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नक्सल विरोधी अभियान को बढ़त: कांकेर में माओवादी मल्लेश ने हथियार डालकर किया सरेंडर

कांकेर नक्सलवाद की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर अब नक्सली संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं। हाल के दिनों में कई बड़े नक्सली नेताओं ने या तो आत्मसमर्पण किया है या पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं। इसी क्रम में, तेलंगाना में 5 करोड़ के इनामी नक्सली ने अपने 16 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। वहीं, मंगलवार को कांकेर जिले के पखांजूर छोटेबेठिया में स्थित बीएसएफ 94वीं बटालियन में डीवीसीएम मल्लेश ने एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। मल्लेश कई नक्सली घटनाओं में वांछित था और उसकी तलाश लंबे समय से जारी थी। जानकारी के अनुसार, डीवीसीएम रैंक का सक्रिय माओवादी मल्लेश कांकेर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के समक्ष उपस्थित हुआ और आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि, वह लंबे समय से नक्सली संगठन में सक्रिय था। कोई लीडन न होने के चलते नक्सल संगठन को मल्लेश के आत्मसमर्पण से एक बड़ा झटका लगा है। इससे यह साबित होता है कि अब नक्सली विचारधारा ने अपना प्रभाव खो दिया है और नक्सली मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। इस तरह के आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण जीत को दर्शाते हैं।

पुष्पराजगढ़ में आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह सामूहिक विवाह समारोह का होगा आयोजन

राजेन्द्रग्राम  मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशों के पालन में कलेक्टर हर्षल पंचोली द्वारा जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की तिथियां निर्धारित की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के एमपीईबी ग्राउंड पुष्पराजगढ़ में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा।    इस कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद कोतमा तथा बिजुरी एवं नगर परिषद अमरकंटक सहित जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायतों के वर-वधु सम्मिलित होंगे।

गुजराती सहकारी मॉडल से बिहार में होगी जैविक खेती और ग्रामीण विकास

पटना. सहकारिता विभाग द्वारा गुजरात में सफल सहकारी समितियों के माडल को लागू कराने की तैयारी हो रही है। इसके लिए विभागीय स्तर से सहकारी समितियों के 50-50 लोगों की टीम गुजरात के दौरे पर भेजी जाएगी। ये टीमें गुजरात में कार्यरत सहकारी समितियों के कार्यों का अवलोकन और अध्ययन करेंगी। बिहार में 28 हजार सहकारी समितियां हैं जिनके अध्यक्षों व सचिवों के अलावा सदस्यों की अलग-अलग टीम बनाकर गुजरात भेजी जाएगी। वहां से लौटने के बाद संबंधित सहकारी समितियों को गुजरात में कार्यरत समितियों की तरह कार्य करने हेतु प्रेरित किया जाएगा। हाल में गुजरात में कोऑपरेटिव कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर लौटे सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि गुजरात में सामूहिक जैविक खेती जैसे नवाचार सफल माडल साबित हुआ है। गुजरात में सहकारी समितियां किसानों को सीधे जोड़कर, उन्हें जैविक खेती का प्रशिक्षण, प्रमाणित जैविक इनपुट (बीज, खाद) और उत्पाद की अच्छी मार्केटिंग सुनिश्चित करके जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। भारत ऑर्गेनिक जैसी संस्थाएं और डेयरी, गोबर से खाद बनाकर और फसलों की जैविक खरीद-बिक्री के लिए जीयूजेको और अमूल जैसे नेटवर्क का उपयोग करती हैं। जब गुजरात से ऐसी सहकारी समितियों का कार्यानुभव लेकर टीम लौटेगी तब जैविक खेती में गुजरात मॉडल का सफल प्रयोग सहकारी समितियों के सहयोग से किया जाएगा। जैविक खेती में नवाचार दिखाने वाले किसानों की ब्रांडिंग से लेकर मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी। जैविक उत्पादों की खरीद और बेहतर मूल्य से लेकर बाजार उपलब्ध कराने की कार्य योजना बनायी जाएगी। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को जैविक खेती में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसे उत्पादों को पंजीकरण कराने से लेकर प्रमाणन की व्यवस्था भी होगी। गुजरात के भरूच जैसे क्षेत्रों में केले के तने से रेशा और वर्मी कम्पोस्ट जैसे जैविक उत्पाद बनाकर आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह के कार्य उत्तर बिहार के केला उत्पादन वाले इलाकों में बखूबी संभव है। इसी तरह गुजरात में अमूल जैसी सफल सहकारी संस्थाओं की कार्यशैली ने वहां ग्रामीण आजीविका को नई ताकत दी है। यह कार्य बिहार में भी सहकारी समितियों से होगा। स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर सहकारिता विभाग ग्रामीण इलाकों में इको टूरिज्म को बढ़ावा देकर स्थानीय युवकों को रोजगार के अवसर देने पर भी काम कर रहा है। इसके लिए टैक्सी सर्विस स्कीम भी लॉन्च करने की योजना बन रही है। इससे स्थानीय लोगों को सीधे रोजगार प्रदान करने की मदद मिलेगी। गुजरात में महिलाओं द्वारा संचालित दुग्ध समितियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यही प्रयोग बिहार के सभी गांवों में महिलाओं द्वारा दुग्ध समितियों के संचालन में होगा।हर गांव में दुग्ध सहकारी समिति गठित की जा रही है। प्रोटीन कंसन्ट्रेट पाउडर प्लांट जैसी नई इकाईयां लगायी जाएंगी। जाहिर है, इससे डेयरी क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे। तकनीक और पारदर्शिता पर जोर डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाने से भी सहकारी समितियों को ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी। सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि सहकारी समितियों के सदस्य किसानों का भरोसा और मजबूत हो। सरकार का लक्ष्य है कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी की जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और नई योजनाओं को लागू करने पर फोकस किया जा रहा है।

हाईकोर्ट को मिली बम धमकी, ईमेल में अजमल कसाब का नाम, सुरक्षा एजेंसियों ने बताया अफवाह

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी एक संदिग्ध ईमेल के जरिए दी गई थी। ईमेल में अजमल कसाब का भी जिक्र होने की बात सामने आई है। धमकी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर हाईकोर्ट की सभी अदालतों में सुनवाई रोक दी गई। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया। डॉग स्क्वायड और बॉम्ब स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने हाईकोर्ट परिसर की सघन जांच की। जिले के पुलिस कप्तान एसएसपी रजनेश सिंह ने पूरे सर्च ऑपरेशन की निगरानी की। इस दौरान एएसपी और सीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, गहन जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि धमकी में किए गए दावे केवल दहशत फैलाने की नीयत से किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था और जांच धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। ईमेल स्रोत की पड़ताल पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है।

पीएम मोदी के इजरायल आगमन पर गूंजा राष्ट्रगान, नेतन्याहू ने किया शानदार वेलकम

येरूशलेम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर इजरायल की धरती पर कदम रख दिया है. वो आज अपने पुराने दोस्त पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दो दिवसीय इजरायल दौरा बेहद व्यस्त और ऐतिहासिक कार्यक्रमों से भरा हुआ है. बुधवार दोपहर को तेल अवीव पहुंचने के बाद, पीएम मोदी सबसे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एयरपोर्ट पर ही एक संक्षिप्त मुलाकात करेंगे और फिर वहां से सीधे येरूशलम के लिए रवाना होंगे. आज के दिन का सबसे बड़ा और यादगार कार्यक्रम इजरायली संसद ‘नेसेट’ (Knesset) में उनका ऐतिहासिक संबोधन है, जिसके बाद वह नेतन्याहू द्वारा दिए गए एक प्राइवेट डिनर में शामिल होंगे. इजरायल में पीएम मोदी के स्वागत की तैयारी इजरायल में पीएम मोदी के ग्रैंड स्वागत की तैयारी हो चुकी हैं. ये तैयारी इजरायल के मशहूर अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ के फ्रंट पेज पर दिखाई दी, जिसमें पीएम मोदी के स्वागत में पूरा का पूरा स्पेशल एडिशन ही निकाल दिया है, जिसके फ्रंट पेज पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘नमस्ते’ लिखा है. यह सिर्फ एक दौरा नहीं है, बल्कि दो पुरानी सभ्यताओं के बीच दोस्ती का एक नया और सुनहरा अध्याय है, जो रक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है. विदेशी अखबार के पहले पन्ने पर हिंदी का शब्द ‘नमस्ते’ चमकता हुआ दिखाई दिया. अखबार के एडिटर-इन-चीफ ज्वीका क्लेन ने सोशल मीडिया पर इस फ्रंट पेज को शेयर किया, जिसमें पीएम मोदी की हाथ हिलाते हुए एक बड़ी फोटो लगी है. यहूदी अखबार का फ्रंट पेज वायरल अखबार की हेडलाइंस चिल्ला-चिल्ला कर कह रही हैं- ‘वेलकम, मोदी’. पूरे पहले पन्ने पर सिर्फ भारत और इजरायल की गहरी होती पार्टनरशिप की कहानियां हैं. हिब्रू भाषा के साथ ‘नमस्ते’ का लिखा होना यह साफ दिखाता है कि इजरायल के दिल में भारत के लिए कितना प्यार और सम्मान है. यह दौरा इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पीएम मोदी इजरायली संसद (Knesset) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. संसद में मोदी का भाषण दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा. इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह का कहना है कि इस दौरे का मकसद सिर्फ कुछ पुराने समझौतों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि व्यापार और टेक्नोलॉजी के हर क्षेत्र में साथ मिलकर काम करना है. मोदी के इजरायल दौरे से पाकिस्तान को 'घबराहट' पाकिस्तान के प्रमुख अखबार 'Dawn' ने अपनी वेबसाइट पर एक आर्टिकल में लिखा, भारत और इजरायल के बीच पूर्ण कूटनीतिक संबंध साल 1992 में बने थे. हालांकि 2014 में मोदी के सत्ता संभालने के बाद इस रिश्ते में और गर्मजोशी आई है. मोदी ने 2017 में प्रधानमंत्री के तौर पर इजरायल का पहला दौरा किया था जिसके अगले साल नेतन्याहू ने भी भारत का दौरा किया. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को दोस्त कहा था. डॉन ने लिखा है, 'मई 2025 में जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी तो इजरायल की मिलिट्री ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ डिफेंस स्ट्रैटजी के रूप में किया गया था. पाकिस्तानी वेबसाइट ने लिखा, यह व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में भारत-इजरायल की साझेदारी को दर्शाता है. लेकिन इजरायल के साथ ही भारत खाड़ी देशों और ईरान के साथ भी मजबूत रिश्ते बनाए हुए है. उदाहरण के लिए भारत ने ईरान का चाबहार पोर्ट डेवलप किया है जो अफगानिस्तान के लिए एक ट्रेड गेटवे है. अफगानिस्तान के तालिबानी अधिकारियों के साथ भी भारत ने रिश्ते कायम किए हैं.' डॉन ने कांग्रेस पार्टी की सीनियर नेता प्रियंका गांधी के बयान का भी जिक्र किया है. प्रियंका गांधी ने PM मोदी के दौरे को लेकर बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि उन्हें उम्मीद है कि मोदी इजरायल की संसद को संबोधित करते समय गाजा में हजारों बेगुनाह पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की हत्या का जिक्र करेंगे.  पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो न्यूज के 'कैपिटल टॉक' शो में पीएम मोदी के इजरायल दौरे को लेकर हेडलाइन दी गई है- पीएम मोदी का इजरायल दौरा पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी. वहां के मीडिया में सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान को लेकर जिसमें उन्होंने कट्टर शिया और सुन्नी एक्सिस को खतरा बताते हुए भारत, ग्रीस, साइप्रस और कुछ अरब, एशियाई और अफ्रीकी देशों के साथ एक गठजोड़ बनाने की बात कही. पाकिस्तानी संसद में भी इस बयान का विरोध करते हुए मंगलवार शाम को एक प्रस्ताव पारित किया गया है. पाकिस्तानी एंकर हामिद मीर ने कहा कि ये मामला बहुत नाजुक है क्योंकि चंद दिनों पहले अमेरिका के राजदूत ने एक इंटरव्यू में 'ग्रेटर इजरायल' की बात कही थी. इसकी सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन समेत कई अरब देशों ने कड़ी आलोचना की थी. एक तरफ नेतन्याहू पीएम मोदी का स्वागत कर रहे हैं, दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले का मंसूबा बनाए हुए हैं. बहुत सारे मामलों पर ये सारे इकट्ठे हो गए हैं. पाकिस्तान के लिए बहुत चिंता वाली स्थिति बन गई है. अफगानिस्तान से पाकिस्तान पर हमले हो रहे हैं और अगर ईरान और अमेरिका की जंग शुरू हो गई तो पाकिस्तान के लिए तो बड़े मुश्किल भरे हालात हो जाएंगे. PM Modi-Netanyahu की दोस्ती का नया ‘पावर पैक’ प्लान प्रधानमंत्री मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू, जिन्हें अक्सर ‘जिगरी दोस्त’ कहा जाता है, इस मुलाकात में कई बड़े मुद्दों पर मुहर लगाने वाले हैं. यह दोस्ती अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जमीन पर भी बड़े बदलाव लाने वाली है. आगे जानें पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच किन मुद्दों पर बात होने वाली है.     रक्षा और सुरक्षा- नए हथियारों और डिफेंस टेक्नोलॉजी पर बड़ी चर्चा.     बैंकिंग सिस्टम- क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट और बैंकिंग सिस्टम को और आसान बनाना.     खेती और पानी- इजरायल की मॉडर्न टेक्नोलॉजी से भारतीय किसानों की मदद.     साइंस और इनोवेशन- दोनों देशों के वैज्ञानिक मिलकर नई खोजें करेंगे. पीएम मोदी का इजरायल दौरा कंफर्म करे हुए इजरायली पीएम नेतन्याहू ने मोदी को अपना ‘प्रिय मित्र’ बताते हुए इस दौरे को पहले ही ‘ऐतिहासिक’ करार दिया था. कैबिनेट मीटिंग की शुरुआत में भी उन्होंने इसी दौरे का जिक्र किया गया. मोदी … Read more

हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल पर जींद जंक्शन से हुई रवाना

चंडीगढ़. हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल बुधवार सुबह शुरू हो गया है। सुबह साढ़े आठ बजे ट्रेन को जींद स्टेशन से रवाना किया गया। इसके बाद ट्रेन को भम्भेवा स्टेशन तक चलाकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। रेलवे विभाग की तकनीकी टीम सुबह से ही तैयारियों में जुटी हुई थी। ट्रायल के दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, ईंधन खपत और सुरक्षा मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। ट्रायल के दौरान ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम और इंजन के प्रदर्शन पर विशेष नजर रखी जाएगी। बताया जा रहा है कि यदि आज का ट्रायल सफल रहता है तो इस ट्रेन को सोनीपत ट्रैक पर नियमित रूप से चलाने के लिए हरी झंडी मिल सकती है। इससे क्षेत्र के यात्रियों को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त रेल सेवा का लाभ मिलेगा। साथ ही रेलवे के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि हाइड्रोजन तकनीक को अपनाने की दिशा में यह अहम कदम है। सुरक्षा की दृष्टि से ट्रायल के दौरान आम लोगों से ट्रैक के पास न जाने की अपील की है। सफल परीक्षण के बाद जल्द ही इस ट्रेन के नियमित संचालन की हरी झंडी मिल सकती है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है।  उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन  सुनील सिंघी, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  अमर परवानी सहित कैट छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अवैध कब्जों पर हाईकोर्ट की फटकार- ‘कमेटी नहीं, कार्रवाई बताइए’

रांची. झारखंड में जमीन पर अवैध कब्जा और फर्जी खरीद-बिक्री के मामलों पर अदालत का रुख और कड़ा हो गया है। झारखंड हाई कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से साफ शब्दों में कहा कि “कमेटी पर कमेटी बनाने का कोई औचित्य नहीं, जमीन पर ठोस कार्रवाई दिखनी चाहिए।” अदालत ने मुख्य सचिव से स्पष्ट जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी। सीएनटी लागू होने के बाद भी भूमाफिया पर कार्रवाई नहीं होने से कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। SOP बनी नहीं, समीक्षा किस बात की? चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की पीठ ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब अवैध कब्जे रोकने के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) अभी तक बनी ही नहीं, तो उसकी समीक्षा के लिए नई कमेटी बनाने का क्या मतलब है? पूर्व में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने नए कानून की जरूरत से इनकार करते हुए कहा था कि राज्य में पहले से ही सीएनटी और एसपीटी एक्ट लागू हैं। जरूरत सख्त अमल और स्पष्ट एसओपी की है। बावजूद इसके सरकार की ओर से एक और कमेटी गठित करने की बात अदालत को रास नहीं आई। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की जमीन पर कब्जे की कोशिश मामला तब और गंभीर हो गया जब सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस इकबाल की जमीन पर कब्जे की कोशिश सामने आई। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर सरकार से जवाब तलब किया। न्याय मित्र अतनु बनर्जी ने अदालत में पक्ष रखा और राज्य में दखल-दिहानी, फर्जी रजिस्ट्री व अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। RIMS जमीन बिक्री कांड: ACB के नोटिस से मची खलबली इधर, रांची में बहुचर्चित RIMS जमीन बिक्री मामले में जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़गाईं अंचल के वर्तमान व तत्कालीन सीओ, अंचल कर्मियों, स्थानीय अमीन, राजस्व कर्मचारियों और कथित जमीन दलालों को नोटिस भेजा है। सभी से पूछताछ की तैयारी है। जांच में प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि वर्ष 1993 के बाद से अधिग्रहित जमीन पर अवैध कब्जे और गलत रजिस्ट्री के प्रमाण मिले हैं। रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बावजूद दाखिल-खारिज और निबंधन किए जाने में लापरवाही व संभावित मिलीभगत की बात जांच में उभरकर आई है। गौरतलब है कि यह जांच हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी। क्या होगा आगे? मुख्य सचिव से कोर्ट में विस्तृत जवाब एसओपी पर स्पष्ट टाइमलाइन ACB की पूछताछ के बाद संभावित एफआईआर/चार्जशीट अवैध रजिस्ट्री रद्द करने और कब्जा हटाने की कार्रवाई झारखंड में जमीन से जुड़े घोटालों और अवैध कब्जों पर अब कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है। अदालत के सख्त तेवर और एसीबी की सक्रियता से आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे संभव हैं।

पंजाब में रात और सुबह हो रहा गुलाबी ठंड का एहसास

चंडीगढ़. मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ ने 25 फरवरी 2026 के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक, इस हफ्ते (28 फरवरी) तक राज्य में कोई खास बारिश नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार तक राज्य में तापमान नॉर्मल रहने की संभावना है। प्रदेश में इन दिनों दिन में ठंड बिल्कुल खत्म हो गई है। हालांकि, रात और सुबह से समय गुलाबी ठंड का एहसास होता है। गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी पंजाब के तापमान में लगातार होने वाली बढ़ोतरी गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी बन सकती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए पंजाब कृषि विश्व विद्यालय (पीएयू) लुधियाना के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. मखन सिंह भुल्लर द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। डॉ. भुल्लर का कहना है कि पंजाब अंदर 25 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच सीजन दौरान 95 प्रतिशत रकबे में किसानों द्वारा गेहूं की बिजाई की गई है। उनके अनुसार, फसल में जब दाना पड़ने का समय आता है तो फसल के लिए उच्च तापमान काफी संवेदनशील होता है। क्योंकि इस दौरान बढ़े तापमान का गेहूं के दाने के वजन पर बुरा असर पड़ता है, जिसके चलते फसल का झाड़ व गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। गेहूं की फसल को हल्का पानी लगाने की सलाह डॉ. भुल्लर के अनुसार, हल्की व दरमियानी जमीन पर एडवांस बिजाई वाली गेहूं की फसल के सिट्टे अधिक तापमान के कारण समय से पहले पक जाते हैं, जिसके चलते दाना कमजोर रह जाता है। उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में इस बार तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जोकि फसल के लिए चिंताजनक है। उन्होंने वर्तमान हालातों को देखते हुए किसानों को गेहूं की फसल को हल्का पानी लगाने की सलाह दी। इसके साथ विशेष रूप से कहा कि सिंचाई करते वक्त हवा के रुख का ध्यान जरूर रखा जाए ताकि फसल को गिरने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि सतर्कता से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

टीम चयन पर मंथन जरूरी! रवि शास्त्री बोले—एक और स्पिनर के साथ उतरे भारत

नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर आठ चरण के पहले मुकाबले में मिली हार भारत के लिये खतरे की घंटी रही है और अब उसे टीम संयोजन पर पुनर्विचार करना होगा। दक्षिण अफ्रीका से रविवार को 76 रन से मिली पराजय के बाद भारत को अब बृहस्पतिवार को जिम्बाब्वे से खेलना है। पिछले टी20 विश्व कप से चले आ रहे 12 मैचों में जीत के सिलसिले पर भी इससे रोक लग गई। शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू के ताजा अंक में कहा , ‘आपने लगातार 12 मैच जीते तो एक खराब दिन तो आना ही है। लेकिन मुझे खुशी है कि यह जल्दी आ गया। यह भारत के लिये जरूरी खतरे की घंटी रहा। इससे अब टीम को रणनीति और संयोजन पर फिर से विचार करना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पिछले अनुभव से सबक ले लिया होगा कि चीजों को हलके में नहीं लेना है। एक और मैच हारने से काफी दबाव बन जायेगा।’ शास्त्री ने भारतीय टीम को अतिरिक्त स्पिनर लेकर उतरने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘अक्षर पटेल को वापिस लाना ही होगा। आपको उसके अनुभव की जरूरत है। मैं तो कहूंगा कि अक्षर और वॉशिंगटन सुंदर दोनों खेल सकते हैं क्योंकि किसी दिन कोई गेंदबाज तो खराब फॉर्म में होगा ही। जैसे रविवार को वरूण चक्रवर्ती थे।’ उन्होंने कहा, ‘अक्षर खेलता है तो आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करेगा। पांचवें नंबर पर हार्दिक पांड्या और छठे पर शिवम दुबे हैं। सुंदर सातवें नंबर पर है तो अक्षर पांचवें पर भी आ सकता है। अगर टी20 क्रिकेट में आठ बल्लेबाज भी नहीं चल पा रहे तो कुछ तो गलत है। ऐसे में एक अतिरिक्त गेंदबाज का विकल्प अहम है।’ शास्त्री ने कहा कि अगर 8 नंबर तक बल्लेबाजों के रहने के बाद भी अगर टी20 क्रिकेट में आप सही नहीं कर पा रहे हैं तब तो कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है। इससे आप खुद को एक अतिरिक्त बोलिंग ऑप्शन नहीं दे पा रहे जो कि मैं समझता हूं कि बहुत अहम है। इसका मतलब है कि रिंकू सिंह को बाहर होना पड़ेगा लेकिन अगर वह खेलते हैं तो उन्हें किसी स्पेशलिस्ट बैटर की जगह पर खिलाया जाना चाहिए। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर रिकी पोंटिंग ने कहा, ‘कॉमेंट्री सुनते समय अक्षर को बाहर रखने का कारण यह लगा कि विरोधी टीम मे कई खब्बू बल्लेबाज हैं लेकिन दाहिने हाथ के बल्लेबाज भी तो हैं। अक्षर को ऐसे में कप्तान सही समय पर इस्तेमाल कर सकता था।’