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पाकिस्तान का दोहरा चेहरा! अफगानिस्तान में मस्जिद और मदरसे को बनाया निशाना

इस्लामाबाद पाकिस्तान अकसर इस्लाम के नाम पर पूरी दुनिया को कश्मीर मसले पर साथ लाने की कोशिश करता है। इसके अलावा फिलिस्तीन विवाद पर भी वह ऐसी ही बातें करता रहा है, लेकिन अफगानिस्तान पर हमले के दौरान उसने सारी मर्यादाएं तार-तार कर दीं। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से चल रहे तनाव के बीच बमबारी की है। इस दौरान उसने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बरमाल जिले में बम गिराए हैं। ये बम मस्जिद और मदरसों पर भी गिरे हैं। अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान के इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन माली नुकसान काफी अधिक है। पाकिस्तान ने एक मस्जिद और मदरसे को भी निशाना बनाया है और बमबारी की है। खबर के मुताबिक अब्दुल्ला जान नाम के शख्स ने बताया, 'पाकिस्तान ने बीती रात हमला किया था। उसके लड़ाकू विमानों ने हमारे घर पर हमला किया। घर खाली था और वहां अंदर कोई नहीं था। उन्होंने घर बर्बाद कर दिया। कोई मरा नहीं है, लेकिन हमें 5 से 6 मिलियन अफगानी करेंसी का नुकसान हुआ है।' अफगानिस्तान की मुद्रा अफगानी कहलाती है। अरगोन के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर मिर्जा अली खान सईद ने कहा कि पहले आधी रात को हमला हुआ। फिर रात को करीब 2 बजे पाकिस्तान ने अटैक किए। इन हमलों में किसी की मौत नहीं हुआ है। लेकिन घर पूरी तरह बर्बाद हो गया। बरमाल जिले में एक मदरसे को भी टारगेट किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान का यह हमला पूरी तरह से युद्ध अपराध है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में ना ही कोई मिलिट्री बेस है और ना ही सेना की कोई मूवमेंट है। इसके बाद भी पाकिस्तान ने हमारे एयरस्पेस का उल्लंघन किया। आम नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश हुई और मजहबी ढांचे भी टारगेट हुए हैं। मौके पर रहे एक शख्स मोहम्मद जुबैर ने कहा कि हालात बहुत बुरे हैं। महिलाएं और बच्चे खौफजदा है। हवा में धूल और धुआँ फैल चुके हैं। हर जगह लोग बस यही चाहते हैं कि किसी तरह सुरक्षित ठिकाने में चले जाएं। पहले भी किए थे ऐसे हमले, 8 क्रिकेटर भी आए थे निशाने पर एक अन्य शख्स नसीम गुल ने कहा कि यह हमला बहुत भीषण और बर्बर था। हम अफगानिस्तानी लीडरशिप से कहेंगे कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए। वह हमारे ऊपर ऐसे हमले कई बार कर चुका है। एक अन्य शख्स शाहिदुल्लाह ने कहा कि यह हमला क्रूर था। बच्चे चिल्ला रहे थे और यहां-वहां भाग रहे थे। घर पर कोई नहीं था, लेकिन उन्होंने खाली मकान पर भी बम बरसा दिए। दरअसल यह पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों को भी टारगेट किया है। 5 महीने पहले भी उसने ऐसे ही हमले किए थे। इन हमलों में 11 अफगानिस्तानी नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 8 क्रिकेट खिलाड़ी थे।  

कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी, बोले— ‘परिवारवाद की बीमारी से जूझ रही पार्टी’

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समिट में एक तरफ हमारी युवा शक्ति की शैक्षिक क्षमता का बहुत उच्च कोटि का प्रदर्शन हुआ, तो वहीं कांग्रेस की निम्नता और नग्नता का कुटिल प्रदर्शन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अभी तक पूरा देश इस विषय को लेकर आक्रोशित है और अब कांग्रेस पार्टी के गठबंधन सहयोगियों की ओर से भी इस पर आपत्ति जताई गई है।  अब कांग्रेस पार्टी के अंदर से भी यह स्वर गूंजने लगा है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा होती है। ऐसे आयोजनों में इस प्रकार का हल्का, छिछोरा और नग्न आचरण करना निहायत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं और पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा ने भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों में गरिमा और अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए हम यह कहना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी को अब यह समझना चाहिए कि वह जिस प्रकार के विचारों के अनुसार चल रही है, उसे जनता नकार रही है, गठबंधन सहयोगी नकार रहे हैं और अब पार्टी के अंदर के वरिष्ठ एवं पुराने नेता भी उन्हें नकार रहे हैं। जनता उन्हें पूरी तरह ठुकरा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या कांग्रेस के अंदर आज की नहीं है, बल्कि यह खानदानी समस्या है। मैं कहना चाहता हूं कि यह समस्या कांग्रेस के नेताओं से ज्यादा कांग्रेस के परिवार की समस्या है। एक जमाने में भारत को सपेरों का देश कहा जाता था। 28 सितंबर 1955 को जवाहरलाल नेहरू की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया था कि क्या भारत को सपेरों का देश कहना उचित है? उन्होंने उत्तर दिया था कि भारत को सपेरों का देश कहने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि इससे पर्यटकों की संतुष्टि होती है। इसका अर्थ यह हुआ कि आप भारत की उसी पहचान को बनाए रखना चाहते थे। इसी कारण आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एआई की नई उड़ान की ओर बढ़ रहा है, तो यह आपसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि कांग्रेस की इस खानदानी बीमारी का इलाज देश की जनता करेगी। समस्या यह है कि जो भी उनकी पार्टी या गठबंधन के साथी उन्हें समझाना चाहते हैं, उनकी बात वे सुनना ही नहीं चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा था कि राज्य के पास पूंजी निवेश के लिए पर्याप्त धन नहीं है। फिर भी उन्होंने कहा कि वे गांधी परिवार और कांग्रेस के लिए 1,000 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार हैं। जब हम राज्य सरकार में थे, तब हमने गुजरात मॉडल पेश किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई थी। अब कांग्रेस को जवाब देना होगा कि उन्होंने शासन का कौन सा मॉडल पेश किया है? सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस कई राज्यों में सत्ता में है और तीन राज्यों में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चला रही है, हिमाचल, तेलंगाना और कर्नाटक। हमने गुजरात मॉडल दिया है। मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं, आपका मॉडल क्या है? आपने कर्नाटक का कौन सा मॉडल देश के सामने रखा है? हिमाचल का कौन सा मॉडल पेश किया है? दिखाइए, प्रदर्शन करके बताइए। तेलंगाना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस की राजनीति की परिभाषा अलग तरह से पेश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज इन बयानों के बाद किसी भी प्रकार का किंतु-परंतु नहीं रह गया है और उनके अनुसार कांग्रेस न केवल राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहती है, बल्कि जिन राज्यों में सत्ता में रहती है, वहां की जनता का भी भारी अहित करती है।

गुलमर्ग में खेलो इंडिया शीतकालीन खेल का उद्घाटन

श्रीनगर उत्तरी कश्मीर के बर्फीले इलाके में स्थित गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट में सोमवार से खेलो इंडिया विंटर गेम्स (केआईडब्ल्यूजी) का छठे संस्करण शुरू हो गया, जिसमें देश भर से सैकड़ों एथलीट, अधिकारी और पर्यटक डेरा डालेंगे। उद्घाटन के मौके पर जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि क्षेत्र आतंकवाद का कड़ा मुकाबला करेगा और साथ ही पर्यटन और खेलों को विकास के प्रमुख चालकों के रूप में बढ़ावा देना जारी रखेगा। गुलमर्ग में खेलो इंडिया शीतकालीन खेल के उद्घाटन समारोह में शर्मा ने कहा कि यह आयोजन चुनौतियों के बीच जम्मू और कश्मीर के लचीलेपन और आत्मविश्वास को दर्शाता है। हाल ही में हुई पहलगाम घटना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसे कृत्य शांति, पर्यटन और खेलों के माध्यम से युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयासों को पटरी से नहीं उतारेंगे। हम चुनौतियों का सामना करने के लिए काफी मजबूत हैं। पर्यटन फलेगा-फूलेगा और खेल सकारात्मक बदलाव लाएंगे। खेलों के छठे संस्करण की मेजबानी को सम्मान बताते हुए शर्मा ने कहा कि गुलमर्ग एक प्रमुख शीतकालीन खेल केंद्र के रूप में उभरा है जो देश भर से खिलाड़ियों और आगंतुकों को आकर्षित करता है। उन्होंने आगे कहा कि शीतकालीन साहसिक पर्यटन को सोनमर्ग, भदेरवाह और पीर पंजाल क्षेत्र जैसे स्थलों तक भी विस्तारित किया जा रहा है।  

‘द ब्लफ’ की झलक: प्रियंका चोपड़ा की नई तस्वीरों ने मचाया इंटरनेट पर तहलका

प्रियंका चोपड़ा अब केवल भारत की शान नहीं बल्कि दुनिया भर में वो नाम बन चुकी हैं जिनका काम उनके लोगों की तरफ खींचता है। इन दिनों प्रियंका अपनी अपकमिंग फिल्म 'द ब्लफ' को लेकर काफी चर्चा में हैं जो जल्द ही प्राइम वीडियो पर रिलीज होने वाला है। कइयों के मन में ये सवाल जरूरत आता होगा कि प्रियंका चोपड़ा ने आखिर बॉलीवुड छोड़ने का फैसला क्यों लिया। प्रियंका चोपड़ा ने इस बारे में बातें भी की हैं। वहीं प्रियंका ने ' द ब्लफ' की रिलीज से पहले तस्वीरें शेयर की हैं जिनमें उनका लुक काफी कातिलाना दिख रहा है। प्रियंका चोपड़ा ने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, 'प्रेस टूर का दूसरा दिन। @agbofilms और @primevideo पर #TheBluff #PirateCore की स्क्रीनिंग में आकर अपना प्यार दिखाने वाले सभी लोगों को बहुत-बहुत धन्यवाद।' प्रियंका के डिफरेंट अंदाज के लिए उनकी इस पोस्ट पर जमकर तारीफ हो रही है। ऋतिक रोशन ने लिखा- इसे देखने के लिए और इंतजार नहीं हो रहा प्रियंका के इस पोस्ट पर बॉलीवुड के दोस्तों ने भी खूब प्यार बरसाया है। ऋतिक रोशन ने लिखा, 'शानदार, इसे देखने के लिए अब और इंतजार नहीं हो रहा।' वहीं कई सारे फैन्स ने उन्हें दुनिया की सबसे स्टनिंग एक्ट्रेस कहा है। हॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में से एक बन चुकी हैं प्रियंका प्रियंका चोपड़ा ने साल 2012 में एक सिंगर के रूप में अपना करियर शुरू करते हुए अमेरिका में मौकों की तलाश शुरू की। हालांकि उनका म्यूजिक करियर काफी छोटा रहा, उन्होंने जल्द ही हॉलीवुड में काम करना शुरू कर दिया। पहले उन्होंने टेलीविजन में और फिर फिल्मों में और अब करीब डेढ़ दशक बाद, प्रियंका ने खुद को एक हॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में खड़ा कर लिया है। 'मैंने अमेरिका में काम करना शुरू किया' हाल ही में एक इंटरव्यू में प्रियंका से हॉलीवुड में उनके करियर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह कभी बॉलीवुड छोड़ना नहीं चाहती थीं, लेकिन हिंदी सिनेमा से बाहर मौके तलाशने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा क्योंकि उन्हें यहां सब काफी लिमिटेड लगने लगा था। फर्स्टपोस्ट से बातचीत में उन्होंने बताया, 'मुझे नहीं लगता कि मैं कभी बॉलीवुड छोड़ना चाहती थी। हिंदी फिल्मों में काम करते समय मुझे कई वजहों से अवसर लिमिटेड महसूस होता था। मैं एक्सपैंड करना चाहती थी। मुझे एक आर्टिस्ट के रूप में अपने लिए रोमांचक अवसरों की तलाश करने के लिए प्रेरित किया गया। मैंने अमेरिका में काम करना शुरू किया और अब, लगभग 12 वर्षों के बाद, मुझे लगता है कि मुझे वास्तव में बेहतरीन काम चुनने और उसमें सफलता मिली है और यह आसान नहीं है।'

राजस्थान में SIR में 31 लाख 36 हजार मतदाताओं के कटे नाम

जयपुर. नई दिल्ली। राजस्थान में निर्वाचन विभाग ने 200 में से 199 विधानसभा सीटों की एसआईआर(विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। एक विधानसभा सीट पर पिछले साल,नवंबर में उप चुनाव होने के कारण एसआईआर का कार्य नहीं हो सका था। 199 सीटों पर जारी एसआईआर की अंतिम सूची में राज्य में 31 लाख 36 हजार 286 मतदाताओं के नाम कटे हैं। पिछले साल,16 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट सूची के बाद 10 लाख 48 हजार नाम बढ़े हैं। अब प्रदेश में पांच करोड़ 15 लाख 19 हजार 923 मतदाता हैं,जबकि 27 अक्टूबर,2025 को एसआईआर शुरू होने से पहले पांच करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 मतदाता हैं। कहां से हैं सबसे अधिक नाम एसआईआर के तहत अंतिम मतदाता सूची में सबसे अधिक नाम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्वाचन क्षेत्र सरदारपुरा से 51 हजार 71 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। सबसे कम ओंसिया विधानसभा क्षेत्र में सात हजार 512 मतदाताओं के नाम कटे हैं। अंतिम मतदाता सूची में 18 से 19 वर्ष के मतदाताओं की संख्या में चार लाख 35 हजार 61 की बढ़ोतरी हुई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि मतदाता सूची में नाम हटाने एवं जोड़ने का काम जारी रहेगा। कैसे जुड़वाएं नाम बूथ स्तर के अधिकारी के समक्ष फॉर्म भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाया जा सकता है। एसआईआर के तहत नाम काटने और कटवाने को लेकर एक लाख छह जार आपत्तियां मिली थी।वहीं नए नाम जुड़वाने को लेकर दस लाख 25 हजार से अधिक आवेदन मिले थे।

कंबल देने से इनकार का मामला गरमाया: हरियाणा-राजस्थान में चर्चा में आए भाजपा के अरबपति नेता

जयपुर एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' को अपनी सरकार का मूल मंत्र बताते हैं तो दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के एक बड़े नेता ने कथित तौर पर धार्मिक आधार पर ऐसा भेदभाव किया जिसकी खूब आलोचना हो रही है। आरोप है कि उन्होंने एक मुस्लिम महिला को कंबल देने से इनकार कर दिया और विडंबना यह है कि ऐसा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का भी नाम लिया। जिसे सोशल मीडिया पर 'छोटी हरकत' बताकर वायरल किया जा रहा है उसे करने वाले की शख्सियत बहुत बड़ी है। वह ना सिर्फ पूर्व सांसद हैं, बल्कि राजस्थान से हरियाणा तक की राजनीति में पैठ रखते हैं। नाम है- सुखबीर सिंह जौनापुरिया। दरअसल, जौनापुरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह कुछ मुस्लिम महिलाओं को कंबल बांटने से इनकार करते दिख रहे हैं। पूर्व सांसद ने फेसबुक पर जो जानकारी दी है उसके मुताबिक यह वीडियो राजस्थान के निवाई विधानसभा के करेड़ा बुजुर्ग गांव का है। यहां उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और महिलाओं-बुजुर्गों को कंबल वितरित किए। वह 28 फरवरी को अजमेर में पीएम मोदी की होने जा रही सभा के लिए लोगों को आमंत्रित करने गए थे। नाम पूछा, कंबल देने से इनकार और अलग कर दिया वीडियो में दिख रहा है कि जौनापुरिया कतार में बैठी महिलाओं को कंबल बांट रहे हैं। आरोप है कि महिला के मुस्लिम होने की वजह से उन्होंने उसे कंबल देने से इनकार कर दिया। वह भीड़ में बैठी मुस्लिम महिलाओं को अलग हट जाने को कहते हैं। पूर्व सांसद कहते हैं, 'क्या नाम है तेरा, अलग हट, एकदन हट। मत दे इन्हें। नहीं है, बुरा मानो चाहो भला। बात सुनो, जो आप लोग बैठे हो ना मोदी को गाली देने वाला उन्हें लेने का हक ही नहीं हैं। किसी को बुरा लगे तो लगे, सीधी बात है।' इसके बाद जौनपुरिया मुस्लिम महिलाओं को लाभार्थी महिलाओं की भीड़ से अलग कर देते हैं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कुछ लोगों ने पूर्व सांसद को टोका और कहा कि यह अच्छा नहीं है। सरकार किसी से भेदभाव नहीं करती है तो उन्हें भी नहीं करना चाहिए। जौनापुरिया यह कहते हुए गाड़ी में बैठकर चले गए कि 'बहस की जरूरत नहीं है।' लाइव हिन्दुस्तान ने पूर्व सांसद को कई बार फोन किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बड़े कारोबारी, हरियाणा से राजस्थान तक पकड़ सुखबीर सिंह जौनापुरिया हरियाणा और राजस्थान में एक बड़ी शख्सियत हैं। ना सिर्फ राजनीति बल्कि कारोबार जगत में उनका बड़ा नाम है। रियल स्टेट कारोबार से जुड़े जौनापुरिया ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति 142 करोड़ रुपये घोषित की थी। वह 2014 से 2024 तक टोंक-सवाई माधोपुर सीट से सांसद रहे हैं। 2014 में उन्होंने मशहूर क्रिकेटर रहे मोहम्मद अजरुद्दीन को हराया था। सांसद चुने जाने से पहले सुखबीर सिंह जौनापुरिया 2004 से 2009 तक हरियाणा की सोहना सीट से विधायक रहे हैं। 2024 में जौनापुरिया लोकसभा चुनाव हार गए थे। फेसबुक पर बुलंद करते हैं 'सबका विकास' वाला नारा मु्स्लिम महिला को कंबल देने से इनकार करने वाले जौनापुरिया सोशल मीडिया पर 'सबका साथ सबका विकास' वाला नारा बुलंद करते दिखते हैं। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट के कवर पेज पर पीएम मोदी के साथ अपनी तस्वीर लगाते हुए यही नारा लिखा है। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी के साथ मुलाकात करते हुए 2023 की एक तस्वीर को पिन किया है, जिसमें वह उन्हें एक किताब भेंट करते हुए दिख रहे हैं। विडंबना है कि इस पोस्ट में पीएम मोदी की बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि किस तरह जब उन्होंने पीएम मोदी को मुस्लिम महिलाओं से राखी बंधवाते हुए तस्वीर दिखाई तो वह बेहद खुश हुए।

जब जीवन हो संकट में: ऋण, शत्रु और रोग पर विजय दिलाएंगी चाणक्य नीति की ये 10 बातें

लाइफ में सक्सेज के साथ जीना बहुत ही मुश्किल होता है। कई बार हमें असफलता, निराशा और लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। कुछ मौके ऐसे आते हैं जब लोग बिना अपने विवेक का इस्तेमाल किए बड़ी मुसीबत में फंस जाते हैं। उन सारी समस्याओं से निकलने के लिए बड़ों की बातों पर अमल करना जरूरी है। जैसे चाणक्य नीति में कही गई ये 10 बातें, जो आपको लाइफ में केवल सक्सेज नहीं देंगी बल्कि दुश्मनों से बचने और सही-गलत के पहचान का फर्क भी सिखाएगी। चाणक्य नीति की ये बात बहुत ही काम की है। अगर जीवन में सफलता और सुकून चाहिए तो कर्ज नहीं रखना चाहिए। शरीर के रोग को जड़ से खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। नहीं तो ये बड़े दुख देते हैं। वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है इसका मतलब है कि अगर आप गलत और नीच प्रवृत्ति का इंसान किसी का भी बुरा कर सकता है। जैसे जंगल की आग चंदन की लकड़ी को भी नहीं छोड़ती। आपातकाल में स्नेह करने वाला ही मित्र होता है मुसीबत के समय जो आपके साथ बना रहे वहीं सच्चा दोस्त होता है। ऐसे इंसान की परख जरूर करनी चाहिए। जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य इंसान को धैर्य रखना जरूर आना चाहिए। तभी आप लाइफ में सक्सेजफुल बनेंगे। एक बिगड़ैल गाय सौ कुत्तों से ज्यादा श्रेष्ठ है कहने का मतलब है कि सौ चापलूसी करने वाले लोगों से भला एक विपरीत स्वभाव का हितैषी है। कल के मोर से आज का कबूतर भला चाणक्य की नीति उन लोगों के लिए है जो कल के बेहतर में अपने आज को गंवा देते हैं। मतलब संतोष सबसे बड़ा धन है। आज जो भी है उसमे संतोष करना सीखें। कल क्या होगा इसके चक्कर में आज के पल को खराब ना करें। आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है चाणक्य की ये नीति सिखाती है कि आप दुष्ट इंसान को कितना भी सम्मान देंगे वो आपका अहित ही करेगा। जैसे आग को सिर पर रखने पर भी वो जलाने का काम ही करेगी। भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है चाणक्य नीति की इस लाइन का मतलब है कि भूख से बेबस होकर इंसान बड़े से बड़ा पाप कर सकता है। भूखा इंसान खुद का और दूसरों का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है। विद्या ही निर्धन का धन है अगर आप गरीब हैं और पैसे कमाना चाहते हैं तो आपकी जानकारी और ज्ञान ही इस काम में सबसे ज्यादा मदद करेगी। इसलिए खुद को काबिल बनाने के लिए पढ़ना जरूरी है। संकट में बुद्धि ही काम आती है चाणक्य नीति में लिखी ये बात सिखाती है कि मुसीबत के समय सबसे पहले अपनी बुद्धि और विवेक पर भरोसा करें। बुद्धि की मदद से ही आप मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।  

विश्व कप के बाद पहले वनडे में भारतीय महिला टीम की नजरें आस्ट्रेलिया को फिर हराने पर

ब्रिसबेन टी20 श्रृंखला जीत चुकी मौजूदा विश्व चैम्पियन भारतीय टीम तीन मैचों की वनडे श्रृंखला के पहले मैच में मंगलवार को आस्ट्रेलिया से खेलेगी तो उसे मनोवैज्ञानिक बढत हासिल होगी । भारत ने पिछले साल नवी मुंबई में विश्व कप सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया को हराया था । यह श्रृंखला इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आस्ट्रेलिया की महानतम खिलाड़ियों में से एक एलिसा हीली इसके बाद वनडे प्रारूप से विदा लेने जा रही हैं । भारत के खिलाफ छह मार्च से पर्थ में शुरू हो रहा टेस्ट उनके कैरियर का आखिरी मैच होगा । तीन मैचों की टी20 श्रृंखला से बाहर रहने के बाद हीली की वापसी हुई है । भारत ने श्रृंखला 2 . 1 से जीती जो पिछले एक दशक में इस प्रारूप में आस्ट्रेलिया में श्रृंखला में उसकी पहली जीत थी । स्टार लेग स्पिनर अलाना किंग भी वनडे और टेस्ट टीम में लौटी हैं । भारत के लिये काशवी गौतम, हरलीन देयोल और प्रतिका रावल टीम में अरूंधति रेड्डी, भारती फुलमाली और श्रेयांका पाटिल की जगह आई हैं ।टखने की चोट से उबरी प्रतिका को बाद में वनडे टीम में शामिल किया गया । स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने तीसरे टी20 में 82 रन बनाये और वह इस फॉर्म को जारी रखना चाहेंगी । मंधाना ने कहा ,‘‘ आस्ट्रेलिया को आस्ट्रेलिया में हराना खास है । हम विश्व क्रिकेट में दबदबा बनाना चाहते हैं लिहाजा किसे कराते हैं और कहां हराते हैं, यह मायने नहीं रखता । हमें बस लगातार जीतना है और शीर्ष पर रहना है ।’’ वनडे विश्व कप में आस्ट्रेलिया पर पांच विकेट से मिली जीत में 127 रन बनाने वाली जेमिमा रौड्रिग्स भी अच्छी लय में हैं जिन्होंने तीसरे टी20 में 59 रन बनाये थे । कप्तान हरमनप्रीत कौर को पहले टी20 में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला लेकिन दूसरे में उन्होंने 36 और तीसरे में नाबाद दो रन बनाये थे। गेंदबाजी में रेणुका ठाकुर और श्री चरणी ने अच्छा प्रदर्शन किया है । दीप्ति शर्मा से फॉर्म में लौटने की उम्मीद होगी । आस्ट्रेलियाई टीम में मैच जिताने वाले खिलाड़ियों की कमी नहीं है । एलिसे पैरी, एशले गार्डनर, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, हीली और किंग से प्रेरणा लेकर वे वापसी की कोशिश करेंगे । दूसरा मैच 27 फरवरी को और तीसरा एक मार्च को होबार्ट में खेला जायेगा । ट्रॉफी का निर्धारण अंकों के आधार पर होगा । हर टी20 और वनडे मैच जीतने पर दो और टेस्ट जीतने पर चार अंक दिये जायेंगे । टीमें : भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्रीचरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, रिचा घोष, उमा छेत्री, अमनजोत कौर, जेमिमा रौड्रिग्स, काशवी गौतम , हरलीन देयोल, प्रतिका रावल । आस्ट्रेलिया : एलिसा हीली (कप्तान ), सोफी मोलिनू, डार्सी ब्राउन, निकोला कारी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिसे पैरी, अनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम । मैच का समय : सुबह 9 . 20 से ।  

मुख्यमंत्री ने रखा नए उत्तर प्रदेश का विजन, प्रस्तुत की विरासत और विकास के संगम की पूरी तस्वीर

  नौ वर्षों में तीन गुना हुई अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विस्तार हुआ मजबूत मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को दिया निवेश, पर्यटन और साझेदारी का खुला निमंत्रण सिंगापुर, सिंगापुर में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरी तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी दंगों और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, वही आज विकास, निवेश, आस्था, औद्योगिक प्रगति और वैश्विक विश्वास का केंद्र बन चुका है। अब वह दंगों वाला यूपी नहीं है। अब उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा, अब उत्तर प्रदेश में सब चंगा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नए उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर, विरासत और विकास के संगम तथा कानून-व्यवस्था में आए व्यापक परिवर्तन को विस्तार से रखा। इस दौरान सीएम योगी ने उपस्थित सभी लोगों को आगामी होली पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। विरासत और विकास का अद्भुत संगम बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश आज जिस परिवर्तन का साक्षी है, वह बीते नौ वर्षों की प्रतिबद्धता, सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने स्मरण कराया कि कभी दंगे, असुरक्षा और अराजकता जिसकी पहचान बन गए थे, वही प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, निवेश और विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को जमीनी धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उत्तर प्रदेश ने ‘विरासत और विकास’ का संतुलित और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक मर्यादा और आत्मगौरव का प्रतीक है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हमारी शाश्वत परंपरा को आधुनिक स्वरूप में स्थापित करता है, जबकि मथुरा-वृंदावन की पावन भूमि भारत की भक्ति और अध्यात्म की जीवंत अभिव्यक्ति है। समरसता का साक्षात दृश्य महाकुंभ में देखने को मिलता है, जहां करोड़ों श्रद्धालु संगम में एक साथ आस्था की डुबकी लगाते हैं, न कोई बड़ा, न छोटा। सब एक स्वर में ‘हर-हर गंगे’ का उद्घोष करते हैं। यही भारत की आत्मा है और यही उसकी शक्ति। 9 वर्ष में तीन गुना हुई यूपी की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच और रणनीतिक क्रियान्वयन का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था बीते नौ वर्षों में तीन गुना हुई है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। क्लस्टर आधारित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही हैं। आज भारत में बनने वाले मोबाइल फोन का लगभग 55 प्रतिशत तथा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का करीब 60 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। अब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक शांतिपूर्वक विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेश, पर्यटन और औद्योगिक साझेदारी के लिए सभी को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए और अधिक संभावनाओं से भरा है। भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के किसी भी कोने में रह रहा भारतीय समुदाय अपनी मातृभूमि के प्रति जो अटूट लगाव और आत्मीयता रखता है, वह हम सभी को भारत के विकास में योगदान देने के लिए नई प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों के उत्साह और समर्पण के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें इतनी गहरी हैं कि हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं। वर्षों पूर्व एक ऋषि ने कहा था, “दुर्लभं भारते जन्म, मानुषं तत्र दुर्लभम्” अर्थात भारत की पवित्र भूमि पर जन्म लेना ही दुर्लभ है और उसमें भी मनुष्य के रूप में जन्म लेना अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय होना चाहिए कि उसके पूर्वजों की जड़ें भारत से जुड़ी हैं और वही जड़ें आज भी उसे मातृभूमि के प्रति आकर्षित करती हैं। ग्लोबल विलेज की अवधारणा भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” के रूप में दी मुख्यमंत्री ने कहा कि माता और मातृभूमि का ऋण जीवनभर बना रहता है। भारतीय संस्कृति हमें यह सिखाती है कि जिस धरती पर हम रहें, उसके प्रति पूर्ण कृतज्ञता और दायित्वबोध के साथ कार्य करें। यही भारतीय संस्कार हैं। उन्होंने सनातन परंपरा के सार्वभौमिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश दिया। यह धरती एक परिवार है। आज ‘ग्लोबल विलेज’ की जो अवधारणा दुनिया में प्रचलित है, उसका मूल भाव भारत ने हजारों वर्ष पहले स्थापित कर दिया था। एक परिवार की तरह विविधता में एकता, भिन्नताओं के बावजूद समान सम्मान और सामूहिक प्रगति, यही भारत की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” इसी भारतीय चिंतन की आधुनिक अभिव्यक्ति है। विकास तभी संभव है जब सामूहिकता और कृतज्ञता का भाव साथ हो। प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है और उसी सहभागिता से नया भारत आगे बढ़ रहा है। जल्द ही भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर अपनी शक्ति और क्षमता का परिचय दे रहा है। शीघ्र ही भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा। यह केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प है। डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे अभूतपूर्व हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लेकर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को स्वीकार किया। विश्व के विकसित देशों ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा 140 करोड़ देशवासियों और वैश्विक समुदाय के हित में उठाए जा रहे कदमों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और एसीएस फाइनेंस दीपक कुमार, … Read more

Silver Price Hike: अचानक बढ़ी चांदी की कीमत, जानें 10 ग्राम सिक्के का ताजा रेट

नई दिल्ली चांदी के भाव में आज उछाल दर्ज की जा रही है। शुक्रवार के बंद भाव के मुकाबले चांदी 13930 रुपये प्रति किलो की छलांग लगाकर 267200 रुपये पर पहुंच गई है। यह रेट bullions.co.in ने जारी किया है। इस रेट के मुताबिक दिल्ली में आज का चांदी का भाव 266250 रुपये प्रति किलो है और दिल्ली में 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव 2397 रुपये पर पहुंच गया है। मुंबई में चांदी के रेट 266710 और चेन्नई में 267620 रुपये प्रति किलो हैं। बिहार की राजधानी पटना में आज 1 किलो चांदी का भाव 266700 रुपये किलो है। वहीं, राजस्थान की राजधानी जयपुर में 266810 रुपये प्रति किलो ग्राम। यूपी की राजधानी लखनऊ में आज चांदी का भाव 266920 रुपये है। IBJA Rates के मुताबिक क्या हैं भाव आईबीजेए के मुताबिक आज चांदी 15236 रुपये की छलांग लगाकर 265550 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली। जीएसटी समेत 2.73 लाख के पार चली गई है। अगर 29 जनवरी के इसके सर्राफा मार्केट के ऑल टाइम हाई 385933 रुपये किलो से तुलना करें तो अभी चांदी शिखर से 120383 रुपये प्रति किलो सस्ती है। सवाल: 1kg चांदी की कीमत क्या है? जवाब: 1KG चांदी की कीमत IBJA के मुताबिक 265550 रुपये प्रति किलो है। सवाल: आज दिल्ली में चांदी का क्या रेट है? जवाब: आज दिल्ली में चांदी bullions.co.in के मुताबिक 266290 रुपये प्रति किलो है। सवाल: 3 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव क्या था? जवाब: 3 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव 145610 रुपये प्रति किलो था। सवाल: 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव क्या है? जवाब: bullions.co.in के मुताबिक दिल्ली में 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव 2397 रुपये है। सवाल: 1 किलो सोना कितने का है? जवाब: 1 किलो सोना bullions.co.in के मुताबिक दिल्ली में 1,59,63,000 रुपये है। क्यों आई सोने-चांदी में तेजी अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोमवार को चांदी के भाव में तेजी आई। ऐसा अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील्स को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बने रहने की वजह से हुआ। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार पर रोक लगा दी, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ी और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश वाली चीजों (गोल्ड-सिल्वर) की तरफ रुख किया। सोने की कीमतें भी तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। एमसीएक्स पर क्या है भाव एमसीएक्स पर चांदी का भाव 6.3% (15,931 रुपये) उछलकर 2,68,875 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। वहीं, एमसीएक्स पर सोना 1.4% (3,724 रुपये) बढ़कर 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड-सिल्वर का हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 3.1% उछलकर 87.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो दो हफ्ते से ज्यादा का उच्चतम स्तर है। वहीं, स्पॉट गोल्ड 1.2% बढ़कर 5,163.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो तीन हफ्ते से ऊपर का स्तर है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल डिलीवरी) में 2% की तेजी रही और यह 5,184.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। SC के झटके के बाद ट्रंप का नया टैरिफ बता दें शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि वह ट्रेड प्रोटेक्शन बनाए रखने के लिए दुनिया भर पर 15% टैरिफ लगाएंगे। यह फैसला तब आया जब कोर्ट ने इमरजेंसी पॉवर का इस्तेमाल कर रेसिप्रोकल ड्यूटी लगाने के उनके फैसले को खारिज कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद डॉलर के नरम पड़ने से विदेशी खरीदारों के लिए कीमती धातुएं सस्ती हो गईं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिला। कोर्ट के फैसले ने अमेरिका के प्रमुख साझेदारों के साथ की गई ट्रेड डील्स पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यूरोपीय संसद के ट्रेड प्रमुख ने कहा कि वह अमेरिका के साथ हुए एक समझौते की पुष्टि में देरी का प्रस्ताव रखेंगे। भारतीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे अमेरिका की अपनी निर्धारित यात्रा टाल देंगे, वहीं जापान की सत्तारूढ़ पार्टी के एक सदस्य ने इस स्थिति को 'बहुत बड़ी गड़बड़ी' बताया। कीमतें बढ़ाने भी इनका भी हाथ भू-राजनीतिक मोर्चे पर ईरान ने अमेरिका पर संभावित हमले को टालने की कोशिश करते हुए संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत में प्रतिबंधों में राहत और यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को मान्यता देने के बदले में अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर रियायतें देने को तैयार है। बाजार में उतार-चढ़ाव को और बढ़ाते हुए, चीन के बाजार चीनी नव वर्ष की छुट्टियों के लिए बंद रहे, जिससे कारोबार की मात्रा कम रही। मंगलवार को वहां कारोबार फिर से शुरू होगा। क्या आपको खरीदना चाहिए सोना-चांदी? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च, हरीश वी ने कहा, "निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संघर्षों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं क्योंकि ये धातुएं बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और जब मुद्राएं और वित्तीय बाजार अनिश्चितता का सामना कर रहे होते हैं तो ये भरोसेमंद हेज (बचाव) का काम करती हैं। हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें तेज बढ़त पर अस्थायी रूप से रोक लगा सकती हैं, लेकिन लगातार या बढ़ता तनाव संभवतः जोखिम से बचने वाले निवेश (रिस्क-एवर्स फ्लो) को बढ़ाए रखेगा, जिससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी आ सकती है।"