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आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर

भोपाल  शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना एवं आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बड़वानी जिले की सेंधवा जनपद की 34 ग्राम पंचायतों में छठवाँ क्लस्टर अनुश्रवण शिविर का आयोजन किया गया। इससे पूर्व जिले में सफलतापूर्वक 5 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में यह आयोजन ग्रामीणों के लिए समाधान का केन्द्र साबित हुआ, जिसमें अपने ही ग्राम में उनकी समस्याओं का निराकरण हुआ। योजनाओं का हुआ प्रभावी क्रियान्वयन संकल्प से संकल्प अभियान के द्वितीय चरण के तहत जनपद पंचायत सेंधवा के 3 क्लस्टर सेंधवा, धनोरा, चाचरिया की 34 पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान के तहत इक्कीस विभागों की 106 योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित शिकायतों एवं समस्याओं को पंजीकृत कर निराकृत किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र हितग्राही किसी भी लाभ से वंचित न रहें। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाया जाए। राजस्व एवं दस्तावेज़ वितरण शिवन्या में आयोजित शिविर के दौरान नोडल अधिकारियों द्वारा राजस्व संबंधी मामलों का मौके पर निराकरण किया गया। यहाँ गीला पिता धर्मसिंह, जैतराम पिता गमर, आबदा पिता घट्टा, सलीम पिता नासरिया एवं दरबार पिता हेमता को उनके भू-अभिलेखों की खसरा प्रतिलिपि प्रदाय की गई। स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा (ग्राम पंचायत कामोद व शिवन्या)- आयुष्मान भारत योजना के तहत ग्राम पंचायत कामोद में साधुराम आर्य, प्रताप आर्य, दयाराम अवास्या एवं अमन बढोले को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए, जिससे अब उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी। संबल योजना शिवन्या में श्रीमती यशोदा पति अन्तिराम को संबल कार्ड तैयार कर मौके पर ही सौंपा गया। दिव्यांग सहायता – एक विशेष प्रकरण में विकलांग पेंशन के लिए आवश्यक यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध न होने पर, विभाग द्वारा त्वरित समन्वय कर सामाजिक न्याय विभाग से आईडी जेनरेट करवाई गई। कृषि एवं ऋण सुविधा (ग्राम पंचायत बाबदड़) – किसानों की आर्थिक उन्नति हेतु ग्राम पंचायत बाबदड़ में चम्पालाल पिता सोमला को केसीसी कार्ड (सहकारिता विभाग) वितरित किया गया। अब उन्हें समिति के माध्यम से आसानी से खाद, बीज और नकद ऋण की सुविधा प्राप्त होगी। विद्यादान अभियान के तहत विद्यालयों का निरीक्षण प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल समस्याओं का समाधान किया, बल्कि विद्या दान अभियान के तहत शिक्षा की गुणवत्ता को भी परखा। नोडल अधिकारियों ने ग्राम कोटकिराड़ी, कुमठाना एवं बाबदड़ के शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण किया और वहां छात्र-छात्राओं को अध्यापन कराकर उनका उत्साहवर्धन किया। द्वितीय चरण में किए गए कार्यों का मूल्यांकन क्लस्टर अनुश्रवण शिविर के द्वितीय चरण में शासकीय हाई स्कूल बाबदड़ में कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रथम चरण में किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया। 34 पंचायतों में आयोजित शिविर में कुल 1465 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 1254 आवेदनों का निराकरण किया गया।  

लड़कियों को धीरेंद्र शास्त्री की नसीहत: दुर्गा बनो, काली बनो, बयान पर छिड़ी बहस

ग्वालियर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने एकबार फिर लड़कियों से अपील की कि वे दुर्गा बने, काली बने मगर कभी बुर्के वाली न बने। मध्यप्रदेश स्थित ग्वालियर के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्ति पीठ के प्रतिष्ठा महोत्सव में उन्होंने ये बयान दिया। महोत्व के दूसरे दिन कथा के दौरान शास्त्री ने यंग्यात्मक लहजे में समझाते हुए कहा 'मेरी सहेली बेकार थी, मेरा दोस्त बेकार था। अरे नकटी, दुर्गा, काली, त्रिपुर सुंदरी बेटियों, तुम दुर्गा बनो, तुम काली बनो, पर कभी बुर्के वाली न बनो।' शास्त्री ने संगत के प्रभाव पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा अक्सर अपनी संगत को अपनी स्थिति का कारण बताते हैं। हालांकि उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राम के राज्य में मंथरा नहीं सुधरी और रावण के राज्य में विभीषण कभी नहीं बिगड़ा। यह दर्शाता है कि संगत तभी असर डालती है जब स्वयं कोई कमी हो। शास्त्री ने कहा कि केवल सत्संग सुनने से जीवन नहीं सुधरता बल्कि उसे जीवन में उतारने से सुधार आता है। उन्होंने समझाया कि हनुमान जी को मानने से नहीं बल्कि उनकी बातों को मानने से कृपा प्राप्त होती है। एक जलते दीपक के पास बुझा दीपक रखने से वह भी प्रज्ज्वलित हो जाता है, उसी प्रकार सत्संग एक जलता हुआ दीपक है, और जब कोई व्यक्ति सत्संग में आता है, तो वह भी प्रकाशित हो जाता है। मन के एंटीवायरस को मिटाने के लिए सत्संग आवश्यक है। बताया कैसे मिलती है सफलता धीरेंद्र शास्त्री ने अच्छे आचरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि आचरण अच्छा होगा तो परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को 'इंस्टा रील' के चक्कर में अपना जीवन बर्बाद न करने की सलाह दी। शास्त्री के अनुसार सफलता 'रील लाइक' करने से नहीं, बल्कि 'रियल लाइफ' में पढ़ाई करने से मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि 18 से 25 वर्ष की आयु का युवा यदि इस दौरान नहीं बिगड़ता, तो वह कभी नहीं बिगड़ेगा,लेकिन जो इस आयु में बिगड़ गया, वह फिर कभी नहीं सुधरेगा। कथा सुनने आए डिप्टी सीएम और पूर्व गृहमंत्री आयोजित कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने भी कथा सुनने आए थे। नवग्रह शक्तिपीठ में दर्शन के बाद अभिनेता आशुतोष राणा आध्यात्मिक अनुभव से अभिभूत नजर आए। उन्होंने मंदिर की अनूठी वास्तुकला, वैज्ञानिक आधार और आध्यात्मिक महत्व की जमकर सराहना करते हुए इसे मध्य भारत की एक अद्वितीय धरोहर बताया। राणा ने कहा कि यह मंदिर अपनी तरह का पहला स्थान है, जहां नवग्रहों की इतनी भव्य स्थापना की गई है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि मंदिर की संरचना ऐसी बनाई गई है कि एक शिखर की छाया दूसरे पर नहीं पड़ती, जो वास्तु की दृष्टि से अत्यंत विशेष है।

पहली बार ऑनलाइन ऐप से होगी गिद्ध गणना

भोपाल  प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना 2025-26 में शीतकालीन गणना 20 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक सूर्योदय से सुबह 9.00 बजे तक प्रदेश के सभी 16 वृत्त एवं 09 टाईगर रिजर्व में गिद्ध गणना का कार्य वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों, डब्लू डब्लू.एफ., डब्लू.आई.आई. के प्रतिभागियों के अतिरिक्त स्वंय सेवक एवं फोटोग्राफरों के द्वारा मिलकर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना की शुरूआत वर्ष-2016 से की गई थी जिसमें 7,028 गिद्धों का आंकलन किया गया था। गिद्ध गणना वर्ष-2025 में शीतकालीन गणना में 12710 एवं ग्रीष्मकालीन गणना वर्ष-2025 में 9509 गिद्धों का आंकड़ा प्राप्त हुआ था। मध्यप्रदेश में कुल 07 प्रजातियों के गिद्ध पाये जाते हैं, जिसमें से 04 प्रजातियों स्थानीय हैं एवं 03 प्रजातियाँ प्रवासी हैं, जो ठंड के समाप्त होते ही वापस चली जाती हैं। प्रथम चरण की गणना तब की जाती है जब उपरोक्त सभी प्रजातियों के गिद्ध घोंसले बनाकर अपने अंडे दे चुके होते हैं या देने की तैयारी में होते हैं। इसी प्रकार से फरवरी माह आने तक इन घोंसलों में अंडों से नवजात गिद्ध निकल चुके होते हैं तथा वे उड़ने की तैयारी करते होते हैं। इसलिये गणना करने के लिये शीत ऋतु का अंतिम समय उचित होता है जिससे स्थानीय तथा प्रवासी गिद्धों की गणना हो जाए। इस बार गिद्धों की गणना के लिये प्रथम बार ऑनलाइन ऐप तयार किया गया है, जिसके माध्यम से गिद्धों की गणना की जा रही है। "ऐप" के माध्यम से गणना किये जाने पर आंकड़ों के संकलन एवं रिपोर्ट तैयार करने में आसानी होगी। गत वर्षों में गणना ऑफलाइन की जाती रही है। ऐप के माध्यम से गणना किये जाने के लिये मास्टर ट्रेनर्स, अशासकीय संस्थाओं एवं अधिकारियों/कर्मचारियों को ऑनलाईन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। गिद्धों की गणना के लिये गणनाकर्मी एवं स्वयंसेवक आदि सूर्योदय के तत्काल बाद प्रथम चरण में चयनित गिद्धों के घोंसलों के समीप पहुंच जाएंगे और घोंसलों के आसपास बैठे गिद्धों एवं उनके नवजातों की गणना ऐप के माध्यम से करेंगे। गणना के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि केवल आवास/विश्राम स्थलों पर बैठे हुए गिद्धों को ही गणना में लिया जाए। उड़ते हुए गिद्धों को गणना में नहीं लिया जाता है। इस वर्ष वन विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ पूरे प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पक्षी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, छात्र, फोटोग्राफर एवं स्थानीय नागरिक इस गणना में भाग ले रहे हैं। गणना उपरांत डाटा संकलन का कार्य वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में किया जावेगा।  

शादी के मंडप में बवाल: कुत्ते को लेकर भिड़े दोनों पक्ष, लाठी-डंडे चले, चार घायल

फतेहपुर यूपी के फतेहपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक शादी समारोह में कुत्ते को लेकर जमकर बवाल हो गया। वर और वधू पक्ष के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मामला हाथापाई तक आ गया। दोनों तरफ से हुई मारपीट में चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा शादी भी टूट गई। वहीं, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ये मामला खागा क्षेत्र के कैनाल स्थित एक मैरिज हॉल की है। जानकारी के मुताबिक कल रात 19 फरवरी इस मैरिज हॉल में शादी थी। रात करीब तीन बजे वरमाला के बाद वैवाहिक रस्मों की तैयारी चल रही थी। चर्चा रही कि इसी दौरान कन्या पक्ष के साथ आया पालतू कुत्ता मंडप के पास पहुंच गया। उसे हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। आरोप प्रत्यारोप के बीच दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। लोगों को कमरों में बंद करना पड़ा। इस लेकर मौके पर अफरा तफरी मच गई। दोनों तरफ से हुई मारपीट में महिला समेत चार लोग घायल हो गए। वहीं, महिलाएं बचाव के लिए चिल्लाती रहीं। मैरिज हॉल में मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात काबू में किए और घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इस मामले में कोतवाली प्रभारी रमेश पटेल ने बताया कि सूचना पर पुलिस गई थी। कुत्ते को लेकर वर एवं वधू पक्ष में झगड़ा और मारपीट हो गया था। बाद में दोनों ने आपसी समझौता करते हुए शादी तोड़ने का फैसला किया है। लेनदेन कर तोड़ दी शादी गुरुवार को मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने आपसी समझौते के अंतर्गत शादी न करने का फैसला किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पक्षों से मिले उपहार एवं आभूषणों को लौटा दिया। घटना के बाद चर्चा का विषय यही रहा कि जहां विवाह जैसे पवित्र संस्कार को केंद्र में होना चाहिए था, वहां एक कुत्ते की एंट्री ने पूरा माहौल बिगाड़ दिया।  

धोखाधड़ी केस में राहत: ढाई महीने बाद जेल से बाहर आए विक्रम भट्ट, आध्यात्मिक बयान से सुर्खियों में

मुंबई फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताबंरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गुरुवार, 19 फरवरी को रेगुलर बेल दे दी। विक्रम भट्ट और पत्नी करीब ढाई महीने से उदयपुर की सेंट्रल जेल में बंद थे। जेल से बाहर आने के बाद वह पहले भगवान शिव के मंदिर गए और मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह मीडिया से मिले और बातचीत में कहा कि वह भगवान कृष्ण के भक्त हैं और जेल उनका पांचवा निवास है। मालूम हो कि विक्रम भट्ट की पत्नी को 13 फरवरी को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया था, और अब दोनों को रेगुलर बेल मिली है। विक्रम भट्ट को धोखाधड़ी मामले में 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने अब दोनों पक्षों को आपसी समझौते से मामला सुलझाने को कहा है। पूरा मामला क्या है, यह जानने से पहले जानिए विक्रम भट्ट ने मीडिया से क्या कहा: जेल में बिताए ढाई महीनों पर यह बोले विक्रम भट्ट विक्रम भट्ट ने जेल में बिताए दो महीने और 11 दिन को लेकर 'न्यूज18' से बातचीत में कहा, 'मैंने ढाई महीने जेल में बिताए हैं। मुझे न केवल उम्मीद थी, बल्कि पूरा विश्वास था कि यहां की कानून व्यवस्था कायम रहेगी और सच्चाई जरूर सामने आएगी। जेल में मेरी एक दोस्त बनी, जिसने मुझे मेवाड़ की मिट्टी के बारे में बताया। उसने कहा कि मेवाड़ की मिट्टी में सच्चाई को भले ही परेशानी हो, पर उसे हराया नहीं जा सकता। मैं मेवाड़ की इसी मिट्टी का तिलक लगाकर यहां से विदा हो रहा हूं, यहां सच्चाई की हमेशा जीत होगी।' 'मैं उसी स्थान पर रहा, जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ' विक्रम भट्ट ने आगे कहा, 'यह मेरा पांचवा निवास है। मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूं। मैं उसी स्थान पर रहा हूं, जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। समझ लीजिए कि मैं पहले से दोगुना बेहतर होकर लौट रहा हूं। भगवान कृष्ण की तरह मुझे भी एक नई लड़ाई लड़नी है। मैं कानून-व्यवस्था के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। मुझे इस देश की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। जो भी न्याय होगा, वह सबके हित में होगा।' कोर्ट का विक्रम भट्ट को सुझाव वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम भट्ट को सुझाव दिया कि वह और विपक्षी पार्टी दोनों मध्यस्थता केंद्र जाएं। दोनों पक्ष वहां उपस्थित होकर आपसी समझौते से मामले को सुलझाने की कोशिश करें। क्या है विक्रम भट्ट का 30 करोड़ की धोखाधड़ी मामला? मालूम हो कि नवंबर 2025 में, उदयपुर में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी के खिलाफ एक फिल्म प्रोजेक्ट से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने भूपालपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी की याद में बायोपिक बनाने के लिए विक्रम भट्ट की कंपनी के साथ समझौता किया था। लेकिन पैसे देने और चार फिल्मों के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद विक्रम भट्ट की कंपनी ने फिल्में नहीं बनाईं और इसके बजाय पैसे का गलत इस्तेमाल किया। तब उन्होंने उदयपुर में विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज करवाई थी। विक्रम भट्ट पर लगाए गए ये आरोप डॉ. मुर्डिया ने आरोप लगाया था कि एक इवेंट में वह दिनेश कटारिया से मिले थे, जिसने उन्हें उनकी पत्नी पर बायोपिक बनाने का सुझाव दिया था। बाद में उसने उन्हें मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया और वहां विक्रम भट्ट से मिलवाया था। विक्रम भट्ट से डॉ. मुर्डिया की बायोपिक को लेकर बात हुई। दर्ज एफआईआर के मुताबिक, इसके बाद विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी ने डॉ. मुर्डिया को कथित तौर पर विश्वास दिलाया कि अगर वह 7 करोड़ रुपये और लगा दें, तो वो दोनों 4 फिल्में 47 करोड़ रुपये में बना सकते हैं। इन फिल्मों से 100 से 200 करोड़ रुपये तक की कमाई हो जाएगी। डॉ. मुर्डिया का आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने झूठे वादे करके उनके 30 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया। विक्रम भट्ट ने आरोपों का किया खंडन पुलिस की जांच में पता चला कि फर्जी नोटों और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके विक्रम भट्ट ने पैसों का गलत इस्तेमाल किया था। इसके बाद 7 दिसंबर 2025 को उदयपुर पुलिस ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया और उदयपुर ले गई थी। हालांकि, विक्रम भट्ट ने आरोपों का खंडन किया, और कहा कि पुलिस को गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर का पता चलने से पहले उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।

विरोध प्रदर्शन में बड़ा हादसा: विजयवर्गीय के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी आग की चपेट में

मैहर  मध्यप्रदेश के मैहर जिले में कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान लापरवाही की एक खतरनाक तस्वीर सामने आई है। यहां शुक्रवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला फूंका जा रहा था, इसी दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। पुतला दहन को रोकने और उसे छीनने की कोशिश कर रहे ट्रैफिक टीआई विक्रम सिंह पाठक अचानक भड़की आग की चपेट में आ गए। हादसे का सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि जब अन्य पुलिसकर्मी आग की लपटों से घिरे टीआई को बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तब वहां मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता बेपरवाह होकर पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। इस घटना में टीआई कमर व पीठ के पास से गंभीर रूप से झुलस गए, जिसके बाद उन्हें मैहर के सिविल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पुतला छीनते वक्त आग में झुलसा पुलिस अफसर प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार को 'औकात' में रहने जैसी बात कही थी। इसी के विरोध में मैहर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेश घई के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का आयोजन किया गया था। जब कांग्रेसी कार्यकर्ता मंत्री विजयवर्गीय के पुतले पर ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल आदि डालकर आग लगा रहे थे, तभी ट्रैफिक टीआई विक्रम पाठक ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालांकि ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग अचानक तेजी से भड़क उठी और टीआई पाठक सीधे उसकी चपेट में आ गए। टीआई का अस्पताल में चल रहा इलाज आग की लपटों ने पलक झपकते ही टीआई विक्रम सिंह पाठक की वर्दी को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में टीआई की कमर, पीठ, जांघ और हाथ का कुछ हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया है। उन्हें तुरंत मैहर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम आईसीयू में उनका सघन उपचार कर रही है। हालत की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जल्द ही जिला अस्पताल या जबलपुर रेफर किया जा सकता है। घटना की सूचना मिलते ही मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर घायल टीआई का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। जांच के बाद दोषियों पर दर्ज होगी FIR इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक अमले में भारी रोष पैदा कर दिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर रानी बाटड़ ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी विक्रम पाठक पुतला दहन के दौरान आग में झुलस गए हैं। प्रशासन इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। जो भी लोग इस लापरवाही के दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक चौराहों पर ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग गलत उधर, पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस घटना से पुलिस परिवार आहत है। प्रदर्शनकारियों को यह समझना चाहिए कि सार्वजनिक चौराहों पर पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किसी की भी जान ले सकता है। हमने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है। घटनास्थल के वीडियो फुटेज और चश्मदीद गवाहों के आधार पर मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

बायोएग्री को मध्यप्रदेश की जैव-अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने पर होगा मंथन

भोपाल अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल में “मध्यप्रदेश की जैव-अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में बायोएग्री” विषय पर हितधारक परामर्श मंथन बैठक आयोजित हुई। मंथन का उद्देश्य राज्य में जीवन-विज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना तथा बायोएग्री इको सिस्टम के विकास के लिये एक कार्यान्वयन योग्य रोडमैप तैयार करने मे सहायता प्रदान करना है। बैठक में कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्योगों, स्टार्टअप्स, शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों तथा विभिन्न शासकीय विभागों के 47 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक में वेस्ट-टू-वेल्थ, प्रिसिजन एग्रीकल्चर एवं बायो-इनपुट्स, लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं न्यूट्रास्यूटिकल्स, कृषि जैव-प्रौद्योगिकी सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि “बायो इकोनामी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का योगदान देश के अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश की तुलना में अत्यधिक कम है, जबकि अवसरों की बात करें तो वह मध्यप्रदेश में सर्वाधिक उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। बायोइकानामी के अन्य घटकों के साथ ही बायो एग्री कार्य, बायो एनर्जी, इंडस्ट्रियल बायोटेक्नोलॉआदि क्षेत्रों में काम करने की मध्यप्रदेश में अत्यधिक संभावनाएं हैं। प्रदेश में प्रमुख फसलों के साथ अनुमानित 30-35 मिलीयन टन सोयाबीन स्ट्रा, गेहूं स्ट्रा, धान और मक्के का वेस्ट प्रतिवर्ष उत्पादित होता है। इसका बहुत बड़ा भाग अभी ऊर्जा में परिवर्तित नहीं होता। प्रदेश में पशुओं की बड़ी संख्या होने के कारण बायोगैस और कंप्रेस्ड बायोगैस की अपार संभावना है। 30 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र होने के कारण तेंदूपत्ता वन औषधीय पौधे और अन्य बायो बेस्ड मटेरियल आधारित उद्योग लगाने की अत्यधिक संभावना है।“ भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईसर), भोपाल के निदेशक प्रो. गोबर्धन दास ने बायोएग्री क्षेत्र में संबंधित अपार संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत की ज्ञान परंपरा अभूतपूर्व रही है। इसे जैव-अर्थव्यवस्था में लागू करके प्रदेश का विकास किया जा सकता है। सुशासन संस्थान के मानव संसाधन एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के प्रमुख डॉ. मनोज कुमार जैन ने बताया कि इस परामर्श बैठक से बायोएग्री आधारित मूल्य श्रृंखलाओं की पहचान, नीतिगत सुझाव, कौशल विकास एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिये ठोस कार्ययोजना तैयार होने की अपेक्षा है, जो मध्यप्रदेश को जैव-अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। बाइएकोनोमी सेल के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सूर्यवंशी ने कार्यक्रम का संचालन किया और आभार व्यक्त किया। 

India-US Trade Deal: फाइनल एग्रीमेंट का इंतजार, किन देशों को मिलेगा फायदा?

नई दिल्ली वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच मार्च में अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, जिसे अप्रैल से लागू किया जाएगा। इसके अलावा अप्रैल में यूके और ओमान के साथ भी FTA लागू होने की उम्मीद है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों को लेकर कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक 'अंतरिम व्यापार समझौते' पर इस साल मार्च में हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है और इसे अप्रैल के महीने से पूरी तरह लागू (ऑपरेशनल) कर दिया जाएगा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इस समझौते के कानूनी मसौदे (लीगल टेक्स्ट) को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी से अमेरिका में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू होने जा रही है। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह स्पष्ट कर दिया था कि इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पहले ही तय कर ली गई है। समझौते की प्रमुख शर्तों में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। 'समृद्ध भविष्य की राह' शीर्षक वाले खंड में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को कम कर रहे हैं। इसमें कहा गया- भारत ने दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सबसे अधिक शुल्क बनाए रखे हैं, जहां कृषि उत्पादों पर औसतन 37 प्रतिशत तक और कुछ वाहनों पर 100 प्रतिशत से अधिक शुल्क है। भारत का इतिहास अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं लगाने का भी रहा है जिनके कारण अमेरिका के कई निर्यात भारत में प्रतिबंधित रहे हैं।' दस्तावेज के अनुसार- आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्र लागू करेंगे और अमेरिकी श्रमिकों तथा कारोबार के लिए लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में अंतरिम समझौते पर काम करेंगे।' ब्रिटेन और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA): केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी जानकारी दी कि केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन (UK) और ओमान के साथ भी भारत के बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) अप्रैल महीने में लागू होने की पूरी उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता: इसके अलावा, भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले व्यापार समझौते के भी इसी साल सितंबर महीने तक लागू होने की संभावना जताई गई है। इन सभी व्यापारिक समझौतों के लागू होने से भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक नई गति मिलने और निर्यात के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

हथकरघा बुनकर संघ का 280.33 करोड रुपए का अनुमानित बजट पारित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट ध्वनि मत से  पारित किया गया। बैठक में विभिन्न शासकीय विभागों से प्राप्त मांग- आदेशों में लगातार आ रही कमी पर गंभीर चिंता जताई गई और विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आमसभा का आयोजन संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन की अध्यक्षता में वीआईपी चौक, रायपुर स्थित एक निजी होटल में हुआ। बैठक में रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद और कांकेर जिलों से 96 प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में वर्ष 2024-25 के वित्तीय प्रतिवेदन और वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक के वास्तविक आय-व्यय का अनुमोदन किया गया। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पारित करते हुए संघ की गतिविधियों के विस्तार पर सहमति बनी। मांग आदेश बढ़ाने पर जोर आमसभा में विभागों से मिल रहे मांग आदेशों में कमी को संघ के लिए चुनौती बताया गया। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास कर शासकीय विभागों से अधिक से अधिक मांग आदेश प्राप्त किए जाएं। साथ ही, वस्त्र उत्पादन नहीं करने वाली निष्क्रिय अथवा अकार्यशील प्राथमिक बुनकर समितियों की सदस्यता समाप्त करने, बुनाई मजदूरी में वृद्धि तथा समितियों के सेवा प्रभार में बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई। ऑनलाइन इन्वेंट्री से बढ़ेगी पारदर्शिता ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। इससे सभी विभाग हाथकरघा संघ में उपलब्ध वस्त्र स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। कोसा-कॉटन के लिए डिज़ाइनर और मार्केटिंग कंसल्टेंट संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के उत्कृष्ट बुनकरों द्वारा निर्मित कोसा और कॉटन वस्त्रों का मूल्य संवर्धन किया जाएगा। इसके लिए निफ्ट डिज़ाइनरों की सेवाएं ली जा रही हैं और ऑनलाइन मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया जा रहा है। इससे हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। बिलासा शोरूम का विस्तार संघ द्वारा कोसा और कॉटन वस्त्रों के प्रचार-प्रसार के लिए बस्तर संभाग के जगदलपुर में शोरूम प्रारंभ किया जा चुका है। इसके अलावा अम्बिकापुर, रायगढ़, बिलासपुर, बालोद, डोंगरगढ़ और चन्द्रपुर में शोरूम खोलने की तैयारी है। राज्य के बाहर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों में भी ‘बिलासा’ शोरूम प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया है। बुनकर सम्मेलन में होगा सम्मान बैठक में जानकारी दी गई कि बुनकरों के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन पुरस्कार, वरिष्ठ बुनकर सम्मान और उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए  मुख्यमंत्री जी से समय लिया जाएगा। राज्य बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में लिए गए निर्णय के संबंध में ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार हाथकरघा और ग्रामोद्योग क्षेत्र को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोसा एवं कॉटन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विपणन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय बढ़ाकर मांग आदेशों में वृद्धि सुनिश्चित की जाए तथा बुनकरों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस पहल की जाए। आमसभा में संघ के पूर्व अध्यक्ष कमल देवांगन, वित्त विभाग के दिवाकर राठौर, सहकारिता विभाग के उमेश तिवारी, ग्रामोद्योग विभाग के अमृत यादव, संयुक्त संचालक हाथकरघा ए. अयाज़ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विभागीय योजनाओं की जानकारी सचिव एम.एम. जोशी ने दी। आभार प्रदर्शन लेखाधिकारी विलास कुमार झाड़े ने किया तथा संचालन गोविन्द देवांगन ने किया।

कान्हा बने गोला का बदला अंदाज़! भारती सिंह के बाल नोचते ही मच गया हंगामा

मुंबई भारती सिंह अक्सर अपने बेटों के साथ वीडियोज बनाकर पोस्ट करती रहती हैं। जब से वो दूसरी बार मां बनी हैं, तब से और भी ज्यादा एक्टव हो गई हैं और अपने बेटे गोला के साथ-साथ वो छोटे काजू को लेकर भी क्लिप बनाती हैं। हाल ही में भारती ने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें साफ दिख रहा है कि दो बच्चों के साथ मां की हालत कैसी हो जाती है। इसमें गोला उनके बाल जोर से खींच रहा है। भारती सिंह काजू को गोद में लेकर बैठी हुई हैं और पीछे गोला खड़ा है। भारती रील में कहती हैं, 'ठीक हूं, खुश हूं, मैं खुश हूं, आप बार-बार क्यों पूछ रहे हैं।' इस दौरान, गोला पीछे खड़े होकर उनके बाल खींच रहा है। गोला को कहा था 'कान्हा' इससे पहले, भारती को 'बड़ा नटखट है ये कृष्णा कान्हा क्या करे यशोदा मैया' गाने पर रील बनाते देखा गया था, जिसमें वह गोला को बड़े प्यार से गले लगा रही थीं, उसे दुलार रही थीं और प्यार से चूम रही थीं। गोला बिल्कुल भी परेशान नहीं हुआ और अपनी मां के प्यार भरे टच के बीच टीवी देखने में व्यस्त रहा। उन्होंने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'मेरा कान्हा।' बड़े बेटे को वक्त नहीं दे पा रहीं भारती भारती ने हाल ही में अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया है, उन्होंने अपने यूट्यूब व्लॉग्स पर अपने बड़े बेटे गोला उर्फ लक्ष्य को समय न दे पाने का अफसोस जताया था। उन्होंने कहा था कि उनका अधिकांश समय उनके दो महीने के बेटे काजू में ही बीत जाता है। भारती ने बताया कि काजू के जन्म के बाद से उनका जीवन उसी के इर्द-गिर्द घूमता है और उनका 90% ध्यान नवजात बेटे काजू पर ही है, जबकि गोला के लिए केवल 10% ही समय बचता है। भारती सिंह की शादी और बच्चे भारती ने यह भी बताया कि इस सफर में उनके पति हर्ष लिम्बाचिया उनके लिए एक मजबूत सहारा रहे हैं और गोला का पूरा ख्याल रखते हैं ताकि काजू के आने के बाद उसे अकेलापन महसूस न हो। जानकारी के लिए बता दें कि भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया ने 19 दिसंबर को अपने दूसरे बेटे का स्वागत किया। वो उसे प्यार से काजू कहते हैं और नाम यशवीर रखा है। भारती और हर्ष ने 2022 में अपने पहले बच्चे गोला का स्वागत किया था। दोनों ने 2017 में शादी की।