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पचमढ़ी बनेगा अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और प्रदेश में 'रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म' को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित 'आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट' में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन' द्वारा प्रदान किया जाता है, जो 'ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल' से मान्यता प्राप्त संस्था है। पचमढ़ी यह अंतर्राष्ट्रीय गौरव हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड की ओर से उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पर्यटन नित नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पचमढ़ी को मिला यह 'ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने में भी अग्रणी हैं। यह उपलब्धि पचमढ़ी को वैश्विक स्तर पर एक 'सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन' के रूप में स्थापित करेगी, जिससे यहाँ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी ने कहा कि यह सम्मान पचमढ़ी में विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन ऊर्जा और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक पहचान है। इस उपलब्धि के साथ ही अब पचमढ़ी देश के अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म साइट्स के लिए एक 'रेप्लिकेबल मॉडल' (अनुकरणीय मॉडल) के रूप में उभरा है। यह मान्यता प्रदेश में 'रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म' को और अधिक सशक्त बनाएगी। स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मानक 'ग्रीन डेस्टिनेशंस' अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित प्रमाणन कार्यक्रम है, जो आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता के 3 मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है। कठोर परीक्षण में मिली सफलता पचमढ़ी का चयन अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित एक अत्यंत जटिल और सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। इसके तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति एवं परिदृश्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण और व्यापारिक संचार जैसे 6 प्रमुख विषयों के 75 कड़े मापदंडों पर पचमढ़ी का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन में पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 का स्कोर और 40% का GSTC अनुपालन स्तर हासिल किया। पर्यटन बोर्ड के प्रयासों का परिणाम म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के तहत नवंबर 2025 में पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा कलेक्शन और दस्तावेजीकरण किया गया। फरवरी 2026 में अंतर्राष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस उपलब्धि पर मुहर लगी।  

JDU दफ्तर में बवाल: नाराज कार्यकर्ताओं ने किया तोड़फोड़, नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी

पटना राजधानी के वीरचंद पटेल पथ स्थित जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को पूरे दिन उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ का माहौल रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के फैसले से पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते कार्यालय परिसर में हंगामा हो गया। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के साथ ही जदयू समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में दोपहर 12 से ही सैकड़ों कार्यकर्ता जमा हो गए और "नीतीश कुमार बिहार के हैं, उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे", "हम जान दे देंगे, लेकिन नीतीश को नहीं जाने देंगे" जैसे भावुक नारे लगाने लगे। नारेबाजी के बीच कुछ आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के अंदर फर्नीचर उलट-पलट दिया, टेबल-कुर्सियां तोड़ीं, प्लेटें-बर्तन फेंके और पोस्टर-बैनर फाड़ दिए। यहां तक कि भोज के लिए तैयार बफे काउंटर को भी नुकसान पहुंचाया गया। भोज की व्यवस्था केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर की ओर से नामांकन के उपरांत कार्यकर्ताओं के लिए किया गया था। कार्यकर्ताओं का मुख्य गुस्सा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर भी रहा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि ये नेता भाजपा के साथ मिलकर पार्टी को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने विधान पार्षद संजय कुमार उर्फ गांधी जी के साथ धक्का-मुककी की। उन्हें गाड़ी से उतरकर किसी तरह कार्यालय में प्रवेश मिला। हंगामें की सूचना पर पार्टी कार्यालय पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के साथ भी रही। कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे लेट गए। साथ में रहे सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें प्रदेश कार्यालय के अंदर प्रवेश कराया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने लाठीचार्ज सहकर नीतीश को मुख्यमंत्री बनाया था, अब वे उन्हें राज्यसभा भेजकर बिहार को अकेला नहीं छोड़ सकते। पार्टी कार्यालय के अंदर जाने के बाद उमेश कुशवाहा ने एकबार फिर कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। फिर भी कार्यकर्ता नहीं माने। वे नारेबाजी करते रहे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया है। आपलोग शांत रहें। प्रदेश कार्यालय में शाम तक रूक रूक कर पार्टी के बड़े नेताओं के खिलाफ नारेबाजी होती रही। मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी होता रहा प्रदर्शन, गुस्से मे दिखे कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी इसी तरह का हंगामा देखा गया, जहां कार्यकर्ता रोते हुए विरोध जता रहे थे और आने-जाने वाले नेताओं की गाड़ियां रोकी जा रही थीं। सुबह 10 बजे से कार्यकर्ता यहां जुटे थे। पटना, नालंदा, बेगूसराय से पहुंचे जदूय कार्यकर्ताओं को पुलिस बार-बार आवास के आगे से हटा रही थी। लेकिन जदयू कार्यकर्ता फिर वहां पहुंचकर नीतीश कुमार के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। वहीं, अपने ही पार्टी के वरीय नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान जदयू कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेता व पशुपालन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता की गाड़ी को रोक दिया। गाड़ी पर कार्यकर्ता मुक्के मारे रहे थे। पुलिस ने किसी तरह आक्राेशितों को हटाकर मंत्री की गाड़ी को वहां से निकलवाया।  

टिकट कटने के बाद छलका आनंद शर्मा का दर्द, कहा– सच कहने की सजा मिली

हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश में इस बार राज्यसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद आसान और सुखद नजर आ रहा है। भाजपा की ओर से कोई भी उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। इस बार राज्यसभा कैंडिडेट के तौर पर मौका नहीं दिए जाने पर कांग्रेस लीडर आनंद शर्मा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि पॉलिटिक्स में सेल्फ रिस्पेक्ट बहुत महंगी पड़ती है। सच बोलना अक्सर गुनाह माना जाता है। मैं इस मामले को हाईकमान के पास नहीं ले जाऊंगा। सुप्रीम कमांड ही देगा जवाब यह पूछे जाने पर कि ऐसा लग रहा है कि टिकट नहीं मिलने से निराश हैं। इस पर आनंद शर्मा ने कहा कि मुझे कुछ नहीं पता… मुझे कोई जानकारी नहीं है। आगे एएनआई संवाददाता के यह पूछे जाने पर कि सेंट्रल लीडरशिप ऐसे फैसले ले रही हैं क्योंकि कांग्रेस बैकफुट पर जा रही है? इस पर आनंद शर्मा ने कहा कि इसका जवाब तो सुप्रीम कमांड जिन्होंने फैसला लिया है वही दे सकते हैं और जिनके कहने पर फैसला होता है वह बता सकते हैं। राजनीति में आत्मसम्मन बहुत महंगा, सच बोलना अपराध आनंद शर्मा ने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हूं। इस बात पर कि हिमाचल प्रदेश में आनंद शर्मा का राजनीतिक सफर 50 साल का रहा है। ऐसे में इस घटनाक्रम को आप किस तरह देखते हैं। इस पर आनंद शर्मा ने कहा कि देखिए निराशा तो नहीं कहूंगा लेकिन एकबार जरूर कहना चाहूंगा कि राजनीति में आत्मसम्मान बहुत महंगी चीज होता है। इसकी कीमत चुकानी पड़ती है और सच बोलना एक अपराध और अभिशाप समझा जाता है। इसके आगे मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। हिमाचल प्रदेश को रिप्रेजेंट करना मेरे लिए गर्व की बात आनंद शर्मा ने आगे कहा कि दशकों से हिमाचल प्रदेश और देश को रिप्रेजेंट करना मेरे लिए गर्व की बात रही है। मैं हमेशा हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ रहूंगा। आनंद शर्मा को सच बोलने से कभी नहीं रोका जा सकता है। मैं यह मामला हाईकमान के पास नहीं ले जाऊंगा। मैं इस मुद्दे पर उनके साथ कोई बात नहीं करूंगा। पिछली बार कांग्रेस को लगा था झटका बता दें कि हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा सीट भाजपा की राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुई है। करीब दो साल पहले हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था। उस समय कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी हार गए थे और भाजपा के हर्ष महाजन राज्यसभा पहुंचे थे। उस चुनाव में कांग्रेस नेताओं की ओर से क्रॉस वोटिंग सामने आई थी। हालांकि इस बार स्थिति अलग है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव आसान है। भाजपा ने इस बार अपना कंडिडेट नहीं उतारा है।

‘पहले अपना हाल देखे रूस’ – ईरान मुद्दे पर जेलेंस्की का बड़ा बयान

यूक्रेन ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग दिन-ब-दिन विकराल रूप लेती जा रही है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि मौजूदा समय में रूस खुलकर ईरान का सहयोगी की तरह व्यवहार नहीं कर रहा है। उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए तंज कसा है कि रूस तो खुद ही खल्लास हो चुका है तो वह दोस्त ईरान की क्या खाक मदद करेगा। जेलेंस्की का दावा है कि रूस की सैन्य क्षमता कमजोर पड़ चुकी है क्योंकि चार साल से यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में उसके सैनिक न सिर्फ उलझे हुए हैं बल्कि हताश हैं। जेलेंस्की के मुताबिक इसी कारण रूस चाहकर भी ईरान की मदद करने की स्थिति में नहीं है। रूस की सैन्य क्षमता पर सवाल एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा, "मेरा मानना ​​है कि उनके पास इसकी काबिलियत ही नहीं है। उनकी सारी सेनाएँ या तो यूक्रेन की जमीन में दबी हुई हैं या यूक्रेन के खिलाफ जंग में लगी हुई हैं। यानी, रूस की अधिकांश सैन्य ताकत या तो यूक्रेन की जमीन पर भारी नुकसान झेल रही है या फिर उसी युद्ध में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसा ही परिदृश्य सीरिया में देखने को मिला था और अब ईरान के मामले में भी रूस सीमित भूमिका निभाता दिखाई दे रहा है। रूस द्वारा ईरान को हथियार देने का आरोप इसके साथ ही यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि रूस ईरान को हथियार और तकनीकी सहायता दे रहा है। उनका कहना है कि ईरानी ड्रोन “शाहेद” (Shahed) के मलबे में रूसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सबूत मिलते हैं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह भी संभव है कि रूस ईरान को वायु रक्षा प्रणालियाँ (Air Defence Systems) उपलब्ध करा सकता है, क्योंकि रूस के पास ऐसे हथियारों का पर्याप्त भंडार है। जेलेंस्की ने कहा, "मुझे पूरा यकीन है कि रूस ईरानी सरकार को हथियार सप्लाई कर रहा है। हम समझते हैं कि वे “शाहेद” के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स दे रहे होंगे। मुझे लगता है कि यह सब आज मिडिल ईस्ट पर हमला करने वाले “शाहेद” के टुकड़ों में मिला है। अगर हमारे पार्टनर की इंटेलिजेंस सर्विस अपनी जानकारी शेयर करती हैं, तो इसकी पुष्टि हो जाएगी क्योंकि ईरानी “शाहेद” में रूस में बने पार्ट्स होते हैं। यह कुछ ऐसा है जो हम पक्के तौर पर जानते हैं। ईरान-रूस सैन्य सहयोग ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि पहले ईरान ने रूस को हथियार उपलब्ध कराए थे जिनका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ किया गया। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों में ईरान के लिए रूस को हथियार भेजना कठिन हो सकता है, लेकिन रूस अब ईरान से मिली तकनीकी लाइसेंस के आधार पर मिसाइल और ड्रोन का उत्पादन खुद कर रहा है। ज़ेलेंस्की ने यह चिंता भी जताई कि यदि पश्चिम एशिया में युद्ध लंबा चलता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका अपने और अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए अधिक संसाधन लगाएगा। इस स्थिति में अमेरिकी पैट्रियट (Patriot) वायु रक्षा प्रणाली के इंटरसेप्टर मिसाइलों—PAC-2 और PAC-3—के उत्पादन और उपयोग को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिससे यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता कम हो सकती है। तेल और ऊर्जा संकट का असर उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। ज़ेलेंस्की के अनुसार, तेल उत्पादों के आयात में कमी और युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यूरोप सहित पूरी दुनिया इस ऊर्जा संकट का सामना कर रही है और सभी देशों को मिलकर इसका समाधान तलाशना होगा। यूक्रेन का मानना है कि पश्चिम एशिया का युद्ध केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव रूस-यूक्रेन युद्ध, वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी पड़ सकता है।  

सुप्रीम कोर्ट की जज का संदेश: पद नहीं, न्याय को प्राथमिकता दें

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट जज बीवी नागरत्ना ने न्यायाधीशों को अपने फैसले पर अड़े रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि किसी भी दबाव में सही फैसला लेने से संकोच नहीं करना चाहिए। वह केरल उच्च न्यायालय में आयोजित दूसरे टीएस कृष्णमूर्ति अय्यर मेमोरियल लेक्चर में बोल रहीं थीं। इससे पहले उन्होंने मीडिया को लेकर भी ऐसी ही बात कही थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी तरह की बाधा, भय या प्रभाव में मीडिया अपनी भूमिका नहीं निभा सकता है। मंगलवार को जस्टिस नागरत्ना ने कहा, 'जजों को सही फैसला लेने से संकोच नहीं करना चाहिए। फिर चाहे इसकी वजह से उनकी उन्नति ही क्यों न रुक जाए या सत्ता में बैठे लोग नाराज हो जाएं।' उन्होंने कहा, 'एक जज को राजनीतिक दबाव, संस्थागत धमकी या पॉपुलर डिमांड से मुक्त ही रहना चाहिए।' मीडिया को लेकर क्या बोलीं शुक्रवार को जस्टिस नागरत्ना आईपीआई इंडिया अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म 2025 के सम्मान समारोह में पहुंचीं थीं। उन्होंने कहा था कि प्रेस पर कब्जा करने के हालिया प्रयासों के पीछे न केवल आर्थिक आधार हैं बल्कि राजनीतिक पहलू भी शामिल हैं। खास बात है कि जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में भारत की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश बनेंगी। जस्टिस नागरत्ना ने शुक्रवार को साफ तौर पर कहा कि मीडिया अपना काम ठीक से तभी कर सकता है जब वह किसी भी तरह के डर या दबाव से मुक्त हो। उन्होंने कहा कि आज के दौर में प्रेस की आादी को सबसे बड़ा खतरा सीधे तौर पर लगने वाली पाबंदियों (सेंसरशिप) से नहीं है। बल्कि, असली खतरा आर्थिक नीतियों, लाइसेंस देने के कड़े नियमों और मीडिया कंपनियों के मालिकाना हक से जुड़ा है। उन्होंने कहा, 'एक मीडिया प्रतिष्ठान कानूनी रूप से सरकार की आलोचना करने के लिए स्वतंत्र हो सकता है, फिर भी आर्थिक रूप से इस तरह से मजबूर हो सकता है कि ऐसी आलोचना महंगी पड़ जाए।' सर्वोच्च न्यायालय में इस समय एकमात्र महिला न्यायाधीश ने कहा कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की दिलचस्प संवैधानिक स्थिति है। उन्होंने कहा कि यह अधिकार अनुच्छेद 19(1)(ए) – भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 19(1)(जी) – किसी भी पेशे से जुड़ने या किसी भी व्यवसाय, व्यापार या कारोबार को चलाने की स्वतंत्रता के बीच परस्पर क्रिया से उभरता है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति नागरत्ना ने बताया कि भारत में प्रेस की आज़ादी को संविधान दो अलग-अलग तरीकों से सुरक्षा देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र मीडिया कितना जरूरी है।  

बिहार में सत्ता बदलाव की अटकलें: नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा, कब होगा नए सीएम का शपथ ग्रहण?

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधायक, विधान पार्षद रह चुके हैं। लोकसभा सांसद भी। अब राज्यसभा भी जा रहे हैं। मतलब, बिहार के सीएम की कुर्सी खाली हो रही है। कुर्सी कब खाली होगी और अगला चेहरा उस कुर्सी पर कब विराजमान होगा, इन सवालों का जवाब भी समझना अब जरूरी हो गया है। नीतीश कुमार का तुरंत इस्तीफा देना मजबूरी नहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि नामांकन के साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ देनी होगी। भारतीय जनता पार्टी जल्द से जल्द वह कुर्सी हासिल करना चाहेगी, ताकि माहौल उलटा न बन जाए। जबकि, नीतीश कुमार के पास फैसला लेने के लिए समय रहेगा। 5 मार्च, यानी आज राज्यसभा के लिए नामांकन होगा और 16 मार्च को उनका निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। इसके बाद चूंकि 9 अप्रैल तक मौजूदा राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल है तो इस समय तक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के बने रहने में कोई तकनीकी परेशानी नहीं। खरमास के नाम पर भाजपा दिखा सकती है तेजी भाजपा के लिए नीतीश कुमार को पदच्युत करना बहुत आसान नहीं था और न आगे रहेगा। फिर भी, चूंकि नीतीश कुमार ने खुद राज्यसभा जाने की बात को लेकर भाजपा के दबाव की चर्चा नहीं की है तो आगे भारतीय जनता पार्टी अपना सीएम और जदयू के दो डिप्टी सीएम के प्रस्ताव को लेकर जल्द से जल्द नीतीश कुमार से इस्तीफा लेने का प्रयास भी करेगी। 15 मार्च के बाद खरमास शुरू हो रहा है और 16 मार्च को निर्विरोध राज्यसभा के लिए जीत का एलान होना है। चूंकि, 202 सदस्यों के कारण विधानसभा कोटे से राज्यसभा के रास्ते में कोई दिक्कत नहीं है, इसलिए भाजपा खरमास से पहले ही नई सरकार के गठन का रास्ता तय करना चाहेगी। जानिए, सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।

बाबूलाल मरांडी ने नीतीश कुमार के ट्वीट पर दी प्रतिक्रिया, बोले– सुशासन में आपका योगदान सबसे बड़ा

रांची झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के ट्वीट पर जवाब दिया है। मरांडी ने लिखा, नीतिश कुमार, पिछले तीन-चार दशकों से आप बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। मरांडी ने आगे लिखा, बिहार को जंगलराज से बाहर निकालकर सुशासन की स्थापना में आपका योगदान सर्वोच्च रहा है। आपके नेतृत्व में राज्य ने प्रशासनिक स्थिरता, विकास और व्यवस्था की एक नई दिशा प्राप्त की। मरांडी ने लिखा, सार्वजनिक जीवन में आपने हमेशा सुचिता, सम्मान और नैतिकता के मूल्यों को स्थापित किया है। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में आपका कार्यकाल राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। मरांडी ने कहा कि अब राज्यसभा सदस्य के रूप में भी सदन आपके अनुभव, द्दष्टि और नेतृत्व से निश्चित रूप से गौरवान्वित होगा। आपके उज्ज्वल भविष्य और इस नई पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। विकसित भारत के निर्माण में आपका अनुभव और योगदान देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।  

31 देशों की यात्रा अधूरी रह गई, पेरू में बाइक क्रैश के बाद ‘फ्लाइंग खालसा’ ने मम्मी से किया घर लौटने का वादा

बठिंडा इन दिनों भारत में भी लोगों के भीतर ट्रैवलिंग का क्रेज बढ़ गया है. लोग देश से लेकर दुनिया तक ट्रैवल कर रहे हैं. बाइक ट्रैवलिंग का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है. साथ ही लोग ट्रैवल ब्लॉगिंग भी कर रहे हैं. देश भर में ट्रैवल ब्लॉगर में से एक मशहूर ‘फ्लाइंग खालसा’ रघबीर सिंह भरौवाल का नाम है. उनका सपना था 31 देशों में बाइक से घूमने का. लेकिन यह सपना अधूरा रह गया. पंजाब के बठिंडा के रहने वाले रघबीर की मौत पेरू के त्रुजिलो शहर के पास एक हादसे में हो गई है. उन्होंने अपनी हार्ले पर सफर शुरू किया. सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए. मुस्कुराते हुए. जोश से भरे हुए. लेकिन पेरू में उनका सपना टूट गया. मां से किया घर लौटने का वादा भी अधूरा रह गया. रिपोर्ट के अनुसार कनाडा के सरे में बसे रघबीर तीन बच्चों के पिता थे. रघबीर पेशे से रेगुलेटेड कनाडियन इमिग्रेशन कंसल्टेंट थे. उन्होंने अपनी पढ़ाई पंजाब से की थी. सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक., फिर ऑन्टारियो के विंडसर शहर से एमटेक. बाद में कनाडाई नागरिकता मिली. परिवार ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने फोन कर कहा था कि वह कनाडा लौट रहे हैं, फिर अर्जेंटीना के लिए निकलेंगे. उसके बाद संपर्क टूट गया. GPS लोकेशन पेरू के त्रुजिलो में आखिरी बार दिखी. स्थानीय पुलिस ने हादसे की पुष्टि की. कौन थे रघबीर सिंह भरौवाल? रघबीर सिंह भरौवाल मूल रूप से बठिंडा के निवासी थे और कनाडा के सरे में रहते थे. उनके पिता प्रीतम सिंह भरौवाल इस समय लुधियाना में एक पारिवारिक कार्यक्रम में आए हुए थे, जब दुखद खबर मिली. परिवार के मुताबिक रघबीर साहसी स्वभाव के थे और लंबे समय से वर्ल्ड टूर का सपना देख रहे थे. उन्होंने अपनी इस यात्रा को ‘फ्लाइंग खालसा वर्ल्ड टूर’ नाम दिया था और 31 देशों की लिस्ट बनाई थी.     रघबीर ने अपनी यात्रा के दौरान रेगुलर रूप से वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं. वैंकूवर निवासी उनके दोस्त गुरविंदर सिंह ने बताया कि टूर पर निकलने से पहले एबॉट्सफोर्ड शहर में एक पिज्जा स्टोर के उद्घाटन पर दोस्तों के साथ मुलाकात हुई थी. रघबीर ने अपनी पिछली बाइक यात्राओं के किस्से सुनाए थे. किसी ने नहीं सोचा था कि वह आखिरी मुलाकात होगी.     परिवार ने जब कई दिनों तक संपर्क नहीं हुआ तो दूतावासों से संपर्क किया. GPS ट्रैकिंग से लोकेशन पेरू में मिली. त्रुजिलो पुलिस से बात की गई. मंगलवार तड़के जानकारी मिली कि एक घातक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई. यह खबर सुनते ही परिवार और दोस्तों में शोक की लहर दौड़ गई. रघबीर सिंह भरौवाल किस यात्रा पर थे? रघबीर ‘फ्लाइंग खालसा वर्ल्ड टूर’ नाम से 31 देशों की सोलो मोटरसाइकिल यात्रा पर निकले थे. उन्होंने करीब तीन महीने पहले कनाडा से अपनी हार्ले डेविडसन पर सफर शुरू किया था. योजना थी कि कुछ समय के लिए कनाडा लौटकर फिर अर्जेंटीना की ओर बढ़ेंगे. यह यात्रा उनके लिए जुनून और आत्मविश्वास का प्रतीक थी. हादसा कैसे सामने आया? तीन दिन तक संपर्क न होने पर परिवार ने चिंता जताई. उन्होंने दूतावासों से संपर्क किया और GPS लोकेशन ट्रैक की. अंतिम लोकेशन पेरू के त्रुजिलो शहर में मिली. स्थानीय पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. विस्तृत परिस्थितियों की जांच जारी है. परिवार और दोस्तों की क्या प्रतिक्रिया रही? परिवार गहरे सदमे में है. पिता ने बताया कि रघबीर ने हाल ही में घर लौटने की बात कही थी. दोस्त गुरविंदर सिंह ने कहा कि वह बेहद जिंदादिल और प्रेरणादायक व्यक्ति थे. सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और परिचित श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उन्हें साहसी यात्री के रूप में याद कर रहे हैं. अधूरा सपना, यादों में जिंदा ‘फ्लाइंग खालसा’ रघबीर सिंह भरौवाल का 31 देशों का सपना अधूरा रह गया, लेकिन उनकी हिम्मत और जज्बा कई युवाओं को प्रेरित करता रहेगा. परिवार अब उनके पार्थिव शरीर को कनाडा लाने की प्रक्रिया में जुटा है. हो सकता है सफर रुक गया हो, लेकिन ‘फ्लाइंग खालसा’ की कहानी दुनिया घूमने का साहस रखने वालों के लिए हमेशा जिंदा रहेगी.

यम द्वितीया के अवसर पर चित्रगुप्त मंदिर में विशेष पूजा, मंत्री सारंग हुए शामिल

भोपाल भाईदूज/यम द्वितीया के अवसर पर गुरुवार को कोटरा स्थित  राम जानकी चित्रगुप्त मंदिर में मां ईरावती चित्रगुप्त संस्कृति एवं सामाजिक न्यास के तत्वाधान में भगवान  चित्रगुप्त जी का विशेष पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग सम्मिलित होकर भगवान  चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। मंत्री  सारंग ने कहा कि भगवान  चित्रगुप्त न्याय, सत्य और कर्म के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से समाज में सदाचार, ज्ञान और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान चित्रगुप्त की आराधना हमें अपने कर्मों के प्रति सजग रहने और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को भाईदूज/यम द्वितीया की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाज के 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान कर उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। साथ ही श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया तथा भगवान चित्रगुप्त के प्रतीक स्वरूप कलम भी वितरित की गई जिससे ज्ञान और विद्या के महत्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में  अजय वास्तव नीलू, प्रबंध न्यासी  ओ.पी. वास्तव, अध्यक्ष  राजेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।  

भारतीय बल्लेबाजों का सेमीफाइनल में धमाका, इंग्लैंड के सामने 253 रन का लक्ष्य

मुंबई वानखेड़े  टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दूसरे ओवर में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का विकेट गंवाया। अभिषेक 7 गेंद में 9 रन ही बना सके। विल जैक्स ने उन्हें कैच आउट करवाया। संजू सैमसन को तीसरे ओवर में जीवनदान मिला। पावरप्ले में भारत ने एक विकेट खोकर 67 रन बनाए। संजू सैमसन ने 26 गेंद में अर्धशतक लगाया है। ईशान किशन 10वें ओवर में 18 गेंद में 39 रन बनाकर आदिल रशीद का शिकार बने। सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन 42 गेंद में 8 चौके और सात छक्के की मदद से 89 रन बनाकर पवेलियन लौटे। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 6 गेंद में 11 रन बनाए। शिवम दुबे 43 के स्कोर पर रन आउट हुए। तिलक वर्मा 7 गेंद में 21 रन की तूफानी पारी खेलकर आउट हुए। आखिरी 5 ओवर का रोमांच शिवम दुबे ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर आदिल रशीद को छक्का जड़ा। तीसरी गेंद पर सूर्यकुमार ने छक्का लगाया। हालांकि चौथी गेंद पर वह स्टंप आउट हो गए। भार तने 17वें ओवर में 200 के आंकड़े को पार कर लिया है। जेमी ओवर्टन के इस ओवर में 15 रन बने। शिवम दुबे 25 गेंद में 43 रन बनाकर रन आउट हुए। हार्दिक पांड्या ने कॉल करने के बाद रन नहीं लिया। 18वें ओवर में सैम करन ने 12 रन दिए। तिलक वर्मा ने 19वें ओवर में जोफ्रा आर्चर के खिलाफ तीन छक्के जड़े और 7 गेंद में 21 रन बनाकर पवेलियन लौटे। संजू सैमसन शतक से चूके भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन सेमीफाइनल में सिर्फ 11 रन से शतक बनाने से चूक गए। संजू ने 42 गेंद में 89 रन की दमदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और सात छक्के लगाए। 14वें ओवर में भारत ने 6 रन बनाए। 15वें ओवर में सैम करन ने 10 रन दिए। शिवम दुबे और संजू क्रीज पर मौजूद 11वें ओवर में जेमी ओवर्टन के ओवर की पहली ही गेंद पर संजू ने छक्का जड़ा। इसके बाद इस ओवर में बाउंड्री नहीं आई लेकिन 11 रन बने। 12 ओवर में आदिल की भी पहली गेंद पर छक्का लगा। इस बार शिवम ने बड़ा शॉट लगाया। इस ओवर में 15 रन बने। 13वें ओवर में जोफ्रा आर्चर को फिर विकेट नहीं मिला लेकिन संजू ने लगातार गेंदों पर छक्के जड़े। इस ओवर में भी 15 रन बने। ईशान किशन और संजू सैमसन के बीच 97 रन की साझेदारी इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में ईशान किशन और संजू सैमसन के बीच दूसरे विकेट के लिए 45 गेंद में 97 रन की साझेदारी हुई। ईशान किशन ने 18 गेंद में 39 रन और संजू ने 27 गेंद में 55 रन का योगदान दिया। संजू सैमसन ने लगाया अर्धशतक भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन ने लगाातर मैचों में अर्धशतक लगाया है। आठवें ओवर में उन्होंने 50 रन पूरे किए। सातवें ओवर में भारत ने आदिल रशीद के ओवर में 6 रन बटोरे। नौवें ओवर में सैम करने के खिलाफ ईशान-संजू ने छक्का लगाया। इस ओवर में 20 रन बने। 10वें ओवर में आदिल रशीद ने भी रन दिए। हालांकि उन्होंने ईशान किशन का विकेट चटकाया। पावरप्ले में भारत का प्रदर्शन इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर ने पहला ओवर डाला, जिसमें तीसरी गेंद पर संजू ने चौका और चौथी गेंद पर छक्का जड़ा। अभिषेक ने आखिरी गेंद पर खाता खोला। इस ओवर में 12 रन बने। दूसरे ओवर में विल जैक्स के खिलाफ अभिषेक ने दो चौका लगाया। हालांकि अंतिम गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में अभिषेक कैच आउट हुए। तीसरे ओवर में संजू ने जोफ्रा आर्चर के खिलाफ 14 रन बटोरे। चौथे ओवर में विल जैक्स ने 11 रन दिए। ओवर्टन ने पांचवें ओवर में 10 रन खर्च किए। छठे ओवर में सैम करन भी महंगे साबित हुए। उन्होंने 12 रन दिए। भारत-इंग्लैंड प्लेइंग इलेवन भारत (प्लेइंग XI): अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड (प्लेइंग XI): फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद