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इतिहास में पहली बार! टीम इंडिया के 11 बल्लेबाज डक पर आउट, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बड़ा झटका

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय बल्लेबाज उस रंग में नजर नहीं आए, जिस रंग में वह टूर्नामेंट से पहले नजर आ रहे थे। तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर टूर्नामेंट से पहले चोटिल हो गए थे, वहीं अभिषेक शर्मा की तबीयत पहले मैच के बाद बिगड़ गई थी। इसका असर भारतीय बल्लेबाजी पर साफ देखने को मिला। भारत के नाम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया के बल्लेबाज 11 बार 0 पर आउट हुए। जी हां, जिसमें अभिषक शर्मा सबसे अधिक 3 बार 0 पर आउट हुए। फुल मेंबर नेशन द्वारा यह एक टी20 वर्ल्ड कप में दूसरा सर्वाधिक 0 पर आउट होने का रिकॉर्ड है। सिर्फ बांग्लादेश इस लिस्ट में भारत से आगे है। वहीं बात ऑलओवर रिकॉर्ड की करें तो टीम इंडिया टॉप-5 टीमों की इस लिस्ट में चौथे पायदान पर पहुंच गई है। भारत ने अफगानिस्तान का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिनके बल्लेबाजों ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में 10 बार 0 पर आउट होने का रिकॉर्ड बनाया था। भारत के आगे इस लिस्ट में स्कॉटलैंड, युगांडा और बांग्लादेश है। स्कॉटलैंड के नाम टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे ज्यादा 16 बार 0 पर आउट होने का रिकॉर्ड है। टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा 0 पर आउट- 16- स्कॉटलैंड (2021) 13- युगांडा (2024) 13- बांग्लादेश (2021) 11- भारत (2026) 10 अफगानिस्तान (2024) अभिषेक शर्मा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभी तक 3 बार 0 पर आउट हो चुके हैं। वह यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ बिना खाता खोले आउट हुए थे। अक्षर पटेल 2 बार नामीबिया और पाकिस्तान के खिलाफ 0 पर आउट हुए। वहीं ईशान किशन साउथ अफ्रीका, हार्दिक पांड्या पाकिस्तान के खिलाफ, शिवम दुबे यूएसए के खिलाफ, वरुण चक्रवर्ती यूएसए के खिलाफ, जसप्रीत बुमराह साउथ अफ्रीका के खिलाफ और रिंकू सिंह भी साउथ अफ्रीका के खिलाफ खाता भी नहीं खोल पाए थे। वरुण चक्रवर्ती यूएसए के खिलाफ डायमंड डक पर यूएसए के खिलाफ रन आउट हुए थे।

चुनावी सुधारों पर मंथन: राष्ट्रीय राउंड टेबल बैठक में जुटे देशभर के निर्वाचन आयुक्त

रायपुर भारत निर्वाचन आयोग भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयुक्तों का एक दिवसीय राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन "भारत मंडपम" नई दिल्ली में मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को आयोजित हुआ .  उक्त सम्मेलन भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह सहित देश के सभी राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त ,  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन मुख्य रूप से राज्यों में स्थानीय निकाय के निर्वाचन कराये जाने हेतु भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के मध्य समन्वय बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया। सम्मेलन में  अजय सिंह राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्थानीय चुनाव हेतु निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग क़ी विधान सभा क़ी निर्वाचक नामावली का डाटा शीघ्रातिशीघ्र एवं यथासंभव 7 दिवस के भीतर प्राप्त होना चाहिए ताकि राज्य निर्वाचन आयोग  नगरीय एवं पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचक नामावली निर्धारित समय में तैयार कराकर चुनाव संपन्न करा सके . उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संसाधनों के सदुपयोग की दृष्टि से राज्यों की आवश्यकता अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई वी एम ) उपलब्ध कराया जाना चाहिए .  अजय सिंह ने यह भी बताया कि जनवरी -फरवरी 2025 में छत्तीसगढ़ के नागरीय एवं पंचायतों के लिए चुनाव एक साथ 36 दिनों में सफलतापूर्वक संपन्न कराये गए। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि राज्यों के निर्वाचन आयोगों द्वारा उठाये गए सभी बिंदुओं पर विचार उपरांत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शीघ्र निर्णय लिए जाने हेतु भी आश्वस्त किया गया. सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  यशवन्त कुमार राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव  आलोक कुमार वास्तव एवं आई टी विशेषज्ञ डॉ सत्यकाम बेहार उपस्थित रहे।

नीतीश और भाई वीरेंद्र ‘सरकार नहीं चलेगी’ पर आए आमने-सामने

पटना. बिहार विधानसभा का मंगलवार का सत्र हंगामेदार रहा। कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बर्बरता की गई। राजद विधायकों ने कहा कि ऐसी सरकार नहीं चलेगी। सदन में विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल कुछ ही मिनटों में पूरी तरह गरमा गया। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की सुनेगा कौन। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठे। उन्होंने राजद विधायक भाई वीरेंद्र से कहा, 'आप बैठिए, आपकी संख्या कितनी कम है।' सीएम ने यह भी कहा कि विपक्ष ने अपने कार्यकाल में कोई ठोस काम नहीं किया। इस पर विपक्षी विधायक और अधिक आक्रामक हो गए। सदन में तेज हुई नोकझोंक राजद विधायकों के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ही नहीं चलेगी तो चौकीदारों और आम लोगों की समस्याएं कौन सुनेगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठ गए और सीधे भाई वीरेंद्र की ओर मुखातिब होते हुए कहा, 'हमलोग 2002 हैं, आपलोग कितने हैं, बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए। आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया।' हालांकि एनडीए को इस बार 202 सीटें मिली हैं, लेकिन बोलते वक्त सीएम से 2002 कहने की जुबानी चूक हो गई, जिस पर सदन में हल्की हलचल भी हुई। वेल में पहुंचे विधायक, मार्शल तैनात सीएम के बयान के बाद राजद विधायक वेल की ओर बढ़ गए। ‘नीतीश होश में आओ’ के नारे लगाए गए। स्पीकर के बार-बार अनुरोध के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगड़ती देख मार्शलों को बुलाया गया। विधायकों की तख्तियां हटवाई गईं। काफी देर बाद विपक्ष अपनी सीटों पर लौटा। सरकार का बचाव और विपक्ष का आरोप विजय चौधरी ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन को रोका नहीं। उन्होंने दावा किया कि मांगों पर विचार किया जाएगा। सत्ता पक्ष ने लाठीचार्ज को कानून-व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया। वहीं विपक्ष ने इसे दमनात्मक कार्रवाई करार दिया। राजद ने न्यायिक जांच की मांग दोहराई। दोनों पक्षों के रुख से टकराव और गहरा गया। बजट सत्र में अन्य मुद्दे भी चर्चा में हंगामे के बीच शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दे भी उठे। राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव आया। शिक्षा मंत्री ने संबंधित संस्थानों को निर्देश देने की बात कही। स्कूलों में 40 करोड़ रुपये से सेनेट्री वेंडिंग मशीन लगाने की घोषणा हुई। इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा के बाद फिर सियासी बयानबाजी हावी रही। सदन का फोकस विकास से ज्यादा टकराव पर रहा। अमित शाह के दौरे पर भी बयानबाजी सत्र से पहले पोर्टिको में भी विपक्ष ने प्रदर्शन किया। अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने तीखा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने आ रहे हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह भड़कते भी नजर आए। साफ है कि विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासत चरम पर है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

महिलाओं की सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मिला सशक्त आधार

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे ‘महतारी गौरव वर्ष’ के संकल्पों को साकार करने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट बताया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री  ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को समर्पित है। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों के आत्मविश्वास को सशक्त करने का ठोस खाका है। सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को नीति के केंद्र में रखकर समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश दिया है। महिला उद्यमिता को नया आयाम मंत्री  राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को राज्य एवं देश के सफल आजीविका मॉडलों का अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और महिला उद्यमिता को नई दिशा प्राप्त होगी। सुरक्षित और सशक्त सामाजिक ढांचा महिलाओं के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करने हेतु 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये सदन महिला संवाद, प्रशिक्षण, परामर्श और सामाजिक सहयोग के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त मंच मिलेगा। पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती प्रदेश में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती माताओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य कुपोषण के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है। बेटियों के भविष्य को आर्थिक संबल मंत्री  राजवाड़े ने विशेष रूप से रानी दुर्गावती योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 18 वर्ष पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार बनेगी। सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “महतारी गौरव वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि माताओं और बेटियों के स्वाभिमान, अधिकार और सशक्तिकरण का संकल्प है। यह बजट सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवेदनशील शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा तथा आने वाले वर्षों में लाखों महिलाओं और बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।

बड़े तालाब पर अतिक्रमण का आरोप: सांसद ने अधिकारियों से मांगा हिसाब

भोपाल शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब 30 साल में 10 वर्ग किलोमीटर छोटा हो गया और जिम्मेदार जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी आंख बंद कर बैठे रहे। कैचमेंट क्षेत्र में भूमाफिया ने कब्जा कर फार्म हाउस, रिसार्ट, पक्के मकान, बंगले, मैरिज गार्डन आदि बनाए हैं, जिनमें ड्रग्स की पार्टियां चलती हैं। सेप्ट की रिपोर्ट के आधार पर सीमा बताने वाली पीले कलर की मुनारें लगाई गई थीं, उन्हें उखाड़कर फेंक दिया है। यह जानकारी सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में एक विशेष बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में बड़ा तालाब का क्षेत्रफल 39.8 वर्ग किलोमीटर था, जो कि घटकर 30 वर्षों में यह 29.8 वर्ग किलोमीटर रह गया है। इसका उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारियों से जवाब मांगा। एनजीटी की सख्ती के बाद भी सुस्त रहा सीमांकन का कार्य बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल, क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक, पर्यावरणविद, एडीएम, एसडीएम, नगर निगम अपर आयुक्त, पूर्व बीडीए अध्यक्ष सहित एप्को, मप्र प्रदूषण बोर्ड, राजस्व, नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार चार महीने पहले एनजीटी की सख्ती के बाद बैरागढ़ एसडीएम ने कोहेफिजा और खानूगांव में बड़े तालाब का सीमांकन शुरू किया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही काम रोक दिया गया। अधिकारियों का तर्क था कि वर्षा की वजह से तालाब किनारे कीचड़-दलदल होने की वजह से काम रोका गया है। इसके साथ टीटीनगर और हुजूर एसडीएम ने सीमांकन ही शुरू नहीं किया। अतिक्रमणों को तोड़ने और नए मास्टर प्लान के निर्देश इस पर चर्चा करते हुए बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र 50 मीटर दायरे में आने वाले बड़े अतिक्रमणों को तोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने अधिकारियों से बड़ा तालाब को लेकर सवाल पूछते हुए कहा कि बड़ा तालाब की गहराई और क्षेत्र को लेकर सेप्ट की रिपोर्ट, केपीएमजी की रिपोर्ट, कुमार एसोसिएट्स द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट, यह सारी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाना चाहिए। जब अधिकारियों से कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो सांसद ने कहा कि बड़ा तालाब को भूमाफिया से बचाने के लिए नए सिरे से सर्वे करवाएं और मास्टर प्लान बनाएं। कलेक्टर ने सात दिन का दिया समय, अधिकारियों ने मांगे 15 दिन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि तालाब किनारे कई निजी जमीनों पर अवैध रूप से निर्माण करने की जानकारी मिली है। जिसको लेकर एसडीएम हुजूर, संत हिरदरामनगर, टीटीनगर और शहर वृत्त को एक सप्ताह में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर सभी एसडीएम ने कहा कि तालाब का सीमांकन टीएंडसीपी के नक्शे के आधार पर किया जाएगा, जिसके लिए 15 दिन का समय दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सीमांकन की कार्रवाई कर सभी प्रमुख अतिक्रमणों को जमींदोज किया जाए, जिसको लेकर प्रति सप्ताह समीक्षा बैठक की जाएगी। प्रेमपुरा से नहीं हटी 26 झुग्गियां, भोपाल वक्फ की जागीर भदभदा डैम के पास प्रेमपुरा से 227 झुग्गियां हटाई गई थीं, लेकिन आज तक 26 झुग्गियां नहीं हट सकी हैं ।यह चिंता का विषय है।सांसद ने कहा कि भोपाल वक्फ बोर्ड की जागीर हो गया है। मेट्रो ट्रेन की लाईन डालो, पालिटेक्निक चौराहा से डिपो चौराहा तक स्मार्ट रोड बनवाओ, भोपाल के हमीदिया रोड स्थित सब्जी मंडी की जगह पर बस स्टैंड बनाना चाहो तो वक्फ बोर्ड की जगह बताई जाती है। सांसद आलोक शर्मा ने यह सवाल अधिकारियों से पूछे     अतिक्रमण हटाने के लिए एनजीटी ने अब कितने आदेश जारी किए?     उनका पालन जिला प्रशासन और नगर निगम ने कितना किया ?     अतिक्रमण रोकने कोई टीम गठीत की, टीम ने क्या-क्या कार्रवाई की ?     कितने गंदे नालों के पानी को रोकने के लिए कितने एसटीपी बनाए हैं?     वर्तमान में कितने शेष गंदे नालों का पानी बड़ा तालाब में मिल रहा है?     गंदे पानी को बड़े तालाब में जाने से रोकने के लिए क्या प्लानिंग है?  

दोस्ती के बहाने बुलाकर दुष्कर्म का आरोप, भोपाल पुलिस ने शुरू की जांच

भोपाल फिल्म 'द केरल स्टोरी' की तर्ज पर मप्र की राजधानी भोपाल में मुस्लिम युवतियों द्वारा हिंदू युवतियों के मतांतरण और देह व्यापार में ढकेलने की कोशिश का सनसनीखेज मामला भोपाल में सामने आया है। यहां एक मुस्लिम युवती और उसके गिरोह ने रोजगार के नाम पर जरूरतमंद युवतियों से दोस्ती गांठी। उन्हें सहारा दिया और फिर भरोसा जीतकर उन्हें अपने भाई और प्रेमी के सामने परोस दिया। इतना ही नहीं, उन पीड़िताओं को जिस्मफरोशी के दलदल में फंसाया और फिर  ने किया दुष्कर्म धर्मांतरण का दबाव बनाया। दो पीड़िताओं ने की शिकायत  दो पीड़िताओं की शिकायत पर बागसेवनिया थाने में मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार अमरीन खान उर्फ माहिरा नाम की महिला ऐशबाग क्षेत्र की रहने वाली है। वह इस गिरोह की सरगना है। फिलहाल वह सागर रॉयल विला में किराये से रहती है और आशिमा मॉल में संचालित एक स्पा सेंटर से जुड़ी है। हिंदू युवक चंदन यादव से उसका प्रेम संबंध है और उसे भी अमरीन ने धर्मातरित  कर मुस्लिम बना लिया है। तलाकशुदा है पीड़िता पहली पीड़िता एक 30 वर्षीय तलाकशुदा महिला है और दो बच्चों की मां है। वह केटरिंग का काम करती थी। वर्ष 2024 में आशिमा माल में उसका संपर्क अमरीन से हुआ था। तब अमरीन ने उसे घर में दस हजार रुपये में बेबीसिटर की नौकरी का प्रस्ताव दिया। पीड़िता ने उसे स्वीकार किया और कुछ दिन बाद अमरीन के साथ उनके घर में ही रहने लगी। पीड़िता से अलग-अलग जगह दुष्कर्म इसी दौरान मौका पाकर अमरीन के प्रेमी चंदन ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िता से दुष्कर्म किया। इसके बाद अमरीन ने उसे जहांगीराबाद निवासी दोस्त चानू और फिर अहमदाबाद ले जाकर अपने भाई यासिर को सौंपा। इतना ही नहीं अमरीन और चंदन ने पीड़िता को नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने पर भी मजबूर किया और और मुस्लिम युवक से उसके पुनर्विवाह का दबाव डाला। फरवरी 2025 में पीड़िता किसी तरह उनके चंगुल से छूटी थी। ब्यूटीशियन को भी फांसा इसी तरह की शिकायत छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक ब्यूटीशियन ने की है। उसने बताया कि एक दोस्त के जन्मदिन पर उसकी मुलाकात अमरीन की भाभी संजना से हुई थी। तब उसे संजना के मुस्लिम होने की जानकारी नहीं थी। संजना ने उसे बेहतर नौकरी के लालच में आशिमा मॉल में अमरीन से मिलवाया था। उसी के जरिए वह अमरीन के प्रेमी चंदन के संपर्क में आई। बार-बार दुष्कर्म, मतांतरण के लिए दबाव वहां पहले चंदन ने उससे जबरन संबंध बनाए, फिर अमरीन के भाई बिलाल और अहमदाबाद में यासिर ने शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने जब अपनी सहेली संजना से इसकी शिकायत की तो मालूम हुआ कि वह स्वंय अमरीन के भाई हैदर से शादी कर जन्नत बन चुकी है। संजना भी उससे कहने लगी कि कुछ नहीं होता, मैं भी हिन्दू से मुसलमान बनी हूं। पाटियों में छोटे कपडे पहनाकर ले जाते अमरीन और चंदन ने जमकर पीड़िता को प्रताड़ित किया। उसे पार्टियों में छोटे कपड़े पहनाकर ले जाते थे। अमरीन उसे किसी मुस्लिम युवक से शादी करने का दबाव बनाती थी, साथ ही दोनों उसे कुरान पढ़ने को कहते थे। पीड़िता से कहती थी कि हमारे यहां के लडके अच्छे रहते है वह लडकियों को मारते नहीं है, शराब नहीं पीते है तुम भी हमारा धर्म अपना लो और हमारे यहां के लडके से शादी कर लो।    

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इडली की कीमत ₹315, यात्रियों ने जताई नाराजगी

बेंगलुरु    बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सामने आए एक बिल ने एयरपोर्ट पर खाने की कीमतों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. टर्मिनल-1 पर स्थित रामेश्वरम कैफे में एक यात्री ने घी पोड़ी इडली की एक प्लेट के लिए ₹315 चुकाए. बिल की रसीद सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एयरपोर्ट पर खाने-पीने की कीमतों पर कोई नियंत्रण होता है. कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब एक यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपने खाने का बिल शेयर किया. यात्री ने बताया कि वह बेंगलुरु एयरपोर्ट पर स्थित रामेश्वरम कैफे गया था. वहां उसने एक प्लेट घी पोड़ी इडली ऑर्डर की, जिसका बिल 315 रुपये आया. यात्री ने इस बिल की रसीद पोस्ट करते हुए लिखा कि शहर के अंदर इसी कैफे के दूसरे आउटलेट्स पर इसी इडली की कीमत लगभग 90 रुपये होती है. यानी एयरपोर्ट के अंदर उससे करीब चार गुना ज्यादा दाम वसूले गए. यात्री ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या एयरपोर्ट अथॉरिटी इन कीमतों पर कोई लगाम लगाती है या रेस्टोरेंट अपनी मर्जी से दाम तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं. वायरल हो रही इस रसीद ने यात्रियों के बीच कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थानों पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों की कोई ऊपरी सीमा होनी चाहिए? यात्री का कहना था कि चार गुना कीमत वसूलना किसी भी तर्क से सही नहीं लगता. लोग अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि जब वही ब्रांड शहर में कम कीमत पर सामान बेचता है, तो एयरपोर्ट की बाउंड्री के अंदर घुसते ही ऐसा क्या बदल जाता है कि कीमतें आसमान छूने लगती हैं? सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस पोस्ट के आते ही लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं. इंटरनेट की जनता इस मुद्दे पर दो गुटों में बंट गई है. एक पक्ष उन लोगों का है जो इस बढ़ी हुई कीमत को सरासर गलत मान रहे हैं. उनका तर्क है कि भोजन एक बुनियादी जरूरत है और एयरपोर्ट जैसी जगह पर इसका इतना महंगा होना उन यात्रियों के लिए मुश्किल पैदा करता है जो बजट में सफर करते हैं. एक यूजर ने लिखा कि अगर लागत बढ़ती भी है, तो वह 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़नी चाहिए, न कि सीधे चार गुना. वहीं, दूसरा पक्ष उन लोगों का है जो बिजनेस के नजरिए से इसे सही ठहरा रहे हैं. उनका कहना है कि हवाई अड्डे के अंदर दुकान चलाने का हिसाब बिल्कुल अलग होता है. एक यूजर ने कमेंट किया, "एयरपोर्ट पर दुकान का किराया शहर के मुकाबले कई गुना ज्यादा होता है. इसके अलावा दुकान को 24 घंटे खुला रखना पड़ता है, सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन करना होता है और सामान को टर्मिनल के अंदर लाने का लॉजिस्टिक्स खर्च भी बहुत अधिक होता है. इन सब खर्चों को निकालने के बाद ही दुकानदार अपना मुनाफा देख पाता है." रामेश्वरम कैफे बेंगलुरु का एक बहुत ही लोकप्रिय नाम है. इसकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इनके आउटलेट्स पर एक समय के भोजन की औसत कीमत लगभग 200 रुपये के आसपास रहती है. 

प्राचीन माँ बीजासन मंदिर में बुजुर्गों-महिलाओं-दिव्यांगों को रहत देने बनेगा रोप-वे

बूंदी. हाड़ौती की आराध्य देवी माँ बीजासन के दरबार में अब भक्तों को 750 से अधिक सीढ़ियां चढ़ने की मजबूरी नहीं रहेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को इन्द्रगढ़ में 18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रोप-वे का शिलान्यास किया। इन्द्रगढ़ (बूंदी) स्थित माँ बीजासन मंदिर राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र का एक अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी शक्तिपीठ है। यह मंदिर अरावली पर्वत श्रृंखला की एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध है। इन्द्रगढ़ माताजी: रोप-वे से सुगम होंगे दर्शन इन्द्रगढ़ की पहाड़ी पर स्थित माँ बीजासन मंदिर सदियों से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। वर्तमान में यहाँ पहुँचने के लिए भक्तों को कड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। रोप-वे बनने से सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को होगा। अब वे मिनटों में पहाड़ी के शिखर पर स्थित मंदिर तक पहुँच सकेंगे। ओम बिरला ने कहा कि इस सुविधा के आने से श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होगा, जिससे स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और गाइडों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इन्द्रगढ़ की पहाड़ी पर स्थित माँ बीजासन मंदिर पर्यावरण और पर्यटन का अद्भुत तालमेल चूंकि बीजासन माता मंदिर अभयारण्य क्षेत्र (रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के पास) में स्थित है, इसलिए विकास कार्यों में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है।     इको-फ्रेंडली प्रोजेक्ट: रोप-वे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों और वन संपदा को न्यूनतम नुकसान हो।     पर्यटन मानचित्र पर इन्द्रगढ़: बिरला ने विश्वास जताया कि आगामी कुछ वर्षों में इन्द्रगढ़ राजस्थान के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरेगा। दो बार हो चुकी रोप-वे की घोषणा बीजासन माता मंदिर पर पूर्व में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी रोपवे की घोषणा हुई थी, लेकिन रोप-वे की घोषणा केवल कागजों में ही सिमट कर रह गई। और धरातल पर नहीं आ पाई। ऐतिहासिक एवं पौराणिक पृष्ठभूमि प्राचीनता: माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 2000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सिद्ध संत बाबा कृपानाथ जी महाराज ने यहाँ कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर माता ने स्वयं पर्वत की चट्टान चीरकर दर्शन दिए थे। नाम का रहस्य: 'बीजासन' नाम देवी दुर्गा के उस स्वरूप को दर्शाता है जो राक्षस रक्तबीज का संहार करने के बाद उसके ऊपर आसन लगाकर विराजमान हुई थीं। स्थापना: कहा जाता है कि बूंदी के शासक राव शत्रुसाल के भाई इंद्रसाल ने इन्द्रगढ़ नगर बसाया था और पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर को भव्य रूप दिया। मंदिर की भौगोलिक स्थिति और वास्तुकला स्थान: यह मंदिर बूंदी जिले की इन्द्रगढ़ तहसील में स्थित है। यह जयपुर से लगभग 160 किमी और कोटा से करीब 75 किमी दूर है। पहाड़ी और सीढ़ियाँ: मंदिर पहाड़ी की चोटी पर एक प्राकृतिक गुफा के अंदर बना हुआ है। वर्तमान में भक्तों को माता के दर्शन के लिए करीब 750 से 1000 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। प्रवेश: गुफा के अंदर माता की स्वयंभू (स्वयं प्रकट) प्रतिमा विराजमान है। मंदिर परिसर से अरावली की पर्वत श्रृंखलाओं का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। धार्मिक महत्व और मान्यताएँ नवदुर्गा स्वरूप: यहाँ माँ बीजासन को दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। मंदिर में सात बहनों (नवदुर्गा के स्वरूप) की पूजा का भी विधान है। मनोकामना पूर्ण: भक्तों का अटूट विश्वास है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। विशेष रूप से निःसंतान दंपत्ति संतान प्राप्ति की कामना लेकर यहाँ आते हैं। अखंड ज्योति: मंदिर में एक अखंड ज्योति 24 घंटे प्रज्वलित रहती है, जिसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। प्रमुख उत्सव और मेले नवरात्रि मेला: साल में दोनों नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) के दौरान यहाँ विशाल मेला लगता है। इस समय राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। धार्मिक आयोजन: नवरात्रि में यहाँ विशेष मंगल आरती, भोग आरती और संध्या आरती का आयोजन होता है, जिसमें शामिल होना पुण्यदायी माना जाता है।

भोपाल-धनबाद और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस: सीएम मोहन की हरी झंडी के साथ शुरू होंगी नई ट्रेन सेवाएं

 भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज शाम 7:30 बजे भोपाल स्टेशन से दो नई ट्रेनों जिनमें भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भोपाल रेलवे स्टेशन पर होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री वर्चुअली शामिल होंगे। भोपाल-धनबाद-भोपाल त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 27 फरवरी से भोपाल से और 1 मार्च से धनबाद से नियमित रूप से संचालित होगी। वहीं, दूसरी तरफ भोपाल-चोपन-भोपाल साप्ताहिक ट्रेन 1 मार्च से भोपाल से और 2 मार्च 2026 से चोपन से चलेगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा मिलेगी। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस- देखें शेड्यूल भोपाल-धनबाद नई ट्रेन मंगलवार से नियमित रूप से चलेगी। ये ट्रेन शाम 7.30 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7.20 बजे पर धनबाद पहुंचेगी। यानी लगभग 24 घंटे से थोड़ा कम समय में ये अपनी यात्रा पूरी करेगी। वापसी में ये ट्रेन रात 11 बजे धनबाद से चलेगी और अगले दिन रात 10.35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस नए शेड्यूल से यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे की ओर से दोनों नई ट्रेनों का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में जो यात्री एमपी से झारखंड या झारखंड से एमपी आवाजाही करना चाहते हैं, उन्हें यात्रा में बड़ी राहत रहेगी। भोपाल-चोपन एक्सप्रेस- देखें शेड्यूल भोपाल-धनबाद नई ट्रेन के अलावा भोपाल-चोपन एक्सप्रेस भी शुरू हो रही है। ये ट्रेन भी साप्ताहिक है। ट्रेन नंबर 11633/11634 के रूप में इसका संचालन होगा। ट्रेन रविवार को भोपाल से चलेगी और सोमवार को चोपन से वापस भोपाल के लिए रवाना होगी। लंबे समय से इस रूट पर ट्रेन की मांग चल रही थी, क्योंकि इस मार्ग पर अबतक सीधी सुविधा सीमित थी। अब भोपाल-चोपन एक्सप्रेस के शुरू होने से यात्रियों को नया विकल्प मिलेगा। एमपी में कहां-कहां होगा स्टॉपेज भोपाल से चलने वाली दोनों ट्रेनें एमपी के कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी। इनमें विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मुड़वारा और ब्यौहारी शामिल हैं। इन स्टॉपेज से छोटे शहरों और जिलों के यात्रियों को भी फायदा होगा। पहले इन क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी तय कर बड़ी ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। इन्हें होगा फायदा अब उनके अपने नजदीकी स्टेशन से सीधा कनेक्शन मिलेगा। भोपाल-धनबाद नई ट्रेन और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस के इन स्टॉपेज से पूरे रूट की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे छात्रों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को खास फायदा होगा।

इंडिया दौरे से पहले कनाडा पीएम का बड़ा कदम, भारत के दुश्मन को देंगे ‘बेमुल्क’

 नई दिल्ली मुंबई आतंकी हमले का एक खूंखार किरदार अब बेमुल्क हो जाएगा. इस आतंकी का नाम तहव्वुर राणा है. मुंबई हमले की साजिश रहने वाला आतंकी तहव्वुर राणा कनाडा का निवासी है. लेकिन कनाडा ने अब पाकिस्तान में जन्मे इस टेररिस्ट की नागरिकता छीनने का फैसला किया है. कनाडा ने ये फैसला वहां के पीएम मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा से ठीक पहले लिया है.  तहव्वुर राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाने का आरोप है. 64 साल का आतंकी राणा पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साज़िश करने वालों में से एक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी का करीबी साथी है. डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी अमेरिकी नागरिक है.   ग्लोबल न्यूज़ को मिले डॉक्यूमेंट्स के हवाले से लिखा है कि इमिग्रेशन अधिकारियों ने राणा को बताया है कि वे उसकी 2001 में मिली कनाडाई नागरिकता छीनने जा रहे हैं.  राणा 1997 में कनाडा आया था और बाद में उसे डेनमार्क के एक अखबार के स्टाफ पर हमला करने की साजिश रचने के लिए US में दोषी ठहराया गया था. 26/11 हमले का अहम किरदार  26/11 हमले का मास्टरमाइंड राणा ने मुंबई हमले का अहम किरदार था. इस हमले में 166 लोग मारे गए थे. आतंकी राणा को अप्रैल 2025 में यूनाइटेड स्टेट्स से भारत लाया गया था. नई दिल्ली पहुंचते ही उसे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया था.  रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अपने फैसले में इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिज़नशिप कनाडा (IRCC) ने लिखा कि राणा की सिटीजनशिप आतंकवाद की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए रद्द की जा रही है क्योंकि उसने अपने एप्लीकेशन फॉर्म में झूठ बोला था.  शिकागो में रहने की बात छिपाई IRCC ने एक रिपोर्ट में लिखा कि जब राणा ने 2000 में सिटीज़नशिप के लिए अप्लाई किया था, तो उसने दावा किया था कि वह पिछले चार साल से ओटावा और टोरंटो में रह रहा है, और देश से सिर्फ़ छह दिन बाहर रहा है. हालांकि, RCMP की जांच में पता चला कि उसने असल में लगभग पूरा समय शिकागो में बिताया था, जहां उसकी कई प्रॉपर्टी और बिज़नेस था, जिसमें एक इमिग्रेशन फर्म और एक किराने की दुकान भी शामिल थी. रद्द करने के फैसले में उस पर "एक गंभीर और जानबूझकर धोखा" देने का आरोप लगाया गया है. कहा गया है कि उसने "कनाडा के सिटीज़नशिप कानूनों का सम्मान नहीं किया" और इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे गलत तरीके से सिटीज़नशिप दे दी थी.  तुमने जानबूझकर कनाडा से अपनी गैर-मौजूदगी नहीं बताई IRCC ने 31 मई, 2024 को उसे लिखा, "तुम्हारा मामला ऐसा है जिसमें ऐसा लगता है कि तुमने नागरिकता के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस के दौरान कनाडा में अपने रहने की जगह के बारे में गलत जानकारी दी, क्योंे कि तुमने जानबूझकर कनाडा से अपनी गैर-मौजूदगी नहीं बताई." "तुम्हारी गलत जानकारी की वजह से फैसला लेने वालों को लगा कि तुमने नागरिकता के लिए रहने की जरूरतें पूरी कर ली हैं, जबकि ऐसा लगता है कि ये सच नहीं था" कनाडा की फेडरल कोर्ट करेगी फैसला सरकार ने कहा कि वह उसके केस को फेडरल कोर्ट को भेज रही है, जिसका इस बारे में आखिरी फैसला होगा कि नागरिकता "गलत जानकारी या धोखाधड़ी या जानबूझकर ज़रूरी हालात छिपाकर" ली गई थी या नहीं.ग्लोबल रिपोर्ट में कहा गया है कि तहव्वुर राणा का केस लड़ रहे टोरंटो के एक इमिग्रेशन वकील ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है और कहा है कि यह गलत था और उनके अधिकारों का उल्लंघन था. पिछले हफ्ते फेडरल कोर्ट में नागरिकता रद्द करने से जुड़ी एक सुनवाई हुई थी. सरकारी वकीलों ने 19 दिसंबर को कोर्ट से केस से सेंसिटिव नेशनल सिक्योरिटी जानकारी छिपाने की इजाज़त मांगी थी. इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के एक स्पोक्सपर्सन ने ग्लोबल न्यूज़ को बताया कि गलत जानकारी के लिए नागरिकता रद्द करना "कनाडाई नागरिकता की इंटेग्रिटी बनाए रखने का एक ज़रूरी तरीका है." मैरी रोज़ सबेटर ने कहा कि यह पक्का करने के लिए कि प्रोसेस फेयर हो, फेडरल कोर्ट ऐसे मामलों में आखिरी फैसला लेता है.