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न्यूजीलैंड की हार से पाकिस्तान को मिला सेमीफाइनल में प्रवेश का मौका, जानें गणित

नई दिल्ली इंग्लैंड की न्यूजीलैंड पर रोमांचक जीत के चलते पाकिस्तानी टीम आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब भी मजबूती से बरकरार है. 28 फरवरी (शनिवार) को पल्लेकेले के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तानी टीम को श्रीलंका का सामना करना है. इस मुकाबले के जरिए ही ग्रुप-2 से सेमीफाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी. पाकिस्तानी टीम को सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत की जरूरत होगी, ताकि उसका नेट रनरेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो जाए. पाकिस्तान यदि पहले बैटिंग करता है तो उसे श्रीलंका को कम से कम 64 रन से हराना होगा. अगर वो लक्ष्य का पीछा कर रहा है तो उसे 13.1 ओवर में मैच खत्म करना होगा. अगर पाकिस्तान ऐसा करने में नाकाम रहता है, तो न्यूजीलैड की टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. यानी नेट रन रेट के कारण यह मुकाबला बेहद अहम हो गया है. पाकिस्तान का नेट रनरेट -0.461 है. वहीं न्यूजीलैंड का नेट रनरेट 1.390 है. न्यूजीलैंड के 3 और पाकिस्तान के 1 अंक हैं. पाकिस्तान के लिए यह 'करो या मरो' की स्थिति है, जबकि न्यूजीलैंड की नजरें मैच के नतीजे पर टिकी होंगी. यदि मुकाबला धुलता है तो भी न्यूजीलैंड की सेमीफाइनल में एंट्री हो जाएगी. इंग्लैंड 6 अंकों के साथ ग्रुप-2 में टॉप पर रहा. समीकरण के मुताबिक यदि न्यूजीलैंड यदि सेमीफाइनल में पहुंचता है, तो टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा. जबकि दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 5 मार्च को निर्धारित है. अब देखना दिलचस्प होगा कि पल्लेकेले में पाकिस्तान बड़ा उलटफेर कर पाता है या न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल की टिकट पक्की करती है. न्यूजीलैंड की टीम एक समय इंग्लैंड के खिलाफ काफी मजबूत स्थिति में थी. 16.5 ओवर तक इंग्लैंड का स्कोर 6 विकेट पर 117 रन था. यहां से रेहान अहमद (नाबाद 19) और विल जैक्स (नाबाद 32) ने संयम और समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए 44 रनों की निर्णायक साझेदारी कर दी. इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच अपने नाम कर लिया. बता दें कि कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए इस मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए थे. इंग्लैंड ने पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी. हालांकि इस नतीजे ने ग्रुप-2 के बाकी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं. समीकरण साफ है- पाकिस्तान अगर बड़े अंतर से जीतता है तो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो न्यूजीलैंड ग्रुप-2 से दूसरी टीम के रूप में सेमीफाइनल में प्रवेश करेगी. अब सबसे बड़ी नजरें पाकिस्तान बनाम श्रीलंका मुकाबले पर टिकी है, जो तय करेगा कि इंग्लैंड के साथ अंतिम चार में कौन पहुंचेगा.

केंद्रीय मंत्री व प्रदेश के मत्स्य मंत्री ने किया दो दिवसीय उप्र मीन महोत्सव एवं एक्वा एक्सपो का शुभारम्भ

13.3 लाख मीट्रिक टन हुआ उत्तर प्रदेश का वार्षिक मत्स्य उत्पादन  केंद्रीय मंत्री व प्रदेश के मत्स्य मंत्री ने किया दो दिवसीय उप्र मीन महोत्सव एवं एक्वा एक्सपो का शुभारम्भ  उत्तर प्रदेश में पहली बार हो रहा मीन महोत्सव  प्रदेश में मत्स्य विकास दर 115.5 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में एनएफडीबी सेंटर खोलने की दिशा पर भी किया जाएगा कार्य एक्सपो में 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा लगाई गई औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में पहली बार मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो-2026) का आयोजन किया गया है। शुक्रवार को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और पंचायती राज राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने इसका शुभारम्भ किया। इसमें देश-प्रदेश के 1000 मत्स्य पालक उपस्थित रहे, जबकि 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औ‌द्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाये गये। विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों के लिए फिश फूड कोर्ट एवं प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। महोत्सव में बताया गया कि मत्स्य पालन में उत्तर प्रदेश भारत में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। राज्य का वार्षिक मत्स्य उत्पादन गत 06 वर्षों में दोगुना होकर 13.3 लाख मीट्रिक टन हुआ है। केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि किसानों की आय में वृ‌द्धि, उन्नत पशुपालन एवं उन्नत मत्स्य पालन से ही सम्भव है। उन्होंने कृषि दर पर मत्स्य पालकों को बिजली की आपूर्ति एवं उ.प्र. में एन.एफ.डी.बी के सेन्टर खोलने की दिशा में कार्य करने को भी कहा। प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने बताया कि राज्य में मत्स्य विकास दर 115.5 प्रतिशत है। उन्होंने अमृत सरोवरों को मछली पालन योग्य बनाने, तालाबों के पट्टे समय से दिलाने, मत्स्य पालन में विज्ञान एवं तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने अनुदान के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान देकर मत्स्य पालकों के विकास एवं सशक्तीकरण पर जोर दिया।  अपर मुख्य सचिव मत्स्य मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 6 लाख से अधिक जलक्षेत्र उपलब्ध हैं। मत्स्य पालक, विशेषज्ञ, उद्यमी एवं निवेशक एक साथ चर्चा कर प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि कर सकते हैं। पशु चिकित्सा विज्ञान विश्ववि‌द्यालय एवं गो-अनुसन्धान संस्थान (दुवासु) मथुरा में मत्स्य विज्ञान पर शोध कार्य प्रारम्भ हो गया है। महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के. ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण आजीविका का मुख्य साधन है। मत्स्य पालन में उत्तर प्रदेश भारत में तीसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक राज्य है। राज्य का वार्षिक मत्स्य उत्पादन गत 06 वर्षों में दोगुना होकर 13.3 लाख मीट्रिक टन हुआ है। विजन-2047 में उ.प्र. अंतर्देशीय मत्स्य पालन में प्रथम राज्य बन जायेगा। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री जी द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में मत्स्य विभाग के लिए बड़े उपहार की सौगात दी गयी है। मत्स्य पालन से जुड़े किसानों की आय वृ‌द्धि हेतु कुल 114.20 करोड़ की राशि राज्य सहायतित नई मांग के रूप में स्वीकृत की गयी है। इसके तहत राज्य में इंटीग्रेटेड एक्वापार्क की स्थापना एवं 03 मत्स्य मण्डी स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये बजट का प्रावधान किया गया है। राज्य में मोती की खेती को बढ़ावा देने के लिए 03 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया है। जनपद गोरखपुर में वर्ल्डफिश प्रोजेक्ट सेन्टर की स्थापना हेतु 06 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया है। यह महोत्सव राज्य में मत्स्य पालन को औ‌द्योगिक स्तर पर विकसित होने में मदद करेगा और आने वाले समय में किसानों की आय की बढ़ोतरी में मददगार होगा।  डॉ. दीपा सुमन, एन.एफ.डी.बी. ‌द्वारा केन्द्र सरकार की योजनाओं- प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, प्रधानमंत्री किसान समृ‌द्धि योजना तथा फिशरीज एवं एक्वाकल्चर डेवलपमेन्ट फन्ड की जानकारी दी गयी। इस अवसर पर आलोक बिसवाल (डेलॉयट) द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डालर बनाने में मत्स्य की भूमिका के विषय में प्रस्तुतिकरण किया गया। रजनीश कुमार (एक्वाएक्स) द्वारा मत्स्य विकास की सम्भावनाओं पर प्रस्तुतिकरण किया गया तथा प्रोटीन की उपलब्धता एवं रोजगार सृजन में मत्स्य क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डाला गया। तकनीकी सत्र के प्रथम दिन डा. संजय श्रीवास्तव (मेधा हैचरी महराजगंज) द्वारा मत्स्य बीज उत्पादन, श्री राजीव रंजन सिंह (आर.एन.आर. एक्वा लखनऊ) द्वारा कैट फिश फार्मिंग, श्री मनोज शर्मा द्वारा झींगा पालन, श्री मनीष वर्मा द्वारा केज कल्चर एवं श्री शुभम सिंह द्वारा आर्नामेन्टल फिश फार्मिंग पर प्रेजेन्टेशन दिया गया। इस दौरान उ.प्र. मत्स्य विकास निगम के अध्यक्ष रमाकान्त निषाद, उ.प्र. मत्स्य जीवी सहकारी संघ के सभापति वीरू साहनी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार के.वी. राजू, सलाहकार जी.एन. सिंह, विशेष सचिव मत्स्य सुनील कुमार वर्मा, निदेशक मत्स्य एन.एस. रहमानी, संयुक्त निदेशक मत्स्य अनिल कुमार, प्रबन्ध निदेशक एक्वाएक्स समीर पात्रा, अध्यक्ष एक्वाएक्स वीनू दन्तूलूरी समेत देश एवं प्रदेश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, उ‌द्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 1000 मत्स्य पालक सम्मिलित हुए।

रिंकू और सुंदर की जगह टीम इंडिया में होंगे बदलाव, वेस्टइंडीज के खिलाफ दिखेगा ‘ओल्ड फॉर्मूला’

 कोलकाता  तो कुर्सी की पेटी बांध लीजिए…क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप में अब 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' होने का समय आ गया है.  यह वर्चुअल क्वार्टर फाइनल भारत और वेस्टइंडीज के बीच रव‍िवार (1 मार्च) को कोलकाता के ऐत‍िहास‍िक ईडन गार्डन्स में शाम 7 बजे होना है. कहने को यह सुपर-8 का अंत‍िम मुकाबला होगा, लेकिन वर्चुअल क्वार्टर फाइनल इसल‍िए कहा जा रहा है, क्योंकि जो भी इस मुकाबले को जीतेगा उसको सीधे 'ट‍िकट टू सेमीफाइनल' मिल जाएगा.  अब सवाल है कि क्या भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में गेंदबाजी यून‍िट में वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ बदलाव होगा? सूर्यकुमार यादव ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ गेंदबाजी को लेकर च‍िंता व्यक्त कर चुके हैं. श‍िवम दुबे को गेंदबाजी को ऑप्शन के रूप में ट्राय किया गया, उन्होंने 2 ओवर्स में 47 रन दिए. वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल दोनों ने 4 ओवर में 35 रन देकर 1 विकेट ल‍िया. अक्षर ने शुरुआती ओवर अपना सही करवाया और फ‍िर ढीली गेंदबाजी की. सूर्या का इशारा इसी ओर था.  खैर इस बात से आगे बढ़ते हैं और सवाल इस बात पर रहेगा कि क्या प्लेइंग 11 में बदलाव होगा? तो इसका जवाब है, शायद नहीं. इसकी संभावना नगण्य है. क्योंकि अब टीम इंड‍िया का प्लेइंग 11 अब सेट लग रही है. टीम इंड‍िया का मैनेजमेंट वैसे भी टीम में ज्यादा बदलाव नहीं करता है, यानी तय है कि प्लेइंग 11 में फ‍िर से वही ओल्ड फॉर्मुला देखने को मिलेगा.  त‍िलक वर्मा ने ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ न‍िचले क्रम में आकर 16 गेंदों पर 44 रन बनाकर अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दे द‍िए हैं. अभ‍िषेक (55) और संजू सैमसन (24) ने म‍िलकर ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ 22 गेंदों पर 48 रन बनाकर ओपन‍िंग पार्टनरश‍िप की थी. नंबर 3 पर ईशान किशन (38) फ‍िर कप्तान सूर्या (33) और प्लेयर ऑफ द मैच हार्द‍िक पंड्या ने 23 गेंदों पर 50 रन जड़कर जता दिया कि वो क्यों हार्ट ह‍िटर बल्लेबाज कहे जा रहे हैं. ऐसे में प्लेइंग 11 में बदलाव नहीं होगी, ऐसे में रिंकू सिंह, वॉ‍श‍िंगटन सुंदर, कुलदीप यादव , मोहम्मद स‍िराज  प्लेइंग 11 से बाहर ही रहेंगे.  वहीं बात वेस्टंडीज की टीम में एक बदलाव हो सकता है, रोस्टन चेज की जगह अकील हुसैन की एंट्री हो सकती है. साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ चेज ने 4 ओवर में 46 रन देकर 1 विकेट हास‍िल किया था.  वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ भारत की संभाव‍ित प्लेइंग 11: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती. भारत के ख‍िलाफ वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग 11: ब्रैंडन किंग, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज/अकील हुसैन, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती और शमर जोसेफ. भारत का स्क्वॉड: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह.  वेस्टइंडीज का स्क्वॉड: ब्रैंडन किंग, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, शमर जोसेफ, क्वेंटिन सैम्पसन, जेडन सील्स, रोस्टन चेज़ और जॉनसन चार्ल्स. वेस्टइंडीज के ये ख‍िलाड़ी खतरनाक  वहीं भारत को इस मुकाबले में वेस्टइंडीज के स्प‍िनर गुडाकेश मोती (6 मैच 10 विकेट), जेसन होल्डर (6 मैच 8 विकेट) से सावधान रहना होगा. वहीं बल्लेबाजी में श‍िमरॉन हेटमायर  6 मैचों में 221 रन जड़ चुके हैं.  कप्तान शाई होप ने 6 मैचों में 185 रन,  शेरफेन रदरफोड ने कप्तान शेरफेन रदरफोर्ड ने 6 मैचों में 169 रन बनाए हैं.  भारत और वेस्टइंडीज का हेड टू हेड (टी20 ओवरऑल) टी20 इंटरनेशनल  में भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2009 से 2023 तक खेले गए 30 मुकाबलों में भारत ने 19 जीत और 10 हार के साथ 65.51% जीत दर हासिल की, जबकि वेस्टइंडीज ने 10 जीत और 19 हार के साथ 34.48% सफलता पाई. दोनों टीमों के एक-एक मैच बेनतीजा रहा. भारत और वेस्टइंडीज का हेड टू हेड (टी20 वर्ल्ड कप में) भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2009 से 2016 तक टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए कुल 4 मैचों में भारत ने केवल 1 मैच जीत पाया और 3 मैच हार गया. IND vs WI सुपर 8 मुकाबला और सेमीफाइनल का समीकरण  भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मुकाबला अब नॉकआउट से कम नहीं है. इस मैच को जीतने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल का टिकट कटाएगी. भारत ने जैसे ही जिम्बाब्वे को हराया, उसी के साथ साउथ ने ग्रुप-1 से अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि ज‍िम्बाब्े की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गईं. बारिश हुई तो नेट रनरेट बनेगा विलेन फैन्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर भारत-वेस्टइंडीज का मैच बारिश की भेंट चढ़ गया तो समीकरण क्या रहेगा. नियमों के मुताबिक मुकाबला रद्द होने की स्थिति में दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा. ऐसे में अंक तालिका में दोनों के 3-3 अंक हो जाएंगे, लेकिन फैसला नेट रनरेट पर होगा, और यही भारत के लिए चिंता की वजह बन सकता है. वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 101 रन की विशाल जीत दर्ज की थी, जिससे उसका नेट रनरेट +1.791 है. दूसरी ओर भाारत का नेट रनरेट फिलहाल -0.100 है, जो काफी पीछे है. अगर मैच नहीं हुआ, तो बेहतर रनरेट के आधार पर वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में चला जाएगा और भारत का सफर यहीं खत्म हो सकता है. सूर्या आएंगे सवाल के घेरे में  ऐसी स्थिति बनी तो कप्तान सूर्या की रणनीति पर भी चर्चा तेज हो सकती है. जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में उन्होंने बुमराह और पंड्या से पूरे ओवर नहीं कराए. उनकी जगह श‍िवम दुब को दो ओवर दिए गए, जिनमें 46 रन चले गए. अगर उस मैच में भारत 108 रन या उससे ज्यादा के अंतर से जीतता, तो उसका नेट रनरेट वेस्टइंडीज से बेहतर हो सकता था और बारिश की स्थिति में भी टीम सुरक्षित रहती. मौसम से मिली राहत की खबर हालांकि मौसम विभाग के अनुसार रविवार (1 मार्च) को कोलकाता में मौसम साफ रहने का अनुमान है. दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि शाम तक यह 25-26 डिग्री तक गिर जाएगा. शाम 7 … Read more

पिछले वर्ष के सापेक्ष आबकारी से अब तक मिला 13% अधिक राजस्व

फरवरी तक उत्तर प्रदेश में हुआ ₹.1.96 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रह पिछले वर्ष के सापेक्ष आबकारी से अब तक मिला 13% अधिक राजस्व मुख्यमंत्री ने की चालू वित्तीय वर्ष की फरवरी मासांत तक के कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा, कहा, लक्ष्य के सापेक्ष तेज करें प्रयास जीएसटी, वैट आबकारी, परिवहन सहित हर सेक्टर में बढ़ा राजस्व संग्रह, मुख्यमंत्री ने जताया संतोष होली पर अलर्ट रहे प्रशासन, न बने-न बिके अवैध और जहरीली शराब: मुख्यमंत्री लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन व रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण को तेज करें: मुख्यमंत्री परिवहन निगम की बसों की फिटनेस सुनिश्चित करें, नए रुट चिन्हित कर निजी क्षेत्र के सहयोग से बस सेवा शुरू करें: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी मासांत तक के कर एवं करेत्तर राजस्व की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीकरण, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व तथा खनन विभागों द्वारा प्रस्तुत लक्ष्यों और उपलब्धियों का आकलन करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राजस्व वृद्धि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को निर्धारित करती है। उन्होंने सभी विभागों को पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार-आधारित कार्यप्रणाली के साथ लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर-राजस्व का वार्षिक लक्ष्य ₹2,95,000 करोड़ निर्धारित है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक ₹1,96,177 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की गई है। राज्य कर (जीएसटी + वैट) का लक्ष्य ₹1,75,725 करोड़ है, जिनके मुकाबले अभी तक ₹1,03,770 करोड़ का संग्रह प्राप्त हुआ है। इसमें जीएसटी के तहत ₹75,195 करोड़ तथा वैट के अंतर्गत ₹28,575 करोड़ की प्राप्ति शामिल है। राज्य कर विभाग ने बताया कि जीएसटी 2.0, एआई आधारित जोखिम विश्लेषण, बड़े पैमाने पर स्क्रूटनी, ई-इनवॉइसिंग और ई-वे बिल की प्रभावी निगरानी जैसे प्रयासों से कर अनुपालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। एआई आधारित 1.59 लाख करदाताओं की जांच, 75 जनपदों में संवाद कार्यक्रम, फर्जी आईटीसी पर नियंत्रण तथा ₹3,117 करोड़ की वसूली विभाग के प्रमुख परिणाम रहे। आबकारी विभाग की ओर से बताया कि विभाग का वार्षिक लक्ष्य ₹63,000 करोड़ है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक ₹48,501 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 13.2 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दुकानों के नवीनीकरण की दर 93.75 प्रतिशत दर्ज की गई है। विभाग ने उपभोग आधारित रणनीति, दुकानों के नवीनीकरण, लाइसेंस शुल्क, असग्रम मांग पत्र तथा थोक एवं ब्रांड नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से मार्च में लगभग ₹9,050 करोड़ की अतिरिक्त प्राप्ति का रोडमैप प्रस्तुत किया। वर्षांत तक राजस्व लगभग ₹57,550 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने वर्ष 2025-26 के अपने वार्षिक लक्ष्य ₹38,150 करोड़ के सापेक्ष फरवरी तक ₹29,487 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की। विभाग ने यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर और वाराणसी सहित विभिन्न विकास प्राधिकरणों की आगामी आवासीय एवं वाणिज्यिक परियोजनाओं से संभावित राजस्व का भी विवरण प्रस्तुत किया। खनन पट्टों के नवीनीकरण, अवशेष संपत्तियों के पंजीकरण अभियान, टोल प्लाज़ा मामलों के निस्तारण तथा सर्किल दरों के वैज्ञानिक पुनरीक्षण को राजस्व संवर्धन के प्रभावी उपायों के रूप में प्रस्तुत किया गया। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग का वार्षिक लक्ष्य ₹14,000 करोड़ है, जिसके मुकाबले फरवरी तक ₹11,005 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। वाहन पंजीकरण में सुधार, कर अदायगी की बेहतर व्यवस्था, तकनीक आधारित निगरानी तथा प्रवर्तन कार्यवाहियों की मजबूती से विभाग ने राजस्व वृद्धि दर्ज की है। कर वसूली शिविर, निगरानी अभियान और डिजिटल मॉनिटरिंग को आगामी अवधि में और तीव्र करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। बैठक में भू-राजस्व एवं ऊर्जा विभाग ने संयुक्त रूप से फरवरी तक ₹3,414 करोड़ की उपलब्धि की जानकारी दी, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है। खनन एवं भू-तत्व विभाग ने बताया कि विभाग वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित ₹6,000 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष फरवरी तक ₹3,597 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति कर चुका है। विभाग ने बताया कि खनन क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग, ओवरलोडिंग की ज़ीरो पॉइंट रोकथाम, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग, विभिन्न राज्यों के पोर्टलों से एपीआई इंटीग्रेशन तथा अंतरराज्यीय समन्वय के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह और अधिक सुदृढ़ हुआ है। विभाग ने मार्च में लगभग ₹600 करोड़ की संभावित प्राप्ति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि बढ़ता हुआ राजस्व प्रदेश में बुनियादी ढाँचे, सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करता है। उन्होंने सभी विभागों को टीम भावना, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने आबकारी विभाग को होली पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा अवैध और जहरीली शराब के किसी भी प्रकार के उत्पादन एवं बिक्री को पूर्णतः रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग से लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन की प्रगति की जानकारी लेते हुए रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की गति बढ़ाने को कहा। परिवहन विभाग को मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की बसों की फिटनेस, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की ठोस कार्ययोजना और नए रूट चिन्हित कर निजी बस संचालकों के सहयोग से बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

होलिका दहन की अनोखी परंपरा: क्यों महाकाल के आंगन से होती है शुरुआत?

हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन पूरे देश में होली का त्योहार मनाया जाता है. इससे एक दिन पहले फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन किया जाता है. होलिका दहन का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा 03 मार्च को है. ऐसे में इस साल 03 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा. इसके अगले दिन 04 मार्च को रंगों से होली खेली जाएगी. होलिका दहन को छोटी होली भी कहा जाता है. मान्यता है कि होलिका की पवित्र अग्नि में सभी तरह की नकरात्मक शक्तियों और कष्टों को समाप्त करने की शक्ति है, इसलिए होलिका दहन की पूजा अवश्य करें, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे पहले महाकाल के दरबार में होलिका दहन किया जाता है. आइए जानते हैं कि सबसे पहले यहां होलिका दहन क्यों होता है? महाकाल के दरबार होलिका क्यों जलती है सबसे पहले? महाकाल उज्जैन के राजा माने जाते हैं. पुरानी परंपरा के अनुसार प्रजा पहले अपने राजा के घर ही उत्सव मनाती है. उसके बाद वो अपने घरों में उत्सव मनाती है. यही कारण है कि मदिर में सबसे पहले होलिका दहन के दिन पूजा और संध्या आरती की जाती है. इसके बाद पुजारियों के मंत्रोच्चार के साथ मंदिर प्रांगण में होलिका दहन किया जाता है. मान्यता है कि महाकाल दरबार में होलिका दहन करने से नगर की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं. भस्म आरती में राख की जाती है उपयोग दूर-दूर से श्रद्धालु इस पावन अग्नि के दर्शन करने के लिए महाकाल के दरबार में आते हैं. महाकाल मंदिर का होलिका दहन सिर्फ लकड़ियों और उपलों का जलना भर नहीं है, बल्कि यह शिव और शक्ति के प्रति अटूट विश्वास का त्योहार माना जाता है. मंदिर में होने वाले इस आयोजन से पहले महाकाल बाबा को गुलाल अर्पित किया जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को मंदिर परिसर में होलिका दहन के बाद, उस पवित्र अग्नि की राख यानी विभूति को अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली विशेष भस्म आरती में उपयोग किया जाता है. इसी ताजी राख से भगवान महाकाल का दिव्य शृंगार किया जाता है.

लटकते तारों और जर्जर बाउंड्री के बीच पढ़ाई को मजबूर नन्हे कदम

राजेन्द्रग्राम/छबिलाल तहसील पुष्पराजगढ़ मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित पाला डिगवार का शासकीय प्राथमिक विद्यालय इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रहा है। कक्षा पहली से पांचवीं तक अध्ययनरत 48 मासूम विद्यार्थी खतरे के साये में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। विद्यालय परिसर में लगे विद्युत ट्रांसफॉर्मर के तार जमीन पर लटक रहे हैं, जिससे विशेषकर बरसात या जमीन गीली होने की स्थिति में करंट फैलने का खतरा बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन नजर आ रहे हैं। हाल ही में पंचायत द्वारा विद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दीवारों में जगह-जगह दरारें और छेद दिखाई दे रहे हैं तथा बिना रिंग के खंभे तैयार कर बाउंड्री खड़ी कर दी गई है। लगभग पंद्रह दिन पूर्व कार्य पूर्ण बताकर इसे विद्यालय को सौंप दिया गया, किंतु स्थिति ऐसी है मानो अधूरा काम छोड़ दिया गया हो। कमजोर निर्माण के कारण जहरीले जीव-जंतुओं के प्रवेश का खतरा भी बना हुआ है, जिससे छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता व्याप्त है। विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंप के लिए सोख्ता गड्ढा नहीं बनाए जाने से पानी पूरे बाउंड्री क्षेत्र में फैल जाता है और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है। बच्चे इसी परिसर में खेलते हैं, जहां नीचे पानी भरा रहता है और ऊपर बिजली के तार लटक रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। विद्यालय के शिक्षक इंद्र सिंह राजपूत के अनुसार स्कूल में अब तक किचन सेट का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक नन्हे विद्यार्थी मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा के अभाव में पढ़ाई करने को मजबूर रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब ध्यान देंगे।

बीजापुरी नंबर-1 में काष्ठ शिल्पियों के कार्यों का शहडोल संभाग की कमिश्नर ने लिया जायजा

बीजापुरी नंबर-1 में काष्ठ शिल्पियों के कार्यों का शहडोल संभाग की कमिश्नर ने लिया जायजा  अनूपपुर  कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम बीजापुरी नंबर-1 में स्थित कारीगर वर्कशॉप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने काष्ठ शिल्पियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन कर कलाकारों से उनके कार्यों और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने मौके पर उपस्थित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री तथा ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक से कारीगर वर्कशॉप के विकास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि दो बड़े टीन शेड के निर्माण, सामग्री प्रदर्शन हेतु शोकेस और अलमारी की व्यवस्था, पेयजल सुविधा, विद्युत का थ्री-फेज कनेक्शन तथा परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। भ्रमण के दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री अमर साय राम, ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक श्री दशरथ झारिया तथा सहायक खंड प्रबंधक श्री संदीप शर्मा उपस्थित रहे।

विधानसभा में मंत्री विजयवर्गीय का बड़ा बयान: अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जल्द होगा कड़ा कदम

भोपाल ध्य प्रदेश की विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने  अवैध कॉलोनियों को लेकर बड़ी घोषणा की। सीधी विधायक रीति पाठक के प्रश्न काल में पूछे सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि अब अवैध कॉलोनियों पर कड़ा कानून लागू किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर सख्त नियम लागू होंगे।   विजयवर्गीय ने सीधी जिले के सवाल पर कहा कि सरकार ने शहर के पुराने बस स्टैंड को गिराकर नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए लगभग 7 करोड़ रुपए की राशि पहले ही स्वीकृत कर दी थी। विकास कार्य में देरी के कारण मंत्री ने बताया कि निविदा प्रक्रिया में समय लगने के कारण अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, लेकिन इसे जल्द ही शुरू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण का काम अगले कुछ महीनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। अवैध कॉलोनियों पर सख्त रुख सीधी नगरपालिका क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में बिना रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन के कई अवैध कॉलोनियों का निर्माण हुआ है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीइसके अलावा, जिन अवैध कॉलोनियों को वैध किया जा सकता है, उन पर विचार किया जाएगा और जो वैध नहीं हो सकतीं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि  सीवर लाइन निर्माण परियोजना सीधी नगरपालिका क्षेत्र के लिए लंबे समय से मांग की जा रही सीवर लाइन निर्माण परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति जल्द ही जारी कर दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि यह परियोजना शहरवासियों के लिए जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विधायक ने किया इस एलान का स्वागत सीधी विधायक रीति पाठक ने मंत्री के इस एलान का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल शहर का विकास होगा, बल्कि अवैध कॉलोनियों की समस्या पर भी सख्त कदम उठाए जाने से नागरिकों को राहत मिलेगी। 

मुख्यमंत्री का निर्देश, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के खुद के भवन नहीं, उनका कराएं निर्माण

हर आंगनबाड़ी केंद्र का होगा स्वयं का भवन-मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री का निर्देश, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के खुद के भवन नहीं, उनका कराएं निर्माण  प्रदेश में 1.89 लाख केंद्र, 76 हजार को नए भवनों की आवश्यकता सीएसआर से सहयोग लें, राज्य सरकार भी करेगी सहयोग: मुख्यमंत्री  प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल की उपयोगिता पर करें विचार: मुख्यमंत्री   नए आंगनबाड़ी भवनों में होगा आधुनिक व समावेशी सुविधाओं का समावेश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 03 से 06 वर्ष आयु के बच्चे आते हैं और ये केंद्र प्री-प्राइमरी के रूप में भी उपयोगी हैं। ऐसे में बच्चों की सुविधा, पठन-पाठन की उत्कृष्ट व्यवस्था तथा भवनों का आकर्षक स्वरूप सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 76 हजार केंद्र अभी अपने स्वयं के भवनों में नहीं चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों के निर्माण में कॉरपोरेट-सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) का सहयोग लिया जा सकता है और आवश्यकतानुसार राज्य सरकार भी वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल अपनाया जा सकता है। उन्होंने एक मानक मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जहाँ भी संभव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए, ताकि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित एकीकृत सेवाएँ एक ही स्थान पर सहजता से उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा के दौरान कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं और समुदाय को सुरक्षित, स्वच्छ तथा आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद हैं। राज्य सरकार आंगनबाड़ी ढाँचे को पूरी तरह रूपांतरित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यह मिशन ‘स्वस्थ बचपन-समर्थ उत्तर प्रदेश’ को नई गति देगा। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रस्तावित नए आंगनबाड़ी भवनों का मॉडल समावेशी एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें पेयजल सुविधा, विद्युत व्यवस्था, शौचालय, खेल-आधारित गतिविधियों हेतु पर्याप्त ‘प्ले एरिया’, किचन शेड, हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था, लो-हाइट वॉश यूनिट, बाल-मित्र शौचालय, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक कक्ष तथा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सहित पोषण वाटिका जैसी व्यवस्थाएँ शामिल होंगी।

RSS का बड़ा बयान: ‘हम 5 साल नहीं, शताब्दियों तक की सोच रखते हैं’

नई दिल्ली  राइजिंग भारत समिट 2026 में ‘स्ट्रेंथ विदइन’ थीम के साथ देश की बदलती तस्वीर पर चर्चा हुई. इस दौरान आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेडकर ने युवाओं और संघ के तालमेल पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि आज का युवा एस्पिरेशनल है और संघ उसके लिए सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह काम करता है. रुबिका लियाकत के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि ‘भारत माता की जय’ किसी पर थोपी नहीं जाती, बल्कि ये आज के युवाओं के दिल से आती है. इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी. पूरा मंच भारत की आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास को दुनिया के सामने रखने के लिए तैयार है. यह आयोजन भारत के भविष्य के निर्माण में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है, जहां देश की प्रगति का सटीक खाका तैयार किया जा रहा है. क्या आरएसएस युवाओं की पसंद बन गया है? सुनील आंबेडकर का मानना है कि संघ आज के एस्पिरेशनल भारत की असली आवाज है. उन्होंने कहा कि देश के हर कोने में मौजूद लोग आज संघ से इसलिए जुड़ रहे हैं, क्योंकि उनकी आकांक्षाएं राष्ट्र निर्माण से गहराई से जुड़ी हैं. आज का युवा खुद को और अपने देश को तेजी से आगे देखना चाहता है. उनके लिए वंदे मातरम का नारा गर्व का विषय है, न कि किसी विवाद का मुद्दा. क्या भारत माता का जयकारा जबरदस्ती है? जब रुबिका लियाकत ने सवाल किया कि क्या ये नारे थोपे जा रहे हैं, तो आंबेडकर ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो संघ को 100 साल का लंबा सफर तय करने में बड़ी दिक्कत आती. संघ सालों और सदियों के हिसाब से काम करता है. यह निरंतर संवाद की एक ऑर्गेनिक प्रक्रिया है, जो जमीन पर लोगों के बीच से निकलकर सामने आती है.