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निवाड़ी के डायल 112 हीरोज: सतर्कता और समझाइशदेकर आत्‍महत्‍या के उद्देश्‍य से रेलवे पटरी पर बैठी महिला को सुरक्षित बचाया

भोपाल निवाड़ी जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाईसे आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठी एक महिला की जान बचाई गई। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित गंभीर घटना को टाल दिया गया। दिनांक 16 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई किनिवाड़ी रेलवे स्टेशनपर एक महिला आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठ गई है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  नरेंद्र गौतम एवं पायलट  आनंद कुमारने पाया कि पारिवारिक विवाद के चलते अवसादग्रस्त 21 वर्षीय महिलारेलवे पटरी पर बैठी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को समझाइश देकर सुरक्षित पटरी से हटाया।इसके पश्चात महिला पहचान एवं सत्यापन उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा न केवल आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि संवेदनशीलता के साथ लोगों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित भी करती है।  

इजरायल का बड़ा दावा: ईरान के टॉप कमांडर समेत सुरक्षा प्रमुख को मार गिराया, क्षेत्र में तनाव बढ़ा

ईरान ईरान युद्ध का आज (मंगलवार, 17 मार्च को) 18वां दिन है। इस बीच इजरायली सुरक्षा बल (IDF) ने बड़ा दावा किया है। IDF ने कहा है कि बीती रात ईरान में किए गए हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ यानी सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी को निशाना बनाया गया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि लारीजानी इस हमले में मारे गए हैं या घायल हुए हैं। इसके अलावा इजरायली सेना ने यह भी दावा किया है कि उसने रात के हमले में IRGC की बासिज फ़ोर्स के टॉप कमांडर घोलमरेज़ा सोलेमानी को मार गिराया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने इससे भी आगे बढ़कर दावा किया है कि IDF के हमले में लारीजानी की मौत हो गई है। इजरायल के इस दावे ने ईरान में खलबली मचा दी है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। IDF ने कहा है कि सोलेमानी की कथित हत्या ईरान के "कमांड-एंड-कंट्रोल ढांचे" के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले दिनों अली खामेनेई और ईरान के बाकी बड़े नेतृत्व के मारे जाने के बाद अली लारीजानी को ही सबसे ताकतवर शख्स माना जा रहा था, जो इस युद्ध में ईरान की अगुवाई कर रहे हैं। अली लारीजानी को कथित तौर पर आखिरी बार 13 मार्च को कुद्स डे पर देखा गया था। पहले परमाणु वार्ताकार रहे हैं लारीजानी लारीजानी, जो पहले परमाणु वार्ताकार रह चुके हैं और वर्तमान में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें ईरान की सत्ता संरचना में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है। अगर उनकी मौत की पुष्टि होती है, तो लारीजानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद मारे जाने वाले ईरान के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे। तेहरान, शिराज और तबरीज़ में हमले बता दें कि अमेरिका ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े 10 व्यक्तियों की सूची में, लारीजानी सहित वरिष्ठ ईरानी सैन्य और खुफिया अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर 1 करोड़ डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की थी। IDF का कहना है कि उसने सोमवार की रात तेहरान, शिराज और तबरीज़ में ईरान के कई अहम ठिकानों और आधारभूत संरचनाओं पर हमले किए हैं। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों में तेहरान में कमांड सेंटर, लॉन्च साइट और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया है जबकि शिराज में, आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांड सेंटर और एक बैलिस्टिक मिसाइल साइट पर हमला किया गया है। IDF का ये भी दावा है कि तबरीज़ में हुए हमलों ने ईरान के अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम को खत्म कर दिया है।  

दो दिवसीय “राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026” हुआ सम्पन्न

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प विकसित भारत@2047 का ध्येय, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के निमित्त सभी को एक दिशा की ओर जोड़ना है। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को शिक्षा, समाज, अर्थव्यवस्था सहित हर क्षेत्र में विश्वमंच पर अग्रणी बनाने के लिए व्यापक मंथन का दौर चल रहा है। इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षा के मंदिरों से समाज एवं राष्ट्र के प्रश्नों का समाधान करने वाले श्रेष्ठ नागरिक सृजित हों। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के निनाद सभागृह में, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय "राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026" के समापन सत्र में सहभागिता कर कही। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के संकल्प की सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वयंसेवक, अपने आचरण से समाज के लिए अभिप्रेरक बनेंगे। इसके लिए स्वयंसेवकों को शैक्षणिक परिसरों में स्वयं स्वच्छता का परिवेश निर्मित कर, अन्य लोगों के लिए प्रेरक बनना होगा। स्वयंसेवकों के द्वारा किए जा रहे कार्यों का, समाज में सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव दिखना चाहिए। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के दर्शन वसुधैव कुटुंबकम् से भारत पुनः विश्वमंच पर अग्रणी बनेगा और विश्व कल्याण के भाव से मार्ग प्रशस्त करेगा। पूर्वजों के इस दर्शन को आगे बढ़ाने से ही शिक्षा का उद्देश्य पूरा होगा। मंत्री  परमार ने क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन की सराहना करते हुए, इसे प्रदेश के युवाओं के लिए मील का पत्थर बताया। मंत्री  परमार ने सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य “संवाद से समाधान” पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अपनाया गया ‘संवाद से समाधान’ का मार्ग अत्यंत सराहनीय और समसामयिक है। मंत्री  परमार ने कहा कि जब युवा समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हैं, तो वे न केवल समस्याओं को समझते हैं बल्कि उनके व्यवहारिक समाधान भी खोज निकालते हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि यह पहल, प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा योजना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अनुशासन, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं और राज्य सरकार उनके माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत प्रदेश भर की गतिविधियों के मासिक संग्रह – डिजिटल न्यूज़लेटर "सेवापथ" का लोकार्पण भी किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक (मप्र-छग) डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने स्वागत उद्बोधन में, सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसे युवाओं के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह दो दिवसीय राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026 न केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच बना, बल्कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने में भी सफल रहा। कार्यक्रम में माधव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंत सक्सेना एवं डॉ. भरत व्यास सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. शुभम सिंह चौहान एवं आभार प्रदर्शन डॉ. राजकुमार वर्मा ने किया।  

आचरण के लिए माफी मांगें— राहुल गांधी को 200 से अधिक पूर्व अफसरों की खुली चिट्ठी

नई दिल्ली संसद भवन परिसर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के हालिया विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। 204 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, पूर्व नौकरशाहों, पूर्व राजनयिकों और वकीलों ने राहुल गांधी से उनके आचरण के लिए देश से माफी मांगने की मांग की है। मंगलवार को पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी के नाम लिखी एक खुली चिट्ठी जारी की जिसमें कहा गया है कि 12 मार्च को संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी और अन्य सांसदों का व्यवहार संसदीय मर्यादा और संस्थागत गरिमा के खिलाफ था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देश के बावजूद संसद परिसर में प्रदर्शन किया गया, जो “अध्यक्ष के आदेश की अवहेलना” और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है। चिट्ठी में राहुल गांधी के व्यवहार को मर्यादा और संस्थागत गरिमा का उल्लंघन बताया गया है। खुले पत्र में, हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि 12 मार्च को संसद भवन परिसर के भीतर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी के कार्यों को 'पीठ' (Chair) की जानबूझकर अवहेलना माना जा सकता है, और यह संसदीय अधिकार के प्रति उपेक्षा को दर्शाता है। “राजनीतिक नाटक का मंच नहीं संसद” पत्र में कहा गया है, “संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है, इसे राजनीतिक नाटक का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।” हस्ताक्षरकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सांसदों का संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-बिस्किट खाना और प्रदर्शन करना “जनप्रतिनिधियों के आचरण के अनुरूप नहीं” है। खुले पत्र में कहा गया कि इस तरह का व्यवहार न केवल संसदीय प्रक्रियाओं को कमजोर करता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाता है। माफी और आत्ममंथन की मांग उन्होंने लिखा है, "संसद के हर हिस्से, सीढ़ियां, गलियारे और लॉबी की समान गरिमा है। जनप्रतिनिधियों का आचरण इन स्थानों पर भी उसी स्तर का होना चाहिए।" पत्र में यह भी कहा गया है कि बार-बार इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिराती हैं। पूर्व अधिकारियों ने नेता प्रतिपक्ष से अपील की है कि वे देश से माफी मांगें और अपने व्यवहार पर आत्ममंथन करें, ताकि संसद की गरिमा और विश्वसनीयता बनी रहे। पत्र में कहा गया है, “एक संवैधानिक संस्था के संरक्षक के रूप में, जो एक अरब से अधिक लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का प्रतीक है, सांसदों को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि उनके कार्यों का प्रतीकात्मक और संस्थागत महत्व होता है।” पत्र का नेतृत्व इस पत्र का समन्वय जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने किया। हस्ताक्षरकर्ताओं में 100 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारी, कई पूर्व नौकरशाह, राजनयिक और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद से संसदीय आचरण और लोकतांत्रिक परंपराओं पर एक नई बहस छिड़ सकती है।  

विगत दो सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 42 अवैध हथियार जप्त

भोपाल  प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त तथा उनके उपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सतत एवं सघन कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में 42 अवैध हथियार जप्त किए गए हैं। प्रमुख कार्यवाहियां इंदौर जिले में थाना द्वारकापुरी एवं भंवरकुआ पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। आरोपी के कब्जे से 6 देशी पिस्टल जप्त की है। पूछताछ में आरोपी द्वारा प्रदेश स्तर पर नेटवर्क संचालित करने की बात सामने आई है, जिसके संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त भंवरकुआ पुलिस द्वारा भी एक अन्य आरोपी को अवैध पिस्टल सहित गिरफ्तार किया गया। उक्त कार्यवाहियों में कुल 07 अवैध पिस्टल जप्त किए गए। दतिया जिले के थाना सिविल लाइन, बड़ौनी, देहात, इंदरगढ़, कोतवाली एवं उनाव पुलिस द्वारा अलग-अलग दिनों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, लूट एवं फायरिंग जैसी घटनाओं में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुरैना जिले में थाना पहाड़गढ़, सिविल लाइन, सिहोनिया, बानमोर एवं रिठौरा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 06 अवैध हथियार जप्त किए गए है। ग्वालियर जिले के थाना गिजोर्रा, थाटीपुर एवं पिछोर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 04 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर प्रकरणों में फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। जबलपुर जिले के थाना घमापुर, गोरखपुर, शहपुरा तथा क्राइम ब्रांच की कार्यवाहियों में कुल 03 अवैध हथियार जप्त किए गए। शिवपुरी, छतरपुर एवं पन्‍ना शिवपुरी जिले के थाना सतनवाड़ा एवं करैरा पुलिस, छतरपुर की थाना कोतवाली पुलिस एवं पन्‍ना जिले की कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही कर 02-02 अवैध हथियार जब्‍त किए है। इसी प्रकार सागर, विदिशा, खरगोन, सतना एवं निवाड़ी जिलों में भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रत्येक जिले से 01-01 अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त एवं निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आमजन में सुरक्षा का भाव स्थापित करने के लिए पुलिस पूर्णतः प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में दिवंगत गुरकीरत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में  गुरजीत सिंह के पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित निवास पहुंचकर उनके पुत्र दिवंगत गुरकीरत मनोचा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत गुरकीरत के परिजनों से चर्चा कर कनाडा में हुई असामयिक दु:खद मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरकीरत मनोचा के साथ कनाडा में हुई घटना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में दिवंगत गुरकीरत के परिवार के साथ मेरी और प्रदेशवासियों की संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. गुरकीरत के पार्थिव देह को लाने और उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में होने वाला सम्पूर्ण राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।  

रहस्यमयी हालात में दो मौतें: एक खेत में, दूसरा घर में मिला शव, गांव में मचा हड़कंप

सीतापुर   उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महोली के एक गांव में तीन बच्चों की मां की लाश खेत में मिली। पुलिस अभी जांच-पड़ताल कर ही रही थी कि पता चला कि एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटक रहा है। एक ही दिन दो-दो मौतों से गांव में हर कोई स्तब्ध रह गया। इन मौतों को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। उधर, पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। घटना के बारे में महिला के परिवार वालों का आरोप है कि मरने वाले पुरुष ने पहले महिला की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। इसके बाद उसने खुद फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी थ्योरी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस, दोनों की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने की कोशिशों में जुटी हे। मारी गई 40 वर्षीय महिला की 20 साल पहले शादी हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। काफी समय से वह अपने पति से अलग मायके में रह रही थी। पुलिस के मुताबिक गांव के ही 41 वर्षीय शख्स और महिला के बीच नजदीकियां थीं। हालांकि वह शख्स भी पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था। महिला के परिवार वालों के मुताबिक वह सोमवार की शाम को घर से निकली थी। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। महिला का शव मंगलवार सुबह गांव के पास खेत में पड़ा मिला। उसकी आंख के पास और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान मिले हैं। सूचना पर कुछ ही देर में महोली सीओ नागेन्द्र चौबे टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम जांच पड़ताल कर ही रही थी कि तभी गांव में ही एक दूसरी मौत की खबर आई। महिला के करीब रहे एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटकता मिला। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के बीच बीते चार साल से नजदीकियां थीं। सीओ नागेन्द्र चौबे के मुताबिक महिला के परिवारवालों का आरोप है कि मरने वाले शख्स ने पहले महिला की हत्या की इसके बाद घर आकर फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। सीओ के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

‘आयुष्मान खुराना एरा’ ट्रेंड में, एक्टर ने शेयर किया ‘साड़ी गली’ का फ्रेश अंदाज़

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता-गायक आयुष्मान खुराना ने अपने सुपरहिट गाना ‘साड़ी गली’ का नया वर्ज़न सोशल मीडिया पर साझा किया है। आयुष्मान खुराना के संगीत को हमेशा से दर्शकों के दिलों में खास जगह मिली है। उनकी पहली फिल्म विकी डोनर के गीत ‘पानी दा रंग’ से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर ‘मिट्टी दी खुशबू’, ‘इक वारी’, ‘साड़ी गली’ जैसे कई लोकप्रिय गीतों तक पहुंचा। पिछले कुछ हफ्तों से इंस्टाग्राम पर एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जहां फैंस आयुष्मान के पुराने गानों को दोबारा सुनते और शेयर करते हुए “आयुष्मान खुराना एरा” को सेलिब्रेट कर रहे हैं। कई पोस्ट्स में कैप्शन लिखा जा रहा है।“अनुव जैन से पहले हमारे पास आयुष्मान खुराना थे।” इन पोस्ट्स के जरिए यह बताया जा रहा है कि कैसे आयुष्मान के संगीत ने मेनस्ट्रीम में भावनात्मक और एकॉस्टिक स्टोरीटेलिंग की जगह बनाई। फैंस के इस ऑर्गेनिक ट्रेंड को देखते हुए आयुष्मान खुराना ने अब अपने सोशल मीडिया पर ‘साड़ी गली’ का एक नया वर्ज़न साझा किया है। इस वीडियो के जरिए वह अपने संगीत के सफर का जश्न मनाते हुए उस सिंगर-सॉन्गराइटर को फिर से सामने लाते हैं, जिसने पहली बार दर्शकों का दिल जीता था। ‘साड़ी गली’ का यह नया वर्ज़न उनके शुरुआती हिट गानों से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा करता है और यह भी साबित करता है कि सोशल मीडिया के दौर में भी उनके संगीत का श्रोताओं से गहरा जुड़ाव बना हुआ है।  

चंडीगढ़ में नया बिजनेस हब: सेक्टर-17 ओवरब्रिज के नीचे मिलेंगे 39 किराये के बूथ

चंडीगढ़ नगर निगम ने सेक्टर-17 स्थित नए ओवरब्रिज के नीचे बने 39 बूथों को मासिक किराये के आधार पर देने के लिए ई-नीलामी की घोषणा की है। निगम ने इसके लिए विस्तृत समय-सारिणी और शर्तें जारी कर दी हैं। निगम के अनुसार ई-नीलामी की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो चुकी है। इच्छुक आवेदक 17 मार्च से पांच अप्रैल तक सुबह 10 से शाम पांच बजे तक अपने दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा कर सकते हैं। दस्तावेजों की जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया छह से 14 अप्रैल तक सुबह नौ से शाम छह बजे तक की जाएगी। इसके बाद 15 अप्रैल को सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक आनलाइन बोली लगाई जाएगी। निगम की ओर से जारी विवरण के अनुसार अलग-अलग आकार के बूथों के लिए अलग-अलग मासिक किराया तय किया गया है। करीब 18.061 वर्ग गज क्षेत्रफल वाले बूथों का मासिक किराया 24,744 रुपये रखा गया है। वहीं, 12.179 वर्ग गज वाले बूथों का किराया 15,201 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 20.844 वर्ग गज के बूथों का मासिक किराया 29,422 रुपये तथा 14.05 वर्ग गज क्षेत्र वाले बूथों का किराया 18,072 रुपये प्रति माह तय किया गया है। नीलामी में जो सबसे अधिक किराया कोट करेगा उसे बूथ मिलेगा। वेबसाइट पर ईएमडी की जानकारी नगर निगम ने बताया कि ई-नीलामी से संबंधित विस्तृत नियम, पात्रता और ईएमडी जमा करने की जानकारी ई-आक्शन पोर्टल eauction.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक लोग वेबसाइट से पूरी जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार इस पहल से शहर में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और निगम को भी राजस्व प्राप्त होगा। अधिक जानकारी के लिए निगम के हेल्पलाइन नंबर- 0172-5021521 पर संपर्क किया जा सकता है। वर्षों से खाली हैं बूथ यह बूथ वर्षों से खाली हैं। इससे निगम को राजस्व का भी बड़ा नुकसान हुआ है। अब इन बूथ को नीलाम किया जाएगा। निगम ने निर्णय लिया है कि अब जो प्रापर्टी तीन बार में नीलाम नहीं होगी उसका किराया 25 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। अगर यह बूथ नीलाम हो जाते हैं तो इससे निगम का राजस्व तो बढ़ेगा ही साथ में प्लाजा के इस हिस्से में रौनक भी लौटेगी। अभी प्लाजा का यह हिस्सा अनदेखी का शिकार है। यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है।  

मध्य प्रदेश में 9वीं-11वीं के छात्रों के लिए राहत, Second Annual Exam का टाइमटेबल घोषित

भोपाल मध्य प्रदेश के हजारों छात्रों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं की द्वितीय वार्षिक परीक्षा (Second Annual Exam) का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है जो मुख्य वार्षिक परीक्षा में अनुपस्थित रहे थे या अनुत्तीर्ण हो गए थे।  किन छात्रों को मिलेगा मौका? यह परीक्षा खास तौर पर उन छात्रों के लिए है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए या फेल हो गए थे। ऐसे विद्यार्थियों को अब अपने प्रदर्शन को सुधारने और अगली कक्षा में जाने का एक और अवसर मिलेगा।  प्रश्नपत्र कहां तैयार होंगे? द्वितीय वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद और जिला स्तर पर तैयार किए जाएंगे। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।  दिव्यांग छात्रों के लिए खास निर्देश दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का संचालन और मूल्यांकन अलग से निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।  परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया परीक्षा का आयोजन और मूल्यांकन पहले से तय गाइडलाइंस के तहत किया जाएगा, जिससे सभी छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।  छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षा? फेल या अनुपस्थित छात्रों को दूसरा मौका अगली कक्षा में प्रमोशन का अवसर साल बर्बाद होने से बचाव आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका