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राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार: आर्थिक सर्वेक्षण में जीएसडीपी 11.57% बढ़ने का अनुमान

रायपुर छत्तीसगढ़ का बजट पेश करने के एक दिन पूर्व 23 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट पेश किया। इसमें  उन्होंने वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.57% बढ़ने का अनुमान जताया है। उन्होंने जीएसडीपी में 6.31 लाख करोड़ रुपए होने की संभावना जताई है। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 10.50% वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें कृषि में 11.76%, उद्योग में 9.91% और सेवा क्षेत्र में 10.08% की बढ़ोतरी हुई। सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर बताते हुए राज्य में प्रति व्यक्ति आय 2025- 26 में 1,79,244 रुपए होने का अनुमान जताया है, जो 2024-25 के 10.07 प्रतिशत से ज्यादा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बार के आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र में 12.53%, उद्योग क्षेत्र में 10.26%, सेवा क्षेत्र में 13.15% के साथ स्थिर भावों पर 8.11% वृद्धि का अनुमान जताया है।  

बीजापुर: सर्चिंग अभियान के बीच IED ब्लास्ट, STF के घायल जवान को हायर सेंटर रेफर

बीजापुर जिला बीजापुर के दक्षिण क्षेत्र में को संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम क्षेत्र प्रभुत्व अभियान पर निकली हुई थी। इस अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए एक दबाव विस्फोटक उपकरण में अचानक विस्फोट हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में विशेष कार्य बल का एक जवान घायल हो गया। यह घटना बीते रविवार की है। जिसके बाद आज जवानों ने अभियान को तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम क्षेत्र में सघन तलाशी और क्षेत्र प्रभुत्व ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए दबाव विस्फोटक उपकरण पर एक जवान का पैर पड़ गया। पैर पड़ते ही अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे विशेष कार्य बल का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद साथ में मौजूद अन्य जवानों ने घायल साथी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार भी दिया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए घायल जवान को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल जवान की हालत स्थिर बताई जा रही है, जो सभी के लिए राहत की बात है। यह घटना सुरक्षाबलों के लिए एक चुनौती पेश करती है। विस्फोट की घटना के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। साथ में मौजूद जवानों ने घायल जवान को बिना किसी देरी के सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। उसे शीघ्र ही उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया ताकि उसे सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिल सके। इस कार्यवाही से घायल जवान को समय पर उपचार मिल पाया। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में अपना तलाशी अभियान तेज कर दिया है। इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा बल माओवादियों की संभावित गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयार हैं। क्षेत्र प्रभुत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य इलाके में शांति और सुरक्षा स्थापित करना है। माओवादी ऐसी घटनाओं के माध्यम से सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों के प्रति दृढ़ हैं और अभियान जारी रखेंगे।

एमपी में मंदिर प्रबंधन से पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा कोर्स शुरू, धार्मिक पर्यटन में होगी वृद्धि

भोपाल   मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और इसमें रोजगार सृजन के लिए मंदिर प्रबंधन में स्नातकोत्तर और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि, मंदिर प्रबंधन से जुड़े कोर्स विश्वविद्यालयों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। ये स्नातकोत्तर और डिप्लोमा कोर्स दो वर्षीय होंगे। कोर्स में सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि मंदिर प्रबंधन को रोजगारपरक बनाया जा सके। इसके साथ ही प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक की तर्ज पर प्रदेश में 13 लोक बनाए जाएंगे। ओंकारेश्वर, चित्रकूट सहित कई धार्मिक स्थलों का विकास कार्य चल रहा है। धार्मिक पर्यटन का केंद्र बना उज्जैन – सीएम सीएम ने कहा- साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा के बाद उज्जैन धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन गया है। अब मध्य प्रदेश में महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर, मैहर की माताजी, राजाराम लोक ओरछा और सलकनपुर जैसे धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि, मंदिर हमेशा से आस्था और श्रद्धा के केंद्र रहे हैं, लेकिन उनसे जुड़े वित्तीय और प्रबंधन पक्ष भी रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसीलिए मंदिर प्रबंधन के कोर्स शुरू करके मंदिरों की वित्तीय व्यवस्था, प्रशासन, सुरक्षा, धार्मिक अनुष्ठान, कला और ललित कला को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

अनिल विज की सेहत में लगातार हो रहा सुधार

चंडीगढ़. विपरीत परिस्थितियों से निकलकर और मजबूत होकर सामने आना—यही अनिल विज की राजनीतिक यात्रा की पहचान रहा है।  हरियाणा की राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल पद से नहीं, बल्कि अपने जुझारू स्वभाव और निरंतर सक्रियता से पहचाने जाते हैं। अनिल विज उन्हीं नेताओं में से एक हैं। वर्तमान में दोनों टांगों में फ्रैक्चर के कारण विश्राम पर होने के बावजूद उनका राजनीतिक और प्रशासनिक संकल्प चर्चा का विषय बना हुआ है। अतीत गवाह है कि विपरीत परिस्थितियाँ उन्हें रोक नहीं पाईं, बल्कि हर चुनौती के बाद वे और अधिक दृढ़ होकर उभरे हैं। कोरोना काल: नेतृत्व की कठिन परीक्षा कोविड-19 महामारी आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े स्वास्थ्य संकटों में से एक मानी जाएगी। जब पूरा देश भय, अनिश्चितता और संसाधनों की कमी से जूझ रहा था, तब हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग की कमान अनिल विज के हाथों में थी। यह वह समय था जब एक-एक निर्णय हजारों लोगों के जीवन से जुड़ा था। महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती थी। संसाधनों की सीमाएँ, तेजी से बढ़ते संक्रमण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति तंत्र की बाधाओं ने परिस्थितियों को और जटिल बना दिया। विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल भी उठे, लेकिन स्वास्थ्य तंत्र को संभालना अपने आप में बड़ी परीक्षा थी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के बावजूद अनिल विज ने सक्रिय प्रशासनिक भूमिका निभाई। उपचार के दौरान भी वे विभागीय बैठकों की निगरानी करते रहे और स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के निर्देश देते रहे। ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहते हुए सचिवालय पहुंचकर समीक्षा बैठकें करने की उनकी छवि ने समर्थकों के बीच उन्हें “कर्तव्यपथ का योद्धा” बना दिया। ऑक्सीजन संकट से मुकाबला दूसरी लहर के दौरान देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी गंभीर समस्या बन गई थी। हरियाणा में ऑक्सीजन आपूर्ति की नियमित समीक्षा, नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना और अस्पतालों में पाइपलाइन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास किए गए। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी बढ़ाई गई। संकट की इस घड़ी में त्वरित निर्णय और समन्वयात्मक प्रशासनिक कार्रवाई पर विशेष जोर रहा। सात बार विधायक: स्थायी जनविश्वास का प्रमाण अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक चुना जाना उनके लंबे राजनीतिक सफर और मजबूत जनाधार का प्रमाण है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सार्वजनिक जीवन राज्य के वरिष्ठ नेताओं की श्रेणी तक पहुंचा। 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचने के बाद क्षेत्रीय समस्याओं—सड़क, पेयजल, सीवरेज और शहरी विकास—को प्रमुखता से उठाया। 2000 में पुनः जीत ने उनके जनाधार को और विस्तृत किया। 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद मंत्री के रूप में स्वास्थ्य, खेल और शहरी स्थानीय निकाय जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अस्पतालों के उन्नयन, खेल अधोसंरचना और नगर निकायों में सुधार की दिशा में पहलें की गईं। 2019 के बाद गृह और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभागों की जिम्मेदारी उनके पास रही। महामारी के कठिन दौर में प्रशासनिक सक्रियता और संसाधनों की व्यवस्था पर उनका विशेष ध्यान रहा। स्पष्टवादिता और प्रशासनिक शैली अनिल विज की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्पष्टवादिता है। वे राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं—चाहे वह विपक्ष पर टिप्पणी हो या प्रशासनिक निर्णयों की घोषणा। उनकी कार्यशैली में सीधा संवाद, त्वरित निर्णय लेने की प्रवृत्ति, विभागीय जवाबदेही पर जोर और सार्वजनिक मंचों पर स्पष्ट रुख शामिल रहा है। समर्थक उन्हें जुझारू और निर्भीक नेता मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी तीखी बयानबाजी को विवादास्पद बताते हैं। परंतु यह निर्विवाद है कि वे हरियाणा की राजनीति के प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व वर्तमान में स्वास्थ्यगत कारणों से विश्राम पर होने के बावजूद उनके समर्थकों का मानना है कि यह दौर भी अस्थायी है। अतीत में भी स्वास्थ्य चुनौतियों और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच उन्होंने सक्रियता बनाए रखी है। नेतृत्व की असली परीक्षा संकट के समय होती है। कोरोना काल से लेकर वर्तमान परिस्थितियों तक, उनका सार्वजनिक जीवन इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करता है कि चुनौतियाँ यदि दृढ़ इच्छाशक्ति से टकराएँ तो वे बाधा नहीं, बल्कि नई शक्ति का स्रोत बन जाती हैं। विपरीत परिस्थितियों से निकलकर और मजबूत होकर सामने आना—यही अनिल विज की राजनीतिक यात्रा की पहचान रही है।

बोर्ड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों पर शिकंजा कसेंगे क्यूआर कोड और उड़नदस्ते

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो रही हैं। बोर्ड प्रशासन ने परीक्षाओं को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बार परीक्षार्थियों की रोल नंबर स्लिप (प्रवेश-पत्र) पर विशेष सुरक्षा फीचर और क्यू.आर. कोड लगाए गए हैं, जिनकी मदद से फर्जी परीक्षार्थियों पर सख्ती की जाएगी। प्रवेश-पत्र पर लगाए गए क्यू आर कोड को उड़नदस्ते मौके पर स्कैन कर परीक्षार्थी की फोटो और विवरण की जांच कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 25 फरवरी से 12वीं और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। इस बार कुल 5,71,767 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। इनमें 10वीं के 1,55,027 छात्र और 1,40,721 छात्राएं तथा 12वीं के 1,41,566 छात्र और 1,29,097 छात्राएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डी.एल.एड. परीक्षा में 5,356 छात्र अध्यापक भी शामिल होंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब 60 हजार अधिक परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। 10वीं की परीक्षाएं 20 मार्च को तथा 12वीं की परीक्षाएं 1 अप्रैल को संपन्न होंगी। राज्यभर में बनाए गए लगभग 1,420 परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 325 उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वायड) तैनात किए गए हैं। 30 मिनट पहले पहुंचे परीक्षार्थी बोर्ड चेयरमैन ने निर्देश दिए हैं कि सभी परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी और पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे, इसलिए प्रवेश-पत्र का लैमिनेशन न करवाया जाए। परीक्षा केंद्र में मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। रंगीन प्रिंट आऊट अनिवार्य बोर्ड की वैबसाइट www.bseh.org.in  पर उपलब्ध लिंक से प्रवेश-पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साइज पेपर पर निकालना अनिवार्य होगा। विद्यालयी और स्वयंपाठी परीक्षार्थियों को आवेदन के समय स्कैन की गई फोटो रंगीन प्रवेश पत्र पर चिपकाकर सत्यापित करवानी होगी। प्रवेश-पत्र और मूल पहचान पत्र (आधार कार्ड आदि) के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को अपने आधार कार्ड पर नवीनतम फोटो अपडेट कराने की भी सलाह दी है।

बजट सत्र की शुरुआत के साथ राज्यपाल का संबोधन, छत्तीसगढ़ के विकास पर दिया जोर

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हुआ। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण हुआ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनायें हैं। छत्तीसगढ़ की 6वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र में अभिभाषण पढ़ते हुए राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई। राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है। छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है। इससे पूर्व राज्यपाल के विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पढ़ें राज्यपाल का अभिभाषण     मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।       समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।     सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।     विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।     इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।     केंद्र में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।     मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। हर बार की तरह इस बार का बजट आकर्षक और खास होने की उम्मीद जताई जा रही है। 20 मार्च तक कुल 15 बैठकें छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू गया है जो 20 मार्च तक चलेगा। 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर सभा में बुधवार 25 फरवरी को चर्चा होगी। सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। 26 और 27 फरवरी को आय-व्यय पर सामान्य चर्चा होगी। इसके बाद 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। ये वित्तीय एवं शासकीय कार्य होंगो संपादित      निधन उल्लेख- दीनदयाल सिंह पोर्ते, अविभाजित मध्यप्रदेश विधान सभा के पूर्व सदस्य।     वित्तीय कार्य-वित्तमंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-2027 के आय व्ययक का उपस्थापन 24 फरवरी 2026 को दोपहर 12.30 बजे करेंगे।     26 फरवरी 2026 एवं शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा होगी।     9 से 17 मार्च 2026 तक सभा में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।     17 मार्च 2026 आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक का पुनर्स्थापन होगा।     आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा एवं पारण के लिये दिनांक 18 मार्च, 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। विधि विषयक कार्य अभी तक शासकीय विधि-विषयक कार्यों के अंतर्गत निम्नलिखित विधेयकों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं (A) छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 (B) छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026  प्रश्न, स्थगन एवं ध्यानकर्षण सूचनाएं इस सत्र के लिए माननीय सदस्यों से अभी तक प्राप्त प्रश्नों की कुल 2813 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें तारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1437 एवं अतारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1376 है। (क) ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की 61 सूचनाएं (ख) नियम 139 के अधीन अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा के लिए 01 सूचनाएं (ग) अशासकीय संकल्प की कुल 13 सूचनाएं (घ) शून्यकाल की 09 सूचनाएं (ड़) याचिका की 112 सूचना

तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने ली दो पुलिसकर्मियों की हत्या की जिम्मेदारी

गुरदासपुर. गांव आदियां में थाना दोरांगला के तहत चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की संदिग्ध रूप से गोली लगने से मौत के मामले में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने घटना की जिम्मेदारी ली है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने गुरदासपुर के दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। वहीं पुलिस इस पोस्ट की पुष्टि नहीं कर रही है। एसएसपी आदित्य का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। मोटरसाइकिलों पर जाते दिखे पांच लोग गांव आदियां की पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिस मुलाजिमों की गोली लगने से संदिग्ध मौत के बाद पुलिस आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। इस दौरान एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई है, जिसमें दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोग वहां से गुजरते दिखाई देते हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। क्या कहना है स्वजनों का उधर, सिविल अस्पताल पहुंचे मृतकों के स्वजनों का कहना है कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए। मृतक गुरनाम सिंह के चाचा के बेटे बलविंदर सिंह और बेटे संदीप सिंह ने बताया कि एएसआइ गुरनाम सिंह की दो बेटियां और एक बेटा है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटी मनदीप कौर की शादी करीब एक माह पहले ही हुई थी और कुछ दिन पहले ही वह आस्ट्रेलिया गई है। संदीप सिंह बहन की शादी में शामिल होने के लिए कनाडा से लौटा था। उन्होंने बताया कि गुरनाम सिंह का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। इसलिए दोनों पुलिस कर्मियों के आपसी झगड़े की कोई संभावना दिखाई नहीं देती है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी उन्हें फिलहाल कुछ भी नहीं बता रहे हैं। बलविंदर सिंह ने बताया कि गुरनाम सिंह पहले राज्यपाल की सिक्योरिटी में तैनात थे। सभी बच्चों के विदेश जाने के बाद वह कुछ माह पहले ही थाना दोरांगला में आए थे। वहीं मृतक अशोक कुमार के बेटे संदीप कुमार और अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्हें भी सुबह ही घटना के बारे में जानकारी मिली थी। अशोक कुमार शांत स्वभाव के थे और उनका किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं था। पुलिस को मामले की जांच कर सच्चाई सभी के सामने लानी चाहिए।

टीम इंडिया की हार से नाराज़ सुनील गावस्कर, कहा- टी20 खेलने का यह तरीका गलत

नई दिल्ली अपने जमाने के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टी20 विश्व कप के मैच से सबक लेकर अपने अहं का त्याग करना चाहिए और अति आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरकर हर गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर भेजने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार खेलना चाहिए। भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाजों की नाकामी के कारण सुपर आठ के महत्वपूर्ण मुकाबले में 76 रन से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। सुनील गावस्कर ने जि स्टार से कहा, ''भारतीय बल्लेबाजों को ब्रेविस और मिलर की साझेदारी से सीख लेकर इस तरह का दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत थी। भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा नहीं किया। वे अति आत्मविश्वास के साथ उतरे, हर गेंद पर बल्ला चलाया और विकेट गंवा दिए। दक्षिण अफ्रीका खेल के हर विभाग में भारत से अव्वल साबित हुआ।'' दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और एक समय उसका स्कोर तीन विकेट पर 20 रन था लेकिन इसके बाद मिलर और ब्रेविस ने 97 रन की साझेदारी की जिससे दक्षिण अफ्रीका सात विकेट पर 187 रन बनाने में सफल रहा। इसके जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर आउट हो गई। गावस्कर ने कहा, ''भारत ने दक्षिण अफ्रीका से कोई सबक नहीं लिया। भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर उतर कर हर गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। टी20 क्रिकेट ऐसे नहीं खेला जाता।'' उन्होंने कहा, ''आपको विपक्षी टीम से सीख लेनी चाहिए थी। अगर उन्होंने इस तरह की मुश्किल पिच पर अच्छा स्कोर किया है तो आपको अपना अहं त्यागकर उनकी पारी का विश्लेषण करना चाहिए था और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करनी चाहिए थी।'' भारत ने पावर प्ले के अंदर अपने शीर्ष तीन बल्लेबाजों ईशान किशन (00), अभिषेक शर्मा (15) और तिलक वर्मा (01) के विकेट गंवा दिये थे। गावस्कर ने कहा, ''तिलक वर्मा बेहद चतुर बल्लेबाज है लेकिन इस मैच में उनके खेलने के तरीके से मैं निराश था। तिलक को क्रीज पर कुछ समय बिताना चाहिए था। उन्हें साझेदारी निभाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था।'' भारत का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से होगा और गावस्कर ने कहा कि वह अक्षर पटेल को अंतिम एकादश में देखना चाहते हैं। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया। गावस्कर ने कहा, ''जिम्बाब्वे की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की कमी है और इसलिए मैं चाहूंगा कि अक्षर पटेल की अंतिम एकादश में वापसी हो। आप उन्हें अर्शदीप सिंह की जगह टीम में शामिल कर सकते हैं। लेकिन अर्शदीप ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी की और ऐसे में वॉशिंगटन को बाहर बैठना पड़ेगा।''  

STF ऑपरेशन पर हमला: अपराधी को पकड़ने गई टीम के 3 जवान घायल

गया बिहार के गया जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई। हत्या के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची एसटीएफ (STF) की टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। इस घटना में एसटीएफ के तीन जवान घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां गांव का है। एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि हत्या के एक मामले में नामजद आरोपी संजय मांझी खिरियावां गांव में छिपा है। टीम जैसे ही आरोपी के करीब पहुंची, उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। भीड़ ने एसटीएफ के जवानों के हथियार तक छीन लिए। हालांकि, बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से हथियारों को बरामद कर लिया गया और घायल जवानों को मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया। 7 आरोपी हिरासत में इधर घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस बल पर हमला करने के आरोप में अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है।

संस्कृति गौरव सम्मेलन में ऐतिहासिक घर वापसी, विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर किया स्वागत

कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के मुद्दे को लेकर राजनीति और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पंडरिया की विधायक भावना बोहरा इस विषय पर लगातार मुखर रुख अपनाए हुए हैं। रविवार को पंडरिया विकासखंड के आदिवासी ग्राम कुलहीडोंगरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 165 लोगों ने पुनः अपने मूल धर्म में वापसी की। बताया जा रहा है कि अब तक विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से 500 से अधिक लोग सनातन धर्म में लौट चुके हैं। ग्राम कुलहीडोंगरी में आयोजित ‘संस्कृति गौरव सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह’ में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का माहौल पारंपरिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। विधायक भावना बोहरा ने धर्म वापसी करने वाले सभी लोगों का पारंपरिक रीति-रिवाज से पैर पखारकर और नारियल भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार, इस पहल को क्षेत्र में सांस्कृतिक अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बोहरा ने धर्म परिवर्तन कराने में कथित रूप से सक्रिय एजेंटों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के सीधे-साधे लोगों को लालच, प्रलोभन या अंधविश्वास में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराना स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ने किसी कारणवश अन्य धर्म अपनाया है, तो उनकी धर्म वापसी सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें सामाजिक सम्मान के साथ पुनः जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।