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सिडनी में हरियाणा के मां-बेटे की जोड़ी ने शूटिंग में जमाई धाक

भिवानी. हरियाणवी हुनर विदेशों में खुद को साबित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में एक साथ उतरने वाली हरियाणवी मां और बेटे की यह जोड़ी प्रदेश और देश का नाम विदेशी धरती पर चमका रही है। सिडनी इंटरनेशनल शूटिंग सेंटर में 20 से 22 फरवरी तक हुए सिडनी कप प्रथम में हरियाणवी मां सुनैना सांगवान और बेटे सामर्थ्य सांगवान ने टाप टेन में जगह बनाकर शूटिंग प्रेमियों के दिलों में जगह बनाई है। शहर की इंदिरा कालोनी निवासी सुनैना सांगवान ने 10 मीटर एयर पिस्टल महिला वर्ग–2 व्यक्तिगत स्पर्धा में 534 अंक अर्जित कर 11 प्रतिभागियों के बीच 9वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपनी छह सीरीज में 88, 89, 88, 93, 89 और 87 अंक हासिल किए। वहीं 10 मीटर एयर पिस्टल पुरुष वर्ग के क्वालिफिकेशन राउंड में सुनैना सांगवान के बेटे सामर्थ्य सांगवान ने उत्कृष्ट निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 541 अंक अर्जित कर प्रतियोगिता में 10वां स्थान हासिल किया। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा। निशानेबाजी सिखाने मां अपने बेटे के साथ जाते-जाते खुद भी कब निशानेबाज बन गई उनको पता ही नहीं चला। सामर्थ्य सांगवान पूर्व सांसद जंगबीर सिंह की बहन के पोते हैं। सामर्थ्य के दादा सज्जन सांगवान बताते हैं कि इंजीनियर बेटे प्रवीण सांगवान वर्ष 2016 में नौकरी के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। सुनैना सांगवान बेटे के साथ आती थी। उन्होंने खुद भी शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया। अब वह निशानेबाजी में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। दोनों मां बेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर स्टीक निशाना लगा कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।  – प्रदीप बेनीवाल कोच एवं निदेशक, लक्ष्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी     बहू और पोते की उपलब्धि ने मेरा सीना चौड़ा किया है। मुझे उन पर गर्व है। दोनों की इस उपलब्धि पर परिवार में भी खुशी का माहौल है।  – सज्जन सांगवान, दादा     हरियाणवी चाहे दुनिया में कहीं भी हों, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा ही लेते हैं। मां-बेटे का अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में खेलना ही अपने आप में बेमिसाल है। सुनैना और उनके बेटे सामर्थ्य ने यह साबित किया है कि उनका निशाना चिड़िया की आंख है। आने वाले समय में मां-बेटा की यह जोड़ी कमाल जरूर करेगी। – एडवोकेट राजनारायण पंघाल, खेल प्रेरक

महंगी होगी शराब या मिलेगी राहत? पंजाब कैबिनेट आज नई एक्साइज पॉलिसी पर लेगी अहम निर्णय

लुधियाना  पंजाब कैबिनेट आज (23 फरवरी) अपनी मीटिंग में नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी देगी। इसमें पिछली पॉलिसी में ज़रूरी बदलाव किए जाएंगे, लेकिन बड़े लेवल पर नहीं। इस साल एक्साइज पॉलिसी का फोकस रेवेन्यू बढ़ाने, गैर-कानूनी धंधे पर नकेल कसने और सिस्टम को और ट्रांसपेरेंट बनाने पर है। सूत्रों के मुताबिक, नई पॉलिसी में विदेशी शराब की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी शामिल होगी। रेवेन्यू का टारगेट भी ₹12,000 करोड़ से ज़्यादा रखा गया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में राज्य ने ₹11,000 करोड़ से ज़्यादा का रेवेन्यू कमाया था। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट पिछले कई महीनों से रिव्यू मीटिंग कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, IMFL का कोटा भी बढ़ाया जाएगा ताकि सप्लाई मार्केट की डिमांड के हिसाब से हो। गैर-कानूनी शराब नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को मजबूत करना और फील्ड सर्विलांस बढ़ाना भी पॉलिसी के अहम हिस्से होंगे। लाइसेंसिंग प्रोसेस को पूरी तरह से डिजिटल और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। रिटेल और होलसेल लाइसेंस के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, जिससे इंसानी दखल कम होगा। नई पॉलिसी में लाइसेंस फीस स्ट्रक्चर में बदलाव, एप्लीकेंट की फाइनेंशियल कैपेसिटी और टैक्स रिकॉर्ड का सख्त वेरिफिकेशन और नियमों का पालन करना ज़रूरी होगा। सरकार का मकसद सिर्फ एलिजिबल और नियमों का पालन करने वाले बिजनेस को ही मार्केट में आने देना है।

फाजिल्का में कार टकराने से दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत

अबोहर. अबोहर के हनुमानगढ़ रोड पर स्थित ओवर ब्रिज से उतरते समय एक कार रोटरी चौक पर टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार पांच लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने बाद में दम तोड़ दिया। हादसा रविवार रात करीब 1:00 बजे हुआ। हादसे का कारण ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। मृतकों में दो सगे भाई वह एक उनका दोस्त गांव बलुवाना के निवासी हैं। जबकि दो लोग जो घायल हुए हैं वह भी बल्लूआना के निवासी ही है, जिन्हें रेफर कर दिया गया है। जैसे ही हादसे का पता चला परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा उधर पुलिस ने शवों को हॉस्टल की मोर्चरी में रखवा कर जांच शुरू कर दी है। यह युवक कीनू के बाग के ठेके लेते थे। वह रात को काम से वापस अपने गांव बालूआना जा रहे थे की हनुमानगढ़ रोड स्थित ओवर ब्रिज रोटरी चौक पर कार की जबरदस्त टक्कर हो गई। वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने उन्हें कार से निकाल कर सरकारी अस्पताल पहुंचाया वह पुलिस को सूचना दी।  

छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज बादल बरसने के आसार हैं. लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्क्युलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है. इन मौसम तंत्र के प्रभाव से दो दिन के बाद रात में फिर ठंड बढ़ सकती है. लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर सकता है. सोमवार को प्रदेश के बस्तर संभाग में बारिश हो सकती है. साथ ही बादल गरजने के साथ बिजली गिर सकती है. वहीं राजधानी में बादल छाए रहने की उम्मीद जताई गई है. प्रदेश में रविवार को मौसम शुष्क रहा. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इस दौरान कहीं बारिश की गतिविधि दर्ज नहीं हुई. मौसम का लेटेस्ट अपडेट मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके लगातार पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उसके बाद यह मुड़कर उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तरफ अगले 48 घंटे में जाने की संभावना है. एक द्रोणिका, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थत चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक, 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 23 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बस्तर संभाग के जिले संभावित है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं होने के आसार हैं. 24 फरवरी से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक गिरावट होने का दौर शुरू हो सकता है. न्यूनतम तापमान में गिरावट 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है.

Gold-Silver Update: सोना ₹3000 उछला, चांदी एक झटके में ₹15558 तक महंगी

नई दिल्ली : एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर कांट्रैक्ट आज 1.94 पर्सेंट ऊपर 159921 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। जबकि, सिल्वर मार्च फ्यूचर 5.79 पर्सेंट की उड़ान के साथ 267600 रुपये प्रति किलो के रेट से खुला। सोना करीब 3000 रुपये महंगा हुआ सोना 156993 है और चांदी के भाव में 15558 रुपये की उछाल थी। 20 फरवरी को एमसीएक्स पर सोना करीब 153000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। जबकि, चांदी 252042 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।  Gold-Silver Rate Update 23 Feb: सोने और चांदी के भाव में आज सोमवार, 23 फरवरी को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोने की कीमतों में 1.61% और चांदी की कीमतों में 5% तक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद आई है, जिसमें अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को खारिज कर दिया। निवेशक अब इसके बाद अमेरिका की ओर से संभावित नए कदमों का आकलन कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में आज स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.61% बढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5% उछलकर 86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर पर "पारस्परिक" टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का उल्लंघन किया था। इस फैसले के साथ ही ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लगाए गए कई महत्वपूर्ण टैरिफ अब समाप्त हो गए हैं। इस फैसले के जवाब में ट्रंप ने कहा है कि रद्द किए गए टैरिफ को बदलने के लिए वैकल्पिक तंत्र लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा शुल्कों के अलावा, कानून की धारा 122 के तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लागू करेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मामलों से जुड़े मौजूदा टैरिफ पूरी तरह से लागू रहेंगे। वहीं, जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है। ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले से वहां पहले से मौजूद आंतरिक अस्थिरता और गहरी हो सकती है और यह अमेरिका के लिए एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। क्या सोना-चांडी के भाव में और तेजी आ सकती है? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें कीमतों में तेज उछाल को फिलहाल रोक सकती हैं, लेकिन लगातार बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हरीश ने कहा, "निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संकटों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, क्योंकि ये धातुएं मूल्य संरक्षण करती हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और मुद्राओं व वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के समय एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में काम करती हैं।" नई ऊंचाई छूने की संभावना एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने सोने की कीमतों के तकनीकी परिदृश्य पर कहा कि कीमतों में हालिया गिरावट मुनाफावसूली का हिस्सा है और व्यापक रुझान तेजी वाला ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 4,500-4,700 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है और अगर कीमतें 5,100-5,200 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं, तो नई ऊंचाई छूने की संभावना बन सकती है। वहीं, चांदी के भाव पर पोनमुडी ने कहा कि हालिया गिरावट के बावजूद, बड़े समय के फ्रेम में तेजी वाली संरचना बरकरार है। 65-70 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी का समर्थन स्तर है। अगर यह आधार बना रहता है और कीमतें 85-92 डॉलर के स्तर को पार करके वापसी करती हैं, तो तेजी का रुख फिर से मजबूत हो सकता है। मिड टू लॉन्ग टर्म नजरिए से चांदी के लिए संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।

ब्रिटिश हुकूमत ने सेठ जुम्मा लाल से लिया था 35,000 रुपए का कर्ज, 109 साल बाद पोते ने भेजा नोटिस

सीहोर भोपाल की नवाब सुल्तान जहां बेगम के बाद उस समय अमीरों की सूची में दूसरे नंबर पर आने वाले सीहोर के रईस सेठ जुम्मा लाल रूठिया ने 109 साल पहले 1917 में ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपए का कर्ज दिया था। ब्रिटिश हुकूमच देश छोड़कर चली गई, लेकिन रूठिया परिवार का उधार अभी तक नहीं चुकाया है। ब्रिटिश सरकार को भेज रहे नोटिस ब्रिटिश हुकूमत के साथ कर्ज के लेन-देन को लेकर हुई लिखा-पढ़ी के आधार पर पोते विवेक रूठिया ब्रिटिश क्राउन को लीगल नोटिस भेज रहे हैं। रूठिया के मुताबिक उस समय की 35 हजार रुपए की राशि इस समय का एक करोड़ से ज्यादा है। सेठ विवेक रूठिया ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत को कर्ज देने के 20 साल बाद 1937 में उनके दादा सेठ जुम्मा लाल की मौत हो गई। पिता सेठ मानकचंद्र रूठिया को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के दस्तावेज मिले। 35000 रुपए का है कर्ज ब्रिटिश हुकूमत ने यह राशि भोपाल रियासत में अपने मैनेजमेंट को व्यवस्थित करने के लिए लिए थे। विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु देश सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। शहर में 40 फीसदी प्रॉपर्टी रूठिया परिवार की सेठ मानकचंद्र रूठिया के बारे में कहा जाता है कि शहर की 40 से 45 फीसदी बसाहट उनकी जमीन पर बसी है। इंदौर, सीहोर और भोपाल में कई प्रोपर्टी तो ऐसी बताई जाती हैं, जो रूठिया परिवार के नाम पर दर्ज हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं है, यदि पता भी है तो उन पर दूसरे लोगों का कब्जा है। शहर की कई प्रोपर्टी को लेकर रूठिया परिवार का कब्जेधारियों से विवाद भी चल रहा है। वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इनके मकान, दुकानों में रहते हैं और पुराने हिसाब से 100 से 500 रुपए तक ही किराया देते हैं। जानकारों का यह है कहना एडवोकेट जीके उपाध्यय का तर्क है कि लिखा-पढ़ी के आधार पर ब्रिटिश क्राउन को नोटिस भेजा जा सकता है, लेकिन जब भी कोई कर्ज लिया-दिया जाता है तो एग्रीमेंट में उसे वापस करने का समय निर्धारित किया जाता है। दस्तावेजों के आधार पर कानूनी कार्रवाई विवेक रूठिया का कहना है कि उनके पास उस समय की लिखा-पढ़ी और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो उन्हें पारिवारिक वसीयत के माध्यम से प्राप्त हुए। सेठ जुम्मा लाल रूठिया का निधन वर्ष 1937 में, कर्ज देने के लगभग 20 वर्ष बाद हो गया था। विवेक रूठिया के अनुसार, उस समय के 35 हजार रुपए की कीमत आज के हिसाब से करोड़ों रुपए के बराबर है। उनका तर्क है कि यदि 1917 में सोने की कीमत और वर्तमान कीमत के आधार पर गणना की जाए, तो यह राशि कहीं अधिक हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कोई भी संप्रभु राष्ट्र पूर्व में लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए सैद्धांतिक रूप से बाध्य होता है। इसी आधार पर वे ब्रिटिश सरकार को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में हैं। फिलहाल यह मामला ऐतिहासिक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगा। वसीयत से खुला राज विवेक के अनुसार उनके दादा का निधन 1937 में हुआ था। उनके पिता सेठ मानकचंद्र को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के पुख्ता दस्तावेज मिले। अब अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए विवेक लीगल नोटिस भेज रहे हैं। तर्क है कि एक संप्रभु राष्ट्र सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, भले ही सत्ता बदल गई हो। ये हैं अहम बातें     जुम्मा लाल रूठिया भोपाल नवाब के बाद सबसे अमीर सेठ थे     सीहोर में इनकी ढेर सारी संपत्तियां आज भी मौजूद     वसीयत के पेपर में हुआ खुलासा कि दादा ने दिया था कर्ज     ब्रिटिश क्राउन को परिवार भेज रहा है नोटिस     35000 हजार रुपए का कर्ज आज की तारीख में एक करोड़ से ज्यादा

दिल्ली कोर्ट का बयान, AI समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रोटेस्ट से भारत की अंतरराष्ट्रीय इमेज को खतरा

नई दिल्ली दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं का शर्टलेस प्रोटेस्ट असहमति जताने का सही तरीका नहीं था। कोर्ट ने कहा कि यह ‘सार्वजनिक व्यवस्था पर एक सीधा हमला’ था, जिसने भारत की डिप्लोमैटिक इमेज को भी नुकसान पहुंचाया। कोर्ट ने चारों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रवि की कोर्ट ने  यह टिप्पणी करते हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिंह यादव शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में बाहरी साजिश के संबंधों का संकेत दिल्ली पुलिस की हिरासत में पूछताछ की अर्जी को मंजूर करने के कारण बताते हुए मजिस्ट्रेट ने कहा कि आरोपी बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के दूर-दराज के इलाकों से हैं, जिससे उनके फरार होने की आशंका बहुत अधिक है। कोर्ट ने कहा कि ''प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों से बाहरी साजिश के संबंधों का संकेत मिलने से यह स्थिति और भी गंभीर'' हो जाती है। मजिस्ट्रेट रवि द्वारा पारित आदेश के एक अंश में कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन ने न केवल आयोजन की शुचिता को खतरे में डाला, बल्कि देश की डिप्लोमैटिक इमेज को भी नुकसान पहुंचाया। क्या हैं आरोप अदालत के आदेश में कहा गया, ''आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने वैश्विक प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एआई समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम के हाई सिक्योरिटी वाले परिसर में घुसने की सुनियोजित साजिश रची।'' इसमें कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर 'भड़काऊ नारों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी, जिन पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के दौरान प्रधानमंत्री झुक गए (पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड) जैसे आपत्तिजनक नारे लिखे थे। आदेश में कहा गया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी का निर्वहन करने में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों पर शारीरिक हमले किए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं, जैसा कि रिकॉर्ड में मौजूद 'मेडिको-लीगल' मामलों (एमएलसी) से प्रमाणित होता है। ऐसा आचरण सार्वजनिक व्यवस्था पर स्पष्ट हमले के समान मजिस्ट्रेट ने कहा, ''ऐसा आचरण वैध तरीके से असहमति जताने के दायरे से स्पष्ट रूप से परे है और सार्वजनिक व्यवस्था पर स्पष्ट हमले के समान है। यह न केवल आयोजन की गरिमा को खतरे में डालता है, बल्कि विदेशी हितधारकों के समक्ष देश की कूटनीतिक छवि को भी प्रभावित करता है…।'' मजिस्ट्रेट ने कहा कि जांच से पता चलता है कि आरोपियों के कई सहयोगी संभवत: फरार हैं, जो डिजिटल सबूतों, वित्तीय सुरागों आदि से छेड़छाड़ कर सकते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कथित अपराधों के लिए गहन जांच जरूरी है, क्योंकि वे एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर सार्वजनिक व्यवस्था और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) और धारा 61 (2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत तीन साल से अधिक की सजा का प्रावधान रखते हैं। अदालत ने कहा कि चारों आरोपियों को 25 फरवरी तक पांच दिन की पुलिस हिरासत में रखे जाने की अनुमति दी जाती है।

बांगलादेशी सेना में हुआ बड़ा बदलाव, भारत में रुके अफसर को वापस बुलाया पद संभालने के लिए

ढाका  बांग्लादेश सेना के शीर्ष स्तर परबड़ा फेरबदल हुआ, जिसमें एक नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) की नियुक्ति भी शामिल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी प्राप्त हुई। इस फेरबदल से प्रमुख रणनीतिक कमानों के साथ-साथ देश की प्रमुख सैन्य खुफिया एजेंसी भी प्रभावित हुई है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सेना मुख्यालय द्वारा जारी किए गए ये बदलाव प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई सरकार के 17 फरवरी को सत्ता संभालने के कुछ दिनों बाद हुए हैं। 'प्रोथोम आलो' ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान को सीजीएस के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि वह पहले सेना प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान (ARTDOC) के प्रमुख या जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में कार्यरत थे। भारत में बांग्लादेश उच्चायोग के रक्षा सलाहकार, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल के उच्च पद और दर्जे के साथ एक पैदल सेना डिवीजन के जीओसी के रूप में कार्यभार संभालने के लिए वापस बुलाया गया है। बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) ने 12 फरवरी को हुए महत्वपूर्ण चुनावों में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। 60 वर्षीय रहमान ने 17 फरवरी को शपथ ली, जिससे मुहम्मद यूनुस के 18 महीने के अंतरिम शासन का अंत हुआ। बांग्लादेशी विदेश मंत्री से मिले भारतीय उच्चायुक्त ढाका में नियुक्त उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने  कहा कि बांग्लादेश की नई सरकार के साथ संवाद को आगे बढ़ाने के लिए भारत उत्सुक है। उन्होंने नई दिल्ली की ओर से ढाका के साथ फिर से सक्रिय रूप से बातचीत की इच्छा व्यक्त की। तारिक रहमान के 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात के बाद उच्चायुक्त वर्मा पत्रकारों से बात कर रहे थे। वर्मा ने मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, 'विदेश मंत्री के साथ आज की बैठक में मैंने अपना रुख दोहराया कि हम बांग्लादेश में नयी सरकार के साथ संवाद के लिए उत्सुक हैं।' बैठक में विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद भी शामिल थीं। उच्चायुक्त के अनुसार, उन्होंने बताया कि 'हम परस्पर हित और पारस्परिक लाभ के आधार पर सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी सोच के साथ मिलकर काम करते हुए हर क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं।' यूनुस के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ संबंधों में गिरावट आई थी और 1971 के बाद यह अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे।

Bitcoin Crash: बिटकॉइन की कीमत में 40% की गिरावट, खरीदार गायब, बिटकॉइन की हालत बदतर

वाशिंगटन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का बुरा हाल और इसमें लगातार तेज गिरावट देखने को मिल रही है. अपने हाई लेवल से इसका दाम करीब 40 फीसदी से ज्यादा टूट (Bitcoin Price Crash) चुका है और पैसे लगाने वालों के अरबों डॉलर स्वाहा हो चुके हैं. सबसे बड़ी और चिंता भरी बात तो ये है कि इस तगड़ी गिरावट के बाद भी इस Crypto Currency के खरीदार गायब हैं. इनकी वापसी ही नहीं हो पा रही है. इसके पीछे कई कारण नजर आ रहे हैं.  क्रैश हुआ भाव, खरीदार गायब ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में Bitcoin को लेकर निवेशकों की बेरुखी को आंकड़ों के साथ दर्शाया गया है. इसमें बताया गया है कि बिटकॉइन की कीमत में अपने हालिया उच्चतम स्तर से 40% से अधिक गिरावट आ चुकी है और इससे हुए नुकसान के चलते अब निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है. लेकिन कीमत में गिरावट इतनी बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी चिंता की बात है, गिरावट आने पर खरीदारों की वापसी न होना. शनिवार को आई इस रिपोर्ट में कहा गया कि गिरावट के समय खरीदारी करने वाले गायब हैं और वे वजह जो सामान्यतः बाजार में उछाल को बढ़ावा देती हैं, अब बिटकॉइन के विपरीत काम कर रही हैं. बीते 3 महीने में ताबड़तोड़ निकासी रिपोर्ट में ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों को देखें, तो बीते तीन महीने में ही अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) से 16 अरब डॉलर से अधिक (करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) की निकासी हुई, तो वहीं दूसरी ओर स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ (Spot Bitcoin ETF) से लगभग 3.3 अरब डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) की निकासी हुई.  BTC पर क्या कह रहे एक्सपर्ट?  बिटकॉइन में लगातार जारी गिरावट को लेकर एक्सपर्ट इसके पीछे के कारण बताते हुए नजर आ रहे हैं. एकेडियन एसेट मैनेजमेंट के पोर्टफोलियो मैनेजर ओवेन लैमोंट ने कहा कि Bitcoin की असली कहानी Price Surge यानी कीमतों में उछाल रही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है और कीमतें तेजी से टूट रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शेयर या कमोडिटीज़ से अलग बिटकॉइन का मूल्य काफी हद तक भरोसे पर आधारित रहा है, खासतौर पर उन कहानियों पर जो नए खरीदारों को क्रिप्टो मार्केट में एंट्री लेने के लिए प्रेरित करती हैं. एक्सपर्ट ने कहा कि अब इन कहानियों की परीक्षा हो रही है और हालिया तेजी का फायदा उठाने वाले खुदरा निवेशक घाटे में हैं. 'बिटकॉइन नहीं है सोना…' सेवन्स रिपोर्ट के प्रेसिडेंट टॉम एस्से ने भी बिटकॉइन को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंन कहा कि,'लोग समझ रहे हैं कि Bitcoin वही है जो वह हमेशा से रहा है यानी एक सट्टा निवेश. बिटकॉइन सोने की जगह नहीं ले रहा है और यह डिजिटल गोल्ड नहीं है. यह न तो सोने जैसा काम करता है और न ही उसके जैसी उपयोगिता है. दूसरे शब्दों में कहें, तो यह महंगाई से बचाव का साधन नहीं है.' एस्से के मुताबिक, सच में इससे बेहतर महंगाई से बचाव के दूसरे कई साधन मौजूद हैं, जहां आपको अस्थिरता की चिंता करने की जरूरत ही नहीं है.

iPhone 16 की कीमत में मिल रहा है iPhone 17, फ्लिपकार्ट पर बंपर डिस्काउंट ऑफर

 नई दिल्ली  Apple iPhone की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एक बेहद ही खास डील मिल रही है. iPhone 16 से भी सस्ते दाम में अब iPhone 17 मिल रहा है.आइए इस डील के बारे में जानते हैं.  iPhone 17 एक लेटेस्ट हैंडसेट है, जिसको कुछ महीने पहली ही लॉन्च किय गया है, जबकि iPhone 16 करीब डेढ़ साल पुराना हैंडसेट है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि iPhone 17 का शुरुआती वेरिएंट 256GB स्टोरेज के साथ आता है.  iPhone 17 पर मिल रही ये खास डील  दोबारा फ्लिपकार्ट डील पर लौटते हैं, 82,900 रुपये में लॉन्च होने वाला iPhone 17 (256GB) अब फ्लिपकार्ट पर सिर्फ 79,999 रुपये में लिस्ट है. सभी ऑफर्स मिलाकर इसे 74,900 रुपये में खरीदा जा सकेगा. वहीं ऑफिशियल पोर्टल iPhone 16 (128GB) की कीमत 69,900 रुपये है, जबकि iPhone 16 (256GB) के लिए 10 हजार रुपये एक्स्ट्रा खर्च करने पड़ेंगे. हालांकि कंपनी ने iPhone 16 (256GB) को डिसकंटीन्यू कर दिया है. iPhone 17 के स्पेसिफिकेशन्स  iPhone 17 में 6.3 इंच का LTPO Super Retina XDR OLED डिस्प्ले दिया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट्स दिया है. इसमें सेरेमिक शील्ड 2 प्रोटेक्सन और एंटी रिफ्लेक्टिंग कोटिंग का यूज किया है. iPhone 17 का चिपसेट iPhone 17 में Apple A19 (3 nm) चिपसेट का यूज किया गया है. यह हैंडसेट iOS 26.3 के साथ आता है. इसमें Apple GPU (5-core graphics) का यूज किया है. इसमें स्टोरेज के 2 ऑप्शन मिलते हैं, जो 256GB और 512GB स्टोरेज मिलती है.  iPhone 17 का कैमरा  iPhone 17 में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें दोनों ही सेंसर 48 MP-48 MP सेंसर दिए हैं. इसके साथ Dual-LED फ्लैश लाइट का यूज किया है. इसमें 18MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. यह हैंडसेट ब्लैक, व्हाइट मिस्ट ब्लू और लेवेंडर जैसे कलर हैं. इसमें वायर और वायरलेस चार्जिंग दोनों का सपोर्ट मिलता है. वायरलेस चार्जिंग के लिए MagSafe का सपोर्ट मिलता है.