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अनूपपुर जिले के 91675 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि हुई जारी

अनूपपुर  कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में पीएम किसान उत्सव दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुवाहाटी, असम में देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसानों द्वारा देखा एवं सुना गया। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा गुवाहाटी, असम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22 वीं किस्त सिंगल क्लिक के माध्यम से देशभर के किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई। इसी क्रम में अनूपपुर जिले के 91,675 किसानों के बैंक खातों में भी सम्मान निधि की राशि सीधे अंतरित की गई। जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्‍यक्ष मती प्रीति सिंह, अपर कलेक्‍टर  दिलीप कुमार पाण्‍डेय, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर  कमलेश पुरी, अधीक्षक भू-अभिलेख  प्रदीप कुमार मोगरे सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

राहुल को इतिहास-भूगोल का पता नहीं, आजीवन कांग्रेस के खिलाफ थे कांशीराम, मानते थे दलितों के शोषण का जिम्मेदार: असीम अरुण

कांग्रेस की 'दलित नीति' के खिलाफ कांशीराम जी ने लिखी थी पूरी किताब, राहुल को 'चमचा युग' पढ़नी चाहिए: असीम अरुण  राहुल को इतिहास-भूगोल का पता नहीं, आजीवन कांग्रेस के खिलाफ थे कांशीराम, मानते थे दलितों के शोषण का जिम्मेदार: असीम अरुण कांशीराम को अछूत मानती थी कांग्रेस, अब वोट के लिए राहुल गांधी कर रहे हैं नाटक: असीम अरुण लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलित वोट बैंक को साधने की राजनीतिक जंग तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लखनऊ में कांशीराम जयंती से जुड़े 'सामाजिक परिवर्तन दिवस' कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, 'अगर जवाहरलाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते।'  यह कार्यक्रम कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) विभागों तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहयोग से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। पार्टी ने मंच से प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की। कांग्रेस का यह कदम 2027 चुनाव में दलितों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह बसपा की कमजोर स्थिति को भुनाने की कोशिश है। राहुल ने कहा कि आज भाजपा ने समाज को 15-85 में बांट दिया है, जबकि कांशीराम बराबरी की बात करते थे। असीम अरुण का पलटवार: 'बनावटी प्रेम' उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण ने राहुल गांधी के बयान और कांग्रेस के कांशीराम प्रेम को बनावटी करार दिया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को इतिहास-भूगोल कुछ मालूम नहीं है। माननीय कांशीराम ने कांग्रेस के खिलाफ ही बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। कांग्रेस द्वारा दलितों के शोषण पर तो कांशीराम जी ने पूरी किताब लिखी है। राहुल गांधी को कांशीराम जी की किताब 'चमचा युग' जरूर पढ़नी चाहिए। कांशीराम जी मानते थे कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसी नीति अपनाई जिससे दलित नेता सिर उठाकर खड़ा न हो सके। कांग्रेस को दलित समाज से केवल चमचे नेता चाहिए थे। सच ये है कि कांग्रेस तो कांशीराम जी को अछूत मानती थी और उनके जीते जी कभी सम्मान नहीं दिया। अब केवल वोट के लिए राहुल गांधी नाटक कर रहे हैं। कांशीराम एक स्वाभिमानी नेता थे और पूरे जीवन दलित स्वाभिमान के लिए काम किया।'  असीम अरुण ने आरोप लगाया कि चुनावी साल में कांग्रेस और सपा दोनों कांशीराम की विरासत पर दावा पेश कर रहे हैं, लेकिन दोनों का इससे कोई वास्तविक लेना-देना नहीं है। सपा-कांग्रेस की होड़, बसपा की विरासत दिलचस्प है कि सपा और कांग्रेस दोनों कांशीराम को अपना बताने की कोशिश में लगे हैं, जबकि कांशीराम ने बसपा बनाकर कांग्रेस विरोधी रुख अपनाया था। कांशीराम के निर्देशन में बसपा ने भाजपा से तीन बार गठबंधन किया। माना जाता है कि अगर कांशीराम आज होते तो शायद भाजपा के सबसे करीब होते। बसपा सुप्रीमो मायावती ही इस विरासत पर सबसे ज्यादा हक रखती हैं, जो जानती हैं कि कांग्रेस और सपा ने दलितों के साथ कैसा व्यवहार किया और उनके नेताओं का शोषण किया।  यह राजनीतिक बयानबाजी 2027 में दलित वोटों की लड़ाई को और रोचक बनाती है, जहां बसपा की कमजोरी कांग्रेस और सपा के लिए मौका बनी है, लेकिन भाजपा इसे विपक्षी वोट बंटवारे के रूप में देख रही है।   

वैश्विक संकट की मार: पन्ना के हीरा बाजार में 60% गिरावट, 24 मार्च की नीलामी टली

पन्ना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही युद्धजनित अस्थिरता का असर अब देश के प्रसिद्ध हीरा क्षेत्र पन्ना के कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। वैश्विक बाजार में निवेशकों की अनिश्चितता और आर्थिक जोखिम के कारण हीरे के व्यापार में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि 24 मार्च को प्रस्तावित पन्ना हीरा कार्यालय की नीलामी को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। हीरा व्यापारियों के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में बड़े खरीदार निवेश करने से बच रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय बाजार में हीरे की कीमतें तेजी से गिर गई हैं। कारोबारियों का कहना है कि युद्ध और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में हीरे की मांग कम हो गई है, जिसका सीधा असर पन्ना के हीरा व्यापार पर पड़ रहा है। कीमतों में भारी गिरावट, 1 कैरेट हीरे का दाम आधा पन्ना के हीरा व्यापारियों के मुताबिक पहले जो 1 कैरेट उज्ज्वल किस्म का तैयार हीरा 2 से 3 लाख रुपये तक बिक जाता था, वही आज केवल 80 हजार से 1 लाख रुपये तक ही खरीदार मिल रहे हैं। इस तरह बाजार में लगभग 60 प्रतिशत तक की मंदी देखी जा रही है। हीरा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान कीमतें लगभग 2005 से 2007 के दौर के बराबर पहुंच गई हैं। ऐसे में घाटे की स्थिति में नीलामी आयोजित करना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है। हीरा कार्यालय में 2 वर्षों से बिकने का इंतजार कर रहे तुआदरों के जाम किये हुए हीरे पन्ना हीरा कार्यालय में बड़ी संख्या में हीरे नीलामी के इंतजार में पड़े हुए हैं। जिसमे 5 कैरेट ,7 कैरेट एवं 10 कैरेट के बड़े उज्जवल किस्म के हीरे यहां पर जमा है । इनमें कई हीरे ऐसे हैं जिनके तुअदार (पट्टाधारक) कई वर्षों से इनके बिकने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि जब तक बाजार की स्थिति सुधरती नहीं है, तब तक नीलामी से अपेक्षित मूल्य मिलने की संभावना कम है। मझगव परियोजना में भी हजारों कैरेट हीरे अटके युद्ध के कारण बड़े अंतरराष्ट्रीय खरीदार निवेश से बच रहे हैं, जिसका असर सरकारी खनन परियोजनाओं पर भी पड़ा है। मध्यप्रदेश की एकमात्र यांत्रिक हीरा खनन परियोजना मझगव, जिसे एनएमडीसी संचालित करती है, वहां भी करीब 10 हजार कैरेट हीरे बिक्री के इंतजार में पड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं होते, तब तक हीरा बाजार में तेजी लौटना मुश्किल है। प्रमुख आंकड़े 1 कैरेट उज्ज्वल हीरे की वर्तमान कीमत: ₹80 हजार – ₹1 लाख पहले की कीमत: ₹2 लाख – ₹3 लाख बाजार में मंदी: लगभग 60% गिरावट पन्ना हीरा कार्यालय में पुराने हीरे: 41 नग वर्ष 2025-26 में प्राप्त हीरे: 105 नग मझगव परियोजना में बिक्री के इंतजार में हीरे: लगभग 10,000 कैरेट प्रस्तावित नीलामी: 24 मार्च (स्थगित) अभी हीरा नीलामी को वर्तमान में स्थगित किया गया है । क्योंकि जो बाजार में हीरे के दामो को लेकर आर्थिक अस्थिरता बनी हुई है ऐसे में नीलामी में अच्छे दाम मिल पाना सम्भव नही है । रवि पटेल (खनिज अधिकारी पन्ना) इनका कहना- हीरे के व्यापार की वर्तमान स्थिति इस लिए खराब है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो युद्ध के कारण उथलपुथल मची है जिस कारण से कोई भी अभी हीरे में निवेश नही करना चाहता है । जिस कारण से हीरे की कीमतें गिर रही है सतेंद्र जड़िया ( सचिव पन्ना डायमंड एसोसिएशन) इनका कहना- हीरे का व्यापार पहले रूस और यूक्रेन युद्ध की मार तो झेल ही रहा था कि अब यह इजरायल ओर ईरान का युद्ध इस व्यापार के लिए पूरी तरहः मंदी लेकर आया है । दाम कम होने के कारण अब जो लोग हीरे का उत्खनन करते है वह भी प्रभावित होंगे क्योंकि लागत ज्यादा होगी और बाजार में कीमत कम मिलेगी जिस कारण से अब कम संख्या में लोग हीरे की खदाने संचालित करेंगे।  गगन जड़िया ( सदस्य पन्ना डायमंड एसोसिएशन)  

बिहार में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट: जापानी कंपनी की फंडिंग से बनेंगी 2 मेगा रोड और पुलिस सुविधाएं

पटना. विदेशी ऋण से बन रहे दो मेगा रोड व पुल प्रोजेक्ट का काम इस वर्ष पूरा हो जाएगा। लंबी अवधि से इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट क्रमश: एनएच-82 और गंगा नदी पर कच्ची दरगाह से बिदुुपुर छह लेन पुल का निर्माण हो रहा है। एनएच-82 को जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जाइका) तथा कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल की फंडिंग एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा की गयी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में वाह्य संपोषित याेजना के अंतर्गत 2443 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। जाइका इंटरनेशनल कॉरपोरेशन की फंडिंग जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जाइका) के ऋण से एनएच-82 यानी गया-मानपुर-हिसुआ-राजगीर-नालंदा सड़क का निर्माण कराया जा रहा। इसकी लंबाई 93 किमी है। इस प्रोजेक्ट की लागत 2138 करोड़ रुपये है। इस राशि में 1197 करोड़ रुपये की फंडिंग जाइका द्वारा की गयी है। परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की है और इसका निर्माण बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा कराया जा रहा। इस प्रोजेक्ट के संबंध में बताया गया कि इस सड़क के 10 वें किमी में एक आरओबी का निर्माण छोड़कर सभी काम को पूरा किया जा चुका है। जो काम शेष है उसे इसी वर्ष जुलाई महीने तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है। एडीबी की फंडिंग से बन रहा प्रोजेक्ट एशियन डेवलपमेंट की फंडिंग से बन रहे कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल का निर्माण कार्य अगले माह तक पूरी तरह से कर लिया गया है। एडीबी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 3472.42 करोड़ रुपए की ऋण राशि उपलब्ध करायी है। इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत छह लेन पुल बनाया जा रहा। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कच्ची दरगाह से राघोपुर तक पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस वर्ष जनवरी 2026 कर इस परियोजना का 93.80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इस वर्ष अप्रैल तक इस प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा।

आजिविका की विभिन्न गतिविधियां ने भगवती को बनाया सफल उद्यमी

रायपुर आजिविका की विभिन्न गतिविधियां ने भगवती को बनाया सफल उद्यमी छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना से ग्रामीण अंचलों की महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत गुमगरा खुर्द की रहने वाली  भगवती सिंह आज आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली भगवती आज न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि समाज में ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं। बिहान से मिला आत्मविश्वास का नया सवेरा  भगवती सिंह बताती हैं कि वर्ष 2014 में ‘रेखा महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने से पहले वे काफी संकोच करती थीं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क न के बराबर था। समूह का हिस्सा बनने के बाद उनमें न केवल आत्मविश्वास का संचार हुआ, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों और समाज को समझने का एक नया दृष्टिकोण मिला। सब्जी की खेती से ईंट निर्माण तक का सफर अपनी आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में भगवती ने पहला कदम समूह से मिली 15 हजार रुपये की आरएफ  राशि के साथ बढ़ाया, जिससे उन्होंने सब्जी की खेती शुरू की। इस प्रारंभिक सफलता के बाद उन्होंने 30 हजार रुपये की सीआईएफ राशि का निवेश ईंट निर्माण के कार्य में किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मेहनत कर 50 हजार ईंटें बनवाईं, जिससे प्राप्त लाभ ने उनके बच्चों की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। आज उनके दोनों पुत्र, विवेक और विक्की, अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। व्यवसाय में विविधता और बढ़ती आय सफलता के इस क्रम को जारी रखते हुए भगवती ने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का बैंक लोन लिया। इस राशि से उन्होंने गांव में ही किराना और कपड़े की दुकान शुरू की। इन विविध आय स्रोतों से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आया है। कच्चे मकान से पक्के घर का सपना साकार भगवती बड़े गर्व से कहतीं हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, लेकिन बिहान योजना से जुड़कर बढ़ी आजीविका के दम पर उन्होंने अपना पक्का घर बनवा लिया है। आज उनके पति श्री भलेनाथ सिंह उरे और उनके बच्चे अत्यंत खुशहाल और गौरव महसूस करते हैं। अपनी उन्नति का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए भगवती सिंह कहती हैं, “बिहान योजना की बदौलत आज हम ग्रामीण दीदियां अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने हम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है।  प्रशासन द्वारा ’बिहान’ के माध्यम से भगवती जैसी हजारों महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को धरातल पर साकार करने में अपना योगदान दे रही हैं।

देश में मौसम का यू-टर्न: कहीं लू का कहर, तो कहीं ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश का खतरा

देश  इस साल मौसम के मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। सर्दियों की विदाई के बाद बसंत की गुलाबी ठंड गायब रही और सीधे भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी। हालांकि, अब मौसम विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश को लू (Heatwave) और तूफानी बारिश के दोहरे वार का सामना करना पड़ेगा। भीषण लू की चेतावनी राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत को भट्टी बना दिया है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में तापमान लगातार दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। 15 मार्च तक मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), कोंकण, सौराष्ट्र, कच्छ, ओडिशा और झारखंड में भीषण लू चलने की संभावना है। तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है। हिमालयी क्षेत्रों में 'पश्चिमी विक्षोभ' का असर एक तरफ जहां मैदानी इलाके जल रहे हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। 14 मार्च से मौसम में बड़ा बदलाव आएगा: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 14 मार्च तक हल्की बर्फबारी होगी, जो 15 से 19 मार्च के बीच और तेज हो सकती है। 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वोत्तर में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है:अरुणाचल प्रदेश: 13 से 16 मार्च के बीच मूसलाधार बारिश की चेतावनी। असम, मेघालय और सिक्किम: 13 से 15 मार्च के दौरान भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। धूल भरी आंधी और गरज-चमक मौसम विभाग के अनुसार, 15 और 16 मार्च को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी चल सकती है: राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: 14-15 मार्च को छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। उत्तर प्रदेश: 15 और 16 मार्च को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। कैसा रहेगा एमपी का मौसम? मध्य प्रदेश में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, लेकिन 14 मार्च के बाद सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है, जिससे रात के तापमान में मामूली बदलाव संभव है। मौसम विभाग ने लू के दौरान दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने और ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

अब तक 638 किशोरियों को लगा सुरक्षा कवच

अनूपपुर जिले में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 638 किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। कलेक्टर  हर्षल पंचोली एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती अर्चना कुमारी के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान के तहत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष 3 माह तक की बालिकाएं टीकाकरण के लिए पात्र हैं। इसके अलावा अभियान शुरू होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाली बालिकाओं को भी पात्र माना गया है। टीका 0.5 मिलीलीटर की एकल खुराक के रूप में इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन के माध्यम से दिया जा रहा है। यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है तथा इसके लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। यह सुविधा जिले के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है, जिनमें जिला चिकित्सालय अनूपपुर, सीएचसी कोतमा, जैतहरी, राजेंद्रग्राम, फुनगा, परासी, अमरकंटक तथा पीएचसी बिजुरी और बेनीबारी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक जिला चिकित्सालय अनूपपुर में 185, सीएचसी राजेंद्रग्राम में 106, सीएचसी कोतमा में 101, सीएचसी जैतहरी में 95, सीएचसी फुनगा में 77, पीएचसी बेनीबारी में 29, सीएचसी परासी में 26, पीएचसी बिजुरी में 16 तथा सीएचसी अमरकंटक में 3 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। सीएमएचओ डॉ. अलका तिवारी ने बताया कि टीकाकरण के बाद प्रत्येक बालिका को 30 मिनट तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है, ताकि किसी भी संभावित प्रतिक्रिया पर तुरंत ध्यान दिया जा सके। कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने कहा कि जिले की प्रत्येक पात्र किशोरी को इस अभियान से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि यह टीका भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए इस निःशुल्क टीकाकरण अभियान का लाभ उठाएं।

बीजेपी की बदलाव रैली में शाह बोले- ‘विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और नशा-धर्म परिवर्तन रोकेंगे’

मोगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा जिले के गांव किल्ली चहलां में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की बदलाव रैली को संबोधित करते हुए पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसी स्थिति बन गई है कि यहां सरकार जैसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में पंजाब में भाजपा की अपनी सरकार बनेगी। अमित शाह हलवारा हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद रैली स्थल पहुंचे और अपने भाषण की शुरुआत “बोले सो निहाल” के उद्घोष के साथ की। इसके बाद उन्होंने लोगों से भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे भी लगवाए। उन्होंने कहा कि आज नानकशाही कैलेंडर के अनुसार नए वर्ष की शुरुआत है और इस अवसर पर वह पंजाब सहित दुनियाभर में बसे पंजाबियों को शुभकामनाएं देते हैं। शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत गुरुओं को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि उनके सिर पर बंधी पगड़ी गुरु घर के प्रति पूरे भारत के सम्मान और कर्ज का प्रतीक है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके त्याग के कारण ही धर्म और संस्कृति की रक्षा संभव हुई। अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों को भी खत्म कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा वर्ष 2027 में पंजाब में अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने लोगों से दोनों हाथ उठाकर भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प लेने की अपील की। शाह ने मौजूदा राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी परिवर्तन के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन अपने वादे पूरे नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि राज्य में पच्चीस लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। नशा मुक्त पंजाब बनाने का दावा किया गया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार में डूबी है मौजूदा सरकार शाह ने अपने संबोधन में कह कि सोलह हजार दवा केंद्र खोलने और सोलह नए चिकित्सा महाविद्यालय बनाने का वादा भी अधूरा है। किसानों को सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और सिख दंगों के पीड़ितों को मुआवजा देने के वादे भी पूरे नहीं किए गए। अमित शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और यह सरकार दिल्ली के नेताओं के इशारों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार दिल्ली के लिए धन जुटाने का माध्यम बन गई है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराध और नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। शाह ने कहा कि राज्य में गैंगस्टर सक्रिय हैं, फिरौती के मामले सामने आ रहे हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने दावा किया कि देश में पकड़ी जाने वाली हेरोइन का बड़ा हिस्सा पंजाब से जुड़ा पाया गया है। शाह ने कहा कि यदि पंजाब को नशे, भ्रष्टाचार और अपराध से मुक्त कराना है तो प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनानी होगी। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा को अवसर मिला तो दो वर्षों के भीतर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा को उन्नीस प्रतिशत मत मिले थे और जहां इतना समर्थन मिलता है, वहां आगे चलकर भाजपा सरकार बनाने में सफल होती है। शाह ने कहा कि अब पंजाब की बारी है और जनता भाजपा को एक अवसर दे। पंजाब को लगी नजर उतारो पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि आज पंजाब को बुरी नजर लग गई है और इसे उतारने की जरूरत है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, थानों और पुलिस मुख्यालय तक पर हमले हो रहे हैं तथा फिरौती की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। जाखड़ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष भी कमजोर है और आपसी विवादों में उलझा हुआ है। उन्होंने केंद्र से पंजाब के विकास में सहयोग बढ़ाने की अपील की। पंजाब में गैंगस्टर राज; मोदी और अमित शाह ही बचा सकते हैं प्रदेश कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब वह रैली की तैयारी के लिए प्रदेश में घूम रहे थे तो कई बुजुर्गों ने उनसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक अपनी बात पहुंचाने को कहा। लोगों का कहना था कि यदि आज कोई पंजाब को बचा सकता है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टर राज बढ़ रहा है और कानून व्यवस्था कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा, जो पहले अपनी प्रतिभा के लिए जाने जाते थे, आज नशे की समस्या से जूझ रहे हैं। राज्य को नई सोच व मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता मनप्रीत बादल ने कहा कि पंजाब को नई सोच और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके अनुसार प्रदेश में नेतृत्व की कमी दिखाई दे रही है और भाजपा इस कमी को पूरा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब अमित शाह देश के गृह मंत्री बने थे, उस समय देश के लगभग दो सौ जिले उग्रवाद से प्रभावित थे, जबकि अब यह संख्या काफी कम होकर कुछ जिलों तक सीमित रह गई है। रैली से पहले अमित शाह ने सामाजिक माध्यम पर संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा कि पंजाब का हर नागरिक बदलाव चाहता है। उनके अनुसार जवानों, किसानों और मेहनतकश लोगों की धरती को वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार, नशे और अपराध की समस्याओं में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और विकास दोनों प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री बिट्‌टू ने बताई सरकार की नीतियां  इस रैली में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश और पंजाब के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में विकास की नई दिशा दिखाई दे रही है और किसानों, युवाओं तथा गरीब वर्ग के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि … Read more

देवपुर की महिलाओं का अनूठा संकल्प: महतारी वंदन की राशि जोड़कर बनवाया शिव मंदिर

धमतरी महतारी वंदन की राशि से बना शिव मंदिर: देवपुर की महिलाओं ने दिखाई सामूहिकता और आस्था की मिसाल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन रही है। धमतरी जिले के परियोजना सेक्टर खरेंगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवपुर की महिलाओं ने इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम देवपुर में लंबे समय से मंदिर नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव के लोग विशेष अवसरों पर दूसरे गांवों में जाकर पूजा करते थे। इस समस्या को देखते हुए गांव की निवासी मती निर्मला और उनकी साथी महिलाओं ने एक सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। निर्मला और गांव की अन्य महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही थी। उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि इस राशि का एक हिस्सा गांव के सामाजिक और धार्मिक कार्य के लिए उपयोग किया जाएगा। महिलाओं ने अपनी महतारी वंदन की राशि को मिलाकर एक निधि तैयार की और उसी से गांव में शिव मंदिर के निर्माण की शुरुआत की। महिलाओं की इस पहल को गांव के अन्य लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला। सामूहिक प्रयासों से कुछ ही समय में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ और अब गांव में भव्य शिव मंदिर स्थापित हो गया है। मंदिर बनने से न केवल ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को एक स्थान मिला है, बल्कि गांव में सामुदायिक एकता और सहयोग की भावना भी और मजबूत हुई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी महिलाओं की इस पहल की सराहना की है। अब देवपुर में महाशिवरात्रि, सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर सामूहिक पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिससे गांव में उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। देवपुर की महिलाओं द्वारा किया गया यह प्रयास दर्शाता है कि यदि महिलाएं संगठित होकर संकल्प लें तो वे अपने गांव और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग कर महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। देवपुर की यह पहल आज आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी समस्या का समाधान संभव है।

महिला समूह से संवाद के दौरान गरियाबंद कलेक्टर ने बताई बदलाव की कहानी, बारातियों का दिया उदाहरण

गरियाबंद. कलेक्टर भगवान सिंह उईके देवभोग पहुंचे और समस्त विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा ली। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और एसपी वेदव्रत सिर मौर्य भी साथ मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सुपेबेड़ा गांव का भी दौरा किया और वहां सजी-धजी शादी विवाह की मंडपों को देखकर ग्रामीणों और महिला समूह से करीब आधा घंटे तक चर्चा की। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से उपलब्ध सुविधाओं, योजनाओं और गांव में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। बारातियों को देख कलेक्टर बोले – बदल रहा है सुपेबेड़ा इस दौरान कलेक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अब सुपेबेड़ा बदल रहा है। सरकार यहां उन तमाम सुविधाओं को उपलब्ध करा रही है जिसकी मांग ग्रामीण कर रहे थे। दो साल पहले तक यहां खराब पानी और उससे होने वाली किडनी की बीमारी की वजह से शादी विवाह के कार्यक्रम नहीं होते थे, लेकिन इस साल गांव में वैवाहिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ गई है। यह बदलती तस्वीर इस गांव की प्रगति का सच्चा प्रमाण है।” कलेक्टर के दौरे के दौरान गांव में शादी के बाराती रंगीन झांकी के साथ निकलते दिखाई दिए। ग्रामीण और महिला समूह ने कलेक्टर को गांव में हुई नई सुविधाओं और योजनाओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के बदलाव गांव की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का प्रतीक हैं और ऐसे उदाहरण पूरे जिले के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा हैं। सुपेबेड़ा में शादी विवाह कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी सुधार हो रहा है। कलेक्टर ने लापरवाही पर जताई नाराजगी, आंगनबाड़ियों में भर्ती पर देरी पर थमाया शो कॉज नोटिस जनपद सभा कक्ष में बारी-बारी से सभी विभागों की बैठक शुरू हुई। आवास योजनाओं को पूर्ण करने और रोजगार गारंटी के कार्यों में विलंब को लेकर अफसरों ने नाराजगी जाहिर की। सचिवों को फटकार और जनपद सीईओ को सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आंगनबाड़ियों में स्वीकृत 7 पदों के भर्ती में विलंब पर परियोजना अधिकारी को “कारण बताओ” नोटिस थमाया। किसानों से जुड़ी योजना, बैंकों में बोनस की राशि भुगतान, एलपीजी गैस की उपलब्धता, नोनी सुरक्षा योजना, टीकाकरण जैसे 30 से ज्यादा हितग्राही मूलक योजनाओं को बारीकी से समीक्षा किया गया। अफसरों ने चखा स्ट्रॉबेरी स्वाद उद्यानिकी विभाग द्वारा पाम ऑयल की खेती दिखाने करचिया के धनीराम की खेती दिखाने ले गए। 5 एकड़ में पाम की खेती कराया जा रहा है। बाड़ी में अफसरों ने स्ट्रॉबेरी की खेती देखकर चौक गए। किसान ने अफसरों को स्ट्रॉबेरी का स्वाद चखाया। किसान के सब्जी बाड़ी के नवाचार और कृषि उत्पाद के प्रति किसान परिवार के लगाव को देखकर अफसर गद गद हो गए। किसान ने बताया कि उनकी तीसरी पीढ़ी उन्नत खेती करने और कृषि सेक्टर में उच्च स्तर की पढ़ाई करने गई है। कलेक्टर ने ऐसे किसानों को योजनाओं के माध्यम से भरपूर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है।