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Bihar Board 12th Result अपडेट: जल्द आएंगे नतीजे, टॉपर को मिलेगा 2 लाख का इनाम

पटना. बीसीईबी की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जल्द ही जारी किया जाएगा। परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे (Live BSEB Bihar Board 12th Result 2026 Updates) के लिए समय-समय पर वेबसाइट विजिट करते रहें। रिजल्ट के साथ टॉपर्स के नाम की घोषणा बिहार बोर्ड कक्षा बारहवीं परीक्षा के रिजल्ट के साथ-साथ स्ट्रीम वाइज टॉपर्स के नाम की घोषणा भी की जाएगी। रिजल्ट जारी होने के बाद रिजल्ट जारी होने के बाद सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल से मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावेज जरूर प्राप्त कर लें। कितनी मिलेगी प्राइज मनी बिहार बोर्ड की परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 02 लाख रुपये, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 1.5 लाख रुपये और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। कहां जारी होगा रिजल्ट कक्षा 12वीं का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी किया जाएगा। रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। मेधा दिवस पर सम्मानित किया जाएगा टॉपर्स को मेधा दिवस हर साल 03 दिसंबर को मनाया जाता है। ऐसे में मेधा दिवस के अवसर पर बिहार बोर्ड की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन राशि और अन्य शैक्षणिक संसाधन प्रदान किए जाएंगे। ऐसे डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाकर विजिट करना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट एक्टिवेट लिंक पर क्लिक करना होगा। लिंक पर क्लिक करने के बाद रोल नंबर और जन्मतिथि को दर्ज करना होगा। लॉगिन डिटेल को भरने के बाद रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी अवश्य निकाल लें। कहां जारी होगा रिजल्ट बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी करेगा। पिछले साल के टॉपर्स के नाम बिहार बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा में पिछले साल साइंस स्ट्रीम से प्रिया जायसवाल, कॉमर्स स्ट्रीम से रोशनी कुमारी और आर्ट्स स्ट्रीम से अंकिता कुमारी और शाकिब शाह ने राज्य में टॉप किया था। परीक्षा में असफल होने के बाद बिहार बोर्ड की ओर से रिजल्ट जारी होने के बाद जो उम्मीदवार परीक्षा में एक या दो विषय में असफल घोषित किए जाएंगे। वे रिजल्ट जारी होने के बाद कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। कंपार्टमेंट में शामिल होकर छात्र अपने प्रदर्शन को सुधार सकते हैं। पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए? बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है। कब हुई थी परीक्षा? बिहार बोर्ड की ओर से कक्षा 12वीं की परीक्षा 02 फरवरी से लेकर 13 फरवरी तक आयोजित कराई गई थी। जल्द घोषित होगा बिहार बोर्ड रिजल्ट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से हाई स्कूल एवं इंटरमीडित का रिजल्ट जल्द ही घोषित किया जाने वाला है। ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाकर विजिट करना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट एक्टिवेट लिंक पर क्लिक करना होगा। लिंक पर क्लिक करने के बाद रोल नंबर और जन्मतिथि को दर्ज करना होगा। लॉगिन डिटेल को भरने के बाद रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी अवश्य निकाल लें। रिजल्ट आने के बाद रिजल्ट जारी होने के बाद सभी छात्रों को स्कूल से मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावजों को स्कूल से प्राप्त करने होगा।  इन वेबसाइट से भी कर सकेंगे रिजल्ट डाउनलोड बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए छात्र इन वेबसाइट biharboardonline.com, biharboardonline.bihar.gov.in, results.biharboardonline.com के माध्यम से भी रिजल्ट डाउनलोड सकेंगे।  रोल नंबर रखें तैयार बिहार बोर्ड की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट कभी भी जारी किया जा सकता है। इसलिए सभी उम्मीदवार रिजल्ट आने से पहले अपने रोल नंबर को अवश्य संभालकर रखें। पासिंग मार्क्स बिहार बोर्ड कक्षा दसवीं की परीक्षा में पास होने के लिए सभी छात्रों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना होगा।  यहां से भी देख सकेंगे रिजल्ट बिहार बोर्ड का रिजल्ट छात्र ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in के अलावा, results.biharboardonline.com और www.digilocker.gov.in पर भी देख सकेंगे। पिछले साल इस दिन जारी हुआ था रिजल्ट बिहार बोर्ड की ओर से पिछले साल कक्षा 12वीं परीक्षा का रिजल्ट 25 मार्च, 2026 को जारी किया गया था। कब जारी होगा रिजल्ट बिहार बोर्ड परीक्षा समिति की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट मार्च माह के इसी सप्ताह या अगले सप्ताह जारी कर दिया जाएगा। बिहार बोर्ड कक्षा बारहवीं टॉपर्स के नाम की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये की जाएगी। इसके साथ ही रिजल्ट जारी होने के साथ-साथ टॉपर्स लिस्ट भी जारी की जाएगी। रिजल्ट चेक करने का प्रोसेस सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर 'Bihar BSBE Board 12th Result 2026' लिंक पर क्लिक करना होगा। लिंक पर क्लिक करने के बाद जन्मतिथि और रोल नंबर को दर्ज करना होगा। लॉगिन डिटेल को दर्ज करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। इतने लाख छात्र हुए थे शामिल कक्षा बारहवीं की परीक्षा में लगभग 28 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्रों का रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है, जाकि अब कभी भी जारी किया जा सकता है।

शनि की साढ़ेसाती से परेशान? ये पौधा बदल सकता है आपकी किस्मत

आज हम बात कर रहे हैं शमी के पौधे की, जिसका संबंध शनि देव के साथ-साथ भगवान शिव से भी माना गया है। वास्तु शास्त्र में भी इस पौधे को घर में लगाना काफी शुभ माना गया है। अगर आप घर में शमी का पौधा लगाना चाहते हैं, तो कुछ वास्तु नियमों का ध्यान जरूर रखें। चलिए जानते हैं इस बारे में। किस दिशा में लगाएं शमी का पौधा वास्तु के अनुसार, शमी के पौधे को हमेशा घर के बाहर, जैसे कि बालकनी, छत या गार्डन में लगाना चाहिए। इसे कभी भी घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए। आप इसे घर की दक्षिण दिशा में लगा सकते हैं, जो शुभ माना गया है। साथ ही वास्तु शास्त्र में शमी का पौधा लगाने के लिए घर की पूर्व दिशा या फिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को भी उत्तम माना गया है। मिलते हैं ये अद्भुत लाभ     अगर आप घर में शमी का पौधा लगाते हैं और नियमित रूप से इसकी पूजा-अर्चना करते हैं, तो इससे आपको शनिदेव की कृपा मिलती है।     शमी के पत्तों को शिवलिंग पर भी अर्पित करने से महादेव का आशीर्वाद मिलता है।     कुंडली में मिलने वाले अशुभ ग्रहों के प्रभाव से भी राहत मिलती है।     हर शनिवार शमी के पेड़ की पूजा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे शनिदशा का प्रभाव कम होता है।     किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, तो उसे घर में शमी का पौधा जरूर लगाना चाहिए।     शमी का पौधा घर में लगाने से विवाह में आ रही बाधा से भी मुक्ति मिल सकती है। इन बातों का रखें ध्यान शमी का पौधा लगाने के लिए शनिवार के दिन को सबसे उत्तम माना गया है, क्योंकि यह दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। इस बात का भी खास तौर से ध्यान रखें कि शमी के पौधे पर सीधी धूप नहीं पड़नी चाहिए। अगर आप इसे मुख्य द्वार के पास लगा रहे हैं तो इसे इस प्रकार लगाएं कि बाहर से देखने पर यह मुख्य द्वार के दाईं ओर हो। शमी के पौधे को बहुत अधिक पानी की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसे इतना ही पानी दें कि मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन पानी जमा न हो। आप नियमित रूप से भी शमी के पौधे को जल अर्पित कर सकते हैं।

एयरपोर्ट पर अब मिलेगा लाइब्रेरी का मजा, यात्रियों को मुफ्त किताबें ले जाने की सुविधा

जालंधर. आदमपुर के श्री गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए लाइब्रेरी शुरू होने जा रही है। इस लाइब्रेरी से यात्रियों को मुफ्त किताबें मिलेंगी। यात्री इन किताबों को वहां पढ़ने के अलावा साथ ले जा सकेंगे। सामाजिक संगठनों के सहयोग से लाइब्रेरी के लिए किताबें जुटाई जा रही हैं। करीब पांच हजार किताबें इस लाइब्रेरी में रखने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने संस्थाओं को लाइब्रेरी के लिए किताबें देने को कहा है। रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव सुरजीत लाल की ओर से एयरपोर्ट अथॉरिटी को 200 किताबें दी गईं। एयरपोर्ट का नाम बदलने के बाद यहां पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। आदमपुर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस और स्टार लाइन की दो फ्लाइट अप और डाउन के लिए है, जिसमें रोजाना करीबन साढ़े पांच सौ यात्री यहां से मुंबई और हिंडन के लिए आते और जाते हैं। एयरपोर्ट पर हाल ही में अधिक यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पहले यहां करीब 100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था थी। अब करीब 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था कर दी गई है। फ्लाइट्स का इंतजार करते हुए यात्री किताबें पढ़ कर समय व्यतीत करें, इसके लिए लाइब्रेरी शुरू की जा रही है। आदमपुर की फ्लाइट्स फिलहाल समय पर चल रही हैं, लेकिन ठंड के मौसम में धुंध पड़ने पर जब यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, उस समय लाइब्रेरी समय व्यतीत करने का अच्छा माध्यम बनेगी। श्री गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट के निदेशक पुष्पिंदर निराला ने कहा कि लाइब्रेरी के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी भी अपनी ओर से किताबें देगी। 24 मार्च से लाइब्रेरी शुरू हो जाएगी। अब लाइब्रेरी बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि जिनकी दिलचस्पी होगी, वो लाइब्रेरी से किताबें साथ लेकर भी जा सकते हैं, जिसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। निराला ने सामाजिक संस्थाओं से किताबें देने की अपील की।

बारिश का कहर: बिलासपुर डैम का गेट टूटा, हाईवे बना नदी, फसलें डूबीं

रायगढ़. रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर क्षेत्र में स्थित बिलासपुर जलाशय का पुराना और जर्जर गेट अचानक टूट गया, जिससे बांध का पानी uncontrolled तरीके से बाहर निकलने लगा। इस घटना के कारण पास से गुजरने वाले रायगढ़-खरसिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-49) पर पानी की भारी भरमार हो गई और सड़क पर लगभग घुटनों तक पानी भर गया। इसके चलते हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, और सड़क का दृश्य किसी तेज बहते दरिया जैसा प्रतीत हो रहा है। जलाशय के गेट टूटने से पानी का तेज बहाव आसपास के खेतों में भी फैल गया है, जिससे किसानों की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर भूपदेवपुर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत पहुंच गई है और जलाशय के गेट से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए काम कर रही है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और पानी के तेज बहाव के पास न जाने की चेतावनी दी है। बिलासपुर जलाशय का महत्व बिलासपुर जलाशय रायगढ़ जिले में कृषि और पेयजल की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण संरचना है। यह क्षेत्रीय किसानों और आसपास के गांवों को सिंचाई सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, यह जलाशय काफी पुराना है और कई हिस्सों में संरचनात्मक कमजोरी देखी जा चुकी है। पुराने गेट और जर्जर स्थिति स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग पहले भी जलाशय के गेट की मरम्मत और सुरक्षा उपायों की सिफारिश कर चुके हैं, लेकिन जर्जर स्थिति और पर्याप्त रखरखाव के अभाव के कारण यह घटना हुई। पुराने बांधों में नियमित निगरानी और रखरखाव की कमी अक्सर ऐसी आपात स्थितियों का कारण बनती है। पहले के उदाहरण छत्तीसगढ़ में पिछले वर्षों में कई जलाशयों और बांधों के जर्जर गेट टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कभी-कभी बड़े पैमाने पर सड़क अवरुद्ध होना, फसलों का नुकसान, और स्थानीय निवासियों के घरों में पानी का प्रवेश शामिल रहा है। 2018 में सरगुजा जिले के जलाशय में गेट टूटने से कई गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हुआ। 2021 में कोण्डागांव जिले के एक पुराने बांध में रिसाव की वजह से आसपास के खेत और सड़क प्रभावित हुए। भूपदेवपुर घटना की गंभीरता इस घटना की गंभीरता इस बात से स्पष्ट है कि NH-49 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। साथ ही, तेज बहाव से आसपास के खेतों और कृषि उत्पादन को नुकसान होने का खतरा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए हैं। सावधानियाँ और उपाय स्थानीय प्रशासन ने सड़क किनारे और पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से लोगों को दूर रहने की चेतावनी जारी की है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम लगातार जलाशय के गेट और आसपास के क्षेत्र की निगरानी कर रही है। किसानों को चेतावनी दी गई है कि वह अपने खेतों और घरों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएँ। यह घटना रायगढ़ जिले में जलाशयों की पुरानी संरचनाओं के रखरखाव और समय पर मरम्मत की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते संरचनात्मक जांच और सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ता रहेगा।

मथुरा में ईद पर हिंसा, गौ-सेवक की मौत से भड़का गुस्सा, दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, पुलिस ने चलाईं रबड़ गोलियां

 मथुरा  उत्तर प्रदेश के मथुरा में कथित गौ रक्षक 'फरसा वाले बाबा’ नाम से मशहूर चंद्रशेखर की गाड़ी से कुचलकर मौत हो गई। जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। जानकारी के मुताबिक फरसा वाले बाबा गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे। इस दौरान कोहरे के कारण पीछे से आ रहे वाहन ने उन्हें कुचल दिया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंची और लोगों को समाझाने की कोशिश की। लेकिन जब देखते ही देखते हालात बिगड गए और प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं।। कान्हा की नगरी ब्रज में ईद वाले दिन बवाल मच गया. आरोप है कि मथुरा के थाना कोसीकलां के अंतर्गत कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर में बीती रात विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी. जबकि एसएसपी ने कोहरे को टक्कर की वजह बताई है. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस दौरान गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया. जाम के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं और यातायात कई घंटे प्रभावित रहा । जानकारी के मुताबिक घटना कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर इलाके की है। फरसे वाले बाबा को क्षेत्र में गौ-तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी। इसके बाद वह अपनी टीम के साथ आरोपियों का पीछा कर रहे थे। नवीपुर के पास पीछे से आ रही गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारते हुए कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कौन हैं फरसा वाले बाबा? मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का नाम चंद्रशेखर था, जो ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे. वे हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे. गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे और वे प्रखर गौरक्षक व संत के रूप में जाने जाते थे. मथुरा के अंजनोक में वे प्रवास करते थे. वे निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी।  हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव वहीं जैसे-जैसे भीड़ जुटती गई, आक्रोश बढ़ता गया. इस दौरान आगरा दिल्ली हाईवे पर आक्रोशित भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया. अचानक हुआ पथराव से भगदड़ मच गई. हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव से लोग सहम गए. पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन भीड़ के आगे पुलिसकर्मियों के कदम भी पीछे हट गए।  हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा बाबा का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित बाबा की गोशाला पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा हैं. बाबा ‘फरसा वाले’ अपने निडर स्वभाव और गौ-वंश की रक्षा के लिए ब्रज क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे. उनकी हत्या की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों में भारी रोष व्याप्त है।  एक आरोपी पकड़ा गया, तीन फरार स्थानीय लोगों ने मौके से एक मुस्लिम युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन आरोपी वारदात के बाद फरार होने में सफल रहे. पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी है।  गौ रक्षक की हत्या के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय और बिगड़ गए, जब कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां चलानी पड़ीं। बताया जा रहा है कि डीआईजी द्वारा समझाने के प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। जाम के कारण हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें विदेशी नागरिक भी फंसे रहे। कई वाहन चालक गलत दिशा से निकलने की कोशिश करते नजर आए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।इस दौरान उग्र भीड़ ने एडीएम प्रशासन की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा में सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा सभी क्षेत्रों में सिंधी समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में होगी सिंधी समाज की पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी चेटीचंड पर्व की मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर आगे बढ़ रही है। हर समुदाय की परंपराओं और संस्कृति को सम्मान देना और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। चाहे व्यापार हो, शिक्षा हो या समाज सेवा, सिंधी समाज ने अपने परिश्रम समर्पण और सकारात्मक सोच से समाज को नई दिशा देते हुए प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में सिंधी समाज की विशेष पंचायत आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी समाज के नववर्ष के रूप में मनाये जाने वाले भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज बंधुओं को पर्व की मंगलकामनाएं दीं। विधायक भगवान दास सबनानी तथा सिंधी सेंट्रल पंचायत के प्रतिनिधि कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प वर्षा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भजन और सांगीतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चेटीचंड नव वर्ष के आरंभ का प्रतीक होने के साथ आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतिबिंब है। यह पर्व हमें भगवान झूलेलाल की शिक्षाओं के अनुरूप सद्भाव, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज ने संघर्ष और कठिनतम परिस्थितियों में स्वयं को पुनः स्थापित करने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। लगभग 1200 वर्ष पहले राजा दाहिर द्वारा विधर्मियों से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया योगदान इतिहास में दर्ज है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश विभाजन की कठिनाइयों का भी सिंधी समाज ने दृढ़ता और साहस के साथ सामना किया तथा संघर्ष कर पुन: स्वयं को स्थापित कर अपनी पहचान बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद हेमू कालानी का स्मरण किया और भारतीय राजनीति में लालकृष्ण आडवानी के योगदान की सराहना की। विधायक भगवान दास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव आम आदमी की समस्याओं की प्रति संवेदनशील हैं। उनके नेतृत्व में व्यापार, उद्योग, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और प्रदेशवासियों को इसका लाभ भी मिल रहा है। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय सहित समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।  

मिशन शक्ति 5.0 के तहत 21 मार्च को महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर प्रदेशभर में जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति 5.0 के दूसरे चरण के तहत प्रदेशभर में जन-जागरूकता कार्यक्रम, 21 मार्च को महिलाओं-बच्चों के अधिकारों पर फोकस यूपी में गांव से लेकर जनपद स्तर तक मोबाइल वैन, कैंप और स्टॉल के जरिए पहुंचेगा अभियान वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और विभिन्न योजनाओं की दी जाएगी जानकारी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित ‘मिशन शक्ति 5.0’ के दूसरे चरण के तहत प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नवरात्र के अवसर पर महिला कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष अभियान में 21 मार्च को सार्वजनिक स्थलों पर मोबाइल वैन, कैंप और स्टॉल लगाकर महिलाओं एवं बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम ग्राम, ब्लॉक और जनपद स्तर तक एक साथ संचालित होगा, जिससे अधिकतम लोगों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। महिला कल्याण विभाग द्वारा 20 अप्रैल तक प्रतिदिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत जनपद, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मोबाइल वैन और सूचना स्टॉल के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा। इसमें घरेलू हिंसा, सुरक्षा अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन और विभागीय इकाइयां मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि अभियान की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों तक भी हो, ताकि कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर योजना के प्रचार-प्रसार के लिए हैशटैग #Women&ChildrenFirst #MissionShakti प्रयोग किया जाएगा।  योजनाओं और हेल्पलाइन की दी जाएगी जानकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता दिलाने के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे संकट की स्थिति में वे तुरंत मदद प्राप्त कर सकें। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा तथा स्थानीय चैनलों, रेडियो कार्यक्रमों, तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।  कानूनी अधिकारों पर विशेष जोर अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निवारण कानून, दहेज निषेध अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यक्रमों की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और प्रत्येक प्रकरण का प्रभावी फॉलोअप किया जाए। समस्त जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रतिदिन की रिपोर्ट जनपद स्तर पर संकलित कर पूर्व विकसित "शक्ति वार रूम" के माध्यम से महिला कल्याण निदेशालय को निर्धारित रिपोर्टिंग प्रारूप/स्प्रेडशीट (पूर्व से प्रेषित) पर प्रतिदिन सायं 8 बजे तक अपडेट की जाएगी। यह अभियान प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

DGCA के फैसले के खिलाफ इंडिगो और एअर इंडिया का विरोध, महंगे टिकटों की चेतावनी

 नई दिल्ली आपने कभी फ्लाइट बुक की होगी तो देखा होगा कि टिकट का दाम अलग होता है और सीट चुनने का चार्ज अलग. विंडो सीट चाहिए? पैसे दो. आगे की सीट चाहिए? और पैसे दो. परिवार के साथ बैठना है? उसके लिए भी पैसे. यह एक तरह से एयरलाइंस की अलग कमाई है। अब सरकार ने कहा, "नहीं. हर फ्लाइट की 60 फीसदी सीटें यात्रियों को फ्री में दो. सीट चुनने के पैसे मत लो." और इस पर एयरलाइंस भड़क गई हैं।  किसने क्या कहा? सरकार का यह फैसला MoCA यानी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लिया. और 18 मार्च 2026 को इसका ऐलान कर दिया. इसके खिलाफ FIA यानी भारतीय एयरलाइंस महासंघ ने MoCA के सचिव समीर सिन्हा को चिट्ठी लिखी है. FIA में कौन-कौन है? इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट. यानी देश की तीन सबसे बड़ी एयरलाइंस।  एयरलाइंस का तर्क क्या है? एयरलाइंस का कहना है कि यह फैसला उल्टा पड़ेगा. उनका कहना है कि पैसा तो यात्री ही देगा. एयरलाइंस ने साफ कहा, "अगर हम सीट का चार्ज नहीं लेंगे, तो वो पैसा कहीं से तो आएगा. और वो आएगा टिकट के दाम बढ़ाकर।  इसपर सोचने वाली बात है कि अभी आप 4,000 में टिकट लेते हैं और 300 में मनपसंद सीट. कुल 4,300. कल को हो सकता है टिकट ही 4,500 का हो जाए और सीट भले फ्री हो. आपका फायदा क्या हुआ? FIA का कहना है कि जो लोग सस्ती फ्लाइट लेते हैं. बजट ट्रैवलर, परिवार, बार-बार उड़ने वाले लोग उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान होगा. क्योंकि टिकट महंगे होंगे और उनकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।  एयरलाइंस की अपनी पहचान खत्म होगी अभी हर एयरलाइन अपने तरीके से सेवा देती है. कोई सस्ती सीट देता है, कोई ज्यादा लेगरूम देता है, कोई बेहतर खाना देता है. इससे यात्री अपनी पसंद की एयरलाइन चुन सकते हैं. अगर सब एक जैसे नियमों में बंध जाएंगे तो यह अलगप्पन खत्म हो जाएगा।  एयरलाइंस ने एक और बड़ा सवाल उठाया FIA ने यह भी कहा कि DGCA यानी जो सरकारी संस्था हवाई यातायात देखती है उसे कानूनी तौर पर यह अधिकार ही नहीं है कि वो सीट चार्ज जैसी अलग सेवाओं के दाम तय करे।  पहले की अदालती फैसलों का हवाला देते हुए कहा, "यह आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता." यानी एयरलाइंस सिर्फ विरोध नहीं कर रहीं वो यह भी कह रही हैं कि यह आदेश कानूनी रूप से सही नहीं है।  सबसे बड़ी शिकायत – बिना पूछे फैसला एयरलाइंस की सबसे बड़ी नाराजगी यह है कि यह आदेश बिना किसी से पूछे आ गया. FIA ने चिट्ठी में लिखा, "18 मार्च को प्रेस रिलीज से पहले हमें कुछ नहीं बताया गया. न कोई बैठक हुई, न कोई सलाह ली गई." यानी एक दिन अखबार में खबर आई और एयरलाइंस को पता चला कि सरकार ने नया नियम बना दिया।  एयरलाइंस की मांग क्या है? FIA ने सरकार से साफ कहा है कि यह आदेश वापस लीजिए. और यह भी चेताया कि अगर यह चलता रहा तो भविष्य में सरकार किसी भी सेवा के दाम में दखल दे सकती है. इससे एयरलाइंस को अपना कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। 

‘नियमों के तहत हुए चुनाव’: रिटर्निंग अधिकारी का जवाब, कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

चंड़ीगढ़. हरियाणा के राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी सीनियर आईएएस पंकज अग्रवाल की भूमिका पर कांग्रेस भले ही सवाल उठा रही है, लेकिन उनका दावा है कि चुनाव में मतदान प्रक्रिया आरंभ होने से लेकर जीत के प्रमाण पत्र बांटने तक उन्होंने नियम और कानून के हिसाब से कार्य किया। उन्होंने चुनाव में अनियमितता, धांधली और किसी पार्टी विशेष के प्रति कथित झुकाव से साफ इनकार किया। उनका कहना है कि हर चुनाव में राजनीतिक प्रोपगेंडा होते ही रहते हैं। वह इनमें नहीं पड़ना चाहते। उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि केंद्रीय चुनाव आयोग भी रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका के रूप में उनकी कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट है। रिटर्निंग अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सवालों के जवाब दिए। सवाल: राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस आपकी भूमिका पर लगातार सवाल उठा रही है। विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा आपके विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलने भी गए? जवाब: कांग्रेस क्यों ऐसे सवाल उठा रही है, इस बारे में तो मैं क्या ही कहूं, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैंने रिटर्निंग अधिकारी के रूप में नियम और कानून के दायरे में रहकर काम किया। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मतदान केंद्र में मतगणना तक मौजूद थे। फिर हमारी भूमिका कहां से गलत हो गईं। सवाल: राज्यसभा के चुनाव में एक-एक वोट की कीमत है। कितनी वोट क्रॉस हुई, कितनी रद हुई और रद होने के क्या कारण रहे? जवाब: चुनाव में कुल पांच वोट रद हुए हैं। चार वोट किसके हैं और एक वोट किसका है, यह मैं अधिकृत रूप से नहीं कह सकता। मुझे इतना पता है कि कुल पांच वोट रद हुए हैं। अधिकतर वोटों के रद होने का कारण मतपत्र पर निशान बना है। कुछ सीक्रेसी लीक भी कारण बना। कितनी वोट क्रॉस हुई है, यह देखना, बताना अथवा इस पर निगाह रखना मेरे अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। यह विशुद्ध रूप से राजनीतिक इश्यू है। चुनाव के एजेंटों को पता होगा कि किस पार्टी के किस विधायक की वोट क्यों क्रास हुई। सवाल: कुछ विधायक आरोप लगा रहे हैं कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया काफी देर तक बाधित रही और इसी दौरान गड़बड़ी की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया ? जवाब: मैंने अभी कहा कि मतदान केंद्र में सभी दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस सूचना में कोई दम नहीं कि मतदान प्रक्रिया बाधित रही। पौने तीन बजे के आसपास तक सभी वोट पड़ चुके थे। सिर्फ दो वोट पड़ने बाकी थे। हमने चार बजे तक उनके आने की प्रतीक्षा की। समय पूरा होने के बाद प्रतीक्षा बंद कर मतगणना की प्रक्रिया चालू की गई। जिन मतों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई थी, उनका निस्तारण किया गया। इसकी भी एक प्रक्रिया होती है। उसे पूरी तरह से अपनाया गया। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा समस्त आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद उनकी अनुमति से मतगणना आरंभ कर जीत के प्रमाण पत्र बांटे गए। सवाल: हरियाणा सरकार ने राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होते ही आपका तबादला कर दिया। आपको अधिक महत्व के विभाग सौंपे गए। विपक्ष इसे आपको सरकार द्वारा पावरफुल करने के रूप में प्रचारित कर रहा है? जवाब: मैं कोई राजनीतिक आदमी हूं, जो अधिक पावरफुल या कम पावरफुल होगा। मैं प्रशासनिक अधिकारी हूं। आइएएस अधिकारी के रूप में किसी भी पद पर सेवाएं लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है। सरकार द्वारा सौंपी जाने वाली जिम्मेदारी को पूरा करना हमारा दायित्व है। पहले मेरे पास कृषि और खनन एवं भूगर्भ विभागों का दायित्व था। अब सरकार ने सिंचाई एवं जल संसाधन, सरस्वती हैरिटेज बोर्ड और खनन व भूगर्भ विभाग का काम सौंपा है। इसमें नई बात क्या है। यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में यह रहे नतीजे एक सीट पर भाजपा के संजय भाटिया जीते। कर्मवीर बौद्ध जीते। कर्मवीर बौद्ध की जीत भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल से मात्र 0.44 मतों के अंतर से हुई। कांग्रेस के पांच विधायकों ने सतीश नांदल के समर्थन में वोटिंग की, जिन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है कांग्रेस के चार और भाजपा के एक विधायक की वोट रद हुई है। राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के दो और निर्दलीय तीन विधायक हैं इनेलो के दो विधायकों अर्जुन चौटाला व आदित्य देवीलाल ने स्वयं को इस चुनाव से अलग रखा।

ड्रग्स नेटवर्क पर करारा प्रहार: 95 हजार से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार, 806 ड्रोन भी जब्त

चंडीगढ़. पंजाब में नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में सरकार ने बड़े आंकड़े पेश करते हुए दावा किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार के मुताबिक सख्त पुलिसिंग और लगातार ऑपरेशन के चलते न केवल अपराध पर लगाम लगी है, बल्कि इसका असर उद्योग निवेश पर भी साफ दिख रहा है। सरकार के अनुसार 16 मार्च 2022 से अब तक 95,881 ड्रग तस्कर और सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत 70,228 एफआईआर दर्ज हुई हैं। नशे के नेटवर्क पर आर्थिक चोट करते हुए 556 तस्करों की 772 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के गठन के बाद 3,658 गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए और 1,105 गैंग मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया। इस दौरान 2,267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए, जो अपराध में इस्तेमाल हो रहे थे। पंजाब की सुरक्षा देश से जुड़ी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ किया कि पंजाब की सुरक्षा केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ी है। पाकिस्तान से लगती 532 किलोमीटर लंबी सीमा के चलते पंजाब पुलिस को बीएसएफ के साथ फ्रंटलाइन पर काम करना पड़ता है। ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं और 1,472 ड्रोन मूवमेंट ट्रैक की गई हैं। पुलिस के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया है। “बॉटम टू टॉप” मॉडल के तहत सबसे पहले थानों को मजबूत किया गया। अब तक 2,904 वाहन खरीदे गए हैं, जिन पर 327.70 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इनमें 2,258 चार पहिया और 646 दो पहिया वाहन शामिल हैं, जबकि 508 नई गाड़ियां पीसीआर टीमों को दी जानी हैं। भर्ती प्रक्रिया में लाई गई तेजी भर्ती प्रक्रिया को तेज करते हुए 450 हेड कांस्टेबल, 10,285 कांस्टेबल और 400 सिविलियन सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 2025 के लिए 1,746 और 2026 के लिए 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।  सरकार का कहना है कि मजबूत लॉ एंड ऑर्डर का ही नतीजा है कि पंजाब में स्टील, टेक्सटाइल समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है और राज्य एक सुरक्षित औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।