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‘तुम्बाड 2’ की शूटिंग की तैयारी तेज, मुंबई में बन रहा विशाल सेट

मुंबई,  फिल्म 'तुम्बाड 2' के लिए मुंबई में विशाल सेट बनाया जा रहा है।'तुम्बाड' के साथ सोहम शाह ने सिनेमा की दुनिया में एक मास्टरपीस बनाया है। जहाँ इस फिल्म ने एक 'कल्ट क्लासिक' पहचान बनाई और इसे हिंदी की सबसे बेहतरीन हॉरर फिल्मों में गिना जाता है, वहीं 2024 में इसके दोबारा रिलीज होने पर इसने इतिहास रच दिया और यह दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली री-रिलीज फिल्म बन गई। तभी से दर्शक 'तुम्बाड 2' का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, और सोहम शाह के इसके अनाउंसमेंट ने लोगों की एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया है। अब, 'तुम्बाड 2' के प्रोडक्शन से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है कि इस बार मेकर्स इसे और भी बड़े और भव्य लेवल पर ले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फिल्म के पहले शेड्यूल के लिए मुंबई में एक विशाल और पूरी की पूरी 'सिटी' (शहर) का सेट तैयार किया जा रहा है। "फिल्म के लिए मुंबई में 7-8 एकड़ का एक विशाल सेट तैयार किया जा रहा है। यह एक पूरी की पूरी सिटी (शहर) होगी, जिसे फिल्म के पहले शेड्यूल के लिए बनाया जा रहा है। फिल्म की कहानी या इसके ट्रीटमेंट के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है, सिवाय इसके कि सोहम शाह अपने पुराने रोल में वापस नजर आएंगे।" 'सोहम शाह फिल्म्स' और 'पेन स्टूडियोज' के सहयोग से बनने वाली यह फिल्म इस साल के अंत तक फ्लोर पर जाएगी। 'तुम्बाड 2' को एक्टर-प्रोड्यूसर सोहम शाह लीड कर रहे हैं, जिसमें दिग्गज प्रोड्यूसर डॉ. जयंतीलाल गडा की कंपनी 'पेन स्टूडियोज' भी शामिल है।  

सुबह 11:30 बजे से विद्यार्थी वेब पोर्टल पर देख सकेंगे परिणाम, क्यूआर कोड के माध्यम से पोर्टल की लिंक को कर सकेंगे स्कैन

भोपाल राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा बुधवार को कक्षा 5वीं एवं 8वीं का परीक्षा परिणाम घो‍षित किया जाएगा। विद्यार्थी सुबह 11.30 बजे से अपना परीक्षा परिणाम www.rskmp.in/result.aspx पोर्टल पर देख सकेंगे। राज्य शिक्षा केंद्र से मिली जानकारी अनुसार 25 मार्च को परीक्षा परिणाम घोषणा की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से राज्य शिक्षा केन्द्र कार्यालय के सभाकक्ष में संचालित की जाएगी। इसके बाद सुबह 11:30 बजे परीक्षा परिणाम पोर्टल पर जारी किया जाएगा। विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकगण राज्य शिक्षा केन्द्र की वेब पोर्टल www.rskmp.in/result.aspx पर अपना रोल नंबर/समग्र आईडी डालकर रिजल्ट देख सकेंगे। साथ ही इसी पोर्टल पर शिक्षक, संस्था प्रमुख अपनी शाला का विद्यार्थीवार परिणाम भी देख सकेंगे। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा वेब पोर्टल की लिंक भी क्यूआर कोड़ के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश में कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर कराई गई थी। यह विगत 20 से 28 फरवरी के बीच हुई थी। जिसमें प्रदेश की शासकीय, अशासकीय शालाओं एवं पंजीकृत मदरसों के कक्षा 5वीं के 12 लाख 76 हज़ार से अधिक तथा कक्षा 8वीं के 10 लाख 92 हज़ार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। प्रदेश में लगभग 23 लाख 68 हजार से अधिक विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 322 केन्द्र बनाये गए थे। इन मूल्यांकन केन्द्रों में 1 लाख 10 हज़ार से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं के द्वारा अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पोर्टल पर दर्ज की गई है।  

मस्जिद पर तीर वाले बयान के बाद फिर सुर्खियों में माधवी, एयरपोर्ट पर क्या किया ऐसा?

नई दिल्ली केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और 2024 में हैदराबाद लोकसभा सीट से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ चुकीं कोम्पेला माधवी लता एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। इस बार, विवाद की वजह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वह वीडियो है, जिसे उन्होंने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रार्थना कक्ष में रिकॉर्ड किया है और वहीं से शेयर किया है। उन्होंने इस वीडियो को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) को भी टैग किया है। इस वीडियो में कोम्पेला माधवी लता को एयर पोर्ट के प्रार्थना घर में "दुर्गा सूक्तम" का पाठ करते हुए देखा जा सकता है। कैमरे के फ्रेम में कमरे में बुर्का पहने कुछ महिलाएं भी दिखाई देती हैं। हवाई अड्डा के प्रेयर रूम में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो ने अब सियासी और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। वीडियो में दिख रहा है कि वीडियो समाप्त होते ही माधवी लता बिना किसी संवाद के बाहर चली जाती हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में किसी तरह का प्रत्यक्ष विवाद या टकराव नहीं दिखता, लेकिन इसके बावजूद इसने एक बड़ा विमर्श खड़ा कर दिया है। कोम्पेला माधवी लता द्वारा साझा किए गए इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रहीं हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग रिपोर्ट के मुताबिक, आलोचकों का कहना है कि एयरपोर्ट के प्रेयर रूम ‘शांत ध्यान और प्रार्थना’ के लिए बनाए जाते हैं, जहाँ ऊँची आवाज़ में मंत्रोच्चार और वीडियो रिकॉर्डिंग नियमों के खिलाफ है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने इस मुद्दे को उठाते हुए एयरपोर्ट प्राधिकरण से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, समर्थकों का तर्क है कि भारत एक बहुधर्मी देश है और प्रेयर रूम सभी धर्मों के लोगों के लिए खुले होते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने का पूरा अधिकार है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को किया टैग कांग्रेस के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के राष्ट्रीय समन्वयक, मोहम्मद वसीम ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करते हुए कहा, "कृपया कार्रवाई करें, क्योंकि प्रार्थना कक्ष केवल मौन प्रार्थना और ध्यान के लिए है। यह महिला नियमों को तोड़ रही है और आवाज और कैमरे के साथ प्रार्थना करके दूसरे लोगों को असहज कर रही है।" अभी मौजूदा केंद्र सरकार में TDP सांसद किंजरापु राम मोहन नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैं। 2024 में भी हुआ था विवाद बता दें कि ये वही माधवी लता हैं, जिन्होंने 2024 के चुनावों में AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ हैदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं पाईं, उन्हें विपक्षी नेताओं ने BJP के सबसे ज़्यादा ध्रुवीकरण करने वाले चेहरों में से एक कहा है। लोकसभा चुनावों से पहले 2024 में लता उस वक्त सुर्खियों और विवादों में आईं थी, जब वह हैदराबाद के पुराने शहर में राम नवमी की रैली में हिस्सा लेते हुए एक मस्जिद की तरफ तीर चलाने का इशारा करती हुई नजर आई थीं। बाद में उन्होंने मस्जिद की तरफ निशाना लगाने की बात से इनकार किया था और इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।  

बॉक्स ऑफिस पर छाए रणवीर सिंह, ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने पार किया 500 करोड़ का आंकड़ा

मुंबई, बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज कमाई ने भारतीय बाजार में 519 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर ली है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर की सीक्वल धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कमाई कर रही है। इस फिल्म में रणवीर सिंह, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, राकेश बेदी और सारा अर्जुन की अहम भूमिका है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी इतिहास रच दिया है। फिल्म ने पांच दिन में ही देश में 500 करोड़ रुपये से अधिक का नेट कलेक्शन कर लिया है। सैकनिल्क के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 'धुरंधर: द रिवेंज' ने पेड प्रीव्यू के दौरान 18 मार्च को फिल्म ने 43 करोड़ रूपये की कमाई की। फिल्म ने रिलीज के पहले दिन 19 मार्च को 102.55 करोड़ का कलेक्शन किया। वहीं फिल्म ने दूसरे दिन 80.72 करोड़ तीसरे दिन 113 करोड़, चौथे दिन 114.85 करोड़ रूपये और पांचवे दिन 65 करोड़ की कमाई की।इस तरह फिल्म ने भारतीय बाजार में 519.12 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।  

‘हस्तिनापुर के वीर’ से सजेगा सोनी सब, देखिए शौर्य और साहस की कहानी

मुंबई, सोनी सब, अपना मेगा शो हस्तिनापुर के वीर पेश करने जा रहा है। यह एक दमदार कहानी है साहस, अनुशासन और कालातीत मूल्यों की। इस महागाथा में दिखाया जाएगा कि कैसे धैर्य, भाईचारा और एक सशक्त माँ का मार्गदर्शन उन योद्धाओं को गढ़ता है, जिन्होंने इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी। दर्शकों में उत्साह बढ़ाने के लिए सोनी सब ने एक दिलचस्प प्रोमो लॉन्च किया है, जो इस सफर को खूबसूरती से दिखाता है। यह प्रोमो पहले ही दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया पा रहा है। हस्तिनापुर की भव्य पृष्ठभूमि पर आधारित यह शो एकता, धर्म और दृढ़ता की कहानी को जीवंत करता है। यह बताता है कि महानायक पैदा नहीं होते, उन्हें बनाया जाता है। दमदार कहानी और विज़ुअली इमर्सिव वर्ल्ड के साथ हस्तिनापुर के वीर दर्शकों को उस युग में ले जाएगा, जहाँ मूल्य और नियति एक-दूसरे से जुड़ते हैं। ‘हस्तिनापुर के वीर’ जल्द ही सोनी सब पर प्रसारित होगा।  

महिला सम्मान का असली अर्थ तब होगा जब महिलाओं के खिलाफ अपशब्द बंद होगा” : एआईजी सिंह

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग का 28वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। राज्य शासन द्वारा 23 मार्च 1998 को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की स्थापना की गई थी। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। एआईजी महिला सुरक्षा शाखा  बीना सिंह, ने कहा कि आज समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण तेजी से बदल रहा है। अब लगभग सभी विभागों में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है और वे हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन महिलाओं के खिलाफ बोले जाने वाले अपशब्द बंद हो जाएंगे, उसी दिन वास्तविक अर्थों में महिला सम्मान स्थापित होगा। आयोग के सचिव  सुरेश तोमर ने कहा कि लैंगिक भेदभाव, पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था और घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग तथा अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास मती नकी जहां कुरैशी, POSH की विशेषज्ञ मती भावना त्रिपाठी और शिखा छिब्बर, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, जवाहर बाल भवन के बच्चे तथा आयोग कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह में विशेष रूप से उन पुरुषों को भी सम्मानित किया गया, जो समाज में जेंडर समानता के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस क्रम में उदय सामाजिक संस्था के  सोनू सोलंकी, आरंभ संस्था के  विजय यादव,  रोहित बेड़िया और  जितेन्द्र राजाराम को लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा के विरुद्ध जागरूकता, सेनेटरी नैपकिन उपलब्धता तथा बेड़िया समुदाय की महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए विशेष कार्यों के लिए महिला आयोग द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने महिला अधिकारों की सुरक्षा और समाज में समानता की भावना को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।  

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना: मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों को 5 लाख रुपए एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके। मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

ऊर्जा सुरक्षा की नई रणनीति: होर्मुज से परे भारत, 41 देशों से आयात बढ़ा, PNG को मिला बढ़ावा

नई दिल्ली होर्मुज स्ट्रेट में संकट के बीच भारत ने ऊर्जा आपूर्ति के लिए विदेशी निर्भरता को लगातार कम करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पहले भारत क्रूड ऑयल, एलएनजी और एलपीजी जैसी ऊर्जा जरूरतों के लिए 27 देशों पर निर्भर था, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 41 देशों तक पहुंच गई है। इससे आपूर्ति स्रोतों में विविधता आई है और किसी एक क्षेत्र या देश पर अत्यधिक निर्भरता कम हुई है। सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को मजबूत करने के लिए LPG के साथ PNG को बढ़ावा दिया है। साथ ही, समुद्री परिवहन में आत्मनिर्भरता के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भरता घटाने का संकल्प लिया गया है, क्योंकि वर्तमान में भारत का 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार विदेशी जहाजों से होता है। इस संकट के दौरान भारत की आर्थिक मजबूती और तैयारियों ने विश्वास बढ़ाया है। पिछले एक दशक में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए क्रूड ऑयल का भंडारण प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में देश के पास 5.3 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक पेट्रोलियम भंडार हैं, जो तीन स्थानों (विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर) पर स्थित हैं। तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त स्टॉक बनाए रखती हैं। सरकार ने क्रूड ऑयल और अन्य जरूरी सामानों के परिवहन के लिए स्वदेशी जहाजों के निर्माण पर जोर दिया है। लगभग 70,000 करोड़ रुपये की योजना के तहत मेड इन इंडिया जहाजों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वैश्विक संकट में आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित रहेगी। भारत ने उठाए कई कदम मौजूदा पश्चिम एशिया संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। भारत ने नागरिकों, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और परिवहन संबंधी सुविधाओं पर किसी भी हमले का विरोध किया है। डिप्लोमेसी के माध्यम से भारत अपनी जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दे रहा है। सरकार का प्रयास है कि तेल, गैस, उर्वरक जैसे आवश्यक सामानों से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें। ऐसे समय में कालाबाजारी और जमाखोरी करने वाले सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए जहां भी ऐसी शिकायतें आएं, त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। भारत का आर्थिक आधार मजबूत है और सरकार एकल ईंधन स्रोत पर निर्भरता से बचने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले 11 वर्षों में लिए गए निरंतर निर्णयों से देश किसी भी संकट का बेहतर सामना करने में सक्षम हुआ है। प्रधानमंत्री ने सदन और राष्ट्र को आश्वासन दिया कि क्रूड ऑयल की पर्याप्त स्टोरेज और निरंतर सप्लाई व्यवस्था है।  

जाब में मिसाल: सबसे कम उम्र की लाभार्थी बनी 1 वर्षीय बच्ची, मिला मुफ्त इलाज

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को गंभीर परिस्थितियों में बिना किसी देरी के चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत बढ़ती संख्या में बच्चों को समय पर इलाज मिलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री मुक्तसर साहिब में 1 वर्षीय बच्ची ख्वाहिश को निमोनिया के कारण तत्काल चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी। पहले ऐसे मामलों में परिवारों को इलाज शुरू होने से पहले धन की व्यवस्था करनी पड़ती थी, दस्तावेज़ी प्रक्रिया पूरी करनी होती थी या मंज़ूरी का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत यह बाधाएं पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं। सेहत कार्ड पहले से उपलब्ध होने के कारण, डॉ. मोनिका गर्ग की देखरेख में दीप अस्पताल में बिना किसी अग्रिम भुगतान के तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। परिवार को न तो धन की व्यवस्था करनी पड़ी और न ही किसी प्रकार की सत्यापन प्रक्रिया से गुज़रना पड़ा, जिससे चिकित्सकों को गंभीर स्थिति में बिना देरी इलाज शुरू करने में सुविधा मिली। छोटे बच्चों के मामलों में थोड़ी सी भी देरी मुश्किलों को जन्म दे सकती है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से बच्ची सुरक्षित रूप से स्वस्थ हो सकी। ऐसे ही उदाहरण संगरूर और मानसा जैसे जिलों से भी सामने आ रहे हैं, जहां कम वज़न के साथ जन्मे और अन्य गंभीर स्थितियों में विशेष उपचार की आवश्यकता वाले बच्चों को बिना किसी आर्थिक बाधा के योजना के तहत इलाज मिल रहा है। इस प्रकार के मामलों में वृद्धि यह दर्शाती है कि पंजाब भर में परिवारों के लिए उपचार तक पहुंच अब अधिक तेज़ और सुगम हो रही है। योजना के प्रभाव को रेखांकित करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि इलाज में न तो आर्थिक और न ही प्रशासनिक बाधाएं आएं। इस तरह के मामलों में, जहां एक छोटे बच्चे को तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है, थोड़ी सी भी देरी गंभीर परिणाम ला सकती है। यह योजना उस जोखिम को पूरी तरह समाप्त करती है।” मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है, जिससे लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर सकते हैं। अब तक 26 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और मरीज़ 900 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में 2,300 से अधिक चिकित्सा पैकेजों के तहत इलाज प्राप्त कर रहे हैं। योजना के अंतर्गत नवजात शिशुओं और बच्चों के बढ़ते उपचार यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अब अधिक तेज़, सुलभ और प्रभावी हो रही है, जहां इलाज आर्थिक चिंताओं के कारण टलता नहीं है। पंजाब सरकार नागरिकों को निर्धारित केंद्रों पर सेहत कार्ड बनवाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकें।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर बड़ा खुलासा, सांसद की किताब ने मचाई सियासी हलचल

नई दिल्ली शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने अपनी नई किताब 'अनलाइकली पैराडाइज' में देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर बड़ा दावा किया है। राउत ने दावा किया है कि धनखड़ ने पिछले साल ED के दबाव में इस्तीफा दिया था। धनखड़ ने अपनी इस किताब में अन्य कई विवादित दावे भी किए हैं। बता दें कि यह किताब उन्होंने जेल में रहते हुए लिखी थी। यह किताब 2025 में मराठी भाषा में छपी थी और अब इसके अंग्रेजी अनुवाद का सोमवार को विमोचन हुआ है। किताब में दावा किया गया है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 2025 में ED के दबाव में आकर पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। राउत के मुताबिक धनखड़ पर यह दबाव इसलिए बनाया गया क्योंकि धनखड़ मोदी सरकार के खिलाफ स्वतंत्र राजनीतिक कदम उठा रहे थे। किताब में कहा गया है कि उस समय यह अफवाह भी थी कि धनखड़ और उनकी पत्नी ने जयपुर का अपना घर बेचकर कुछ रकम विदेश भेजी है। इसी आधार पर ED ने उनके खिलाफ अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर एक फाइल तैयार की थी। ED ने फाइल दिखाकर बनाया दबाव राउत के अनुसार, जब धनखड़ के स्वतंत्र राजनीतिक कदमों की चर्चा बढ़ी, तो ED ने उन्हें यह फाइल दिखाकर इस्तीफा देने का दबाव बनाया। दावे के मुताबिक शुरुआत में जगदीप धनखड़ ने इससे इनकार किया, लेकिन इसके बाद जांच का दबाव और बढ़ा दिया गया, जिससे वह असहज नजर आने लगे। गौरतलब है कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बीते 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। सरकार पर गंभीर आरोप किताब में पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। राउत का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कथित चुनावी उल्लंघनों के खिलाफ अलग राय रखने की वजह से लवासा के घर पर छापा पड़ा और उनके परिवार को ED के समन मिले। किताब के मुताबिक, चुनाव आचार संहिता के आठ उल्लंघनों की शिकायत के आधार पर लवासा ने कार्रवाई शुरू की थी और उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया। राउत का आरोप है कि इसके बाद लवासा और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े। किताब में कहा गया है कि 2020 में ED की कार्रवाई ने उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया और उसके बाद भी वह एजेंसी की जांच के दायरे में रहे। शरद पवार को लेकर क्या लिखा? किताब में आगे दावा किया गया है कि उस दौर में यह चर्चा थी कि गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जेल भेजा जा सकता है। हालांकि, उस समय केंद्रीय मंत्री रहे शरद पवार इस कदम के पक्ष में नहीं थे। किताब के मुताबिक, एक कैबिनेट बैठक में पवार ने कहा था कि किसी चुने हुए मुख्यमंत्री को राजनीतिक मतभेद के आधार पर जेल भेजना सही नहीं होगा। राउत के अनुसार, पवार की यह राय कई नेताओं को सही लगी और इससे पीएम मोदी को भी जेल जाने से बचाया गया। किताब में यह भी दावा किया गया है कि शरद पवार और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने अमित शाह को जमानत दिलाने में मदद की थी।