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पंजाब विश्वविद्यालय के 28 साल पुराने ढाबा लकड़ी के तंदूर पर परोस रहा भोजन

चंडीगढ़. पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में 28 वर्ष पुराना एक छोटा ढाबा एलपीजी सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों के बावजूद लकड़ी के तंदूर पर भोजन बनाकर छात्रों को परोस रहा है. विश्वविद्यालय के गेट-2 के पास शांत स्थान पर स्थित यह ढाबा वर्ष 1998 में शुरू किया गया था। इसे वर्तमान संचालक गुरप्रीत सिंह के ननिहाल पक्ष के बुजुर्गों ने शुरू किया था। समय के साथ यह ढाबा छात्रों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया। यहां मिलने वाला सादा भोजन भी छात्रों को घर की याद दिला देता है। ढाबे की सबसे खास बात इसकी पारंपरिक रसोई है। जब कई जगहों पर रसोई गैस की कमी या कीमतों में बढ़ोतरी से परेशानी बढ़ रही है, तब यहां लकड़ी के तंदूर की आंच पर रोटी और सब्जी तैयार की जा रही है। इसी कारण एलपीजी की कमी का असर इस छोटे से ढाबे पर ज्यादा नहीं पड़ रहा। पोस्ट ग्रेजुएट होकर संभाला ढाबा ढाबे की छत नीले रंग की तिरपाल से ढकी हुई है और बैठने की व्यवस्था भी सीमित है। एक समय में करीब बीस लोग ही यहां बैठकर भोजन कर सकते हैं। इसके बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में छात्र यहां पहुंचते हैं और सादगी भरे भोजन का आनंद लेते हैं। अभी इसका संचालन गुरप्रीत सिंह करते हैं, जो खुद पोस्ट ग्रेजुएट हैँ।  वे बताते हैं कि उन्होंने बचपन से ही इस ढाबे के साथ काम किया है। उनके लिए यह केवल रोजी-रोटी का साधन नहीं, बल्कि भावनात्मक लगाव से जुड़ा स्थान है। उनका कहना है कि वह छात्रों को सस्ता और अच्छा भोजन देने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। गुरप्रीत सिंह बताते हैं कि उनके दादा मोहनिंदर सिंह सत्तर के दशक में शहर के एक इलाके में ढाबा चलाते थे। उनकी मेहनत और स्वादिष्ट भोजन से प्रभावित होकर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उन्हें परिसर में ढाबा शुरू करने का अवसर दिया था। तभी से यह ढाबा लगातार चल रहा है। सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक होती है वर्किंग ढाबे की टीम में कुल तीन लोग हैं। सुबह आठ बजे से तैयारी शुरू हो जाती है। गुरप्रीत सिंह खुद बाजार से सब्जियां और जरूरी सामान लेकर आते हैं। इसके बाद सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक छात्रों को भोजन परोसा जाता है। कोविड-19 के दौरान जब विश्वविद्यालय लगभग दो वर्षों तक बंद रहा, तब ढाबे को कठिन दौर से गुजरना पड़ा। उस समय गुरप्रीत सिंह को परिवार का खर्च चलाने के लिए अतिरिक्त काम भी करना पड़ा। हालांकि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ढाबा फिर से पहले की तरह चलने लगा। यह ढाबा केवल भोजन का स्थान नहीं, बल्कि यादों का हिस्सा भी बन चुका है। कई पूर्व छात्र वर्षों बाद भी यहां आकर पुराने दिनों को याद करते हैं। कुछ छात्र विदेश में बसने के बाद भी जब शहर आते हैं, तो यहां का भोजन जरूर करते हैं। छात्रों का कहना है कि यहां मिलने वाला भोजन उन्हें घर की याद दिलाता है। सादगी, अपनापन और साफ-सफाई के कारण यह छोटा सा ढाबा आज भी विश्वविद्यालय परिसर की खास पहचान बना हुआ है।

शुजालपुर में सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को CM यादव ने VC से संबोधित किया, नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद

शुजालपुर शुजालपुर में मुख्यमंत्री कन्यादान, निकाह सामूहिक सर्वधर्म विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें 162 जोड़ों का विवाह और 38 निकाह संपन्न हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। मंत्री इंदर सिंह परमार ने मुस्लिम दूल्हा-दुल्हन और हिंदू सनातन जोड़ों को उपहार भेंट किए। इस अवसर पर जनपद पंचायत शुजालपुर अध्यक्ष सीता देवी रामचंद्र पाटोदिया के बेटे के विवाह की भी मंच से सराहना की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसौदिया, भाजपा प्रदेश मंत्री बबीता परमार, भाजपा जिला महामंत्री विजय बेस और कलेक्टर रिजु बाफना सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी और सांसद महेंद्र सोलंकी की अनुपस्थिति का उल्लेख किया, जो सदन में व्यस्त थे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने संबोधन में कहा कि समरसता, समानता और शोषण मुक्त भारत का सपना मोदी और मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में साकार हो रहा है। मंच से अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सम्मेलन से पहले दूल्हों की सामूहिक बारात पुलिस चौकी चौराहा से लगभग 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर आयोजन स्थल कृषि उपज मंडी प्रांगण 3 तक पहुंची। बारात में मंत्री परमार के साथ भाजपा नेता और अधिकारी साफा बांधकर नाचते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीएम राजकुमार हलदर, एसडीओपी निमिष देशमुख, पुलिस थाना प्रभारी एसके यादव और प्रवीण पाठक अपने अमले के साथ तैनात थे।

पीएम मोदी का ममता सरकार पर बड़ा आरोप, कहा- ‘बंगाल में हिंदुओं को किया जा रहा अल्पसंख्यक

कोलकाता बंगाल की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार क‍िया. कोलकाता में परिवर्तन संकल्प यात्रा को संबोध‍ित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, पीएम मोदी ने कहा- बंगाल में ह‍िन्‍दुओं को अल्‍पसंख्‍य बनाया जा रहा है. अब बंगाल से निर्मम सरकार का अंत होकर रहेगा. अब बंगाल से महाजंगलराज का खात्मा होगा… कल TMC ने इस रैली में आने वाले आप सभी लोगों को ‘चोर’ कहकर गाली दी है, असली चोर कौन है यह बंगाल की प्रबुद्ध जनता जानती है. अपनी कुर्सी जाते हुए देखकर यहां की निर्मम सरकार बौखला गई है. वह केंद्र सरकार की योजनाएं रोक रही हैं. उन्‍हें एक पैसा नहीं देना है, फ‍िर भी नहीं चाहतीं क‍ि केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों को मिले. पीएम मोदी ने कहा, ये TMC सरकार अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से यहां आयुष्मान भारत योजना को भी लागू नहीं कर रही है. देश भर के करोड़ों लोग इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं. ये लाभ आप सबको भी मिलना चाहिए. लेकिन बंगाल के परिवारों को इस योजना के अधिकार से भी TMC सरकार ने वंचित रखा है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा  पीएम मोदी ने कहा- आप सबने देश भर में प्रधानमंत्री आवास योजना की सफलता के बारे में सुना है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा है. लेकिन यहां क्या हुआ? योजना का नाम बदल दिया गया, लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ की गई और जिन गरीबों को घर मिलना था वे आज भी इंतजार कर रहे हैं. केवल बिजली, पानी, सड़क, घर की बात नहीं है, TMC सरकार अपनी राजनीति की वजह से आयुष्मान योजना को भी लागू नहीं कर रही है. ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भी इस विशाल सभा को रोकने के लिए निर्मम सरकार ने सारे हथियार निकाल लिए. आप लोगों को आने से रोकने के लिए ब्रिज बंद करवा दिए, गाड़ियां रुकवा दी, ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए, पोस्टर निकलवाए लेकिन निर्मम सरकार साफ-साफ देख लो- आज के जनसैलाब को रोक नहीं पाई हो. बंगाल में महाजंगलराज लाने वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. वह दिन दूर नहीं जब बंगाल में फिर से कानून का राज होगा. पीएम मोदी ने कहा अब बंगाल का विकास नेक नीयत से होगा, सही नीतियों से होगा, बंगाल में अभी हमारी सरकार नहीं है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार के ज़रिए भाजपा बंगाल के विकास में लगी है… अभी हमने 18 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया है… ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास याद द‍िलाया पीएम मोदी ने कहा- ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास साक्षी है जब-जब बंगाल देश को दिशा देता है, यह ब्रिगेड मैदान बंगाल की आवाज बनता है. इस मैदान से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी आवाज हिंदुस्तान में क्रांति बन गई थी और उसका नतीजा क्या हुआ, अंग्रेजों के अत्याचार और लूट का खात्मा हुआ. आज यहां से नए बंगाल की क्रांति का बिगुल बज गया है. बंगाल में बदलाव अब दीवारों पर भी लिख चुका है और बंगाल के लोगों के दिलों में भी छप चुका है. निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यहां की निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया है. बंगाल के युवा प्रतिभा में सबसे आगे है, मेहनत में सबसे आगे है… लेकिन आज हालत क्या है? यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल रहा है… पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC, ये लोग एक के बाद एक आते रहे और अपनी जेबें भरते रहे और बंगाल में विकास कार्य ठप रहे. TMC सरकार में नौकरियां खुलेआम बेची जा रही हैं, भर्तियों में घोटाले हो रहे हैं. अब समय आ गया है कि हालात बदलें… जानें पीएम मोदी ने और क्‍या कहा… भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद: यहां की निर्मम सरकार चाहे अब जितना जोर लगा ले, परिवर्तन की इस आंधी को वो अब रोक नहीं पाएगी. भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद है. श्री रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, ऋषि बंकिमचंद्र, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, खुदीराम बोस, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी सभी महान विभूतियों ने जिस बंगाल की कल्पना की थी. भाजपा की सरकार उस बंगाल का निर्माण करेगी, नवनिर्माण करेगी. पलायन करना मजबूरी बना: एक समय बंगाल पूरे भारत को गति देता था, बंगाल व्यापार और उद्योगों में सबसे आगे था. लेकिन आज यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल पा रहा है. आपके बेटे-बेटियों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे: पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC… ये लोग एक के बाद एक आते रहे… अपनी जेबें भरते रहे… और बंगाल में विकास के काम ठप्प पड़े रहे. अब TMC सरकार का एक ही एजेंडा है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे. जब तक इनको अपना कटमनी नहीं मिल जाता, ये किसी भी योजना को गांव, गरीब तक नहीं पहुंचने देते. इसलिए TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को रोककर रखती है. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के मुद्दा उठाया: पीएम मोदी ने कहा- राष्ट्रपति बंगाल आई थीं, लेकिन अहंकार में डूबी इस निर्मम सरकार ना सिर्फ कार्यक्रम का बहिष्कार किया जबकि बंदइंतजामी की. एक आदिवासी बेटी इतनी बड़े पद पर है ये इनसे देखा नहीं गया. टीएमसी वालों को ये याद रखना पड़ेगी कि उन्होनें सिर्फ द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान नहीं किया, देश के संविधान का अपमान किया है. इसका जवाब निर्मम सरकार को मिलने वाला है. यहां बिजली बिल जीरो क्‍यों नहीं आता: पीएम मोदी ने कहा- देशवासियों को मुफ्त बिजली देने के लिए हमने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है. केंद्र की भाजपा सरकार इसके लिए हर लाभार्थी को 75 से 80 हजार रुपये देती है. जो लाभार्थी इस योजना से जुड़ता है, उसके घर का बिजली बिल जीरो हो जाता है. … Read more

गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

राज्य में गोधन संरक्षण को नई दिशा : गोमाता की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ग्राम लाखासार में गौधाम का किया शुभारंभ गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  साय पशुपालकों से संवाद कर सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे : मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी लाखासार को सौगात : महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और गौरव पथ का होगा निर्माण लाखासार गौधाम के लिए 25 लाख का प्रशिक्षण भवन, काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस मिलेगी बिलासपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।     मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। लाखासार में गौधाम 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 19 एकड़ में जानवरों को खिलाने के लिए हरा चारा की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री ने चारागाह का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।     इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह, विधायक बिलासपुर  अमर अग्रवाल, विधायक बिल्हा  धरमलाल कौशिक, विधायक बेलतरा  सुशांत शुक्ला तथा छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने की बात कही। उन्होंने सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज बहुत सौभाग्य का दिन है कि लाखासार की पावन भूमि से गौधाम योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।     तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। विधायक  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा, संयुक्त संचालक पशु पालन विभाग  जी एस तंवर, गौ सेवा आयोग के जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष  धीरेन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।   

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा – बुमराह जैसी यॉर्कर पूरी दुनिया में कोई नहीं फेंकता

नई दिल्ली हाल ही में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने जसप्रीत बुमराह की असाधारण गेंदबाजी की जमकर सराहना की है। क्लार्क ने बुमराह को एक असाधारण खिलाड़ी बताते हुए कहा कि वह वर्तमान में दुनिया के सबसे घातक गेंदबाज हैं। क्लार्क का मानना है कि बुमराह की सबसे बड़ी ताकत बड़े मैचों में दबाव को झेलने और टीम को जीत दिलाने की क्षमता है। उन्होंने कहा, "बुमराह गेंद के साथ बहुत शानदार हैं। वे एक फ्रीक हैं।" फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 15 रन देकर 4 विकेट लेने का उनका प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह क्यों मैच विनर माने जाते हैं। बुमराह के बारे में मोस्ट अंडररेटेड चीज उनकी स्किल है बुमराह की गेंदबाजी की बारीकियों पर चर्चा करते हुए क्लार्क ने उनके कौशल और सटीकता पर जोर दिया। क्लार्क के अनुसार, बुमराह के पास गेंदबाजी के इतने विकल्प हैं जो बहुत कम तेज गेंदबाजों के पास होते हैं। उन्होंने कहा, "बुमराह के बारे में सबसे कम आंकी जाने वाली बात उनके पास मौजूद कौशल के विकल्प हैं। उनका एग्जिक्यूशन 100 में से 99 बार बिल्कुल सटीक होता है।" क्लार्क ने बताया कि बुमराह परिस्थितियों को भांपने में माहिर हैं। उन्होंने फाइनल का उदाहरण देते हुए कहा कि बुमराह ने पिच का आकलन किया और तय किया कि उस सतह पर धीमी गेंदें उनका मुख्य हथियार होंगी, जिसका परिणाम सबके सामने था। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यॉर्कर बुमराह के पास क्लार्क ने बुमराह की तुलना पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे ऑस्ट्रेलियाई जीनियस गेंदबाजों से करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जहा ये तीनों गेंदबाज महान हैं, वहीं बुमराह जैसी विविधता उनके पास भी नहीं है। क्लार्क ने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या आप याद कर सकते हैं कि पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क या जोश हेजलवुड ने कभी धीमी गेंदों के दम पर किसी भी प्रारूप में तीन या चार विकेट लिए हों?" उन्होंने बुमराह की धीमी गेंद को बेसबॉल की कर्वबॉल जैसा बताया, जो हवा में ही अपना रास्ता बदल लेती है। क्लार्क के अनुसार, 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार, नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यॉर्कर का मेल बुमराह को अद्वितीय बनाता है। लसिथ मलिंगा की तरह खतरनाक हैं बुमराह क्लार्क ने बुमराह को दिग्गज लसिथ मलिंगा के सबसे करीब बताया। उन्होंने कहा कि बुमराह का अनोखा गेंदबाजी एक्शन और गति उन्हें मलिंगा जैसा खतरनाक बनाती है, जिन्हें समझना किसी भी बल्लेबाज के लिए बहुत कठिन है। क्लार्क ने कहा, "स्किल लेवल के मामले में बुमराह इस समय एक अलग ही श्रेणी में हैं।" उनके अनुसार, चाहे नई गेंद हो या डेथ ओवर, बुमराह का सटीक नियंत्रण उन्हें विश्व क्रिकेट का वर्तमान नंबर वन गेंदबाज बनाता है, जिसके पास हर परिस्थिति के लिए एक नई योजना तैयार रहती है।

कलेक्टर त्रिपाठी का आह्वान, जनप्रतिनिधि जल संरक्षण में दें योगदान, कोरिया को मिले नई पहचान

जनप्रतिनिधि जल संरक्षण में दें योगदान ताकि कोरिया को मिले नई पहचान – कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए-सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी जनभागीदारी से जलसंचय पर केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की कार्यशाला सम्पन्न कोरिया कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला पंचायत कोरिया के मंथन कक्ष में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी की उपस्थिति में जनभागीदारी से जलसंचय अभियान पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। वैज्ञानिकों ने बताया जल संरक्षण का महत्व कार्यशाला में केंद्रीय भूमिजल बोर्ड से आए वैज्ञानिकों ने जिले के जनप्रतिनिधियों को जल संरक्षण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी और सरल संरचनाओं के माध्यम से जल संचय को बढ़ाने के उपाय बताए। कार्यशाला में केंद्रीय भूमिजल बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि जल संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य रिचार्ज जोन की पहचान करना है। उन्होंने बताया कि जमीन के भीतर चट्टानों के बीच बने गैप में पानी का संग्रह आसानी से किया जा सकता है, जिससे भूजल स्तर को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। कोरिया जिले में जल संचय की असीम संभावनाएं केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की विशेषज्ञ महिमा अवस्थी और शिप्रा ने बताया कि कोरिया जिले का अधिकांश क्षेत्र रिचार्ज जोन में आता है। जिले की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण की संरचनाएं बनाकर भूजल संसाधनों को मजबूत किया जा सकता है। इस अभियान के सफल होने से जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। जनप्रतिनिधियों को निभानी होगी जिम्मेदारी कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि जल संरक्षण को तेजी से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण के लिए प्रयास नहीं किए गए तो आने वाला भविष्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को इस अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाने की अपील की। पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा आज पानी की किल्लत एक वैश्विक समस्या बन रही है। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए। बारिश की पानी को बेवजह बहने की बजाय धरती के अंदर समाहित की जाए ताकि भूजल स्तर बढ़ सके। कैसे होता है भूमिगत जल रिचार्ज वैज्ञानिकों ने बताया कि जमीन के नीचे चट्टानों की परतों के आधार पर रिचार्ज और डिस्चार्ज जोन बनते हैं। जहां पानी जमीन के अंदर समा जाता है उसे रिचार्ज जोन कहा जाता है, जबकि जहां पानी बाहर निकल जाता है उसे डिस्चार्ज जोन कहा जाता है। जनप्रतिनिधियों ने जताई प्रतिबद्धता कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नविता शिवहरे, शिवपुर अध्यक्ष श्री अरुण जायसवाल, पटना नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में एसडीएम बैकुंठपुर सहित जल संसाधन, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारी तथा राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारी शामिल हुए।

पंजाब कृषि के साथ-साथ प्रमुख औद्योगिक हब बन रहा है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में: विश्व औद्योगिक नेता

चंडीगढ़  विश्व भर के दिग्गज उद्योगपतियों ने आज प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026 के दौरान पंजाब को निवेश केंद्र में बदलने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। इन प्रमुख उद्योगपतियों ने पंजाब सरकार की नीतियों की प्रशंसा की और राज्य में नए निवेश तथा विस्तार संबंधी योजनाओं का ऐलान किया। दुनिया की अग्रणी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के कार्यकारी चेयरमैन लक्ष्मी एन. मित्तल ने कहा, “पंजाब में होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है क्योंकि यह धरती कड़ी मेहनत, सहनशीलता और उदारता सिखाती है। पंजाब महज एक राज्य नहीं बल्कि ऊर्जा, हिम्मत और आगे बढ़ने के दृढ़ इरादे का नाम है। पंजाबी अपनी बेमिसाल मेहनत और लगन के कारण दुनिया में जहां भी हैं, वहां अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।” उन्होंने कहा, “पंजाबियों ने दुनिया भर में खेतों से लेकर व्यापार तक दृढ़ वचनबद्धता के साथ अपनी पहचान बनाई है। बठिंडा तेलशोधक कारखाना नवीनतम तकनीक के साथ पंजाब में आने वाले उद्योगों के लिए मजबूत नींव है। हमने पंजाब में 60,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया है जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। घरेलू गैस की मौजूदा कमी को देखते हुए, रिफाइनरी ने उत्पादन 1000 टन से बढ़ाकर 3000 टन प्रतिदिन कर दिया है। पंजाब सरकार के निरंतर समर्थन के साथ, हमने 26,000 करोड़ रुपए की लागत से एक मेगा विश्व स्तरीय पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी स्थापित किया है जो लघु, छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ा हुलारा दे रहा है और पंजाब में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को गति प्रदान कर रहा है।” लक्ष्मी एन. मित्तल ने आगे नई विस्तार योजनाओं का ऐलान किया और कहा, “हमारी कंपनी नवीकरणीय और टिकाऊ ऊर्जा में अपनी भागीदारी बढ़ाएगी। हम आधुनिक तकनीक और मशीन इंटेलिजेंस का उपयोग करके 500 फ्यूल स्टेशन स्थापित करके पेट्रोल पंप क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। पंजाब में पहला पेट्रोल पंप जल्द ही बठिंडा में शुरू किया जाएगा। मैं पंजाब सरकार के सहयोग और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा औद्योगिक क्षेत्र और इसके तेज विकास को प्राथमिकता देने के लिए दिखाई गई व्यक्तिगत दिलचस्पी की सराहना करता हूं। हमारी कंपनी और पंजाब सरकार के बीच पंजाब में औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत करने के लिए साझेदारी लंबे समय तक चलेगी और हम पंजाब के औद्योगिक विकास में और भी योगदान देने के लिए तैयार हैं।” अपने विचार साझा करते हुए, हीरो एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल ने कहा, “पंजाब सरकार पंजाब को औद्योगिक राह पर वापस लाने के लिए सौहार्दपूर्ण प्रयास कर रही है। पंजाब कभी देश में आर्थिक रूप से अग्रणी राज्य था और अब औद्योगिक विकास, प्रगतिशील कृषि तथा तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रियल एस्टेट पर ध्यान केंद्रित करके इसे दोबारा बदलने के लिए जोरदार प्रयास किए जा रहे हैं। यह सम्मेलन उद्योग-अनुकूल नीतियों के साथ पंजाब में औद्योगिक क्रांति को प्रत्यक्ष रूप देने में बहुत मदद करेगा।” उन्होंने आगे कहा, “आज भारत और भारतीय विश्व स्तर पर ऐसी नई छवि का आनंद ले रहे हैं जो पहले कभी नहीं बनी थी और हमें विकास को तेज करने के लिए इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में ले जाने के लिए इस गति को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बहुत सारे क्षेत्र विकास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। मैं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की भी सराहना करता हूं जिन्होंने पंजाब के आर्थिक विकास को तेज करने वाली कई नवीन पहलकदमियां शुरू की हैं।” टाटा स्टील लिमिटेड के सी.ई.ओ. और मैनेजिंग डायरेक्टर टी. वी. नरेंद्रन ने कहा, "मैं पंजाब सरकार, खासकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना करता हूं, जिन्होंने लुधियाना में टाटा प्रोजेक्ट को हकीकत में बदल दिया है और यह प्रोजेक्ट अब उद्घाटन के चरण में है। हमें पंजाब में एक शानदार अनुभव हुआ है। हमारे प्रोजेक्ट को दो साल पहले मंजूरी दी गई थी और पंजाब सरकार द्वारा दिए गए निरंतर समर्थन और सहयोग के कारण इसे सुचारू रूप से चलाया गया है।" उन्होंने आगे कहा, “यह प्लांट दुनिया के पर्यावरण-अनुकूल और साफ स्टील पैदा करने के लिए ऊर्जा-कुशल तकनीकों का उपयोग करने वाली नवीनतम सुविधाओं में से एक होगा। टाटा का 3200 करोड़ रुपए का यह स्टील प्लांट सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में और भी बहुत निवेश होगा।” सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राज्यसभा सदस्य और ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता ने कहा, “यह पंजाब के लिए वाकई एक नई शुरुआत है क्योंकि पंजाब सरकार ने उद्योग के लिए प्रभावशाली नीतियां लाई हैं जो इतिहास रच रही हैं। ये नई नीतियां औद्योगिक भागीदारों, खासकर युवाओं, पर्यावरण और उच्च-तकनीकी क्षेत्रों के मुद्दों और सरोकारों को संबोधित करती हैं।” उन्होंने यह भी ऐलान किया, “ट्राइडेंट ग्रुप अगले दो सालों में पंजाब में 5000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा और टेक्सटाइल सेक्टर में 10,000 से अधिक नौकरियां पैदा की जाएंगी जिनमें से 5000 महिलाओं के लिए होंगी।” राजिंदर गुप्ता ने आगे कहा, “पंजाब सरकार औद्योगिक क्षेत्र में एक नई सुबह सुनिश्चित करने के लिए किए गए सौहार्दपूर्ण प्रयासों के लिए प्रशंसा की हकदार है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब एक बार फिर औद्योगिक विकास में शीर्ष दस राज्यों में गिना जाएगा। यह पंजाब के लिए इस क्षेत्र में और ऊंचाइयां छूने का सही समय है। औद्योगिक क्षेत्र में पंजाब का विकास बेमिसाल और तुलना से परे है।” जे.एस.डब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने भी विस्तार योजनाओं का ऐलान किया और कहा, “मेरी पृष्ठभूमि पंजाब से जुड़ी है और मुझे पंजाब के विकास यात्रा से जुड़े होने पर गर्व है। हम अपने राजपुरा प्लांट का विस्तार करेंगे और स्टील क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए 3000 करोड़ का निवेश करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब पारंपरिक रूप से कृषि के लिए जाना जाता है लेकिन आज यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा पेश की गई प्रगतिशील और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। उद्यमिता पंजाबियों के खून में दौड़ती है और वे दुनिया के हर कोने में पंजाब को गौरवान्वित करते रहते हैं। मैं इन्वेस्ट पंजाब सम्मेलन के आयोजन और इसकी सक्रिय पहलकदमियों के लिए भी पंजाब सरकार की सराहना करता हूं जो पंजाब को उद्योग और विकास के लिए भारत … Read more

छात्रावास में 11वीं के छात्र ने की आत्महत्या, कारण अज्ञात

कोरिया  जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कटगोड़ी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक रहवासी छात्र ने आत्महत्या कर ली।  प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र का नाम सुरेश बताया जा रहा है, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत था। सुरेश ने बीती रात छात्रावास के भीतर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन सा कारण या दबाव था, जिसकी वजह से छात्र सुरेश ने इतना बड़ा और आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही सोनहत प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया। सोनहत एसडीएम अंशुल वर्मा, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तत्काल कटगोड़ी छात्रावास पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मृतक छात्र के साथियों व छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से आगे की जांच में जुटी हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

कचरा अलग-अलग करना होगा जरूरी: हिसार के 1.55 लाख प्रॉपर्टी मालिकों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर जुर्माना

हिसार. शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्ती के संकेत दे दिए हैं। अब घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का सेग्रीगेशन (गीला-सूखा अलग करना) अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रापर्टी मालिकों को अब चेतावनी ही नहीं, बल्कि आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ेगा। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि कचरा अलग-अलग डस्टबिन में नहीं रखने वालों के चालान किए जाएंगे। चालान के संबंध में नगर निगम के मुख्य सभागार में आयोजित बैठक में निगमायुक्त नीरज ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, सीएसआइ राजकुमार, एक एनजीओ प्रतिनिधि डॉ. रूबी मखीजा, एएसआई तथा कचरा संग्रहण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कचरा सेग्रीगेशन की व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के नियमानुसार चालान किए जाएं। गलती दोहराई तो 500 का चालान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई घर कचरे का सेग्रीगेशन नहीं करता पाया जाता है तो पहली बार 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि वही गलती दोबारा दोहराई गई तो 500 रुपये का चालान किया जाएगा। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालना अब अनिवार्य है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर नगर निगम जोड़ेगा प्रापर्टी टैक्स में नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर में कार्रवाई करते हुए खुले में कचरा फेंकने के मामले में दो लोगों के चालान भी किए। प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। निगमायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा। जुर्माना जमा न करने पर यह राशि संबंधित प्रापर्टी के टैक्स में जोड़ दी जाएगी। सड़क के किनारे पशुओं को गीला कचरा डालने पर भी होगी कार्रवाई शहर में कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के लिए लोग सड़क किनारे गीला कचरा डाल देते हैं। निगम ने इसे भी स्वच्छता नियमों का उल्लंघन माना है। अब सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह कचरा डालते पाए जाने पर भी चालान किए जाएंगे। एजेंसियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट निगमायुक्त ने शहर से कचरा संग्रहण करने वाली निजी एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि कितने घरों से नियमित कचरा एकत्रित हो रहा है और कितने घर अभी इस व्यवस्था से नहीं जुड़े हैं। इसके अलावा कचरा सेग्रीगेशन की स्थिति का भी विवरण देना होगा। एजेंसियों की रिपोर्ट का सत्यापन एएसआइ करेंगे और उसके बाद सीएसआई व एएसआइ की टीम नियमों के तहत चालान की कार्रवाई करेगी। एनजीटी भी सख्त, बढ़ाए जुर्माने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने भी स्वच्छता नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना प्रतिबंधित है। पहली बार उल्लंघन पर पांच हजार, जबकि दोबारा गलती पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) पर पहली बार में 25 हजार व पुनः उल्लंघन पर 50 हजार जुर्माना लगाया जाएगा। दो व्यक्तियों के काटे 10 हजार के चालान एएसआई राहुल सैनी, राहुल पंवार व रोहित ने खुले में कचरा डालने पर ज्योतिपुरा मुहल्ले के पास एक दुकानदार का पांच हजार का चालान काटा। एएसआइ कपिल ने कैमरी रोड पर खुले में कचरा जलाने पर एक व्यक्ति का पांच हजार का चालान किया। कचरे का सेग्रीगेशन करना अनिवार्य कचरे का सेग्रीगेशन करना अब अनिवार्य है। जो घर कचरे को अलग-अलग नहीं करेंगे उनके चालान किए जाएंगे। शहरवासियों से अपील है कि स्वच्छता में सहयोग करें। खुले में कचरा न फेंकें। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार

गैस सिलेंडर माफिया पर जनता का शिकंजा, पंजाब में वाहन सहित रंगे हाथ पकड़ा गया गिरोह

लुधियाना. ग्यासपुरा के महादेव नगर में इलाके में गुरुवार शाम को लोगों ने मिलकर गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे माफिया को सिलेंडर से भरी गाड़ी के साथ पकड़कर साहनेवाल थाने के कंगनवाल चौकी के हवाले कर दिया। इलाके के लोगों ने बताया कि जनता को सिलेंडर लेने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ता है, जबकि गैस माफिया के गुंडे शहर के अलग-अलग हिस्सों में सिलेंडर से भरी गाड़ियों से ब्लैक मार्केट का धंधा चला रहे हैं। इस इलाके में सिर्फ एक दुकानदार कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई करने आया था, जबकि जनता को सिलेंडर के लिए परेशान किया जा रहा है। जब सिलेंडर देने वाले व्यक्ति का वीडियो बनाया गया और पूछताछ शुरू हुई तो दुकानदार शटर बंद करके भाग गया। इसी बीच लोगों ने इकट्ठा होकर पुलिस को सूचना दी। इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि 28 घंटे का लंबा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से बात हुई तो उन्होंने कहा कि LPG गैस की ब्लैक मार्केटिंग और मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत 6 मेंबर की टीम बनाई गई है और तुरंत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों को गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साहनेवाल थाना चीफ वरिंदर सिंह से बात हुई तो उन्होंने पहले कहा कि जांच चल रही है। अब उन्होंने कहा कि सिलेंडर से भरी गाड़ी पुलिस पोस्ट पर खड़ी है लेकिन इस मामले में फूड सप्लाई ऑफिसर ही कार्रवाई करेंगे। खबर लिखे जाने तक फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ से शहर में खुलेआम सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। जबकि सवाल यह उठता है कि माफिया के पास आखिर कमर्शियल गैस सिलेंडर से भरी गाड़ी कहां से आई, जबकि हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और कुदरती गैस मंत्रालय ने पूरे देश में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी है।