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गैस संकट के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर, खाली सिलिंडर के साथ किया प्रदर्शन

जयपुर देशभर में लोग एलपीजी गैस सिलिंडर की कमी से परेशान हैं। ईरान–इस्राइल युद्ध के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की चर्चा के बीच कई जगह गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर राजस्थान में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को कांग्रेस ने पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। इसी क्रम में जयपुर के चांदपोल इलाके में कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला भी जलाया। साथ ही गैस सिलिंडर की प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली गई।  अजमेर में चूल्हा जलाकर जताया विरोध अजमेर में भी रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता खाली गैस सिलिंडर ठेले पर रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्हें सड़क पर रखकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। वहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर प्रतीकात्मक रूप से खाना बनाते हुए महंगाई और गैस सिलिंडर की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से गैस सिलिंडर की कीमतों में कमी करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की। इस मौके पर राजस्थान सरकार के पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और आम लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को गैस सिलिंडर लेने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से थाली और ताली बजाने की अपील की थी, लेकिन अब जनता को गैस सिलिंडर के लिए फिर से लाइनों में लगना पड़ रहा है। यह सरकार की नीतियों की विफलता को दिखाता है। वहीं किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक डॉ. विकास चौधरी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई कम करने का वादा करके सत्ता में आए थे, लेकिन इसके बावजूद महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी की हालत बहुत खराब हो चुकी है और घरेलू गैस सिलिंडर के लिए भी लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।   श्रीगंगानगर में भी जोरदार विरोध श्रीगंगानगर में भी गैस सिलिंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और युवा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा कि 56 इंच की छाती वाले प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं। इसका नतीजा अब देश में गैस सिलिंडर की भारी कमी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, लेकिन लोग गैस सिलिंडर के लिए परेशान हैं और गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देशभर में यह संकट पैदा हुआ है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार को चेतावनी देने के लिए किया गया है। अगर जल्द ही राजस्थान और देश में गैस की कीमतों और किल्लत को कम नहीं किया गया तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ईशानवीर सिंह मान, पूर्व विधायक राजकुमार, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

69.25 मीटर की शानदार थ्रो, सुमित अंतिल ने देश के नाम किया गोल्ड

नई दिल्ली पैरा एथलीट सुमित अंतिम ने नई दिल्ली 2026 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स के दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता में अन्य भारतीय एथलीट ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीते। आज दिन का सबसे खास पल पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ 43/ एफ 44/ एफ64 थी, जिसमें पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने सभी भारतीयों के पोडियम को लीड किया। अंतिल ने 69.25 मीटर के दमदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि पुष्पेंद्र सिंह ने 56.91मी के साथ रजत और पूनम राम ने 49.48मी के साथ कांस्य पदक जीता। जीत के बाद, सुमित अंतिल ने कहा, “इस बार हमारे पास कई टूर्नामेंट हैं। मैं आने वाले कॉम्पिटिशन में अच्छा परफॉर्म करने की कोशिश करूंगा। यह मेरे लिए ऑफ-सीजन लोडिंग फेज है। मुझे ऐसे थ्रो की उम्मीद नहीं थी; मुझे लगभग 67–68मी की उम्मीद थी, लेकिन आज थ्रो 69.25मी पर अच्छा था। इसलिए मैं खुश हूं, और मेरी टीम भी खुश है।” उन्होंने कहा, “मैं अपनी टेक्निक नहीं बदल रहा हूं क्योंकि हम जानते हैं कि हम अपनी ट्रेनिंग में सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अभी, हमें बस सही कंडीशन चाहिए जहां थ्रो बिल्कुल सही जगह पर हो। इसीलिए मैं टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहा हूं ताकि मुझे कहीं न कहीं वे कंडीशन मिल सकें। मेरा टारगेट एशियन गेम्स हैं, और मेरा गोल 75m है। मैंने अभी तक प्रैक्टिस में इसे हासिल नहीं किया है, और किसी एथलीट ने अभी तक ऐसा नहीं किया है, लेकिन मैं उस मार्क तक पहुंचने के लिए टेक्निक या ताकत में जो भी सुधार हो सकते हैं, उन पर काम कर रहा हूं।” पुरुषों की 400 मीटर दौड़ टी 13 में भी भारत का दबदबा रहा, जिसमें सुबोध भट्ट ने 51.88 सेकंड में स्वर्ण जीता, उसके बाद प्रियांशु कौशिक ने 53.19 सेकंड में रजत और अवनिल कुमार ने 56.91 सेकंड में कांस्य पदक जीता। पुरुषों की 400 मी दौड़ टी 46/ टी 47 में, भाविककुमार दीन भरवाड़ ने 49.89 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता, जबकि साथी भारतीय जसबीर 50.09 सेकंड में रजत पदक जीतने के लिए उनके ठीक पीछे रहे। सर्बिया के इवान क्वेतकोविक ने 50.93 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुषों की 400 मी दौड़ टी53/ टी 54 की व्हीलचेयर कैटेगरी में भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा, जिसमें मनोजकुमार सबपति ने 54.33 सेकंड में स्वर्ण, अनिल कुमार ने 57.57 सेकंड में रजत और मणिकंदन जोथी ने 1:01.94 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। महिलाओं के इवेंट्स में भी भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की 400मी दौड़ टी 11/ टी12 में, तेजलबेन अमराजी डामोर ने 57.53 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता, ललिता किलाका ने 1:07.92 के समय के साथ रजत जीता, और शालिनी चौधरी ने 1:16.79 के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर एक और भारतीय पोडियम स्वीप पूरा किया। फील्ड इवेंट्स में, लक्ष्मी ने महिलाओं की शॉट पुट एफ 36/ एफ 37/ एफ 40 में 7.76 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीता, जबकि अकुताई सीताराम उलभगत ने 5.49मी. के साथ रजत और भूटान की चिमी डेमा ने 5.27मी. के साथ कांस्य जीता। भारत ने पुरुषों की लॉन्ग जंप टी 42/ टी 63 में भी पोडियम पर कब्जा किया, जिसमें शैलेश कुमार ने 5.47 मीटर की जंप के साथ स्वर्ण जीता, रामसिंहभाई गोविंदभाई पढियार ने 4.68मी के साथ रजत और सोलाईराज जगन्नाथन ने 3.23मी के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुषों की शॉट पुट एफ46 में भी एक और क्लीन स्वीप हुआ, जहाँ रोहित कुमार ने 14.35 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीता, देवेंद्र सिंह गुर्जर ने 13.97मी. के साथ सिल्वर और लोकेश अकुला ने 10.92मी. के साथ कांस्य पदक जीता। भारत ने थ्रोइंग इवेंट्स में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा, जिसमें साहिल सलीम सैय्यद ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ 51/एफ55 में 36.83 मीटर के साथ स्वर्ण जीता, इसके बाद सुखचैन ने रजत (30.49मी) और सुधीर ने कांस्य (28.78मी) जीता। पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ 12/ एफ 13 में, मनजीत ने 57.86 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीता, प्रतीक अमृतराव पाटिल ने 50.43मी के साथ रजत जीता, और इरफान दीवान ने 45.39मी के साथ कांस्य जीता, जिससे भारत के लिए एक और पोडियम स्वीप पूरा हुआ। पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ 40/ एफ41 में भी भारत का दबदबा रहा, जिसमें सुनील कुमार ने 32.58 मीटर के साथ स्वर्ण जीता, प्रिंस कुमार ने 31.23मी. के साथ रजत जीता, और कथिर धनसेकरन ने 18.73मी के साथ कांस्य जीता। दूसरे प्रदर्शनों में, मोहित पाल ने पुरुषों की 400मी. दौड़ टी 12 में 54.39 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता, जबकि लकी यादव ने 1:04.27 के साथ रजत जीता। कॉम्पिटिशन के दौरान इंटरनेशनल एथलीटों ने भी प्रभावित किया। पुरुषों की 400मी. दौड़ टी-20 में, रूस ने तीनों पदक जीते, जिसमें सर्गेई मकारोव सबसे आगे रहे, जिन्होंने 49.20 सेकंड में स्वर्ण जीता। वहीं, रूस की नतालिया साईंचिना ने महिलाओं की 400मी दौड़ टी 20 में 1:00.52 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण जीता।  

सिलेंडर का इंतजार बना जानलेवा: 25वें नंबर पर खड़े भूषण कुमार की अचानक मौत

बरनाला (पंजाब) पंजाब के बरनाला में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में खड़ा बुजुर्ग ने अपनी बारी इंतजार करते-करते प्राण त्याग दिए। बुजुर्ग की मौत की घटना से वहां हड़कंप मच गया। गैस सिलेंडर के लिए मारामारी के बीच लोगों की जान पर आफत बन चुकी है। हालात यह हो गए हैं कि लोग घंटों लाइन में लगकर गैस सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं। बरनाला के गांव शैहना में गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो जाने का दुखद मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। जानकारी के अनुसार गांव शैहना निवासी 66 वर्षीय भूषण कुमार मित्तल, पुत्र देवराज मित्तल, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे हुए थे। बताया जा रहा है कि सिलेंडर लेने के लिए उनका 25वां नंबर था और वे करीब दो घंटे से इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान लाइन में बैठे-बैठे अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बाद में परिजन बुजुर्ग के शव को अपने घर ले गए। परिवार की ओर से पोस्टमार्टम करवाने की तैयारी की जा रही है। उधर, इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भदौड़ हलके के कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह धालीवाल ने मृतक के परिवार के प्रति गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि भूषण कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ता है, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई। उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

केंद्र का समर्थन: छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ की सहायता प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र का अतिरिक्त सहयोग छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता रायपुर  प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2025 के दौरान आई बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ जैसी आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र के इस अतिरिक्त सहयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार माना है।                 केंद्र सरकार द्वारा यह सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से जारी की जाएगी, ताकि प्रभावित राज्यों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। समिति के निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है।               केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। आपदा की स्थिति में प्रभावित राज्यों को त्वरित राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।             गौरतलब है कि यह अतिरिक्त सहायता राज्यों को पहले से उपलब्ध कराए गए संसाधनों के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी राशि पहले ही जारी कर दी है। State Disaster Response Fund (SDRF) के तहत 28 राज्यों को 20,735.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि National Disaster Response Fund (NDRF) के तहत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।                  इसके अलावा आपदा जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए State Disaster Mitigation Fund (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये तथा National Disaster Mitigation Fund (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।

अफीम खेती पर CM विष्णु ने जारी किया निर्देश, बिजली बिल देरी पर किसानों को राहत

रायपुर छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के रोज नए-नए केस सामने आ रहे हैं. पहले दुर्ग में अफीम की खेती का मामला सामने आया था. फिर बलरामपुर के कुसमी में अफीम की खेती पकड़ी गई. अब बलरामपुर के ही तुर्रापानी में दूसरी अवैध अफीम की खेती मिलने की जानकारी आई है. इससे राज्य में हड़कंप मच गया है. विपक्ष की तरफ से लगातार इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इसी वजह से अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाया है।  CM विष्णुदेव साय ने अपनाया कड़ा रुख मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी कलेक्टर्स को आदेश जारी किया है और उन्हें 15 दिनों के भीतर सर्वे रिपोर्ट देने को कहा है. उनकी तरफ से बताया गया है कि अवैध मादक पदार्थ को लेकर राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. अवैध अफीम की खेती ना हो इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट के साथ प्रमाण पत्र कलेक्टर सौंपेंगे।  मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना भी की शुरू इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की शुरुआत की. यह योजना उन लोगों के लिए है, जो आर्थिक समस्याओं की वजह से बिजल का बिल नहीं चुका पाए. योजना के तहत लगभग 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज हर घर की आवश्यकता है और सरकार चाहती है कि किसी परिवार की रोशनी सिर्फ बिल बकाया होने के कारण बंद न हो।  बलरामपुर जिले के तुर्रापानी में दूसरी अवैध अफीम की खेती मिलने की जैसे ही सूचना मिली. पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया. बताया जा रहा है कि लगभग एक से डेढ़ एकड़ में अवैध अफीम की खेती मिली है. पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. जिले की संयुक्त टीम जांच में जुटी है।  दुर्ग में अफीम की खेती मामले में चौथा आरोपी हुआ गिरफ्तार अब राज्य प्रशासन अफीम की खेती को लेकर सतर्क हो गया है और पुलिस की तरफ से बड़ी कार्रवाई की जा रही है. दुर्ग में अफीम की खेती मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है. दुर्ग के ग्राम समोदा झेंझरी के मध्य खेत में अफीम की खेती की जा रही थी. लगभग 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में अफीम के पौधे लगाए थे. जब्त पौधों की कीमत करीब 8 करोड़ रुपए बताई जा रही है।   

कोरंधा से 1.75 करोड़ रुपये मूल्य की अफीम जब्त, किसान बोले- गैर कानूनी होने की जानकारी नहीं थी

बलरामपुर  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कोरंधा में पुलिस ने करीब ढाई एकड़ में लगी अफीम उखाड़कर जब्त की है। यहां से 285 बोरे अफीम के पौधे बरामद हुए, जिनका वजन 18 क्विंटल है। इनकी अनुमानित कीमत पौने दो करोड़ रुपए बताई जा रही है। मामला कोरंधा थाना क्षेत्र का है। दरअसल, बुधवार शाम को खजूरी गांव में अफीम की खेती का पता चला था। गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फसल उखाड़कर जब्त की गई। तीन ट्रैक्टरों में 285 बोरे अफीम को कोरंधा थाना लाया गया। इस मामले में अफीम की खेती करने वाले 2 किसानों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल, हिरासत में लिए गए किसानों से पुलिस पूछताछ कर रही है। उनका कहना है कि वे अफीम को नहीं पहचानते थे। इस कारण उन्हें नहीं पता था कि यह गैर कानूनी है। जांच में सामने आया कि किसान ने हर साल 6 हजार रुपए देने की शर्त पर जमीन ली थी। बता दें कि कुसमी के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई है। झारखंड के मजदूर करते थे पहरेदारी अफीम की फसल दो किस्तों में बोई गई थी। इनमें सहादुर नगेशिया के खेत में लगी अफीम की फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है, उसके खेत में लगे अफीम के डोडों पर छह से सात चीरे लगे हुए मिले, जिससे स्पष्ट है कि उनसे काफी मात्रा में अफीम निकाली जा चुकी थी। टुईला राम के खेत में बोई गई अफीम की फसल में अभी डोडे लगे हुए हैं और कुछ पौधों में डोडे लग रहे हैं। कई डोडों में चीरा भी लगाया गया था और उनसे अफीम निकालने का काम किया जा रहा था। हालांकि, यहां से निकाली गई अफीम बरामद नहीं हो सकी है। दोनों किसानों ने बताया कि झारखंड के चार से पांच लोग अफीम की पहरेदारी सहित अन्य काम करते थे। खेतों में काम भी वही लोग करते थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वे मौके से फरार हो गए। किसानों का कहना है कि वे अफीम की फसल को पहचानते नहीं थे, इसलिए उन्हें यह भी पता नहीं था कि इसकी खेती गैरकानूनी है। इसके अलावा अफीम की खेती के लिए पास के प्राकृतिक जल स्रोत से पानी खेतों तक पहुंचाया जाता था। इसके लिए पाइप लगाकर खेतों में सिंचाई की व्यवस्था की गई थी।

नवरात्रि मेले में घरेलू LPG प्रतिबंध, कमर्शियल गैस की कमी से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ीं

सलकनपुर  जिले के सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी मंदिर में आगामी चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मौजूदा गैस संकट को देखते हुए मेला स्थल और मंदिर परिसर में घरेलू गैस सिलिंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं कमर्शियल गैस सिलिंडर की सीमित उपलब्धता के कारण मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।  जिला कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेला क्षेत्र में किसी भी होटल, दुकान या प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का कहना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यदि किसी दुकान या होटल में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पाया गया तो उसे जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानों में अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर छोटे अग्निशमन यंत्र रखना भी अनिवार्य किया जाएगा। गैस संकट से बढ़ी परेशानी वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति पर भी असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए। इसके चलते कमर्शियल सिलिंडरों की उपलब्धता सीमित हो गई है। इस स्थिति का असर नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। खाना बनाने और अन्य कार्यों के लिए उन्हें वैकल्पिक ईंधन की तलाश करनी पड़ रही है। बाजार में इन दिनों डीजल भट्टी की मांग बढ़ गई है, जिसकी कीमत करीब 12 से 15 हजार रुपये तक बताई जा रही है। कई व्यापारी इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक हीटर और लकड़ी की भट्टी जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारी अरविंद मालवीय और पंकज शर्मा का कहना है कि गैस सिलिंडर की कमी के कारण मेले में कारोबार करना मुश्किल हो सकता है। उनका कहना है कि पहले से ही बाजार में मंदी का माहौल है और ऐसे में गैस संकट से मेले का व्यापार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मेले की तैयारियां तेज चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है। इस दौरान सलकनपुर स्थित विजयासन देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने सलकनपुर पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली और मेला व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, जहां डॉक्टर और चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहेगा। आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे। 

होमगार्ड भर्ती का शेड्यूल जारी: धनबाद में 6 अप्रैल से परीक्षा, 14 हजार उम्मीदवार होंगे शामिल

धनबाद. जिले में शहरी और ग्रामीण इलाकों के लिए होमगार्ड में जवानों की बहाली आगामी छह अप्रैल से शुरू होगी। बहाली के तहत शारीरिक जांच, लिखित परीक्षा समेत अन्य का आयोजन मेमको मोड़ स्थित मेगा स्पोर्ट्स कंप्लेक्स में आयोजित किया जाएगा। यह प्रक्रिया 22 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। उपायुक्त सह अध्यक्ष, गृहरक्षक नवनामांकन समिति के की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार बताया गया है कि प्रखंडवार गृहरक्षकों के नवनामांकन के लिए तिथियां निर्धारित की गई हैं। नवनामांकन में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक और अपना मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ दो रंगीन फोटो लाना अनिवार्य रहेगा। 14,121 अभ्यर्थियों की होगी परीक्षा राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2023 में ही धनबाद जिले में होमगार्ड जवानों की बहाली को लेकर विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। इसी के तहत अब यह बहाली हो रही है। आवेदन पत्रों की स्क्रुटनी करने के बाद 14,121 आवेदन सही पाए गए थे। नवनामांकन के लिए बाघमारा प्रखंड से 1507, बलियापुर से 1327, धनबाद से 390, एग्यारकुंड से 471, गोविंदपुर से 1654, कलियासोल से 1015, निरसा से 492, पूर्वी टुंडी से 923, तोपचांची से 1439, शहरी जनरल 2990 और शहरी तकनीकी के लिए 996 आवेदन सही मिले हैं। फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र देने वालों पर कार्रवाई करने की मांग बहाली प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरी करने की मांग झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रवि मुखर्जी ने कहा कि पूर्व में हुई बहालियों में काफी गड़बड़ी हुई थी। फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र का मामला सामने भी आ चुका है और एसीबी जांच भी हुई थी। इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त धनबाद से आग्रह किया है कि जो धनबाद जिले के निवासी हैं उनका ही चयन किया जाना चाहिए।

रूस में संदिग्ध मौत: समरजीत का शव घर पहुंचा, परिजनों ने जबरन सेना में भेजने का लगाया आरोप

लुधियाना. रूस में बेहतर भविष्य और करियर बनाने के लिए गए पंजाब के शहर लुधियाना के 21 वर्षीय युवक समरजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि वहां उसे जबरन सेना में भर्ती कर लिया गया था। रूस से उसका शव लुधियाना पहुंचने के बाद शुक्रवार को डाबा स्थित श्मशानघाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक समरजीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार के अनुसार वह कुछ समय पहले बेहतर भविष्य की तलाश में रूस गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हालात अचानक बदल गए। धीरे-धीरे उसका परिवार के साथ संपर्क भी टूट गया, जिससे परिजन लगातार चिंतित रहने लगे। समरजीत के मौसा अमरजीत सिंह ने बताया कि आठ सितंबर के बाद से समरजीत का परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया था। इसके बाद दस सितंबर को उसकी मौत की जानकारी सामने आई, लेकिन परिवार को इसकी आधिकारिक सूचना काफी समय बाद मिली। सप्ताह पहले रूस की सरकार ने की पुष्टि उन्होंने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले परिवार को रूसी भाषा में एक पत्र मिला था, जिसमें समरजीत सिंह की मौत की सूचना दी गई थी। इसके बाद दो दिन पहले परिवार को उसकी मौत की पुष्टि करते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र भी भेजा गया। परिवार के मुताबिक उन्हें बताया गया कि समरजीत का शव वीरवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा। इसके बाद परिवार के सदस्य दिल्ली जाकर शव लेकर लुधियाना पहुंचे। शुक्रवार सुबह डाबा स्थित श्मशानघाट में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया। मौत की तारीख पर उठे सवाल परिवार ने यह भी बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र में समरजीत की मौत दिसंबर महीने में होने का उल्लेख किया गया है। इस बात को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि पहले उन्हें सितंबर में मौत की जानकारी दी गई थी। इस विरोधाभास के कारण परिवार में संदेह और दुख दोनों बढ़ गए हैं। परिजनों का कहना है कि समरजीत को रूस में जबरन सेना में भर्ती किया गया था। उसकी पहचान भी रूस की सेना के एक टोकन के माध्यम से ही हो पाई है। परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि समरजीत की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सके।

अलविदा जुमे को लेकर संभल में कड़ी सुरक्षा: ड्रोन सर्विलांस, मस्जिदों में उमड़ी भीड़

संभल संभल में रमजान के अलविदा जुमे की नमाज शुक्रवार को  अदा की जाएगी। इसे देखते हुए जामा मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों के आसपास तीन कंपनी पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए तीन कंपनी पीएसी के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। रमजान के पवित्र महीने में पढ़ी जाने वाली अलविदा जुमे की नमाज अदा की जाएगी। उलमा के अनुसार इस बार रमजान में पांचवां जुमा भी पड़ सकता है और उसके बाद ईद उल फितर मनाई जा सकती है। इसी को देखते हुए चौथे जुमे को ही अलविदा जुमे के रूप में मनाने का एलान किया गया है। संभल जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी ने भी इसकी घोषणा की है। उन्होंने समुदाय से अपील करते हुए कहा कि अलविदा जुमे की नमाज पूरी शांति और अनुशासन के साथ अदा की जाए। किसी भी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो इसका ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर नमाज अदा नहीं की जाएगी। सभी लोग अपनी-अपनी मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें और यातायात व्यवस्था को प्रभावित न करें।  पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस या नारेबाजी की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष रूप से ईरान के समर्थन में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए जामा मस्जिद क्षेत्र, मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह को तुरंत रोका जा सके। संभल में तैनात होंगे 19 मजिस्ट्रेट, भारी फोर्स संभल शहर अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल है। शासन की ओर से भी पूरी निगरानी रहती है। इसके चलते पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट है। अलविदा जुमा की नमाज को लेकर डीएम ने संभल शहर में 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। इसके अलावा पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के जवान मुस्तैद हैं। संवेदनशील इलाके में नमाज के दौरान ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। संभल शहर में 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा जिलेभर में सभी थानों पर एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती है। पीस कमेटी की बैठक में शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा करने और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील  है। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। -डीएम, संभल एहतियाती तौर पर चौकसी शहर में बरती जा रही है। शांतिपूर्ण तरीके से लोग जुमा अलविदा की नमाज अदा करें। सड़कों पर नमाज अदा न करें। शासन की जो गाइडलाइन है उसका सभी को पालन करना है। सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए टीम सक्रिय है। किसी ने माहौल बिगाड़ने के प्रयास में पोस्ट या वीडियो शेयर की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी