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उत्तर से दक्षिण तक सियासी हलचल: ममता और अभिषेक की जोड़ी क्या बदलेगी खेल?

कोलकाता पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान तेज हो गया है। भाजपा और टीएमसी दोनों ने ही अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। आमतौर पर भाजपा उम्मीदवारों के चयन में देरी करती रही है, लेकिन इस बार उसने चुनाव का शेड्यूल आते ही कैंडिडेट्स घोषित कर दिए हैं। वहीं टीएमसी ने भी 291 उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट जारी कर दी है और तीन सीटें गठबंधन साथी को दी हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी की पार्टी ने चुनाव अभियान में भी तेजी लाने का फैसला लिया है। इसके तहत ममता बनर्जी खुद उत्तर बंगाल की कमान संभालेंगी, जबकि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी साउथ बंगाल में कैंपेन को आगे बढ़ाएंगे। ममता बनर्जी 24 मार्च यानी आज से ही उत्तर बंगाल में कैंपेन शुरू करने जा रही हैं। उनके भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी साउथ बंगाल के जिलों पर फोकस करते हुए प्रचार पर निकलेंगे। टीएमसी के सूत्रों का कहना है कि उत्तर बंगाल में भाजपा मजबूत है। ऐसे में सीएम खुद चाहती है कि वह उन इलाकों पर फोकस करते हुए कैंपेन करें। एक सीनियर नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद अलीपुरद्वार से प्रचार आगे बढ़ाएंगी। इससे स्पष्ट है कि वह उत्तर बंगाल में भाजपा की चुनौती को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। अलीपुरद्वार के परेड ग्राउंड में ममता बनर्जी एक रैली को संबोधित करेंगी। इसके बाद फिर दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी में वह 25 तारीख को बैठकें करनी वाली हैं। इन इलाकों के अलावा फुलबारी और नक्सलबारी में भी वह प्रचार करेंगी। यही नहीं 26 मार्च को भी ममता बनर्जी का पुरुलिया, बांकुरा, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान इलाकों में भी वह कैंपेन करेंगी। इसके बाद ही वह दक्षिण के इलाकों में जाएंगी। मुख्य तौर पर साउथ बंगाल की जिम्मेदारी अभिषेक बनर्जी को ही दी गई है। परंपरागत रूप से भाजपा नॉर्थ बंगाल में मजबूत मानी जाती रही है। इस बार ममता बनर्जी की कोशिश है कि उसके इसी गढ़ को टारगेट किया जाए। यही कारण है कि वह खुद यहां की कमान संभाल रही हैं और भतीजे अभिषेक को साउथ की कमान दी गई है। 2019 के लोकसभा चुनाव में नॉर्थ बंगाल से भाजपा ने कई सीटें जीती थीं और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी वह यहां मजबूत थी। इस बीच भाजपा की कोशिशें भी कम नहीं हैं। नए बने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी य़हां पहुंच रहे हैं। सिलीगुड़ी और दुर्गापुर में वह बैठकें करने वाले हैं। इस बैठक में बंगाल के प्रभारी सुनील बंसल और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में आसपास के जिलों के नेताओं, प्रत्याशियों और अन्य महत्वपूर्ण लोगों को बुलाया गया है। भाजपा की रणनीति यह है कि गली-गली में घूमकर कैंपेन किया जाए। बड़े नेताओं को भी जमीनी प्रचार में उतारा जाए। बूथ लेवल मैनेजमेंट और केंद्रीय योजनाओं के प्रचार पर फिलहाल ज्यादा फोकस किया जा रहा है।  

स्कूलों में नया सिस्टम: शिक्षक नहीं आए तो बच्चे खुद बुलाएंगे, प्रिंसिपल रखेंगे लाइव नजर

बालाघाट सांदीपनि स्कूलों के खुलने के बाद अन्य शासकीय स्कूलों के संचालन पर संकट गहराता जा रहा है, इन स्कूलों में दर्ज संख्या भी कम होती जा रही है, जिससे अन्य सरकारी स्कूलों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वर्षों पुराने बालाघाट जिला मुख्यालय में संचालित सरकारी संस्था उत्कृष्ट विद्यालय स्वयं को निजी स्कूलों की तर्ज पर संचालित करने के लिए अपडेट कर रही है, और शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उसे बेहतर करने का प्रयास कर रही है। आडियो ब्राड कास्टिंग सिस्टम से सुधरेगी व्यवस्था जिसके तहत ही अब उत्कृष्ट विद्यालय में स्कूल लगने के बाद कोई पीरियड मिस नहीं हो सकेंगे और यदि एक पीरियड खत्म होने के बाद अगला पीरियड पढ़ाने के लिए कक्षा में कोई शिक्षक नहीं आता है, तो ऐसे में विद्यार्थी कक्षा से ही सीधे अपने कक्ष में बैठे प्राचार्य से संपर्क कर सकेंगे जिससे उनके लिए शिक्षक की व्यवस्था हो सकेगी। यह मुमकिन हो पाएगा आडियो ब्राड कास्टिंग सिस्टम की व्यवस्था से। इस व्यवस्था के तहत उत्कृष्ट विद्यालय के सभी कक्षों में सिस्टम के स्पीकर लगाए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर इसे फोन की तरह विद्यार्थी इस्तेमाल कर सकेंगे। निगरानी और मनोरंजन की दोहरी सुविधा वहीं प्राचार्य इस व्यवस्था से निगरानी रख सकेंगे। इतना ही नहीं, लंबी पढ़ाई के बाद मानसिक व शारीरिक थकान को दूर करने के लिए अंतिम 15 मिनटों में विद्यार्थियों का इस सिस्टम के माध्यम से मनोरंजन भी किया जा सकेगा। स्कूल स्टाफ व विद्यार्थियों पर नियमित मॉनिटरिंग करने व उनकी किसी भी समस्या के निदान के लिए आडियो ब्राड कास्टिंग सिस्टम को स्कूल परिसर में स्थापित किया गया है। सीसीटीवी से भी होगी मॉनिटरिंग मुख्य सिस्टम प्राचार्य कक्ष में रखा गया है, और सभी कक्षाओं व स्टाफ कक्षों में इसके स्पीकर लगाए गए हैं, साथ ही सीसीटीवी फुटेज से इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। विद्यार्थी स्वस्थ महसूस कर सकें इसके लिए 15 मिनट उनके मनोरंजन के लिए म्यूजिक की व्यवस्था भी की गई है। – शरद ज्योतिषी, प्राचार्य, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट।  

अब टिकट कैंसिल करना हुआ आसान: भारतीय रेलवे ने बदले नियम, यात्रियों को फायदा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग पॉइंट बदलने के नियमों में अहम बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब यात्रियों को यात्रा से पहले ज्यादा लचीलापन मिलेगा, जिससे उनकी प्लानिंग आसान हो जाएगी। रेलवे इन बदलावों को 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। क्या है डिटेल सबसे बड़ा बदलाव टिकट कैंसिलेशन के नियमों में किया गया है। अब अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट यात्रा से 72 घंटे पहले कैंसिल करता है, तो उसे अधिकतम रिफंड मिलेगा। यानी सिर्फ एक तय फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज काटा जाएगा और बाकी पैसा वापस मिल जाएगा। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो पहले से यात्रा की योजना बदल लेते हैं। वहीं, अगर टिकट 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल की जाती है, तो यात्री को 25 प्रतिशत किराया काटकर रिफंड दिया जाएगा। यह कटौती न्यूनतम कैंसिलेशन चार्ज के अधीन होगी। यानी जितनी देर से टिकट कैंसिल करेंगे, उतना ज्यादा पैसा कटेगा। रेलवे का कहना है कि इससे सीटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। अगर कोई यात्री यात्रा से 24 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे 50 प्रतिशत किराया काटकर ही रिफंड मिलेगा। यानी इस समय सीमा में कैंसिलेशन महंगा पड़ेगा। वहीं सबसे सख्त नियम आखिरी समय के लिए रखा गया है—अगर ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय बचा है, तो टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। प्रस्थान से पहले समय के आधार पर टिकट रद्द करने के नियम प्रस्थान से पहले का समय – रद्दीकरण नियम 72 घंटे से अधिक पहले – अधिकतम रिफंड मिलेगा, केवल प्रति यात्री फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज कटेगा 72 घंटे से 24 घंटे के बीच – किराए का 25% कटेगा (न्यूनतम चार्ज लागू) 24 घंटे से 8 घंटे के बीच – किराए का 50% कटेगा (न्यूनतम चार्ज लागू) 8 घंटे से कम समय – पहले कोई रिफंड नहीं मिलेगा ये नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। बोर्डिंग प्वाइंट बदलने में बड़ी राहत अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, यह सुविधा खासतौर पर उन बड़े शहरों में उपयोगी होगी जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं। इससे यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से यात्रा शुरू कर सकेंगे। फिलहाल, पहले यह सुविधा केवल चार्ट तैयार होने से पहले तक ही सीमित थी। टाउट्स पर लगेगी लगाम रेल मंत्रीअश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह फैसला टिकट दलालों (टाउट्स) की गतिविधियों के विश्लेषण के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि टाउट्स पहले बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और बाद में अनबिके टिकटों को कैंसिल कराकर रिफंड हासिल कर लेते थे। नए सख्त नियमों से इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगेगी। पहले क्या थे कैंसिलेशन नियम? संशोधन से पहले रेलवे के टिकट रद्द करने के नियम कम समय सीमा और क्लास-आधारित फ्लैट चार्ज पर आधारित थे: 48 घंटे से पहले रद्द करने पर – प्रति यात्री फ्लैट चार्ज कटता था एग्जीक्यूटिव क्लास: ₹240 + GST एसी चेयर कार: ₹180 + GST 48 घंटे से 12 घंटे के बीच किराए का 25% कटता था (न्यूनतम चार्ज लागू) 12 घंटे से 4 घंटे के बीच- किराए का 50% कटता था (न्यूनतम चार्ज लागू) 4 घंटे से कम समय पर कोई रिफंड नहीं मिलता था, यदि टिकट रद्द या TDR फाइल नहीं किया गया हो। वेटिंग और आंशिक कन्फर्म टिकट के नियम वेटिंग टिकट 4 घंटे पहले तक कैंसिल करने पर ₹20 + GST प्रति यात्री कटता था। चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग रहने पर ऑटोमेटिक कैंसिल होकर पूरा रिफंड मिलता था आंशिक कन्फर्म टिकट 4 घंटे पहले तक कैंसिल करने पर ₹20 + GST कटता था कुछ मामलों में चार्ट बनने के बाद, यदि कोई यात्री यात्रा नहीं करता, तो पूरा रिफंड मिल सकता था विशेष परिस्थितियों में रिफंड     ट्रेन पूरी तरह रद्द होने पर     ट्रेन 3 घंटे से अधिक देरी से चलने पर इन स्थितियों में पूरा रिफंड दिया जाता था, बशर्ते समय पर TDR फाइल किया गया हो। बता दें कि रेलवे के ये नए बदलाव जहां यात्रियों को अधिक सुविधा देंगे, वहीं टिकट बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने और दुरुपयोग को रोकने में भी मददगार साबित होंगे।  

चुनावी मैदान में कौन उतरेगा? अनंत सिंह ने बेटे को लेकर खोले पत्ते

मोकामा मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि अब वो आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। कुछ दिनों पहले अनंत सिंह ने अपने चुनाव ना लड़ने का ऐलान करते वक्त यह भी कहा था कि अब आगे उनके बेटे चुनाव लड़ेंगे। अनंत सिंह के तीन बेटे हैं। तो अब सवाल यह उठ रहे हैं कि अनंत सिंह अपने तीन बेटों में से किसे चुनावी रण में उतारेंगे? जब अनंत सिंह से पूछा गया कि नीतीश कुमार के बेटे राजनिति में आ चुके हैं तो क्या अब वो भी अपने बेटे को चुनाव लड़वाएंगे। तब इसपर अनंत सिंह ने कहा कि जनता की जो सेवा करेगा उसको हम चुनाव लड़वाएंगे। हमको तीन बेटे हैं। तीनों को हम जाचेंगे कि जनता किसे चाहती है और जनता का रुझान क्या है। कौन जनता की सेवा में जाता है। दुकान से लाने की चीज नहीं है ना कि हम लाकर दे देंगे। मेहनत करना पड़ेगा। जनता की सेवा करनी होगी। काम करना होगा। जो बढ़िया करेगा वो मोकामा का विधायक रहेगा। बता दें कि मोकामा बिहार की हॉट सीट मानी जाती है। अनंत सिंह से जब पूछा गया कि नीतीश कुमार तो अब दिल्ली जा रहे हैं? तब इसपर अनंत सिंह ने कहा कि हां, वो तो जा रहे हैं। दिल्ली कोई विदेश थोड़े ना है। दिन भर में चार बार आदमी दिल्ली से आना-जाना करता है। निशांत को लेकर अनंत सिंह ने कहा कि उनका राजनीति में एक्टिव होना जरूरी था। उनको सीएम बनना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार के बाद उनको भी दिल्ली जाने की इच्छा है? तब अनंत सिंह ने इसपर कहा कि वो तो दिल्ली आते-जाते ही रहते हैं। जमानत पर जेल से बाहर आए हैं अनंत सिंह बहरहाल आपको बता दें कि पटना उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत सिंह को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी थी। अनंत सिंह को एक नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और उन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से जेल में रहते हुए चुनाव जीता था और राष्ट्रीय जनता दल ( राजद) की वीणा सिंह को 28,000 से अधिक मतों से हराया था। न्यायमूर्ति रुद्र प्रकाश मिश्रा की पीठ ने 15,000 रुपये के मुचलके पर सिंह को जमानत प्रदान की। अदालत ने आदेश में कहा, "याचिकाकर्ता मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही किसी गवाह को प्रभावित या धमकाएगा।" दुलारचंद यादव, चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे। दुलारचंद यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हृदय और फेफड़ों में भारी वस्तु से लगी चोट के कारण पहुंचे आघात से कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर के कारण उनकी मौत हुई। मोकामा सीट पर 1990 से है कब्जा मोकामा विधानसभा सीट पर 1990 से अनंत सिंह के परिवार का कब्जा रहा है फिर चाहे सरकारी किसी भी पार्टी की रही हो। अनंत सिंह ने वर्ष 2022 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम से जुड़े एक मामले में दोषसिद्धि के कारण विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने पर यह सीट छोड़ दी थी। इस सीट पर हुए उपचुनाव में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने जीत हासिल की थी। उच्च न्यायालय ने हालांकि बाद में उन्हें उस मामले में बरी कर दिया था।

किसानों को सोलर पंप देने में पीछे रही सरकार: लक्ष्य से हजारों कम वितरण

भोपाल प्रदेश सरकार को कुसुम बी (प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना) के अंतर्गत भारत सरकार से 52 हजार सोलर पंप किसानों को देने का लक्ष्य मिला था, इसके मुकाबले किसानों को केवल 40 हजार 662 सोलर पंप ही दिए जा सके हैं। 11,338 सोलर पंप किसानों को मिले ही नहीं। जबकि एक लाख किसानों ने आवेदन किया था। मप्र ऊर्जा विकास निगम का तर्क है कि जिन किसानों ने 10 प्रतिशत राशि जमा नहीं की, उनके आवेदन अमान्य कर दिए गए और जिन किसानों की राशि जमा हो गई थी, उन्हें कंपनियों के माध्यम से सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं। बता दें कि योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देती है। किसानों को केवल 10 प्रतिशत राशि ही मिलानी होती है। इनमें एक से साढ़े सात हार्स पावर के सोलर पंप दिए गए हैं। किसानों को 10 एचपी की जगह 7.5 एचपी सोलर पंप दे रहीं कंपनियांप्रदेश में जिन किसानों ने 10 हार्स पावर (एचपी) क्षमता के सोलर पंप के लिए आवेदन किया था, उन्हें 10 एचपी की जगह 7.5 एचपी पंप दिए जा रहे हैं। कई जिलों में इसकी शिकायतें मिली है। जिन किसानों ने एक वर्ष पूर्व आवेदन कर राशि जमा की थी, उन्हें अब भी सोलर पंप मिलने का इंतजार है। ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि किसानों ने स्वेच्छा से 10 हार्स पावर की जगह 7.5 हार्स पावर का सोलर पंप लिया है। ऊर्जा विकास निगम की ओर से 10 एचपी पंप के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन कोई भी कंपनी टेंडर में भाग लेने नहीं आई। बता दें कि पिछले वर्ष भिंड में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोलर पंप के लिए प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना पोर्टल की शुरुआत की थी और किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप देने की घोषणा की थी। प्रारंभिक चरण में प्रदेशभर से एक लाख किसानों ने एक से 10 एचपी सोलर पंप के लिए पांच-पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन किया था। कुसुम बी में मिलता है लाभ- प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना।- 30% केंद्र सरकार, 30% राज्य सरकार।- बाद में राज्य सरकार ने अतिरिक्त 30% की छूट दी।अब कुल 10% किसान मिलाता है और 90% सरकार वहन करती है।  

नरसिंहपुर में खौफनाक घटना: खाना बनाते वक्त फटा इंडक्शन, महिला और बच्चे बाल-बाल बचे

नरसिंहपुर एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच वैकल्पिक साधन के रूप में उपयोग हो रहे इलेक्ट्रिक इंडक्शन अब खुद जोखिम का कारण बनने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार दोपहर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम खैरीनाका में सामने आया, जहां खाना बनाते समय इंडक्शन अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। किचन में धमाका और बिखरा कांच घटना के समय किचन में गृहिणी हेमा जाट अपने दो बच्चों के साथ मौजूद थीं। वह बेटे के स्कूल से लौटने के बाद उसके लिए इंडक्शन पर खिचड़ी बना रही थीं। जैसे ही उन्होंने बर्तन उतारने की कोशिश की, इंडक्शन में तेज धमाका हो गया और उसका कांच चकनाचूर होकर पूरे किचन में फैल गया। कांच के टुकड़े पास में रखे दूध और खिचड़ी में भी जा गिरे, जिन्हें तुरंत फेंक दिया गया। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वारंटी के बावजूद 6 माह में हादसा हेमा जाट ने बताया कि जब उन्होंने यह इंडक्शन खरीदा था, तब कंपनी द्वारा 3 साल की वारंटी दी गई थी, लेकिन महज 6 माह के भीतर ही यह इस तरह फट गया। उन्होंने बताया कि एलपीजी गैस की समस्या के कारण वे मजबूरी में इंडक्शन पर खाना बना रही थीं। जब से गैस सिलिंडर की उपलब्धता में परेशानी आ रही है, तब से अनेक लोग इंडक्शन जैसे उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों को सतर्क रहने की जरूरत का संकेत दे रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विद्युत उपकरणों के उपयोग में सही वोल्टेज, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और नियमित जांच जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।  

उत्तर प्रदेश के ऋषि यादव एआईटीए टेनिस के प्री क्वार्टर फाइनल में

लखनऊ स्वरूप अग्रवाल मेमोरियल एआईटीए पुरुष प्राइजमनी टेनिस टूर्नामेंट में क्वालीफायर से मुख्य ड्रॉ में पहुंचे उत्तर प्रदेश के ऋषि यादव और हरियाणा के सुनील कुमार ने सोमवार को उलटफेर भरी जीत दर्ज करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में स्थान बना लिया। इंडिया पेस्टीसाइड्स लिमिटेड द्वारा प्रायोजित एक लाख रुपये की प्राइजमनी वाली इस प्रतियोगिता में आज खेले गए मुख्य ड्रॉ के पहले दौर में उत्तर प्रदेश के छठी वरीय अंशुमान सिंह, क्वालीफायर वंश यादव तथा चिन्मय देव चौहान ने भी जीत दर्ज कर अगले दौर में प्रवेश किया। लकी लूजर ऋषि यादव 6-3, 2-0 से आगे थे, तभी उनके प्रतिद्वंद्वी महाराष्ट्र के पांचवीं वरीय तनिष्क जाधव ने मैच छोड़ दिया। वहीं हरियाणा के सुनील कुमार ने सातवीं वरीय प्रशांत को 6-0, 6-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। उत्तर प्रदेश के वंश यादव ने दिल्ली के सौरव कुमार यादव को कड़े मुकाबले में 7-6(2), 7-6(3) से पराजित किया, जबकि चिन्मय देव चौहान ने उत्तराखंड के अर्णव को 6-1, 6-1 से हराया। छठी वरीय अंशुमान सिंह ने बिहार के वैभव सिंह को 6-1, 6-3 से शिकस्त दी। अन्य मुकाबलों में हरियाणा के हर्ष मलिक, राजस्थान के अमित, केरल के कौशिक, दिल्ली के मयंक शर्मा, पश्चिम बंगाल के सार्थक गुलाटी और मुकिल रामानन ने अपने-अपने मैच जीतकर अगले दौर में जगह बनाई।  

अप्रैल से चंडीगढ़ में बढ़ेगी पानी की कीमत, गारबेज कलेक्शन चार्ज और कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के लोगों की जेब पर एक अप्रैल से अधिक बोझ पड़ने वाला है। पानी से लेकर डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के चार्ज बढ़ने वाले हैं। वाटर टैरिफ में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा सीवरेज सेस भी बढ़ेगा। साथ ही डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन चार्ज में होगी बढ़ोतरी। अभी 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगा। 60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। हालांकि पांच प्रतिशत की वृद्धि बहुत बड़ी नहीं है। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। घरों की एरिया के अनुसार चार्ज वार्षिक बढ़ोतरी नियम के कारण पहली अप्रैल से गारबेज कलेक्शन चार्ज भी सभी केटेगरी में पांच प्रतिशत तक बढ़ गया है। दो मरला तक के घरों का गारबेज कलेक्शन चार्ज 57.88 रुपये से बढ़कर 60.77 रुपये हो जाएगा। दो मरला से 10 मरला तक के घरों का चार्ज 115.76 रुपये से बढ़कर 121.55 रुपये होना है। 10 मरला से एक कनाल तक के घरों को पहली अप्रैल से 231.53 रुपये की जगह 243.11 रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह एक कनाल से दो कनाल तक के घरों का शुल्क 289.38 रुपये से बढ़कर 303.85 रुपये हो जाएगा। वहीं दो कनाल से अधिक एरिया के घरों के लिए गारबेज कलेक्शन चार्ज 405.09 रुपये से बढ़कर 425.34 रुपये होना है। कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग महंगी होगी पहली अप्रैल से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी। इसमें कैटेगरी के हिसाब से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग रेट बढ़ने हैं। पांच से दस प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि बुकिंग में हो जाएगी। शराब होगी महंगी, ठेके बदलेंगे पहली अप्रैल से नई आबकारी नीति भी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब के रेट भी नई आबकारी नीति के हिसाब से ही लागू होने हैं। हालांकि शराब के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। केवल दो प्रतिशत रेट ही बढ़ाने प्रस्तावित किए गए हैं। शराब के नए ठेकों का आवंटन होने के बाद पहली अप्रैल से यह शुरू हो जाएंगे। पहली अप्रैल से बूथ, शाप और नगर निगम की दूसरी संपत्ति के किराये में भी पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।  

Delhi Budget Highlights: फ्री बिजली पर बड़ा ऐलान, जानिए किन योजनाओं की हुई बरसात

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है। महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी। मुफ्त खाना और सिलेंडर दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा। शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है। ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है। बस और मेट्रो के लिए क्या सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है। स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। ग्रीन बजट दिया गया नाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'

तेंदुए की खाल की तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।            वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।           यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।           वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी हैं। इस अभियान में राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन की वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं के तहत जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।