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चैत्र नवरात्रि में गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां के चरणों में लगाई हाजिरी, स्वस्थ-समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की

मुख्यमंत्री ने किए मां पाटेश्वरी के दर्शन चैत्र नवरात्रि में गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां के चरणों में लगाई हाजिरी, स्वस्थ-समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की मंदिर की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, श्रद्धालुओं का किया अभिवादन गोरक्षपीठाधीश्वर मार्च में दूसरी बार पहुंचे मां पाटेश्वरी मंदिर   लखनऊ/बलरामपुर गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैत्र नवरात्रि में बुधवार को तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किया। मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया।  सीएम योगी बुधवार को बहराइच में आयोजित कार्यक्रम के उपरांत बलरामपुर पहुंचे। यहां दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने गोरखपुर के लिए प्रस्थान किया। सीएम ने मंदिर में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। सीएम ने रामनवमी के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व स्वच्छता की समुचित व्यवस्था का भी निर्देश दिया।   गौरतलब है कि इसके पूर्व मुख्यमंत्री 11 मार्च को दो दिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचे थे। उन्होंने 12 मार्च की सुबह मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। बुधवार को दर्शन-पूजन के दौरान महंत मिथिलेश नाथ योगी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद रहे।

चैत्र नवरात्रि में मन की मुराद पूरी, मुख्यमंत्री के हाथों मिला सुविधाओं का लाभ

चैत्र नवरात्रि में पूरी हुई मन की मुराद, मुख्यमंत्री के हाथों मिला सुविधाओं का लाभ  भरथापुर के ग्रामीण ने मंच पर अपने बदले हालात से कराया अवगत  बहराइच/लखनऊ भरथापुर में विकट परिस्थितियों में रह रहे 136 परिवारों को 1.20 लाख रुपये प्रति परिवार की दर से मुख्यमंत्री आवास की धनराशि अंतरित की गई। चैत्र नवरात्रि में मुख्यमंत्री ने 1.63 करोड़ से अधिक की धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे अंतरित की।  मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाभार्थियों को विभिन्न सुविधाओं से युक्त स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इसके अलावा सीएम ने लाभार्थियों को हितग्राही धनराशि, परिसंपत्तियों, मुआवजा, शौचालय, मुख्यमंत्री आवास राशि समेत अनेक सुविधाओं का लाभ और उपहार भी प्रदान किए। इसके तहत संगीता को 16.98 लाख, आरती को 19.60 लाख, निर्मला देवी को 30.99 लाख, रानी देवी को 18.91 लाख, रेखा देवी को 21.73 लाख, किशोरी देवी को 37.44 लाख, अन्ना देवी को 26.49 लाख, सुनीता देवी को 18.53 लाख, प्रेमा देवी को 30.56 लाख, मंजू देवी को 26.84 लाख से अधिक की राशि का संस्तुति पत्र समेत अनेक सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया।  "मुख्यमंत्री जी करा रहे समस्या का समाधान" कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भरथापुर निवासी मुन्ना लाल मौर्य ने सीएम योगी का ह्रदय से आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमारा गांव तीन तरफ से नदियों व एक तरफ जंगल से घिरा हुआ है। वहां कोई सुविधा नहीं है। तहसील जाने के लिए नाव से नदी पारकर जाते हैं और इसके लिए कुल 60 किमी. की दूरी तय करनी होती है। हमारे गांव में शौचालय, विद्यालय, शिक्षा-स्वास्थ्य आदि की सुविधाएं नहीं थीं। मुख्यमंत्री जी आज हमारी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, इसके लिए उनका हृदय से आभार। गांव में जो जमीन थी, वह नदी के कटान से चली गई। हम भूमि विहीन हैं। रोजगार भी नहीं है। 29 अक्टूबर को नाव हादसे में हमारे गांव के 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी। मुख्यमंत्री जी ने इसका तुरंत संज्ञान लिया। गांव का भ्रमण कर पीड़ित परिवारों से मिले और ढांढस बंधाया। उन्होंने जिलाधिकारी से सेमरहना में जगह निश्चित करने और हम लोगों को बसाने, शिक्षा, रोजगार के लिए कहा। यह भी निर्देश दिया कि सभी आराम से रहें और बच्चे पढ़ें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे छिंदवाड़ा और पांढुर्णा को नए विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव छिंदवाड़ा और पांढुर्णा को देंगे विकास कार्यों की सौगात गुरूवार को करोड़ों की लागत वाले विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन संबल और पेंशन के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से राशि अंतरित करेंगे छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को छिंदवाड़ा और नये जिले पांढुर्णा को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोनों जिलों में विकास को और अधिक गति देने के लिये विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 मार्च 2026 को पुलिस ग्राउंड, छिंदवाड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगे। वे 506.29 करोड़ की लागत के 105 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में प्रदेश के संबल और पेंशन योजना के हितग्राहियों को आर्थिक सहायता राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौरई के सिहोरा माल में आयोजित सहस्त्र कुंडीय यज्ञ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नये जिले पांढुर्णा में गुरूवार को 362.80 करोड़ रूपये के 67 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। यह पहल जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करते हुए आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 34 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनकी कुल लागत 111.63 करोड़ रूपये है। इन कार्यों से विभिन्न विभागों की अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) का 30.5 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित पांढुर्णा फ्लाईओवर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो शहर के यातायात को सुगम बनाते हुए आवागमन में लगने वाले समय को कम करेगा तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 33 नवीन विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी करेंगे। इनकी कुल लागत 251.17 करोड़ रूपये है। इन परियोजनाओं में म.प्र. भवन विकास निगम के 3 महत्वपूर्ण कार्य (₹69.49 करोड़) विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, जिनमें कलेक्टर कार्यालय, जिला चिकित्सालय एवं एसपी ऑफिस शामिल हैं। ये संस्थान जिले की प्रशासनिक, स्वास्थ्य एवं कानून-व्यवस्था की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री राम नवमी पर हनुमान जन्मोत्सव 2026 का शुभारंभ करने जामसांवली धाम पधारेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव जामसांवली धाम में म.प्र. पर्यटन विभाग द्वारा विकसित हनुमान लोक परियोजना तथा मंदिर संस्थान द्वारा निर्मित नवनिर्मित विशाल सभामंडप का लोकार्पण कर हनुमान जन्मोत्सव 2026 का शुभारंभ करेंगे। हनुमान लोक परियोजना केवल मंदिर परिसर का विस्तार नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और पौराणिक परंपराओं के समन्वय का एक जीवंत उदाहरण है। लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह कॉरिडोर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। जामसांवली धाम भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसमें आस्था के साथ जनभागीदारी और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का व्यापक समावेश है।  

सिंहस्थ-2028 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ-2028 को विश्व-स्तरीय आयोजन बनाने के लिये सरकार संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनायेंगे "समृद्ध मध्यप्रदेश, विकसित मध्यप्रदेश" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन आकाशवाणी से दिया संदेश संदेश का प्रसारण प्रदेश के सभी 17 केन्द्रों से हुआ एक करोड़ से अधिक नागरिकों ने सुना संदेश उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  अपने जन्म-दिन पर आकाशवाणी उज्जैन से संदेश देते हुए सिंहस्थ-2028 को विश्व-स्तरीय आयोजन के साथ भव्य और अद्वितीय बनाने की सरकार की संकल्पबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिये प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से आप सभी के साथ जुड़ते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश आज विकास के उस सोपान पर है, जहाँ हमारी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति एक साथ कदमताल कर रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, दानवीरता और पराक्रम से प्रेरणा लेकर मध्‍यप्रदेश सरकार सुशासन के नए आयाम स्‍थापि‍त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश प्रदेश के सभी 17 केन्द्रों से प्रसारित किया गया। संदेश को एक करोड़ से अधिक नागरिकों ने सुना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि हमारी सरकार सांस्‍कृतिक वैभव को साथ लेकर विकास के नए मापदंड स्‍थापित कर रही है। सनातन संस्‍कृति के वैभव को वैश्विक पटल पर नई उंचाईयां प्रदान करने के लिए सरकार सिंहस्थ-2028 को एक "विश्व स्तरीय आयोजन" बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। भारतीय संस्‍कृति में नदियों को माँ का स्‍थान दिया गया है। यह हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। क्षिप्रा नदी को निर्मल, प्रवाहमान बनाकर रिवर फ्रंट विकसित करने, केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं से जल संकट को जड़ से समाप्‍त करने के लिये सरकार हजारो करोड़ रुपयों की परियोजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाई प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था की नींव है। मध्‍यप्रदेश वर्ष 2026 को किसान कल्‍याण वर्ष के रूप में मनाकर प्रत्‍येक खेत तक आधुनिक सिंचाई और कृषि यांत्रिकरण की सुविधा पहुंचाकर किसानों की आय में वृद्धि के लिए दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की उपस्थिति में ग्‍लोबल इनवेस्‍टर्स समिट, संभागीय स्‍तर पर स्‍थानीय इनवेस्‍टर्स समिट कर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्‍साहन देकर हम 'आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' की नींव रख रहे हैं। उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के माध्यम से युवा शक्ति को स्टार्ट-अप और स्व-रोजगार के माध्यम से हम युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मुझे गर्व है कि मध्यप्रदेश ने नई शिक्षा नीति (NEP) को देश में सबसे पहले लागू कर हमारे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक द्वार खोले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चल कर वनवासी कल्‍याण और सामाजिक न्‍याय के लिए प्रतिबद्ध है। वनवासी भाइयों के संस्‍कृतिक संरक्षण के लिए सरकार भगोरिया को राजकीय पर्व और लोक उत्‍सव के रुप में नई पहचान प्रदान कर रही है। वन मेले प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में आयोजित कर वनोपज को बाजार और वनवासी भाईयों को आय के नवीन अवसर प्रदान कर रहें है। नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है, मध्यप्रदेश की धरती पर अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बहुआयामी विकास के लिए प्रदेश में प्रकृति संरक्षण और इको-पर्यटन पर विशेष ध्‍यान दिया जा रहा है। प्रकृति संरक्षण में मध्यप्रदेश अग्रणी है। प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट, नौरादेही अभ्‍यारण्य का विस्तार, मगरमच्छ व कछुआ संरक्षण के कार्यों ने प्रदेश को 'इको-टूरिज्म' का वैश्विक केंद्र बना दिया है। पर्यटन के विकास से हम स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर सृजित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'लाड़ली बहनों' से लेकर स्व-सहायता समूहों तक, महिला सशक्तिकरण हमारी हर योजना के केंद्र में है। साथ ही, हम इंदौर, उज्‍जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे नगरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित कर रहे हैं, जिससे शहरी जीवन सुगम और आधुनिक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये यह विकास यात्रा मेरे अकेले की नहीं है। इसमें मेरे कैबिनेट के सहयोगियों का समर्पण और आप सभी का विश्वास शामिल है। हम मिलकर एक ऐसा मध्यप्रदेश बनाएंगे जो वैभवशाली और समृद्धशाली होगा।  

जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में, व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद

जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में, सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण योगी सरकार की पहल से साकार हुई परियोजना गौतमबुद्धनगर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 28 मार्च को होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गईं हैं। पीएम मोदी द्वारा सम्पन्न होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था को अमली जामा पहनने में जुट गया है। सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों पर तेजी से काम पूरा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय भूमिका और लगातार प्रयासों से यह महत्वाकांक्षी परियोजना मूर्त रूप लेने जा रही है। सीएम योगी के विजन के चलते यह प्रोजेक्ट प्रदेश के विकास का बड़ा प्रतीक बनकर उभर रहा है। सभी व्यवस्थाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में की गई समीक्षा के बाद सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों को अंतिम रूप देने में लग गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, मार्ग संचालन, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, पेयजल, बैरिकेडिंग, साइनेज और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से हो रही निगरानी कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, पार्किंग और आगमन-प्रस्थान मार्गों को पूरी तरह व्यवस्थित किया जा चुका है, वहीं ट्रैफिक सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाई गई है और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। वीवीआईपी, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, अधिकारियों और आमजन की संभावित बड़ी संख्या को देखते हुए साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सीएम योगी स्वयं ले रहे पल-पल का अपडेट प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट को निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देगा। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक लोकार्पण कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एयरपोर्ट का निरीक्षण कर सभी तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश भी प्रदान किए।

पंचगव्य से यूपी में खड़ा होगा विशाल ऑर्गेनिक बाजार

गोशालाएं बनेंगी अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन पंचगव्य से यूपी में खड़ा होगा विशाल ऑर्गेनिक बाजार बायोगैस प्लांट स्थापित कर तैयार की जाएगी बायो सीएनजी आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और आईआईटी खड़गपुर पासआउट छात्र की हाईटेक टेक्नोलॉजी का होगा गोशालाओं में इस्तेमाल 100 से ज्यादा गो उत्पादों के जरिए तैयार की जाएगी मार्केट, बड़े पैमाने पर मिलेगा रोजगार योगी सरकार का बड़ा कदम : प्रदेश के छोटे पशुपालकों को भी होगी बड़ी कमाई लखनऊ  उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का बड़ा आधुनिक 'टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल स्टेट'  बनकर उभरने वाला है। प्रदेश की गोशालाओं को अब सिर्फ पशुओं के आश्रय तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा केंद्र बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गो सेवा आयोग ने 'पंचगव्य वैल्यू चेन' (गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी) पर काम करते हुए 100 से ज्यादा उत्पाद तैयार कर एक विशाल ऑर्गेनिक मार्केट तैयार करने का खाका खींच लिया है। इसमें आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और आईआईटी खड़गपुर पासआउट छात्र की हाईटेक टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसी से बायोगैस प्लांट स्थापित कर बायो-सीएनजी तैयार की जाएगी। योगी सरकार के इस बड़े कदम का लाभ प्रदेश के छोटे पशुपालकों को भी होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को जमीन पर उतारने के लिए देश के शीर्ष आईआईटी संस्थानों के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना का पहला प्रयोग जालौन जिले की गोशालाओं से शुरू किया जा रहा है। यहां बायोगैस प्लांट स्थापित कर जैविक खाद, बायो-सीएनजी और अन्य पंचगव्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। जालौन का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर इस हाईटेक मॉडल को पूरे प्रदेश की गोशालाओं में लागू किया जाएगा। गोशालाओं को पूरी तरह स्वावलंबी और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के लिए आईआईटी दिल्ली के प्रो. वीके विजय विशेष सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टेक्निकल टीम गांवों में जाकर स्किल ट्रेनिंग देगी। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बायोगैस प्लांट के सुचारू संचालन के लिए स्थानीय लोगों को विशेष रूप से तैयार किया जाएगा।  उत्पादों को तैयार करने से लेकर उसकी ब्रांडिंग और बिक्री तक मदद करेगी टीम वहीं, सॉफ्टवेयर कंपनी से करोड़ों का पैकेज छोड़कर आए आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र यशराज और उनकी टीम इन उत्पादों को तैयार करने से लेकर उसकी ब्रांडिंग और बिक्री तक मदद करेगी। योगी सरकार के इस बड़े कदम का लाभ प्रदेश के छोटे पशुपालकों को भी होगा। पंचगव्य के जरिए बनाए गए उनके उत्पादों का बाजार में बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही गांव-गांव स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी मिलेगा। आधुनिक मॉडल के दोहरे फायदे गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के अनुसार इस आधुनिक मॉडल के दोहरे फायदे होंगे। एक ओर जहां गोवंश का सुरक्षित संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं और छोटे किसानों के लिए रोजगार व अतिरिक्त आय के नए द्वार खुलेंगे। तकनीक और परंपरा का यह संगम गांवों में आजीविका का एक बिल्कुल नया और स्थायी मॉडल पेश करने जा रहा है। योजना की महत्वपूर्ण बातें गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी से तैयार होंगे 100 से अधिक ऑर्गेनिक उत्पाद। पहले चरण में जालौन की गोशालाओं को बनाया जा रहा है हाईटेक और स्वावलंबी। बायोगैस प्लांट चलाने और उत्पाद बनाने के लिए आईआईटी विशेषज्ञ दे रहे ट्रेनिंग। गोसंरक्षण के साथ-साथ छोटे पशुपालकों और स्थानीय युवाओं की आय बढ़ाने का सीधा जरिया।

कौशल विकास से बढ़ेगी आर्थिक रफ्तार, ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य पर योगी सरकार का जोर

कौशल विकास से तेज होगी आर्थिक रफ्तार, ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य पर योगी सरकार का फोकस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उद्योग आधारित प्रशिक्षण और आईटीआई सशक्तीकरण पर जोर युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल योगी सरकार की प्राथमिकता लखनऊ  उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए योगी सरकार कौशल विकास को केंद्र में रखकर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का फोकस युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करना है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के सशक्तीकरण को लेकर बैठक में विशेष जोर दिया गया। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने और उद्योग आधारित स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उद्योगों की मांग के अनुरूप बनाना समय की जरूरत है, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही डेलॉइट के प्रतिनिधियों ने बदलते औद्योगिक परिदृश्य, नई तकनीकों और भविष्य उन्मुख कौशल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी आधारित स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिसके लिए प्रशिक्षण प्रणाली को अपडेट करना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि कौशल विकास को नई दिशा देकर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना ही प्रदेश की आर्थिक प्रगति की कुंजी है। उन्होंने अधिकारियों को नवाचार, तकनीकी उन्नयन और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि योगी सरकार युवाओं को सशक्त बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

योगी सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं में अभूतपूर्व प्रगति

नव निर्माण के 9 वर्ष: गुड गवर्नेंस से बदली यूपी की तस्वीर, ‘ईज ऑफ लिविंग’ में हुआ बड़ा सुधार योगी सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं में अभूतपूर्व प्रगति पेंशन, आवास, मुफ्त राशन, मेडिकल कॉलेज, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल सुविधाओं के आंकड़े बता रहे बदलाव की पूरी कहानी हर व्यक्ति तक पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं, डिजिटल सेवाओं से समय व श्रम में हुई भारी कमी शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अब नहीं रही प्रदेशवासियों को यूपी से बाहर जाने की जरूरत लखनऊ उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुशासन (गुड गवर्नेंस) को केंद्र में रखकर ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने की दिशा में व्यापक काम हुआ है। योजनाओं की प्रगति और उपलब्ध आंकड़े इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सरकार के द्वारा किए गए इन सभी प्रयासों का समेकित प्रभाव यह है कि उत्तर प्रदेश में अब स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए लोगों को बाहर जाने की आवश्यकता कम हुई है। योजनाओं की ठोस प्रगति और पारदर्शी क्रियान्वयन ने प्रदेश को ‘ईज ऑफ लिविंग’ के मामले में एक नए स्तर पर पहुंचाया है, जिससे उत्तर प्रदेश एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्ष 2017 के बाद बड़ा विस्तार देखने को मिला है। जहां पहले सीमित संसाधन और अव्यवस्थित ढांचा था, वहीं अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ के तहत हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 13,600 एमबीबीएस और 6,866 पीजी सीटों पर प्रवेश हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5.64 करोड़ लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए हैं, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत 1.32 लाख से अधिक विद्यालयों में 19 बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। डीबीटी के माध्यम से 1.30 करोड़ से अधिक छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग आदि के लिए धनराशि सीधे खातों में भेजी गई है। साथ ही डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए हजारों स्कूलों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं। कौशल विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत करीब 26 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना से कारीगरों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन को स्थिरता दी है। वर्तमान में 67.50 लाख वृद्धजन, 26.81 लाख निराश्रित महिलाएं और 11.57 लाख दिव्यांगजन पेंशन का लाभ ले रहे हैं। पेंशन राशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किया गया है और अप्रैल 2026 से इसे 1500 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। पिछले नौ वर्षों में 62 लाख से अधिक आवास गरीबों को उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न वितरण से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 1.86 करोड़ परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं। डीबीटी के माध्यम से 31 विभागों की 191 योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है।  महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी ठोस परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बेटियां, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुई हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख से अधिक बेटियों के विवाह संपन्न कराए गए हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन से 1.06 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि 18.55 लाख महिलाएं ‘लखपति’ श्रेणी में पहुंच चुकीं हैं। डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है। ई-साथी ऐप पर 24 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 2066 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी दी गई है, जबकि प्रोजेक्ट गंगा के तहत 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का कार्य जारी है। इससे करीब 10 हजार रोजगार अवसर भी सृजित हुए हैं।

योगी सरकार का बड़ा निर्णय: रामनवमी पर दो दिन का अवकाश

योगी सरकार का बड़ा फैसला, रामनवमी पर दो दिन का अवकाश 26 के साथ अब 27 मार्च को भी रहेगी छुट्टी प्रदेशभर के मंदिरों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला लखनऊ रामनवमी के अवसर पर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए अवकाश को एक दिन और बढ़ा दिया है। अब 26 मार्च के साथ-साथ 27 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला प्रदेशभर के मंदिरों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। लगातार दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और दर्शन में सुविधा मिलेगी। साथ ही व्यवस्थाओं को भी बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रामनवमी के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी अयोध्या समेत प्रदेशभर में मंदिरों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अवकाश बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अतिरिक्त अवकाश से यातायात को सुव्यवस्थित करने में मिलेगी मदद प्रदेश सरकार के इस कदम को आस्था के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। अतिरिक्त अवकाश से यातायात, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश सरकार पहले ही 26 मार्च को अवकाश घोषित कर चुकी थी, जिसे अब बढ़ाकर 27 मार्च तक कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में प्रेस की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

उज्जैन की दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाने में प्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री का उज्जैन प्रेस क्लब में जन्मदिन पर भव्य स्वागत हुआ उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन प्रेस क्लब में पहुंचने पर पत्रकार साथियों के द्वारा जोरदार स्वागत किया गया और जन्मदिन की बधाइयां दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब के साथियों के साथ जन्मदिन मनाते हुए कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि एनसीआर के बाद देश का सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर और उसके आसपास के जिले मिलकर बना रहे हैं। मेट्रोपोलिटन व्यवस्था बनाने के लिए सभी नागरिकों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है। सरकार वह सभी आधारभूत संरचनाओं निर्मित कर रही है जो आवश्यक है। आने वाले समय में मालवा की पहचान दुनिया के सबसे बड़े मेट्रोपोलिन क्षेत्र के रूप में स्थापित होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर अब मेट्रो शहर के रूप में परिवर्तित हो गया है। प्रदेश और देश मे हमारी पहचान भी बदल रही हैं और देश में अब उज्जैन जिला एक प्रमुख स्थान रख रहा है। सारी दुनिया हमारी ओर देख रही है। सिंहस्थ 2028 का भव्य आयोजन हमारे लिए एक परम कर्तव्य है। पूरी दुनिया को उज्जैन के महत्व को बताने और उसको सही आधुनिक नवीन रूप में प्रदर्शित करने के लिए प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसमें आप सभी का सहयोग सदैव मिलता रहा है। उज्जैन प्रेस क्लब का आधुनिक भवन बने इसके लिए यह यदि उज्जैन प्रेस क्लब प्रस्ताव देता है तो उसे पर विचार किया जाएगा। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री नंदलाल यादव कार्यकारी अध्यक्ष श्री विशाल हाडा और इसके साथ प्रेस कार्यकारिणी के सदस्य और पत्रकार बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।