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एमपी ट्रांसको ने बढ़ाई पॉवर क्षमता, बिसनूर सब स्टेशन में लगाया 50 एमव्हीए ट्रांसफार्मर

एमपी ट्रांसको ने बिसनूर सब स्टेशन में स्थापित किया 50 एमव्हीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर बैतूल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने बैतूल जिले की बिजली व्यवस्था की सुदृढ़ता के लिए 132 के.व्ही. सब स्टेशन बिसनूर (मुलताई) में एक 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उजीकृत कर दिया है। इससे बैतूल जिले की पारेषण प्रणाली को विश्वसनीयता मिलने के साथ मुलताई क्षेत्र के हजारों विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो सकेंगी साथ ही सब स्टेशन में दूसरा ट्रांसफार्मर लगने से सिस्टम में फ्लेक्सिबिल्टी आई है। इन क्षेत्रों को होगा फायदा एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शाँडिल्य ने बताया कि बिसनूर में इस पॉवर ट्रांसफार्मर उर्जीकृत होने से सब स्टेशन से जुड़े स्थानीय बिसनूर के अलावा गेहुवरसा, पोंनी, टेरमुरनी, डब्ल्यू.आर.डी. फीडर से जुड़े हजारों कृषि विद्युत उपभोक्ताओं के साथ घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। बैतूल जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढोत्तरी मुख्य अभियंता  शांडिल्य ने जानकारी दी कि बिसनूर में 50 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर लगने से सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 100 एम.व्ही.ए. की हो गई है। एमपी ट्रांसको बैतूल जिले में 220 के.व्ही. के 3 सब स्टेशन बैतूल, गुड़गांव, सारणी एवं 132 के.व्ही. के 6 सब स्टेशन बैतूल, आमला, चिचौली, मुलताई, गुड़गांव व बिसनूर के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस ट्रांसफार्मर के उर्जीकृत होने से बैतूल जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढ़ोत्तरी 1598 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

इंडोरामा वेंचर्स ओपन: पहले राउंड में चमके राशिद खान, बनाई बढ़त

अहमदाबाद इंडोरामा वेंचर्स गोल्फ चैंपियनशिप 2026 में राशिद खान ने सिक्स-अंडर 66 के स्कोर के साथ पहले राउंड में बढ़त बना ली है। 3,00,000 अमेरिकी डॉलर (2.7 करोड़ रुपए) की यह चैंपियनशिप कलहार ब्लूज एंड ग्रींस गोल्फ क्लब में खेली जा रही है। राशिद खान ने गुरुवार को सात बर्डी और एक बोगी लगाकर अकेली बढ़त बनाई। दिल्ली के राशिद ने कुल 14 टाइटल जीते हैं, जिनमें 2 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हैं। सीजन के पहले इवेंट के विनर, अमेरिकन झारेड हैक पहले राउंड में फाइव-अंडर 67 का कार्ड बनाकर दूसरे स्थान पर रहे। झारेड हैक के राउंड में छह बर्डी और एक बोगी थी। अर्जुन प्रसाद, बृजेश कुमार, सप्तक तलवार, मानव बैस और कार्तिक सिंह समेत पांच गोल्फर चार-अंडर 68 के बराबर स्कोर के साथ तीसरे नंबर पर रहे। राशिद खान ने बैक-नाइन में दो बर्डी और एक बोगी बनाई। 35 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने सात साल के टाइटल के सूखे को खत्म करने के लिए फ्रंट-नाइन में पांच बर्डी बनाईं और लीडरबोर्ड में टॉप पर पहुंच गए। शानदार प्रदर्शन के बाद राशिद ने कहा, “कोर्स बहुत अच्छा चल रहा है, पिछली बार से अलग और पिन पोजीशन मुश्किल थीं, लेकिन मैंने कुछ अच्छे शॉट और पुट लगाए और बॉल को सही जगहों पर रखकर अपने लिए मौके बनाए। मैं बस यहां से अपना बेस्ट देना चाहता हूं।” झारेड हैक के अलावा, पहले राउंड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले दूसरे विदेशी खिलाड़ी फ्रांस के क्लेमेंट सोर्डेट और पियरे पिन्यू के साथ-साथ ऑस्ट्रिया के क्रिस्टोफ ब्लेयर थे। इन सभी ने तीन-अंडर 69 का स्कोर बनाया और आठवें नंबर पर रहे। अहमदाबाद के प्रोफेशनल्स में, आदित्य राज कुमार चौहान का ओपनिंग राउंड सबसे अच्छा रहा, उन्होंने 70 का स्कोर किया और वे 15वें स्थान पर रहे। वीर अहलावत (71) और युवराज संधू (73) क्रमशः 22वें और 41वें स्थान पर रहे।  

काव्या मारन के पाकिस्तान क्रिकेटर खरीदने पर बवाल, BCCI ने तोड़ी चुप्पी

हैदराबाद लंदन में द हंड्रेड (The Hundred 2026) की पहली पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को काव्या मारन के स्वाम‍ित्व वाली फ्रेंचाइजी सराइइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) ने खरीद लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारतीय फैन्स का गुस्सा फूट पड़ा है।  इस फ्रेंचाइजी की कमान उद्योगपति कलान‍िध‍ि मारन (Kalanithi Maran) के सन ग्रुप के पास है और टीम की सीईओ उनकी बेटी काव्या मारन (Kavya Maran) हैं. IPL में सनराइजर्स हैदराबाद की CEO भी काव्या ही हैं. पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के फैसले के बाद सोशल मीड‍िया पर काव्या मारन को निशाने पर ले लिया  गया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई।  2.34 करोड़ में खरीदे गए अबरार पाकिस्तान के लेग स्पिनर अबरार अहमद का बेस प्राइस करीब 92.5 लाख रुपये था, लेकिन नीलामी में उन्हें खरीदने के लिए सनराइजर्स लीड्स और ट्रेंट रॉकेट्स ( Trent Rockets) के बीच लंबी बोली लगी।  आखिरकार सनराइजर्स ने £190,000 (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया.अबरार अहमद इस तरह किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम के लिए द हंड्रेड   में खेलने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए।  BCCI ने दी प्रतिक्रिया विवाद बढ़ने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साफ कहा कि यह मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. उन्होंने कहा-यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है. यह विदेशी लीग का मामला है और उसी लीग को इस पर फैसला लेना होगा. इसमें BCCI कुछ नहीं कर सकता।  हेड कोच डेनियल विटोरी ने बताया अबरार को क्यों खरीदा  विवाद के बीच टीम के हेड कोच डेन‍ियल व‍िटोरी ने भी इस फैसले पर सफाई दी. उन्होंने बताया कि टीम की पहली पसंद इंग्लैंड के स्टार स्पिनर आद‍िल रशीद थे. लेकिन ऑक्शन में उन्हें साउदर्न ब्रेव ने खरीद लिया. इसके बाद सनराइजर्स लीड्स ने विदेशी स्पिनर के विकल्पों पर ध्यान दिया और आखिरकार अबरार अहमद को टीम में शामिल किया।  विटोरी ने कहा कि टीम की रणनीति शुरू से ही एक प्रमुख स्पिनर लेने की थी. उन्होंने बताया कि टीम के पास चार-पांच विकल्प थे, जिनमें बांग्लादेश के र‍िशाद हुसैन, पाकिस्तान के उस्मान तार‍िक और अबरार अहमद शामिल थे।  सनराइजर्स लीड्स X अकाउंट भी सस्पेंड अबरार अहमद को खरीदने के बाद भारत में सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी देखने को मिली. इसी बीच सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक X (एक्स) अकाउंट भी सस्पेंड हो गया, जिससे विवाद और बढ़ गया. हालांकि अकाउंट सस्पेंड होने की असली वजह अभी सामने नहीं आई है।  विटोरी ने साफ कहा कि ऑक्शन से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर टीम मैनेजमेंट के बीच कोई चर्चा नहीं हुई थी और खिलाड़ियों का चयन सिर्फ क्रिकेटिंग जरूरतों के आधार पर किया गया.उन्होंने कहा कि अबरार अहमद की गेंदबाजी में काफी वैराइटी है और वह पावरप्ले या मिडिल ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं, जो हेडिंग्ले मैदान जैसे पिच पर टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।  गौरतलब है कि 'द हंड्रेड' ऑक्शन में अबरार अहमद दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे जिन्हें खरीदा गया. उनसे पहले बर्म‍िंघम फीन‍िक्स ने उस्मान तारिक को अपनी टीम में शामिल किया था। 

सड़क पर लापरवाही पड़ेगी भारी: पंजाब में इन वाहनों के धड़ाधड़ कट रहे चालान

चंडीगढ़ जिला पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर नाके लगाकर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के चालान काटे हैं। DSP ट्रैफिक श्री मुक्तसर साहिब राजेश ठाकुर की देखरेख में जिले में अलग-अलग जगहों पर ट्रैफिक नाकाबंदी की गई और ड्राइवरों को ट्रैफिक नियम मानने के लिए मोटिवेट किया गया। पुलिस टीमों ने गाड़ियों के डॉक्यूमेंट्स भी चेक किए और लोगों को सेफ ड्राइविंग के बारे में जागरूक किया गया। अभिमन्यु राणा, IPS, SSP श्री मुक्तसर साहिब ने बताया कि पुलिस अलग-अलग जगहों पर नाके लगाकर लोगों को ट्रैफिक नियम मानने के लिए जागरूक कर रही है। इसके बावजूद जो ड्राइवर ट्रैफिक नियम तोड़ते पाए गए या जिनके पास गाड़ियों के पूरे डॉक्यूमेंट्स नहीं थे, उनके खिलाफ कानूनी एक्शन लिया गया। पिछले 24 घंटों में कुल 215 गाड़ियों के चालान किए गए, जबकि डॉक्यूमेंट्स और नंबर प्लेट न होने की वजह से 17 गाड़ियों को इंपाउंड किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी गाड़ी चलाने वाले ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें। खासकर बाजारों में शॉपिंग करते समय अपनी गाड़ियों को सड़क के बीच में पार्क न करें, बल्कि उन्हें तय पार्किंग की जगहों पर ही पार्क करें। उन्होंने कहा कि गाड़ी चलाते समय अपने साथ ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जैसे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि गाड़ी चलाते समय जल्दबाजी न करें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। इसके अलावा, माता-पिता से अपील की गई कि वे अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ी न चलाने दें क्योंकि इससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। रात में गाड़ी चलाते समय सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। जिला पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अपनी और दूसरों की जिंदगी को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सड़क हादसों को कम करने में पुलिस का सहयोग करें। अगर वे उनके साथ कोई जानकारी शेयर करना चाहते हैं, तो हमारे पुलिस हेल्पलाइन नंबर 8054942100 पर जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

भारतीय शटलर किरण जॉर्ज का सफर खत्म, मन्नेपल्ली स्विस ओपन के दूसरे राउंड में

बासेल भारतीय शटलर किरण जॉर्ज यहां स्विस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष एकल के प्री क्वार्टरफाइनल में हांगकांग के जेसन गुणावन से हारकर बाहर हो गए जबकि युवा थारुन मन्नेपल्ली ने जापान के अपने प्रतिद्वंदी केंटा निशिमोटो के निर्णायक सेट में रिटायर होने के बाद दूसरे दौर में जगह बनाई। जॉर्ज ने कड़ी टक्कर दी लेकिन 70 मिनट तक चले राउंड 16 मैच में 18-21, 21-16, 16-21 से हार गए। भारत के हरिहरन अम्साकारुनन और एम आर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी भी प्री क्वार्टर फाइनल में हार गई। उन्हें चीनी ताइपे के चेन चेंग कुआन और लिन बिंग-वेई ने 32 मिनट में 17-21, 11-21 से हराया। भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी का मुकाबला आज रात प्री क्वार्टर फाइनल मैच में जापान के हिरोकी ओकामुरा और क्योहेई यामाशिता की जोड़ी से होगा। विश्व रैंकिंग में 43वें स्थान पर काबिज मन्नेपल्ली बुधवार की रात खेले गए इस मैच में तब 16-21 21-16 7-2 से आगे चल रहे थे, जब पांचवीं वरीयता प्राप्त निशिमोटो ने कंधे में दर्द के कारण मैच से हटने का फैसला किया। पिछले साल मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले 24 वर्षीय मन्नेपल्ली का अगला मुकाबला मलेशिया के जस्टिन होह से होगा। इस बीच महिला एकल में मालविका बंसोड़ थाईलैंड की विश्व में चौथे नंबर की खिलाड़ी पोर्नपावी चोचुवोंग से एकतरफा मुकाबले में 11-21, 15-21 से हार गईं। थाईलैंड की खिलाड़ी के खिलाफ यह उनकी चौथी हार है।  

US एयरक्राफ्ट करियर पर ईरान ने मिसाइल हमले का दावा, अमेरिका ने बताया असफल

तेहरान पश्चिम एशिया के समुद्र में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमला किया है, जिससे पोत को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक असफल खतरा बताया है।  ईरानी सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, IRGC ने ओमान के पास समुद्र में एक "सटीक ऑपरेशन" को अंजाम दिया. ईरान का दावा है कि उसके उन्नत हथियारों ने ईरानी सीमा से 340 किमी दूर इस युद्धपोत को निशाना बनाया।  IRGC के बयान में कहा गया है कि इस हमले के बाद 'लिंकन' ऑपरेशनल नहीं रहा और उसे उच्च गति के साथ क्षेत्र से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा. इसके साथ ही ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिका के मीना सलमान नौसैनिक अड्डे पर भी दो लहरों में ड्रोन हमले करने का दावा किया है।  अमेरिका का पलटवार: ईरानी जहाज को मार गिराया दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के दावों को कोरी कल्पना बताया है. 'सीबीएस न्यूज' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने विमानवाहक पोत के बेहद करीब आ रहे एक ईरानी जहाज को समय रहते रोक दिया।  अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पहले 'मार्क-45' गन से चेतावनी दी गई और बाद में हेलफायर मिसाइलों से लैस हेलीकॉप्टर ने उस ईरानी जहाज पर दो सटीक प्रहार किए. अमेरिका ने स्पष्ट किया कि उसका कोई भी पोत सुरक्षित है और उसने खतरे को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है।  यह सैन्य टकराव ईरान के नए क्रांतिकारी नेता मुजतबा खामेनेई के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने दुश्मनों को "पछताने" वाली कार्रवाई की चेतावनी दी थी. वहीं, इराक में ईरान समर्थित गुटों द्वारा एक अमेरिकी रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट (KC-135) को मार गिराने की खबरों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है. फिलहाल, दोनों महाशक्तियां अपनी सैन्य श्रेष्ठता का दावा कर रही हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। 

भारतीय संस्कृति में धरती मां समान, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री रायपुर  छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर इंजन है और अब हमारा राज्य ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है।  साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों के संकलन पर आधारित पुस्तक “एब्स्ट्रेक्ट”, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित “हाइलाइट्स ऑफ द समिट” तथा जनजातीय कहानियों और परम्पराओं पर आधारित पुस्तक “कथा कंथली” का विमोचन किया। इस अवसर पर मेघालय के लोकायुक्त  सी पी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ  व्ही निवास राव, विबग्योर फाउंडेशन के अध्यक्ष  शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्रबुद्धजन, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

आज जारी होगी PM किसान योजना की 22वीं किस्त, बिहार के 73 लाख किसानों के खाते में आएंगे ₹2000

नई दिल्ली देशभर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की अगली यानी 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं अब उनका इंतजार खत्म होने वाला है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को असम के दौरे पर होंगे और इस दौरान 22वीं किस्त जारी करेंगे। जिससे किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके माध्यम से देशभर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए सहायता राशि भेजी जाएगी। बता दें कि पीएम किसान योजना की किस्तें आमतौर पर हर चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती हैं। वहीं बिहार के 73 लाख से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में लगभग 1,467 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को सीधे ट्रांसफर की जाएगी।   सालाना ₹6,000 की मदद इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए तीन समान किस्तों—₹2,000-₹2,000 में दी जाती है। इस कारण रुक सकती है आपकी किस्त e-KYC अधूरी होना आधार से बैंक खाता लिंक न होना DBT (Direct Benefit Transfer) बंद होना भू-सत्यापन न होना वहीं कई मामलों में नाम की स्पेलिंग, खाता नंबर, जमीन के रिकॉर्ड में त्रुटि जैसी छोटी गलतियों के कारण भी भुगतान रोक दिया जाता है। किसान PM Kisan पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं, जिससे पता चल जाता है कि किस्त क्यों रुकी है। इनमें से कोई भी समस्या किस्त रोक सकती है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इन सबको आसानी से ठीक किया जा सकता है। पीएम किसान (PM Kisan) का स्टेटस कैसे देखें:- सबसे पहले pmkisan.gov.in पर जाएं। Farmers Corner’ पर क्लिक करें। Beneficiary Status ऑप्शन चुनें। आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।

पीरियड लीव याचिका: SC ने सुनवाई से इनकार किया, संभावित करियर नुकसान का जिक्र

 नई दिल्ली सरकार के पास जाइए…' पूरे देश में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए मासिक धर्म अवकाश की मांग वाली याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत की पीठ के सामने ये मामला उठाया गया था. ये याचिका शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने दायर की थी. मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- इस तरह की याचिकाए कभी-कभी महिलाओं को कमजोर या कमतर दिखाने का माहौल बना देती हैं. ऐसी याचिकाएं यह डर पैदा करती हैं कि मासिक धर्म महिलाओं के साथ कुछ बुरा होने जैसा है. इससे उन्हें ही नुकसान होगा। महिलाओं को जिम्मेदार पद देने से हिचकेंगे… सीजेआई सूर्यकांत ने याचिका की सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि यदि ऐसी व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई तो नियोक्ता महिलाओं को जिम्मेदार पद देने से हिचक सकते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि न्यायिक सेवाओं में भी महिलाओं को सामान्य ट्रायल जैसे महत्वपूर्ण काम सौंपने से बचा जा सकता है, जिससे उनके करियर पर असर पड़ सकता है।  सभी कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के पीरियड्स से जुड़ी तकलीफों के लिए अवकाश का प्रावधान बनाने को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार किया है. मुकदमा सामने लाए जाने पर CJI जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर कोई कंपनी अपनी मर्जी से (पीरियड्स) इसके दौरान छुट्टी दे रही है तो बहुत अच्छी बात है। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने इस पर कहा कि स्वैच्छिक नीतियां स्वागतयोग्य हैं लेकिन उन्होंने ऐसे प्रावधानों को कानून के जरिये अनिवार्य बनाए जाने के प्रति आगाह किया. उन्होंने कहा, “स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा. उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा.” पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया. पीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर गौर करते हुए कहा कि याचिका दायर करने वाला व्यक्ति संबंधित प्राधिकारियों को पहले ही अभ्यावेदन दे चुका है। क्या नियोक्ता इससे खुश होंगे?  जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने भी इस मुद्दे के आर्थिक और व्यावहारिक पहलुओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि व्यापारिक मॉडल के बारे में सोचिए. क्या नियोक्ता इससे खुश होंगे? याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि केरल, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों में कुछ संस्थानों में मासिक धर्म अवकाश या रियायतें दी जाती हैं, इसलिए इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।    उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही आप इस को कानून के तौर पर सख्ती से लागू करेंगे तो इसके दूसरे पहलुओं को भी ध्यान रखना पड़ेगा. अब जैसे हो सकता है कि महिलाओं को नौकरी पाने में दिक्कत हो. उन्हें सरकारी नौकरी, न्यायपालिका या बाकी नौकरियों में रखा ही न जाए। उन्होंने कहा कि उनका करियर ही बर्बाद हो जाए. ऐसे मे उन्हें कह दिया जाए कि वो घर पर ही रहें. इसके अलावा CJI ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप पहले ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सामने अपनी बात रख चुके हैं. सरकार को सभी पक्षों से बात करके एक पॉलिसी बनाने पर विचार करना चाहिए। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में कहा गया था कि गर्भावस्था के लिए तो अवकाश मिलता है, पर मासिक धर्म सके लिए नहीं. कुछ राज्यों और कंपनियों ने महीने में 2 दिन छुट्टी का प्रावधान बनाया है. ऐसे मे सुप्रीम कोर्ट सब राज्यों को ही ऐसे नियम बनाने का निर्देश दे।  

लोकायुक्त ने लगाया भोपाल नगर निगम पर छापा, फर्जी बिल घोटाले की जांच में 10 साल के दस्तावेज जब्त

भोपाल  नगर निगम में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और एक अन्य दफ्तर पर दबिश दी।यह कार्रवाई निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान की शिकायतों के बाद की गई है। लोकायुक्त की टीम शुक्रवार सुबह ठीक उस वक्त निगम दफ्तर पहुँची जब कर्मचारी अपनी सीटें संभाल ही रहे थे। फायनेंस और कंप्यूटर शाखा लोकायुक्त के घेरे में टीम ने सबसे पहले फायनेंस और कंप्यूटर शाखा को अपने घेरे में लिया। जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ ऑफिस खुलते ही लोकायुक्त की टीम वहाँ पहुँच गई थी। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि निगम में बिना किसी जमीनी काम के, केवल कागजों पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान का खेल चल रहा है। लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें दोनों कार्यालयों में जांच कर रही हैं। कम्प्यूटर शाखा में नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण ऑनलाइन रिकॉर्ड और लेखा-जोखा रखा जाता है, इसलिए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। संबल योजना के दस्तावेज खंगाले टीम ने संबल योजना से जुड़े रिकॉर्ड और ऑनलाइन एंट्री की जांच शुरू की है। इसके साथ ही अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है। फतेहगढ़ स्थित कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों वसीम, सोहेल और पंकज से अंदर पूछताछ की जा रही है। टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे दोनों स्थानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई शुरू की। 22 फरवरी को नए भवन में हुई थी शिफ्टिंग फतेहगढ़ में स्थित नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को 22 फरवरी को लिंक रोड नंबर-2 पर बने नए भवन में शिफ्ट किया गया था। रेड के दौरान दोनों इमारतों में रखे दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कम्प्यूटर शाखा में होते हैं ये ऑनलाइन कार्य नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा में संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम संचालित होते हैं। लोकायुक्त टीम इनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। दस साल पुराना रिकार्ड को जब्त किया जा रहा इस दौरान पिछले करीब 10 साल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस इस मामले में नगर निगम के दो ऑफिस बॉय और एक ऑपरेटर से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने का मामले से जुड़ी शिकायत के बाद कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त की टीम पुराने दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। संबल योजना और कर्मकार मंडल के तहत 2023 में 2 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े मामले से जुड़े रिकॉर्ड लोकायुक्त की टीम खंगाल रही है। एक दशक पुराने दस्तावेजों की जब्ती कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर पिछले 10 वर्षों के पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं। यह संकेत देता है कि यह घोटाला किसी एक कार्यकाल का नहीं, बल्कि एक दशक से चल रहा एक संगठित भ्रष्टाचार है। जांच टीम अब इन दस्तावेजों का मिलान जमीनी हकीकत से करने की तैयारी में है।