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क्या विधायक पद छोड़ेंगे तेजस्वी यादव? राज्यसभा चुनाव पर सियासी हलचल तेज

पटना बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हो गई है। सियासी गलियारों में अटकलें चल रही हैं कि तेजस्वी खुद विपक्ष के राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में पार्टी की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर, राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करने के लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को अहम बैठक बुलाई है। आरजेडी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की यह बैठक रविवार को पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर होगी। इस बैठक की अध्यक्षता लालू यादव करेंगे। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पार्टी के सभी सांसद, विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राबड़ी आवास में शाम 7 बजे से होने वाली बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार चयन पर मंथन किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज रही। हालांकि, पार्टी के तमाम वरीय नेताओं ने इससे साफ इनकार किया। कोई भी नेता इस दावे की पुष्टि नहीं कर सके। चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव संसद जा सकते हैं। उनकी विधानसभा सीट राघोपुर से परिवार के किसी अन्य सदस्य को उपचुनाव में लड़ाया जा सकता है। हालांकि, रविवार को आरजेडी की बैठक के बाद ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिहार की 5 राज्यसभा सीटें हो रहीं खाली बिहार की पांच राज्यसभा सीटें रिक्त होने जा रही हैं, जिन पर चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जो सीटें खाली हो रही हैं उन पर वर्तमान में एनडीए के 3 और आरजेडी के दो सांसद हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के अनुसार एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट पर जीत के लिए ना तो एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं और ना ही विपक्षी दलों के महागठबंदन के पास नंबर हैं। अगर आरजेडी या विपक्ष की ओर से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारा जाता है तो क्रॉस वोटिंग हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही राज्यसभा में विपक्ष से प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर चुके हैं। अब लालू यादव ने उम्मीदवार चयन के लिए पार्टी की बैठक भी बुला दी है। इससे साफ है कि महागठबंधन एनडीए के खिलाफ प्रत्याशी उतारने के पूरे मूड में है। तेजस्वी को चाहिए ओवैसी और मायावती का साथ बिहार विधानसभा में अभी आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक ही हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसी स्थिति में लालू-तेजस्वी को अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक का समर्थन चाहिए। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने खुद अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर आरजेडी से समर्थन मांगा था। शुक्रवार को पटना में तेजस्वी यादव और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की सीक्रेट मीटिंग होने की भी बात सामने आई। इसमें दोनों दलों के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है। राज्यसभा चुनाव के लिए 5 मार्च तक नामांकन बिहार की 5 समेत देश भर की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। नामांकन का आखिरी दिन 5 मार्च है। 9 मार्च तक नामांकन वापसी हो सकती है। अगर 5 से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो 16 मार्च को मतदान होगा। उसी दिन रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। सत्ताधारी गठबंधन की ओर से भी अभी तक किसी भी उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

रायपुर मुख्यमंत्री  साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में  प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नक्सलवाद बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की ओर है और इस दिशा में हम सफल हो रहे हैं। निश्चित रूप से मार्च 2026 तक  प्रधानमंत्री  विष्णुदेव साय और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह का संकल्प पूरा होगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और खनिजों का समुचित दोहन कर राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और अब छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध क्रांति आने वाली है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है और विगत दो वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। राज्य में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है तथा प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चकरभाटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, मंगला में माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल एवं स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री  साय ने सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए तथा पत्थरखान में आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि उन्नति योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जी किसानों के बीच आए हैं, यह बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर साल किसानों के खातों में धान की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धान से अधिक लाभ दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन में है और किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए। कृषि मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में नवाचार और परिवर्तन से ही किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को मिश्रित कृषि तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय किसानों के दर्द और मेहनत को समझते हैं और होली से पहले किसानों की मेहनत और पसीने की सौगात देने के लिए आज उनके बीच उपस्थित हुए हैं। अन्नदाताओं की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ खुशहाल है। विगत तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है तथा 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई … Read more

त्योहारों को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, शांति समिति में अहम फैसले

अनूपपुर.  जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अनूपपुर  हर्षल पंचोली एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में शनिवार को थाना कोतवाली अनूपपुर में आगामी होलिका दहन,  धुरेडी, रंगपंचमी, चेट्री चंड उत्सव ( झूलेलाल जयंती), गुड़ी पड़वा, ईद उल फितर,  रामनवमी एवं  हनुमान जन्मोत्सव को शान्ति पूर्व मनाये जाने हेतु शान्ति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। थाना कोतवाली अनूपपुर में आयोजित शान्ति समिति की बैठक में एसडीएम अनूपपुर  कमलेश पुरी, टी.आई. कोतवाली अनूपपुर अरविन्द जैन, यातायात थाना प्रभारी विनोद दुबे, नगर पालिका उपयंत्री बृजेश पाण्डेय, मनीष जोशी (उप यंत्री ) मध्यप्रदेश विद्युत मंडल,  पार्षदगण अनिल पटेल, प्रवीण सिह, विनोद कुमार सोनी, जनप्रतिनिधि बृजेश चतुर्वेदी, शिवरतन वर्मा, कमलेश तिवारी पिन्टू, सदर जामा मस्जिद लियाकत अली, पूर्व सदर मोहम्मद सलीम बाबा खान, तौहित खान, शेर अली, परसराम बागवानी, तेजूमल भोजवानी, संजय भोजवानी राकेश गौतम होलिका दहन कार्यक्रम के आयोजकगण,  हनुमान जन्म उत्सव कार्यक्रम के आयोजकगण, शिव मारूती युवा संगठन के राहुल अग्रहरि, बृजेश राठौर, इशांक केशरवानी सदस्य डी.जे. एवं साउण्ड सिस्टम संचालकगण, मीडिया बंधु नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य एवं कोटवार बंधु सहित करीब 100 गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिको ने पर्वो के दौरान कार्यक्रम स्थल पर साफ सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था हेतु, पर्वो के दौरान सड़को पर नीचे झूले हुए बिजली तारों को ऊंचा कराये जाने हेतु, पर्वो के जुलुस में पुलिस की व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था हेतु पुलिस प्रशासन को सुझाव दिया गया। होली पर्व पर शराब पीकर हुड़दंग कर आम नागरिको को परेशान किये जाने वालो पर कार्यवाही हेतु सुझाव दिया गया।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर, ईरान संकट के चलते भारतीय फ्लाइट्स की दिशा बदली

नई दिल्ली इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर भारतीय एयरलाइंस पर भी पड़ा है। इंडिगो और एयर इंडिया की फ्लाइट्स को बीच रास्ते से ही भारत वापस लौटना पड़ा है। एयरलाइन ने पुष्टि की कि 28 फरवरी को दिल्ली से तेल अवीव के लिए रवाना हुई AI139 इजरायल के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण भारत वापस लौट रही है। दोनों तरफ से किए जा रहे हवाई हमलों की वजह से दोनों देशों ने अपने-अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। इसके कारण दिल्ली और तेल अवीव के बीच चलने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को डायवर्ट कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-तेल अवीव की फ्लाइट संख्या AI139 और तेल अवीव से वापस आने वाली फ्लाइट संख्या AI140 इस संघर्ष की वजह से प्रभावित हुई हैं।

ईरान पर ट्रंप का बड़ा बयान: सरेंडर नहीं किया तो विनाश तय, क्या खत्म होने वाला है खामेनेई का दौर?

तेहरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान में प्रमुख सैन्य अभियान शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को आगाह किया है कि इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है और कुछ जानें भी जा सकती हैं। ट्रंप ने कहा, 'कुछ ही समय पहले, अमेरिकी सेना ने ईरान में प्रमुख सैन्य अभियान शुरू कर दिए हैं। हमारा उद्देश्य ईरानी शासन से उत्पन्न होने वाले खतरों को समाप्त करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है। यह बहुत ही क्रूर और भयानक लोगों का एक दुष्ट समूह है। उनकी खतरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सैनिकों, विदेशों में हमारे ठिकानों और दुनिया भर में हमारे सहयोगियों को खतरे में डाल रही हैं।' ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इन सैन्य हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना और उसकी नौसेना को पूरी तरह से खत्म करना है। यह कड़ा कदम अमेरिका और इजराइल द्वारा दी गई उन लगातार चेतावनियों के बाद उठाया गया है, जिनमें साफ कहा गया था कि अगर ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना जारी रखता है, तो उस पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक वीडियो संदेश में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा- मैं यह बयान हल्के में नहीं दे रहा हूं। ईरानी शासन लोगों की जान लेना चाहता है। इस युद्ध में हमारे साहसी और वीर अमेरिकी नायकों की जान जा सकती है और हमें नुकसान उठाना पड़ सकता है, जैसा कि अक्सर युद्धों में होता है। लेकिन हम यह सब सिर्फ आज के लिए नहीं कर रहे हैं। हम यह भविष्य के लिए कर रहे हैं, और यह एक नेक काम है। ईरानी सेना (IRGC) को सीधी चेतावनी ट्रंप ने ईरान के सशस्त्र बलों, विशेष रूप से 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के सदस्यों को सीधे संबोधित करते हुए हथियार डालने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि जो सैनिक आत्मसमर्पण कर देंगे, उन्हें माफी दी जाएगी। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि हथियार न डालने वालों के लिए दूसरा विकल्प केवल निश्चित मौत है। वार्ता की विफलता के बाद उठाया गया कदम इस सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुई कूटनीतिक वार्ताओं की विफलता है। पिछले कुछ हफ्तों में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। सबसे ताजा वार्ता गुरुवार को ही हुई थी, जो बिना किसी समझौते के बेनतीजा समाप्त हो गई। इस विफलता पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने कहा- ईरान ने इनकार कर दिया, ठीक वैसे ही जैसे वह दशकों से करता आ रहा है। उन्होंने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के हर अवसर को ठुकरा दिया, और अब हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते। परमाणु हथियार या सत्ता परिवर्तन? सच्चाई जान लीजिए अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। क्या अमेरिका का असली लक्ष्य सिर्फ ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है, या फिर इसके पीछे एक बहुत बड़ी योजना काम कर रही है- ईरान में सत्ता परिवर्तन और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को पद से हटाना। परमाणु हथियार: मुख्य कारण या सिर्फ एक आवरण? आधिकारिक तौर पर, अमेरिका और उसके सहयोगी (विशेषकर इजरायल) हमेशा यह दावा करते रहे हैं कि उनकी कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने उच्च स्तर तक यूरेनियम संवर्धन किया है। अमेरिका का तर्क है कि यह वैश्विक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। हालांकि, कई रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु मुद्दा अमेरिका के लिए एक ढाल की तरह काम करता है। असली चिंता ईरान का 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' है, जिसके तहत वह पूरे मध्य पूर्व में हिजबुल्लाह, हमास और हूतियों जैसे गुटों का समर्थन करता है। अमेरिका का मानना है कि जब तक मौजूदा सरकार सत्ता में है, यह समर्थन कभी खत्म नहीं होगा। असली मकसद: खामेनेई और सत्ता परिवर्तन विशेषज्ञों और कूटनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि अमेरिका अब इस नतीजे पर पहुंच चुका है कि ईरान के साथ कोई भी कूटनीतिक समझौता (जैसे 2015 का परमाणु समझौता) स्थायी नहीं हो सकता। अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान में सर्वोच्च शक्ति हैं। उनकी विचारधारा पूरी तरह से 'अमेरिका विरोध' पर आधारित है। वाशिंगटन का मानना है कि खामेनेई के रहते अमेरिका और इजरायल के हित कभी सुरक्षित नहीं रह सकते। यह वजह है कि ईरान के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे देश के निर्वासित शहजादे रजा पहलवी को अमेरिका कुर्सी पर बैठाना चाहता है।

चार दिवसीय विदेश यात्रा में उत्तर प्रदेश का भविष्य गढ़ने के लिए हर क्षण का उपयोग

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर और जापान का दौरा सिर्फ विदेशी दौरा भर नहीं था, बल्कि इस यात्रा ने दुनिया के सामने उनकी कर्मयोगी की छवि को और पुख्ता किया है। चार दिनों तक बिना थके, अनवरत और अदम्य ऊर्जा के साथ उद्यमियों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उद्योग संस्थानों में भ्रमण के साथ उन्होंने भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद किया। यह उनकी कर्मठता, अनुशासन और अपने राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का बेमिसाल उदाहरण है। सीएम योगी की मेहनत रंग भी लाई और उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के प्रति जिस तरह उत्साह दिखाया, वह इस बात का प्रमाण है कि विश्व में यूपी को लेकर धारणा बदली है।  सीएम योगी का यह दौरा सामान्य नहीं था। सिंगापुर और जापान का समय भारत से क्रमशः ढाई और साढ़े तीन घंटे आगे है। लंबी विमान यात्रा के बाद समय के अनुकूलन की चुनौती भी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के हाव-भाव और सक्रियता में कहीं इसका रंचमात्र भी असर देखने को नहीं मिला। सीएम योगी सुबह छह बजे सिंगापुर पहुंचे और महज ढाई घंटे बाद ही वहां भारत के राजदूत से मिले। इसके बाद बैठकों और औद्योगिक इकाइयों के भ्रमण और उद्योगपतियों से मिलने का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात दस बजे रात्रिभोज के साथ समाप्त हुआ। दूसरे दिन भी सुबह पौने नौ बजे से ही मुख्यमंत्री सक्रिय हो गए और रात साढ़े आठ बजे तक वह ‘मिशन सिंगापुर’ पूरा कर चुके थे।  कोई और होता तो इतनी व्यस्तता के बाद शायद रात्रि विश्राम को प्राथमिकता देता, लेकिन सीएम योगी सिंगापुर से रात 10 बजे टोक्यो (जापान) के लिए रवाना हो गए। घंटों की थकाऊ यात्रा के बाद वह सुबह लगभग छह बजे टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे पहुंचे और 25 फरवरी को सवा नौ बजे मित्सुई कंपनी के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए तैयार थे। जापान में भी सीएम योगी ने बिना रुके, अनवरत ऊर्जा के साथ दो दिन तक दर्जनों उद्यमियों से मुलाकात की, रोड शो मे भाग लिया और फिर लंबी यात्रा के बाद 27 फरवरी को तड़के अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ लखनऊ एयरपोर्ट पर थे।  इस अथक मेहनत का परिणाम अब उत्तर प्रदेश के विकास में मील के पत्थर के रूप में सामने आया है। डेढ़ लाख करोड़ रुपये के एमओयू और ढाई लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आगे चलकर उत्तर प्रदेश का भविष्य बदलेंगे। यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि मुख्यमंत्री ने हर क्षण को प्रदेश के विकास के लिए साधन के रूप में इस्तेमाल किया। राजनेताओं की विदेश यात्राओं में अक्सर शिष्टाचार भेंट और औपचारिकता भरे कार्यक्रम समय नष्ट कर देते हैं, लेकिन सीएम योगी के इस दौरे में हर बैठक का एजेंडा स्पष्ट था। उनके इस दौरे में कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, किसी दर्शनीय स्थल का भ्रमण नहीं, बस मिनट टू मिनट बैठकें, रोड शो और उन औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण रहा, जिनके सहयोग से उत्तर प्रदेश के भविष्य को गढ़ा जा सके। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाए जा सकें अर्थात औपचारिकताओं में न्यूनतम समय और परिणामों पर अधिकतम ध्यान।  इन चार दिनों में सीएम योगी जीवंत कर्मयोग का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरे। हालांकि उनका संपूर्ण जीवन स्वअनुशासन की मिसाल है। राजधानी लखनऊ में उनकी दिनचर्या ऐसी ही नियमबद्ध होती है। तड़के उठकर समाचार पत्रों के माध्यम से प्रदेश की गतिविधियों की जानकारी, उसके बाद जनता दर्शन में आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, अधिकारियों को निर्देश देना और फिर दिनभर बैठकों व कार्यक्रमों का सिलसिला और रात में विभागीय कार्यों की समीक्षा। गोरखपुर प्रवास में भी गोसेवा के बाद वह जनता दर्शन और फिर लगातार कार्यक्रमों में शामिल रहते हैं। हर दिन का उपयोग, हर क्षण का उपयोग। उनका पूरा व्यक्तित्व आध्यात्मिक साधना और प्रशासनिक दक्षता का संगम है। सादगीपूर्ण जीवन शैली और विकास का आधुनिक दृष्टिकोण उन्हें विशिष्ट बनाता है।  

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का दावा, सचिवालय को विधानसभा जैसा बनाने से प्रदेश पहुंचेगा नई ऊंचाई

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। 22 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बिना ही सरकार ने वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के लिए विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया। कांग्रेस के सदस्यों ने चर्चा के अवसर न दिए जाने के विरोध में बहिर्गमन कर दिया। इस बीच 4,38,417 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जितना अच्छा विधानसभा सचिवालय है, यदि उतना अच्छा सरकार का सचिवालय भी हो जाए तो पता नहीं यह प्रदेश किस ऊंचाई तक पहुंच जाए। प्रदेश की विधानसभा की परंपरा बहुत उच्चकोटि की रही है, जिसकी चर्चा सारे देश में की जाती है। पूर्व के मंत्री रहे हैं, चाहे इधर बैठने वाले हों या उधर बैठने वाले हों, सबने हमेशा अपनी-अपनी विचारधारा के अनुसार काम किया है, पर विधान सभा की गरिमा को ठेस लगे ऐसा कोई काम नहीं किया। हमने आपस में एक दूसरे के खिलाफ सड़क पर कितनी भी लड़ाई लड़ी, सदन में भी हमने एक दूसरे के खिलाफ वार्तालाप किया हो, बहस की हो, पर जब हम बाहर निकलते हैं तो एक दूसरे के प्रति जो संबंध है, जो मित्रता है, इस पर मुझे गर्व है कि मैं मप्र की विधान सभा का सदस्य हूं। 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी विधानसभा में शुक्रवार को 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी। सदन की कार्यवाही शांति के साथ चल रही थी। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग की अनुदान मांगों पर दो घंटे चर्चा हुई और प्रस्ताव पारित किए गए लेकिन इसके बाद मुखबंद का उपयोग करते हुए शेष 22 विभागों की अनुदान मांगों को एक साथ प्रस्तुत कर पारित कराया और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विनियोग विधेयक प्रस्तुत कर दिया। इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निर्धारित समय सीमा में अनुदान मांगें स्वीकृत होना आवश्यक है और कार्य दिवस कम हैं इसलिए वर्ष 2026-2027 के आय-व्ययक में सम्मिलित अनुदानों की मांगों का प्रस्ताव एक साथ रखा जाएगा। हमें बार-बार औकात याद दिलाई गई सत्र की समाप्ति पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हमने जब इंदौर में दूषित जल से 35 लोगों की मौत पर सवाल किया तो जवाबदेही के स्थान पर औकात याद दिलाई गई। स्वच्छ जल पर चर्चा के लिए अनुरोध किया तो सरकार ने विपक्ष के नेताओं को जनता से जुड़े मुद्दे पर सवाल करने पर औकात याद दिलाई। जब कैग की रिपोर्ट में सामने आए भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग की फिर औकात दिखाई। चाहे सदन के अंदर हो या बाहर, सरकार और उससे जुड़े लोग हर दिन प्रदेशवासियों को उसकी औकात याद दिला रहे हैं। सिंगरौली के धिरौली कोल परियोजना के विस्थापित आदिवासियों और नियम ताख पर रखकर अदाणी को जमीन देने का मुद्दा उठाया तो सरकार ने झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक दल ने प्रदेश की जनता के हर मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बात रखी और आगे भी रखते रहेंगे। अध्यक्ष बोले- सदन में मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारी दलीय निष्ठाएं भिन्न हो सकती हैं, परंतु लक्ष्य सदैव जनहित ही रहता है। संसदीय लोकतंत्र में सहमति-असहमति, समर्थन-विरोध तथा दलीय प्रतिबद्धताएं स्वाभाविक हैं। मतभेद लोकतंत्र की एक शक्ति हैं, परंतु यह संतोष का विषय है कि मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी। सत्र के दौरान अनेक विषयों पर गहन एवं कभी-कभी तीव्र बहस भी हुई, किंतु सभी कार्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वहीं, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि सत्र अत्यंत सार्थक, परिणामकारी एवं जन भावनाओं के अनुरूप रहा।

सुंगुसी जूनियर के दो गोल ने पंजाब को बेंगलुरु के खिलाफ जीत दिलाई

बेंगलुरु सुंगुसी जूनियर एफियोंग के पहले हाफ में दागे गए दो सटीक गोल की बदौलत पंजाब एफसी ने शुक्रवार को यहां इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल में बेंगलुरु एफसी को 2-0 से हराया। ‘द शेरस’ ने इस सत्र की अपनी पहली जीत दर्ज की और तीन अंक के साथ अंकतालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गए, जबकि बेंगलुरु एफसी चार अंक के साथ छठे स्थान पर बरकरार है। सुंगुसी जूनियर को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।  

यूट्यूबर सलीम के मामले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान, कड़ी कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में आतंक फैलाने और कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह लोनी क्षेत्र के अल्वी नगर निवासी सलीम वास्तिक पर अली गार्डन कॉलोनी स्थित उनके कार्यालय में हमला किया गया था। जानकारी के अनुसार, बाइक सवार दो अज्ञात हमलावर सलीम के दफ्तर में घुसे और चाकुओं से उनके गले व पेट में कई वार किए। गंभीर रूप से घायल सलीम को तत्काल दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार, सलीम की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस मामले में सलीम के बेटे उस्मान की तहरीर पर शक के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों में एआईएमआईएम नेता अजगर, अशरफ, शाहरुख, सोनू तथा भाटी बिल्डर शामिल हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दस विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि फरार आरोपितों तक शीघ्र पहुंचा जा सके। बीती रात पुलिस ने चार स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इनमें दो ठिकाने दिल्ली और दो गाजियाबाद में थे। छापेमारी के दौरान कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर दबिश और तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे संभावित रंजिश, वैचारिक मतभेद और अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गई है। प्रदेश सरकार ने दोहराया है कि कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

8वें वेतन आयोग में बदलाव, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह स्कीम हो सकती है नई

नई दिल्ली  केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वेतन आयोग की सिफारिशें 18 से 20 महीने में लागू होने की उम्मीद है। इससे पहले, वेतन आयोग के सामने डिमांड लिस्ट सौंपने का सिलसिला जारी है। ऐसी ही एक डिमांड केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़ी है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे बड़ा सहारा मानी जाने वाली इस योजना में बड़े बदलाव की उम्मीद है। क्या हो सकता है बदलाव? दरअसल, केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना में स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत CGHS से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। हालांकि, नेशनल काउंसिल(स्टाफ साइड), NC-JCM की 25 फरवरी 2026 को हुई बैठक में इसमें बदलाव की मांग की गई है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है। क्यों अहम है CGHS का मुद्दा? CGHS के तहत सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को पैनल अस्पतालों में कैशलेस इलाज, ओपीडी परामर्श, दवाइयां और डायग्नोस्टिक सेवाएं मिलती हैं। पिछले कुछ वर्षों में निजी अस्पतालों के पैकेज रेट, महंगी दवाइयों और सुपर-स्पेशलिटी उपचार की लागत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में आठवां वेतन आयोग महंगाई और वास्तविक खर्च के अनुरूप वेतन संरचना तय करता है, तो स्वास्थ्य कवर की सीमा और योगदान राशि में बदलाव स्वाभाविक माना जा रहा है। संभावित बदलाव क्या हो सकते हैं? वर्तमान में CGHS योगदान वेतन स्तर के अनुसार तय होता है। कर्मचारियों के संगठनों की मांग है कि पैनल अस्पतालों की संख्या बढ़े और पैकेज रेट समय-समय पर संशोधित हों। वहीं, स्वास्थ्य लाभों का दायरा बढ़ाने पर भी विचार हो सकता है। CGHS कार्ड, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और ई-रिफरल सिस्टम को और सरल बनाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। नई वेतन आयोग की सिफारिशों में प्रशासनिक सुधार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड का रोडमैप भी शामिल किया जा सकता है। बुजुर्ग पेंशनरों के लिए क्रॉनिक बीमारियों, होम-केयर और टेलीमेडिसिन सुविधाओं का विस्तार भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इसको लेकर भी कोई मॉडल बनाया जा सकता है। पिछले साल हुआ गठन बता दें कि बीते साल सरकार ने आठवें वेतन आयोग गठन का ऐलान किया था। इसके लिए नवंबर महीने में समिति को गठित किया था। वहीं, फरवरी 2026 में वेतन आयोग ने एक वेबसाइट लॉन्च किया है। वेतन आयोग ने हितधारकों से अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किए गए 18 प्रश्नों पर प्रतिक्रिया देने का अनुरोध किया है।