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योगी सरकार ने होली से पहले यूपी के छात्रों को दिया तोहफा, 38 लाख स्टूडेंट्स को मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में होली से पहले प्रदेश के छात्रों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात का ऐलान किया गया है. जिसमें कक्षा 9 और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि करने का फैसला लिया है. इस निर्णय से खास तौर पर पिछड़ा वर्ग के लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा. सरकार के नए आदेश के अनुसार अब पिछड़ा वर्ग के छात्रों को तीन हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. पहले की तुलना में यह राशि बढ़ाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहारा मिलेगा. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर रखना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है. छात्र हित में लिया गया फैसला प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस फैसले का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे. छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी. 38 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 38 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित होंगे. इससे न सिर्फ छात्रों को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी आर्थिक बोझ कम होगा. होली से पहले आई इस घोषणा को सरकार की ओर से छात्रों के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है. शिक्षा के क्षेत्र में यह फैसला प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है, जिसमें युवाओं के भविष्य को मजबूत करना प्रमुख लक्ष्य है. पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए यह कदम बड़ा बताया जा रहा है.सरकार जनहित के फैसले लगातार ले रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिल सके.

‘रामायण सर्किट’ के तहत जबलपुर-गोंदिया रेल प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, नक्सल मुक्त क्षेत्र को 5,236 करोड़ की सौगात

जबलपुर मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम मोदी सरकार ने गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को सीधा लाभ मिलेगा। नक्सल प्रभावित बालाघाट के रेल परियोजना से जुड़ने से विकास के नए द्वार खुलेंगे। सीएम मोहन यादव ने केंद्र सरकार व मोदी कैबिनेट द्वारा  गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति देने की जानकारी साझा करते हुए खुशी जताई है। उन्होंने एक्स पर जानकारी देते हुए पीएम और रेल मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण परियोजना को आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने इस निर्णय को प्रदेश के लिए 'बड़ी सौगात' बताया है। सेवातीर्थ में पहली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बता दें कि सेवातीर्थ में केन्द्र सरकार की पहली केबिनेट बैठक में आयोजित हुई। इसमें गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है। इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा। केंद्र ने इस रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। जाहिर है इस परियोजना के पूरे होने के बाद एमपी के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नक्सल मुक्त बालाघाट को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि नक्सल समस्या से मुक्त हो चुके बालाघाट जिले के लिए यह परियोजना जीवनदायिनी साबित होगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यहां न केवल व्यापार और व्यवसाय बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज, मेजर और माईनर ब्रिज बनेंगे करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रुपए से 5 साल में पूरा होगा। जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा। वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रुपए की लागत से अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे। साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे। परियोजना में एमपी को क्या-क्या मिलेगा, एक नजर     रामायण सर्किट में नार्थ से साउथ तक का कॉरीडोर बनेगा है     परियोजना की कुल लागत 5,236 करोड़ रुपए     रेल दोहरीकरण में लगभग 231 किलोमीटर लम्बाई पर काम होगा     परियोजनाओं को 5 वर्ष में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया     एमपी के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को मिलेगा लाभ     450 करोड़ रुपए की लागत से अंडरपास और फेसिंग में खर्च

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर नया बदलाव, लाखों वाहन मालिकों को मिलेगा फायदा

भोपाल  वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के बाद यदि आपका वाहन किसी मध्य प्रदेशसे दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता है, तो अब उसे ट्रेस करना आसान होगा। परिवहन विभाग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल को अपडेट किया है। इससे इंटर स्टेट व्हीकल ट्रांसफर की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है। HSRP का यूनिक लेजर कोड राष्ट्रीय स्तर पर रहेगा लिंक HSRP में लागू यूनिक लेजर कोड और डिजिटल डेटाबेस अब राष्ट्रीय स्तर पर लिंक रहेगा। इससे वाहन की मूल जानकारी का वितरण जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, मालिक का विवरण, दूसरे राज्यों में भी सत्यापित किया जा सकेगा। इससे चोरी, फर्जी नंबर प्लेट और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं पर भी लगाम कसेगी। 1500 से ज्यादा शिकायतों की सुनवाई, 1388 का निराकरण परिवहन विभाग में सीएम हेल्पलाइन सहित ड्राइविंग लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाण पत्र, गाड़ी ट्रांसफर, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसी 1500 से ज्यादा शिकायतों पर मंगलवार को प्रदेश स्तरीय सुनवाई हुई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन सहित अन्य क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में 1388 मामले मौके पर ही निराकृत किए गए। टोकन देकर बारी-बारी से सुनवाई परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देश पर जनसुनवाई में विभाग से जुड़े लंबित कार्यों की सूची बनाकर आवेदकों को बुलाया गया। सभी को टोकन नंबर देकर बारी-बारी से इनके प्रकरण की सुनवाई की गई। वाहन मालिकों को बड़ी राहत परिवहन विभाग का मानना है कि पोर्टल अपडेट होने से वाहन ट्रांसफर होने की प्रक्रिया तेज होगी। बिचौलियों की भूमिका घटेगी। वहीं वाहन मालिकों को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 

नमो भारत कॉरिडोर से दिल्ली से पानीपत-करनाल 1 घंटे में, 12 स्टेशन बनेंगे सराय काले खां से हरियाणा तक

दिल्ली/पानीपत दिल्ली-NCR में हाईस्पीड कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ने वाला है। सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत कॉरिडोर के लगभग तैयार होने के बाद अब फोकस दो नए बड़े रूट पर है। इसमें दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-एसएनबी-अलवर रूट शामिल हैं। इनमें से दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को राजधानी और हरियाणा के बीच गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। सराय काले खां से करनाल तक दौड़ेगी नमो भारत यह रैपिड रेल कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर हरियाणा के करनाल (मधुबन बाईपास) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 136.3 किलोमीटर प्रस्तावित है। इस रूट का ट्रैक नेशनल हाईवे-44 के समानांतर बिछाया जाएगा। दिल्ली में बनेंगे 5 स्टेशन इस कॉरिडोर में दिल्ली में 5 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, मुकुंदपुर, नरेला शामिल हैं। हरियाणा में 7 स्टेशन इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा में 7 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें कुंडली, सोनीपत, मुरथल,गन्नौर, समालखा, पानीपत, करनाल (मधुबन-करनाल बाईपास)। इस कॉरिडोर पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। फंडिंग में केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक और जापान की वित्तीय संस्थाओं की भागीदारी संभव है। आधे से भी कम समय में पूरा होगा अभी दिल्ली से करनाल पहुंचने में सड़क मार्ग से साढ़े तीन से चार घंटे तक लग जाते हैं। ट्रैफिक की वजह से पानीपत का सफर भी ढाई घंटे तक खिंच जाता है। लेकिन नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से करनाल मात्र करीब 90 मिनट में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा दिल्ली से पानीपत लगभग 60 मिनट में पहुंच सकेंगे। प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, अब काम की तैयारी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने नवंबर 2025 में दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए फंड को हरी झंडी दी थी। प्रोजेक्ट को लागू करने वाली एजेंसी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने नरेला से सोनीपत के बीच बिजली लाइनों और अन्य अवरोधों को हटाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। ऐसे संकेत हैं कि जून-जुलाई 2026 से काम शुरू हो सकता है। रूट और स्टेशन पर खींचतान शुरुआत में कॉरिडोर कश्मीरी गेट से प्रस्तावित था, बाद में इसे सराय काले खां तक बढ़ाया गया। नरेला और कुंडली के पास स्टेशन लोकेशन को लेकर कई बार सर्वे में बदलाव करना पड़ा। लागत साझा करने को लेकर केंद्र और हरियाणा के बीच विस्तृत मंथन चला। पहले दिल्ली सरकार की ओर से वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर स्पष्टता नहीं थी, जिससे प्रक्रिया धीमी रही। नेशनल हाईवे-44 का विस्तार कॉरिडोर नेशनल हाईवे-44 के साथ-साथ विकसित होना है। इसी दौरान हाईवे को 8 से 12 लेन तक चौड़ा करने का काम चल रहा था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनसीआरटीसी के बीच समन्वय के बाद अब स्थिति स्पष्ट हुई है। इस हाईवे का बड़ा हिस्सा तैयार होने से रैपिड रेल के पिलर खड़े करना आसान होगा।

अर्चना चिटनिस की पहल से भोपाल-भुसावल के बीच नई ट्रेन के लिए रास्ता हुआ साफ, विस में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

बुराहनपुर  बुराहनपुर क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अर्चना चिटनिस की पहल पर भोपाल से भुसावल के मध्य नई ट्रेन अथवा मेमू रेल सेवा प्रारंभ करने का अशासकीय संकल्प विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया है। अब यह प्रस्ताव भारत सरकार के रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा, जिससे बहुप्रतीक्षित रेल सुविधा को मूर्त रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठ गया है। आम यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया सदन में प्रस्ताव रखते हुए चिटनिस ने कहा कि भोपाल और भुसावल के बीच लंबी दूरी की ट्रेनें तो संचालित हैं, लेकिन सामान्य श्रेणी के डिब्बों की कमी और बिना आरक्षण यात्रा की मजबूरी के कारण आम नागरिक, विद्यार्थी, मरीज और दैनिक यात्री भारी कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, खंडवा, टिमरनी, खिड़किया और इटारसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाली सुगम रेल सेवा समय की आवश्यकता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई सेवा शुरू करना अब अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। ऐतिहासिक संदर्भ भी दिया अर्चना चिटनिस ने सदन को बताया कि वर्ष 1975 से 1980 के बीच इस मार्ग पर ट्रेन संचालित होती थी, जिसे उस समय यात्रियों की कमी के कारण बंद कर दिया गया था। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, जिससे इस रूट पर नियमित रेल सेवा की मांग लगातार तेज हो रही है। व्यावहारिक समाधान का सुझाव उन्होंने व्यावहारिक विकल्प भी सुझाया। यदि नई ट्रेन स्वीकृत करना संभव न हो, तो वर्तमान में चल रही ट्रेन संख्या 11115/11116 को भोपाल तक विस्तारित किया जाए। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन इटारसी स्टेशन पर लगभग 17 घंटे तक खड़ी रहती है, जबकि उसी समय में वह भोपाल जाकर वापस लौट सकती है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और यात्रियों को सुविधाजनक समय-सारणी मिल सकेगी। ग्रामीण अंचल और व्यापार को मिलेगा लाभ प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि नई रेल सेवा से मार्ग के छोटे स्टेशनों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया। अंततः सदन ने सर्वसम्मति से संकल्प पारित कर केंद्र सरकार से नई रेल सेवा प्रारंभ करने का अनुरोध किया।

जायका टीम ने भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन और महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया

जायका टीम ने किया भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन सब स्‍टेशन बनने से हुए लाभ के संबंध में स्‍थानीय व्‍यापारियों से किया वार्तालाप भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण के लिये मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल में हुए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण कर उनका सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया गया। जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। महावड़िया सब स्टेशन एवं लाइन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन महावड़िया तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी महावड़िया-मुगलियाछाप डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण कर सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सब स्‍टेशन के संचालन-संधारण की जानकारी प्राप्‍त जायका टीम ने सब स्‍टेशन के संचालन एवं संधारण कार्यों की जानकारी, पदस्थ कर्मचारियों की योग्‍यता और उनके दैनिक कार्यों का विवरण, आपातकालीन स्थिति से निपटने की कार्ययोजना तथा सब स्‍टेशन से पर्यावरण को होने वाले वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण के संबंध में भी जानकारी ली। निरीक्षण उपरांत जायका टीम ने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए व्‍यापारियों से की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित महावड़िया सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ जायका टीम ने सब स्‍टेशन के नजदीक स्थित व्‍यापारियों के प्रतिष्‍ठानों में जाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। व्‍यापारियों ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे व्‍यापार के संचालन करने में अब उन्‍हे आसानी हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उपभोक्ताओं ने बताये फायदे जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने भोपाल स्थित महावडिया सब स्टेशन के मूल्‍यांकन एवं निरीक्षण के दौरान सबस्‍टेशन के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में हुए बदलावों की जानकारी ली गई। सबस्‍टेशन के सामने स्थित डेयरी के संचालक श्री दिनेश यादव (यादव डेयरी) ने बताया कि सन् 2021 के पूर्व में बिजली सप्लाई मंडीदीप सबस्‍टेशन से आती थी, जिसमें लाइन की लंबाई अधिक होने से अनेक बार ट्रिपिंग एवं वोल्‍टेज में उतार –चढाव (फ्लक्चुएशन) की समस्या रहती थी। अब सबस्‍टेशन बनने से यह समस्या पूर्णतः समाप्त हो गई है। उन्हें अपनी दुकान पर फ्रिज एवं रेफ्रिजरेटर चलाने में कोई कठिनाई नहीं होती, जिससे दूध, दही आदि सामग्री अधिक समय तक सुरक्षित रहती है। इससे दुकान की आय में वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, श्री बाबूलाल विश्वकर्मा (विश्वकर्मा वेल्डिंग) ने बताया कि पहले बिजली कटौती एवं लाइन फॉल्ट के कारण वेल्डिंग कार्य रुक जाता था, जिससे कार्य अवधि कम रहती थी। अब सतत एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा उच्च वोल्टेज के कारण उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। अब वह अपने ग्राहकों काम समय पर करके देने में सफल हो रहे है। स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से पहले लंबे समय तक विद्युत व्यवधान बना रहता था, जो अब न्यूनतम हो चुका है। इससे क्षेत्र में घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों को स्थिरता एवं गति मिली है।  

4 लाख 42 हजार से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए समर्थन मूल्य पर पंजीयन कराया

4 लाख 42 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन 7 मार्च तक होगा पंजीयन भोपाल खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 54 हजार 587, उज्जैन में एक लाख 48 हजार 905, ग्वालियर में 9695, चम्बल में 4692, जबलपुर में 39 हजार 885, नर्मदापुरम में 34 हजार 181, भोपाल में एक लाख 9 हजार 134, रीवा में 13 हजार 260, शहडोल में 2551 और सागर में 25 हजार 398 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क,  लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। 

भोपाल में धर्मांतरण का काला सच: लड़कियों से बार-बार दुष्कर्म, अहमदाबाद-मुंबई कनेक्शन और ‘जन्नत’ का हाथ

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘द केरल स्टोरी’ जैसे एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। आरोप है कि इस रैकेट में दो मुस्लिम बहनें शामिल हैं, जो हिंदू युवतियों को फंसाने के लिए कभी सहेली बन जाती हैं तो कभी ननद और भाभी की भूमिका में आ जाती हैं। दोनों ने प्रेमी के साथ मिलकर कई हिंदू युवतियों का शारीरिक शोषण करवाया है। इस रैकेट के संपर्क में कई हिंदू युवतियों के होने और इनके मोबाइल में कई संदिग्ध वाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनमें कई युवतियों की फोटो है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह युवतियों को नौकरी और हाईप्रोफाइल लाइफ स्टाइल के नाम पर अपने झांसे में लेकर देह व्यापार में धकेलता होगा।  पुलिस ने रैकेट की मास्टरमाइंड अमरीन उर्फ माहिरा, उसके मुस्लिम प्रेमी चंदन यादव और कथित बहन आफरीन को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। पुलिस इस गिरोह में शामिल तीन अन्य आरोपी बिलाल, यासिर और चानू की तलाश कर रही है। फिलहाल दो युवतियों ने एक साथ मामला दर्ज कराया है, जो मूलतः छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। इस गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद कुछ और युवतियों के सामने आकर शिकायत दर्ज कराए जाने की संभावना हैं।   आरोप है कि यह गिरोह गरीब घर की हिंदू युवतियों को निशाना बनाकर उनसे दोस्ती करता था और नौकरी के नाम पर अपने चंगुल में लेकर हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का खर्च उठाता था। गरीब घर की युवतियों को जैसे ही हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का शौक लग जाता, रैकेट उन्हें पब और पार्टियों में ले जाकर बड़े घर के रईसजादों के साथ शारीरिक संबंध बनाने यानी देह व्यापार करने के लिए मजबूर करता था। यह रैकेट कई युवतियों को मुंबई और अहमदाबाद तक सप्लाई कर चुका है।  हिंदू नाम रखकर युवतियों को फंसाते थे बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि तीन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल भी जब्त कर जांच में लिए गए हैं, कुछ और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्दी ही कुछ और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   पीड़िताओं ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि रैकेट की मास्टरमाइंड अमरीन उर्फ माहिरा का लिव-इन पार्टनर चंदन यादव भी धर्म बदलकर मुस्लिम बन चुका है। उसने हिंदू युवतियों पर विश्वास कायम करने के लिए हिंदू नाम रखा हुआ है।   ब्यूटीशियन को किस तरह फंसाया गया देहव्यापार व धर्मांतरण के दलदल में पहली पीड़िता छत्तीसगढ़ के मुंगेली क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय ब्यूटीशियन है। 31 दिसंबर 2024 को शाहपुरा स्थित एक होटल में दोस्त की बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात आफरीन नाम की युवती से एक हिंदू युवती ने कराई थी। ब्यूटीशियन की उक्त सहेली ने हिंदू युवतियों को मुस्लिम युवक और युवतियों द्वारा बहुत सम्मान और प्यार दिए जाने का झांसा देकर आफरीन से दोस्ती करने को कहा था। जबकि ब्यूटीशियन की उक्त हिंदू युवती खुद धर्म परिवर्तन कर ‘जन्नत’ बन चुकी है और वर्तमान में अमरीन के मुंहबोले भाई की पत्नी बनकर रह रही है। जनवरी 2025 में ब्यूटीशियन और आफरीन सरगना अमरीन उर्फ माहिरा के साथ एक साथ रहने लगीं।  पहली पीड़िता से किसने और कहां-कहां किया दुष्कर्म ब्यूटीशियन के साथ पहली बार चंदन ने अगस्त 2025 में अपनी बहन के नारायण नगर स्थित घर पर दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर 2025 में अमरीन गांधी नगर क्षेत्र स्थित अब्बास नगर में अपने माता-पिता के घर में ले गई, जहां उसके भाई बिलाल ने नशीला पेय पिलाकर दुष्कर्म किया।  दिसंबर 2025 में अमरीन ने ब्यूटीशियन को निजी काम का हवाला देकर अहमदाबाद ले गई। वहां यासिर नामक युवक ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता जनवरी 2026 में भोपाल छोड़कर रायपुर में अपने मामा के यहां रहने चली गई। अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच चंदन ने ब्यूटीशियन से अमरीन के सागर रॉयल विला स्थित मकान व अन्य स्थानों पर कई बार भोपाल में दुष्कर्म किया है।  दूसरी पीड़िता को अपने घर में रखकर देह व्यापार में धकेला रैकेट की सरगना आमरीन से वर्ष 2024 में दीपावली के समय 35 वर्षीय महिला की एक मॉल में मुलाकात हुई। उक्त महिला अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ भोपाल के अशोका गार्डन में रहती थी। पति से तलाक हो चुका है। वह मूलतः छत्तीसगड़ की रहने वाली है। अमरीन ने उक्त महिला को पहले अपने घर में दो माह तक काम पर रखा। इसके बाद होशंगाबाद रोड स्थित सागर रॉयल विला स्थित डुप्लेक्स में रख लिया। इसके बाद उससे चंदन ने दुष्कर्म किया। फिर यासिर और चानू नाम के व्यक्ति अमरीन से मिलने आते और उक्त महिला से दुष्कर्म करते थे। बाद में उसे दूसरे युवकों से संबंध बनाने के लिए भोपाल में भेजा जाने लगा तो वह काम छोड़कर बच्चों के साथ वापस छत्तीसगढ़ चली गई।   तीन आरोपी पकड़े गए, बाकी चल रहे फरार इस मामले में अब तक रैकेट की मास्टरमाइंड अमरीन उर्फ माहिरा, उसकी कभी सहेली तो कभी बहन बताने वाली आफरीन और अमरीन का लिव-इन पार्टनर चंदन यादव गिरफ्तार किए गए हैं। तीनों बागसेवनिया पुलिस की रिमांड पर हैं। अमरीन का भाई बिलाल, मुंहबोला भाई चानू और अहमदाबाद निवासी यासिर फरार हैं। दूसरी पीड़िता से एक-दो अन्य युवकों ने दुष्कर्म किया, उनके नामों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने दो पीड़िताओं की शिकायत पर अब तक छह आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है।  

MP में 2 मार्च से निजी बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 1.5 लाख यात्रियों को होगा असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में नई परिवहन नीति के खिलाफ निजी बस संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। बस ऑपरेटरों ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यह हड़ताल होली के त्यौहार से ठीक दो दिन पहले शुरू होने वाली है, जिससे प्रदेशभर में यात्रियों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। बस एसोसिएशन का विरोध सरकार की नई परिवहन नीति को लेकर है। उन्होंने परमिट प्रक्रिया पर सवाल उठाए है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि रूट आवंटन और रिन्यूअल की प्रक्रिया को जटिल और महंगा बनाया गया है।  डीजल की बढ़ती कीमतों के बावजूद किराए में संशोधन का कोई लचीला प्रावधान नहीं है। परमिट नियमों के उल्लंघन पर भारी आर्थिक दंड और परमिट निरस्त करने के सख्त नियम बनाए गए है। ऑपरेटरों का आरोप है कि सरकारी और नगर परिवहन को प्राथमिकता देकर निजी बसों के रूट सीमित किए जा रहे हैं।  बता दें प्रदेश में वर्तमान में लगभग 28,000 बसें संचालित होती हैं, जिनमें ऑल इंडिया परमिट और स्टेज कैरिज बसें शामिल हैं। यदि यह हड़ताल होती है, तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। रोजाना सफर करने वाले करीब 1.5 लाख यात्रियों का आवागमन बाधित होगा। इससे ड्राइवरों, कंडक्टरों, मैकेनिकों और बुकिंग एजेंटों सहित हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। होली के कारण ट्रेनों में पहले से ही भारी वेटिंग है। ऐसे में बसों का बंद होना यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। फिलहाल, परिवहन विभाग की ओर से इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बस संचालकों ने भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित कई जिलों में आरटीओ को ज्ञापन सौंपना शुरू कर दिया है।  सरकार प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है सम्मेलन में बस संचालकों ने एकमत होकर कहा कि जब सरकार की अपनी बसें ही नहीं है तो यह सेवा सरकारी कैसे हुई? सरकार प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है। पहले ही जनता का पैसा सरकार सूत्र सेवा बसों के रूप में बर्बाद कर चुकी है। अब फिर से द्वेष और दुर्भावना से जनता और ऑपरेटरों को धोखे में रख निजी कंपनियों को फायदा देने के मकसद से बसों से स्थायी परमिटों पर संचालन कर रहे। बस ऑपरेटर के परमिट सरकार छीनना चाहती है और बस ऑपरेटरों को बेरोजगार करना चाहती है। आंदोलन की चेतावनी हड़ताल की रणनीति तय करने के लिए सागर में संगठन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें रायसेन समेत कई जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सरकार से नीति पर पुनर्विचार की मांग की गई और चेतावनी दी गई कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है तो प्रदेश में दैनिक यात्रियों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ सकता है। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे, 2 मार्च से करेंगे हड़ताल सरकार का अड़ियल रवैया देख बस ऑपरेटरों में गहरा रोष है। जिसको लेकर बस ऑपरेटरों ने निर्णय लिया है कि वे अगले एक से दो दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखेंगे। मांगें नहीं मानी गई तो 2 मार्च से प्रदेश के सभी बस ऑपरेटर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इसके लिए शासन जिम्मेदार होगा। बैठक में प्रदेश की सभी यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया है। क्या है 'मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा योजना'? सरकार अप्रैल 2026 से इस योजना को शुरू करने का लक्ष्य रख रही है। इसके तहत लगभग दो दशक बाद परिवहन सेवा को फिर से सरकारी नियंत्रण में लाने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच किफायती, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। खासकर उन ग्रामीण रूटों पर जहां अभी निजी बसों की कमी है या कनेक्टिविटी खराब है। सरकार खुद बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर काम करेगी। बसों की निगरानी सरकार करेगी, ट्रैकिंग के लिए बनेगा ऐप योजना के तहत बसें निजी ऑपरेटर्स की होंगी, लेकिन उनका नियंत्रण और निगरानी सरकार के पास होगी। बसों की ट्रैकिंग, ई-टिकटिंग और टाइम-टेबल के लिए एक मोबाइल एप और डैशबोर्ड बनाया जाएगा। इस सम्मेलन के दौरान मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन, बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष संतोष पांडेय, खंडवा जिले से प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनील आर्य, जिला अध्यक्ष राजीव शर्मा, सिमरन चावला, रूपल आजमानी और सुरेश राउत समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बस ऑपरेटर मौजूद थे। अनुबंध व्यवस्था लागू न की जाए बस ऑपरेटर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष कुशल मिश्रा ने प्रदेश सरकार द्वारा जो नई नीति लाई गई है, जिसके तहत प्राइवेट बस वालों से अनुबंध कराया जाएगा. उसी विषय पर आज हमारी पत्रकार वार्ता थी. हमारी 22 तारीख को सागर जिले में यूनियन की बैठक हुई थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि आगामी 2 मार्च से प्रदेश में बसों की हड़ताल होगी, क्योंकि कोई भी प्राइवेट बस संचालक अनुबंध नहीं करना चाहता है. हमारी मांग यही है कि यह अनुबंध व्यवस्था लागू न की जाए. यदि सरकार को गाड़ियां चलानी हैं, तो वह अपनी खुद की गाड़ियां चलाए, अपने मार्ग स्वयं तय करे और कंप्यूटर प्रणाली से संचालन करे. इसमें प्राइवेट बस संचालकों को क्यों शामिल किया जा रहा है.

MotoGP India: यूपी सरकार ने मोटोजीपी रेसिंग के लिए किया करार, फिर होगी रफ्तार की रोमांचक जंग

नई दिल्ली    उत्तर प्रदेश में मोटरसाइकिल रेसिंग और मोटरस्पोर्ट के शौकीनों के लिए बड़ी ख़बर है. राज्य में अब एक बार फिर से इंटरनेशनल लेवल की रेसिंग देखने को मिल सकती है. ख़बर है कि, प्रीमियम ऑटोमोटिव और मोटरस्पोर्ट कंसल्टेंसी कंपनी AVW Global ने  स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के साथ एक अहम MoU साइन किया है. इस समझौते का मकसद उत्तर प्रदेश में ग्लोबल लेवल मोटरसाइकिल रेसिंग इकोसिस्टम तैयार करना है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस रणनीतिक समझौते के तहत एबीडब्ल्यू ग्लोबल उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर बड़े अंतरराष्ट्रीय रेसिंग टूर्नामेंट आयोजित कराने में सहयोग करेगी. इनमें दुनिया की मशहूर चैम्पियनशिप मोटोजीपी, एशिया रोड रेसिंग चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं. इसका मतलब एक बार फिर से नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर पावरफुल मोटरसाइकिलों की रेस आयोजित हो सकती है. स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि एवीडब्ल्यू ग्लोबल की मदद से उत्तर प्रदेश मोटरसाइकिल रेसिंग को प्रोफेशनल तरीके से फिर से भारत में लाने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य और देश के लाखों फैंस दोबारा ट्रैक पर इन शानदार बाइक्स को दौड़ते देखना चाहते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार मोटरस्पोर्ट और युवाओं के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना चाहती है. उन्होंने भरोसा जताया कि हाई स्पीड रेसिंग बहुत जल्द राज्य में शुरू होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) जैसी ग्लोबल रेसिंग फेसिलिटी का पूरा उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा इस सर्किट के आसपास एक बेहतर और सस्टेनेबल इकोसिस्टम भी तैयार किया जाएगा. ताकि भविष्य में भी इस तरह के बड़े मोटरस्पोर्ट इवेंट का आयोजन आसानी से किया जा सके. टू व्हील्स मोटर रेसिंग के प्रमोशंस डायरेक्टर रॉन हॉग ने कहा कि भारत जैसे बड़े बाजार में एवीडब्ल्यू ग्लोबल के जरिए प्रतिनिधित्व करना खुशी की बात है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जुलाई-अगस्त 2026 तक भारत में रेसिंग आयोजित की जा सकती है. वहीं एवीडब्ल्यू ग्लोबल के फाउंडर Karel Abraham ने कहा कि उन्होंने खुद MotoGP में रेसिंग की है और ग्लोबल लेवल की सर्किट चलाने का अनुभव भी उनके पास है.  उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोटरसाइकिल बाजार है और यहां वर्ल्ड लेवल रेसिंग होनी चाहिए. उनकी कंपनी पूरे प्रोफेशनल तरीके से फैंस को ध्यान में रखते हुए इस टार्गेट को पूरा करेगी. बयान में कहा गया है कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश सरकार और अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट एक्सपर्ट के बीच एक साझा प्रयास है. इसका मकसद राज्य में स्पोर्ट को बेहतर ढंग से तैयार करना है.   भारत में MotoGP का इतिहास भारत में MotoGP की एंट्री बड़े जोरशोर के साथ हुई थी. इसके कमर्शियल राइट्स होल्डर डोर्ना स्पोर्ट्स ने शुरुआत में नोएडा की कंपनी फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट के साथ 7 साल का समझौता किया था. मकसद साफ था, भारत को रेसिंग की दुनिया में एक बड़ी पहचान दिलाना. साल 2023 में पहली रेस हुई, दुनिया भर से आए मोटोजीपी रेसर्स ने इस भव्य आयोजन में हिस्सा लिया. लेकिन आयोजन के दौरान कई ऑपरेशनल दिक्कतें सामने आईं. तेज गर्मी ने भी रेस को प्रभावित किया. हालांकि ग्रेटर नोएडा का बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट  राइडर्स को काफी पसंद आया. कई राइडर्स ने ट्रैक की तारीफ की और इसे इंटरनेशनल लेवल का बताया. साल 2024 का इंडियन ग्रां प्री बाद में रद्द कर दिया गया और इसे 2025 तक के लिए टाल दिया गया. आधिकारिक वजह “वेदर कंडिशन” बताई गई. लेकिन उस समय आई खबरों में कहा गया कि प्रमोटर फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स ने डोर्ना स्पोर्ट्स को पूरी होस्टिंग फीस समय पर नहीं दी थी. हालांकि फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स  ने इन दावों को खारिज किया. कंपनी का कहना था कि डोर्ना स्पोर्ट्स को पहले से जानकारी थी कि आम चुनाव की वजह से पेमेंट में देरी हो सकती है. सरकार की सीधी एंट्री इसके कुछ ही हफ्तों बाद डोर्ना स्पोर्ट्स ने सीधे उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 3 साल का नया समझौता कर लिया. इस फैसले के बाद फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स इस पूरी व्यवस्था से बाहर हो गई. अगस्त 2024 में राज्य सरकार ने नए रेस प्रमोटर की तलाश के लिए टेंडर जारी किया. लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया और सितंबर 2024 में दोबारा जारी किया गया. अब सबकी नजर इस बात पर है कि नए अरेंजमेंट के साथ भारत में मोटोजीपी कितनी मजबूती से वापसी करता है.