद्ध     दृढ़तापूर्वक खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उनका संघर्ष केवल इतिहास की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है।” ज्ञातव्य है कि वीर बुधु भगत की जयंती प्रतिवर्ष 17 फरवरी को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है। वर्ष 2026 में उनकी 234वीं जयंती मनाई गई। वे उरांव समुदाय से थे और 19वीं शताब्दी के प्रारंभिक काल में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले प्रमुख जनजातीय क्रांतिकारी थे। उन्होंने 1831-32 के कोल विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों, अत्यधिक कर वसूली और स्थानीय शोषण के विरुद्ध जनजागरण किया। उनके नेतृत्व में जनजातीय समाज संगठित हुआ और विदेशी शासन को चुनौती दी। अंग्रेजी शासन ने उनके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्हें पकड़ने के लिए सैन्य अभियान चलाया। संघर्ष के दौरान 13 फरवरी 1832 को वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनका बलिदान जनजातीय अस्मिता और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट है। समारोह में जनप्रतिनिधियों, समाज के वरिष्ठजनों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने अमर शहीद वीर बुधु भगत को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

972 करोड़ की योजना पर हाई कोर्ट भड़का: ‘क्या डायल 112 के लिए मर्सिडीज चलानी है?’

जबलपुर  मध्य प्रदेश में डायल 112 फेज-2 प्रोजेक्ट को लेकर छिड़ा विवाद अब हाई कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है। 972 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत और टेंडर की शर्तों को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर तीखी टिप्पणी की है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान परियोजना की लागत पर हैरानी जताई। जब यह तथ्य सामने आया कि 1200 वाहनों के इस प्रोजेक्ट पर 972 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, तो कोर्ट ने मौखिक रूप से पूछा- 'क्या आप डायल 112 में मर्सिडीज कार चला रहे हैं?' यह टिप्पणी सीधे तौर पर सरकारी धन के उपयोग और प्रोजेक्ट की प्लानिंग पर सवाल उठाती है। अदालत ने 6 करोड़ 29 लाख रुपए के सीएडी (कंप्यूटर आधारित प्रेषण) सॉफ्टवेयर के लिए जारी नए टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और पुलिस विभाग से वर्तमान सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विवाद की क्या है मुख्य वजह? ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज (EMRI) के अनुसार, उन्हें मार्च 2025 में सिस्टम इंटीग्रेटर नियुक्त किया गया था और सितंबर 2025 से सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। कंपनी का आरोप है कि दिसंबर 2025 में सॉफ्टवेयर के लिए अलग टेंडर जारी करना मूल अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है। राज्य सरकार और पुलिस विभाग का तर्क है कि 972 करोड़ रुपए में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि डेटा सेंटर, तकनीकी ढांचा और परिचालन लागत भी शामिल है। उनका दावा है कि वर्तमान सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए नया टेंडर अनिवार्य था। प्रोजेक्ट की क्या है स्थिति? फेज-2 के तहत 1200 वाहनों के माध्यम से पुलिस सहायता को आधुनिक बनाने का लक्ष्य है। हालांकि, तकनीकी और कानूनी पेच ने फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

छत्तीसगढ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने ली अधिकारियों की बैठक

रायपुर छत्तीसगढ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष  संदीप शर्मा ने ली अधिकारियों की बैठक छत्तीसगढ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष  संदीप शर्मा ने   आज कोण्डागांव प्रवास के दौरान कलेक्टोरेट स्थिति सभाकक्ष में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पूरक पोषण आहार योजना, मध्यान्ह भोजन योजना तथा शासकीय आश्रम तथा छात्रावास को बीपीएल दर पर प्रदाय खाद्यान्न भोजन की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में माह फरवरी और मार्च हेतु जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न के भंडारण की समीक्षा कर माह फरवरी हेतु शेष दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण और वितरण 07 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।  सभी खाद्य निरीक्षको द्वारा दुकानों का निरीक्षण और प्राप्त शिकायत का तत्परता से पूर्ण निराकरण करने, दुकानों की निगरानी समिति को कार्यशील बनाने तथा इसके सदस्यों के मोबाईल नंबर सभी दुकानों में प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए। जिले के ऐसे सभी स्कूल जहां रसोईया हड़ताल के कारण मध्यान्ह भोजन योजना प्रभावित हुई है उन्हें तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। जिले के सभी बालक छात्रावास की विशेषकर साफ़-सफाई एवं भोजन व्यवस्था की विशेष निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों के सतत निरीक्षण और बच्चों की उपस्थिति रिपोर्टिंग व्यवस्था को त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्र तथा छात्रावास में फोर्टीफाईड चावल को पकाने की सही विधि और उपभोग के लाभ की जानकारी हेतु संबंधित को प्रशिक्षण दिए जाने, प्रति डाइट अनुसार खाद्यान्न पात्रता प्रदर्शित करने तथा शिकायत और सुझाव हेतु खाद्य आयोग के काल सेंटर नंबर को स्थाई रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश आयोग के अध्यक्ष द्वारा दिए गए। राज्य खाद्य आयोग के दल द्वारा अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, माकड़ी और बालक छात्रावास, शामपुर  का निरीक्षण किया गया । कन्या छात्रावास में व्यवस्था बेहतर पाई गई जबकि बालक छात्रावास, शामपुर में छात्रों से चर्चा उपरांत  दाल  और सब्जी की गुणवत्ता में सुधार, साफ़-सफाई की व्यवस्था में सुधार तथा प्रति डाइट अनुसार खाद्यान्न की पात्रता तथा खाद्य आयोग के काल सेंटर नंबर को प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। 

योगी सरकार का गांव व किसान के समावेशी विकास पर लगातार फोकस

लखनऊ भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांव व अन्नदाता किसान सशक्त होंगे तो देश समृद्ध रहेगा और उत्तर प्रदेश के समावेशी विकास का लक्ष्य भी तभी प्राप्त होगा। इसी नीति को केंद्र में रखते हुए योगी सरकार ने गांव और किसान को अपनी प्राथमिकता में रखकर बीते 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश का नव निर्माण किया है। यह नया उत्तर प्रदेश शहर व गांव के बीच अंतर को पाटता है, ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकता है। इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार का बजट 2026-27 भी खेती-किसानी और ग्राम्य विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाता दिखाई दे रहा है। यह ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन देता है। किसानों को नई तकनीकों से, नए बाजारों से जोड़ता और उद्यमिता से जोड़ता है। खेती-किसानी व इससे संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार के नए माध्यमों को जन्म देता है। यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में किसानों सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति में भागीदार बनाता है।  बजट में खास ध्यान, कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये 2017 में सत्ता संभालने के तत्काल बाद योगी सरकार द्वारा किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये कर्जमाफी से लेकर केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि के 94,668.58 करोड़ रुपये स्थानांतरित करने तक, डबल इंजन सरकार ने किसानों को आर्थिक समृद्धि के केंद्र में रखा है। डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ अकाउंट में देकर बिचौलियों का राज समाप्त किया गया। बजट 2026-27 में कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट कर देती है। यह राशि पिछले बजट के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने यूपीएग्रीज परियोजना में एक्वा कल्चर आधारभूत संरचना के तहत विश्वस्तरीय हैचरी तथा विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की बाह्य सहायतित परियोजना के लिये 155 करोड़ रुपये, एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपये तथा किसान उत्पादक संगठनों हेतु रिवाल्विंग फण्ड योजना के लिये 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। किसानों के डीजल पंप सेट को सोलर में परिवर्तित करने की योजना के लिए 673.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ये बजट प्रावधान कृषि एवं सबद्ध क्षेत्रों के तकनीकी उन्नयन में मददगार होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दी जा रही मजबूती बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक बार फिर मजबूती दी गई है। प्रदेश के सभी जनपदों को शामिल करते हुए 94,300 हेक्टेयर में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फॉर्मिंग योजना संचालित है। बजट में इसके लिए 298 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। निजी नलकूपों को अनवरत बिजली आपूर्ति हो, इसका ध्यान रखा गया है। इसके लिए 2400 करोड़ प्रस्तावित हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार किसानों के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम पर लगातार कार्यरत है। ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भरेगा गन्ना  पिछली सरकारों की अनदेखी के शिकार गन्ना किसानों के जीवन में 2017 के बाद से मिठास घुल गई है। योगी सरकार ने 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान किया। इस ऐतिहासिक निर्णय ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की। अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है, जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई। यह निर्णय गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि के साथ ही ग्रामीण अर्थतंत्र में भी नई ऊर्जा भरेगा। दुग्ध, मत्स्य पालकों के लिए भी खोले दरवाजे  योगी सरकार ने दुग्ध व मत्स्य पालकों के लिए भी दरवाजे खोले हैं। सहकारी क्षेत्र के तहत प्रदेश में 19 दुग्ध संघों के माध्यम से दुग्धशाला विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मथुरा में पहले 30 हजार लीटर क्षमता की नवीन डेयरी परियोजना प्रस्तावित की गयी थी, लेकिन अब 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव है। सरकार ने दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण व उन्हें पुनर्जीवित करने की योजना पर भी जोर दिया है। छुट्टा गोवंश के कारण किसानों को होने वाली समस्याओं के निदान पर भी सरकार ने जोर लगाया। छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ का प्रावधान किया है। मत्स्य पालक किसानों का भी बजट में ख्याल रखा गया है। इसके अतिरिक्त 36.87 लाख किसानों को निःशुल्क तिलहन बीज मिनीकिट, लगभग 83 हजार सोलर पंप की स्थापना, लगभग 32 हजार खेत तालाबों का निर्माण, 2.46 लाख से अधिक कृषि यंत्रों का वितरण और किसान पाठशाला में लगभग दो करोड़ किसानों की सहभागिता से भी अन्नदाता किसानों के जीवन में बदलाव लाया गया है। योगी सरकार का किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर विशेष जोर धान खरीद अभियान के जरिए योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य अन्नदाता किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना है। एक ओर सरकार धान की निर्बाध खरीद कर रही है, तो दूसरी ओर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों को सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है। धान खरीद की बात करें तो योगी सरकार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर किसानों से यह खरीद कर रही है। धान खरीद सत्र 2025-26 में 18 फरवरी दोपहर 12 बजे तक 12.78 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है। इतना ही नहीं, 4869 क्रय केंद्रों के माध्यम से अब तक 10.17 लाख से अधिक किसानों से 60.98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। विशेषज्ञ की राय “योगी सरकार ने गांव व किसान को समृद्धि का आधार कहा था। सरकार ने पौने नौ साल में इसे वास्तविकता के धरातल पर उतारा भी है। चाहें बजट प्रावधान हों या किसान पाठशाला के जरिये खेती-किसानी को उन्नत तकनीक से जोड़ना, सरकार किसानों को आत्मनिर्भरता व उद्यमिता की तरफ ले जा रही है। किसी भी प्रदेश के समावेशी विकास के लिए जरूरी है कि कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों में कार्यरत लोग सिर्फ सरकारी अनुदान योजनाओं पर आश्रित न रहें। राज्य की अर्थव्यवस्था व समृद्धि में उनकी अन्य क्षेत्रों के समान ही हिस्सेदारी होनी … Read more