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कंकाली मंदिर प्रांगण में राजपूत समाज का भव्य होली मिलन समारोह सम्पन्न, सामाजिक एकता और संस्कृति का दिखा अनुपम संगम

रायसेन/भोपाल.  राजराजेश्वरी राजपूत ठाकुर समाज भोपाल एवं भोपाल मंडल द्वारा रायसेन जिले के गुदाबल स्थित पावन मां कंकाली धाम मंदिर प्रांगण में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास और सामाजिक समरसता के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों लोगों ने सहभागिता कर एकता, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों का अद्भुत परिचय दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात फूलों से होली खेलकर उपस्थित जनों ने आपसी प्रेम, भाईचारे और उल्लास का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान रंगारंग माहौल में समाजजनों ने गीत-संगीत और पारंपरिक आयोजनों का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर समाज उत्थान, संगठन की मजबूती एवं सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक चर्चा की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं जानकारी देते हुए राजपूत समाज भोपाल मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष संतोष कुमार ठाकुर ने बताया कि होली मिलन समारोह का उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाकर आपसी समन्वय और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के साथ सभी समाजजनों ने मां कंकाली के दर्शन कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गोविंद सिंह ठाकुर ने की। विशेष अतिथि के रूप में रोहित राजपूत, गौरव ठाकुर, नीतू जी, शोभना जी एवं ललिता जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा कार्यक्रम में प्रतिम सिंह ठाकुर, सुनील सिंह ठाकुर, राजेश सिंह ठाकुर, गणेश सिंह ठाकुर, जगदीश सिंह ठाकुर सहित गढ़ाकोटा से राहुल जी एवं बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया। समारोह ने जहां एक ओर होली के उल्लास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, वहीं सामाजिक एकता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी दिया।

कोटा को टक्कर दे रहा बाड़मेर, मुफ्त कोचिंग और मोबाइल बैन से छात्रों को मिल रही बेहतर तैयारी

बाड़मेर. राजस्थान के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर से शिक्षा जगत की एक ऐसी खबर सामने आई है, जो उन हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे सकती है जो आर्थिक अभाव के कारण बड़े शहरों के नामी कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस नहीं भर पाते। समाजसेवी डॉ. भरत सारण और उनके साथियों ने एक ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ छात्रों से कोचिंग की कोई 'एक रुपया' भी फीस नहीं ली जाएगी। अब बाड़मेर बनेगा हब अक्सर देखा जाता है कि बेहतर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र कोटा, सीकर या जयपुर का रुख करते हैं। लेकिन लाखों रुपये की फीस और रहने का भारी खर्च हर परिवार वहन नहीं कर सकता। डॉ. सारण की यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए है जो संसाधनों की कमी या किसी अन्य कारण से बाहर नहीं जा सकते। यहाँ उन्हें न केवल फ्री कोचिंग मिलेगी, बल्कि सेल्फ स्टडी के लिए पूरा समय और उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। मोबाइल और दोस्तों से दूरी ही मंत्र इस संस्थान की सबसे खास बात यहाँ का कड़ा अनुशासन है। संस्थान का स्पष्ट मानना है कि 'सिलेक्शन पढ़ने से होता है, सिर्फ कोचिंग करने से नहीं'। यहाँ के नियम किसी तपस्या से कम नहीं हैं: मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध: यहाँ पढ़ने वाले छात्रों के लिए मोबाइल रखना पूरी तरह वर्जित है। सीमित संपर्क: छात्र केवल परिवार के दो रजिस्टर्ड नंबरों पर ही बात कर सकेंगे। नो फ्रेंडशिप पॉलिसी: बिना अनुमति बाहर जाने या दोस्तों से मिलने पर पूरी पाबंदी रहेगी। NCERT पर फोकस: छात्रों को यहाँ एनसीईआरटी का सिलेबस गहराई से समझाया जाएगा। "20 साल का अनुभव कहता है कि यदि छात्र अनुशासित रहकर सही दिशा में पढ़े, तो चयन पक्का है। यदि 'Fifty Villagers' के बच्चे सफल हो सकते हैं, तो आप भी हो सकते हैं।" – डॉ. भरत सारण कितना आएगा खर्च? (पॉकेट फ्रेंडली मॉडल) भले ही कोचिंग की फीस शून्य है, लेकिन छात्र को अपने रहने और खाने का वास्तविक न्यूनतम खर्च खुद उठाना होगा ताकि व्यवस्था बनी रहे: खाना: ₹3500 कमरा किराया: ₹850 लाइट-पानी: ₹500 अन्य खर्च: ₹1000 कुल अनुमानित खर्च: लगभग ₹6000 प्रति माह। सभी के लिए खुले हैं दरवाजे यह पहल किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं है। कोई भी लड़का या लड़की, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या माध्यम (हिंदी/अंग्रेजी) का हो, यहाँ आकर पढ़ सकता है। संस्थान के अंदर ही लाइब्रेरी और वाचनालय की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है। अधिक जानकारी या प्रवेश के लिए छात्र हेल्पलाइन नंबर 9413942612 पर WhatsApp कर सकते हैं। अगर आप या आपका कोई परिचित आर्थिक तंगी के कारण नहीं पढ़ पा रहा, तो यह खबर उनके साथ जरूर शेयर करें। आपका एक शेयर किसी का भविष्य बदल सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब के कई जिलों में ओलावृष्टि का साया

जालंधर पंजाब में मौसम अचानक बदल गया है. यही कारण हैं कि सुबह से ही कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। जिसके कारण मौसम खुशनुमा हो गया है. चंडीगढ़ के साथ जालंधर, मोहाली, लुधियाना और पठानकोट समेत कई इलाकों में सुबह से झमाझम बारिश हुई है. वहीं, बाकी जिलों में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना मौसम विभाग ने आज और 30 मार्च के लिए पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की वजह से पूरे प्रदेश में बारिश और आंधी का असर देखा जा रहा है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. राज्य में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस पटियाला में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री बठिंडा में दर्ज हुआ,,हालांकि, बारिश के कारण कई इलाकों में ठंडक बढ़ गई है और लोगों ने फिर से हल्के गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं. तेज़ हवा चलने की संभावना आपपठाओ बता दें कि पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में तेज आंधी, बिजली चमकने और ओलावृष्टि का खतरा ज्यादा है. वहीं, बठिंडा, मानसा, मोगा और मुक्तसर जैसे इलाकों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं लोगों को सावधान रहने कहा गया है. 30 मार्च तक कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च तक कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. 31 मार्च से बारिश कम हो जाएगी और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना रहेगी. अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है.

भगवान महावीर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बयान

भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिगंबर और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने दी है समाज सेवा को नई दिशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर में महावीर जयंती व्याख्यान में की सहभागिता चार वरिष्ठ समाजसेवियों को दिया महावीर अलंकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर संसार को सत्य, अहिंसा, असंचय, अपरिग्रह, त्याग और तपस्या का शाश्वत संदेश देने वाले करुणा के महासागर थे। भगवान महावीर ऐसे तीर्थंकर हैं, जिनसे हम सबको प्रेरणा मिलती है। ऐसे भगवान की जयंती हमें वर्षभर मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से करीब ढ़ाई हजार साल पहले भगवान महावीर स्वामी ने जो कहा था, वह आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है। जैन दर्शन की विशेषता है कि वह दूसरों को दबाने या डराने के बजाय, जिनेन्द्रिय़ों पर अर्थात् स्वयं पर विजय प्राप्त करता है। भगवान महावीर स्वामी ने भी स्वयं की इन्द्रियों को जीता है, इसलिये वे जिन महावीर कहलाये। आज पूरी दुनिया उनको पूजती है, उनके विचारों को मानती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महावीर के चरणों में वंदन कर प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर काल में राष्ट्र निर्माण में जैन समाज का अप्रतिम योगदान रहा है। आज ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित करना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है, जिन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने आचरण और व्यक्तित्व में उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण/सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान जिन् महावीर पर दिखाए सत्यमार्ग पर चलने वाले 4 वरिष्ठ समाजसेवियों चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, हंसमुख गांधी एवं संतोष कुमार जैन को 'महावीर अलंकरण' प्रदान किया। साथ ही सम्मानित समाजसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सच्चे अर्थों में जीवन में आत्मसात किया है। आपका आचरण और यह उपलब्धि दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन उच्च कोटि की समाज सेवा के जीवंत उदाहरण है। महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण समारोह के रूप में इन दोनों फेडरेशन्स का यह संयुक्त प्रयास अद्भुत संगठन शक्ति, समर्पण और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में चल रहे वैश्विक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि स्वहितों के लिए पूरे विश्व को विषम और असामान्य सी परिस्थितियों में ला देने वाले लोगों को भगवान महावीर के 'अहिंसा परमो धर्म:' सूत्र वाक्य को याद करना चाहिए। क्योंकि हिंसा और अराजकता का जबाव प्रतिकार नहीं, बल्कि करुणा और संयम ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीब 100 साल पहले विदेशियों को संबोधित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने बताया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और वे इसका अनुभव करते हैं। हमारे यहां गांव-देहात में रहने वाला सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि संध्या के समय पेड़-पौधों को स्पर्श नहीं करना चाहिए अथवा पत्तियों और पुष्पों को नहीं तोड़ना चाहिए। हमारे देश में चर-अचर जगत में सभी को सम्मान दिया जाता है। पृथ्वी को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और जैन दर्शन में पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच क्रमेन्द्रियां और मनुष्य के मन-मानस को विस्तार से परिभाषित किया गया है। जैन दर्शन में एकात्मवाद सहित उपवास, आत्मा, संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए। जैसा आहार होगा, वैसा ही हमारा मन और विचार होंगे। परमात्मा ने एक चीज हम सबको दी है और वह है ऑक्सीजन, जो हम सबके जीवन के लिए जरूरी है। आज हमारी ऊर्जा का स्रोत भी सात्विक होना चाहिए। इसीलिए हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को शिक्षाविद् स्वप्निल कोठारी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला एवं सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, हरिनारायण यादव, टीनू जैन, सूरज कैरो सहित जैन समाज के संतगण, दोनों ही फेडरेशन्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।  

मन की बात: सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की पहल, राज्यपाल पटेल ने की सराहना

‘मन की बात’ सकारात्मक सोच बनाने की पहल : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ राज्यपाल ने 11 आत्मनिर्भर दिव्यांगों का किया सम्मान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों से प्रेरणा प्राप्त करने की पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक दूरदर्शी नेता और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व हैं, जिन्हें ईश्वर ने समानुभूति और सहानुभूति की दिव्य भावनाएँ प्रदान की हैं। यह उनका नेतृत्व है, जिसने शारीरिक कमियों को देखने की समाज की सोच को ‘दिव्यांग’ की उपमा से विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने में परिवर्तित किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम नवाचार और चुनौतियों का आगे बढ़कर सामना करने की सकारात्मक सोच निर्माण की अभूतपूर्व पहल है। राज्यपाल पटेल ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कही। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण रविवार को अंजनी सभागार, रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने कार्यक्रम में आत्मनिर्भर 11 दिव्यांगों को सम्मानित किया। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा विशेष बच्चों के लिए संचालित ‘उमंग विशेष विद्यालय’ की 20वीं वर्षगाँठ पर किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियाँ दिव्यांगों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की दिव्यता का प्रमाण हैं, जो यह दर्शाती हैं कि शारीरिक सीमाएँ हौसलों को रोक नहीं सकतीं। सामान्य जन, जो मामूली बातों में निराश हो जाते हैं, उनके लिए ये प्रस्तुतियाँ प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि देश की प्रगति के लिए समाज में समान अवसर, सहयोग और परस्पर सम्मान की सामूहिक भावना आवश्यक है। राज्यपाल कहा कि प्रधानमंत्री ने दिव्यांग भाई-बहनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की हैं। सार्वजनिक भवनों, परिवहन और सूचना तंत्र तक दिव्यांगजनों की सुलभ और बाधा-मुक्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘सुगम्य भारत अभियान’ चलाया गया है। ‘सुगम्य भारत’ अभियान न केवल भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता, बल्कि समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव और समावेशी सोच के विकास का भी प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व ‘आत्मनिर्भर दिव्यांग सम्मान’ से बौद्धिक, शारीरिक निःशक्तता, श्रवण बाधित, डाउन सिंड्रोम, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम तथा दृष्टि बाधित दिव्यांगों को सम्मानित किया। सम्मानितों में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग में कार्यरत सुप्रिया शर्मा, अमित मुरजानी, जीएसटी विभाग में कार्यरत शुभम मेहरा, लोकभवन में कार्यरत अजय सैनी, संस्कृति विभाग में कार्यरत सुमधु तिवारी, शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में कार्यरत प्रथम आईआईटी शिक्षित दिव्यांग प्रखर कुमरावत, ताज लेक फ्रंट में कार्यरत सुस्तुति नितिन जोशी, अमेरिकन बैंक में कार्यरत अमन बुंदेला, गायिका सुरूचिका पांडेय तथा क्याकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी सुपूजा गर्ग शामिल थीं। दिव्यांग बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, ‘इचक दाना बीचक दाना’ गीत और ‘डूबी-डूबी’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का स्वागत पौधा एवं शाल भेंट कर किया गया। स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संचालिका श्रीमती दीप्ति पटवा द्वारा स्वागत उद्बोधन में बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांगजनों की शिक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सेज समूह के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल और रविन्द्र यति मंचासीन थे।  

विश्वसनीयता और जनसेवा से सशक्त हो मीडिया, राज्यपाल डेका का संदेश

रायपुर.  राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ माना गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक मिशन और साधना है। समाज का दर्पण कहलाने वाली पत्रकारिता ने सदैव जनता और सत्ता के बीच संपर्क-सेतु की भूमिका निभाई है और लोगों को जागरूक किया है। इसलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है।  राज्यपाल डेका आज भिलाई सेक्टर 4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया। राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर महिला पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया, जिसमें शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर, साक्षी सोनी शामिल है। इसी प्रकार समाज सेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग, सुनीता जैन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल डेका ने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के विस्फोट ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक तो बनाया है, लेकिन साथ ही विश्वास का गंभीर संकट भी खड़ा किया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर व्यक्ति ‘पत्रकार‘ बन चुका है और सत्यापन से पहले ही समाचार वायरल हो जाते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज‘ और ‘डीपफेक‘ ने सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली कर दी है। इन सबके बीच आज भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। राज्यपाल डेका ने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा। एक स्वस्थ पत्रकारिता ही एक स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने इस चौथे स्तंभ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर दुबे, सचिव सतीश बौद्ध एवं अन्य पदाधिकारी और राजाराम त्रिपाठी, प्रो. संजय त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज सहित बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकार उपस्थित थे।

बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने ममता सरकार और बंगाल चुनाव पर साधा निशाना

बिहार  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया। इस विशेष संबोधन को सुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों में नेताओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। बिहार सरकार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के विचारों को सुना और इस कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। ​ देश की समस्याओं और उपलब्धियों का प्रतिबिंब ​उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की चुनौतियों और गौरवशाली उपलब्धियों पर चर्चा का एक सशक्त मंच है। उन्होंने साझा किया कि भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता पूरे महीने इस संबोधन का बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि इसमें जमीनी मुद्दों को वैश्विक मंच मिलता है। इस बार प्रधानमंत्री ने वॉटर हार्वेस्टिंग (जल संचयन) की आवश्यकता और मछुआरों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ​ वैश्विक संकट और भारत की एकजुटता ​मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में उपजे वर्तमान भू-राजनीतिक संकट पर बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भी देश के सामने ऐसी बाहरी चुनौतियां आती हैं, भारत के नागरिक अपनी वैचारिक भिन्नताओं को भूलकर एकजुट हो जाते हैं। संकट के समय देश की यह एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ​ पश्चिम बंगाल चुनाव और ममता सरकार पर प्रहार ​पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए उद्योग मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में अब तक आतंक और धांधली के बल पर सत्ता हासिल की जाती रही है। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों को वोट देने से रोका जाता था, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। जायसवाल के अनुसार, ममता बनर्जी की वर्तमान मनोदशा यह संकेत दे रही है कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन के मूड में है और वहां तृणमूल कांग्रेस की वापसी की संभावनाएं धूमिल हो रही हैं।

भोपाल एयरपोर्ट का बड़ा बदलाव: अब अलग फ्लोर पर होगा आगमन-प्रस्थान, बढ़ेगी सुविधा और घटेगी भीड़

भोपाल. भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए बड़ी सौगात दी गई है। अब यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जहां आगमन (अराइवल) और प्रस्थान (डिपार्चर) की व्यवस्था अलग-अलग फ्लोर पर की गई है। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को आसान आवाजाही, कम भीड़ और बेहतर अनुभव मिलेगा। घरेलू उड़ानों का आगमन अब लोअर ग्राउंड फ्लोर से होगा, जबकि प्रस्थान पहले की तरह मौजूदा लेवल से जारी रहेगा। इन नई सुविधाओं का शुभारंभ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu ने राजकोट से वर्चुअल माध्यम से किया। यह कार्यक्रम देशभर में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में चल रहे अभियान का हिस्सा है। नई सुविधाओं से बदलेगा यात्रियों का अनुभव एयरपोर्ट पर नए घरेलू अराइवल हॉल, आधुनिक फायर स्टेशन और डिजी यात्रा सुविधा की शुरुआत की गई है। नए अराइवल हॉल में यात्रियों को अधिक स्पेस, बेहतर व्यवस्था और तेज बैगेज सिस्टम मिलेगा, जिससे एयरपोर्ट पर लगने वाला समय कम होगा। उद्घाटन के बाद मुंबई से आई Air India की फ्लाइट के 174 यात्रियों को नए अराइवल हॉल से बाहर निकाला गया। पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी और अन्य अधिकारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। डिजी यात्रा सुविधा लागू होने से अब यात्री फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए बिना कागजी प्रक्रिया के, तेज और कॉन्टैक्टलेस तरीके से यात्रा कर सकेंगे। इससे सुरक्षा जांच और एंट्री प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था हुई और मजबूत एयरपोर्ट पर शुरू किए गए नए फायर स्टेशन से सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा बल मिला है। इसमें अत्याधुनिक एआरएफएफ (Aircraft Rescue and Fire Fighting) सिस्टम लगाया गया है, जिससे एयरपोर्ट की फायर कैटेगरी CAT-VII से बढ़ाकर CAT-IX तक की जा सकेगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में तेजी से और प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। कार्यक्रम के दौरान फायर एंड रेस्क्यू टीम ने वॉटर कैनन सलामी देकर अतिथियों का स्वागत किया। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा और महापौर मालती राय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं राजकोट में हुए मुख्य कार्यक्रम में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन विपिन कुमार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा भी शामिल हुए। इस नई व्यवस्था के साथ भोपाल एयरपोर्ट अब आधुनिक एयरपोर्ट्स की श्रेणी में शामिल हो गया है। आने वाले समय में बढ़ती उड़ानों और यात्रियों की संख्या को संभालने में यह बदलाव अहम साबित होगा, साथ ही यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।  

झारखंड के साहिबगंज में शुरू हुआ विशेष टीकाकरण अभियान 14 साल की बेटियों को मिलेगी सुरक्षा

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले के संयुक्त स्वास्थ्य भवन सभागार में शनिवार को सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिले की 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी 14 हजार 394 बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रविवार से एचपीवी टीका लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि टीका केवल उन बच्चियों को लगाया जायेगा, जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक नहीं है. जिले के सभी स्कूलों में अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बैठक कर जानकारी दे दी गयी है. अभिभावकों से सहमति-पत्र भी लिया जा रहा है, जिससे बच्चियों का टीकाकरण किया जा सके. प्रिंसिपल, क्लास टीचर और अभिभावकों की उपस्थिति में ही बच्चियों को वैक्सीन दी जाएगी. कैसे किया जाएगा टीकाकरण पहले चरण में साहिबगंज जिले के आठ सीएचसी में टीकाकरण किया जायेगा. इसके लिए मॉनिटरिंग कमेटी और रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान 30 मार्च से अगले तीन माह तक चलेगा. रविवार से शुरुआत साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र स्थित पटेल चौक के पास एमसीएच में 29 मार्च 2026 रविवार सुबह 11 बजे डीसी हेमंत सती समेत अन्य अधिकारी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर दिया है. टीकाकरण का लक्ष्य     सीएचसी बरहेट: 1551     सीएचसी बोरियो: 2181     सीएचसी पतना: 1030     अनुमंडल अस्पताल राजमहल: 2094     सीएचसी सदर: 2037     सीएचसी तालझारी: 979     सीएचसी उधवा:2251     कुल/ 14394  

पाम संडे पर प्रार्थना और जुलूस, देश-विदेश में शांति की कामना

भोपाल. पाम संडे के अवसर पर ईसाई समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दिन को प्रभु यीशु मसीह के यरुशलम प्रवेश की स्मृति में मनाया गया, जहां लोगों ने एक स्वर में खुद को प्रभु का सेवक बताते हुए सामूहिक प्रार्थना की। पूरे समुदाय ने देश-विदेश में शांति, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हुए एकजुटता का संदेश दिया। खजूर की डालियों के साथ निकली रैली इस अवसर पर बेथलम चर्च बरखेड़ी फाटक से चर्च तक एक भव्य रैली निकाली गई। श्रद्धालुओं ने हाथों में खजूर की डालियां थामकर प्रभु यीशु के स्वागत की परंपरा को जीवंत किया। रैली के दौरान भक्ति गीतों और ‘होस्ना’ के नारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जिससे समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। प्रभु यीशु के संदेश का स्मरण कार्यक्रम के दौरान विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें पास्टर धूलिया ने प्रभु का वचन सुनाया। उन्होंने बताया कि लगभग 2000 वर्ष पहले इसी दिन प्रभु यीशु ने यरुशलम में प्रवेश किया था, जहां लोगों ने खजूर की डालियां बिछाकर उनका स्वागत किया था। यह दिन विनम्रता, प्रेम और सेवा के भाव को याद करने का प्रतीक है। बच्चों ने प्रस्तुत की विशेष प्रस्तुति चर्च में बच्चों द्वारा प्रभु यीशु मसीह के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान ‘होस्ना’ के जयकारों के साथ वातावरण और अधिक श्रद्धामय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सभी ने मिलकर एकता और भाईचारे का संदेश दिया। शांति और एकता के लिए सामूहिक प्रार्थना भोपाल के विभिन्न गिरजाघरों में भी इसी तरह के आयोजन किए गए, जहां बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग एकत्रित हुए। सभी ने मिलकर विश्व में चल रहे संघर्षों के समाप्त होने और समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रार्थना की। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सकारात्मक संदेश देने का माध्यम भी बना।