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बिहार में विकास को रफ्तार: नीतीश कुमार ने मुंगेर में कई परियोजनाओं की रखी आधारशिला

मुंगेर. समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को मुंगेर पहुंचे। सुबह 10.40 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पोलो मैदान में उतरे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी और जिला प्रभारी मंत्री संजय सिंह भी मौजूद थे। विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर में कुल 8718.51 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित 52 भवनों और अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 24 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया। पोलो मैदान में उतरने के बाद सबसे पहले उन्होंने संग्रहालय के समीप नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र का उद्घाटन किया। इसके बाद कष्टहरणी घाट पर गंगा पथ के एलाइन्मेंट का निरीक्षण किया। दक्षिणी किला गेट के पास बने पंचायती राज सभागार और भगत सिंह चौक पर पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के संयुक्त भवन का उद्घाटन भी किया। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर जनसंवाद और समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से मुख्य कार्यक्रम स्थल सफियाबाद हवाई अड्डा मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने जनता से संवाद करेंगे और जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। उद्घाटन और शिलान्यास की सभी परियोजनाओं का लाभ क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा और यह शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने सभी कार्यक्रम स्थलों और मार्गों का निरीक्षण किया। कारकेड का रिहर्सल किया गया और सफियाबाद हवाई अड्डा में पानी के टैंकर और एम्बुलेंस सहित चिकित्सा टीम की व्यवस्था की गई। सड़कें और सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए किला परिसर की सभी सड़कों का चौड़ीकरण और कालीकरण किया गया। पोलो मैदान में थ्रीडी पेंटिंग से सौंदर्य बढ़ाया गया। संग्रहालय, सर्किट हाउस और कष्टहरणी घाट की दीवारों पर पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का चित्रण किया गया। सड़क मार्ग के दोनों किनारे और बीच में सफेद रंग की मार्किंग की गई। सुरक्षा उपाय और यातायात प्रबंधन मुख्यमंत्री आगमन पर पोलो मैदान और मार्गों पर 150 ड्राप गेट बनाए गए। सड़क किनारे बांस की घेराबंदी की गई और नए रूट प्लान के अनुसार सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक यातायात व्यवस्थित किया गया। सात निश्चय-3 योजनाओं का प्रचार मुंगेर शहर में सात निश्चय-3 योजनाओं के तहत कल्याणकारी और विकास परक योजनाओं के बैनर और पोस्टर लगाए गए। पोलो मैदान, हवाई अड्डा और किला गेट सहित कई स्थानों पर तोरणद्वार लगाए गए। नगर निगम प्रशासन ने सभी स्थलों की सफाई और पानी का छिड़काव भी कराया। प्रशासन‍िक तैयारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह यात्रा मुंगेर में विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक तैयारियों को दर्शाती है। उद्घाटन और शिलान्यास की गई योजनाएं न केवल क्षेत्रीय जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाएंगी बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा को भी मजबूत बनाएंगी।

किसानों के लिए खुशखबरी: कैथल में सरसों की खरीद 27 मार्च से MSP पर शुरू

कैथल. जिले की नई अनाज मंडी में सरसों की आवक तेज हो गई है। पीले व काले रंग की सरसों को लेकर किसान मंडियों में आ रहे हैं। किसानों को सरसों के भाव भी अच्छे मिल रहे हैं। प्राइवेट एजेंसियों ने किसानों से 6600 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल सरसों खरीदा है, जो सरकारी भाव से करीब 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा है। अच्छे भाव मिलने से किसानों के चेहरे पर भी रौनक है। किसानों ने कहा सरसों के भाव की जो उम्मीद थी, उससे भी ज्यादा मिल रहे हैं। किसानों को इससे फायदा होने वाला है। नई अनाज मंडी में सरसों लेकर पहुंचे किसान नरेश ने बताया कि एमएसपी पर अभी खरीद नहीं हुई है। प्राइवेट 6500 रुपये तक सरसों बेची गई। तीन अनाज मंडियों को बनाया सरसों का खरीद केंद्र जिले की मंडियों में सरसों की आवक शुरू होने के बाद खरीद केंद्रों को भी बना दिया गया है। कैथल शहर की अतिरिक्त अनाज मंडी व नई अनाज मंडी के अलावा राजौंद व कलायत की अनाज मंडी को सरसों की खरीद का केंद्र बनाया गया है। बता दें कि राजौंद व कलायत क्षेत्र में काफी किसान सरसों की खेती ज्यादा करते हैं। पूरे जिले में चार हजार हेक्टेयर यानि 10 हजार एकड़ में किसानों ने सरसों की खेती की है। पिछले साल सरसों के भाव प्राइवेट एजेंसियों द्वारा 6000 हजार से से 6500 रुपये थे, जो इस बार सात हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे किसानों में खुशी का माहौल है। सरसों की खेती करने वाले किसान मनोज कुमार, नरेश कुमार, रामकुमार ने बताया कि सरसों के अच्छे भाव मिलने से फायदा होगा। 27 मार्च से शुरू होगी सरसों की खरीद: ढुल हैफेड के इंस्पेक्टर संजीव ढुल ने बताया कि सरसों की सरकारी खरीद 27 मार्च से शुरू होगी। सरसों की खरीद को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। 6200 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर सरसों की खरीद की जाएगी। हैफेड की तरफ से सरसों की खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बरदाना की भी कोई कमी नहीं है। मंडी में सरसों की आवक शुरू: ढुल मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि सरसों की आवक मंडी में शुरू हो गई है। प्राइवेट खरीदार सरसों खरीद रहे हैं। मंडी में सरसों की आवक को लेकर सभी प्रकार के प्रबंध किए गए हैं। किसानों से अपील है कि सरसों को सुखाकर मंडियों में लेकर आएं, ताकि अच्छे भाव मिल सके।

श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी: नवरात्र में कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें, सफर होगा आसान

जालंधर. त्योहारों व यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया है। इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाना है, ताकि त्योहारों के दौरान होने वाली अतिरिक्त भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके। इसी क्रम में अमृतसर से जयनगर के बीच गाड़ी संख्या 04652 का संचालन 19 मार्च से 29 मार्च तक किया जाएगा, जबकि वापसी में जयनगर से अमृतसर के लिए गाड़ी संख्या 04651 का संचालन 19 मार्च से 31 मार्च तक होगा। इसी प्रकार अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच गाड़ी संख्या 04654 (19 से 25 मार्च) और वापसी में न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर के लिए गाड़ी संख्या 04653 (21 से 27 मार्च) चलाई जाएगी। इन ट्रेनों में वातानुकूलित और शयनयान श्रेणी की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी। इसके अलावा, नवरात्रों में धार्मिक यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा से बड़गाम के बीच गाड़ी संख्या 04687 तथा बड़गाम से बनिहाल के बीच गाड़ी संख्या 04688 का संचालन 19 मार्च से 4 अप्रैल तक किया जाएगा। ये ट्रेनें मुख्य रूप से साधारण श्रेणी की होंगी, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु कम खर्च में यात्रा कर सकेंगे। वहीं, नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा के बीच गाड़ी संख्या 04081 (19 से 30 मार्च) और वापसी में 04082 (19 से 31 मार्च) का संचालन किया जाएगा, जिनमें एसी और स्लीपर कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी स्पेशल ट्रेनों के संचालन से त्योहारों के दौरान ट्रेनों में होने वाली भीड़भाड़ को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। साथ ही यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी, जिससे उन्हें असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। जालंधर सहित पंजाब के विभिन्न इलाकों के यात्रियों को इन ट्रेनों का सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि अमृतसर और कटड़ा रूट की ट्रेनों में इस क्षेत्र के यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। माल ढुलाई में मंडल ने दर्ज की 53 प्रतिशत वृद्धि मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन में फिरोजपुर मंडल की बिजनेस डिवेल्पमेंट यूनिट (बी.डी.यू.) ने माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। फरवरी 2026 के दौरान मंडल में 29 रैक ट्रैक्टर लोडिंग की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 19 रैक के मुकाबले करीब 53 प्रतिशत अधिक है। यह उपलब्धि विभिन्न हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय और नियमित बैठकों का परिणाम है। माल ढुलाई में इस बढ़ोतरी से न केवल मंडल के फ्रेंट ट्रैफिक में सुधार हुआ है, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी इजाफा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे द्वारा किफायती, समयबद्ध और ‘डोर-टू-डोर’ सेवा उपलब्ध करवाने से व्यापारियों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है, जिसके चलते माल परिवहन के लिए रेल को प्राथमिकता दी जा रही है।

गैस किल्लत पर सख्ती: पठानकोट में मंत्री ने मारी रेड, एजेंसी पर गिरी गाज

पठानकोट. पंजाब के पठानकोट में रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि सुबह होते ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वीरवार को कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और सख्त रुख अपनाया। मंत्री सुबह करीब नौ बजे कस्बा तंगोशाह स्थित गैस एजेंसी पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि सैकड़ों लोग लाइन में खड़े हैं। कई लोग सुबह चार बजे से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, जबकि कुछ लोगों ने बताया कि वे पिछले दो से तीन दिन से लगातार आ रहे हैं, लेकिन उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा। लोगों की यह हालत देखकर मंत्री ने तुरंत एजेंसी के कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने मौके पर ही जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राज ऋषि मेहरा को फोन कर स्थिति से अवगत कराया और संबंधित एजेंसी मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एजेंसी में दिखी कर्मचारियों की कमी निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एजेंसी पर कर्मचारियों की कमी थी और केवल एक भंडार प्रभारी मौजूद था। गोदाम का ताला भी बंद मिला, जिसे खुलवाकर मंत्री ने स्वयं जांच की। उन्होंने कहा कि लोगों को इस तरह परेशान करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने मंत्री को आश्वासन दिया कि जिन एजेंसियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया है और गैस किल्लत को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों को किसी भी हालत में परेशानी नहीं होने दी जाएगी। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी गैस एजेंसी ने नियमों के विपरीत काम किया या जानबूझकर लोगों को परेशान किया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही आने वाले दिनों में अन्य गैस एजेंसियों पर भी औचक जांच की जाएगी। शहर में गैस किल्लत को लेकर लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है, और प्रशासन के इस कदम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

नवरात्र स्पेशल: मांस-मटन बिक्री पर 3 दिन रोक, भक्ति में डूबे मंदिरों में जयकारे

रायपुर. शहर में आगामी धार्मिक पर्वों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने तीन दिन मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। निगम क्षेत्र में 20, 27 और 31 मार्च 2026 को मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। निगम प्रशासन के अनुसार 20 मार्च को चेट्रीचंड, 27 मार्च को रामनवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर पशु वध गृह सहित सभी मांस-मटन की दुकानों को बंद रखा जाएगा। मंदिरों में गूंजे ‘जय माता दी’ के जयकारे आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है, जो 27 मार्च तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। जय माता दी के जयकारों के साथ सुबह से ही प्रदेशभर के देवी मंदिरों में भीड़ उमड़ पड़ी और श्रद्धालु पूजा-अर्चना में जुट गए। नवरात्र के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रदेशभर के मंदिरों में ज्योति कलश जलाने की विशेष तैयारियाँ की गई हैं। इस बार लंबे समय बाद ऐसा विशेष संयोग बन रहा है कि अमावस्या तिथि में कलश स्थापना हो रही है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत दुर्लभ और शुभ माना गया है। साथ ही, शुक्ल और ब्रह्म योग का अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा के बजाय अमावस्या तिथि में हो रही है, जिससे यह और भी विशेष बन गई है। खास बात यह है कि इस बार दुर्गा अष्टमी और राम नवमी एक ही दिन पड़ रही हैं, जिससे यह संयोग अत्यंत शक्तिशाली और पुण्यदायी बन गया है।

थरूर का सोनिया गांधी को कड़ा संदेश, ईरान-इजरायल युद्ध पर सरकार की चुप्पी को बताया मोरल सरेंडर

नई दिल्ली  अमेरिका और इजरायल ने जबसे ईरान पर अटैक किया है, भारत की राजनीति में भी उबाल आ गया है. तमाम विपक्षी दल इस मामले में भारत की चुप्‍पी पर सवाल उठाते हुए सरकार की तीखी आलोचना कर रहे हैं. सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई की एयर स्‍ट्राइक में मौत की निंदा न करने पर सरकार पर खूब खरी-खोटी सुनाई थी. उन्‍होंने ईरान की संप्रभुता को तार-तार करने के मामले में भारत की चुप्‍पी पर भी गंभीर सवाल उठाए थे. अब सोनिया गांधी को उनकी ही पार्टी के सीनियर लीडर और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आईना दिखाया है. थरूर का कहना है कि वेस्‍ट एशिया में छिड़ी जंग पर भारत की चुप्‍पी किसी भी तरह से मोरल सरेंडर यानी नैतिक आत्‍मसमर्पण नहीं है. कांग्रेस सांसद का कहना है कि भारत का साइलेंस एक रिस्‍पॉन्सिबल स्‍टेटक्राफ्ट (सोची-समझी और जिम्‍मेदार कूटनीति) है. वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष को लेकर भारत सरकार की चुप्पी पर देश में छिड़ी बहस के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे नैतिक आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि रिस्‍पॉन्सिबल स्‍टेटक्राफ्ट करार दिया है. उन्होंने ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ अखबार में लिखे लेख में कहा कि भारत का यह रुख भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय व्यावहारिक कूटनीतिक संतुलन को दर्शाता है. थरूर ने स्पष्ट किया कि वे खुद मानते हैं कि अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किया गया सैन्य अभियान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है. यह संप्रभुता, आक्रामकता-विरोध और शांतिपूर्ण समाधान जैसे उन सिद्धांतों के खिलाफ है, जिनका भारत ऐतिहासिक रूप से समर्थन करता रहा है. इसके बावजूद उन्होंने सरकार की आलोचना करने से इनकार करते हुए कहा कि हर स्थिति में सार्वजनिक निंदा ही एकमात्र विकल्प नहीं होती. बता दें कि इसी समाचारपत्र में कुछ दिनों पहले सोनया गांधी ने लेख लिखकर सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई और ईरान की संप्रभुता पर आक्रमण की खुले शब्‍दों में निंदा न करने के लिए भारत सरकार की तीखी आलोचना की थी. ‘सिद्धांत और व्‍यवहारिकता के बीच संतुलन’ अब शशि थरूर ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा सिद्धांत और व्यवहारिकता के बीच संतुलन पर आधारित रही है. जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति का हवाला देते हुए थरूर ने कहा कि यह नैतिक रुख से दूरी नहीं, बल्कि शीत युद्ध के दौरान राष्ट्रीय हितों की रक्षा का व्यावहारिक तरीका था. आज के बहुध्रुवीय विश्व (Multipolar World) में भारत मल्टी-अलाइनमेंट की नीति पर चल रहा है, जहां वह अलग-अलग शक्तियों के साथ संबंध बनाए रखते हुए अपने हितों को प्राथमिकता देता है. थरूर ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे यह भूल जाते हैं कि भारत ने अतीत में भी कई बार राष्ट्रीय हितों के चलते चुप्पी साधी है. 1956 में हंगरी, 1968 में चेकोस्लोवाकिया और 1979 में अफगानिस्तान में सोवियत हस्तक्षेप के दौरान भारत ने खुलकर विरोध नहीं किया था, क्योंकि उस समय सोवियत संघ भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार था. शशि थरूर की दलील कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तर्क दिया कि भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र बेहद अहम है, जहां से हर साल करीब 200 अरब डॉलर का व्यापार होता है. देश की ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी क्षेत्र पर निर्भर हैं और करीब 90 लाख भारतीय वहां काम करते हैं. ऐसे में किसी एक पक्ष के खिलाफ कड़ा सार्वजनिक रुख इन संबंधों को प्रभावित कर सकता है. थरूर ने अमेरिका के साथ भारत के रणनीतिक रिश्तों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा अमेरिकी नेतृत्व (खासकर डोनाल्‍ड ट्रंप) अक्सर अपने हितों के खिलाफ जाने वालों पर सख्त रुख अपनाते हैं. ऐसे में भारत के लिए रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और चीन के बढ़ते प्रभाव जैसी चुनौतियों को देखते हुए अमेरिका के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति ‘नैतिक भाषणबाजी’ का मंच नहीं, बल्कि वह क्षेत्र है जहां सिद्धांत और शक्ति के बीच संतुलन साधना पड़ता है. बिना पर्याप्त प्रभाव (leverage) के किसी बड़ी शक्ति की खुलकर आलोचना करना व्यावहारिक नहीं होता. चुप्‍पी का मतलब युद्ध का समर्थन नहीं थरूर के मुताबिक, भारत की चुप्पी का मतलब यह नहीं है कि वह युद्ध का समर्थन करता है, बल्कि यह एक रणनीतिक विकल्प है, जो देश को अपने हितों की रक्षा करते हुए कूटनीतिक संवाद के रास्ते खुले रखने में मदद करता है. उन्‍होंने कहा कि चुप्पी भी एक रणनीति हो सकती है, जो अनावश्यक टकराव से बचाते हुए शांति की दिशा में काम करने का अवसर देती है. उन्होंने आलोचकों को सलाह दी कि वे नैतिक आदर्शवाद और वास्तविक कूटनीतिक जरूरतों के बीच फर्क समझें. महात्मा गांधी और नेहरू के मूल्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी विरासत कठोर सिद्धांतों पर अड़े रहने की नहीं, बल्कि समय के अनुसार समझदारी से उन्हें लागू करने की रही है. अंत में थरूर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत का संयम ही उसकी ताकत है. उन्‍होंने कहा कि संयम कमजोरी नहीं, बल्कि वह क्षमता है, जो हमें अपने मूल्यों का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में सक्षम बनाती है. सोनिया गांधी ने क्‍या कहा था? सोनिया गांधी ने लिखे लेख में कहा था कि 1 मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सर्वोच्च नेता (अयातुल्लाह सैयद अली हुसैनी खामेनेई) की एक दिन पहले अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए टार्गेटेड हमलों में हत्या कर दी गई थी. वार्ता के बीच किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक गंभीर दरार को दर्शाती है. उन्‍होंने आगे कहा था कि इस घटना से परे जो बात उतनी ही स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आती है, वह है नई दिल्ली की चुप्‍पी. बकौल सोनिया गांधी भारत सरकार ने इस हत्या या ईरानी संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा करने से परहेज किया है. जब किसी विदेशी नेता की हत्या पर हमारे देश की ओर से संप्रभुता या अंतरराष्ट्रीय कानून के पक्ष में कोई स्पष्ट समर्थन नहीं दिखता और निष्पक्षता छोड़ दी जाती है, तो यह हमारी विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

मध्य प्रदेश में 3 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, मार्च में ओलावृष्टि की पहली भविष्यवाणी

भोपाल  मध्यप्रदेश में गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज सिस्टम के एक्टिव होने से अगले तीन दिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल सकता है। प्रदेश में दो ट्रफ लाइनों और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से यह बदलाव आया है, जिसका असर करीब 72 घंटे तक रहने का अनुमान है।  इससे पहले बुधवार को कई जिलों में बादल छाए रहे, कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई और कुछ जगहों पर तेज हवाओं का दौर चला। बालाघाट में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 19 मार्च के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 30 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। मौसम का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 19 और 20 मार्च को मौसम का असर सबसे ज्यादा रहेगा। यह धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को कवर करेगा। 22 मार्च के बाद मौसम सा 19-20 मार्च को सबसे ज्यादा असर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 19 और 20 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा और यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को कवर करेगा। 22 मार्च के बाद मौसम साफ होने के संकेत हैं। बदलते मौसम के कारण कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मार्च में पहली बार ओलों की एंट्री इस बार मार्च में पहली बार ओलावृष्टि होने जा रही है। खासतौर पर सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में दो दिन तक ओले गिर सकते हैं, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा। फरवरी में भी मौसम ने चार बार करवट ली थी। कई इलाकों में ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ था, जिसके बाद सरकार को सर्वे कराना पड़ा था। अब मार्च में फिर से वैसा ही पैटर्न देखने को मिल रहा है। 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च के आखिरी हफ्ते से गर्मी फिर जोर पकड़ सकती है। अप्रैल-मई में 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। फिलहाल प्रदेश में “तीनों मौसम” का असर देखने को मिल रहा है—दिन में गर्मी, रात में हल्की ठंड और बीच-बीच में बारिश। कुछ दिन पहले नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया था। आने वाले दिनों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में भी दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास जा सकता है, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी।  फ होने के संकेत हैं। बदलाव के कारण कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मार्च में पहली बार ओलावृष्टि विशेष रूप से मार्च में यह पहली बार है जब ओलावृष्टि होने जा रही है। सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में दो दिन तक ओले गिरने का अनुमान है, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा। फरवरी में भी मौसम ने चार बार करवट ली थी और कई इलाकों में ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ था। अप्रैल और मई में 20 दिन लू का अनुमान मौसम विभाग ने चेताया है कि मार्च के आखिरी हफ्ते से प्रदेश में गर्मी फिर जोर पकड़ सकती है। अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। फिलहाल प्रदेश में “तीनों मौसम” का असर देखने को मिल रहा है। दिन में गर्मी, रात में हल्की ठंड और बीच-बीच में बारिश। कुछ दिन पहले नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया था। आने वाले दिनों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी।

PV सिंधू का संदेश: खेल नहीं कर सकते पूरी जिंदगी, इसलिए पढ़ाई है जरूरी

गुरुग्राम  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू ने इस बात पर जोर दिया कि उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए पढ़ाई करना बेहद जरूरी है और पढ़ाई को नजरअंदाज करके सिर्फ खेल पर ध्यान देना बहुत जोखिम भरा है क्योंकि एक ही चोट से खेल करियर खत्म हो सकता है. पूर्व विश्व चैंपियन ने डीपीएस इंटरनेशनल में एक बातचीत के दौरान शिक्षाविद देवयानी जयपुरिया से बात करते हुए ये बातें कहीं. हैदराबाद की इस खिलाड़ी ने अपनी बात को समझाने के लिए अपनी जिंदगी के कई पहलुओं का जिक्र किया. इनमें 2016 के ओलंपिक से पहले का वह दौर भी शामिल है जब वह अपने बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ होने के कारण परेशान थीं और उन्हें खुद पर शक होने लगा था. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतने साल से खेल रही हूं. कभी न कभी तो आपको ‘रिटायर’ होना ही पड़ता है. और यही सच है. आप 45, 50 या 60 साल की उम्र तक शीर्ष स्तर पर नहीं खेल सकते.’’ सिंधू ने राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की बात का समर्थन किया जिन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों के माता-पिता से शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही थी. इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘आपको इस बात को स्वीकार करना ​​ही होगा कि शिक्षा हमेशा पूरी जिंदगी आपके साथ रहेगी और हमेशा आपके पास रहेगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी सोने की चम्मच लेकर पैदा नहीं होता और आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, चाहे वह पढ़ाई में हो या खेल में. पढ़ाई और खेल दोनों ही अहम हैं. मैंने अपना एमबीए किया है. इसलिए मुझे पता है कि यह आसान नहीं है. आप सुबह ट्रेनिंग के लिए जाते हैं, वापस आते हैं, पढ़ाई करते हैं, फिर शाम के सत्र के लिए जाते हैं.’’ सिंधू ने कहा, ‘‘सच तो यही है कि खेल एक बहुत छोटी सी चीज है. शिक्षा हमेशा आपके साथ रहेगी. खेल भी जरूरी है, लेकिन इतना भी नहीं कि आप अपनी पढ़ाई पूरी तरह से रोक दें.’’ तीस साल की यह खिलाड़ी अभी ब्रेक पर है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बमबारी के चलते हवाई क्षेत्र बंद करने की वजह से उन्हें कुछ दिनों के लिए दुबई में रुकना पड़ा था. उन्होंने कहा कि खेल के दौरान लगने वाली चोटों से उबरना मुश्किल हो सकता है इसलिए उन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों से पढ़ाई का एक विकल्प अपने पास रखने की बात कही. सिंधू ने कहा, ‘‘हो सकता है मेरी बात थोड़ी कड़वी लगे, शायद अभी उन्हें यह बात समझ नहीं आए, लेकिन जिंदगी के बाद के पड़ाव में उन्हें यह जरूर समझ आएगा कि पढ़ाई भी उतनी ही जरूरी है. खेल कभी-कभी बहुत जोखिम भरा हो सकता है. इसमें कभी भी चोट लग सकती है." उन्होंने कहा, ‘‘चोट से आपका करियर खत्म हो सकता है, आपकी सर्जरी हो सकती है। और चोटें बताकर नहीं आतीं, बस हो जाती हैं। ऐसे समय में, आपको यह पक्का करना होता है कि आप जिंदगी में हर चीज के लिए तैयार हैं.’’ उन्होंने 2015 को याद किया जब उनके बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ हो गया था जिससे उनका करियर खत्म होने का खतरा पैदा हो गया था और उन्हें छह महीने तक खेल से बाहर रहना पड़ा था. इसके चलते 2016 के ओलंपिक से पहले उनके पास तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा था। इसके बावजूद रियो डि जिनेरियो में हुए उन खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता. उन्होंने कहा, ‘‘मामला गंभीर था. कई हफ्तों तक दर्द के साथ खेलने के बाद मैं ठीक समय पर डॉक्टर के पास पहुंच पाई. मेरे मन में खुद को लेकर शक पैदा हुआ था कि क्या मैं दोबारा खेल पाऊंगी या नहीं.’’

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के द्वारा जीतू पटवारी से की मुलाकात

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के द्वारा जीतू पटवारी से की मुलाकात भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय जीतू पटवारी से अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति भोपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी एवं रोहित यादव राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष हीरा सिंह ठाकुर इंदौर संभागीय अध्यक्ष,शिवम तिवारी एडवोके ,ओम प्रकाश ठाकुर, छबिलाल महारा एवं समिति के पदाधिकारीयों ने जीतू पटवारी जी को स्मृति चिन्ह एवं मांग पत्र देकर उनका स्वागत किया

दिव्यांका त्रिपाठी 41 की उम्र में बनने वाली हैं मां, शादी के 10 साल बाद दिव्यांका-विवेक की गुड न्यूज

भोपाल  दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया टीवी इंडस्ट्री के सबसे चहेते कपल्स में से हैं। दोनों 2016 में शादी के बंधन में बंधे थे, यानी दोनों की शादी को 10 साल हो चुके हैं। पिछले दिनों ही दिव्यांका ने सोशल मीडिया पर कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर करते हुए अपनी सगाई के 10 साल पूरे होने का जश्न मनाया था। जब से दिव्यांका और विवेक शादी के बंधन में बंधे हैं, फैंस गुड न्यूज का इंतजार कर रहे हैं। अक्सर एक्ट्रेस के फैंस उनसे पूछते रहते हैं कि वह कब गुड न्यूज देंगी? इस बीच चर्चा है कि दिव्यांका अपना पहला बेबी एक्सपेक्ट कर रही हैं। चर्चा है कि दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया शादी के 10 साल बाद अपने पहले बच्चे का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। 'ये हैं मोहब्बतें'  में ईशी मां का किरदार निभाकर दिव्यांका त्रिपाठी ने दर्शकों के दिल में खास जगह  बनाई थी। ऐसे में अब जब उनकी प्रेग्नेंसी के चर्चे हो रहे हैं तो एक्ट्रेस के फैंस बेहद खुश हैं। प्रेग्नेंट हैं दिव्यांका त्रिपाठी?  रिपोर्ट के अनुसार, दिव्यांका त्रिपाठी प्रेग्नेंट हैं। दिव्यांका और विवेक अपनी जिंदगी का नया चैप्टर शुरू करने के लिए तैयार हैं। उनकी प्रेग्नेंसी की खबर से उनके परिवार और दोस्तों के बीच खुशी का माहौल है, क्योंकि दोनों की शादी को 10 साल हो चुके हैं और 41 की उम्र में दिव्यांका अपने पहले बच्चे को जन्म देने जा रही हैं। इस न्यूज के बाद दिव्यांका के फैंस की भी खुशी का ठिकाना नहीं है। हालांकि, अब तक दिव्यांका और विवेक की ओर से इस खबर की पुष्टि नहीं की है। दिव्यांका के लिए बेबी शॉवर की प्लानिंग  एक रिपोर्ट के अनुसार, दिव्यांका और विवेक के करीबी सूत्रों ने बताया कि उनके परिवार बेहद खुश हैं और नए सदस्य के स्वागत की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। यही नहीं, फैमिली ने दिव्यांका के लिए बेबी शॉवर पार्टी की भी योजना बनाई है। ये एक प्राइवेट पार्टी होगी, जिसमें करीबी दोस्त और कपल के टेलीविजन जगत के दोस्त जश्न मनाने के लिए इकट्ठा होंगे। जब दिव्यांका-विवेक ने बच्चे के बारे में की थी बात बता दें, 2025 में कपल ने बच्चों को लेकर होने वाले सवाल पर प्रतिक्रिया दी थी। विवेक ने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए कहा था- 'इसका जवाब मेरे पास नहीं है। इसका जवाब खुदा के पास है। भगवान, अल्लाह, उनके पास है, उनसे जाकर पूछो। जब होगा, पता चल जाएगा।' वहीं दिव्यांका ने इस पर रिएक्ट करते हुए कहा था- 'इस इन्फॉर्मेशन को कौन ही रोक सकेगा?' दिव्यांका-विवेक की लव स्टोरी दिव्यांका और विवेक की पहली मुलाकात टीवी सीरियल 'ये है मोहब्बतें' के सेट पर हुई थी, जहां पहले दोनों की दोस्ती हुई और फिर ये दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गई। उन्होंने 8 जुलाई, 2016 को भोपाल में एक भव्य और निजी समारोह में शादी की, जिसमें करीबी दोस्त और कपल के टीवी इंडस्ट्री के कुछ करीबी दोस्त शामिल हुए थे।