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छत्तीसगढ़ के IPS अमित कुमार को बड़ी उपलब्धि, केंद्र में ADG के लिए इम्पैनलमेंट

रायपुर. छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ IPS अफसर अमित कुमार को केंद्र सरकार ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) रैंक के लिए इम्पैनल कर लिया है। केंद्र सरकार ने अपने हालिया आदेश में साल 1998 बैच के कुल 30 आईपीएस अधिकारियों को ADG या समकक्ष पदों के लिए पैनल में शामिल किया है, जिसमें अमित कुमार का नाम भी शामिल है। यह राज्य पुलिस के लिए भी गर्व की बात मानी जा रही है। वर्तमान में संभाल रहे हैं इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी IPS अमित कुमार फिलहाल छत्तीसगढ़ पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें जनवरी 2024 में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। राज्य की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र से जुड़े मामलों में IPS अमित कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इंटेलिजेंस विंग में उनकी नियुक्ति के बाद कई संवेदनशील मामलों में पुलिस को समय रहते जानकारी और रणनीति बनाने में मदद मिली है। पहले भी केंद्र में निभा चुके हैं महत्वपूर्ण भूमिका IPS अमित कुमार का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। वे पहले भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में संयुक्त निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने सीबीआई में रहते हुए कई अहम जांचों में भूमिका निभाई थी। इसी वजह से उन्हें एक अनुभवी और प्रभावशाली पुलिस अधिकारी के रूप में देखा जाता है। कई जिलों में एसपी के रूप में दे चुके हैं सेवाएं अमित कुमार राज्य में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान कई जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने रायपुर, बीजापुर, राजनांदगांव, जांजगीर और दुर्ग जैसे जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने इन जिलों में रहते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत करने और क्राइम कंट्रोल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्रपति पुलिस पदक से हो चुके हैं सम्मानित IPSअमित कुमार की ईमानदार छवि और प्रशासनिक दक्षता के लिए उन्हें कई बार सराहना भी मिल चुकी है। उनके शानदार कार्य और सेवाओं को देखते हुए जनवरी 2025 में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal for Distinguished Service) से सम्मानित भी किया गया था।

सीएम के सख्त निर्देश: वल्लभ भवन में समय पालन न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज वल्लभ भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को आदेश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा कार्यालयों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्रित की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन कर सभी कार्यालयों में तैनाती कर दी है, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस आदेश की सूचना दी गई है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कई बार पांच दिवसीय कार्यालय होने के बावजूद अधिकारी अपने निर्धारित समय पर नहीं आते, जो प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। सीएम के निर्देशों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यालय समय का पालन कड़ाई से हो। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 9:05 बजे भोपाल से उड़ान भरकर उदयपुर पहुंचेंगे और वहां से भीलवाड़ा जाएंगे। भीलवाड़ा में वे उद्योगपतियों के साथ निवेश संभावनाओं पर संवाद करेंगे। इसके बाद दोपहर 3:25 बजे वे उदयपुर से जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। जबलपुर से गढ़ाकोटा के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहा वह  218वें ‘रहस मेला’ और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के वितरण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद सीएम शाम को रायपुर जाएंगे।  जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम करना अब अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बड़ा बयान: पंजाब में LPG संकट नहीं, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रदेश के सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी किए हैं कि जो भी व्यक्ति गैस संकट को लेकर भ्रामक खबरें फैलाता है या सिलेंडर की जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, उसके विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाए। अफवाहों और जमाखोरी पर नकेल खाड़ी देशों में जारी तनावपूर्ण स्थितियों के बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने की खबरें प्रसारित हो रही थीं। इन अफवाहों के कारण जनता में अनावश्यक चिंता उत्पन्न हो रही थी। मुख्यमंत्री ने इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर निरंतर पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया है कि उपभोक्ताओं का शोषण किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्राथमिकता होगी। प्रमुख शहरों चंडीगढ़ और पंजाब में एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत ने आम आदमी की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। लगातार दूसरे दिन गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की किलोमीटर लंबी कतारें देखी गईं। आलम यह है कि लोग सुबह तड़के से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइनों में लग रहे हैं, लेकिन शाम तक भी उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। राम दरबार में 'कल' के भरोसे लोग चंडीगढ़ के राम दरबार इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। यहां गैस एजेंसी के बाहर महिलाएं और बुजुर्ग चिलचिलाती धूप में अपने नंबर का इंतजार करते दिखे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि एजेंसियां मनमानी कर रही हैं। पहले जो सिलेंडर आसानी से घर पर डिलीवर हो जाते थे, अब उनके लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। एजेंसी कर्मचारी 'सर्वर डाउन' होने या 'कल आने' की बात कहकर लोगों को टाल रहे हैं। कई घरों में गैस खत्म हो चुकी है, जिसके कारण लोग मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे या बाहर के खाने पर निर्भर हैं। KYC के नाम पर उलझाए जा रहे उपभोक्ता मोहाली के जीरकपुर में भी नजारा कुछ अलग नहीं था। यहां उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्हें KYC अपडेट करवाने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग बंद है और फोन लाइनें भी काम नहीं कर रही हैं। कई परिवारों ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्होंने पुराने दौर की तरह लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। बुकिंग होने के बावजूद डिलीवरी न मिलना लोगों के गुस्से को और बढ़ा रहा है। केंद्र सरकार से आपूर्ति पर चर्चा मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि पंजाब में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ संपर्क साधा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनिवार्य वस्तुओं की सप्लाई चेन में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन को बाजार पर कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा गया है ताकि गैस सिलेंडर की ओवरचार्जिंग या कालाबाजारी जैसी अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सख्त चेतावनी LPG संकट की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने राज्य के सभी जिला उपायुक्तों (DC) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि आम जनता को रोजमर्रा की चीजों के लिए परेशान न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि खाड़ी युद्ध के कारण आने वाले दिनों में आपूर्ति में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन सरकार केंद्र के साथ लगातार संपर्क में है। भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस संकट की आड़ में अगर कोई कालाबाजारी या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिलों में LPG की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी का माहौल न बनने दिया जाए। अफवाहों और युद्ध का असर गैस की इस कमी के पीछे वैश्विक स्तर पर चल रहा खाड़ी युद्ध और स्थानीय स्तर पर फैल रही अफवाहों को बड़ा कारण माना जा रहा है। लोग डर के मारे पैनिक बुकिंग कर रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और केवल जरूरत पड़ने पर ही सिलेंडर की मांग करें। जनता से शांति बनाए रखने की अपील पंजाब सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और संयम बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है और प्रदेश में ईंधन की कमी का कोई वास्तविक संकट मौजूद नहीं है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आम लोगों को बुनियादी वस्तुओं की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पंजाब में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जुड़ी खबरें पूरी तरह निराधार हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए अफवाह फैलाने और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और केंद्र से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ता किसी भी भ्रामक खबर पर भरोसा न करें और कालाबाजारी की शिकायत तुरंत प्रशासन से करें।

BKTC का फैसला: बदरीनाथ और केदारनाथ के मंदिरों में केवल हिंदुओं को अनुमति

देहरादून उत्तराखंड के चारधाम मंदिरों में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाले बदरीनाथ-केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर पाबंदी का फैसला लिया गया है। मंदिर समिति बीकेटीसी ने हाल ही में यह कड़ा कदम उठाया। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह पाबंदी केवल उन लोगों पर लागू होगी जो सनातन धर्म में विश्वास नहीं रखते हैं और इसका मुख्य उद्देश्य चारधाम यात्रा और अन्य मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा को बनाए रखना है। इस मामले में अब सरकार का रिएक्शन आया है। बदरीनाथ धाम, केदारनाथ में गैर सनातियों के प्रवेश पर रोक के बीकेटीसी के फैसले का सरकार अध्ययन करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि बीकेटीसी का फैसला अभी सरकार के पास नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जब यह प्रस्ताव सरकार के पास आएगा, उसका एक्ट के अनुसार अध्ययन किया जाएगा। सभी पक्षों से चर्चा के करने के बाद ही अंतिम निर्णय किया जाएगा। प्रतिबंध गर्भगृह और मुख्य परिसर में लागू समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यह प्रतिबंध मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर के भीतर लागू होगा। उन्होंने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि केवल उन लोगों को ही धामों के दर्शन करने चाहिए जो सनातन धर्म में सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखते हैं। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में ही समिति ने ऐसे प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए थे, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है। चारधाम यात्रा के लिए 121 करोड़ बजट पास इसी बैठक में बीकेटीसी ने आगामी चारधाम यात्रा 2026-27 के लिए 121 करोड़ का बजट भी पास किया है। इस कुल राशि में से 57.5 करोड़ बदरीनाथ धाम और 63.6 करोड़ केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। साथ ही, मंदिर के पुजारियों (तीर्थ पुरोहितों) की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए 'तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष' बनाने के फैसले को भी बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है। यह कोष पुजारियों को वित्तीय सहायता और अन्य कल्याणकारी लाभ प्रदान करेगा। 19 अप्रैल को खुल रहे कपाट 2026 की यात्रा के लिए कपाट खुलने की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को खुलेंगे। हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

योगी सरकार का सख्त कदम: गो हत्यारों और तस्करों पर कार्रवाई, 35 हजार से अधिक गिरफ्तार

योगी सरकार ने किया गो हत्यारों व तस्करों का दमन, सलाखों के पीछे धकेले गए 35 हजार से अधिक आरोपी सीएम योगी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर गोकशी के संगठित नेटवर्क पर कसा गया शिकंजा, 14,182 मामले किये गये दर्ज गोकशी और तस्करी को रोकने के लिए वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-20 लागू किया गया  13,793 आरोपियों पर गुंडा एक्ट, 178 पर एनएसए और 14,305 मामलों में गैंगस्टर के तहत की गई कार्रवाई आरोपियों की लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त लखनऊ योगी सरकार ने सूबे की सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में गोकशी, गोतस्करों और अवैध पशु वध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई की, जो आज भी लगातार जारी है। इसके साथ गोकशी को पूरी तरह से रोकने के लिए वर्ष 2020 में गोवध निवारण कानून में संशोधन किया गया और जून-2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश जारी किया गया। इसके तहत अब तक प्रदेश भर में गोकशी के 14,182 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 178 आरोपियों के खिलाफ एनसएसए की कार्रवाई की गई योगी सरकार का मानना है कि गोकशी पर नियंत्रण केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि यह सामाजिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा पुलिस, प्रशासन और विशेष कानूनों के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गोकशी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ केवल सामान्य मुकदमे ही नहीं दर्ज किए गए, बल्कि उनके विरुद्ध कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई। गोकशी के मामले में 35,924 आरोपियों में से 13,793 के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 178 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की गई है। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से गोकशी व गोतस्करी से जुड़े  संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली। इस दौरान प्रदेश में सक्रिय गोकशी से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया और आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की गई। गोकशी पर अंकुश को गठित की गई विशेष टीमें गोकशी के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी अपराधियों पर प्रहार किया गया। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने से संगठित अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर करना है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को पूरी तरह रोका जा सके। इतना ही नहीं कई मामलों में अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया है। योगी सरकार ने गोकशी पर नियंत्रण के लिए पुलिस की विशेष टीमें का गठन किया। विशेष टीमों द्वारा खुफिया निगरानी, जिलास्तरीय टास्क फोर्स और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के जरिये गोकशी-गोतस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। साथ ही प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई गई, वहीं पशु परिवहन से जुड़े मामलों की भी विशेष निगरानी की गई। इसके अलावा अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से प्रदेश में अवैध पशु वध से जुड़े मामलों में काफी कमी आई है और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश 2020 में नियमों को किया गया सख्त – अध्यादेश के तहत प्रदेश में गोहत्या पर 10 साल कठोर कारावास की सजा – 3 से 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान – गोवंश के अंगभंग करने पर 7 साल की जेल व 3 लाख जुर्माना

पुलिस विभाग में ताबड़तोड़ तबादले, नर्मदापुरम में 72 कर्मियों का रोटेशन

नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। एसपी सांई कृष्णा थोटा ने जिले में एक साथ 72 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं। जारी सूची में 2 एसआई, 11 एएसआई, 20 हेड कांस्टेबल और 38 कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा एक सूबेदार का भी तबादला किया गया है। जारी आदेश के अनुसार 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को थानों से हटाकर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भेजा गया है, वहीं पुलिस लाइन में लंबे समय से इंतजार कर रहे कई पुलिसकर्मियों को थानों में नई जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि एसपी सांई कृष्णा थोटा के नर्मदापुरम में पदभार संभालने के बाद यह थोक तबादलों की पहली सूची है, जिसकी चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी। सूची के अनुसार सूबेदार विनय अडलक को इटारसी से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं एसआई नरेंद्र लिल्लौरे को सिवनी मालवा थाने से हटाकर बानापुरा पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा एसआई वंशज श्रीवास्तव को पुलिस लाइन से पचमढ़ी थाने में पदस्थ किया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। गुरुवार रात करीब 11:30 बजे तबादला सूची जारी की गई। वहीं जल्द ही विभाग में तबादलों की एक और सूची जारी होने की संभावना भी जताई जा रही है।

आज लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर का लोकार्पण, रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

लखनऊ वासियों को मिलेगा ग्रीन कॉरिडोर का अनमोल तोहफा  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करेंगे लोकार्पण  1519 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्यों का होगा लोकार्पण व शिलान्यास  लखनऊ  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लखनऊवासियों को अनमोल उपहार देंगे। राजधानी के लोगों को इस दिन ग्रीन कॉरिडोर की सौगात मिलेगी। यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा, जिसके तहत 1519 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया जाएगा।  मुख्यमंत्री व रक्षा मंत्री ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण (डालीगंज से समतामूलक चौराहे तक) का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास भी होगा। तीसरे चरण के अंतर्गत समतामूलक चौक से शहीद पथ व चौथे चरण के अंतर्गत शहीद पथ से किसान पथ तक का निर्माण होगा। लोकार्पण के उपरांत रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री झूलेलाल वाटिका, गोमती तट पर जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे।

विदेश में बड़ा हादसा: थाईलैंड के जहाज पर हमला, भागलपुर के इंजीनियर की जान गई

भागलपुर. ईरान से इजरायल, अमेरिका के संघर्ष के दौरान भारत आ रहे थाई समुद्री जहाज पर हुए हमले में जिले के सन्हौला प्रखंड के पाठकडीह रानी बमिया निवासी सरयुग प्रसाद सिंह के पुत्र मरीन इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। इधर, सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों में शोक के साथ ही आक्रोश भी देखने को मिला। मृतक के छोटे भाई ई. कृष्णनंदन प्रसाद सिंह स्वजन के साथ दिल्ली रवाना हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि देवनंदन सिंह पत्नी कुमकुम सिंह के साथ मुंबई में रहते थे। वहां घर बना लिए हैं। उनके एक पुत्र क्षितिज कुमार व पुत्री कोमल कुमारी हैं। दोनों बच्चे जर्मनी व जापान में जॉब करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और फिर इसमें हमारे देश का एक सपूत शिकार हो गया है, जो अत्यंत निंदनीय है। युद्ध को लेकर आक्रोश देवनंदन प्रसाद सिंह काफी मिलनसार थे और जब भी गांव आते थे सभी से मिलते-जुलते थे। छोटा भाई कृष्णनंदन भी इंजीनियर है। जॉब छोड़कर अब घर पर ही रहते हैं। अभी घर पर कोई नहीं है। गोतिया में मायूसी है। ग्रामीण रामकुमार सिंह, मदन सिंह, राम प्रवेश सिंह ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए युद्ध को लेकर आक्रोश भी व्यक्त किया। ग्रामीणों की मांग है कि अंतिम दर्शन के लिए शव को गांव लाया जाए। इधर, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार, जिला कार्यालय मंत्री प्रदीप कुमार, जिला प्रवक्ता विनोद सिन्हा ने केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से मांग की है कि उनके पार्थिव शरीर को विशेष विमान से भागलपुर लाने की व्यवस्था की जाए। परिवार को मुआवजा देते हुए राजकीय सम्मान के साथ इनका दाह संस्कार हो। नेताओं ने कहा कि इस दुख की घड़ी में भाजपा सहित एनडीए परिवार पीड़ित परिवार के साथ है। ईश्वर परिवार को संबल प्रदान करें। सरकार से मांग करने वालों में जिला महामंत्री नितेश सिंह, योगेश पांडे, भाजपा नेता भोला कुमार मंडल, शशि शंकर राय, अभय बर्मन, छठ पटिया मंडल के भाजपा अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, कहलगांव विधानसभा के प्रभारी डॉ. रोशन सिंह आदि शामिल हैं।

IPL से पहले पंजाब किंग्स का नया लुक, जर्सी में दिखेगी टीम की शक्ति और जज्बा

चंडीगढ़. आईपीएल 2026 के पहले चरण का कार्यक्रम जारी हो चुका है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को 19वें सीजन के शुरुआती मुकाबलों का कार्यक्रम घोषित किया। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 फ्रेंचाइजी लीग का यह सीजन 28 मार्च से शुरू होगा और पहले चरण के मुकाबले 12 अप्रैल तक खेले जाएंगे। पंजाब किंग्स ने आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 सीजन के लिए अपनी नई मैच जर्सी का अनावरण कर दिया है। नई जर्सी में पंजाब किंग्स के पारंपरिक सिग्नेचर रंग लाल और नीले का आकर्षक संयोजन देखने को मिलेगा। जर्सी के डिजाइन में टीम के प्रतीक शेर के निशान को प्रमुखता से दर्शाया गया है, जो टीम की ताकत और जुझारूपन का प्रतीक है। आईपीएल 2026 के दौरान पंजाब किंग्स के खिलाड़ी इसी नई जर्सी में मैदान पर उतरकर मुकाबले खेलते नजर आएंगे। टीम प्रबंधन के अनुसार जर्सी का डिजाइन टीम की पहचान और पंजाब की ऊर्जा को दर्शाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। नई जर्सी के साथ टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की तस्वीर भी जारी की गई है।  बंगलूरू में होगा उद्घाटन मुकाबला टूर्नामेंट का पहला मैच 28 मार्च को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) से होगा। आरसीबी की टीम इस बार अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। आरसीबी ने 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल का खिताब जीता था। उद्घाटन मैच के अगले दिन रविवार को मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले चरण में 20 मैच, 10 शहरों में मुकाबले पहले चरण में कुल 20 मैच खेले जाएंगे। ये मुकाबले 10 अलग-अलग शहरों में आयोजित होंगे। इनमें बंगलूरू, मुंबई, गुवाहाटी, न्यू चंडीगढ़, लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद शामिल हैं। इस अवधि में चार डबल-हेडर भी होंगे। डबल-हेडर के दौरान दो मैच एक ही दिन खेले जाएंगे। दोपहर का मैच भारतीय समयानुसार 3:30 बजे और शाम का मैच 7:30 बजे शुरू होगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने 5 घरेलू मैच बंगलूरू में और 2 मैच रायपुर में खेलेगी। पंजाब किंग्स के 4 घरेलू मैच न्यू चंडीगढ़ में और 3 मैच धर्मशाला में होंगे। राजस्थान रॉयल्स के 3 घरेलू मुकाबले गुवाहाटी में और 4 मैच जयपुर में खेले जाएंगे।

TET अनिवार्यता के विरोध में 15 को जुटेंगे 80 हजार शिक्षक

रायपुर. छत्तीसगढ़ में TET अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। 15 मार्च को रायपुर में राजपत्रित कर्मचारी संघ कार्यालय में शिक्षक संगठनों की बैठक होगी। इसमें करीब 80 हजार शिक्षकों पर पड़ने वाले असर और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसी मुद्दे को लेकर 15 मार्च को रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक राजपत्रित कर्मचारी संघ कार्यालय में होगी और दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। बैठक में प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है, ताकि सभी संगठन मिलकर इस मुद्दे पर सामूहिक निर्णय ले सकें। प्रदेशभर के संगठनों को बुलाया गया सूत्रों के अनुसार इस बैठक में प्रदेश के अलग अलग जिलों से शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य TET अनिवार्यता से जुड़ी संभावित समस्याओं और उसके समाधान पर चर्चा करना है। इसके साथ ही सरकार के सामने अपनी मांगों को रखने की रणनीति भी तय की जाएगी।' 80 हजार शिक्षकों पर पड़ सकता है असर बताया जा रहा है कि यदि TET को अनिवार्य किया गया तो प्रदेश के करीब 80 हजार शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि शिक्षक संगठन इस मुद्दे को लेकर एकजुट होते नजर आ रहे हैं। बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि यदि शिक्षकों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे आंदोलन की राह भी अपनाई जा सकती है। बैठक में तय होगी आगे की रणनीति 15 मार्च को होने वाली इस बैठक को शिक्षकों के भविष्य के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि शिक्षक संगठन सरकार से क्या मांग रखेंगे और आगे इस मुद्दे को लेकर किस तरह की रणनीति अपनाई जाएगी।