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जीएडी के अधिकारियों ने चेक किए उपस्थिति रजिस्टर, CM के आदेश पर भोपाल के सरकारी भवनों में हाजिरी की कड़ी निगरानी

भोपाल मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने वल्लभ भवन सहित प्रमुख मंत्रालयीन परिसरों में छापामार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, कार्यालय में आने-जाने का समय तथा अनधिकृत अनुपस्थिति की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली में अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करना है। सुबह 10 से शाम 6 बजे तक होगी विशेष निगरानी निर्देशों के अनुसार आज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा—तीनों कार्यालय परिसरों में विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव भले ही भोपाल से बाहर दौरे पर रहेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित समयावधि में उपस्थिति से जुड़ी हर जानकारी संकलित की जाए। कर्मचारियों की हाजिरी, देरी से आने या समय से पहले जाने जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तैनात सामान्य प्रशासन विभाग ने इस अभियान के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं, जिन्हें तीनों भवनों में तैनात किया गया है। ये टीमें मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगी और अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगी। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में पूर्व सूचना दे दी गई है, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके। अनुशासन और जवाबदेही पर सरकार का फोकस सरकार का मानना है कि समयपालन और नियमित उपस्थिति से प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रह सकते हैं, जिससे शासकीय तंत्र में कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। सीएम और मुख्य सचिव दौरे पर, फिर भी सख्ती बताया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्तमान में भोपाल से बाहर दौरे पर हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को सभी संबंधित दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनाधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तीनों भवनों में तैनात होकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। समय पालन पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारी और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संदेश दिया है कि यदि समय पालन में कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। पारदर्शी प्रशासन पर जोर राज्य सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। टार्गेट क्या है? इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल हाजिरी लगाना नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का सटीक समय नोट करना और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वालों की जानकारी संकलित करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए खास टीमों का गठन किया है, जो पूरे दिन इन दफ्तरों में उपस्थिति और काम की निगरानी करेंगी। पहले भी सीएम ने दी है वार्निंग यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय की पाबंदी को लेकर हिदायत दी है। इससे पहले भी वे सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि राज्य में हफ्ते में पांच दिन ही दफ्तर खुलने के बावजूद, कई अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तर नहीं पहुंचते हैं। सीएम का मानना है कि अधिकारियों की देरी से आने की आदत प्रशासनिक काम में बड़ी परेशानी पैदा करते हैं और आम जनता के काम रोकते हैं।

पहले इस खास रिवाज से बंधे विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना, फैंस में जबरदस्त उत्साह

नई दिल्ली साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी का इंतजार कर रहे फैंस का इंतजार खत्म हो गया है। आज यानी 26 फरवरी को रश्मिका और विजय शादी के बंधन में बंध गए हैं। विजय और रश्मिका की शादी उदयपुर में हुई। फैंस को दोनों की शादी की पहली तस्वीर का इंतजार है। रश्मिका और विजय की अभी शादी तेलुगु रीति-रिवाजों से हुई है। शाम को कोडवा रीति-रिवाजों से दोनों की शादी होगी। पैप्स को बांटी गईं मिठाइयां रश्मिका और विजय की शादी उदयपुर के मेंमेटोज बाई आईटीसी होटल्स में हुई। सोशल मीडिया पर वेन्यु के बाहर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में रश्मिका और विजय की शादी में पहुंचे कुछ गेस्ट पैप्स को मिठाइयां बांटते नजर आए। चार मार्च को होगा हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन रश्मिका मंदाना और विजय की आज शादी के बाद चार मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन होगा।इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रश्मिका को कोरियन पॉप कल्चर पसंद है तो वेडिंग फेस्टिविटीज की शुरुआत के-ड्रामा थीम से हुई। विजय ने रश्मिका के लिए PSY का गैंगनम स्टाइल डांस किया। इस दौरान अंताक्षरी खेली गई। रूल ये था कि इसमें बॉलीवुड गानों की बजाय सिर्फ विजय और रश्मिका की फिल्मों के गाने ही गाने होंगे। जीतने वाली टीम को लग्जरी गिफ्ट हैम्पर दिया गया। कैसे हुई थी दोनों की मुलाकात रश्मिका और विजय की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी।ये फिल्म दोनों की साथ में पहली फिल्म थी। इस फिल्म का नाम था गीता गोविंदम। फिल्म साल 2018 में रिलीज हुई थी। दोनों की ऑन-स्क्रीन कैमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया था। इसके बाद से ही दोनों की डेटिंग की चर्चा होने लगी थी। साल 2019 में दोनों की फिल्म डियर कॉमरेड आई। फैंस के बीच दोनों की रिलेशनशिप की बातें होनें लगीं, लेकिन कपल ने कभी भी इस चीज पर आधिकारिक जानकारी नहीं दी। इस फिल्म के बाद रश्मिका और विजय को काफी इवेंट्स वेकेशन और पार्टियों में एक साथ देखा गया।

बिहार में काशी-अयोध्या की तर्ज पर बनेगा शिव सर्किट

मुजफ्फरपुर. बिहार की धरती अब सिर्फ ज्ञान, अध्यात्म और विरासत की पहचान भर नहीं रहेगी, बल्कि भगवान शिव के भक्तों के लिए एक भव्य आस्था गलियारे के रूप में भी विकसित होने जा रही है. राज्य सरकार ने बिहार में ‘बुद्ध सर्किट’ और ‘रामायण सर्किट’ के बाद अब ‘शिव सर्किट’ विकसित करने का मास्टरप्लान तैयार कर लिया है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. विधानसभा में पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के प्रमुख शिव मंदिरों को बेहतर सड़क और सुविधाओं से जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत बाबा गरीबनाथ मंदिर से लेकर अजगैबीनाथ मंदिर तक की दूरी न सिर्फ आसान होगी, बल्कि श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम और सुविधाजनक बन जाएगी. विधायकों से मांगी जाएगी मंदिरों की सूची राज्य सरकार इस योजना को पूरी तरह समावेशी और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रही है. पथ निर्माण मंत्री ने विधायकों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के उन मंदिरों की जानकारी उपलब्ध कराएं, जहां सावन समेत पूरे वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. इन सुझावों के आधार पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसे बजट और सहयोग के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. सरकार की मंशा ‘शिव सर्किट’ को पहले से विकसित धार्मिक पर्यटन मार्गों की तर्ज पर मजबूत आधार देना है. यदि यह पहल सफल होती है तो राज्य के प्रमुख शिव धामों तक श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है. कई प्रसिद्ध शिव धाम हो सकते हैं शामिल विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान विधायकों ने कई प्रमुख शिव मंदिरों को प्रस्तावित सर्किट में शामिल करने की मांग उठाई. इनमें मुजफ्फरपुर का बाबा गरीबनाथ मंदिर, मधुबनी का उगना महादेव मंदिर, सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर, गुरुआ का बैजूधाम सहित कई प्रसिद्ध शिवालयों का नाम सामने आया. इसके साथ ही पूर्वी चंपारण का सोमेश्वरनाथ मंदिर, लखीसराय का अशोक धाम और मधेपुरा स्थित सिंघेश्वर महादेव मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को भी इस योजना में जोड़ने की बात कही गई. चर्चा के दौरान कांवर यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने और नए कांवर पथ विकसित करने की मांग भी उठी, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बन सके. पर्यटन विभाग का मानना है कि यदि सर्किट आकार लेता है तो बिहार में सालभर धार्मिक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और परिवहन क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा. बेहतर सड़क संपर्क, आधुनिक सुविधाएं और सुनियोजित प्रचार-प्रसार के जरिए राज्य के प्राचीन शिव धाम राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित हो सकते हैं.

बजट में कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा पर CM साय का किया अभिनन्दन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है. उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है और आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा. मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा. प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा, अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट, दीपक सोनकर, प्रवीण सिंह और निशा यादव उपस्थित रहे.

जापान में हाई-स्पीड ट्रेन पर CM योगी का रोमांचक अनुभव, 600 किमी/घंटा की रफ्तार में मुस्कुराहट बनी यादगार

लखनऊ / टोक्यो   सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड मैगलेव ट्रेन का अनुभव योगी आदित्यनाथ के लिए रोमांच भरा रहा. लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी की स्पीड से चलती है. अभी जापान की बुलेट ट्रेन 300 किमी की स्पीड से दौड़ती है. लीनियर मोटर कार 500 की स्पीड से चलती है. अभी की जो जापान की बुलेट ट्रेन है, उसकी स्पीड 300 किलोमीटर प्रतिघंटा है. वहीं यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय बल से चलती है या कहें हवा में 500 की स्पीड में उड़ती है. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस रोमांचक ट्रेन पर सफर तय किया.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान यात्रा के दूसरे दिन यामानाशी प्रांत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया. इस दौरान योगी ने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की तकनीक को समझा. टोक्यो से यामनाशी जाते हुए तुलसी नाम की एक साध्वी तुलसी अपने साथियों से योगी से मिलीं. साध्वी तुलसी ने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं. उनके साथ मौजूद एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करके संस्कृत में मंत्र भी सुनाया. योगी को यह दृश्य देखकर प्रसन्नता हुई और उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद रूप में चॉकलेट दी. सीएम योगी आदित्यनाथ यामानाशी प्रांत पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उनका स्वागत किया. हाथों में भारत-जापान का झंडा पकड़े बच्चों के साथ योगी ने कुछ समय बिताया. इसके अलावा यामानाशी में रहने वाले स्थानीय लोगों ने योगी को एक खास पेंटिंग भी भेंट की. यामानाशी जापान में आधुनिक खेती और तकनीक के लिए जाना जाता है. यहां हाइड्रोजन एनर्जी, रोबोटिक सेंटर और हाई स्पीड ट्रेन का सेंटर है. इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध माउंट फ्यूजी पहाड़ भी आकर्षण का केंद्र है. मैग्लेव ट्रेन का सफर न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीक की झलक भी लेकर आया. जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है, जो इसे पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है. यह ट्रेन पटरियों से ऊपर उठकर चलती है, यानी घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और यही वजह है कि इसकी रफ्तार 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर इस ट्रेन ने अपनी उच्चतम क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री भी प्रभावित नजर आए. वर्तमान में जापान की बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इस गति को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. शिंकानसेन पहले ही दुनिया में तेज और सुरक्षित यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, और अब मैग्लेव इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का भी अवलोकन किया.  मैग्लेव ट्रेन का सफर पूरी तरह से स्मूद और झटकों से मुक्त होता है. ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो. इस अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य की यात्रा बताया. 9 साल के कार्यकाल में सीएम योगी का दूसरा विदेश दौरा जिस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में योगी आदित्यनाथ ने सफर किया, वह पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. यह ट्रेन पटरी को छूती नहीं, बल्कि चुंबकीय तकनीक के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जो उनके नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में उन्होंने म्यांमार का सीमित दौरा किया था. लंबे अंतराल के बाद यह विदेश दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना है.  

हार्दिक की एक्स वाइफ Natasa Stankovic ने समंदर किनारे दिखाया हॉट लुक

मुंबई  नताशा स्टेनकोविक ने अपने करियर की शुरूआत सर्बिया में डांस और मॉडलिंग से की थी. 2012 में वो मुंबई आईं और बॉलीवुड में काम करना शुरू कर दिया.नताशा का फिल्मी करियर उतना शानदार नहीं रहा है, जितनी उम्मीद की जा रही थी. उन्हें असली लाइमलाइट भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पंड्या संग शादी के बाद मिली.  हार्दिक और नताशा की शादी चार साल चली और 2024 में दोनों तलाक लेकर अलग हो गए. नताशा और हार्दिक बेटे अगस्त्य की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं. तलाक के बाद नताशा लाइफ में आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर नई तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वो गोवा में समंदर किनारे चिल करती दिख रही हैं.  वेकेशन फोटोज में नताशा बिकिनी में नजर आ रही हैं, उन्होंने अपनी खूबसूरती और अदाओं से लोगों का दिल जीत लिया. नताशा गोवा में लग्जूरियस लाइफस्टाइल को एंजॉय करती दिखीं. उन्होंने वहां का फूड और मौसम दोनों एंजॉय किया.             एक फोटो में उन्होंने बेडरूम की झलक भी दिखाई, जिसमें वो मिरर सेल्फी लेती नजर आ रही हैं. शॉर्ट ड्रेस में नताशा को खिलखिलाते देखा गया. उनके चेहरे की खुशी बता रही है कि उन्होंने गोवा में क्वालिटी टाइम बिताया है. नताशा को खुश देखकर इनके चाहने वाले भी बेहद खुश नजर आ रहे हैं. 

मुजफ्फरपुर में अपराध रोकने कई थानों के थानाध्यक्ष बदले

मुजफ्फरपुर. अपराध नियंत्रण व विधि व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसके तहत मनियारी, औराई, गायघाट समेत छह थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती की गई है। पूर्व से जमे कई थानाध्यक्षों को क्राइम कंट्रोल में विफलता के लिए हटाया गया है। एसएसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञिप्ति में बताया गया कि कार्यकुशलता, लोकहित एवं रिक्ति के आधार पर इन पुलिस पदाधिकारियों को पुलिस उपमहानिरीक्षक तिरहुत क्षेत्र के अनुमोदन उपरांत पदस्थापित किया गया है। जारी सूची के अनुसार अहियापुर के अपर थानाध्यक्ष दारोगा जितेंद्र महतो को मनियारी थानाध्यक्ष बनाया गया है। औराई थानाध्यक्ष राजा सिंह को गायघाट थानाध्यक्ष। औराई थाना में अनुसंधान इकाई में तैनात दारोगा हेमलता कुमारी को औराई थानाध्यक्ष। काजीमोहम्मदपुर थाना के अनुसंधान इकाई से दारोगा शिवचन्द्र यादव को बरियारपुर थानाध्यक्ष, अनुसंधान इकाई कांटी थाना से दारोगा यशवंत कुमार मिश्रा को बोचहां थानाध्यक्ष, अनुसंधान इकाई मोतीपुर थाना से दारोगा अमिता सिंह को महिला थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा मनियारी थानाध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता को वहां से बदलकर अनुसंधान इकाई साइबर थाना में तैनात किया गया है। बोचहां थानाध्यक्ष श्रीकांत चौरसिया को अनुसंधान इकाई सदर थाना में तैनात किया गया है। बरियारपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार को अनुसंधान इकाई अहियापुर थाना, महिला थानाध्यक्ष सबिता कुमारी को प्रभारी एएचटीयू कोषांग एसएसपी कार्यालय और गायघाट थानाध्यक्ष सरूण कुमार मंडल को अनुसंधान इकाई अहियापुर थाना में तबादला किया गया हैं। 

बैलगाड़ी से निकली बारात ने देसी थीम वाली शादी की ताजा की यादें

समस्तीपुर. शहर की सड़कों पर बुधवार की शाम कुछ अलग ही था। न डीजे की कानफोड़ू आवाज, न रोशनी की चकाचौंध, न लग्जरी गाड़ियों की कतार। अगर कुछ था तो बैलों की सधी हुई चाल, लकड़ी की बैलगाड़ियों की मद्धिम चरमराहट और लोकगीतों की कोमल तान। यह नजारा देख हर राहगीर ठिठक गया, मोबाइल कैमरे निकल आए और एक ही सवाल गूंजने लगा, अब भला बैलगाड़ी से भी कोई बरात जाता है?  आलोक की अनूठी शादी यह अनोखी और पूरी तरह देसी थीम वाली बरात शहर के जाने-माने कारोबारी प्रदीप सेठ के पुत्र आलोक की शादी की थी। गोला रोड स्थित होटल से जब शाम ढलते ही बरात निकली, तो मानो समय कुछ पल के लिए पीछे लौट गया। दूल्हा रथ पर सवार था। सिर पर सेहरा, चेहरे पर सादगी भरी मुस्कान और मन में परंपरा को जीने का संकल्प। उसके पीछे-पीछे 22 सजी-धजी बैलगाड़ियों का कारवां धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था।  बैलगाड़ी की शाही सवारी  इन बैलगाड़ियों पर बैठे बाराती किसी शाही सवारी का आनंद ले रहे थे। कहीं सोफा सेट लगे थे, तो कहीं गद्दों पर बैठकर लोग लोकधुनों के साथ झूम रहे थे। करीब दो किलोमीटर का यह सफर तय कर जब बरात मथुरापुर स्थित गजराज पैलेस पहुंची, तब तक यह केवल एक विवाह जुलूस नहीं रह गई थी, बल्कि चर्चा का विषय बन चुकी थी। इस बारात की खास बात यह थी कि यह पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त थी। न धुएं का गुबार, न शोर-शराबा। सिर्फ उल्लास, अपनापन और प्रकृति के साथ सामंजस्य। बैलगाड़ी के पहियों की आवाज, फूलों की खुशबू और लोकगीतों की तान ने ऐसा दृश्य रचा, जैसे गांव की आत्मा खुद इस विवाह की साक्षी बन गई हो। पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम संयोजक और पशुप्रेमी महेंद्र प्रधान बताते हैं कि इस देसी और पर्यावरण-संवेदनशील आयोजन के लिए आसपास के गांवों से 35 जोड़ी बैलगाड़ियों को बुलाया गया था। सभी को पारंपरिक अंदाज में सजाया गया। कुछ खास मेहमानों के लिए बैलगाड़ियों पर सोफा लगाए गए, जबकि बाकी में गद्दों की व्यवस्था की गई थी। जब यह अनोखी बरात सड़क पर निकली, तो देखने वालों के चेहरे पर हैरानी और मुस्कान एक साथ थी। किसी ने कहा,“यह तो असली शादी है”, तो किसी ने इसे परंपरा और आधुनिक सोच का सुंदर मेल बताया। शोर और दिखावे के इस दौर में यह देसी थीम वाली शादी यह संदेश दे गई कि सादगी, संस्कृति और पर्यावरण के साथ भी उत्सव उतना ही भव्य हो सकता है। वहीं दूल्हा आलोक ने कहा कि कुछ अलग करने की चाहत थी, लेकिन उसका यह स्वरूप होगा, सोचा नहीं था।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर रहंगी में सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा, तैयारियां जारी

रहंगी में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां तेज, कलेक्टर-एसएसपी ने किया स्थल निरीक्षण   बिलासपुर बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी में 28 फरवरी को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रहंगी के खेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को धान खरीदी के अंतर की प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों के करोड़ों रुपए के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन भी किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य सभामंच, सांस्कृतिक मंच, विभागीय स्टॉल, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, पार्किंग, हेलीपैड एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थल चिन्हांकित करते हुए सभी तैयारियां समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। खेल मैदान के समीप ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का भी अवलोकन कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने की रूपरेखा तय की। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संभावित जनसमूह को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण एवं प्रवेश-निकास व्यवस्था की विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है।

हरियाणा के 13 हजार किसानों को 6 महीने में मिल जाएंगे ट्यूबवेल कनेक्शन

चंडीगढ़. हरियाणा में 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें से 13 हजार 360 किसान पूरा शुल्क जमा करा चुके हैं, जिन्हें अगले छह महीने में ट्यूबवेल कनेक्शन मिल जाएंगे। मुलाना की कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी के अतारांकित सवाल के जवाब में ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से यह जानकारी सदन पटल पर रखी गई है। पूजा चौधरी ने जानकारी मांगी थी कि राज्य में गत 10 वर्षों के दौरान ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शनों के लिए प्राप्त आवेदनों की वर्षवार संख्या कितनी है। इस दौरान कितने ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन दिए गए और 31 जनवरी 2026 तक लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन की संख्या कितनी है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से दिए जवाब में बताया गया कि 31 दिसंबर 2023 तक अप्लाई किए गए आवेदनों के लिए मांग नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 31 जनवरी 2026 तक पूरी लागत जमा करा चुके उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 4241 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 9119 किसानों को छह महीने में बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। 10 बीएचपी तक आवेदन करने वालों को आफ-ग्रिड सोलर पंप दिए जा रहे हैं। इसके अलावा एक जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच आवेदन करने वाले 43 हजार 527 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 16 हजार 323 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 27 हजार 204 किसान शामिल हैं। इन्हें मांग नोटिस जारी करने का निर्णय सही समय पर लिया जाएगा।