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ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवाइस चलाने पर लगेगा नया प्रतिबंध

सिडनी   ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य में नए सुरक्षा कानूनों के तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवाइस (जैसे ई-बाइक और ई-स्कूटर) चलाने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला मंगलवार को घोषित किया गया। राज्य सरकार ने बताया कि ई-मोबिलिटी सुरक्षा पर बनी संसदीय समिति की सभी 28 सिफारिशों को पूरी तरह या सिद्धांत रूप में स्वीकार कर लिया गया है। इनमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध भी शामिल है। क्वींसलैंड के परिवहन मंत्री ब्रेंट मिकेलबर्ग ने कहा कि सरकार जल्द ही इन सिफारिशों को कानून बनाने के लिए संसद में पेश करेगी। नए नियमों के मुताबिक, ई-बाइक और ई-स्कूटर चलाने के लिए कम से कम क्वींसलैंड का लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी होगा। यह लाइसेंस 16 साल की उम्र में मिलता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि चलाने वाले को ट्रैफिक नियमों की जानकारी हो। जांच में सामने आया कि साल 2025 में क्वींसलैंड में ई-मोबिलिटी से जुड़े हादसों में 12 लोगों की मौत हुई और 6,300 लोग घायल हुए। मिकेलबर्ग ने मंगलवार को कहा, "हम 16 साल से कम उम्र वालों पर इन डिवाइस के इस्तेमाल पर रोक लगा रहे हैं, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, नए कानूनों के तहत फुटपाथों पर ई-मोबिलिटी डिवाइस के लिए 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा भी तय की जाएगी। साथ ही, पुलिस को अवैध डिवाइस ज़ब्त करने और नष्ट करने के अतिरिक्त अधिकार दिए जाएंगे, और वे चालकों का अचानक 'ब्रीथ टेस्ट' (सांस की जांच) भी कर सकेंगे। पिछले साल, ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर दुनिया का पहला प्रतिबंध लागू हुआ था। इसके तहत फेसबुक, यूट्यूब, टिकटॉक और एक्स जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को ऐसे बच्चों के अकाउंट बनाने से रोकना होगा। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि यह कदम उन बच्चों की मदद के लिए उठाया गया है, जो एल्गोरिदम, लगातार चलने वाली सोशल मीडिया फीड और उसके दबाव के बीच बड़े हो रहे हैं। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि वे छुट्टियों का सही उपयोग करें और पूरा समय मोबाइल पर न बिताएं। ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले में दुनिया के कई देशों की दिलचस्पी देखी गई है। डेनमार्क, मलेशिया, ब्राजील, इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड जैसे देश भी ऐसे कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।  

किर्गिस्तान में एससीओ देशों के पहले यूथ डेल्फ़िक गेम्स में भारत ने ऐतिहासिक शुरुआत की

बिश्केक(किर्गिस्तान) भारत की सांस्कृतिक और कलात्मक यात्रा के लिए एक अहम पल में, 46 सदस्यों वाला भारतीय डेलीगेशन शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन (एससीओ) के सदस्य देशों के पहले यूथ डेल्फ़िक गेम्स में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक, किर्गिस्तान पहुँच गया है। यह किसी भारतीय कलाकारों की टीम का ग्लोबल कॉम्पिटिटिव फ़ॉर्मेट में पहली बार हिस्सा लेने का प्रतीक है, जो इंटरनेशनल सांस्कृतिक आंदोलन में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। इस डेलीगेशन में, जिसमें पूरे भारत के 46 युवा कलाकार और इंटरनेशनल जूरी सदस्य शामिल हैं, पियानो, लोक गायन, लोक नृत्य, लोक संगीत, कला और शिल्प, और विज़ुअल आर्ट्स जैसे अलग-अलग विषयों में मुकाबला करेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और विविधता को दिखाएगा। डेलीगेशन को मॉडर्न पायथियन गेम्स के फाउंडर बिजेंद्र गोयल लीड कर रहे हैं, जिनकी दूर की सोच ने पायथियन गेम्स मूवमेंट को फिर से शुरू करने और ग्लोबल बनाने में अहम भूमिका निभाई है। एक खास बात यह है कि मिस्टर बिजेंद्र गोयल एससीओ मेंबर देशों के इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में एक स्पेशल एड्रेस देंगे, जिसमें वे आर्ट्स, कल्चर और पारंपरिक खेलों के ज़रिए ग्लोबल कल्चरल कोलेबोरेशन को मज़बूत करने के अपने विजन को पेश करेंगे। डेलीगेशन के साथ अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी भी हैं, जिनकी मौजूदगी भारत के रिप्रेजेंटेशन को और मजबूत करती है और देश की कल्चरल डायवर्सिटी, खासकर नॉर्थईस्ट इलाके की डायवर्सिटी को हाईलाइट करती है। इस दौरे की एक खास बात भारतीय डेलीगेशन के सम्मान में बीरेंद्र सिंह यादव द्वारा होस्ट किया गया स्पेशल हाई टी रिसेप्शन था। एम्बेसडर ने पार्टिसिपेंट्स से पर्सनली बातचीत की, उन्हें गर्व और बेहतरीन तरीके से भारत को रिप्रेजेंट करने के लिए बढ़ावा दिया, साथ ही देशों के बीच रिश्तों को मज़बूत करने में कल्चरल डिप्लोमेसी के महत्व पर ज़ोर दिया।  

जयपुर की छवि बनीं टॉपर, 99.33% स्कोर—लड़कियों के नंबरों का पूरा ब्योरा

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार दोपहर 1 बजे 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय से रिजल्ट जारी किया। इसके साथ ही प्रदेश के 10 लाख 68 हजार 109 छात्रों का इंतजार समाप्त हो गया। जयपुर की छवि ने पार किया 99वे का आंकड़ा इस वर्ष 10वीं बोर्ड परीक्षा में जयपुर के खोरा बिसल स्थित एसवीएम अकेडमी सी. से. स्कूल की छात्रा छवि शर्मा ने 99.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। छवि ने हिंदी और गणित में 100 में से 100 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।   बाड़मेर की गुंजन चौधरी का शानदार प्रदर्शन बाड़मेर की छात्रा गुंजन चौधरी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 98.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्हें पांच विषयों में 99-99 अंक मिले, जो उनकी निरंतर मेहनत और लगन को दर्शाता है। श्रीगंगानगर की रिया ने भी किया नाम रोशन श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर की रहने वाली छात्रा रिया ने 97.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वह माता गुजरी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं और उनके प्रदर्शन ने जिले का नाम रोशन किया है।   आरती देवांद का संघर्ष और सफलता चौमूं स्थित टीसीआई सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा आरती देवांद ने 95.33 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आरती ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विशेष रूप से अपने मामा को दिया। उन्होंने ननिहाल में रहकर पढ़ाई की और भविष्य में मेडिकल क्षेत्र में जाकर लोगों की सेवा करने का लक्ष्य रखा है।

सरस मेला से महिला समूह के उद्यमिता को मिलेगी व्यापक पहचान- उपमुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महिला समूहों को 11.43 करोड़ रुपए की राशि की अंतरित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत सरदार पटेल मैदान कवर्धा में आयोजित चार दिवसीय संभागीय सरस मेला का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत 11.43 रूपये की सहायता राशि के चेक वितरण किए, जो महिला समूहों के आजीविका संवर्धन में सहायक सिद्ध होंगे।    इस दौरान पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद कवर्धा  चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओं  अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चन्द्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।        उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने सभी स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूह के सदस्यों से उनके व्यवसाय की जानकारी ली। स्टाल में दीदियों से चर्चा करते हुए व्यवसाय के लिए कच्चे माल उसके उत्पादन और विक्रय की जानकारी ली। लखपति दीदियों से बात करते हुए उन्होंने कहा की ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार का मजबूत आधार स्तंभ बनकर उभरी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान कर रही है।      उन्होंने बताया कि संभागीय सरस मेला के आयोजन से दुर्ग संभाग के सभी सात जिलो के महिला स्व सहायता की दीदीयां लाभान्वित हो रही हैं। समूह द्वारा बनाये गए दैनिक उपयोग के आकर्षक सामाग्री, जैविक खादय पदार्थ एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं को विक्रय के लिए उचित मंच मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर वोकल फाॅर लोकल को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। इस आयोजन से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक लाभ होगा जिससे वे आत्मनिर्भर होने की दिशा मे आगे बढ़ेगी। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिलाओं की पूरी भागीदारी हो और वे अपने लघु व्यवसाय से उद्यमी की पहचान हासिल कर सके। मेले में आए सभी स्व सहायता समूह की दीदियों को उपमुख्यमंत्री ने उनके व्यवसाय के लिए शुभकामनाएं दी और उम्मीद जताई कि इस आयोजन से क्षेत्र की जनता को लाभ होगा। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में 2 लाख 69 हजार से अधिक महिला स्व सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दीदी के गोठ कार्यक्रम का भी संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने नवाचारी कार्यों को साझा करती हैं। यह कार्यक्रम हिंदी के साथ-साथ गोंडी और हल्बी भाषा में भी संचालित किया जा रहा है, जिससे बस्तर अंचल की महिलाएं भी इसे आसानी से समझ पा रही हैं। इससे प्रदेशभर में महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी एक-दूसरे तक पहुंच रही है। प्रदेश में 300 महतारी सदनों का निर्माण भी किया जा रहा है।      उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार महिलाओं और बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन राशि अब उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने बनासकांठा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वहां सहकारी (कॉपरेटिव) मॉडल के माध्यम से महिलाएं बड़े उद्योगों से जुड़कर व्यापक स्तर पर दुग्ध उत्पादन कर रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं छोटे बड़े उद्योगों का संचालन कर सकती हैं। उन्होंने आगे बताया कि सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म एप्लीकेशन विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इस एप के माध्यम से आम नागरिक सीधे महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री को आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा         उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन आवासों के निर्माण में अब महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं डीलर दीदी के रूप में जुड़कर छड़ और सीमेंट की सब-डीलर बन रही हैं। इसके साथ ही वे सेंट्रिंग प्लेट निर्माण जैसे कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।     उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि आज सरस मेला में बैंक लिंकेज के तहत 10 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया जाएगा। 271 महिला स्व सहायता समूहों को 40 लाख 65 हजार रुपए की चक्रीय निधि दी जाएगी। इसी प्रकार 172 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के तहत सीएफएल के माध्यम से 1 करोड़ 3 लाख 20 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। जिससे महिलाएं अपने व्यवसाय को और मजबूत बना सकेंगी।      जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिला समूहों को अधिक से अधिक संख्या में स्व रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। यह सरस मेला महिला समूहों के उत्पादों के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध करा रहा है।  कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने सरस मेला आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसका 23 मार्च से 26 मार्च तक होगा। मेले में सभी आयु वर्ग के लोगो के लिए महिला समूह द्वारा तैयार किये गये आकर्षक सामान उपलब्ध है। मिलेट से बने अनेकों प्रकार के बिस्कुट, आचार, पापड़, फिनायल, दोना-पत्तल, अगरबत्ती, बिरनमाला एवं हैण्डलूम के बने बैग ईत्यादी स्थानीय स्तर पर तैयार किये गये है।     उल्लेखनीय है कि इस संभागीय सरस मेले में कबीरधाम जिले के साथ-साथ जिला राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी के महिला स्व सहायता समूह द्वारा प्रदर्शनी लगायी गई है। बिहान की दीदियों द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार की गई वस्तुओं का व्यापक प्रचार कर विक्रय के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे की आजीविका संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा मिले

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: क्रिकेटर रिंकू सिंह को मिली RSO की जिम्मेदारी

लखनऊ भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। उनकी शानदार उपलब्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का  किया है। टी20 वर्ल्ड कप जीत में निभाई अहम भूमिका सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारत टी20 वर्ल्ड कप का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली पहली टीम बनी और तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट रिंकू सिंह के लिए भावनात्मक रूप से काफी कठिन रहा, क्योंकि टूर्नामेंट के दौरान ही उनके पिता का कैंसर से निधन हो गया था। इसके बावजूद रिंकू टीम से दोबारा जुड़े और बाकी मैच खेले। रिंकू सिंह को मिलेगा सरकारी पद रिंकू सिंह के योगदान को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO) नियुक्त करने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने एक योजना शुरू की है, जिसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और नकद पुरस्कार दिया जाएगा। अन्य खिलाड़ियों को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी राजकुमार पाल को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनाया जाएगा। वह पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। पैरालंपिक हाई जंप गोल्ड मेडलिस्ट प्रवीण कुमार को भी DSP बनाया जाएगा। पैरालंपिक जेवलिन थ्रो सिल्वर मेडलिस्ट अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया जाएगा। पैरालंपिक 200 मीटर ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सिमरन को भी इसी पद पर नियुक्ति मिलेगी। इन सभी खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। लक्ष्मण अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड भी दिए जाएंगे सरकार ने 2024-25 के लिए 9 खिलाड़ियों को लक्ष्मण अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड देने का भी फैसला किया है। हर विजेता को 3.11 लाख रुपये नकद और कांस्य प्रतिमा दी जाएगी। लक्ष्मण अवॉर्ड विजेता (जनरल कैटेगरी): उत्तम सिंह, विनय, अभिजीत कुमार, विक्रांत बालियान, सागर दांगी रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड विजेता (जनरल कैटेगरी): भानु पाठक, दीपक कुमार, तान्या चौधरी, तनुश्री पांडे, ओम यादव, राजकुमार पाल, यश कुमार, मुस्कान यादव, अभय सिंह; रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड विजेता (पैरा कैटेगरी): श्रवण कुमार, यश तोमर, ईशान खान, प्रगति केसरीवानी, वंतिका अग्रवाल; उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।  

पाकिस्तान की हवा बनी ‘जहर’, प्रदूषण 13 गुना बढ़ा—दुनिया में सबसे खराब हालात

इस्लामाबाद पाकिस्तान को 2025 में दुनिया का सबसे प्रदूषित देश बताया गया है। यह खुलासा स्विट्जरलैंड की एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कंपनी IQAir की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में PM2.5 (बहुत छोटे और खतरनाक कण) का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय मानकों से करीब 13 गुना ज्यादा पाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, PM2.5 का सुरक्षित स्तर 5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान इससे काफी ऊपर रहा। यह छोटे-छोटे कण सांस के जरिए शरीर में जाकर फेफड़ों और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से जान का खतरा भी बढ़ जाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दुनिया के 143 में से 130 देश WHO के एयर क्वालिटी मानकों को पूरा नहीं कर पाए। यानी साफ हवा का संकट अब वैश्विक समस्या बन चुका है।  सबसे प्रदूषित देशों की सूची में पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश दूसरे और ताजिकिस्तान तीसरे स्थान पर रहे। दुनिया के सिर्फ 13 देश ही ऐसे रहे जो WHO के मानकों के भीतर रहे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, आइसलैंड, एस्टोनिया और पनामा शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में केवल 14% शहर ही साफ हवा के मानकों पर खरे उतरे, जो 2024 के 17% से कम है। कनाडा में लगी भीषण जंगल की आग का असर अमेरिका और यूरोप तक देखने को मिला, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ गया।हालांकि, कुछ देशों में सुधार भी देखा गया। लाओस, कंबोडिया और इंडोनेशिया में PM2.5 स्तर में कमी आई, जिसका कारण मौसम में बदलाव और ला नीना प्रभाव बताया गया। इसके अलावा, पाकिस्तान की स्थिति सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में देश में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में बढ़ोतरी हुई और कुल 1,139 लोगों की जान गई। Tehreek-i-Taliban Pakistan (TTP) और Balochistan Liberation Army (BLA) जैसे संगठनों की गतिविधियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट साफ बताती है कि पाकिस्तान इस समय दोहरी चुनौती से जूझ रहा है एक तरफ खतरनाक स्तर का प्रदूषण और दूसरी तरफ बढ़ता आतंकवाद। दोनों ही समस्याएं देश के लोगों की सेहत और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 10 समूहों को सौंपी मैजिक वाहन की चाबी, परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की एंट्री

रायपुर कबीरधाम में ‘दीदियों’ ने संभाली स्टीयरिंग, उपमुख्यमंत्री  शर्मा बने पैसेंजर कबीरधाम जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभिनव और प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां अब तक पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय शुरू हुआ है। इस अवसर पर स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने जब स्टीयरिंग संभाली तो उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी उनके पैसेंजर बन गए। पहले परिवहन व्यवसाय केवल पुरूष प्रधान कार्य माना जाता था, जिस मिथक को तोड़ अब समूह की महिलाएं स्टेयरिग थामकर आजीविका का सशक्त साधन तैयार करने के साथ ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी नई गति देने जा रही हैं।           सरस मेले के शुभारंभ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने जिले की 10 महिला समूहों को 'आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस' योजना के तहत सीएलएफ मैजिक वाहन वितरित किए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इन वाहनों का वितरण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक वाहन की लागत लगभग 7.50 लाख रुपये है, जिसमें से 5 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिए गए हैं। शेष राशि का प्रबंधन संबंधित समूहों द्वारा किया गया है, जिससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।           उन्होंने कहा कि अब स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने क्षेत्रों में यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराकर आय का स्रोत विकसित करेंगी। विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में यह पहल आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी, जहां अब तक परिवहन की कमी एक बड़ी समस्या रही है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह पहल केवल शुरुआत है। यदि महिलाएं इस अवसर का पूरी लगन और समर्पण से उपयोग करें, तो वे “लखपति दीदी” बनने के लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकती हैं। यह योजना महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ उन्हें आत्मसम्मान और समाज में नई पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी।          वाहन संचालन के लिए महिलाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से ट्रेनिंग दी गई है। यह वाहन 10 अलग अलग संकुल के महिला समूहों 10 विभिन्न ग्रामीण रूट पर संचालन हेतु प्रदान किया गया है। इस पहल के तहत महिला समूह की सदस्य अब टाटा मैजिक वाहन संचालित कर परिवहन व्यवसाय से जुड़ेंगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर उनकी भूमिका को भी सशक्त करेगा। योजना के तहत ये महिलाएं जिले के वनांचल एवं मैदानी क्षेत्रों में, जहां आवागमन के साधन सीमित हैं, वहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य करेंगी। इससे न केवल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधा सुलभ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

डिलीवरी में गड़बड़ी या साजिश? इंदौर में पार्सल से मोबाइल गायब, कर्मचारी पर FIR

इंदौर परदेशीपुरा पुलिस ने ई-कामर्स कंपनी के डिलीवरी ब्वाय पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। उस पर पार्सल से लाखों रुपये कीमती मोबाइल गायब करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार ई-कामर्स कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर योगेंद्रसिंह राठौर की शिकायत पर आरोपित मयूर वर्मा,नितेश कोरी और व अन्य के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। योगेंद्र के अनुसार ग्राहकों द्वारा रिटर्न किए पार्सल में गड़बड़ी हुई है। करीब 34 मोबाइल गायब मिलें है। बाक्स में सिर्फ ब्ल्यूटुथ ही है।कंपनी ने मोबाइल की 10 लाख रुपये से ज्यादा कीमत बताई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि गड़बड़ी पार्सल की डिलीवरी के दौरान हुई है। डिलीवरी ब्वाय ने पार्सल से मोबाइल निकाल लिए थे। गिरोह में अन्य व्यक्ति के शामिल होने की आशँका है। तिरपाल काट कर लाखों के पार्सल चुराए बायपास पर ट्रक कटिंग की घटना सामने आई है। कनाड़िया पुलिस ने चालक की शिकायत पर केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार अमरेंद्रसिंह द्वारा शिकायत की है। उसने पुलिस को बताया कि ट्रक लेकर औरंगाबाद जा रहा था। एक अन्य चालक ने गेट खुला देखकर घटना के बारे में बताया और थाने पहुंचा।

रिश्वतखोरी पर कड़ा वार, सरायकेला में 5 लाख लेते सरकारी कर्मचारी समेत दलाल पकड़े गए

रांची झारखंड के सरायकेला जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायकेला स्थित एलआरडीसी कार्यालय से सरकारी कर्मी प्रीतम आचार्य और ब्रोकर को पांच लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जमीन मुआवजा से जुड़े एक मामले के निपटारे और पक्ष में रिपोर्ट देने के एवज में दोनों ने वादी से 40 लाख रिश्वत की मांग की थी। वादी सोमवार को पहली किस्त लेकर एलआरडीसी कार्यालय के पास पहुंचा था। जैसे ही उसने प्रीतम आचार्य और ब्रोकर को पैसे दिए। वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। एसीबी की इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है।  

काम पर लौटने की डेडलाइन तय, 25 मार्च के बाद हड़तालियों पर वेतन कटौती का फैसला

पटना बिहार में हड़ताल कर रहे अंचलाधिकारी (सीओ) और अन्य राजस्व अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने अधिकारियों के सामूहिक अवकाश को अवैध घोषित कर दिया है। साथ ही हड़ताल करने वालों को 25 मार्च तक काम पर वापस लौटने को कहा गया है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि निश्चित समयावधि के अंदर अगर हड़ताल खत्म नहीं होती, तो राजस्व अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज की ओर से जारी विभागीय पत्र के आधार पर उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएम सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों की ओर से 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश ना केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की साम 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। विजय सिन्हा ने सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर जल्द अपने दायित्वों का निर्वहन करें, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े। बता दें कि बिहार के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में सीओ और अन्य राजस्व अधिकारी बीते 9 मार्च से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे जिलों में निबंधन समेत जमीनों से जुड़े अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार की ओर से लगातार उन्हें काम पर लौटने को कहा जा रहा है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पहले भी हड़तालियों को अल्टीमेटम दे चुके हैं।