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गर्मी से राहत सस्ती! Flipkart-Amazon पर 1.5 टन AC की सबसे बड़ी डील, Voltas-Godrej भी शामिल

नई दिल्ली गर्मी का मौसम शुरू होने ही वाला है और अब एयर कंडीशनर की डिमांड भी तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे में अगर आप भी अपने घर या ऑफिस के लिए नया 1.5 टन AC खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह टाइम आपके लिए सबसे अच्छा हो सकता है। दरअसल, Flipkart और Amazon इस समय कई ब्रांडेड एयर कंडीशनर पर बड़ी छूट दे रहे हैं। इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर Voltas, Godrej और Lloyd जैसे पॉपुलर ब्रांड्स के 1.5 टन AC पर भारी डिस्काउंट, बैंक ऑफर और एक्सचेंज डील मिल रही हैं। कुछ मॉडल्स पर हजारों रुपये तक की कीमत कम हो गई है, जिससे आप काफी ज्यादा कम बजट में बेहतर कूलिंग वाला AC खरीद सकते हैं। आइए जानते हैं 1.5 टन AC पर मिल रही 5 सबसे बड़ी डील्स के बारे में… लिस्ट का पहला AC गोदरेज का है जो अमेजन पर फ्लैट 30% डिस्काउंट के बाद सिर्फ 29,490 रुपये में मिल रहा है जो काफी शानदार डील लग रही है। AC पर खास बैंक डिस्काउंट भी मिल रहा है जहां से आप Axis Bank Credit Card EMI ऑप्शन से 1250 रुपये और HDFC Bank Credit कार्ड EMI ऑप्शन के जरिए 750 रुपये तक का डिस्काउंट ले सकते हैं। AC पर खास 4,800 रुपये तक का एक्सचेंज डिस्काउंट भी मिल रहा है। Voltas 2025 Model 1.5 Ton 3 Star Split Inverter 4-IN-1 लिस्ट का अगला AC Voltas का है जो फ्लिपकार्ट पर फ्लैट 47% डिस्काउंट के बाद सिर्फ 30,990 रुपये में मिल रहा है। इस AC पर भी खास बैंक डिस्काउंट मिल रहा है जहां से आप Axis Bank Credit Card और ICICI Bank Credit कार्ड पर 2000 रुपये तक का डिस्काउंट ले सकते हैं। Lloyd 1.5 Ton 3 Star Inverter Split AC 5 in 1 Convertible इस लिस्ट का अगला AC Lloyd का 1.5 टन 3 Star Inverter Split AC है जो अभी अमेजन पर काफी सस्ते में मिल रहा है। 47% डिस्काउंट के बाद इस AC की कीमत सिर्फ 30,990 रुपये रह गई है। HDFC Bank Credit Card EMI और Non-EMI ऑप्शन पर 1500 रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। AXIS Bank Credit कार्ड EMI ऑप्शन के साथ भी 1500 रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। ONIDA 2025 Model 1.5 Ton 3 Star Split Inverter फ्लिपकार्ट पर ONIDA का ये AC भी इस वक्त काफी ज्यादा कम कीमत पर मिल रहा है। AC पर 36% तक फ्लैट डिस्काउंट के बाद इसकी कीमत सिर्फ 26,990 रुपये रह गई है। इस AC पर भी खास बैंक डिस्काउंट मिल रहा है जहां से आप Axis Bank Credit Card और ICICI Bank Credit कार्ड पर 1500 रुपये तक का डिस्काउंट ले सकते हैं। Daikin 2025 Model 1.5 Ton 3 Star Split Inverter AC लिस्ट का आखिरी AC भी इस वक्त काफी ज्यादा कम कीमत पर मिल रहा है। Daikin के इस AC को आप 36% तक फ्लैट डिस्काउंट के बाद सिर्फ 34,490 रुपये में खरीद सकते हैं। इस AC पर भी खास बैंक डिस्काउंट मिल रहा है जहां से आप Axis Bank Credit Card के साथ 2500 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट ले सकते हैं।

पंजाब में गरमाई सियासत: मोगा में भाजपा कार्यक्रम के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

चंडीगढ़ पंजाब के मोगा में भाजपा की रैली के दौरान किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। विभिन्न किसान संगठनों ने राजनीतिक कैदियों की रिहाई, किसानों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई। मोगा में भाजपा रैली के दौरान किसानों का विरोध पंजाब के मोगा जिले में आयोजित भाजपा की राजनीतिक रैली के दौरान किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाते हुए भाजपा नेताओं का घेराव किया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी समूहों का कहना था कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। किसान संगठनों की मांगें और प्रदर्शन का कारण किसान नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन विभिन्न संगठनों के आह्वान पर किया गया। उनका कहना है कि सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों और राजनीतिक बंदियों की रिहाई सहित कई मुद्दों पर सरकार को निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल किसान संगठनों का आरोप था कि केंद्र सरकार इन मामलों में संवैधानिक सिद्धांतों का पालन नहीं कर रही है, इसलिए उन्होंने रैली के दौरान विरोध दर्ज कराया। मोगा में आयोजित इस रैली को भाजपा ने पंजाब की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में पेश किया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए मौजूदा सरकार की आलोचना की। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि पंजाब में बदलाव की आवश्यकता है और पार्टी आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। विपक्ष और सियासी प्रतिक्रियाएँ रैली के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। कुछ नेताओं ने कार्यक्रम को राजनीतिक दिखावा बताते हुए दावा किया कि राज्य में पार्टी को स्थानीय समर्थन नहीं मिल रहा। वहीं भाजपा नेताओं ने रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को अपनी बढ़ती राजनीतिक ताकत का संकेत बताया। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। पंजाब लंबे समय से किसानों के आंदोलनों का केंद्र रहा है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), कृषि नीतियों और कर्ज राहत जैसे मुद्दे लगातार राजनीति में प्रमुख बने हुए हैं। किसान संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक विरोध जारी रहेगा। ऐसे में मोगा की यह घटना राज्य में किसान राजनीति और चुनावी रणनीतियों के बीच बढ़ते टकराव को भी दर्शाती है।

40 से 50 हजार तक कमीशन अर्जित कर रहीं यूपी की बीसी सखियां

लखनऊ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में उत्तर प्रदेश बीसी सखी योजना के अंतर्गत देश में नंबर वन बन गया है। वहीं, मध्य प्रदेश दूसरे और राजस्थान तीसरे नंबर पर है। योगी सरकार के लगातार प्रयास से इस योजना के जरिए प्रदेश भर की महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन के रिकॉर्ड बना रहीं हैं। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 40 हजार महिलाएं गांवों में काम करते हुए न केवल ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि स्वयं भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाएं औसतन 10 से 15 हजार रुपये महीने की कमाई कर रहीं हैं। इनमें से कई बीसी सखियां एक महीने में 40 से 50 हजार रुपये का कमीशन अर्जित कर रहीं हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बीसी सखी (बिजनेस कॉरेस्पांडेंट सखी) पहल ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसके तहत प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में माइक्रो एटीएम और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से कैश निकासी, जमा, आधार आधारित भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाएं घर के पास ही उपलब्ध करा रही हैं। इस पहल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने परिवार की तरक्की का आधार बन रहीं हैं। महिला सशक्तीकरण का मजबूत माध्यम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला के अनुसार बीसी सखी योजना के तहत लखनऊ, प्रयागराज, सुल्तानपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की नई मिसाल बन रहीं हैं। प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं को गांवों में तैनात किया जाता है, जिससे ग्रामीणों को बैंक की सुविधाएं घर के पास ही मिलने लगी हैं। गांव-गांव पहुंच रहीं बैंकिंग सेवाएं यह पहल न केवल ग्रामीण वित्तीय प्रणाली को मजबूत कर रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर महिला सशक्तीकरण को भी नई दिशा दे रही है। गांव-गांव महिलाओं को प्रशिक्षित कर इस मॉडल को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। लखनऊ की अनीता और सुल्तानपुर की प्रियंका ने पेश की बदलते यूपी की तस्वीर लखनऊ की अनीता पाल ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बीसी सखी योजना के जरिए आत्मनिर्भरता का मजबूत उदहारण प्रस्तुत किया है। इस योजना के तहत हर महीने निश्चित आय के साथ-साथ वे 50 हजार रुपए तक कमीशन भी अर्जित कर रही हैं। वहीं, सुल्तानपुर जिले की प्रियंका मौर्य भी आजीविका मिशन के अंतर्गत योजना का बेहतर संचालन कर रहीं हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहीं हैं। उन्हें भी महीने में आय के अतिरिक्त करीब 50 हजार का कमीशन भी मिल रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने बताया कि योजना के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन के रिकॉर्ड बना रहीं हैं। यह मॉडल ग्रामीण भारत में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीण आजीविका मिशन को मिला बैंकों का साथ बीसी सखी कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए पहले से ही कार्यरत बैंक ऑफ बड़ौदा तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ अब बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, केनरा आदि बैंक भी इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन को सहयोग प्रदान करने के लिए आगे आए हैं।

बोर्ड छात्रों के लिए बड़ी खबर: 14 अप्रैल तक रिजल्ट संभव, 7 मई से शुरू होगी दूसरी परीक्षा

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) भोपाल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। 23 मार्च से मूल्यांकन के चौथे और अंतिम चरण की शुरुआत हो जाएगी। माशिमं के अधिकारियों का कहना है कि यदि मूल्यांकन कार्य की यह गति बनी रही तो अप्रैल के पहले सप्ताह तक परिणाम तैयार कर लिया जाएगा। बहुत संभव है कि 14 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम जारी कर दिए जाएं। 16 लाख विद्यार्थियों की 90 लाख कॉपियों की जांच मध्य प्रदेश में इस वर्ष करीब 16 लाख विद्यार्थियों ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं दी हैं। इन परीक्षार्थियों की लगभग 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस कार्य में लगभग 18 हजार शिक्षकों को लगाया गया है। अधिकांश जिलों में मूल्यांकन कार्य तेज गति से चल रहा है, लेकिन कुछ जिलों में इसकी रफ्तार धीमी है। आगर मालवा और नर्मदापुरम जिलों में अब तक लगभग 40 प्रतिशत उत्तरपुस्तिकाओं का ही मूल्यांकन हो पाया है। धीमी गति वाले जिलों को कड़े निर्देश वहीं मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में भी मूल्यांकन की गति धीमी पाई गई। मंडल ने इन जिलों में मूल्यांकन कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस बार परिणाम जल्दी घोषित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को दूसरी परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय देना है। बोर्ड की द्वितीय परीक्षा सात मई से होनी है, जबकि पिछले वर्ष यह परीक्षा जुलाई में हुई थी। दूसरी परीक्षा के लिए मिलेगा 20 दिन का समय यदि परिणाम 14-15 अप्रैल तक घोषित हो जाता है तो अनुत्तीर्ण, पूरक अथवा श्रेणी सुधार के इच्छुक विद्यार्थियों को तैयारी के लिए लगभग 20 दिन मिल जाएंगे। मूल्यांकन का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। – बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं

स्तर में स्वच्छता की नई पहल: तीन पंचायतें प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर, महिलाओं की अहम भूमिका

जगदलपुर प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर बढ़ीं बस्तर की तीन पंचायतें, महिला शक्ति निभा रही अहम भूमिका जिले के जनपद पंचायत बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरी, टिकनपाल और बालेंगा को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस उद्देश्य से शनिवार को तीनों पंचायतों में विशेष बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और समग्र ग्राम विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच, ग्रामीणों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और सकारात्मक प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।         इस अभियान में महिला शक्ति की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घर-परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। महिलाएं ग्रामीणों को एकल उपयोग प्लास्टिक के नुकसान के बारे में बता रही हैं और कपड़े के थैले तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से परिवार स्तर से लेकर पूरे गांव तक प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हो रही है।        बैठक में ग्रामीणों को बताया गया कि एक आदर्श और स्वस्थ गांव का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी क्रम में घर-घर कचरा पृथक्करण (सेग्रिगेशन) पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि यदि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखा जाए तो कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन अधिक आसान और प्रभावी हो सकता है। साथ ही गांव की गलियों को स्वच्छ रखने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।            स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू शौचालयों के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि खुले में शौच की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त कर ही गांव के स्वास्थ्य स्तर में वास्तविक सुधार लाया जा सकता है।      बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिला समूहों ने मिलकर अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त मॉडल ग्राम पंचायत बनाने की शपथ ली। स्वच्छ भारत मिशन टीम जनपद पंचायत बस्तर के मार्गदर्शन में आयोजित इन बैठकों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल की मजबूत नींव रखी है।

हाई कोर्ट ने नहीं मानी केजरीवाल की दलील, जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की याचिका खारिज

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में जज बदलने वाली अरविंद केजरीवाल की मांग ठुकरा दी। केजरीवाल ने मामले में सुनवाई कर रहीं जज स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाकर मामले को किसी अन्य पीठ को स्थानांतरित करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस ने मामले में टिप्पणी भी की। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि याचिका वर्तमान रोस्टर के अनुसार न्यायमूर्ति शर्मा को सौंपी गई है और प्रशासनिक पक्ष पर आदेश पारित करके इसे स्थानांतरित करने का कोई कारण नहीं पाया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर न्यायमूर्ति शर्मा खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग करना चाहें तो यह निर्णय उन्हें लेना है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 13 मार्च को एक पत्र की जानकारी दी गई थी। यह पत्र उन आठ लोगों को भेजा गया था, जिन्होंने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिनमें केजरीवाल भी शामिल थे। चीफ जस्टिस ने मामले में कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इस याचिका को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं दिखता। केजरीवाल के आरोप दरअसल, 11 मार्च को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि यदि मामला जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा के पास ही रहा तो सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से नहीं हो पाएगी। इससे पहले 27 फरवरी को एक ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसकी सुनवाई फिलहाल जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की बेंच में चल रही है। ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर जस्टिस शर्मा की रोक 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने मामले में नोटिस जारी किया था और ट्रायल कोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया था। साथ ही उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश की कुछ टिप्पणियों को गलत बताया और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही को फिलहाल टालने का निर्देश भी दिया। केजरीवाल ने पत्र में क्या मांग की थी केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा था कि 9 मार्च के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस गंभीर त्रुटि के आधार पर बिना दूसरी पक्ष की सुनवाई के ऐसा अंतरिम आदेश दिया गया। उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही टालने का निर्देश दिया, जबकि उस समय अदालत में ईडी पक्षकार भी नहीं थी। आप नेता ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह की रिविजन याचिकाओं में पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए चार से पांच सप्ताह का समय दिया जाता है, लेकिन इस मामले में अदालत का रुख जल्दबाजी वाला प्रतीत हुआ, जिससे उन्हें पूर्वाग्रह की आशंका हुई।

एक ही छत के नीचे मिल रही चिकित्सा, कानूनी और परामर्श सेवाएं, 75 जिलों में संचालित हैं 96 सेंटर

लखनऊ कुछ महीने पहले औरैया स्थित वन स्टॉप सेंटर में एक 24 वर्षीय महिला घबराई हुई हालत में पहुंची। घरेलू कलह और लगातार बढ़ते विवादों ने उसके पारिवारिक जीवन को लगभग टूटने की कगार पर ला खड़ा किया था। वहां मौजूद परामर्शदाताओं ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसकी पूरी बात सुनी। केंद्र की पहल पर पति को भी बुलाया गया और दोनों की काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। कई दौर की बातचीत और सलाह के बाद पति पत्नी के बीच संवाद का रास्ता खुला। नतीजा यह रहा कि आपसी विवाद सुलझ गया और एक परिवार टूटने से बच गया। संपर्क करने पर महिला ने बताया कि अब उसका दाम्पत्य जीवन सामान्य है और घर का माहौल पहले से बेहतर हो गया है। यह घटना बताती है कि योगी सरकार द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर संकट में घिरी महिलाओं के लिए भरोसे और सहारे का मजबूत केंद्र बन चुके हैं। एक ही छत के नीचे मिल रही हर जरूरी सहायता हिंसा या उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित वन स्टॉप सेंटर अब प्रदेश में प्रभावी सहायता तंत्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। यहां पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, विधिक सलाह और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को पांच दिनों तक अल्प प्रवास की सुविधा भी दी जाती है। इससे संकट की घड़ी में उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके। प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए समाधान की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं।  96 वन स्टॉप सेंटर से महिलाओं को सहायता प्रदेश में तेजी से मजबूत हुआ वन स्टॉप सेंटर का नेटवर्क महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था को लगातार विस्तार दिया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 96 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में अतिरिक्त सेंटर स्थापित करने की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को न केवल तत्काल राहत मिल रही है बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी मिल रही है। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए वाहन महिला सुरक्षा के इस तंत्र को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक वन स्टॉप सेंटर पर आकस्मिक सेवाओं के लिए एक वाहन की व्यवस्था भी की गई है। इससे जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिला तक तुरंत पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराना संभव हो रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी महिला को संकट की स्थिति में मदद के लिए भटकना न पड़े और उसे सुरक्षित वातावरण में हर जरूरी सहयोग तुरंत मिल सके।

ईरान का कड़ा संदेश: ‘नेतन्याहू को ढूंढकर मारेंगे’, IRGC ने ली बदले की कसम

ईरान मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक ऐसा बयान जारी किया है जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। IRGC ने कसम खाई है कि वे अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ढूंढेंगे और उन्हें मार डालेंगे। ईरानी गार्ड्स ने अपनी वेबसाइट सेपाह न्यूज पर बयान जारी करते हुए कहा, “अगर बच्चों की जान लेने वाला यह अपराधी जिंदा है, तो हम पूरी ताकत से उसका पीछा करते रहेंगे और उसे मार गिराएंगे।” एक संदेश में IRGC के कमांडरों ने कहा कि 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या एक ऐसा अपराध है जिसका हिसाब नेतन्याहू को अपनी जान देकर चुकाना होगा। अभी जारी रहेगा युद्ध: इजरायली रक्षा मंत्री वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने शनिवार को कहा कि तेहरान के साथ युद्ध अब एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने ईरान के खर्ग द्वीप पर स्थित तेल निर्यात केंद्र पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की सराहना की, जिन्हें वाशिंगटन ने सैन्य लक्ष्य बताया था। काट्ज़ ने एक टेलीविजन बयान में शीर्ष सैन्य अधिकारियों से कहा, "ईरान के खिलाफ वैश्विक और क्षेत्रीय संघर्ष का नेतृत्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कर रहे हैं। यह अब और तेज हो रहा है और एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इसकी आवश्यकता होगी।" पिता की मौत का लेंगे बदला इससे पहले गुरुवार को ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता का पद संभालने के बाद पहला बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर हमले जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने उस युद्ध में 'अन्य मोर्चे' खोलने की धमकी दी जिसने पहले ही विश्व ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बाधित कर दिया है।  

ओडीओपी योजना से मिली उड़ान: झांसी की वंदना ने 20-25 अन्य महिलाओं को दिया रोजगार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की योजनाएं आज बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहीं हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना ने न केवल पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दी है, बल्कि छोटे उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा मंच प्रदान किया है। झांसी की रहने वाली वंदना चौधरी इसी परिवर्तन की प्रेरक मिसाल हैं। कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली वंदना ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस दिखाया। वर्ष 2021 में उन्होंने ओडीओपी योजना के अंतर्गत उन्हें 2 लाख का ऋण प्राप्त हुआ और उद्योग विभाग के माध्यम से सॉफ्ट टॉयज बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी मिला। प्रशिक्षण के बाद सरकार की पहल के तहत उन्हें निःशुल्क सिलाई मशीन भी मिली, जिसने उनके लिए स्वरोजगार की नई राह खोल दी। कई शहरों की प्रदर्शनियों में लिया हिस्सा  शुरुआत में छोटे स्तर पर सॉफ्ट टॉयज बनाकर बेचने का काम शुरू करने वाली वंदना ने अपनी मेहनत और लगन से धीरे-धीरे अपने उत्पादों की पहचान बना ली। उनके बनाए रंग-बिरंगे और आकर्षक सॉफ्ट टॉयज ने लोगों का ध्यान खींचना शुरू किया। परिणामस्वरूप उन्हें प्रयागराज, हरिद्वार और अन्य शहरों में आयोजित प्रदर्शनियों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला।  इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में लिया हिस्सा  सरकार की योजनाओं से मिले इस प्रोत्साहन ने वंदना के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। इसी का परिणाम है कि उन्होंने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में अपने सॉफ्ट टॉयज की प्रदर्शनी लगाकर झांसी के हुनर को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की योजनाओं से मिले अवसरों का भी सशक्त उदाहरण है। वंदना ने बताया कि हमारे सॉफ्ट टॉयज की बिक्री लगभग सभी ट्रेड फेयर में होती है और उन्हें स्टाल लगाने से बिक्री भी बढ़ती है। अब तो वंदना और उनके पति ने मिलकर झांसी में एक दुकान 'श्री राधे सॉफ्ट टॉयज' के नाम से किराये पर ली है, उससे भी उनकी अच्छी कमाई हो जाती है। उनके साथ अब 20 से 25 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वंदना के समूह का नाम है कर्मठ महिला स्वयं सहायता समूह जिसकी वह खुद अध्यक्ष हैं।  महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत वंदना चौधरी की कहानी यह बताती है कि जब सरकार की योजनाओं का लाभ सही दिशा में उठाया जाए और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। आज वंदना न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। उनकी यह यात्रा उत्तर प्रदेश में चल रही विकास और आत्मनिर्भरता की उस नई कहानी का हिस्सा है, जिसमें सरकार की पहल, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन से आम नागरिकों के सपनों को सच होने का अवसर मिल रहा है। बड़े बाजार में नई पहचान झांसी के उपायुक्त (उद्योग) मनीष चौधरी का कहना है कि भारत मंडपम  जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी से न केवल उनके उत्पादों को बड़े बाजार में नई पहचान मिलती है बल्कि इससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलती है।

200 करोड़ का खेल! दिल्ली-UP-MP में छापेमारी, नोटों और ज्वेलरी के ढेर से चौंके अफसर

नई दिल्ली नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, लखनऊ, कानपुर,बांदा समेत देशभर के 35 बिल्डर और खनन कारोबारी के ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। आयकर सूत्रों के अनुसार नोएडा-ग्रेटर नोएडा, दिल्ली की प्रॉपर्टी में करीब 200 करोड़ रुपये अघोषित राशि के निवेश की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग परिसर से करीब आठ करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में जेवरात भी सीज किए गए। आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार सुबह करीब छह बजे एक परिसरों पर साथ छापा मारा था। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सात और दिल्ली में दो परिसर शामिल थे। करोड़ों रुपये का कालाधन बिल्डर परियोजना, प्रॉपर्टी और अन्य निवेश में खपाने के आरोप को लेकर यह कार्रवाई की गई। आयकर सूत्रों के अनुसार परिसरों में जांच पूरी हो गई है। अब जब्त दस्तावेजों की जांच की जाएगी। सूत्रों का दावा है कि अब तक की जांच में प्रॉपर्टी में राजनीतिज्ञ, नौकरशाहों और खनन कारोबारियों का करीब 200 करोड़ अघोषित राशि के प्रॉपर्टी में निवेश की जानकारी मिली है। वहीं बांदा, लखनऊ और अन्य परिसरों से कुल करीब आठ करोड़ रुपये नगद जब्त किया गया। इसके अलावा जेवरात भी जब्त किए गए हैं।अलग-अलग बैंकों में करीब दस लॉकर सीज किए गए हैं। इनके खुलने पर कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। इसमें कुछ लॉकर लोगों ने अपने पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर खोले हुए थे। इनके ठिकानों पर हुई छापेमारी जांच में ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्डन आई के निदेशक आनंद शुक्ला के नोएडा स्थित लोटस 300 सोसायटी के आवास, ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्डन ग्रांडे व्यावसायिक प्रोजेक्ट और उनके कारोबार से संबंधित कुल सात ठिकानों पर कार्रवाई की गई। आयकर सूत्रों का दावा है कि बिल्डर प्रोजेक्ट और अन्य प्रॉपर्टी में खनन व अन्य कारोबारियों ने रुपये निवेश किए हैं। इनके सहयोगियों में खनन कारोबारी सीरजध्वज सिंह, जिनकी बांदा स्थित कंपनी और अन्य ठिकानों व एविएशन, खनन और रियल एस्टेट कारोबारी अज्ञात गुप्ता के दिल्ली, लखनऊ और मध्य प्रदेश स्थित ठिकानों पर जांच की गई। प्रॉपर्टी में निवेश सुरक्षित आयकर सूत्रों के अनुसार जांच पता लगा है कि कारोबारियों ने अन्य शहरों में प्रॉपर्टी में अघोषित रकम लगाई है। इसकी अहम वजह कारोबारी जिस शहर में कारोबार करता है, उसके बाद प्रॉपर्टी में निवेश करना वह सुरक्षित मानता है। कारोबारियों की सोच है कि जांच टीमों को इसके बारे में पता नहीं लगेगा। आयकर विभाग अभियान भी चला रहा आयकर विभाग द्वारा शुरू किया गया सक्षम नज अभियान रेस्टोरेंट्स और खाद्य क्षेत्र में स्वैच्छिक कर अनुपालन बढ़ाने की एक पहल है। यह अभियान गलत टैक्स रिपोर्टिंग और 408 करोड़ रुपये की छिपाई गई बिक्री का पता चलने के बाद शुरू किया गया है, जिसके तहत 63,000 रेस्टोरेंट्स को 31 मार्च 2026 तक अपने रिटर्न अपडेट करने को कहा गया है। पहले मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट का हुआ सर्वे आयकर विभाग ने इससे पहले नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत देश के अन्य शहरों में प्रमुख मिठाई दुकानों पर सर्वे कर बड़े पैमाने पर कर चोरी पकड़ी थी। 62 से अधिक रेस्टोरेंट्स और दुकानों में की गई जांच में 408 करोड़ से अधिक की बिक्री छिपाने का पता चला। यह कार्रवाई पेट-पूजा जैसे इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग ऐप के माध्यम से की गई थी। इसमें नोएडा की दुकानों में 12 करोड़ रुपये कमाई छिपाने की जानकारी सामने आई थी।