samacharsecretary.com

कोलकाता पुलिस को नया नेतृत्व: बिहार के अजय कुमार को मिली कमिश्नर की जिम्मेदारी

धनबाद. बीआईटी सिंदरी के असैनिक अभियंत्रण विभाग (बैच 1986–1990) के पूर्व छात्र एवं 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। बंगाल में होने जा रहे हैं विधानसभा चुनाव को देखते हुए अजय नंद की नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से संस्थान में हर्ष का वातावरण है। अजय कुमार नंद ने बीआईटी सिंदरी से असैनिक अभियंत्रण की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल, सशक्त नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शी सोच एवं प्रभावी कार्यशैली के कारण निरंतर उच्च पदों पर आसीन होते रहे हैं। अब कोलकाता जैसे महानगर के पुलिस कमिश्नर के रूप में उनकी नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रमाण है, बल्कि संस्थान की गौरवशाली परंपरा को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। दोस्त ने जताई खुशी इस उपलब्धि पर संस्थान के असैनिक अभियंत्रण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं वरीय प्रशासी पदाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव यादव ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। ब्रह्मदेव अजय कुमार नंद के सहपाठी एवं घनिष्ठ मित्र भी रहे हैं। उन्होंने बताया कि कालेज के शुरुआती दिनों से ही वे अत्यंत मेधावी, अनुशासित एवं लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र थे। बीआईटी सिंदरी में रहे हैं सेकंड टॉपर अपने बैच के द्वितीय टॉपर रहे और प्रारंभ से ही पुलिस सेवा के प्रति उनमें गहरी रुचि एवं जुनून देखने को मिलता था। डॉ. यादव ने उनके व्यक्तित्व को प्रेरणादायक, कर्मठ और दृढ़निश्चयी बताते हुए कहा कि उनकी यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और समर्पण का परिणाम है। वर्तमान विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. पंकज राय ने भी अजय कुमार नंद को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बीआईटी सिंदरी हमेशा से प्रतिभाओं को निखारने का केंद्र रहा है। अजय कुमार नंद की यह सफलता इस परंपरा को और सुदृढ़ करती है। इस अवसर पर असैनिक अभियंत्रण विभागाध्यक्ष प्रो. प्रफुल्ल कुमार शर्मा, प्रोडक्शन एवं इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष एवं डीन (एलुमनी) डॉ. प्रकाश कुमार, जनरल वार्डन प्रो मनोज कुमार ,करियर विकास केंद्र के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम, प्रो आरके वर्मा डीन (अकादमिक) डॉ. डीके तांती सहित संस्थान के अन्य सभी प्राध्यापकों ने भी अजय कुमार नंद को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी। समस्तीपुर के लाल है अजय कुमार पटोरी प्रखंड के हेतनपुर धमौन गांव के रहने वाले 1996 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। उनके कमिश्नर बनाए जाने से पूरे इलाके में खुशी की लहर है। समस्तीपुर के लोग इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

गंभीर ने AI डीपफेक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में की याचिका, लीगल एक्शन से बड़ी कंपनियों को घेरा

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व वर्ल्ड कप विजेता गौतम गंभीर ने अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कोर्ट की कमर्शियल डिवीजन में सिविल सूट दायर कर AI डीपफेक, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के अंत से सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट तेजी से बढ़ा. इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter), यूट्यूब और फेसबुक पर कई अकाउंट्स ने AI तकनीक, फेस-स्वैप और वॉइस क्लोनिंग के जरिए ऐसे वीडियो बनाए, जिनमें गंभीर को ऐसे बयान देते दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक फर्जी रेज‍िग्नेशन को 29 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, जबकि एक और क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते दिखाया गया, 17 लाख व्यूज तक पहुंची। सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी गंभीर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर बिना अनुमति पोस्टर और प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे। गौतम गंभीर ने किन पर किया केस इस मामले में कुल 16 प्रतिवादियों को शामिल किया गया है, जिनमें- सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैनकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पेंटोला, लीजेंड्स रेवोल्यूशन, आदि शाम‍िल हैं। इसके अलावा  ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म् में ऐमोजॉन और फ्ल‍िपकार्ट का नाम है. वहीं टेक कंपनियों में मेटा प्लेटफॉर्म, एक्स, गूगल, यूट्यब आद‍ि शाम‍िल हैं. साथ ही IT मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी शामिल किया गया है। गंभीर ने किन कानूनों लिया सहारा? गंभीर ने इस केस में कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, कमर्श‍ियल कोर्ट एक्ट 20215 का हवाला दिया है. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट के पुराने फैसलों (जैसे अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के केस) का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें पर्सनैलिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा दी गई है। गंभीर ने कितना हर्जाना मांगा? गंभीर ने कोर्ट से ₹2.5 करोड़ का हर्जाना, सभी फर्जी कंटेंट हटाने, और भविष्य में उनके नाम, चेहरा, आवाज के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द कोर्ट ऑर्डर की मांग की है, ताकि तुरंत सभी फर्जी कंटेंट हटाया जाए और आगे इसका प्रसार रोका जा सके. उन्होंने कोर्ट से लीगल एक्शन लेने की मांग की है। मेरी पहचान को हथियार बनाया गया: गंभीर  गंभीर ने साफ कहा- मेरी पहचान, मेरा नाम, चेहरा और आवाज का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है. यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि कानून और गरिमा की बात है।

अवैध निर्माण पर कार्रवाई: 9,500 मकानों पर बुलडोजर चलाने का आदेश, कनेक्शन काटे जाएंगे

जोधपुर. शहर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली वनभूमि के अलग-अलग सात वनखंडों में 9,526 से अधिक अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिका के तहत दिए गए सख्त निर्देशों के बाद प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। न्यायालय की पालना सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन ने अब कार्रवाई को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ ठोस और प्रभावी कदम उठाएं तथा अदालत के आदेशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है, जिसमें राज्य सरकार को अपनी कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा। अदालत की इस सख्ती के बीच आगामी दिनों में जोधपुर में वनभूमि पर बड़े स्तर पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। प्रगति रिपोर्ट मांगी इसी बीच राजस्थान सरकार के एडवोकेट जनरल कार्यालय, राजस्थान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जोधपुर के उपवन संरक्षक (डीएफओ) को बुधवार को जयपुर तलब किया। बैठक में महाधिवक्ता ने अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालना रिपोर्ट मांगी, जिसे 24 मार्च को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वन विभाग की ओर से पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया है कि स्वयं अतिक्रमण हटाएं, अन्यथा प्रशासन पुलिस बल के साथ कार्रवाई करेगा। कनेक्शन कटे बिना कार्रवाई अधूरी समीक्षा बैठक के दौरान महाधिवक्ता ने विशेष रूप से यह पूछा कि वनभूमि पर अवैध निर्माणों के कितने बिजली और पानी के कनेक्शन अब तक काटे गए हैं। इस पर डीएफओ ने बताया कि जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को खसरावार सूची उपलब्ध करवा दी गई है, ताकि अवैध कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई जल्द पूरी की जा सके। डीएफओ ने बताया कि जब तक अवैध मकानों के बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे, तब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाएगी। 100 से ज्यादा स्टाफ रहेगा तैनात अतिक्रमण हटाने के दौरान वन विभाग की बड़ी टीम मैदान में उतरेगी। इसमें सहायक वन संरक्षक, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनपाल, सहायक वनपाल और वन रक्षक सहित 100 से अधिक वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी। समीक्षा बैठक महाधिवक्ता के निर्देशानुसार ही न्यायालय में प्रगति रिपोर्ट और शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसी सिलसिले में जयपुर में हुई बैठक में जिला प्रशासन के सभी विभागों की ओर से अब तक की गई कार्रवाई को लेकर प्रगति की समीक्षा की गई है। – नरेन्द्र सिंह शेखावत, उपवन संरक्षक हटाएंगे अतिक्रमण वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में डीएफओ की ओर से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट से पुलिस बल लिया जाएगा। वन विभाग ही अतिक्रमण हटाएगा। – गौरव अग्रवाल, जिला कलक्टर कनेक्शन कटेंगे वन विभाग की ओर से अतिक्रमण क्षेत्र में बताए गए बिजली के कनेक्शनों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. भंवरलाल, एमडी डिस्कॉम, जोधपुर होगी कार्रवाई वन विभाग के अतिक्रमण क्षेत्र में जिन स्थानों को चिन्हित किया गया है, वहां से पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। – राजेन्द्र मेहता, एसई पीएचईडी

हरियाणा में 23 IAS अधिकारियों के तबादले, प्रशासनिक फेरबदल की घोषणा

चंडीगढ़  हरियाणा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्यपाल के आदेशानुसार कई IAS अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इस फैसले का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न विभागों में सुचारु संचालन सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। नए आदेश के तहत अधिकारियों को उनके नए पदों पर जल्द से जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

निवेशकों को बड़ा झटका: बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड गिरावट

मुंबई ईरान की ओर से कतर के बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ा दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। हालात इतने बिगड़े कि गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक का गोता लगाकर 74,207.24, एनएसई निफ्टी 775.65 अंक की गिरावट के साथ 23,002.15 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी भारतीय शेयर में आए भूचाल के बीच गुरुवार को कई प्रमुख और मिडकैप शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बड़े-बड़े दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी हो गए। सेंसेक्स पर इटरनल 5.46, बजाज फाइनेंस 5.34, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4.86, एलएंडटी 4.57, एचडीएफसी बैंक 4.35, इंडिगो 4.21, बजाज फिनसर्व 4.08 प्रतिशत लुढ़क गए। केमिकल सेक्टर की कंपनी Camlin Fine Sciences में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई, जिसका शेयर करीब 6.87% टूटकर ₹120.60 पर आ गया। वहीं राम-कृष्ण Forgings में 3.92% और सोलर इंडस्ट्री में 3.65% की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का असर बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर भी पड़ा है। हनीवेल करीब 2.05% टूटा, जबकि फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सिप्ला में भी 2% से अधिक गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की आंधी में शुगर सेक्टर के कुछ शेयर डटे रहे। अवध शुगर एंड एनर्जी (2.52% ऊपर) और बलरामपुर चीनी मिल्स (1.90% ऊपर) हैं। शेयर मार्केट में चौतरफा गिरावट है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 2164 अंको का गोता लगाकर 74,539 पर आ गया है। निफ्टी 672 अंकों के नुकसान के साथ 23,105 पर पहुंच गया है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं।  शेयर मार्केट में आए भूचाल से सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बाजार में चौतरफा गिरावट है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। इसमें 1.15 प्रतिशत की तेजी है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं। निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस 6.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर है। इटरनल में 5.22, बजाज फिनसर्व में 4.71, एलएंडटी में 4.27 और टाटा मोटर्स में 4.20 प्रतिशत की गिरावट है। शेयर मार्केट की गाड़ी गिरावट की पटरी से उतरने का नाम ही नहीं ले रही। सेंसेक्स अभी 1808 अंकों की गिरावट के साथ 74895 पर है। जबकि, निफ्टी 587 अंकों का गोता लगाकर 23190 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.15 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। बजाज फाइनेंस में 4.55 पर्सेंट और एलएंडटी में 4.16 प्रतिशत का नुकसान है। एचडीएफसी बैंक में गिरावट अब 3.71 प्रतिशत की रह गई है। जबकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व भी करीब 4 फीसद लुढ़क गए हैं। शेयर मार्केट में अभी भी गिरावट बड़ी है। सेंसेक्स अभी 1664 अंकों की गिरावट के साथ 75039 पर है। जबकि, निफ्टी 530 अंकों का गोता लगाकर 23247 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.26 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच बैंक निफ्टी में 2.70 प्रतिशत की गिरावट है। फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में भी 2.86% का नुकसान है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.65 प्रतिशत नीचे है। आईटी में 2.38 और एफएमसीजी में 1.80% की गिरावट है। मीडिया में 0.94, मेटल में 1.61 प्रतिशत का नुकसान है। पीएसयू बैंक 2.09, प्राइवेट बैंक 2.77, फार्मा 1.48, हेल्थ केयर 1.61, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स 2.86 प्रतिशत लुढ़का है। सेंसेक्स अभी 1741 अंकों की गिरावट के साथ 74963 पर है। जबकि, निफ्टी 534 अंकों का गोता लगाकर 23241 पर ट्रेड कर रहा है। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच सेंसेक्स अभी 1716 अंकों की गिरावट के साथ 74988 पर है। जबकि, निफ्टी 516 अंकों का गोता लगाकर 23261 पर ट्रेड कर रहा है। एनएसई पर केवल 400 स्टॉक्स ही ग्रीन जोन में हैं। 2303 शेयरों में गिरावट है। जबकि, सेंसेक्स ब्लड बाथ कर रहा है। सभी शेयर लाल हैं और एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर। शेयर मार्केट में आज भूचाल है। सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1953 अंकों की गिरावट के साथ 74751 पर खुला। जबकि, निफ्टी 589 अंकों का गोता लगाकर 23198 पर खुला।

आयुष्मान मरीजों को झटका: बड़े अस्पतालों ने इलाज से किया मना, स्वास्थ्य मंत्री सख्त

रायपुर. एक तरफ सरकार आयुष्मान योजना की सफलता की कहानी कह रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी रायपुर स्थित नामचीन अस्पताल योजना के तहत मरीजों का उपचार करने से इंकार कर रहे हैं. विधानसभा में योजना को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, श्री नारायणा हॉस्पिटल, बालगोपाल हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पतालों के खिलाफ शिकायत मिली है, जिस पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आयुष्मान योजना को लेकर सवाल किया. उन्होंने पूछा कि प्रदेश में आयुष्मान योजना में कितने कार्डधारी हैं, और एक अप्रैल 25 से 15 फरवरी 26 तक कितने हितग्राहियों का आयुष्मान योजनांतर्गत उपचार हुआ? कितनी राशि का भुगतान हुआ? कितनी बची है? राज्यांश और केंद्रांश कितना है? भुगतान लम्बित होने पर कितने लोगों का इलाज नहीं हुआ? कितनी शिकायत आई? कितनी जाँच हुई? स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश में 2.47 करोड़ आयुष्मान योजना के कार्डधारी हैं. 2024 से 2026 तक योजनांतर्गत 22,59,995 लोगों का उपचार हुआ. योजना में केंद्र का 60% और राज्य का हिस्सा 40% है. वहीं योजना में शामिल अस्पतालों को लेकर 31 शिकायतें प्राप्त हुई, जिन पर कार्यवाही हुई है. इसके साथ कार्ड से इलाज करने पर मना करने वाले अनेक अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है, और कई अस्पतालों के खिलाफ जांच जारी है.

फूड सेफ्टी पर सख्ती: अमृतसर में दुकानों की जांच, गंदगी मिलने पर कार्रवाई

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर के नावल्टी चौक और लारेंस रोड क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने कई खाने-पीने की दुकानों पर अचानक जांच की और विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। जांच के दौरान एक चिकन दुकान पर भी टीम पहुंची, जहां कुछ खामियां सामने आईं। दुकान संचालक कुलविंदर सिंह ने माना कि दुकान में साफ-सफाई को लेकर कुछ लापरवाही रही है। उन्होंने बताया कि कई बार रात के समय काम करने वाले कर्मचारी सामान बाहर छोड़ देते हैं, जिससे सुबह गंदगी नजर आती है। दुकानदार ने चेतावनी मिलने पर दिया भरोसा उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इन कमियों को दूर किया जाएगा और केवल मानक के अनुसार सामग्री का ही उपयोग किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि विभाग को इस क्षेत्र की कुछ दुकानों के बारे में शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सफाई को लेकर सख्त चेतावनी जारी अधिकारी ने यह भी बताया कि जांच के दौरान कई स्थानों पर साफ-सफाई के मानकों का उल्लंघन पाया गया। संबंधित दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए गए कि वे स्वच्छता बनाए रखें और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से तैयार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में नियमों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग ने यह भी कहा कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान की शुरुआत की

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान का किया शुभारंभ मंदिर परिसर में प्याऊ का लोकार्पण, जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर दिया जोर मंदसौर  उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आज भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंदिर परिसर में आमजन की सुविधा के लिए निर्मित प्याऊ का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन, पत्रकार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” के माध्यम से जिले में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे। यह अभियान 30 जून 2026 तक संचालित होगा। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत तालाबों, नदियों, कुओं, बावड़ियों सहित अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही इन जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, गहरीकरण एवं मरम्मत के कार्य भी सुनिश्चित किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल शासन का नहीं, बल्कि जन-जन का अभियान है। इसमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं शासकीय विभागों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखें। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में शुरू की गई प्याऊ व्यवस्था की सराहना की और कहा कि इससे श्रद्धालुओं एवं आमजन को गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा, जो एक सराहनीय पहल है।

झारखंड में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा: तिलैया डैम पर बनेंगे वॉटर कॉटेज और हाउसबोट

कोडरमा. तिलैया डैम को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस संबंध में एक कॉन्सेप्ट प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के साथ-साथ सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है। तिलैया डैम अपने आकर्षक जलाशय, पहाड़ियों से घिरे वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों के कारण ईको-टूरिज्म के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में ईको-टूरिज्म विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गई। पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा उपायुक्त ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। इसके तहत प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित मास्टर प्लान में प्रीफैब/लकड़ी के ईको-फ्रेंडली कॉटेज, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, हाउसबोट, स्विमिंग पूल (इन्फिनिटी पूल सहित), आधुनिक रिसॉर्ट और कैफे जैसी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। ईको-फ्रेंडली काटेज में पर्यटक झील का मनमोहक दृश्य देखते हुए आधुनिक सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे। हाउसबोट का आनंद ले सकेंगे पर्यटक हाउसबोट पर्यटकों को जल पर रहने और भोजन का अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। बच्चों के लिए सुरक्षित और मनोरंजक खेल क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला, जिला पर्यटन नोडल पदाधिकारी तुषार राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राजस्थान को बड़ी सौगात: पचपदरा रिफाइनरी की टेस्टिंग शुरू, नौकरियों के खुलेंगे अवसर

बालोतरा. पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास की धुरी बन रही पचपदरा रिफाइनरी अब पूर्णता की ओर तेजी से अग्रसर है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग और टेस्टिंग भी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साथ क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित होने से जिले का औद्योगिक भविष्य नई दिशा लेता नजर आ रहा है। रोजगार का बढ़ेगा दायरा रिफाइनरी के आसपास सहायक उद्योगों के विकास के लिए राजस्थान पेट्रो जोन स्थापित किया गया है। इन उद्योगों में रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में अपने बजट में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित करने की घोषणा की है। क्या कहना है विशेषज्ञों का विशेषज्ञों का मानना है कि यह हब स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ेगा। वर्तमान में बालोतरा क्षेत्र में कपड़ा उद्योग में 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। जबकि टाई-डाई उद्योग में करीब 20 से 25 हजार लोग कार्यरत हैं। पेट्रोजोन के विकसित होने के साथ करीब 50 हजार नए रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में रोजगार का दायरा और व्यापक होगा। औद्योगिक विकास को मिलेगी गति रिफाइनरी से निकलने वाले बाय-प्रोडक्ट आधारित पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। कौशल विकास हब की स्थापना से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा। बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ेगी वहीं, उद्योगों की बढ़ती विविधता के साथ कुशल मानव संसाधन की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्किल डवलपमेंट हब स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेगा और उद्योगों को प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी  बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब की स्थापना समय की आवश्यकता थी। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने से उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। -रमेश जैन भाया, उद्यमी