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CM का बयान: पंजाब में पेट्रोल का 12, डीजल का 14 और सिलेंडर का 6 दिन का स्टॉक, स्टोर न करें

अमृतसर  फगवाड़ा में आम जनता को लगभग सभी पैट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की भांति ही पैट्रोल और डीजल मिल रहा है।  आज जब शहर के प्रमुख पैट्रोल पंपों का दौरा किया गया तो सभी पंपों पर लोगों को सरलता के साथ पैट्रोल और डीजल वाहनों में भरवाते हुए पाया। लोगों ने भी पैट्रोल पंपों पर मिल रहे तेल पर संतोष जताया हैं। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि पैट्रोल पंपों पर जारी हालात के मध्य वाहनों की लंबी कतारें जरूर लग रही हैं लेकिन यह तो अनेक मौकों पर पहले भी लगती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल (27 मार्च) को हुई मीटिंग के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात की। उन्होंने मीटिंग के बारे में कहा कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है।  लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर आए दिन पैट्रोल और डीजल को लेकर कई तरह की चर्चाओं का दौर सरगर्म रहने और भांति प्रकार की उठ रही अफवाहों के कारण हालात को कुछ का कुछ बनाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हम सभी सजग और सर्तक रहे और सच्चाई पर पहरा देते हुए अफवाहों से बचें। जनता ने जिला कपूरथला पुलिस और प्रशासन से भी पुरजोर मांग की हैं कि वह सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों संबंधी बारीकी से फैक्ट चैक करें जिससे सही और सटीक सूचना आम लोगों तक पहुंच सके।  पंजाब के हालात के बारे में CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन और डीजल का 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। LPG गैस का भी 6 दिन का स्टॉक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2 महीने पहले भी यही स्थिति थी, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि अफवाहों की वजह से तेल की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। मैंने चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का तेल का स्टॉक है। अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं। हमने हर तरह की कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है। सीएम ने कहा कि कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें यह मांगें रखी गई हैं। मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा। यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा। हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए। वहीं ताजा हालात की बात करें तो अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच पंजाब में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी मची हुई है। कल जालंधर और लुधियाना के 2 पेट्रोल पंप ड्राई हो गए थे। आज, शनिवार को अमृतसर में भी रानी के बाग वाले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। जिसके बाद पंप मालिकों ने वहां नोटिस लगा दिया। वहीं जालंधर में कल बंद हुआ BMC चौक के पास वाले पंप में तेल आने के बाद इसो फिर खोल दिया गया है। लुधियाना में भारत नगर चौक वाला पंप अभी भी बंद है। इसी बीच मोगा में फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने पेट्रोल पंप मालिकों को एडवाइजरी जारी कर ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगाने को कहा है। डिपार्टमेंट का कहना है कि इससे स्टोरेज और ब्लैकमार्केटिंग पर रोक लगेगी। वहीं पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। एसोसिएशन ने साफ किया कि यह गलत है। डीजल का उपयोग मोटर, पंपों, जनरेटरों, आदि में होता है। इन्हें पेट्रोल पंप पर लाना संभव नहीं है। इससे लोगों में पैनिक बढ़ेगा और परेशानी भी बढ़ेगी। लुधियाना में भारत नगर चौक के पास पेट्रोल पंप में कल बंद कर दिया गया। लुधियाना में अब सिर्फ गाड़ियों में तेल मिलेगा। कैनी वगैरह में पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया है। चंडीगढ़ में ड्रम में डीजल बेचना बंद कर दिया गया है। पठानकोट में हालात फिलहाल नॉर्मल हैं। मोहाली में भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। वहीं लुधियाना के आजाद पंप के मैनेजर अजय ने बताया कि अभी लोगों को तेल की दिक्कत नहीं है लेकिन हमें पहले जो 2 गाड़ियां क्रेडिट पर यानी उधार मिलती थीं, वह सरकार की तरफ से बंद कर दी गई हैं। अब हमें एडवांस पेमेंट देनी पड़ती है, तभी गाड़ी वहां से चलती है। मंत्री बोले- पैनिक क्रिएट न करें मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि पैनिक क्रिएट ना करें। पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है। एलपीजी का रुट जरूर डिस्टर्ब हुआ है। अभी तक के हालात के मुताबिक कॉमर्शियल एलपीजी की कमी जरूर है। इस समय 20 प्रतिशत अवेलेबल है। हमारी कोशिश है की होस्टल, अस्पताल व अन्य जरूरी स्थानों पर इसका इस्तेमाल हो। पाइप गैस की कोई कमी नहीं है।

मिडिल ईस्ट के संघर्ष से पूरी दुनिया चिंतित, अफवाहों से बचने की सलाह दी PM मोदी ने

 नोएडा लंबे समय से जिस पल का इंतजार था अब वो घड़ी आ गई है. आज जेवर ने नया इतिहास रच दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. हालांकि, अभी यहां केवल दिन में ही फ्लाइट्स का संचालन होगा और बाद में धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से घरेलू सहित इंटरनेशनल उड़ानें शुरू की जाएंगी. फ्लाइट्स का संचालन पूरी तरह से शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट भारत का ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाएगा है. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण का उद्घाटन किया है. यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगा।  सुबह करीब 11:30 बजे पीएम मोदी एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया. करीब 12:20 बजे उद्घाटन हुआ, उसके बाद जनसभा को संबोधित किया. इस चरण में एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल कर सकेगा. भविष्य में इसे और बड़ा बनाया जाएगा।  100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से हवाई एयरपोर्ट की संख्या 17 कर दी है. भाजपा सरकार का निरंतर प्रयास रही है कि एयरपोर्ट भी रहे और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे. इस कारण उड़ान योजना शुरू की. इसकी वजह से 1.60 करोड़ लोगों ने सस्ती दरों पर यात्रा की. हाल ही में उड़ान योजना को और विस्तार दिया गया है. इसके लिए 29000 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. इससे छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना है. यूपी को इससे बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण चिंतित है. कई देशों में खाने-पीने की चीजों, पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे आम परिवारों और किसानों पर इस संकट का असर कम से कम पड़े. उन्होंने कहा कि देशवासी मिलकर इस चुनौती का सामना कर रहे हैं. लोगों को अफवाहों से बस दूर रहना है।  प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र अब देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. इन कॉरिडोर्स से उत्तर भारत की कनेक्टिविटी बंगाल और गुजरात के समुद्री तटों से बेहतर हुई है. दादरी वह स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर आपस में मिलते हैं।  उन्होंने कहा कि इससे किसानों और उद्योगों को बड़ा फायदा होगा. यहां उगाए गए कृषि उत्पाद और यहां बने औद्योगिक सामान अब जमीन, रेल और हवाई मार्ग से तेजी से दुनिया के बाजारों तक पहुंच सकेंगे।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसी मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है।  नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में भी भारत ने अपने विकास की रफ्तार को थमने नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के कुछ हफ्तों में ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है।  उन्होंने कहा कि नोएडा में एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया. उन्होंने इसे “डबल इंजन सरकार” के विकास मॉडल का उदाहरण बताया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट्स मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई दे रहे हैं. सेमीकंडक्टर फैक्ट्री देश को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेट्रो और नमो भारत ट्रेन बेहतर कनेक्टिविटी दे रही हैं, और जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का काम करेगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट भविष्य में इतना बड़ा बनेगा कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरेगा, जो इसकी क्षमता और महत्व को दिखाता है।  प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने नोएडा को “लूट का एटीएम” बना दिया था, लेकिन आज वही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन बन रहा है।  उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट “डबल इंजन सरकार” की कार्य संस्कृति का उदाहरण है. उन्होंने याद दिलाया कि इस एयरपोर्ट को 2003 में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में दबा रहा. केंद्र और राज्य की पुरानी सरकारों ने इस पर काम आगे नहीं बढ़ाया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद जब केंद्र में उनकी सरकार आई और बाद में उत्तर प्रदेश में भी भाजपा सरकार बनी, तब इस प्रोजेक्ट को गति मिली. उन्होंने कहा कि अब यह एयरपोर्ट बनकर तैयार है और शुरू हो चुका है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी गणमान्य अतिथियों और उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों का उल्लेख किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों, खासकर युवाओं के उत्साह की सराहना की।  उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि यह एयरपोर्ट न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि नए भारत के भविष्य की उड़ान का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का भी अवसर मिला था और आज उद्घाटन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों – जैसे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा और बुलंदशहर – के लिए बड़े आर्थिक और विकास के अवसर लेकर आएगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा. यहां से न केवल विमान उड़ेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा।   योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” के कारण प्रदेश ने तेजी से विकास की गति पकड़ी … Read more

DMK तमिलनाडु में 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, स्टालिन इस सीट से करेंगे चुनावी संघर्ष

चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके ने सीटों का बंटवारा तय कर लिया है। सत्ता में बैठी डीएमके 234 में से 164 सीटों पर लड़ेगी, जबकि सहयोगियों के लिए 70 सीटें छोड़ी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कोलाथुर से चुनाव लड़ेंगे। तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में दूसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस को इस चुनाव में 28 सीटें मिली है। तीसरे नंबर पर डीएमडीके है, जो कि 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चौथे नंबर पर वीसीके है, जो 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा सीपीएम और सीपीआई भी पांच-पांच सीटों को हासिल करने में कामयाब रहीं। गठबंधन में शामिल बाकी अन्य पार्टियां भी अपने प्रभुत्व अनुसार चुनाव लड़ेंगी। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने डीएमके के खाते में आई 164 सीटों पर उम्मीदवारों का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से चुनाव में हिस्सा लेंगे, वहीं उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयानिधि स्टालिन चेपॉक तिरुवल्लिकेनी से ही चुनावी मैदान में होंगे। इसके अलावा राज्य की कई हाई प्रोफाइल सीटों पर भी उम्मीवारों की घोषणा की गई। इसमें कोयंबटूर दक्षिण से राज्य सरकार में मंत्री सेंथिल बालाजी चुनाव लड़ेंगे। पिछली विधानसभा में वह करूर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। आपको बता दें, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का मुकाबला इस बार दिलचस्प हो गया है। आम तौर पर यहां डीएमके और एआईडीएमके के बीच में ही मुकाबला होता है। इनमें डीएमके के साथ कांग्रेस खड़ी नजर आती है, तो वहीं एआईडीएमके के साथ भाजपा मैदान में होती है। लेकिन इस बार फिल्म अभिनेता से नेता बने विजय भी मैदान में हैं। इससे दोनों ही गठबंधनों की चिंता बढ़ गई है। सत्तारुढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रहे स्टालिन एक बार फिर से कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव जीतने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ, भाजपा के साथ लोकसभा चुनाव की खट्टी-मीठी यादों को भुलाकर एआईडीएमके राज्य में अपनी खोई हुई सत्ता को दोबारा हासिल करने की कोशिश में है।

सावधान किसान! 29 मार्च से 1 अप्रैल तक हरियाणा में बादल और बूंदाबांदी की चेतावनी, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

हरियाणा मार्च महीने के दूसरे पखवाड़े में अब तक चार पश्चिम विक्षोभ आ चुके हैं। पांचवां विक्षोभ शनिवार रात को सक्रिय होगा। जिसके चलते 29 मार्च से एक अप्रैल तक पूरे प्रदेश में मौसम बदलेगा। मार्च में विक्षोभों की झड़ी,शनिवार रात से सक्रिय होगा नया मौसमी सिस्टम चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार, मार्च के दूसरे पखवाड़े में अब तक चार पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं। अब शनिवार रात से पांचवां मध्यम श्रेणी का विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 29 मार्च से 1 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में बादल छाए रहेंगे और कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। गेहूं की फसल गिरने और उत्पादन घटने का डर पिछले दो हफ्तों से तापमान सामान्य से कम बना हुआ है और हिसार जैसे जिलों में सामान्य से 70% अधिक बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान में हो रही बारिश और तेज हवाएं पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। फसल गिरने से दानों की गुणवत्ता और कुल पैदावार पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई गई है। किसानों के लिए विशेष सलाह, कटाई और सिंचाई पर लगाएं रोक मौसम विभाग के डॉ. चंद्रशेखर डागर ने किसानों को कड़े निर्देश दिए हैं कि बदलते मौसम को देखते हुए अगले तीन-चार दिनों तक फसलों की कटाई बिल्कुल न करें। साथ ही, खेतों में सिंचाई पूरी तरह से रोक देने की सलाह दी गई है ताकि गीली जमीन के कारण तेज हवाओं में फसल गिरने का खतरा कम किया जा सके।

इंडिगो विमान की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, 160 यात्री थे सवार, एक इंजन में आई खराबी

 नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी की खबर मिली. विमान के इंजन फेल होने की आशंका के चलते रनवे 28 पर 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी गई थी. हालांकि, पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट प्रशासन की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई।  आपातकालीन प्रोटोकॉल के बीच, इंडिगो के इस विमान (6E 579) ने सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर आईजीआई एयरपोर्ट के रनवे 28 पर सुरक्षित लैंडिंग की. लैंडिंग के वक्त रनवे पर दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात थीं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में टेक्निकल फाल्ट होने की वजह से कॉल हुई थी. सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था. इंडिगो की तकनीकी टीम अब विमान की सघन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खराबी कितनी गंभीर थी।  सभी यात्री सुरक्षित विशाखापत्तनम से उड़ान भरकर फ्लाइट दिल्ली की ओर आ रही थी। इस दौरान फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे। जब फ्लाइट आसमान में थी, तभी उसके एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। लैंडिंग के बाद सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, यात्री सहमें हुए हैं। इस घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, 10 बजकर 39 मिनट पर इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E 579 के लिए इमरजेंसी की घोषणा की गई। इस दौरान बताया गया कि फ्लाइट का एक इंजन फेल हो गया था। फ्लाइट का इंजन फेल होने की जानकारी मिलने के बाद उसे इमरजेंसी हालत में दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करवाया गया है। इस फ्लाइट में सवार सभी यात्रा फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, बोइंग 737 विमान में 160 यात्री सवार थे। उड़ान पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम' के अनुसार, विमान सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर उतरा। इस मामले की जानकारी देते हुए इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि 28 मार्च की सुबह विशाखापत्तनम से दिल्ली जा रहा था। इस फ्लाइट में तकनीकी खारबी की जानकारी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर पायलट से लैंडिंग के लिए कहा गया। इसके बाद पायलट ने फ्लाइट को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करवाया। प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जानकारी तुरंत अधिकारियों को भी दी गई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

Education Revolution: बिहार के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी AI, बच्चों को मिलेगी टेक्नोलॉजी की नई ताकत

पटना. राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रोग्राम लागू करने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है। यह प्रोग्राम एनसीईआरटी के तैयार मॉडल पर आधारित होगा। इस मॉडल में दीक्षा प्लेटफार्म में आई से वीडियो सर्च और रीड-अलाउड टूल जैसी सुविधाएं हैं, जो छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। कक्षा आठ से 12 के छात्र-छात्राओं को एआइ और डिजिटल कौशल सिखाता है, ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हों। स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल शिक्षा विभाग के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रसार दुनिया भर में तेजी से हो रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आई एजुकेशन प्रोग्राम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने भी स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। इस उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय स्तर पर स्किलिंग फार एआइ रीडनेस प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के माध्यम से कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को एआइ एजुकेशन उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रोग्राम के तहत कक्षा छह से 12 तक के स्कूली छात्रों को कई महत्वपूर्ण बातें सिखाई जाएंगी। इसमें मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, एआई के जिम्मेदाराना उपयोग जैसी बुनियादी बातें शामिल हैं। इसके करिकुलम को ग्लोबल मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। एआई प्रोग्राम के तीन मॉडल स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम में स्कूली छात्रों के लिए तीन माड्यूल बनाए गए हैं, जो प्रत्येक 15 घंटे का है।इसमें एआई टू बी अवेयर, एआई टू एक्वायर और एआई टू एस्पायर शामिल है। इसी तरह स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम है।  इस प्रोग्राम में जनरेटिव एआई, एआई की मूल बातें, प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत, दैनिक जीवन में एआई, साइबर सुरक्षा और एआइ में करियर के अवसर जैसी अवधारणाएं शामिल हैं।

पंजाब में ISI के इशारे पर ड्रोन से गिर रहे हथियार, एजीटीएफ ने किया बड़ा खुलासा, विदेशी नेटवर्क का कनेक्शन

चंडीगढ़ एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के डीआइजी गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब में सीमापार से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ड्रोन से भेजे जा रहे अत्याधुनिक हथियार चुनौती बनते रहे हैं। हाल ही में बरामद कई हथियारों की जांच में यह सामने आया है कि इनका संबंध पाकिस्तान आर्मी के स्रोतों से है। इससे साफ है कि गैंगस्टर नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। पुलिस ने 61 विदेशी ठिकानों से आपरेट कर रहे गैंगस्टरों की पहचान की है। इन्हें भारत लाने के लिए ओएफटीइसी (ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल) काम कर रहा है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि युवा गैंगस्टरों के निशाने पर हैं। इसलिए पुलिस अब इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग और निगरानी की रणनीति पर भी काम कर रही है। पुलिस ऐसे युवाओं पर नजर रखेगी जो गैंगस्टर या आपराधिक पेज फालो करते हैं। उनके कमेंट, एक्टिविटी और आइपी यूआइडी ट्रैक की जाएगी। इसके बाद अभिभावकों को शामिल कर उन्हें समझाने की कोशिश होगी। यदि कोई युवा इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजीटीएफ ने इंटरनेट मीडिया पर भी बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 643 पेज ब्लाक किए जा चुके हैं। अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी पुलिस के लिए मजबूत हथियार बनकर उभरी है। बीते दिनों चंडीगढ़ में हुए मर्डर के आरोपितों का इनपुट भी इसी हेल्पलाइन से मिला। जनवरी 2026 से अब तक 590 इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर 63 एफआइआर दर्ज की गईं और 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। नाबालिगों को बना रहे टूल गुरमीत चौहान ने बताया कि गैंगस्टर अब नाबालिगों और युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर जो युवक गैंगस्टर पेज फालो करते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाता है। युवाओं को पैसे, ड्रग्स और विदेश में बसाने का लालच देकर अपराध में इस्तेमाल किया जाता है।  

अब सिर्फ नंबर नहीं, बच्चे का पूरा व्यक्तित्व दिखेगा: हरियाणा के स्कूलों में अभिभावकों को मिलेगी स्पेशल गाइडबुक

हरियाणा हरियाणा में इस बार एक अप्रैल को होने जा रही मेगा पीटीएम अलग होने वाली है। यह पहली बार होगा कि बच्चों के रिपोर्ट कार्ड के साथ होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) अभिभावकों को दिया जाएगा। इस कार्ड में बच्चे की पूरी प्रोग्रेस दर्शाई जाएगी।इस कार्ड से अभिभावकों को यह समझने में आसानी होगी कि उनका बच्चा किन क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। इसके अलावा इस पीटीएम में अभिभावकों को स्पेशल गाइडबुक भी दी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि वे घर पर बच्चों की पढ़ाई और विकास में कैसे सहयोग कर सकते हैं। पीटीएम में अभिभावकों को जानकारी देते टीचर। फाइल फोटो। पीटीएम में अभिभावकों को जानकारी देते टीचर। फाइल फोटो। अभिभावकों को भी मिलेगी ‘गाइडबुक’ बैठक के दौरान अभिभावकों को एक विशेष गाइडबुक दी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि वे घर पर बच्चों की पढ़ाई और विकास में कैसे सहयोग कर सकते हैं। आगामी कक्षाओं के लिए जरूरी लर्निंग लक्ष्य और दस्तावेजों की जानकारी भी साझा की जाएगी। इससे अभिभावक शिक्षा प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे। अभिभावकों की राय भी होगी अहम इस बार पीटीएम को एकतरफा संवाद न बनाकर सहभागिता पर जोर दिया गया है। अभिभावकों के सुझाव और फीडबैक को महत्व दिया जाएगा। इन सुझावों को प्रोग्रेस कार्ड में दर्ज किया जाएगा। इससे शिक्षण पद्धति में सुधार के नए रास्ते खुलेंगे। अधिकारियों से लेकर टीचरों तक जिम्मेदारी तय मेगा पीटीएम को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। टीचर पहले से मूल्यांकन कर होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड तैयार करेंगे।अधिकारी स्कूलों का दौरा कर मॉनिटरिंग करेंगे। कार्यक्रम को ‘निपुण हरियाणा अभियान’ से भी जोड़ा गया है। इसकी झलक और गतिविधियां सोशल मीडिया पर भी साझा की जाएगी।

करियर में सफलता के लिए जानें 7 दौड़ते घोड़ों की फोटो लगाने की सही दिशा और वास्तु नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर वस्तु और दीवार पर लगी हर तस्वीर हमारे जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डालती है। इन्हीं में से एक सबसे प्रभावशाली प्रतीक है 7 दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर। अक्सर लोग इसे केवल सजावट की वस्तु समझते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार, यह तस्वीर सफलता, शक्ति, साहस और प्रगति का प्रतीक है। अगर आप भी अपने करियर या बिजनेस में दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की चाहते हैं, तो इस तस्वीर को लगाने की सही दिशा और नियम जरूर जान लें, जो इस प्रकार हैं – क्यों है 7 की संख्या और घोड़ों का महत्व? हिंदू धर्म और अंक ज्योतिष में 7 की संख्या को बहुत शुभ माना गया है। जैसे कि सप्तर्षि, इंद्रधनुष के सात रंग, सात फेरे आदि। वहीं, घोड़ा सौर ऊर्जा का प्रतीक है, जो सूर्य के रथ से भी जुड़ा है। दौड़ते हुए घोड़े जीवन में कभी न रुकने वाली सफलता को दिखाते हैं। किस दिशा में लगाएं यह तस्वीर? पूर्व दिशा (East) – अगर आप अपने करियर में उन्नति और सामाजिक सम्मान चाहते हैं, तो यह तस्वीर घर की पूर्व दिशा की दीवार पर लगाएं। इससे सरकारी कामों में सफलता और मान-सम्मान मिलता है। दक्षिण दिशा (South) – कारोबार में नाम कमाने के लिए यह तस्वीर दक्षिण दिशा की दीवार लगाएं। इससे आपके कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमती है।उत्तर दिशा (North) – अगर आप आर्थिक समृद्धि और आय के नए स्रोत चाहते हैं, तो इसे उत्तर दिशा में लगा सकते हैं। तस्वीर लगाते समय इन 5 नियमों का रखें ध्यान घोड़ों का मुख हमेशा घर के अंदर की ओर होना चाहिए। अगर मुख मुख्य द्वार की ओर होगा, तो धन और अवसर बाहर की ओर चले जाएंगे। तस्वीर में घोड़े आक्रामक या डरावने नहीं दिखने चाहिए। उनके चेहरे पर प्रसन्नता और ऊर्जा का भाव होना चाहिए। घोड़ों की छवि पूरी होनी चाहिए। पैर कटे हुए या आधी-अधूरी तस्वीर वास्तु दोष पैदा करती है।हमेशा बिना लगाम के स्वतंत्र दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर चुनें। लगाम बंधे हुए घोड़े रुकावट का प्रतीक होते हैं। तस्वीर में पीछे की ओर उगता हुआ सूर्य या खुले मैदान हों तो यह और भी अधिक शुभ फल देती है। घोड़ों को कभी भी पानी या कीचड़ में दौड़ते हुए नहीं दिखाना चाहिए।  

Khelo India Tribal Games Update: छत्तीसगढ़ ने जीते 3 मेडल, कर्नाटक बना गोल्ड का किंग

रायपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तीसरे दिन कर्नाटक ने अंतर्राष्ट्रीय स्विमिंग पूल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। कर्नाटक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला राज्य बन गया है। तीसरे दिन के अंत तक कर्नाटक को कुल 13 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक हो गए हैं, जिनमें सभी स्वर्ण पदक तैराकी स्पर्धाओं से हैं। कर्नाटक के मजबूत तैराक मणिकांता एल ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरे दिन दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। अब तक वे कुल आठ स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता के सबसे सफल खिलाड़ी बन चुके हैं और कर्नाटक की बढ़त को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पदक तालिका में प्रतिस्पर्धा तेज पदक तालिका में ओडिशा 6 स्वर्ण, 2 रजत और 9 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि असम 2 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। मेजबान छत्तीसगढ़ 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ त्रिपुरा के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर बना हुआ है। मेजबान छत्तीसगढ़ का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के लिए एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। अनुष्का भगत ने महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना तीसरा रजत हासिल किया, जबकि निखिल जाल्को ने पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता। वहीं न्यासा पैकरा ने 100 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने खोला स्वर्ण खाता तीसरे दिन महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना स्वर्ण खाता खोला। महाराष्ट्र की तन्वी धुर्वे ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जबकि अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 58 किग्रा वर्ग में तथा रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। तैराकी स्पर्धाओं में रोमांचक मुकाबले तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में कर्नाटक की मेघांजलि ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुश्का भगत को रजत प्राप्त हुआ। पुरुष वर्ग में मणिकांता एल ने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 100 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं 50 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धूनीश एन ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वेटलिफ्टिंग में दमदार प्रदर्शन वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 169 किलोग्राम वजन उठाकर 58 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा की बिदु स्मिता भोई ने 63 किग्रा वर्ग में 195 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में मिजोरम के एमएच सिलवान बेहरोथतलो ने 71 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि अरुणाचल प्रदेश के रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। देशभर से खिलाड़ियों की भागीदारी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रथम संस्करण में 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंभ एवं कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल हैं। आगे और रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद तीन दिनों के बाद 14 राज्यों ने कम से कम एक पदक जीत लिया है, जबकि 6 राज्यों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। प्रतियोगिता के आगामी दिनों में और अधिक रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों की उम्मीद जताई जा रही है।