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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बड़ा सड़क हादसा, पिकअप पलटने से चार की मौत

रायगढ़  सगाई कार्यक्रम से लौटने के दौरान ग्रामीणों से भरी पिकअप वाहन के खाई में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई वहीं 10 से अधिक लोग गंभीर हो गए। गंभीर रुप से घायल लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खरसिया विकासखंड के छाल थाना क्षेत्र के बंगुरसुता गांव से बड़ी संख्या में राठिया परिवार के लोग बुधवार की रात एक पिकअप में सवार होकर कापू थाना क्षेत्र के गोसाईपोड़ी निवासी रणविजय सिंह राठिया के घर आयोजित सगाई कार्यक्रम में गए थे। यहां सगाई समारोह के बाद परिवारिक के 40 लोग व रिश्तदार पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 12 एपी 7405 में लौट रहे थे। रात लगभग दस बजे के करीब धरमजयगढ़ कापू मार्ग पर मड़वाताल घाट में पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। चालक के वाहन से नियंत्रण खो देने के कारण वाहन खाई में गिरकर पलट गई। इससे लोगों में चीख पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हादसे की सूचना घायलों ने पुलिस-प्रशासन तथा डायल 112 को दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने तक दो लोगों की मौत हो गई थी। आनन- फानन में पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को धरमजयगढ़ अस्पताल पहुंचाया। यहां नीरज राठिया, देवेंद्र, बालसिंह, रामकुमार, गाढ़ाराम राठिया, विपल राम राठिया, राशीराम राठिया, सुमेंद्र राठिया, विजय राठिया सहित 20 अन्य घायलों का उपचार किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल सुरेन्द्र तथा देवेंद्र को पहले रायगढ़ मेडिकल कालेज फिर रायपुर रिफर किया गया। हादसे में मृत कलाराम राठिया पिता वृज राम (60), छतरसिंह राठिया पिता सिदार सिंह (60) का धरमजयगढ़ में पोस्टमार्टम कराया गया। इजबल सिंह राठिया पिता उदय बैगा (45) नीरज सिंह राठिया पिता प्रभन सिंह (65) की रायगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई।  

पीटरबरो सिटी काउंसिल का फैसला विवादों में, हिंदू मंदिर सौदे पर उठा आक्रोश

लंदन पूर्वी ब्रिटेन के पीटरबरो शहर में एक परिसर में मौजूद 40 साल पुराने हिंदू मंदिर और कम्युनिटी सेंटर के बंद होने का डर है, क्योंकि स्थानीय प्राधिकारियों ने इस भवन को बेचने के फैसले को सही ठहराया है जो मंदिर के लिए किराये पर दिया गया है। भारत हिंदू समाज मंदिर की स्थापना 1986 में शहर के न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स में हुई थी और कैम्ब्रिजशायर, नॉरफॉक तथा लिंकनशायर के बड़े इलाके के 13,000 से अधिक हिंदू यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर प्रशासन पीटरबरो सिटी काउंसिल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए अभियान चला रहा है। इस महीने की शुरुआत में काउंसिल कैबिनेट की बैठक में यह कहा गया कि "संपत्ति की बिक्री से करदाताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ मूल्य दिलाने की उसकी कानूनी जिम्मेदारी" है। वहीं, मंदिर ने एक बयान में कहा, "हम भारत हिंदू समाज से जुड़े भवन की बिक्री की कड़ी निंदा करते हैं। समुदाय द्वारा बनाई गई संस्था को बंद दरवाजों के पीछे बिना पारदर्शिता या सहमति के नहीं बेचा जाना चाहिए।" इसमें कहा गया, ''यह सिर्फ संपत्ति के बारे में नहीं है, बल्कि विरासत, भरोसे और जवाबदेही के बारे में है। समुदाय जवाब पाने का हक रखता है, गोपनीयता का नहीं। इस फैसले पर सवाल उठाए जाने चाहिए और इसका विरोध किया जाना चाहिए।'' हिंदू काउंसिल यूके, जो ब्रिटिश हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख संस्था है, ने लेबर पार्टी के नेतृत्व वाली पीटरबरो सिटी काउंसिल (पीसीसी) के नए प्रशासन पर मंदिर के ''सामाजिक प्रभाव मूल्य'' को पूर्व में मानने और भारत हिंदू समाज को इसका स्वामित्व हस्तांतरित करने की प्रतिबद्धता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।  

रनों की आंधी में उड़ा विपक्ष, भारत का 256/4

चैनई  भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टी20 मुकाबले में विस्फोटक प्रदर्शन किया और निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में उतरे बल्लेबाजों ने विपक्षी गेंदबाजों को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। ओपनर अभिषेक शर्मा ने टीम को तेज शुरुआत दिलाते हुए शानदार 55 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद ईशान किशन ने 28 रन की उपयोगी पारी खेलकर रन गति को बरकरार रखा। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 13 गेंदों पर 33 रन ठोक दिए, जिससे भारतीय टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ता गया। मैच के आखिरी ओवरों में हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर रन गति को चरम पर पहुंचा दिया। हार्दिक ने सिर्फ 23 गेंदों में 55 रन की धमाकेदार पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने 16 गेंदों पर 44 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को 250 के पार पहुंचाया। दोनों के बीच हुई तेज साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। भारतीय टीम की इस आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर विपक्ष के सामने 257 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा गया है। अब नजरें भारतीय गेंदबाजों पर होंगी कि वे इस बड़े स्कोर का बचाव कर टीम को जीत दिला पाते हैं या नहीं।

रोमांचक बाजी के बाद गुकेश और नीमन ने अंक बांटे, प्राग में मुकाबला ड्रॉ

प्राग विश्व चैंपियन डी गुकेश ने मिडिल गेम में कुछ तनावपूर्ण क्षणों से गुजरने के बाद प्राग अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के पहले दौर में अमेरिका के हैंस मोके नीमन के साथ ड्रॉ खेला। गुकेश सफेद मोहरों से खेल रहे थे लेकिन नीमन ने बर्लिन डिफेंस अपनाया। दोनों खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले की यह अच्छी शुरुआत थी। नीमन ने आक्रामक रुख अपनाया और 13वीं चाल पर ही एक मोहरे का बलिदान कर दिया, जिससे सफेद मोहरों से खेलने के बावजूद गुकेश बैकफुट पर आ गये। अमेरिकी खिलाड़ी ने इसके बाद हावी होने की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने भी अच्छा खेल दिखाया और आखिर में बाजी ड्रॉ करने में सफल रहा। गुकेश को छोड़कर सफेद मोहरों से खेल रहे अन्य खिलाड़ियों ने पहले दौर में जीत हासिल की। भारत के मौजूदा चैंपियन अरविंद चिदंबरम काले मोहरों से खेल रहे थे और उन्हें पहले दौर में उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसात्तोरोव से हार का सामना करना पड़ा। अब्दुसत्तोरोव के हमनाम और हमवतन नोदिरबेक याकुब्बोएव ने स्पेन के डेविड एंटोन गुज्जरो को जबकि स्थानीय खिलाड़ी नवारा डेविड ने ईरान के परहम मगसूदलू को हराया। चैलेंजर्स वर्ग में महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने हंगरी के शीर्ष वरीयता प्राप्त बेंजामिन ग्लेडुरा के साथ ड्रॉ खेला, लेकिन सूर्य शेखर गांगुली को नीदरलैंड के थॉमस बीर्डसेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा।  

टेक्नोलॉजी में साझेदारी बढ़ा रहे भारत और इजरायल, बोले नेतन्याहू—भविष्य इसी का

यरूशलम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन द्विपक्षीय बैठक की और कई समझौतों पर मुहर लगाई। पीएम नेतन्याहू ने बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य नई तकनीक का है। नई तकनीक को लेकर नेतन्याहू ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीक और एआई की मदद से हर छात्र तक आसानी से पहुंचा जा सकता है और उसे उसकी पूरी क्षमता तक आगे बढ़ने का मौका दिया जा सकता है। पहले जो परेशानियां और सीमाएं थीं, अब वे नहीं रहीं।  उन्होंने आगे कहा कि भविष्य उन्हीं देशों का है जो नई सोच और नए कार्य करने में सक्षम हैं। इजरायल और भारत दोनों ही नए विचार और तकनीक पर जोर दे रहे हैं। दोनों देश बहुत पुरानी और महान सभ्यताएं हैं, जिन्हें अपने इतिहास पर गर्व है, लेकिन वे भविष्य को बेहतर बनाने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल मिलकर यह काम और बेहतर तरीके से कर सकते हैं। अपने संबोधन की शुरुआत इजरायली बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी के दिल छूने वाले अंदाज को बयां कर की। उन्होंने कहा, "यह एक शानदार दौरा है, एक शानदार विजिट का शानदार अंत। यह छोटी लेकिन बहुत ज्यादा फलदायी और दिल को छूने वाली मुलाकात थी। मुझे लगता है कि कल नेसेट में आपके दिल को छूने वाले बयान के बाद इजरायल में सभी भावुक होंगे। मैं आपको बता सकता हूं कि तब से हमें न केवल अपने दिलों में गहराई से देखने का मौका मिला है, बल्कि हमारे दोनों देशों में मौजूद शानदार दिमागों को देखने का भी मौका मिला है।" इसके साथ ही नेतन्याहू ने अपने मित्र पीएम मोदी के काम को भी काबिल-ए-तारिफ करार दिया। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आपकी सरकार बेहद कुशल है। आप एक मंत्री और एक राजदूत के साथ जो काम कर सकते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। दोनों देशों के बीच जो सोच और दिलों का जुड़ाव यहां देखने को मिला है, वह आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार-से-सरकार सहयोग, जिसका लंबे समय से इंतजार था, अब नई गति पकड़ेगा और इससे दोनों देशों को एक-दूसरे से पहुंचने वाले फायदों में इजाफा होगा। इजरायली प्रधानमंत्री के बाद भारत के पीएम ने कहा कि भारत जल्द ही इजरायल के साथ पारस्परिक लाभ वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देगा। इजरायल में भी अब भारत का यूपीआई पेमेंट सिस्टम चलेगा, इसे लेकर द्विपक्षीय बैठक में समझौता हुआ है।

दिल्ली दौरे से पहले बड़ा बयान: PM कार्नी ने निज्जर मामले में भारत को दी क्लीन चिट

नई दिल्ली कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा। कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है।कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं। निज्जर विवाद की पृष्ठभूमि खालिस्तानी समर्थक Hardeep Singh Nijjar की हत्या के बाद कनाडा ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे दोनों देशों के संबंधों में भारी खटास आ गई थी। अब कार्नी का यह बयान संकेत देता है कि ओटावा सार्वजनिक तौर पर अपने रुख को संतुलित कर रहा है और सीधे तौर पर भारत को कनाडा के अंदरूनी अपराधों से जोड़ने से बच रहा है। क्यों बिगड़े थे संबंध ? बता दें कि कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री Justin Trudeau ने सितंबर 2023 में कनाडाई संसद में बयान दिया था कि खालिस्तानी समर्थक Hardeep Singh Nijjar की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों की “संभावित संलिप्तता” के विश्वसनीय आरोप मौजूद हैं। निज्जर की जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत सरकार ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” और “राजनीति से प्रेरित” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। नई दिल्ली ने कहा कि कनाडा ने कोई ठोस सबूत साझा नहीं किया है। भारत ने कनाडा पर अपने देश में चरमपंथी तत्वों को पनाह देने का भी आरोप लगाया। व्यापार को दी जा रही प्राथमिकता पिछले कुछ वर्षों में कथित विदेशी हस्तक्षेप और कूटनीतिक तनाव के कारण भारत-कनाडा संबंधों में ठंडापन आया था। लेकिन अब कनाडा व्यापार और आर्थिक साझेदारी को प्राथमिकता देता नजर आ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, भारत सरकार के साथ वरिष्ठ स्तर पर “परिपक्व और ठोस” बातचीत हुई है और आगे की सार्थक चर्चा के लिए आधार मौजूद है। बिगड़े रिश्तों को सुधारने की कोशिश आर्थिक दृष्टि से भारत और कनाडा के संबंध अहम हैं। वर्तमान में भारत, कनाडा का सातवां सबसे बड़ा वस्तु एवं सेवा व्यापार भागीदार है।कनाडाई सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच वार्षिक व्यापार 21 अरब डॉलर से अधिक है। विश्लेषकों का मानना है कि कार्नी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच वर्षों से चली आ रही कूटनीतिक परेशानियों को कम करने और आर्थिक संबंधों को नई गति देने का प्रयास है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और मार्क कार्नी के बीच होने वाली संभावित बातचीत को रिश्तों के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।

प्रतिनिधि मंडल ने औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर का किया दौरा

भोपाल जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जायका) के अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिनिधि मंडल ने इंदौर में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की जायका-2 वित्‍त पोषित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। जायका जापान का द्वि-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें इवैल्यूएटर हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि  कुनाल गुप्ता शामिल है। उन्होंने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने पीथमपुर स्थित 400 केवी सब स्टेशन में जायका द्वारा वित्तपोषित 315 एमवीए क्षमता के ट्रांसफॉर्मर की स्थापना एवं उसकी उपयोगिता संबंधित जानकारी भी प्राप्‍त की। प्रदेश के पहले 132 केवी जी.आई.एस.(गैस इंसुलेटेड स्‍विचगेयर) सब स्‍टेशन महालक्ष्‍मी के लिए लाइन इन-लाइन आउट की गई 132 के.वी. मांगलिया–साउथजोन इंदौर ट्रांसमिशन लाईन का निरीक्षण कर सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया। औद्योगिक इकाइयों का किया दौरा, लिया फीडबैक निरीक्षण के दौरान एमपी ट्रांसको के अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि इस ट्रांसफॉर्मर के स्थापित होने से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल रही है। इवैल्यूएटर हिसाए ताकाहाशी, एमपी ट्रांसको अधिकारियों द्वारा दी गई इस जानकारी से संतुष्‍ट नही हुई और उन्‍होंने औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर का निरीक्षण कर स्‍वयं वास्‍तविक स्थिति का आंकलन करने का निर्णय लिया। जायका प्रतिनिधि मंडल ने औद्योगिक इकाइयों के संचालकों के साथ बैठक भी की। विद्युत आपूर्ति हुई स्थिर और गुणवत्तापूर्ण एसआरएफ लिमिटेड, जो पैकेजिंग उद्योग से जुड़ी प्रमुख कंपनी है और जिसके पीथमपुर-धार क्षेत्र में चार संयंत्र संचालित हैं, ने जायका प्रतिनिधि मंडल के साथ अपने अनुभव साझा किए। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के लिए स्‍थापित पॉवर ट्रांसफॉर्मर के उर्जीकृत होने के बाद अब विद्युत आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और गुणवत्तापूर्ण हो गई है। एसआरएफ इंडस्ट्रीज के लीगल हेड  मिश्रा ने बताया कि बेहतर विद्युत उपलब्धता के कारण वे 132 के.वी. स्तर पर अपना लोड बढ़ाकर लगभग 15 एमवीए करने की तैयारी में हैं, जो दो नई उत्पादन इकाइयाँ के लिए उपयोगी होगी। एम पी ट्रांसको की सराहना जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जायका) की अंतर्राष्‍ट्रीय टीम ने एमपी ट्रांसको की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा जायका वित्त पोषित परियोजनाओं के माध्यम से बेहतर लोड प्रबंधन सुनिश्चित कर कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों को अधिकतम लाभ पहुँचाने की दिशा में प्रभावी और दूरदर्शी प्रयास किए गए हैं। जायका टीम ने इंदौर में परियोजना के सकारात्मक प्रभावों की सराहना करते हुए इसे औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। 

परामर्शदात्री समिति की बैठक में विधायकों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

भोपाल  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की परामर्शदात्री समिति की बैठक में विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, विशेष रूप से जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मिशन की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण, संचालन-संधारण व्यवस्था तथा ग्रीष्मकालीन तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने समिति के सदस्यों को विभागीय प्रगति की जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन का क्रियान्वयन परिणामोन्मुख और पारदर्शी ढंग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुल 111.34 लाख ग्रामीण परिवारों में से 82.19 लाख परिवारों, अर्थात 73.84 प्रतिशत घरों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इन परिवारों को प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो रहा है। प्रदेश के 24,893 ग्रामों को शत-प्रतिशत नल कनेक्शन प्रदान कर “हर घर जल” ग्राम घोषित किया गया है। इनमें से 17,146 ग्रामों को ग्राम सभाओं द्वारा प्रमाणित किया जा चुका है, जो सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण है। समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया कि बुरहानपुर जिला को भारत सरकार द्वारा देश का पहला प्रमाणित “हर घर जल” जिला घोषित किया गया। इसके बाद निवाड़ी जिला भी “हर घर जल प्रमाणित” जिला बन चुका है। समिति ने इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य जिलों में भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तीव्र गति से कार्य पूर्ण कर प्रमाणन सुनिश्चित करने की अपेक्षा व्यक्त की। बैठक में एकल एवं समूह ग्राम नल जल योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए समिति ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को मिशन मोड में संचालित करते हुए समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। साथ ही, कार्यों की गुणवत्ता पर सतत निगरानी, फील्ड स्तर पर निरीक्षण तथा तकनीकी मानकों के पालन को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। समिति को यह भी अवगत कराया गया कि राज्य मंत्रिमंडल द्वारा संचालन एवं संधारण नीति का अनुमोदन किया जा चुका है। इस नीति के अंतर्गत एकल नल जल योजनाओं का संचालन, संधारण एवं प्रबंधन पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और प्रभावशीलता सुनिश्चित होगी। विधायकों ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव समिति सदस्यों ने विभागीय प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रत्येक तीन माह में अलग-अलग संभागों में बैठक आयोजित की जाए, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर योजनाओं की प्रगति की प्रत्यक्ष समीक्षा की जा सके। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए हैंडपंपों के रखरखाव एवं संधारण संबंधी निविदाएँ समय पर आमंत्रित करने पर बल दिया गया, जिससे संभावित जल संकट की स्थिति से पूर्व तैयारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही, नल जल योजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्यों के बाद रोड रेस्टोरेशन के लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने की आवश्यकता रेखांकित की गई। समिति ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में समिति की सदस्य विधायक  नीना विक्रम वर्मा, विधायक  ओमप्रकाश धुर्वे, विधायक  दिनेश भूरिया, विधायक  राजेश कुमार वर्मा उपस्थित रहे। जल निगम के एम डी  केवीएस चौधरी तथा ई.एन.सी.  संजय अंधमान भी बैठक में मौजूद रहे । 

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन संस्कृति, सनातन परंपरा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के जन्म स्थल सिवनी में उनके दिव्य स्तंभ की स्थापना सौभाग्य का विषय है तथा यह भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर एयरपोर्ट से सिवनी जिला मुख्यालय स्थित शंकराचार्य चौक के लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होकर संबोधित करते हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के विचारों एवं संस्कारों को न केवल आत्मसात करें, बल्कि उन्हें समाज में व्यापक रूप से प्रचारित कर आगे बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन मूल्यों से प्रेरणा लेकर सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। दिव्य स्तंभ के लोकार्पण अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने आदि शंकराचार्य के जीवन एवं सनातन धर्म में उनके योगदान पर प्रकाश डाला तथा ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के आध्यात्मिक योगदान एवं राष्ट्रधर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया।  

ईरानी विदेश मंत्री का सख्त संदेश: खामेनेई के बाद भी कायम रहेगा सत्ता ढांचा, ट्रंप को दो टूक जवाब

वाशिंगटन अमेरिकी मीडिया में Donald Trump के सामने Ali Khamenei को निशाना बनाने का विकल्प रखे जाने की खबर पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि सुप्रीम लीडर की हत्या से कुछ नहीं बदलेगा, क्योंकि व्यवस्था व्यक्ति नहीं बल्कि सिस्टम पर आधारित है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि देश की इस्लामिक शासन व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को हटाने या मारने की कोशिश की जाती है, तब भी सिस्टम के भीतर तय प्रक्रिया से नया नेता चुना जाएगा। उन्होंने 1989 में Ruhollah Khomeini की मृत्यु का उदाहरण देते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर नए सुप्रीम लीडर का चयन कर लिया गया था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि Donald Trump के सामने खामेनेई को निशाना बनाने का विकल्प भी रखा गया। हालांकि, ईरान ने इसे “सिस्टम को न समझने वाली सोच” बताया। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ी हुई है और परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव चरम पर है। ईरान ने कहा है कि वह “युद्ध और शांति दोनों विकल्पों के लिए तैयार” है, लेकिन वह संतुलित परमाणु समझौते की उम्मीद भी रखता है। लेबनान के शिया संगठन Hezbollah ने खामेनेई को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को “रेडलाइन” बताया है। समूह ने संकेत दिया है कि यदि सुप्रीम लीडर पर हमला हुआ तो वह सैन्य कार्रवाई में शामिल हो सकता है।