samacharsecretary.com

PWD ऑफिस में सख्ती, SDO की संपत्ति कुर्क, कर्मचारियों के एरियर न देने पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन

गुना  गुना के लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय में  वह नजारा देखने को मिला जो सरकारी सिस्टम की लापरवाही पर एक करारा तमाचा है। 30 साल लंबी कानूनी जंग के बाद, जब विभाग ने अपने ही एक रिटायर्ड कर्मचारी का हक देने में आनाकानी की, तो कोर्ट का डंडा ऐसा चला कि दफ्तर की रौनक ही गायब हो गई। आलम यह था कि जिस दफ्तर में बैठकर अधिकारी फाइलों पर कुंडलियां मारकर बैठे थे, वहां से न्यायालय की टीम साहब की कार, कंप्यूटर, कुर्सियां और यहां तक कि छत पर टंगे पंखे भी उतारकर ले गई। रिटायर्ड एलडीसी कौशल किशोर राठौर की इस जीत ने यह साफ कर दिया कि न्याय की चक्की भले ही धीरे चलती है, लेकिन जब चलती है तो बड़े-बड़े विभागों की अकड़ पीसकर रख देती है। 1995 से शुरु हुआ था न्याय के लिए कौशल किशोर राठौर संघर्ष इस पूरी कहानी की शुरुआत साल 1995 में हुई थी, जब कौशल किशोर राठौर ने अपने पद के अनुरूप वेतन न मिलने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। लोअर कोर्ट से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक, राठौर ने हर मोर्चे पर जीत हासिल की। हालांकि विभाग ने 2013 तक के एरियर का भुगतान तो कर दिया, लेकिन 2014 से उनके रिटायरमेंट (30 दिसंबर 2025) तक का लगभग 40 लाख का भुगतान लटकाए रखा। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी विभाग की नींद नहीं खुली, तो राठौर ने 2018 में कोर्ट में 'इजरा' (वसूली याचिका) और फिर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। आखिरकार हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद जिला न्यायालय ने 36.68 लाख रुपये की वसूली के लिए कुर्की का वारंट जारी कर दिया। दफ्तर की मेजें, कुर्सियां, कंप्यूटर सब कुर्क दोपहर जब जिला नाजिर राकेश शर्मा के नेतृत्व में कोर्ट की टीम PWD कार्यालय पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारी और अधिकारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही टीम ने चल संपत्ति को जब्त करना शुरू कर दिया। दफ्तर की मेजें, कुर्सियां और कंप्यूटर एक-एक कर बाहर निकाले जाने लगे। सबसे ज्यादा चर्चा SDO की गाड़ी की रही, जिसे टीम ने मौके पर ही कुर्क कर लिया। कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, यदि जब्त किए गए सामान से वसूली की पूरी राशि (36.68 लाख रुपये) नहीं निकलती है, तो विभाग की जमीन और पूरी बिल्डिंग को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 30 साल के संघर्ष के बाद मिली यह जीत आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Jalandhar में अकेली महिला ने दो बदमाशों का किया मुकाबला

जालंधर. जालंधर देहात के किशनगढ़–कर्टारपुर रोड पर गांव फरीदपुर स्टॉप के पास दिनदहाड़े लूट की वारदात सामने आई है। कपूरथला निवासी ज्योति रानी एक्टिवा पर दुगरी गांव जा रही थीं। रास्ते में मोटरसाइकिल सवार दो लुटेरों ने उनका पीछा किया। महिला को शक होने पर वह फरीदपुर स्टॉप पर रुककर दुकान की ओर गईं, तभी एक लुटेरे ने उनका पर्स छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया। घायल होने के बावजूद महिला ने साहस दिखाया, लेकिन बदमाश हथियार दिखाकर पर्स लेकर फरार हो गए। पर्स में करीब 20 हजार रुपये की विदेशी मुद्रा, पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज थे। वारदात के दौरान आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे और किसी ने मदद नहीं की। पुलिस चौकी किशनगढ़ के प्रभारी एएसआई राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

हरियाणा राज्यसभा की 2 सीटों पर नॉमिनेशन शुरू

पंचूकला. 9 अप्रैल को खाली होने जा रही हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। खाली सीटों को भरने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 मार्च तक अपना नॉमिनेशन भर सकेंगे। वोटिंग के लिए 16 मार्च की डेट फाइनल की गई है। भाजपा के 2 राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। अभी ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। 16 मार्च को वोटिंग के बाद शाम को रिजल्ट जारी होगा। वहीं ईसीआई के जारी नोटिफिकेशन में हरियाणा के आईएएस पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है। पंकज अग्रवाल अभी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी देख रहे हैं। वहीं असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल को दी गई है।

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, अफसरों की तैनाती बदली, आदेश आते ही अफसरों में हलचल

जांजगीर  जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के तबादले के आदेश जारी कर दिए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद जिले की कई तहसीलों में नए अधिकारी पदभार संभालेंगे। जारी आदेश के अनुसार शशिभूषण सोनी को तहसीलदार अकलतरा से बम्हनीडीह भेजा गया है, जबकि अविनाश चौहान को बम्हनीडीह से अकलतरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शालिनी तिवारी को अतिरिक्त तहसीलदार अकलतरा से नवागढ़ पदस्थ किया गया है। इसी क्रम में महेंद्र लहरे को पामगढ़ से शिवरीनारायण, टिकेन्द्र नुरूटी को शिवरीनारायण से बलौदा और अमरनाथ श्याम को बलौदा से पामगढ़ तहसीलदार बनाया गया है। नायब तहसीलदार स्तर पर भी बदलाव हुआ है। संजय बरेठ को शिवरीनारायण से बम्हनीडीह तहसीलदार बनाया गया है, जबकि चंद्रकुमार साहू को बम्हनीडीह से शिवरीनारायण नायब तहसीलदार पदस्थ किया गया है। कलेक्टर कार्यालय के मुताबिक यह तबादले प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए किए गए हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

CBSE Exam में रट्टा नहीं अब तर्क और समझ से मिलेंगे अंक

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की बोर्ड परीक्षाओं में अब पारंपरिक यानी रटे-रटाए सवालों का युग समाप्त हो रहा है। बोर्ड ने अपनी मूल्यांकन पद्धति में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए अब कॉम्पिटेंसी बेस्ड (योग्यता आधारित), केस बेस्ड और सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड प्रश्नों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है। इस नए बदलाव का उद्देश्य शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक बनाना है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अब प्रश्नपत्र इस तरह तैयार किए जा रहे हैं जो छात्र की सिर्फ याद्दाश्त का नहीं, बल्कि उनकी तर्क शक्ति, विश्लेषण क्षमता और किसी विशेष परिस्थिति को समझने की क्षमता का आकलन कर सकें। इस नए पैटर्न में ‘असर्शन-रीजन’ (कथन-कारण) आधारित सवालों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढौतरी की गई है। कैमिस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी और कक्षा 10वीं के अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी इसी तरह के चुनौतीपूर्ण और समझ पर आधारित प्रश्नों की प्रधानता रहेगी, ताकि छात्रों को विषय की गहराई तक ले जाया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्नों को बढ़ाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे छात्र रटने के बजाय कॉन्सेप्ट को बेहतर तरीके से समझेंगे। उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे एन.सी.ई.आर.टी. के हर सिद्धांत को गहराई से पढ़ें, सैंपल पेपर हल करते समय प्रश्नों की भाषा और तर्क को समझें तथा प्रतिदिन केस-स्टडी आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।

मुख्यमंत्री के बेटे ने भी भरा था सरकारी नौकरी के लिए CET एग्जाम का फार्म

पंचूकला. हरियाणा में तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) की गंभीरता और महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी ने भी परीक्षा के लिए आवेदन फार्म भरा था अनिकेत सैनी बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और इस समय उनका द्वितीय वर्ष चल रहा है। अनिकेत आवेदन फार्म भरने के बाद 26 व 27 जुलाई को हुई सीईटी की परीक्षा सिर्फ इसलिए नहीं दे पाए, क्योंकि उस समय दिल्ली की एक लॉ कंपनी में उनकी इंटर्नशिप चल रही थी। मुख्यमंत्री के बेटे अनिकेत द्वारा सीईटी की परीक्षा के लिए फार्म भरने की सूचना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समूचा विपक्ष राज्य में बाहरी युवाओं को नौकरियां देने, हरियाणवी युवाओं की अनदेखी करने तथा राज्य के युवाओं को नौकरियां नहीं मिलने के आरोप लगा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है। हरियाणा के युवाओं को मिल रहीं नौकरियां उनका मानना है कि जब दूसरे राज्यों में हरियाणा के युवाओं को नौकरियां मिल सकती हैं तो फिर हरियाणा में बाहरी राज्यों के युवा मैरिट के आधार पर नौकरियां क्यों नहीं प्राप्त कर सकते। हरियाणा लोक सेवा आयोग के आंकड़ों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि बाहरी युवाओं के नौकरी पाने का प्रतिशत दो से तीन ही है, जबकि बाकी पदों पर हरियाणवी युवा ही नौकरियां कर रहे हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भाजपा सरकार ने हर साल 15 से 16 हजार 500 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। इनमें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की नौकरियां करीब 15 हजार और हरियाणा लोक सेवा आयोग की नौकरियां एक हजार से डेढ़ हजार प्रतिवर्ष शामिल हैं। अभी तक कर्मचारी चयन आयोग की ओर से एक लाख 60 हजार सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से करीब 18 हजार नौकरियां दी चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल जब हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब साल 2022 में पहली बार सीईटी हुआ था। 13.58 लाख युवाओं ने किया आवेदन उसके तीन साल बाद 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सीईटी हुआ है। अब सरकार चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए सीईटी के आयोजन की तैयारियों में जुटी है। तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सीईटी की परीक्षा के लिए 13.48 लाख युवाओं ने आवेदन भरे थे, जिनमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी भी एक अभ्यर्थी रहे हैं। इनमें से करीब 12 लाख ने परीक्षा दी और आठ लाख य़ुवा पास हुए। इन पास युवाओं के लिए सरकार ने अब तक करीब 13 हजार नौकरियों के अवसर प्रदान कर दिए हैं और करीब 10 हजार पदों पर नौकरियां जल्द निकलने वाली हैं। सीएम का दावा- हम योग्य युवाओं को नौकरी दे रहे सीएम के बेटे द्वारा नौकरी के लिए प्रारंभिक परीक्षा का फार्म भरने से लेकर रिक्शा चलाने वाले व ठेला खींचने वाले लोगों के घर भी सरकारी नौकरियां लगी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि जिस मुहिम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चालू किया था, वह आज भी उसी तरह से अनवरत जारी है। विपक्ष कमियां ढूंढता रहे और हम गरीब व जरूरतमंदों को मैरिट के आधार पर नौकरियां देते रहेंगे।

मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ते हुए पंजाब के सैनिक गुरप्रीत सिंह हुए शहीद

संगरूर. पंजाब के संगरूर जिले के गांव महलां चौक के रहने वाले सैनिक गुरप्रीत सिंह मणिपुर में ड्यूटी के दौरान उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि वे भारतीय सेना में तैनात थे और पिछले 21 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। मणिपुर में चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से हुई। अचानक फायरिंग में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। शहादत की खबर मिलते ही गांव महलां चौक सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आसपास के इलाकों के लोग परिवार के घर पहुंचकर संवेदना जता रहे हैं। शहीद अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। परिवार में छाया मातम परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरप्रीत सिंह मिलनसार, बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिन्हें गांव का हर व्यक्ति सम्मान देता था। इस बीच शहादत को लेकर मुआवजे और सरकारी सहायता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नंबरदार यूनियन पंजाब के नेता रण सिंह मैहलां ने राज्य सरकार से मांग की है कि शहीद के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और गांव में उनकी याद में स्मारक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र घोषणा नहीं करती तो संगठन स्तर पर आवाज उठाई जाएगी। लोग वीर सपूत को अंतिम विर्दा देने की तैयारी में जुटे प्रशासन की ओर से एसडीएम दिड़बा ने जानकारी दी कि शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। क्षेत्र के लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटे हैं। गुरप्रीत सिंह की शहादत ने एक बार फिर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साहस और बलिदान को उजागर किया है।

आर-पार की जंग में टीम इंडिया दांव पर, हार हुई तो खतरे में पड़ेंगे चार सितारों के करियर

 चेन्नई  साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज से हारने के बाद भारत और जिम्बाब्वे दोनों के लिए गुरुवार (26 फरवरी) को होने वाला ग्रुप 1 का सुपर 8 गेम अहम हो गया है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोनों ही टीमें यह मुकाबला सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए जीतना चाहेंगी. भारत पर तो खैर इस मुकाबले को लेकर एक अलग ही दबाव है.  वहीं भारतीय टीम को यह दुआ भी करनी है द‍िन के पहले मैच (26 फरवरी को वेस्टइंडीज vs साउथ अफ्रीका ) में वेस्टइंडीज की टीम को साउथ अफ्रीका हरा दे, बाद में भारतीय टीम वेस्टइंडीज को हरा दे. क्योंकि वेस्टइंडीज का नेट रनरेट 5 पार है. वहीं साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट +3.800 है. चूंकि भारतीय टीम ड‍िफेंड‍िंग चैम्प‍ियन है और अपने घर पर खेल रही है, ऐसे में उस पर दोहरा दबाव है. साउथ अफ्रीका से हार के बाद भारतीय टीम का नेट रन रेट -3.800 में है. ऐसे में सूर्या ब्रिगेड चाहेगी कि उनके पक्ष में ही समीकरण रहें. वेस्टइंडीज की अफ्रीका पर जीत से भारत का सेमीफाइनल समीकरण बिगड़ सकता है.  सुपर 8 में आज (गुरुवार) द‍िन के मुकाबले दोपहर 3 बजे वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के बीच अहमदाबाद में है. वहां दो पॉइंट्स के लिए मुकाबला होगा. पर अहमदाबाद से लगभग 2,000 किलोमीटर दूर चेन्नई में भारत और ज‍िम्बाब्वे की टीमें इस मुकाबले को ध्यान से देखेंगे.  वैसे आज भारतीय टीम के साथ उनकी उम्मीद के मुताब‍िक नहीं हुआ तो कई ऐसे प्लेयर्स हैं, ज‍िनके टी20 कर‍ियर पर खतरा हो जाएगा. क्योंकि ऑप्शन तो बेंच पर कई तैयार हैं.    1: अभ‍िषेक शर्मा: इस समय भारत में सबसे ज्यादा किसी ख‍िलाड़ी की आलोचना हो रही है तो वो अभ‍िषेक शर्मा हैं. ज‍िन्होंने टी20 वर्ल्ड 2026 के 4 मैचों में 15 रन बनाए हैं. ये 15 रन भी उनके साउथ अफ्रीका संग प‍िछले टी20 में आए थे. उन्होंने शुरुआती टी20 में तो 3 डक (शून्य) बनाए थे. अभ‍िषेक शर्मा इस समय टी20 रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज हैं, पर उनके हाल‍िया फॉर्म ने टीम इंड‍िया की टेंशन बढ़ा दी है.  1 जनवरी 2025 से अब तक के टी20 आंकड़े देखे जाएं तो अभ‍िषेक शर्मा भारतीय टीम के सबसे सफल बल्लेबाज हैं.उन्होंने अब तक 30 मैचों की    30 पार‍ियों में  1056 रन  37.71 के एवरेज और  196.64 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं.  पर इस बात में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि भारतीय टीम की यही इस वर्ल्ड कप में सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरा है. एक आंकड़ा देखा जाए तो पहले विकेट के लिए भारत का औसत 6.80 है, जो 20 टीमों में सबसे कम है. अभ‍िषेक अगर आगे भी फ्लॉप होते हैं, उनके ऑप्शन के रूप में यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी भी हैं. वैभव आने वाली 27 मार्च को सीन‍ियर टीम इंड‍िया में चुनने के पात्र हो जाएंगे. वैभव अभी 14 वर्ष के हैं और ICC के नियमों के अनुसार, इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए खिलाड़ी की न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए 2: त‍िलक वर्मा: मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में त‍िलक वर्मा भी भारतीय टीम की कमजोर कड़ी बनकर सामने आए हैं. वो टीम की सबसे मजबूत 3 नंबर पोजीशन पर खेल हैं. उन्होंने 5 पारियों में 107 रन बनाए हैं. इसमें उनका एवरेज 21.40 और स्ट्राइक रेट 118.88 है. जो 3 नंबर के बल्लेबाज के लिए कहीं से भी सटीक नहीं माना जाएगा. उनकी जगह लेने के लिए भी श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज हैं. त‍िलक जिस तरह वो साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ निकलकर शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए, उसके बाद तो सुनील गावस्कर ने भी उनको लताड़ा था.  3: र‍िंकू सिंह: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रिंकू सिंह ने अब तक खेले 5 मैचों में सिर्फ 29 गेंदें खेलीं और सिर्फ 24 रन बनाए हैं. रिंकू ने अमेर‍िका के खिलाफ मैच में 14 गेंदों पर 6 रन, नामीबिया के खिलाफ 6 गेंद में 1 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 4 गेंद में नाबाद 11 रन और नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंद में नाबाद 6 रन बनाए. वहीं साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 2 गेंदें खेलीं लेकिन बिना खाता खोले आउट हो गए. वैसे क्रिकेट के जानकार एक हिस्से का कहना है कि रिंकू को ज्यादा मौका नहीं मिले हैं, ऐसे में उन पर सवाल उठाना ठीक नहीं हैं. रिंकू की जगह लेने के लिए भी टीम में कई प्लेयर्स हैं.  4: सूर्यकुमार यादव: इस टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं. लेकिन उनका फॉर्म भी वैसा नहीं है, जिसके लिए वो जाने जाते हैं. भारतीय टीम का सफर वर्ल्ड कप में खत्म हुआ तो 35 साल के सूर्या के कर‍ियर पर ब्रेक लग सकता है. सूर्या इस वर्ल्ड कप में भले ही भारतीय टीम की ओर इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज है . सूर्या ने 5 मैचों की 5 पार‍ियों में  1 बार नाबाद रहते हुए 180 रन 45.00 के एवरेज और 127.65 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं. सूर्या का हाइएस्ट स्कोर 84* का था, जो उन्होंने ओपन‍िंग मैच में अमेर‍िका के ख‍िलाफ बनाया था. पर सूर्या का कर‍ियर टी20इंटरनेशल मैचों का स्ट्राइक रेट 162.77 और एवरेज 37.32 है, जो वर्ल्ड कप में गिर चुका है. 

NCP में नई सियासी चाल, अजित पवार खेमे ने सुनेत्रा पवार पर लगाया दांव

मुंबई  अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला लेने की खबर है। पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार तय किया है। इस निर्णय को अजित पवार के बाद पार्टी की कमान तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक बेहद अहम बैठक आज गुरुवार को मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में होने जा रही है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। पिछले महीने बारामती में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार के निधन ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद से ही पार्टी नेतृत्व को लेकर कयासों का दौर जारी था। पार्थ पवार नहीं, सुनेत्रा पर लगी मुहर अजित पवार के निधन के बाद से ही सवाल उठ रहा था कि पार्टी का अगला मुखिया कौन होगा? चर्चाओं के बाजार में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का नाम भी काफी ऊपर था, लेकिन पार्टी के अनुभवी नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर भरोसा जताया है। महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुनील तटकरे ने भी सुनेत्रा पवार के नाम का पुरजोर समर्थन किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आज होने वाली बैठक में कार्यकारिणी सर्वसम्मति से सुनेत्रा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपेगी। सुनेत्रा पहले ही उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखा चुकी हैं, और अब संगठन की कमान संभालना उनके लिए एक नई परीक्षा होगी। राज्यसभा की सीट पर अब बेटे का कब्जा नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ परिवार और पार्टी के भीतर पदों का नया बंटवारा भी शुरू हो गया है। सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे अब राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। खाली हुई इस राज्यसभा सीट के लिए पार्टी ने पार्थ पवार को अपना उम्मीदवार बनाने का बड़ा फैसला लिया है। यानी अब पिता की विरासत को सुनेत्रा राज्य में संभालेंगी, जबकि दिल्ली की राजनीति में पार्थ पवार पार्टी का चेहरा बनेंगे। हालांकि, सुनेत्रा पवार के लिए एक बड़ी चुनौती यह है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए अगले छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होगा। क्या सुप्रिया सुले देंगी सुनेत्रा को वॉकओवर? अजित पवार के निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। एनसीपी (अजित गुट) यहाँ से सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। पार्टी की सबसे बड़ी कोशिश यह है कि इस उपचुनाव को 'निर्विरोध' कराया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करने की यह एक राजनीतिक परंपरा होनी चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसके संकेत दिए हैं कि मौजूदा हालात को देखते हुए चुनाव नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो बारामती से सुनेत्रा पवार की जीत तय है और यह पवार परिवार के बीच जारी राजनीतिक कड़वाहट को कम करने का एक बड़ा जरिया भी बन सकता है। संगठन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक आज वर्ली में होने वाली यह बैठक केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि अजित पवार के बिना पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक बड़ा मोड़ है। कार्यकर्ताओं में अपने चहेते नेता को खोने का गम तो है, लेकिन सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में वे नई ऊर्जा तलाश रहे हैं। आगामी उपचुनाव और संगठन को मजबूती देने के लिए सुनेत्रा के पास बहुत कम समय है। क्या वे अजित पवार के उस करिश्मे को बरकरार रख पाएंगी जिसने एनसीपी को महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रखा था? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन आज का दिन महाराष्ट्र के इतिहास में सुनेत्रा पवार के उदय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।

विजय-रश्मिका बने दूल्हा-दुल्हन, शुरू हुई शादी की रस्में और पारंपरिक तेलुगू अंदाज

उदयपुर पावर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी को इंटीमेट रखा गया है. करीबी दोस्त और रिश्तेदार ही वेडिंग का हिस्सा बने हैं. वेन्यू पर फोन का इस्तेमाल करने पर पाबंदी है. कपल की कोई भी फोटो लीक ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है. कपल ने शादी से पहले पूल पार्टी, वॉटर वॉलीबॉल, विरोश प्रीमियर लीग के नाम से क्रिकेट मैच भी रखा था. उदयपुर में शाही शादी के बाद 4 मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन पार्टी होगी. जिसमें इंडस्ट्री के नामी सितारे शामिल होंगे. फैंस कपल को दूल्हा-दुल्हन के गेटअप में देखने के लिए सुपर एक्साइटेड हैं. बीती रात कपल की संगीत सेरेमनी हुई थी. इसकी झलक सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रश्मिका ने पुष्पा 2 के गाने अंगारों पर डांस कर विजय देवरकोंडा को सरप्राइज किया. विजय की मां ने अपनी होने वाली बहू पर जमकर प्यार बरसाया.  कौन था रश्मिका का पहला प्यार? रश्मिका मंदाना अब भले ही विजय की दुल्हन बनने वाली हैं. लेकिन एक वक्त वो एक्टर रक्षित शेट्टी के प्यार में थीं. वे फिल्म के सेट पर मिले, दोस्त बने, और फिर डेटिंग शुरू की. 2017 में उन्होंने सगाई की. लेकिन 2018 में उनका रिश्ता टूट गया था. सगाई टूटने के सालों बाद रश्मिका को विजय से प्यार हुआ. दोनों ने लंबे समय तक अपने रिश्ते को सीक्रेट ही रखा. शादी से ठीक पहले उन्होंने अपना रिश्ता कंफर्म किया.  हल्दी में दिखा होली का खुमार 25 फरवरी को कपल की हल्दी सेरेमनी की रस्म निभाई गई. रश्मिका-विजय ने इंस्टा स्टोरी पर जश्न की झलक दिखाते हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं. सबने हल्दी की होली खेली. ढेर सारी मस्ती और फन हुआ. रश्मिका का एलिगेंट डिनर और जापानी जायका वहीं, रश्मिका मंदाना ने उत्सव के अधिक परिष्कृत और सौम्य पक्ष को साझा किया। उनकी तस्वीरों में सुनहरी रोशनी में चमकता हुआ एक भव्य डिनर सेटअप दिखा। टेबल को ताजा ब्लश लिली, हाइड्रेंजिया और फलों से सजाया गया था। विशेष ध्यान खींचने वाली बात यह थी कि मेहमानों के लिए एक खास 'जापानी डाइनिंग एक्सपीरियंस' का प्रबंध किया गया था। इस बारीक और सोच-समझकर तैयार किए गए मेन्यू ने सेलिब्रेशन की भव्यता को और बढ़ा दिया। 'विरोश' का व्यक्तिगत स्पर्श इस पूरी शादी में सबसे खास रहा VIROSH नाम का आधिकारिक उपयोग। नैपकिन पर कढ़ाई किए गए इस नाम ने प्रशंसकों के प्रति उनके प्यार को दर्शाया। कपल ने एक दिन पहले ही मैचिंग नोट्स के जरिए अपनी शादी की पुष्टि करते हुए कहा था, 'आपने हमें प्यार से जो नाम (विरोश) दिया, हम अपनी शादी को वही नाम देना चाहते हैं।' यह पूरा भव्य आयोजन उदयपुर के आलीशान ITC मेमेंटोस (एकाया) में हो रहा है, जो अपने शानदार लैंडस्केप के लिए जाना जाता है। फिलहाल, आज दोनों शादी के बंधन में बंध जाएंगे। दोनों की शादी का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, अब से कुछ ही देर में दोनों सात फेरे लेंगे, शादी की रस्में अब शुरू हो चुकी हैं। कोडवा वेडिंग ( Kodva Wedding Ritual) भारत में हजारों क्षेत्रीय समुदाय हैं, जिनकी अपनी गहरी परंपराएं और खासकर शादी से जुड़ी अनोखी रस्में हैं. ऐसा ही एक समुदाय है कर्नाटक के कूर्ग क्षेत्र का कोडवा समुदाय. इनकी शादी की रस्में सच में देखने लायक होती हैं. कर्नाटक के कूर्ग (कोडगु) इलाके से आने वाले कोडवा लोग अपनी खास लोकल खानपान परंपरा और सदियों पुरानी रीति-रिवाजों के लिए जाने जाते हैं. और ये उनकी शादियों में भी साफ दिखता है. कूर्ग की शादी (जिसे उनकी स्थानीय भाषा में ‘मंगला' कहा जाता है) भी रंगीन, खुशियों से भरी और उत्साहपूर्ण होती है. तो चलिए जानते हैं इस शादी की परंपराओं के बारे में.  कूर्ग शादियां सिर्फ खाने-पीने और नाच-गाने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि ये रिश्तेदारों और दोस्तों के मिलने, बातचीत करने (और थोड़ा-बहुत गपशप करने!) का भी मौका होती हैं. यहां एक दिलचस्प बात यह है कि आम हिंदू शादियों की तरह यहां ब्राह्मण पुजारी नहीं होते. इसके बजाय, पवित्र दीपक के सामने पूर्वजों को याद कर आशीर्वाद लिया जाता है और परिवार के बुजुर्ग ही पूरी शादी की अगुवाई करते हैं. यही सादगी और अनोखी रस्में कूर्ग शादी को खास बनाती हैं.