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चैत्र पूर्णिमा 2026,1 अप्रैल को व्रत और 2 को स्नान-दान का शुभ संयोग, देखें पूजा के खास मुहूर्त

साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा कब है? हिंदू पंचांग के मुताबिक, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली यह पूर्णिमा तिथि व्रत, स्नान और दान के लिए काफी पुण्य मानी जाती है. इस साल यह तिथि दो दिन 1 और 2 अप्रैल तक है. इससे पहले सवाल यह उठता है कि, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए कौन-सा दिन सबसे अच्छा है. ऐसे में पंचांग देखना बेहद जरूरी है. आमतौर पर पूर्णिमा तिथि सूर्योदय के समय पड़ने पर स्नान और दान-पुण्य किया जाता है, जबकि चंद्रोदय के समय पड़ने पर व्रत रखा जाता है. आइए इस विषय में विस्तार पर चर्चा करें. चैत्र पूर्णिमा तिथि का समय द्रिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र पूर्णिमा बुधवार 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी और गुरुवार 2 अप्रैल को सुबह 7.41 बजे तक चलेगी. अनुष्ठानिक स्नान और दान 1  अप्रैल को पूर्णिमा तिथि सूर्योदय के बाद शुरू होती है, जबकि 2 अप्रैल को यह सूर्योदय के समय  मौजूद रहेगी.  इसलिए उदयतिथि के नियम के मुताबिक, 2 अप्रैल को स्नान करना दान करना और ज्यादा शुभ होता है. उपवास की तिथि 1 अप्रैल को पूर्णिमा की तिथि सक्रिय रहने के कारण शाम को 6 बजकर 11 मिनट पर चंद्रोदय होगा. हालांकि 2 अप्रैल को शाम 7.07 मिनट पर चंद्रोदय होगा, जो प्रतिपदा में होगा. इसलिए 1 अप्रैल को ही चैत्र पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा. शुभ मुहूर्त और उपासना का समय 2 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4.38 बजे से 5.24 मिनट तक रहेगा, जो स्नान के लिए आदर्श समय है. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12.50 मिनट तक रहेगा.1 अप्रैल को भगवान सत्यानारायण की पूजा करने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 6.11 बजे से लेकर 9.18 बजे के बीच है. शाम को सूर्यास्त के बाद (शाम 6.39 बजे), प्रदोष काल (गोधूलि बेला) के दौरान देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिसके बाद उसी रात चंद्रमा को अर्घ्य किया जाता है. शुभ योगों का संगम 1 अप्रैल को कई शुभ योग प्रभावी रहेंगे. रवि योग सुबह 6.11  बजे से शाम 4.17 बजे तक रहेगा. इसके बाद सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा और अगले दिन सुबह 6.10 बजे तक जारी रहेगा. इसके अलावा वृद्धि योग दोपहर 2.51 बजे तक सक्रिय रहेगा, जिसके बाद ध्रुव योग का प्रभाव शुरू हो जाएगा.

सरसों की खरीद पर सरकार की अग्निपरीक्षा, निजी मंडियों में ₹6900 तक मिल रहा भाव, किसानों का रुझान भांपना चुनौती

चंडीगढ़  प्रदेश में रबी-2026 की सरसों की खरीद शनिवार से होगी। सुबह 6 छह बजे से रात 8 बजे तक गेटपास बनेंगे। किसानों के मोबाइल नंबर पर गेटपास से संबंधित मैसेज मंडी में पहुंचने पर ही आएंगे। बायोमीटि्रक्स की प्रक्रिया अंदर एंट्री के बाद शुरू होगी। खरीद की शुरुआत के साथ ही हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और खाद्य व नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की भी परीक्षा शुरू हो गई है।  सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये तय हैं  रेवाड़ी में निजी व्यापारी 6900 रुपये में सरसों खरीद रहे हैं। नारनौल में अब तक 6841 क्विंटल की खरीद खुली बोली के तहत हो चुकी है। जींद में निजी व्यापारी 6500 रुपये में सरसों खरीद रहे हैं। झज्जर और बहादुरगढ़ के किसानों को 6500 रुपये प्रति क्विंटल रेट मिल रहा है। हिसार में भी 5800 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल बाजार में सरसों का भाव होने से किसानों का मंडियों की तरफ कम रुझान है। कैथल और कलायत में फिलहाल निजी खरीद 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक की जा रही है। जिलावार मंडियों में खरीद के इंतजाम रोहतक : सरसों की खरीद के लिए नमी जांच के लिए 20 मशीनों का इंतजाम किया है। 20 कर्मचारी तैनात रहेंगे। सोनीपत : मार्केट कमेटी के सचिव जितेंद्र सेन का कहना है कि सरसों की खरीद का अधिकारिक पत्र नहीं आया है। रेवाड़ी : सुपरवाइजर, डाटा इंट्री ऑपरेटर और चौकीदार की तैनाती की गई है। 8 नमी मापक यंत्र भी उपलब्ध हैं। नारनौल : सुपरवाइजर, डाटा इंट्री ऑपरेटर और चौकीदार की तैनाती की जा चुकी है। 8 नमी मापक यंत्र भी उपलब्ध हैं। जींद : किसानों की सरसों नमी की जांच कर खरीदी जाएगी। इसकी व्यवस्था की गई है। यमुनानगर : हैफेड ने 7000 क्विंटल खरीद का लक्ष्य रखा है। सीसीटीवी लग गए हैं। गेटपास का जिम्मा मंडी समिति संभालेगी। हिसार : जिले की 13 मंडियों में 54 कर्मचारी और नमी मापने के लिए 27 मशीन लगाई हैं। 11 लाख बैग मंगाए गए हैं। फतेहाबाद : फतेहाबाद, भट्टू, भूना की मंडियों में हैफेड व नैफेड खरीद करेगा। 200 नमी जांचने की मशीनों का इंतजाम किया है। सिरसा : सिरसा में 14 केंद्रों पर 200 नमी जांच की मशीनों की व्यवस्था की गई है। भिवानी : 10 मंडियों में खरीद होगी। भिवानी की चारा मंडी सहित ग्रामीण मंडियों में पर्याप्त शेड नहीं है। चरखरी दादरी : बाढड़ा, झोझूकलां में खरीद होगी। दादरी व बौंदकलां मंडी में हैंडलिंग एजेंट न होने से खरीद अभी नहीं होगी। 15 बायोमीटि्रक्स मशीन रहेंगी। अंबाला : शहजादपुर, नारायणगढ़, मुलना में गेटपास के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं, सत्यापन को लेकर परेशानी हो सकती है। करनाल : घराैंडा व इंद्री में खरीद होगी, देर रात तक व्यवस्थाएं बनाई जा रही थीं। कैथल : कैथल व कलायत मंडी में 80-90 प्रतिशत सरसों मंडियों में आ चुकी है। पानीपत : मंडी में रात 8 बजे के बाद नो एंट्री रहेगी। पानीपत, समालखा, इसराना, मतलौडा, बापौली समेत नौ मंडियों में खरीद होगी। कुरुक्षेत्र : हैफेड एक सोसाइटी के माध्यम से सरसों की खरीद करेगा। गेटपास मंडी के कर्मचारी बनाएंगे। किसान अपनी समस्याओं को लेकर टोल फ्री नंबर पर कर सकेंगे काॅल किसानों को गेटपास से लेकर बायोमीटि्रक्स, वाहन नंबरों की प्लेट की फोटोग्राफी आदि को लेकर कोई परेशानी होती है तो वह टोल फ्री नंबर 18001802060 पर कॉल कर सकते हैं। हरियाणा में सरसों और गेहूं की खरीद की प्रक्रिया को लेकर खुद मंडियों के दाैरे कर रहा हूं। बारदाने की कोई कमी नहीं रहेगी। किसी भी मंडी में टिनशेड के नीचे पुरानी फसल नहीं है। गेटपास से लेकर दूसरे सभी नियम-निर्देशों को लेकर किसानों को जागरूक किया गया है। फिर भी किसानों को कहीं तंग किया गया तो कार्रवाई की जाएगी। राजेश नागर, मंत्री, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले

बीमारी से जंग और भाई के अधूरे सपनों को पूरा करने का साहस लिए अरुणाचल की अनाई ने जीता स्वर्ण

बीमारी से जंग और भाई के अधूरे सपनों को पूरा करने का साहस लिए अरुणाचल की अनाई ने जीता यादगार केआईटीजी स्वर्ण रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण के लिए रायपुर रवाना होने से कुछ ही दिन पहले अरुणाचल प्रदेश की 21 वर्षीय वेटलिफ्टर अनाई वांगसु अस्पताल के बिस्तर पर थीं। उनकी पुरानी गैस्ट्रिक समस्या एक बार फिर उभर आई थी और ताकत लौटाने के लिए उन्हें इंट्रावेनस फ्लूइड्स पर रखा गया। ऐसे में उनके इन खेलों में भाग लेने पर ही सवाल खड़े हो गए थे।           अनाई के लिए यह संघर्ष नया नहीं है। 2019 से वह इस बीमारी से जूझ रही हैं, जो बिना किसी चेतावनी के उन्हें कमजोर, डिहाइड्रेटेड और थका हुआ बना देती है—एक ऐसे खेल में जहां ताकत और संतुलन सबसे अहम होते हैं।              लेकिन इस शारीरिक चुनौती के आगे हार मानने के बजाय अनाई ने वापसी की। अस्पताल से छुट्टी मिलने के अगले ही दिन वह फिर से प्रशिक्षण में जुट गईं, क्योंकि इस बार वह अपने करियर के ‘करीब आकर चूक जाने’ की कहानी को बदलना चाहती थीं।              अनाई ने यहां महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतने के बाद साई मीडिया से कहा,” मैंने पहले कांस्य और रजत पदक जीते थे और परिवार में सभी पूछते थे कि मैं स्वर्ण कब जीतूंगी। अब सब बहुत खुश हैं कि आखिरकार मैंने यह लक्ष्य हासिल कर लिया।”          इससे पहले अनाई ने यूथ नेशनल्स में दो कांस्य पदक जीते थे। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं, जिसमें 2025 का खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (राजस्थान) भी शामिल है, में रजत पदक हासिल किए। लेकिन स्वर्ण हर बार उनसे थोड़ा दूर रह जाता था।             पिछले साल ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी नेशनल्स में वह केवल एक लिफ्ट से स्वर्ण चूक गई थीं, क्योंकि एक मिनट की समय सीमा समाप्त हो गई थी। उस पल की टीस आज भी उनके दिल में है। उन्होंने उस पाल को याद किया,” उस दिन मैं बहुत रोई थी। लगा जैसे मेरी सारी मेहनत बेकार हो गई।”          वांगचो जनजाति से ताल्लुक रखने वाली अनाई की वेटलिफ्टिंग यात्रा उनके बड़े भाई सिंचाड बांसु के सपनों से जुड़ी है, जो खुद राष्ट्रीय स्तर के वेटलिफ्टर रह चुके हैं और अब अरुणाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं।            सिंचाड ही उन्हें पहली बार इटानगर के स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) केंद्र में ट्रायल्स के लिए लेकर गए थे। शुरुआत में अनाई की दिलचस्पी इस खेल में नहीं थी। वह बॉक्सर बनना चाहती थीं, खासकर मैरी कॉम की फिल्म से प्रेरित होकर। लेकिन उनके भाई ने उन्हें समझाया और वेटलिफ्टिंग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। जल्द ही अनाई को लखनऊ के एनसीओई में उन्नत प्रशिक्षण के लिए चयनित कर लिया गया।         हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान उन्हें वापस अरुणाचल लौटना पड़ा, जहां पर्याप्त पोषण और संसाधनों की कमी ने उनकी गैस्ट्रिक समस्या को और बढ़ा दिया।          अनाई ने कहा,” मैं बहुत मेहनत करती हूं, लेकिन कभी-कभी मेरी सेहत अचानक खराब हो जाती है। समझ नहीं आता कि मेरा शरीर मेरा साथ क्यों नहीं देता।”          भारत के लिए खेलने का सपना रखने वाली अनाई ने यह भी जोड़ा कि यहां मिला स्वर्ण पदक उन्हें यह भरोसा देता है कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जा रही है। —

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिलासपुर के रिसॉर्ट में हिरण शिकार का खुलासा, 4 आरोपी धराए

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का शिकार किया गया। वन विभाग की टीम ने रिसार्ट में छापेमारी कर हिरण के पके मीट बरामद किए है। मैनेजर समेत 4 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला कोटा क्षेत्र के बेलगहना स्थित कुरदर के एथनिक रिसार्ट का है। दरअसल, वन विभाग को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि, बेलगहना वन परिक्षेत्र के कुरदर स्थित प्राइवेट रिसार्ट में हिरण का शिकार कर उसके मांस को पकाया जा रहा है। अफसरों ने रिसार्ट में दबिश देकर तलाशी ली, तो किचन में कड़ाही पर मांस पकाया जा रहा था। पर्यटन मंडल का है रिसार्ट जांच में पता चला कि, एथनिक रिसार्ट पर्यटन मंडल संचालित करता है। जहां 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। मैनेजर और कर्मचारियों के लिए हिरण का मीट बनाया जा रहा था। टीम ने कुक रामकुमार टोप्पो समेत रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह सहित रमेश यादव, संजय वर्मा को पकड़ा है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। मैनेजर समेत कर्मचारियों ने कुक को बताया दोषी वन विभाग के अफसरों ने मैनेजर रजनीश सिंह के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की, तब उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि, उन्हें नहीं पता मांस किसका है। उन्होंने पूरा दोष कुक रामकुमार टोप्पो पर मढ़ दिया। जबकि, कुक रामकुमार ने कहा कि उसे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। उसे गांव के जनक बैगा ने पत्ते में मांस लाकर दिया था। कुक रामकुमार टोप्पो, जिसे पूछताछ कर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा मीट वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार आरोपियों का बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अफसरों ने बताया कि, जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि यह हिरण का ही मांस है या नहीं। हालांकि, वन विभाग की जांच में हिरण के बाकी अवशेषों का कुछ पता नहीं चल सका है। जंगल में बेधड़क हो रहा वन्य जीवों का शिकार कोटा-बेलगहना क्षेत्र में इससे पहले भी वन्य जीवों के शिकार हो चुके हैं। जंगल में करंट लगाकर बाघ-तेंदुआ के साथ ही जंगली सुअरों का भी शिकार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कई प्राइवेट रिसार्ट भी हैं, जहां इसी तरह हिरण का शिकार कर मीट बनाया जाता है। लेकिन, वन विभाग के अफसरों ने अब तक प्राइवेट रिसार्ट में छापेमारी नहीं की है।

केयू के छात्रों ने तैयार की ऐतिहासिक स्मारक मूर्तियां, पीएम और सीएम को की गईं भेंट

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग ने भगवद गीता की शिक्षाओं से प्रेरित दो भव्य स्मारक मूर्तियां तैयार की हैं। इनमें से एक मूर्ति भगवान कृष्ण के विराट रूप को दर्शाती है, जबकि दूसरी मूर्ति उस ऐतिहासिक दृश्य को सजीव करती है, जिसमें भगवान कृष्ण रथ पर अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए दिखाई देते हैं। कलाकृतियां मिलकर गुरु-शिष्य के अटूट संबंध का प्रतीक बनती हैं दोनों कलाकृतियां मिलकर दिव्य ज्ञान, मार्गदर्शन और गुरु-शिष्य के अटूट संबंध का प्रतीक बनती हैं। विराट रूप की मूर्ति भगवान कृष्ण के उस विशाल और दिव्य स्वरूप को दर्शाती है, जिसे उन्होंने कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान प्रकट किया था। यह मूर्ति इस विचार को भी उजागर करती है कि एक अदृश्य और शक्तिशाली शक्ति जीवन के संचालन और संरक्षण में निरंतर सक्रिय रहती है। दूसरी मूर्ति उस महत्वपूर्ण क्षण को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है, जब भगवान कृष्ण युद्धभूमि में भ्रमित अर्जुन को साहस, स्पष्टता और निडरता का संदेश देते हैं। यह दृश्य गीता के जीवन-दर्शन और कर्तव्य की भावना को दर्शाता है।  अध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कार की परियोजनाएं छात्रों को प्रोत्साहित करती हैं ललित कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती हैं। ऐसे प्रोजेक्ट छात्रों को अपने कौशल को निखारने और भारतीय संस्कृति को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों को भारत के प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियों को भेंट किया जा चुका है, जो इनके सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। सामूहिक प्रयास से साकार हुई परियोजना डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि यह परियोजना मूर्तिकला अनुभाग के छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से साकार हुई है। कई महीनों की योजना, डिजाइन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से इन मूर्तियों को जीवंत रूप दिया गया है। भविष्य में इन्हें विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जाएगा। यह पहल न केवल कुरुक्षेत्र के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करती है बल्कि कला शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

बार-बार होने वाले सिर दर्द से हैं परेशान, पेनकिलर छोड़ें और आजमाएं ये 3 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय

अक्सर ज्यादा काम करने से या फिर तनाव लेने से सिर दर्द होना आम बात है, लेकिन अगर बार-बार सिर दर्द या भारीपन की समस्या होती है तो इसका कारण पेट का खराब पाचन है. सिर दर्द होने पर हम तुरंत पेन किलर लेकर दर्द में आराम पा लेते हैं, लेकिन यह अस्थायी इलाज है क्योंकि सिर दर्द की असल वजह पेट का खराब पाचन है, न कि मस्तिष्क से जुड़ा कारण. सिरदर्द का है पाचन से कनेक्शन बार-बार होने वाला सिर दर्द को आयुर्वेद में गंभीर माना गया है क्योंकि आयुर्वेद के मुताबिक सिर और पाचन शक्ति का आपस में गहरा संबंध होता है. यह हमारे शरीर का 'उत्तम अंग' है, जो इस बात का संकेत देता है कि शरीर में कुछ तो गड़बड़ी चल रही है. इसलिए बार-बार होने वाले सिर दर्द को बिल्कुल भी अनदेखा न करें. आयुर्वेद में माना गया है कि जब भी खाने पचने में गड़बड़ी होती है तो वात, पित्त और कफ असंतुलित होकर मस्तिष्क की नसों पर प्रभाव डालती है. कभी यह गैस बनकर पेट और सीने में जलन पैदा करती है, तो कभी कब्ज बन कर सिर और शरीर दोनों को भारी महसू कराती है. यही कारण है कि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने के बाद तन और मन दोनों तरोताजा महसूस करते हैं. कैसे करें बचाव अब सवाल है कि इससे बचने के लिए क्या करें. आयुर्वेद इसके लिए नस्य क्रिया करने की सलाह देता है. इसमें नाक में कुछ बूंदें तेल की डालनी होती हैं, जो मस्तिष्क पर पड़ने वाले दबाव को कम करती हैं और शरीर में असंतुलित पित्त को कम करती हैं. दूसरा तरीका दूसरा तरीका है धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी. इसके लिए धनिया और मिश्री को साथ रात के समय भिगो दें और सुबह इसे पी लें. यह पानी कब्ज को तोड़ने का काम करता है. अगर पेट ठीक से साफ नहीं होता है, तो धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी कब्ज को तोड़कर पेट को साफ करने में मदद करेगा. तीसरा तरीका तीसरा और प्रभावी तरीका है सोंठ का लेप. अगर बार-बार सिर-दर्द परेशान कर रहा है और दवा लेकर परेशान हो गए हैं, तो माथे पर सोंठ का लेपन करने से दर्द में आराम मिलेगा. सोंठ को पानी के साथ मिलाकर माथे पर लगाए.  

RCB vs SRH: आज पहला मुकाबला, किसकी होगी जीत से शुरुआत?

नई दिल्ली आईपीएल 2026 का इंतजार आज खत्म होने वाला है। इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच शनिवार को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। बेंगलुरु की टीम पिछले साल चैंपियन बनी थी और इस बार फ्रेंचाइजी ने अपनी पिछली टीम में ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। दूसरी तरफ सनराइजर्स हैदराबाद की टीम एक बार फिर कागज पर काफी मजबूत नजर आ रही है। पैट कमिंस शुरुआती मैचों का हिस्सा नहीं होंगे, ऐसे में उनकी जगह ईशान किशन टीम की कमान संभालेंगे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी रजत पाटीदार करेंगे। पिछले साल बेंगलुरु ने आईपीएल की ट्रॉफी जीती लेकिन जीत का जश्न एक दुखद घटना में बदल गया। स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ ने जीत की खुशी को फीका कर दिया था। जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद यह पहला बड़ा मैच है। IPL 2026 का पहला मुकाबला कहां होगा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का पहला मैच शनिवार को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला है। ये मैच शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा। RCB और SRH स्क्वॉड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम: विराट कोहली, फिल साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), क्रुणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, मंगेश यादव, विहान मल्होत्रा, विक्की ओस्टवाल, अभिनंदन सिंह, जैकब बेथेल, जॉर्डन कॉक्स, स्वप्निल सिंह, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल सनराइजर्स हैदराबाद टीम: अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), लियाम लिविंगस्टोन, हेनरिक क्लासेन, अनिकेत वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, हर्ष दुबे, ईशान मलिंगा, शिवम मावी, स्मरण रविचंद्रन, जीशान अंसारी, सलिल अरोड़ा, कामिंडु मेंडिस, ब्रायडन कार्स, डेविड पायने, प्रफुल्ल हिंगे, साकिब हुसैन, क्रेन्स फुलेट्रा, अमित कुमार धोनी दो सप्ताह के लिए हुए बाहर दिग्गज बल्लेबाज एमएस धोनी पिंडली में खिंचाव के कारण आईपीएल 2026 के पहले दो हफ्त नहीं खेल पाएंगे। धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 खिताब जीते हैं। इस करिश्माई क्रिकेटर ने सीएसके को 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में खिताब जिताए हैं, यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे वह मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के साथ साझा करते हैं।

Exam Scam: ब्लूटूथ से चीटिंग का खुलासा, 10 परीक्षार्थी पकड़े गए, मुंगेली सेंटर रद्द

लोरमी. मुंगेली जिले के लोरमी में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (Atal Bihari Vajpayee University) से संबद्ध ममता मयी मिनीमाता महाविद्यालय में संचालित हो रहे कॉलेज की परीक्षाओं में हाईटेक नकल (High-Tech Cheating) पकड़ा गया है। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता टीम ने परीक्षा में मोबाइल और ब्लूटूथ से नकल करते हुए दस परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा है। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया गया है। अब अगली परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय ने दूसरा परीक्षा केंद्र तय किया है। 213 परीक्षार्थी नए केंद्र में परीक्षा दिलाएंगे। मुंगेली जिले के लोरमी में ममता मयी मिनीमाता महाविद्यालय संचालित है। 2007 से संचालित इस महाविद्यालय में 2019 में पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया था। पहले ही साल परीक्षा केंद्र बनने के साथ ही यहां सामूहिक नकल का मामला सामने आ गया था। उस समय भी अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र निरस्त करके दूसरे जगह बना दिया था। अब दूसरी बार इस महाविद्यालय से ऐसा मामला सामने आया है। एक ही दिन दोनों पालियों में पकड़ाया नकल इस समय महाविद्यालयों की परीक्षाएं चल रही है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध ममतामयी लोरमी मिनीमाता महाविद्यालय में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। विश्वविद्यालय को शिकायत मिली थी कि यहां परीक्षा में गड़बड़ी की जा रही है। जिसके आधार पर विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता दल ने छापामार कार्यवाही की। छापामार दल ने देखा कि परीक्षार्थी बेखौफ होकर मोबाइल से नकल कर रहे है। टीम ने 9 छात्रों को मोबाइल के साथ रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद इसी दिन दूसरी पाली में कुल सचिव डॉक्टर तारणिश गौतम और परीक्षा नियंत्रक रामेश्वर राठौर ने छापा मारा। इस दौरान एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ से नकल करते मिला। छापामार के दौरान परीक्षा कक्षा में ड्यूटी कर रहा पर्यवेक्षक कॉलेज का स्टाफ न होकर बाहरी व्यक्ति पाया गया। केंद्राध्यक्ष विवेक साहू मौके से नदारद पाए गए। उड़नदस्ता दल के द्वारा नकल से संबंधित रिपोर्ट विश्वविद्यालय को पेश की गई जिसके आधार पर विश्वविद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र को निरस्त कर दिया गया है। जिसके साथ ही ममता मयी मिनीमाता महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र को निरस्त कर दिया गया है। अब 28 मार्च को होने वाली परीक्षा शासकीय राजीव गांधी महाविद्यालय लोरमी में होगी। कॉलेज के 213 परीक्षार्थी अब यही परीक्षा दिलाएंगे। विश्वविद्यालय ने सात बिंदुओं में महाविद्यालय से जवाब भी मांगा है।

CM ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक की, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को निर्देश

पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को दिए निर्देश पेट्रोलियम, गैस और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता—अफवाहों से दूर रहने की अपील आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी करवाई के निर्देश आमजनों की सुविधा के लिए बनाया गया है राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम:1800-233-3663 पर कॉल कर ले सकते है सही जानकारी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और सफलतापूर्वक उसका सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोविड जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, अतः नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है तथा उच्च स्तरीय समिति द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा प्रभारी सचिव और कलेक्टर नियमित समीक्षा करें। अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए आमजन तक समय पर तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण एवं आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है। उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है। पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं, शिकायतों अथवा कालाबाजारी की सूचना  1800-233-3663 पर दे सकते हैं।उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आमजन को सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में निर्देश दिए गए कि गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति से संबंधित समाचारों पर सतत निगरानी रखी जाए। भ्रामक खबरों से भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतः ऐसी खबरों का तत्काल संज्ञान लेकर वास्तविक जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी रखने और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को समय पर मिलेगा खाद वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।साथ ही खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी साझा की गई। महत्वपूर्ण संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, भारत सरकार की संस्थाओं, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए। राज्यभर में सतत कार्रवाई—3841 सिलेंडर जब्त, 97 एफआईआर दर्ज बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में 335 स्थलों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की कोई पुष्टि नहीं हुई। हालांकि जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया तथा 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री साय ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ ही निर्देश दिए गए कि पेट्रोल-डीजल को कंटेनरों में आम जनता को उपलब्ध न कराया जाए। केवल अधिकृत मोबाइल टावर एवं जेनसेट संचालित आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही कंटेनर में ईंधन उपलब्ध कराया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्त, आईजी एवं जिला कलेक्टर भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के पेट्रोल, डीजल एवं गैस डिवीजन के अधिकारी उपस्थित थे।

ब्रज के दंगल में पहलवानों के दांव और मंत्रियों के बीच दिखा अपनापन सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

राजस्थान राजस्थान की राजनीति में अक्सर खींचतान और बयानों के तीर चलते दिखते हैं, लेकिन शुक्रवार को डीग के ब्रज नगर में जो हुआ, उसने सबका दिल जीत लिया। मौका था नगर पालिका द्वारा आयोजित सात दिवसीय मेले का, जहां दो कद्दावर मंत्रियों के बीच ऐसा दोस्ताना दिखा कि वहां मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। दरअसल, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने औपचारिकताएं किनारे कर ब्रज की शान जलेबा से UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा का मुंह मीठा कराया। जब सर्किट हाउस में घुली मिठास बता दें कि मेले में आयोजित कुश्ती दंगल के मुख्य अतिथि UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा थे। उनके स्वागत के लिए सर्किट हाउस में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम पहले से ही मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि जैसे ही दोनों नेता मिले, माहौल पूरी तरह से पारिवारिक हो गया। बेढम साहब ने बिना किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए, ब्रज का मशहूर विशाल जलेबा अपने हाथों से तोड़कर खर्रा जी को खिलाया। देसी घी से लबालब इस मीठे मिलन को देखकर वहां मौजूद लोग कहने लगे- इसे कहते हैं ब्रज की मेहमाननवाजी। क्या है ये जलेबा जिसकी हो रही चर्चा? अक्सर लोग जलेबी के बारे में जानते हैं, लेकिन ब्रज और हरियाणा के बॉर्डर पर जलेबा का अपना ही स्वैग है। इसे जलेबियों का राजा कहा जाता है। इसका आकार साधारण जलेबी से कई गुना बड़ा होता है। एक अकेले जलेबे का वजन 250 ग्राम से लेकर आधा किलो तक होता है। शुद्ध देसी घी और चाशनी में डूबा यह जलेबा ब्रज क्षेत्र की खास पहचान है। गौरतलब है कि रामनवमी के मौके पर आयोजित इस दंगल में राजस्थान ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के दिग्गज पहलवानों ने भी दांव-पेच दिखाए। अखाड़े की मिट्टी में जहां पहलवान अपनी ताकत आजमा रहे थे, वहीं अखाड़े के बाहर मंत्रियों के बीच दिखे इस प्रेम ने लोगों का ध्यान खींच लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक और जिले के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे। प्रशासनिक मुस्तैदी और जनता का उत्साह मंत्रियों के इस जलेबा मिलन की चर्चा दंगल से ज्यादा पूरे शहर में रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेताओं के बीच ऐसा अपनापन कम ही देखने को मिलता है। इस दौरान मंत्रियों ने जिले के विकास कार्यों को लेकर भी अनौपचारिक चर्चा की।