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अमृतसर में मिली जाली नोटों की खेप, पाकिस्तान अब ड्रग्स और हथियारों के बाद नकली नोट भी भेज रहा

अमृतसर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से भेजी गई ढाई लाख की जाली करंसी से सु्रक्षा एजेंसियों में खासी अफरातफरी है। बताया जा रहा है कि भारत में नवंबर 2018 में हुई नोटबंदी के बाद पाकिस्तान ने इस नकली करंसी को पहली बार भारतीय हद में गिराया है। अभी तक हेरोइन व हथियार धड़ल्ले से आईएसआई द्वारा भेजे जाते थे। अब जाली करंसी का भारतीय हद में गिराना काफी खतरनाक माना जा रहा है। खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय अर्थ व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए आईएसआई पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों भारत की नकली करंसी बड़े स्तर पर छापने की तैयारी में है। ताकि नकली नोटों को भारत में असली नोटों के साथ चलाया जा सके। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी है। गौर रहे इससे पहले आइईडी, आरडीएक्स, ग्रेनेड, राकेट प्रीपेलर ग्रेनेड (आरपीजी), पिस्तौल, कारतूस और हेरोइन की बड़ी खेप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय हद में लगातार गिरा रही है। बीएसएफ ने वीरवार की रात घरिंडा क्षेत्र के साथ लगते इलाके से ढाई लाख की जाली करंसी बरामद की थी।

भोपाल में अवकाश की तारीख में बदलाव, 30 मार्च को सार्वजनिक अवकाश, 31 मार्च से खुलेगा दफ्तर

भोपाल  भोपाल जिला प्रशासन ने महावीर जयंती के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश में संशोधन करते हुए नई तारीख जारी कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब भोपाल जिले में 31 मार्च 2026 (मंगलवार) के स्थान पर 30 मार्च 2026 (सोमवार) को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। आदेश में बताया गया है कि मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देशों तथा स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। पहले कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए घोषित अवकाश सूची में महावीर जयंती पर 31 मार्च को अवकाश निर्धारित था, जिसे अब संशोधित कर 30 मार्च कर दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार 31 मार्च 2026 (मंगलवार) को सभी शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं पूर्ववत खुले रहेंगे और सामान्य कार्य होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।    बता दें इससे पहले सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया था। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कलेक्टर को अवकाश के संबंध में निर्णय लेने की बात कही थी। दरअसल सामाजिक संगठन महावीर जयंती का अवकाश 30 मार्च को घोषित करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद जीएडी ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार महावीर जयंती के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2026 मंगलवार को घोषित अवकाश के स्थान पर 30 मार्च 2026 सोमवार को अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया।  

सहमति पर आधारित संबंध पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की टिप्पणी, कहा—यह रेप की श्रेणी में नहीं

बिलासपुर. हाईकोर्ट में रेप के आरोपी को दोषमुक्ति किये जाने के खिलाफ अपील पेश करने अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर पेश याचिका लगाई गई थी. कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता है. इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही ठहराया है. दरअसल, बेमेतरा जिला निवासी रेप पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट से आरोपी के बरी होने के खिलाफ अपील प्रस्तुत करने अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. जिसमें कहा गया कि वह एक एग्रीकल्चरल कॉलेज में मजदूरी करने जाती थी. वहां गांव के दूसरे लोग भी काम करने जाते हैं. गांव का एक आदमी, यानी आरोपी भी वहां काम के लिए जाता था. 19.06.2022 को आरोपी ने उससे बात करना शुरू किया और कहा कि वह उससे शादी करेगा, उसे रानी की तरह रखेगा, और शादी का वादा करके उसे बहलाया. याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने उसे बार-बार शादी का वादा करके फुसलाया और उससे फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा. 25.07.2022 को सुबह करीब 4:00 बजे, जब शिकायतकर्ता शौच के लिए जा रही थी, तो आरोपी उससे मिला और फिर कहा कि वह उससे शादी करेगा और फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा. शिकायतकर्ता ने उसकी बातों को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ी, लेकिन उसी समय लाइट चली गई, और आरोपी उसे अपने घर ले गया एवं संबंध बनाया. जब आरोपी संबंध बनाया तो वह तीन माह के गर्भ से थी. लोक लॉज के भय से उसने घटना के संबंध में किसी को नहीं बताया. बाद में पति के पूछने पर घटना की जानकारी दी, इसके बाद मामले की रिपोर्ट लिखाई गई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. ट्रायल कोर्ट ने गवाहों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किया. इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने सुनवाई उपरांत अपने आदेश में कहा गवाहों के बयानों को देखने से यह साफ़ है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साफ तौर पर साबित हो सके कि आरोपी ने पीड़ित को जान से मारने या चोट लगने का डर दिखाकर उसकी सहमति ली थी. इस केस में ऐसा कोई सबूत भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि विक्टिम ने अपनी सहमति इसलिए दी क्योंकि उसे लगता था कि कानूनी तौर पर शादीशुदा है. इसके उलट, विक्टिम पहले से ही किसी दूसरे व्यक्ति से शादीशुदा थी और प्रेग्नेंट भी थी. इस केस में यह भी साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि विक्टिम की उम्र 18 साल से कम थी. इसके अलावा, यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि विक्टिम अपनी सहमति नहीं बता पाई थी. विक्टिम के कोर्ट में दिए गए बयानों को देखने से यह साफ है कि आरोपी ने सहमति से विक्टिम के साथ फिजिकल रिलेशन बनाए थे. एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता है. इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज किया है.

पंजाब में 31 मार्च को सरकारी छुट्टी, सभी स्कूल, कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब में 31 मार्च दिन मंगलवार को सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इस दिन राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। असल में, पंजाब सरकार के कैलेंडर के अनुसार, मंगलवार, 31 मार्च को महावारी जयंती मनाई जा रही है। इस दिन राज्य में पब्लिक हॉलिडे रहेगा और सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। इससे पहले, गुरुवार, 26 मार्च को भी रामनवमी के त्योहार के कारण राज्य में पब्लिक हॉलिडे घोषित किया गया था। अब, एक और सरकारी छुट्टी 31 मार्च को आई है।   महावीर जयंती जैन समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर देश के कई राज्यों में सरकारी अवकाश घोषित किया जाता है, जिससे स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। भगवान महावीर ने अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश दिया, जो आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। यही वजह है कि महावीर जयंती केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि समाज को नैतिकता और शांति का संदेश देने वाला दिन भी है। महावीर जयंती 2026 के अवसर पर देशभर के कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टी रहेगी।  महावीर जयंती दिल्ली और उत्तर प्रदेश, दोनों की आधिकारिक छुट्टियों की सूची में शामिल है, जिसका अर्थ है कि इस दिन शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों के छुट्टियों के कैलेंडर भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस दिन आमतौर पर शैक्षणिक संस्थान बंद रहते हैं। क्या सभी राज्यों में छुट्टी होगी? यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ राज्यों में जहां जैन समुदाय की जनसंख्या कम है या जहां क्षेत्रीय त्योहारों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है, वहां इस दिन 'प्रतिबंधित अवकाश' भी हो सकता है। ऐसे में स्कूल खुले रह सकते हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों में छुट्टियों का स्वरूप उत्तर भारत से अलग हो सकता है। अभिभावकों और छात्रों के लिए संदेश मार्च के अंत में अक्सर कई स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होती है या पुरानी कक्षाओं के रिजल्ट घोषित किए जा रहे होते हैं। ऐसे में छुट्टी की खबर छात्रों के लिए राहत भरी हो सकती है। अभिभावकों को किसी भी प्रकार के भ्रम से बचने के लिए संबंधित स्कूल प्रशासन के संपर्क में रहना चाहिए। 

ईरानी हमले में US एयरफोर्स का E-3 Sentry एयक्राफ्ट नष्ट, ₹6600 करोड़ है इसकी कीमत

रियाद सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले ने अमेरिका की सैन्य क्षमताओं को बड़ा झटका दिया है. 27 मार्च को हुए इस हमले में अमेरिकी वायुसेना का बेहद अहम E-3 Sentry AWACS (Airborne Warning and Control System) विमान क्षतिग्रस्त हो गया, साथ ही हवा में ईंधन भरने वाले कई टैंकर विमान भी इस हमले की चपेट में आए. ईरान के दावे के मुताबिक उसके इस हमले में 10 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में E-3 Sentry AWACS विमान को भारी नुकसान पहुंचा दिख रहा है।  इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने भी अपने X हैंडल से हमले में बर्बाद हुए इस​ विमान की तस्वीरें पोस्ट की हैं. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, हमले से पहले इस बेस पर करीब छह E-3 Sentry विमान तैनात थे. यह एक सर्विलांस विमान होता है, जिसका इस्तेमाल आसमान से दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित खतरे का पता लगाने के लिए होता है. ईरानी हमले में इस महत्वपूर्ण विमान को हुए नुकसान से क्षेत्र में अमेरिका के एरियल ऑपरेशन की क्षमता को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस एक विमान की कीमत $700 मिलियन (₹6600 करोड़) के करीब है।  क्यों अहम है E-3 Sentry विमान E-3 Sentry विमान को अमेरिका के एरियल ऑपरेशन का बैकबोन माना जाता है. यह विमान हवा में उड़ता हुआ एक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की तरह है, जो अमेरिकी वायुसेना को इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (खुफिया जानकारी जुटाना) जैसी महत्वपूर्ण क्षमताएं प्रदान करता है. 1970 के दशक से सेवा में मौजूद यह विमान कई बड़े सैन्य अभियानों- जैसे ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म, कोसोवो युद्ध, इराक और अफगानिस्तान अभियानों, ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व में निर्णायक भूमिका निभा चुका है. यह प्लेटफॉर्म विशाल हवाई क्षेत्र की निगरानी करने, विभिन्न लड़ाकू विमानों के बीच तालमेल बैठाने में सक्षम है. अमेरिका के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन और सऊदी अरब जैसे कई देशों की सेनाएं भी इसका इस्तेमाल करती हैं।  एक्सपर्ट्स ने बताया गंभीर नुकसान एयर पावर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के विमान को नुकसान पहुंचना बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. अमेरिकी वायुसेना की पूर्व F-16 पायलट और डिफेंस पॉलिसी एक्सपर्ट हीथर पेनी (Heather Penney) ने इस घटना को बेहद चिंताजनक और गंभीर नुकसान बताया. अमेरिकन फॉरेन एंड डिफेंस पॉलिसी एक्सपर्ट केली ग्रीको (Kelly Grieco) ने इसे 'शॉर्ट टर्म में बड़ा नुकसान' करार दिया और चेतावनी दी कि इससे मिडिल ईस्ट में चल रहे वर्तमान युद्ध में अमेरिका के ऑपरेशनल कवरेज में गैप आ सकता है. पेनी ने AWACS की भूमिका को 'शतरंज के मास्टर' की तरह बताया-जो पूरे युद्धक्षेत्र की तस्वीर देखता है, जबकि फाइटर पायलट उसी आधार पर मिशन को अंजाम देते हैं।  एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला किसी आकस्मिक घटना का नतीजा नहीं, बल्कि ईरान की व्यापक सैन्य रणनीति का हिस्सा हो सकता है. यह बेस क्षेत्र में अमेरिकी ऑपरेशंस का एक प्रमुख केंद्र है. ईरान के खिलाफ वर्तमान युद्ध में अमेरिकी वायुसेना बहुत हद तक इस एयरबेस पर निर्भर है, इसलिए यह एक हाई-वैल्यू टारगेट माना जाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान का प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर यह हमला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी एयर पावर के अहम घटकों- जैसे रडार सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क और AWACS जैसे हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट को नष्ट करना है।  ओल्ड AWACS फ्लीट पर बढ़ेगा दबाव इस घटना ने अमेरिकी एयरबोर्न बैटल मैनेजमेंट सिस्टम के भविष्य को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है. E-3 Sentry के संभावित विकल्प के रूप में Boeing E-7 Wedgetail विमान पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, हीथर पेनी ने चेतावनी दी कि नए सिस्टम की खरीद में देरी से मौजूदा AWACS फ्लीट पर दबाव बढ़ेगा, जिससे अमेरिकी वायुसेना की कार्यक्षमता और मिशन रेडीनेस पर असर पड़ सकता है. कुल मिलाकर, E-3 Sentry को हुए नुकसान की तत्काल भरपाई अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि यह अमेरिकी वायुसेना की लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी और तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।   

वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग ने जीते ओवरऑल चैम्पियन का खिताब

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026   वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्य रायपुर  इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा। वहीं पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

यति नरसिंहानंद ने कहा- गांधी समाज के लिए जहर, गोडसे ने गांधी का वध किया

ग्वालियर जूना अखाड़ा डासना के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी रविवार को ग्वालियर पहुंचे। यहां वे हिन्दू महासभा कार्यालय पहुंचे और पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान देते हुए उन्हें समाज के लिए नुकसानदायक बताया और नाथूराम गोडसे द्वारा की गई हत्या को वध करार दिया। नाथूराम गोडसे को बताया ‘बलिदानी’ पत्रकारों से बातचीत के दौरान यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे अपने सहयोगी जयवीर भारद्वाज के निमंत्रण पर गोडसे से जुड़े स्थल पर पहुंचे और वीर सावरकर की प्रतिमा को नमन किया। उन्होंने हिन्दू महासभा भवन आने को भी अपने लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अगर हम सावरकर जी के सिद्धांतों पर नहीं चलेंगे तो सनातन धर्म बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा। अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी वह व्यक्ति थे जिन्होंने सावरकर के बताए हुए रास्ते पर चलकर जैसे हजारों बलिदानियों ने, हजारों क्रांतिकारीयों ने सावरकर जी की बातों को माना, उसी तरह वीर, वीर विनायक सावरकर जी की बात को अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी ने भी माना और गांधी का वध किया। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी बोले- गांधी समाज के लिए जहर महामंडलेश्वर ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत का पहला अमूल्य बलिदान था, जो सनातन धर्म की रक्षा के लिए दिया गया। उनके अनुसार, नाथूराम गोडसे एक विचार पुंज हैं और यदि सनातन धर्म व हिंदू समाज उनका सही मूल्यांकन नहीं करेगा, उन्हें नहीं समझेगा, तो हिंदू समाज बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधी समाज के लिए जहर हैं। उनके मुताबिक, गांधी और उनके जैसे नेता अपने लोगों को दूसरों के लिए धोखा देते हैं, जबकि नाथूराम गोडसे उस नस्तर की तरह हैं, जिससे उस कैंसर और जहर का इलाज किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्मियों की ओर से अब तक नाथूराम गोडसे के साथ जो हुआ, उसके लिए वे उनसे क्षमा प्रार्थी हैं। हर घर में गोडसे की प्रतिमा होनी चाहिए पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आगे कहा कि, मैं इसकी निंदा करता हूं। क्या लगता है इसका मंदिर बनेगा? बनना चाहिए। हर सनातनी, हर जीवित हिंदू के घर में नाथूराम गोडसे जी की प्रतिमा होनी चाहिए। उनकी फोटो होनी चाहिए, उनकी तस्वीर होनी चाहिए। लेकिन सब कई बार तो विरोध हुआ है। देखिए, विरोध तो गद्दार करते ही हैं। गांधीवाद देश को बर्बाद करने का नाम है। गांधीवाद धर्म को बर्बाद करने का नाम है। गांधीवाद हिंदू समाज से विश्वासघात का नाम है। लेकिन गांधीवाद से नेताओं को खुलकर अय्याशी करने का मौका और अपनी अय्याशी को छुपाने का मौका मिलता है। वीर सावरकर जी और नाथूराम गोडसे जी सनातन धर्म की सबसे प्रज्वलित अग्नि है। अगर आप उनके विचारों को अपनाएंगे तो आपको आत्मबलिदान देना पड़ेगा। जो लोग आत्मबलिदान देना नहीं चाहते, जो सुविधाओं को भोगना चाहते हैं वो वीर विनायक दामोदर सावरकर जी के और नाथूराम गोडसे जी के कट्टर विरोधी हैं, तो वो तो विरोध करेंगे। उनका विरोध इंपोर्टेंट नहीं है। जरूरी यह है कि उनके विचारों के मानने वालों ने क्या किया और जो भी गोडसे जी का विरोध करते हैं वो सभी निंदनीय हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।

दो साल का बैन नाकाफी और बीसीसीआई से सख्त सजा की मांग

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने आईपीएल से आखिरी समय पर नाम वापस लेने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है. पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि मौजूदा दो साल के बैन का नियम खिलाड़ियों को नीलामी में चुने जाने के बाद टूर्नामेंट से हटने से रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है. गावस्कर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कई बड़े विदेशी खिलाड़ी वर्कलोड मैनेजमेंट या निजी कारणों का हवाला देकर आईपीएल से हट रहे हैं. इस मुद्दे पर विशेष रूप से बात करते हुए गावस्कर ने कहा कि बीसीसीआई को इस मामले में ज्यादा प्रभावी सजा पर विचार करना चाहिए. क्या बोले सुनील गावस्कर सुनील गावस्कर ने कहा, 'इस पर बीसीसीआई को भी सोचने की जरूरत है, क्योंकि दो साल का बैन साफ तौर पर काम नहीं कर रहा है. आपको ऐसी सजा पर विचार करना होगा जिसका खिलाड़ियों पर असर पड़े. जब तक किसी खिलाड़ी के लिए आईपीएल में वापसी की संभावना पर असर नहीं पड़ेगा, तब तक यह नियम कारगर नहीं होगा.' क्या है आईपीएल का नियम आईपीएल ने पहले ही एक नियम लागू किया हुआ है, जिसके तहत अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद टूर्नामेंट से हटता है, तो उसे दो सीजन तक आईपीएल और भविष्य की नीलामी से बाहर रखा जा सकता है. हालांकि, अगर खिलाड़ी की चोट या मेडिकल कारण सही पाए जाते हैं, तो उसे इस नियम से छूट मिल सकती है. लेकिन हाल के मामलों से यह साफ हो गया है कि यह नियम खिलाड़ियों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है. क्यों बढ़ा डकेट के आईपीएल छोड़ने पर विवाद? Ben Duckett के आईपीएल 2026 से हटने के फैसले ने खिलाड़ी प्रतिबद्धता और लीग नियमों को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है. इंग्लैंड के इस बल्लेबाज को Delhi Capitals ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को प्राथमिकता देने और घर पर समय बिताने के लिए टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया. आईपीएल नियमों के अनुसार, डकेट को अब लीग और भविष्य की नीलामी से दो साल के बैन का सामना करना पड़ सकता है. उनसे पहले Harry Brook भी आईपीएल से हट चुके हैं. उन्हें 6.25 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और वह फिलहाल इसी तरह के बैन का सामना कर रहे हैं. दुनिया भर के बड़े खिलाड़ियों को आकर्षित करने वाले आईपीएल के सामने अब यह चुनौती है कि वह विदेशी खिलाड़ियों की जवाबदेही और प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के लिए अपने नियमों की दोबारा समीक्षा करे.    

निलंबित DIG भुल्लर का मोबाइल जांच में आया सामने, कई अफसरों की संदिग्ध चैट मिली

चंडीगढ़  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के निलंबित डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर के मोबाइल में आई.ए.एस. और आई.पी.एस. के साथ संदिग्ध चैट मिली है। चैट पैसों का लेन-देन और अवैध कामों में शामिल है। सी.बी.आई. ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सी.बी.आई. की डी.एस.पी. सोनाली ने मामले में अर्जी सी.बी.आई. की विशेष अदालत में दर्ज की है। सी.बी.आई. ने कहा कि भुल्लर के साथ पंजाब सरकार के कई अफसर अवैध कामों में शामिल हैं। चैट सी.बी.आई. को भुल्लर के मोबाइल फोन और लैपटॉप में मिले हैं। सी.बी.आई. ने भुल्लर का मोबाइल फोन और लैपटॉप जांच के लिए सी.एफ.एस.एल. भेज दिया है। सी.बी.आई. ने भुल्लर के साथ अवैध कामों में शामिल करीब 30 लोगों की लिस्ट बना ली है। इनमें डी.एस.पी. से लेकर आई.पी.एस. तक शामिल हैं। सी.बी.आई. के अधिकारियों ने कहा कि उनकी टीम जल्द ही भुल्लर के साथ अवैध कारोबार और पैसों के लेन-देन में शामिल अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाएगी और उन्हें पुलिस जांच में शामिल होने के लिए सम्मन भेजेगी। जांच एजैंसी के अनुसार यह मामला पिछले वर्ष दर्ज भ्रष्टाचार केस से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरैंसिक जांच, व्हाट्सएप चैट, पूछताछ और दस्तावेजों से कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के सबूत मिले हैं। सी.बी.आई. का दावा है कि आरोपी अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर निजी लोगों को लाभ दिलाने के बदले रिश्वत लेते थे। इससे पहले भुल्लर की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है और वे फिलहाल चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं। बता दें कि 6 अक्तूबर, 2025 को भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भुल्लर के ठिकानों से 2 किलो के करीब सोना, साढ़े 7 करोड़ कैश समेत काफी सामान बरामद किया गया था। 13 मार्च को सी.बी.आई. कोर्ट ने भुल्लर और कृष्णु शारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में संज्ञान लेते हुए ट्रायल शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। पिछले महीने ही भुल्लर के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी ली गई थी। भुल्लर से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले सी.बी.आई. ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। सी.बी.आई. सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वैस्टमैंट करते हैं। इस पूछताछ में सी.बी.आई. को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 आई.पी.एस. और 4 आई.ए.एस. अधिकारी थे। सी.बी.आई. ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 आई.पी.एस. में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 आई.ए.एस. अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद सी.बी.आई. ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमैंट्स जब्त किए थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की मन की बात की 132वीं कड़ी पर चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी मन की बात की 132वीं कड़ी जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल: कोरिया जिले के जल संरक्षण मॉडल की प्रधानमंत्री ने की सराहना मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान, अब इसे जन आंदोलन बनाना हमारा संकल्प – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी सुनी और इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘आवा पानी झोंकी’ जैसे अभिनव मॉडल के माध्यम से किसानों ने अपने खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को सहेजने का सराहनीय कार्य किया है। यह जनभागीदारी आधारित पहल आज भूजल स्तर में सुधार की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छत्तीसगढ़ में भी इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता, फिटनेस को बढ़ावा, शुगर इंटेक में कमी और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने पश्चिमी एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र तथा राज्य सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनभागीदारी की शक्ति के साथ जल संरक्षण को और मजबूत कर छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, समृद्ध और जल-संपन्न भविष्य की ओर ले जाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश निरंतर नवाचार, सहभागिता और सुशासन के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रहा है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कृष्णा दास सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।