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छोटे बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौन व्यवहार के आरोप में 10वीं के छात्रों पर POCSO कार्रवाई

 नाशिक महाराष्ट्र के नाशिक से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां कक्षा 10 में पढ़ने वाले कई छात्रों के खिलाफ POCSO के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोप हैं कि ये छात्र अपने से भी कम उम्र के छात्रों के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते थे। साथ ही इस अपराध को रैगिंग का नाम दिया जाता था। पुलिस ने अभिभावकों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।  रिपोर्ट के अनुसार, घटना नाशिक जिले के एक सरकारी हॉस्टल की है। आरोप हैं कि यहां कक्षा 10 के छात्रों ने कक्षा 5 और 6 के बच्चों के साथ अप्राकृतिक सेक्स किया है। मंगलवार को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद एसपी बालासाहेब पाटिल मौके पर पहुंचे और जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, 'कक्षा 10 के कई छात्र कम उम्र के छात्रों के साथ रैगिंग के नाम पर अप्राकृतिक सेक्स करते थे। पीड़ितों के बयान के आधार पर बीते 6 से 7 महीनों से उनके साथ ऐसा काम किया जा रहा था। 22 फरवरी को उन्होंने इस मामले को हॉस्टल सुप्रीटेंडेंट सामने उठाया था।' उन्होंने कहा, 'इसके बाद सुप्रीटेंडेंट ने कक्षा 10 के लड़कों के माता पिता से संपर्क किया और उन्हें घर लेकर जाने के लिए कहा। उन्होंने पीड़ितों के पैरेंट्स को भी बुलाया। एक पीड़ित के माता पिता ने मंगलवार को कक्षा 10 के लड़कों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।' कार्रवाई शुरू पुलिस ने सीनियर स्टूडेंट्स को हिरासत में लेने की शुरुआत कर दी है। इसके बाद उन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। इसके अलावा हॉस्टल के सुप्रीटेंडेंट समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। उनपर आरोप हैं कि घटना की जानकारी लगने के बाद भी उन्होंने पुलिस को सूचित नहीं किया था। हॉस्टल में 60 छात्रों के रहने की क्षमता है, लेकिन फिलहाल 48 रह रहे थे।

संजू सैमसन पर बैन की चर्चाएं, क्या सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वह खेल पाएंगे? नियम बताते हैं

कलकत्ता  ‘Sanju Samson ban’ शब्द सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रहा है, खासकर आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल से पहले. भारत और इंग्लैंड की टीमें इस मुकाबले में आमने-सामने होंगी. सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर 8 में मैच जिताऊ पारी के बाद जश्न मनाने के कारण इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) संजू सैमसन पर बैन लगा सकती है, जिससे फैंस काफी परेशान हैं। आखिर हुआ क्या था? कोलकाता के ईडन गार्डन्स में रविवार को विजयी चौका लगाने के बाद संजू सैमसन ने हेलमेट उतारकर जमीन पर फेंक दिया और घुटनों के बल बैठकर भगवान का धन्यवाद किया. कुछ लोगों का मानना है कि हेलमेट ‘फेंकने’ का यह एक्शन ICC के ‘क्रिकेट उपकरण के दुरुपयोग’ वाले नियम के तहत आ सकता है। फिलहाल, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ICC संजू सैमसन के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है. हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा है कि अगर सैमसन दोषी पाए गए तो उन्हें एक मैच के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. ICC का नियम क्या कहता है? ICC के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के तहत, खिलाड़ियों को क्रिकेट उपकरण का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए. इसमें हेलमेट, बैट, स्टंप या किसी भी अन्य उपकरण को फेंकना या मारना शामिल है. अगर यह काम गुस्से में नहीं, बल्कि भावनाओं में किया गया हो, तब भी इसकी समीक्षा की जा सकती है और कार्रवाई हो सकती है। नियम में यह भी कहा गया है कि अगर किसी भी एक्शन से उपकरण या स्टेडियम की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसे नियम का उल्लंघन माना जाएगा. हाल ही में, स्कॉटलैंड के क्रिकेटर जॉर्ज मंसी को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक मैच में आउट होने के बाद हेलमेट फेंकने पर एक डिमेरिट प्वाइंट दिया गया था. यानी ऐसे मामलों में कार्रवाई संभव है। क्या सैमसन सस्पेंड हो सकते हैं? तकनीकी रूप से, अगर मैच अधिकारियों को लगता है कि सैमसन ने हेलमेट फेंका है, तो उन्हें सजा मिल सकती है. आमतौर पर, ऐसे मामलों को लेवल 1 अपराध माना जाता है. लेवल 1 के उल्लंघन पर अधिकतम 50% मैच फीस का जुर्माना और दो डिमेरिट प्वाइंट दिए जा सकते हैं। अक्सर, खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में बैन नहीं किया जाता, सिर्फ डिमेरिट प्वाइंट मिलते हैं. मैच रेफरी भी देखते हैं कि यह एक्शन किस संदर्भ में किया गया. जश्न के दौरान किए गए ऐसे एक्शन को आमतौर पर गुस्से में किए गए कामों की तुलना में हल्के में लिया जाता है. इसलिए, सैमसन पर बैन लगना संभव नहीं लगता।

प्राथमिक वा माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को नही है बात करने की तजुर्बा मुंह से निकालते आग

प्राथमिक वा माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को नही है बात करने की तजुर्बा मुंह से निकालते आग  राजेंद्रग्राम  कार्यालय विकासखंड पुष्पराजगढ़ अंतर्गत आने वाली एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला वा शासकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा किसी संस्था से आए हुए अधिकारी कर्मचारी वा पत्रकारो के आने से सिक्षको में खलबली मच जाती है।और सभी शिक्षक एक जगह आए हुए अधिकारी कर्मचारी वा पत्रकार बंधुओ को घेर कर उसका इंटरव्यू लेने के कगार में होते है।कहा जाता है की आप लोगों से हमारा कोई लगाओ नही है क्यू आए और किस लिए आए हो शिक्षकों का इंटरव्यू पत्रकारों को लेने की बजाय पत्रकारों का इंटरव्यू शिक्षकों के द्वारा लिया जाता है।और कहा तो जितना प्रधाना ध्यापक का अधिकार नही होता है उससे कई ज्यादा अधिकार दो दिनों का मेहमान अतिथि शिक्षको को बोलने का अधिकार दिया जाता है।और अतिथि शिक्षको के पास इतना भी तजुर्बा नही होता की को कोई परिचय पूछते है तो उनका नाम पूछने से नाम वा परिचय नही बताया जाता है क्या शिक्षा विभाग के द्वारा यही संस्कार विद्यार्थियों को दिलाए जाने की सलाह अपने शिक्षा कर्मियों  को सिखाया जाता है और अगर ऐसे शिक्षको को आने वाले टाइम में भर्ती करेगी सरकार तो विद्यार्थियों का उज्वल भविष्य क्या कभी साकार हो सकेगी। अतिथि शिक्षक के द्वारा बनाया गया वीडियो रिकॉर्डिंग एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला के अतिथि शिक्षक को नाम पूछने पर नाम नही बताया गया और अपने मोबाइल का कैमरा चालू कर वीडियो बनाने में लग जाते है अगर बच्चो से कोई उनके ही किताब से कोई प्रश्न पूंछ लिया जाता है तो बच्चे उस प्रश्न का जवाब नही दे पाते है अगर वीडियो बनाने की जगह विद्यार्थियों को पढ़ाया लिखाया जाता तो सही तरीके से विद्यार्थियों अपना शिक्षा ग्रहण कर पाते और कभी कोई भी प्रश्न पूछने पर सही सही जवाब जरूर दे पाते ना की सिर नीचे कर लिया करते और सभी विभागों से अच्छा शिक्षा विभाग को माना गया है,जहां शिक्षा मिलती है ,लेकिन ऐसे शिक्षको के द्वारा शिक्षा विभाग वा अच्छा शिक्षा  कर्मचारियों को बदनाम करने के लिए तुले बैठे हैं।और सासन प्रशासन को भी बदनाम किया जाता है। समय से नही खुलता है, विद्यालय नही आते शिक्षक जानकारी के अनुसार बताया गया की शिक्षक अपने मनमानी से विद्यालय खोलते है और मनमानी से बंद किया जाता है और समय से विद्यालय में उपस्थित ही नही होते है और सौचालय मेंशिक्षको के द्वारा ताला लगाकर विद्यार्थियों को सौच के लिए नदी तालाब में भेजने के लिए मजबूर किया जाता है ,और बच्चों को डांट फटकार व प्रताड़ित भी किया जाता है।ग्रामीणों का कहना है की उचित व्यवस्था कराकर विद्यार्थियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।

अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन: जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव

अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव अनूपपुर अनूपपुर जिला प्रशासन और इंडियाहाइक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ‘अमरकंटक वॉटरफॉल माउंटेन ट्रैक’ के दूसरे दिन ट्रैकर्स ने प्रकृति के अनछुए और रोमांचकारी स्वरूप का सजीव अनुभव किया। यात्रा का दूसरा पड़ाव जोहिला डैम और उसके आसपास के सघन वन क्षेत्रों में केंद्रित रहा। प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक अनुभव सुबह ट्रैकर दल ने जोहिला के जलभराव क्षेत्र और विंध्य पर्वतमाला के घने वनों के बीच ट्रैकिंग की। जल और हरियाली के संगम ने प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।   उन्होने इस रूट को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रैकिंग अनुभव के समकक्ष बताया। ट्रैकर्स  ने बताया कि अमरकंटक क्षेत्र की जैव-विविधता, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे एक आदर्श इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाती है। ‘ग्रीन ट्रेल्स’ और ज़ीरो वेस्ट का अनुकरणीय पालन  कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की मंशा के अनुरूप ‘जीरो वेस्ट’ नीति का दूसरे दिन भी सख्ती से पालन किया गया। इंडियाहाइक्स के दल प्रमुख अंकित कुमार के नेतृत्व में ट्रैकर्स ने न केवल अपना कचरा वापस लाया, बल्कि मार्ग में मिले अन्य अजैविक कचरे को भी एकत्रित कर ‘ग्रीन टराइलस’ अभियान को सशक्त किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिभागियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्थानीय गाइड और रोजगार के नए अवसर ट्रैकिंग के दौरान स्थानीय गाइडों ने प्रतिभागियों को क्षेत्र की वनोषधियों, भौगोलिक विशेषताओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी दी। प्रशासन की इस पहल से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है, क्योंकि ऐसे आयोजनों से होम-स्टे, गाइड सेवा और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। अगला पड़ाव पडौना वॉटरफॉल ट्रैक का अगला चरण पडौना वॉटरफॉल की ओर होगा, जहाँ प्रतिभागी भव्य जलप्रपात के मध्य प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद लेंगे। 3 मार्च को संपन्न होने वाली यह यात्रा अनूपपुर जिले को एडवेंचर टूरिज्म के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक

होलिका भस्म की पूजा कर सीएम योगी ने मनाई होली गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने लिया फाग का आनंद, सीएम संग खेली गई रंगों व फूलों की होली   गोरखपुर होली के पावन महापर्व पर बुधवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में होलिका भस्म की पूजा कर होली मनाने का शुभारंभ किया। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में फाग गीतों का आनंद लिया और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाया और गुड़ खिलाकर गोसेवा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गोरक्षपीठाधीश्वर के संग जमकर रंगों और फूलों की होली खेली।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के होलिकोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर होलिका भस्म की पूजा से हुई। मंदिर परिसर के मेला ग्राउंड में जलाई गई होलिका के पास जाकर योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका भस्म (सम्मत की राख) की पूजा की और आरती उतारी, भस्म का तिलक लगाया। इस अनुष्ठान के बाद मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ समेत अन्य साधु-संतों व श्रद्धालुओं ने इसी भस्म से गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलक कर आशीर्वाद लिया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने भी उन्हें तिलक लगाकर होली की मंगलकामना की। होलिकादहन स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुरु गोरखनाथ जी के मंदिर पहुंचे और श्रीनाथ जी को होलिका भस्म अर्पित की। इसके बाद मंदिर के द्वार पर फाग गीतों का आयोजन हुआ। सीएम योगी ने भी कुछ देर वहां रुककर फाग का आनंद उठाया और सबको होली की बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री जब फाग का आनंद ले रहे थे तब वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके ऊपर रंग, अबीर-गुलाल और फूलों की वर्षा कर होली खेली।  गोवंश को लगाया तिलक, गुड़ खिलाकर की गोसेवा होली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला पहुंचे और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाकर उनके लिए भी मंगलकामना की। उन्होंने गोवंश को गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की। गोशाला में सीएम योगी की आवाज सुनकर गोवंश उनके पास दौड़ते हुए चले आए। मुख्यमंत्री ने माथा व गर्दन सहलाकर सभी गोवंश को खूब दुलार भी किया।

कोरबा में उपार्जन केंद्र में घुसे हाथी ने मंडी प्रभारी को उतारा मौत के घाट

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कुदमुरा उपार्जन केंद्र में देर रात एक हाथी के हमले में मंडी प्रभारी की मौत हो गई। वहीं मृतक की पत्नी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार देर रात करीब 2 बजे कोरकोमा क्षेत्र स्थित कुदमुरा उपार्जन केंद्र की है। बताया जा रहा है कि उपार्जन केंद्र में लगातार धान चोरी की घटनाएं सामने आ रही थी। इसी कारण मंडी प्रभारी राजेश कुमार अपनी पत्नी के साथ केंद्र परिसर में अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे और धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस बीच देर रात एक हाथी उपार्जन केंद्र परिसर में घुस आया और झोपड़ी को नुकसान पहुंचाते हुए अंदर सो रहे राजेश कुमार पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। मृतक राजेश कुमार रजगामार क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है।

भिलाई टाउनशिप में अवैध निर्माण पर बीएसपी प्रबंधन करेगा सख्त कार्रवाई

भिलाई नगर. भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माण एवं नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि टाउनशिप क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिरिक्त विस्तार नियमितीकरण योग्य नहीं है. प्रबंधन ने आबंटियों को चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माण पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. भिलाई टाउनशिप में लीज/लाइसेंस/ आबंटन के आधार पर प्रदत्त दुकान, आवास अथवा अन्य परिसरों के सभी आबंटियों से कहा है कि बी.एस.पी. टाउनशिप क्षेत्र एवं इसकी संपत्तियाँ लोक परिसर ( अनाधिकृत अधिभोगियों का निष्कासन) अधिनियम, 1971 के अंतर्गत अधिसूचित लोक परिसर की श्रेणी में आता है. इन परिसरों का आबंटन, प्रबंधन एवं संचालन बी. एस. पी. द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार किया जाता है. इन शर्तों के तहत आबंटियों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त अथवा अनाधिकृत निर्माण करने की अनुमति नहीं है. बी. एस. पी. प्रबंधन की पूर्व स्वीकृति के बिना किया गया कोई भी निर्माण नियम विरुद्ध एवं अवैध माना जाएगा. बीएसपी के समस्त आबंटियों से कहा गया है कि वे किसी भी प्रकार का अनाधिकृत निर्माण न करें तथा आबंटन की सभी शर्तों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करे. यह स्पष्ट किया गया है कि अनाधिकृत भवन अथवा नियमाविरुद्ध निर्माण का किसी भी परिस्थिति में नियमितीकरण संभव नहीं है. यदि कोई आबंटी नियमितीकरण संबंधी कोई प्रक्रिया प्रारंभ करता है, तो वह पूर्णतः उसके स्वयं के जोखिम एवं व्यय पर होगी. निगम अथवा अन्य किसी प्राधिकरण के साथ की गई ऐसी कोई भी नियमितीकरण कायर्वाही बी.एस.पी. पर बाध्यकारी नहीं होगी. बीएसपी ने कहा है कि कतिपय समाचार पत्रों में प्रकाशित सूचना एवं नगर निगम, भिलाई द्वारा 25 फरवरी को जारी तथा 26 फरवरी के समाचार पत्रों में प्रकाशित नोटिस के माध्यम से यह ज्ञात हुआ है कि बी. एस. पी. द्वारा लीज पर प्रदत्त आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य परिसरों में लीजधारकों / आबंटियों द्वारा किए गए अनाधिकृत विस्तार एवं निर्माण के मामलों को नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के अंतर्गत नगर पालिक निगम, भिलाई द्वारा नियमितीकरण किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है. इस संबंध में निगम द्वारा संबंधित लीजधारकों / आबंटियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिन्होंने दुकान /मकान/ अन्य परिसरों में निर्धारित सीमा से अधिक निर्माण किया है. नियमितीकरण संबंधी प्रक्रिया या नोटिस बीएसपी पर बाध्यकारी नहीं उक्त संदर्भित नोटिस (निगम का नोटिस 25 फरवरी) के संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि बी. एस. पी. प्रबंधन द्वारा नगर पालिक निगम, भिलाई की उक्त कार्यवाही से स्वयं को असंबद्ध किया जाता है. अतः नगर निगम, भिलाई द्वारा जारी किसी भी प्रकार की नियमितीकरण संबंधी प्रक्रिया या नोटिस बी. एस. पी. पर बाध्यकारी नहीं है. नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के प्रावधानों का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनाधिकृत निर्माण या नियमविरुद्ध विस्तार को नियमित करने का अधिकार निगम प्रशासन के पास नहीं है. आवंटन की शर्तों व सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करें बीएसपी प्रबंधन ने सभी आबंटियों से अपील की है कि वे टाउनशिप क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त या अनाधिकृत निर्माण न करें तथा आबंटन की शर्तों एवं सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करें. भिलाई टाउनशिप की सुव्यवस्था, सुरक्षा एवं नियोजित विकास सुनिश्चित करना संयंत्र प्रबंधन की प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से नियमों के अनुपालन को अनिवार्य बनाया गया है, ताकि नगर की मूल संरचना, नागरिक सुविधाओं एवं सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता न हो.

माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर गणपति करेंगे आत्मसमर्पण!

जगदलपुर. तेलंगाना में एक बार फिर माओवादी संगठन को बड़ा झटका लग सकता है. माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर और पूर्व जनरल सेक्रेट्री मुप्पाला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति के आत्मसमर्पण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. गणपति, माओवादी संगठन का इस वक्त सबसे वरिष्ठ और कद्दावर चेहरा माना जाता है. करीब चार दशक तक अंडरग्राउंड रहकर संगठन को दिशा देने वाला गणपति, देशभर में माओवादी गतिविधियों का रणनीतिक मास्टरमाइंड रहा है. 1970 के दशक में नक्सल का विचारधारा अपनाने वाला 2004 से 2018 तक महासचिव के पद पर रहा. साल 2018 में गणपति ने बढ़ती उम्र और गंभीर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए CPI (माओवादी) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बाद भी वह संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल बना रहा. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, गणपति के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 150 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या, विस्फोट, देशद्रोह और यूएपीए जैसे आरोप शामिल हैं. गणपति पर पूरे देश में करीब 3.5 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है. छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ रुपए का तो पड़ोसी राज्य तेलंगाना में 25 लाख रुपए का ईनाम रखा गया है. अगर आत्मसमर्पण की ये खबरें आधिकारिक रूप से पुष्टि होती हैं, तो यह माओवादी संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा नैतिक और रणनीतिक झटका माना जाएगा. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गणपति के हटने के बाद पहले ही संगठन कमजोर पड़ा है, और अब यह घटनाक्रम नक्सल नेटवर्क के पूरी तरह टूटने की दिशा में बड़ा संकेत हो सकता है. फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं, और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पूरे उत्साह और उमंग के साथ होली का पर्व मनाया। पारंपरिक फाग गीतों और हर्षोल्लास के वातावरण में रंग और उल्लास से सराबोर इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री साय को गुलाल लगाकर उन्हें बधाई दी, वहीं मुख्यमंत्री साय ने भी आत्मीयता के साथ सभी को गुलाल लगाकर रंगोत्सव की शुभकामनाएँ दीं और स्नेह, विश्वास तथा आपसी भाईचारे का संदेश दिया। अधिकारियों-कर्मचारियों संग होली मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मकता की भावना को सुदृढ़ करता है तथा जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी से आत्मीय भेंट कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, साथियों और प्रदेशवासियों के साथ स्नेह, विश्वास और अपनत्व के रंग साझा करना इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों का स्नेह और आशीर्वाद ही जनसेवा के उनके संकल्प को और अधिक सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि रंगों का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और नई ऊर्जा का संचार करे तथा हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करता रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला सहित मुख्यमंत्री सचिवालय एवं निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, आज करेंगे नामांकन

पटना. बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल सुबह 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे. उनके साथ जदयू उम्मीदवार के रूप में रामनाथ ठाकुर भी नामांकन दाखिल करेंगे. जानकारी के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व की ओर से जदयू के प्रमुख नेताओं को नामांकन के दौरान मौजूद रहने के लिए कहा गया है. इस बीच, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर पर अब लगभग मुहर लग गई है. इसी क्रम में भाजपा की ओर से भी उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार भी अपना नामांकन दाखिल करेंगे. वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. बीजेपी का होगा मुख्यमंत्री? नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के साथ ही बिहार में नए सिरे से सरकार गठन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. राजनीतिक हलकों में इस कदम को बड़े बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर को लेकर जदयू के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच नाराजगी की संभावना भी जताई जा रही है. इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मंथन किया. नामांकन के वक्त अमित शाह मौजूद रहेंगे  नामांकन के बाद सीएम नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य नेताओं के साथ अमित शाह की बैठक हो सकती है. इसी बैठक में नई सरकार के गठन के फार्मूले पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. जेडीयू को दो डिप्टी सीएम के पद मिल सकते हैं. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर चर्चा की गई. कौन होगा अगला मुख्यमंत्री सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में नई सरकार के गठन को लेकर फॉर्मूला तय किया जा सकता है. चर्चा है कि बीजेपी का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए जा सकते हैं. पार्टी में हलचल! बैठक के बाद संजय झा के आवास से बाहर निकलते हुए जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से राज्यसभा जा रहे हैं. पार्टी की ओर से यही संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि यह फैसला उनका अपना है. इस दौरान विजय कुमार चौधरी ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत की संभावित राजनीतिक एंट्री को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर पर सबकी नजर बनी हुई है.