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कैंपस सुरक्षा पर सवाल: पंजाब यूनिवर्सिटी में बेलगाम अपराध, बाहरी तत्व सक्रिय

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी में सुरक्षा घेरा ध्वस्त कर अपराधी बैखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे है। इस पर लगाम लगाने में पुलिस विभाग समेत पीयू सिक्योरिटी पूरी तरह विफल दिखाई दे रही है। कैंपस में बीते वर्षों में हुई वारदातों से सबक लेते कुछ महीनों पहले 100 के करीब नए सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन हालात जस की तस बने हुए है। तीनों गेटों पर जांच होने के बाद भी अपराधी हथियार लेकर कैंपस में घुस रहे है। एंट्री गेटों पर आधे से अधिक लोगों की जांच नहीं की जा रही है। छात्र नेता जश्न सिंह जवंदा पर फायरिंग मंगलवार शाम चार हथियारबंद युवकों ने सोपू छात्र संगठन से जुड़े नेता जश्न सिंह जवंदा पर फायरिंग कर दी थी। यह घटना यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग की पार्किंग में हुई, जहां जश्न सिंह जवंदा मौजूद था। हमलावर चोरी की एक्टिवा पर सवार होकर आए थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। जवंदा मंगलवार शाम पीयू परिसर में किसी कार्य से आया हुआ था और बॉटनी विभाग के बाहर खड़ा था। इसी दौरान बैग लिए दो युवक उसके पास पहुंचे। एक युवक ने अचानक बैग से पिस्टल निकाली और जश्न सिंह पर फायर कर दिया। गोली चलते ही जश्न सिंह अपनी जान बचाने के लिए भागा। हमलावर ने उसका पीछा करते हुए एक और राउंड फायर किया। दोनों गोलियां उसे नहीं लगीं और वह सुरक्षित बच गया। घटना के समय हमलावरों के दो अन्य साथी पहले से स्टार्ट एक्टिवा पर इंतजार कर रहे थे। फायरिंग के तुरंत बाद चारों आरोपित उसी एक्टिवा पर सवार होकर मौके से फरार हो गए थे। सिंगर मासूम शर्मा की स्टार नाइट में बवाल इससे पहले बीते वर्ष 28 अप्रैल को हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की स्टार नाइट में कुछ बाहरी लोगों ने कैंपस में घुसकर स्टूडेंट्स पर चाकू से हमला कर दिया था। पीजीआई में इलाज के दौरान आदित्य ठाकुर नाम के एक छात्र की मौत भी हो गई थी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी से छात्र की हत्या के बाद पीयू का माहौल पूरी तरह गरमा गया था। इसके साथ बीते वर्ष ही हॉस्टल नंबर में सात में दो दोस्तों ने एक हिमाचल निवासी आउटसाइडर को चरस के धुएं से सीपीआर और कंबल से मुंह दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। यूनिवर्सिटी में बाहरी लोगों का प्रवेश जारी इन सबके बावजूद बीती रात हॉस्टल नंबर 6 में दो आउटसाइडर छिपकर बैठे हुए थे, जिनको निकालने के लिए पुलिस को हॉस्टल में आना पड़ा। कैंपस में बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही के कारण कई अप्रिय घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पीयू प्रशासन की ओर से सुरक्षा के दावे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हास्टल में बिना किसी रोक-टोक के बाहरी लोग आते-जाते रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने के साथ विश्वस्तरीय कोच भी करने होंगे तैयार : मंत्री सारंग

भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का आयोजन भोपाल राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश कैनोइंग-कयाकिंग संघ द्वारा शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं देशभर से आए कोचों का सम्मान किया और उनसे संवाद भी किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के विकास के लिये किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप भारतीय खेल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आधुनिक खेल अवसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं तथा खिलाड़ियों और कोचों के लिए व्यापक सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण सत्र नहीं बल्कि भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने और भविष्य के चैंपियंस तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री श्री सारंग ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यदि भारत को विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने हैं, तो समान रूप से विश्वस्तरीय कोच तैयार करना अनिवार्य है। यह शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम इस दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। विश्वस्तरीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की सहभागिता रही, जिनमें अलेक्सांद्र निकोनोरोव, कतेरीना सालांडोवा, चाबा सान्टो, महमूदी ज़कारिया, ज्याँ मिशेल प्रोनों एवं एन्खजार्गल जिगिडसुरेन शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने अपनी तकनीकी दक्षता, अनुभव और आधुनिक कोचिंग पद्धतियों के माध्यम से भारतीय कोचों को उन्नत प्रशिक्षण तकनीकों एवं नवीन दृष्टिकोण से अवगत कराया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेलों में सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण, मानसिक सुदृढ़ता, तकनीकी समझ, संतुलित पोषण, प्रभावी रिकवरी तथा मजबूत सपोर्ट सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच, सपोर्ट स्टाफ और संपूर्ण खेल तंत्र का सामूहिक योगदान होता है।  

डिजिटल स्ट्राइक: ऑनलाइन बेटिंग के 300 प्लेटफॉर्म ब्लॉक, सरकार सख्त

नई दिल्ली ऑनलाइन जुआ और सट्टा खिलाने वाली वेबसाइट्स पर भारत सरकार ने एक बार फिर डिजिटल स्ट्राइक कर दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, और अपनी ताजा कार्रवाई में लगभग 300 वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है। सरकार ने उन प्लेटफॉर्म पर शिकंजा कसा है जो ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग, कसीनो-स्टाइल गेमिंग और पीयर-टू-पीयर सट्टेबाजी सिस्टम जैसी कई तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल थे। इससे पहले जनवरी में, केंद्र सरकार ने 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ खिलाने वाली वेबसाइट्स को ब्लॉक किया था। सरकार के एक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई कई तरह के गैर-कानूनी प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाकर की गई, जिनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग वेबसाइट्स, स्लॉट्स, रूलेट और लाइव डीलर टेबल्स जैसे गेम्स देने वाले वर्चुअल कसीनो, और पीयर-टू-पीयर मार्केटप्लेस के तौर पर काम करने वाले बेटिंग एक्सचेंज शामिल हैं। अधिकारियों ने सट्टा और मटका जुआ नेटवर्क्स के साथ-साथ असली पैसों वाले कार्ड और कसीनो गेमिंग एप्लीकेशन्स के खिलाफ भी कार्रवाई की। यह कार्रवाई, अवैध ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने और लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी तथा लत के जोखिमों से बचाने के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। अब तक 8,400 ऐसी वेबसाइट्स और ऐप हुए ब्लॉक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने अब तक लगभग 8,400 ऐसी वेबसाइट्स और एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया है। इनमें से एक बड़ा हिस्सा, लगभग 4,900 प्लेटफॉर्म्स को ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम लागू होने के बाद हटाया गया; इस अधिनियम ने डिजिटल गेमिंग और सट्टेबाजी की गतिविधियों को रेगुलेट करने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत किया। यह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिसके तहत अधिकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रखेंगे और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेंगे। सरकार ने यूजर्स से यह भी आग्रह किया है कि वे सतर्क रहें और किसी भी अनाधिकृत सट्टेबाजी या जुआ खिलाने वाली सर्विस से दूर रहें।  

पानी बचाने में सबकी भागीदारी जरूरी: मंत्री श्रीमती उईके का आह्वान

निगरी के मौहरी टोला स्थित तालाब के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्य का किया शुभारंभ भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत निगरी के मौहरी टोला स्थिति तालाब के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्य का विधिवत भूमि-पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज हम सब मौहरी टोला, ग्राम पंचायत निगरी, विकासखंड देवसर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य तालाब गहरीकरण एवं जल संरचना संवर्धन के लिए एकत्रित हुए हैं। यह केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि हमारे भविष्य को सुरक्षित करने का एक सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि निगरी क्षेत्र में कुल 5 जल संरचनाएं हैं, जिनमें से यह प्रमुख तालाब लगभग 2.50 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस तालाब का गहरीकरण हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है, जिससे हम वर्षा जल का अधिक से अधिक संचयन कर सकें और आने वाले समय में जल संकट से बच सकें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जल ही जीवन है। यदि आज हम जल का संरक्षण नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। तालाब के गहरीकरण से न केवल भू-जल स्तर बढ़ेगा, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, पशुओं के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और पूरे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन भी बेहतर होगा। उन्होने कहा कि मैं आप सभी से आग्रह करती हूँ कि इस कार्य को केवल शासन की योजना न समझें, बल्कि इसे अपनी जिम्मेदारी मानकर इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। जब जनभागीदारी जुड़ती है, तो हर अभियान सफल होता है। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खंत्री, सीईओ जिला पंचायत श्री जगदीश गोमे, जनपद अध्यक्ष देवसर श्री प्रणव पाठक सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने नई दिल्ली में किया प्रदर्शनी का अवलोकन

उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट बना प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भोपाल नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी सम्मेलन-2026 के दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ऊर्जा विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी, जबलपुर के कार्यपालक निदेशक (योजना एवं रूपांकन) श्री संदीप गायकवाड ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित अत्याधुनिक उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को बताया कि इस सूट को पहनकर लाइन स्टाफ 400 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में बिना विद्युत आपूर्ति बाधित किए ही खराबियों को दुरुस्त कर सकता है। यह तकनीक विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए लाइन स्टाफ को हॉटलाइन प्रशिक्षण के साथ-साथ ‘बेयर हैंड’ तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे उच्च वोल्टेज लाइनों पर सुरक्षित रूप से कार्य कर सकें। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को जानकारी दी गई कि जबलपुर स्थित संधारण कार्यालय में पदस्थ लाइनमेन श्री राजेंद्र कुमार कुशवाहा ने इस परिरक्षण सूट को पहनकर 400 केवी की चालू लाइनों में खराब डिस्क बदलने जैसे अत्यंत जटिल 60 से अधिक ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस तकनीक की उपयोगिता की सराहना करते हुए श्री कुशवाहा के उत्कृष्ट कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित भी किया।  

पुलिस कर्मियों की मानसिक मजबूती पर फोकस, भोपाल ऑफिसर्स मेस में योग एवं ध्यान सत्र आयोजित

विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कराया योग एवं ध्यान भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में पुलिस कर्मियों में मानसिक संतुलन, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोपाल स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में विशेष योग एवं ध्यान (मेडिटेशन) सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) द्वारा किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह दिवस मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं संतुलित जीवन की दिशा में प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्थान के साथ हुए एमओयू के बाद प्रदेश की पुलिस इकाइयों में ध्यान एवं योग गतिविधियों को व्यापक रूप से क्रियान्वित किया गया है। पुलिस की 24 घंटे की तनावपूर्ण ड्यूटी को देखते हुए यह पहल कर्मियों को मानसिक राहत देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड मेडिटेशन डे के अवसर पर प्रदेश के लगभग 2800 स्थानों पर 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की सक्रिय सहभागिता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। डीजीपी ने कहा कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आए हैं। पुलिस कर्मियों के ऊर्जा स्तर में वृद्धि, व्यवहार में सुधार, पारिवारिक संबंधों में मजबूती तथा तनाव में कमी देखी गई है। कई पुलिसकर्मियों द्वारा नकारात्मक आदतों, विशेष रूप से नशा छोड़ने की दिशा में, सराहनीय प्रयास किए गए हैं। अंत में उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित ध्यान एवं योग अपनाने का आह्वान किया तथा इस पहल के प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन कराने का सुझाव भी दिया। उन्होंने दाजी एवं संस्थान की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे पुलिस बल के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति अन्य ध्यान प्रणालियों से भिन्न है, जिसमें प्राण ऊर्जा के माध्यम से साधक की चेतना को उच्च स्तर तक विकसित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में व्यक्ति के मन पर अनुभवों, विचारों और भावनाओं के अनेक संस्कार जमा हो जाते हैं, जिससे मानसिक असंतुलन और तनाव उत्पन्न हो सकता है। हार्टफुलनेस में “क्लीनिंग” की प्रक्रिया के माध्यम से इन नकारात्मक प्रभावों को धीरे-धीरे दूर कर मन को हल्का और संतुलित बनाया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मनुष्य भी समाज और परिस्थितियों के कारण कई प्रकार की मानसिक पीड़ा का शिकार हो जाता है। ध्यान और आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति इन सीमाओं से मुक्त होकर अधिक स्वतंत्र और संतुलित सोच विकसित कर सकता है। श्री पटेल ने कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं बाहरी प्रभाव व्यक्ति के विचारों को प्रभावित करते हैं, इसलिए पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर जीवन को निष्पक्ष दृष्टि से देखना आवश्यक है। ध्यान का नियमित अभ्यास व्यक्ति के भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाता है तथा अनावश्यक मानसिक दबाव को कम करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य चेतना का विकास है और ध्यान इस दिशा में एक प्रभावी साधन है। नियमित ध्यान से एकाग्रता, आत्मनियंत्रण एवं निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है, जो पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। कार्यक्रम के दौरान Brighter Minds कार्यक्रम का भी विशेष उल्लेख किया गया, जो बच्चों के मस्तिष्क विकास, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को ऐसी विशेष तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनसे उनकी स्मरण शक्ति, ध्यान क्षमता तथा सीखने की गति में सकारात्मक सुधार होता है। इस पहल में अब तक लगभग 3000 बच्चों ने भाग लिया है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों, ध्यान अभ्यास एवं विशेष मानसिक अभ्यासों के माध्यम से अपने मस्तिष्क की क्षमता का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती रुचिवर्धन मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।  

कांग्रेस में टूट की आहट? BJP अध्यक्ष बोले—12 विधायक सतीश नांदल से जुड़े

चंडीगढ़. हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में उजागर हुई कांग्रेस की फूट का भाजपा फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने दावा किया कि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के संपर्क में 12 कांग्रेस विधायक थे। इनमें से सिर्फ पांच ने ही सतीश नांदल को वोट दिए। तीन कांग्रेस विधायकों के वोट रद हुए, जबकि एक कांग्रेस विधायक ने अपना वोट भाजपा के अधिकृत चुनाव एजेंट खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम को अपना वोट दिखा दिया था। इस तरह कांग्रेस के कुल चार वोट रद हुए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक कांग्रेस विधायक के वोट की पर्ची को विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने हाथ से पकड़ा था। राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी को यह वोट भी रद करनी चाहिए थी। अगर कांग्रेस का यह वोट रद हो जाता तो बिना किसी व्यवधान के सतीश नांदल की जीत तय थी और कांग्रेस बुरी तरह पराजित होती। मोहन लाल बड़ौली ने कहा है कि कांग्रेस का अपने विधायकों पर नियंत्रण नहीं है। क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों में से पहले सिर्फ चार के नाम उजागर किए गए, लेकिन एक विधायक का नाम छिपा लिया। बाद में जनता का दबाव बढ़ा तो पांचवें विधायक के नाम को सार्वजनिक किया गया। यह विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बड़ा थोड़े ही है, जिसका नाम छिपाने की कोशिश की गई थी। प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि सतीश नांदल ने भाजपा, इनेलो व कांग्रेस के विधायकों से समर्थन मांगा था। बता दें कि गन्नौर के निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान पहले ही कह चुके हैं कि सतीश नांदल का नामांकन कराने से पहले इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला को भरोसे में लिया गया था और उनकी पार्टी के दोनों विधायक सतीश नांदल को वोट देने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने भी सतीश नांदल को धोखा दे दिया। हालांकि डबवाली के इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने देवेंद्र कादियान के इस दावे को खारिज किया, लेकिन सतीश नांदल ने स्वयं आगे बढ़कर कहा कि उन्होंने अभय सिंह चौटाला व इनेलो विधायकों के साथ-साथ कांग्रेस विधायकों से भी वोट मांगे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में उद्योग जगत के साथ औद्योगिक निवेश पर करेंगे संवाद

राज्य के निवेश समर्थक दृष्टिकोण का होगा प्रस्तुतीकरण भोपाल मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में 'इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ निवेश पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इस सेशन में राज्य की नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक तत्परता और निवेश समर्थक दृष्टिकोण को देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जयपुर में होने वाले सेशन में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति, क्षेत्रवार प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता, अधोसंरचना विस्तार, लॉजिस्टिक नेटवर्क, कौशल विकास तंत्र और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का समग्र प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों की विस्तृत जानकारी देंगे। कार्यक्रम में प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भी अपने विचार रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योग जगत के साथ सीधे संवाद में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे और बताएंगे कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए स्थिर नीति वातावरण, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। वे निवेश को रोजगार सृजन, कौशल उन्नयन और औद्योगिक विस्तार से जोड़ने की राज्य की प्रतिबद्धता को सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मुख्य संबोधन राज्य की औद्योगिक दिशा और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को केंद्र में रखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चयनित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग में प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। जयपुर में आयोजित यह निवेश संवाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय उद्योग समुदाय से सीधे जोड़ने की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल साबित होगा।  

सोशल मीडिया का भ्रम! रील्स देखकर कपल ने सोचा सुप्रीम कोर्ट में कर सकते हैं शादी

नई दिल्ली यूपी-बिहार में अपने घरों से भागकर दिल्ली पहुंचे एक प्रेमी जोड़े (कपल) को सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित राहत देने से इनकार करते हुए हाई कोर्ट जाने के लिए कहा। दरअसल, कपल ऑनर किलिंग के डर से अपने घर से भागकर दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। दोनों ने सोशल मीडिया पर रील्स देखी थी कि ऐसे कपल सुप्रीम कोर्ट में शादी कर सकते हैं और फिर उन्हें सीजेआई के घर भी ले जाया जाता है। कोर्ट की पार्किंग में एक वकील को यह कपल दिखाई दिया, जिसके बाद पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। लाइव लॉ के अनुसार, वकील हरविंदर चौधरी कपल की सुनवाई के लिए सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की पार्किंग में कपल मिला। लड़की बिहार से है, जबकि लड़का यूपी से ताल्लुक रखता है। दोनों को अपने परिजनों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि लड़की को ज्यादा धमकी मिल रही है और कहा जा रहा है कि उसे मारकर पेड़ से लटका दिया जाएगा। वकील ने कहा कि जब यह कपल अपनी सुरक्षा के लिए तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचा तो वहां उसकी मदद करने के बजाए, उसे हिरासत में लेने की कोशिश हुई। वकील ने कहा, ''मैं उन्हें दो अन्य लॉयर्स के साथ पुलिस स्टेशन पहुंची। वहां पर मुझे हैरानी हुई। मैं कहना नहीं चाहती, क्योंकि यह व्यवस्था के प्रति काफी हल्का और गैर जिम्मेदाराना होगा, लेकिन पुलिस ने हमें हिरासत में लेने की कोशिश की। इस पर मैंने उनसे खुद को हिरासत में लेने के लिए कहा, क्योंकि मैं एक कम उम्र की लड़की को पुलिस थाने में अकेला नहीं छोड़ सकती।'' इसके बाद सीजेआई ने पूछा कि आखिर यह कपल दिल्ली आया ही क्यों, इस पर वकील ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर रील्स देखी थीं। उन्हें लगा कि सुप्रीम कोर्ट में शादी होती है और सीजेआई के घर जाया जाता है। मुझे यह स्ट्रेंज एटिट्यूड लगा, क्योंकि सोशल मीडिया की वजह से। इस पर सीजेआई ने कपल को आर्टिकल 226 के तहत हाई कोर्ट जाने के लिए कहा।

श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत: डोंगरगढ़ नवरात्रि स्पेशल ट्रेन का ऐलान, 63 स्टॉपेज के साथ सेवा शुरू

बिलासपुर चैत्र नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में लगने वाले नवरात्रि मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) कोरबा के बीच मेमू स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 23 से 28 मार्च तक चलेगी और इस दौरान 63 स्टेशनों पर रुकेगी। पूरी दूरी तय करने में ट्रेन को करीब 14 घंटे 30 मिनट लगेंगे। रेलवे के अनुसार ट्रेन नंबर 06883 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–कोरबा मेमू स्पेशल सुबह 5 बजे इतवारी से रवाना होगी और मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुए शाम 7.30 बजे कोरबा पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन नंबर 06884 कोरबा–नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) मेमू स्पेशल कोरबा से सुबह 5.10 बजे रवाना होकर निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए शाम 7.30 बजे इतवारी पहुंचेगी। सुबह 9.06 बजे पहुंचेगी डोंगरगढ़ इतवारी से चलकर ट्रेन सुबह 9.06 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 9.11 बजे आगे के लिए रवाना होगी। वापसी में कोरबा से आने वाली ट्रेन दोपहर 1.41 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 5 मिनट ठहराव के बाद इतवारी के लिए रवाना होगी। इन प्रमुख स्टेशनों में होगा ठहराव कलमना, कामठी, कन्हान, भंडारा रोड, तुमसर रोड, तिरोड़ा, गोंदिया, आमगांव, सालेकसा, दरेकसा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, रायपुर, उरकुरा, तिल्दा नेवरा, भाटापारा, बिल्हा, चकरभाठा, बिलासपुर, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, उरगा सहित कुल 63 स्टेशनों में ट्रेन का ठहराव रहेगा।