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ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ स्किल महाकुंभ, राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा में सजा स्किल का महाकुंभ, राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य आगाज 650 प्रतिभागी, 63 स्किल्स और सभी राज्यों की भागीदारी योगी सरकार की स्किल पहल को मिला राष्ट्रीय मंच लखनऊ/ग्रेटर नोएडा स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य शुभारंभ रविवार को गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में हुआ। इस आयोजन में देशभर से आए करीब 650 प्रतिभागी 63 विभिन्न कौशलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी ने इसे “स्किल भारत” के विज़न का जीवंत उदाहरण बना दिया है। योगी सरकार की स्किल नीति को मिला बल उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं को ट्रेनिंग, अप-स्किलिंग और रोजगार से जोड़ा गया है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता प्रदेश की स्किल इकोनॉमी को मजबूत करने और यूपी को “स्किल हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्किलिंग से बनेगा ‘स्किल नेशन’: देबाश्री मुखर्जी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि स्किलिंग एक निरंतर प्रक्रिया है, जो अभ्यास और समर्पण से विकसित होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को “स्किल आइकॉन” बताते हुए कहा कि उनका यह सफर ही एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है और युवा भारत को वैश्विक स्तर पर “स्किल नेशन” बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की वैश्विक रैंकिंग में सुधार का लक्ष्य कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार मनीषा शर्मा ने बताया कि भारत वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स रैंकिंग में 13वें और एशिया में 8वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के जरिए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने युवाओं को किया प्रेरित कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पिल्लई के उद्घाटन भाषण से हुई। उन्होंने कौशल विकास को देश की प्रगति का आधार बताते हुए युवाओं को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। अंत में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रशांत सिन्हा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। मार्च पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे आकर्षण विभिन्न राज्यों की टीमों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को प्रदर्शित किया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में उत्साह और रंग भर दिए। उत्तर प्रदेश की साधना ने दिलाई शपथ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शपथ ग्रहण समारोह रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की प्रतिभागी साधना ने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता, ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई।

कन्या सुमंगला योजना: अमेठी की 23 स्नातक छात्राओं को मिली आखिरी किश्त

कन्या सुमंगला योजनाः अमेठी की स्नातक की 23 छात्राओं को आखिरी किश्त जारी सरकार की पहल से बेटियों को मिली नई उड़ान बदलती सोच, मजबूत कदम: आर्थिक सहयोग से सशक्त अमेठी की बेटियां लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कन्या सुमंगला योजना आज बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। इसी कड़ी में अमेठी जिले की 23 छात्राओं को स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने के बाद योजना की अंतिम किश्त जारी की गई, जिससे उनके सपनों को नई दिशा और मजबूती मिली है। इन छात्राओं के लिए यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले जहां कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की पढ़ाई बीच में ही रुकवा देते थे, वहीं अब इस योजना ने उनकी सोच को बदल दिया है। आज वे बेटियां उच्च शिक्षा की ओर बढ़ते हुए अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन रहीं हैं। शिक्षा के हर पड़ाव पर साथ: जन्म से स्नातक तक सरकार का सहयोग कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को उनके जीवन के महत्वपूर्ण शैक्षिक चरणों पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक 6 चरणों में दी जाने वाली इस राशि को 2024-25 में इसे बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम कर उन्हें बेटियों के उज्ज्वल भविष्य में निवेश के लिए प्रेरित करना भी है। बदलती सोच, सशक्त होती बेटियां अमेठी की इन 23 छात्राओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब सही समय पर सही सहायता मिलती है, तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। अब ये छात्राएं अपने करियर को लेकर अधिक जागरूक हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहीं हैं। परिवारों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है जहां पहले बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, वहीं अब यह सोच बदली है और बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए सरकार की तरफ से प्रोत्साहित किया जा रहा है। योगी सरकार की पहल से बेटियों के सपनों को मिल रहा संबल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही कन्या सुमंगला योजना बेटियों को सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। कन्या सुमंगला योजना ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया है। अमेठी की इन 23 बेटियों की कहानी यह संदेश देती है कि यदि अवसर और सहयोग मिले, तो हर बेटी अपने सपनों को साकार कर सकती है। यह योजना केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक मजबूत, शिक्षित और आत्मनिर्भर समाज की नींव है।

आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली महिला ने दुग्ध उत्पादन से दो साल में कमाए 67 लाख

आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली महिला ने दुग्ध उत्पादन से दो साल में कमाए 67 लाख योगी सरकार की योजना का लाभ पाकर बन गईं सफल उद्यमी मिलिए सोनभद्र की लखपति दीदी से, आज संयुक्त परिवार के 14 लोगों की सम्भाल रहीं जिम्मेदारी एक साहसी महिला की कहानी उन ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा जो आगे बढ़ने का देखती हैं सपना परिवार संभालने के साथ ही बच्चों को उपलब्ध करा रहीं हैं बेहतर शिक्षा  लखनऊ  कभी आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली सोनभद्र की विनीता आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही महिला सशक्तीकरण की योजनाओं के सहारे सफलता का नया चेहरा बनकर उभरीं हैं। दुग्ध उत्पादन को आजीविका का आधार बनाकर उन्होंने सिर्फ दो वर्षों में 67 लाख रुपये की कमाई की और यह साबित कर दिया कि सही सरकारी सहयोग, बाजार और मेहनत मिल जाए तो गांव की महिलाएं भी आर्थिक समृद्धि की नई कहानी लिख सकती हैं। काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़कर उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। आज वे परिवार संभालने के साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा भी उपलब्ध करा रही हैं। पहले निजी डेयरियों पर थी निर्भरता स्नातक तक पढ़ीं विनीता 14 सदस्यीय संयुक्त परिवार की जिम्मेदारी निभा रही थीं। पति अविनाश के साथ मिलकर वे 10-12 पशुओं के जरिए कार्य करती थीं, लेकिन निजी डेयरियों पर निर्भरता के कारण उन्हें समय पर और उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इससे आय सीमित थी। संघर्ष से निकली उम्मीद की राह दिन-रात मेहनत के बावजूद जब हालात नहीं बदले, तब विनीता ने काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ने का फैसला किया। इससे उन्हें उचित मूल्य, समय पर भुगतान और प्रशिक्षण की सुविधा मिली। यही वह मोड़ था, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी। दो साल में बनीं ‘लखपति दीदी’ विनीता ने वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया। पशुओं की संख्या बढ़ाई और उत्पादन में बड़ा इजाफा किया। आज उनके पास 40 से अधिक दुधारू पशु हैं और वे ‘लखपति दीदियों’ में शामिल हो चुकी हैं। महज दो वर्षों में 67 लाख रुपये की आय अर्जित कर उन्होंने ग्रामीण महिला सशक्तीकरण का नया उदाहरण पेश किया है। हजारों महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी पूर्वांचल के सात जिलों में 46 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार और सशक्तीकरण से जोड़ रही है। विनीता कहती हैं कि काशी मिल्क और स्वयं सहायता समूह ने मुझे न केवल आर्थिक मजबूती दी, बल्कि जीवन जीने का नया नजरिया भी दिया। योजनाओं का जमीनी असर योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का असर अब गांवों में साफ दिख रहा है। विनीता जैसी महिलाएं न केवल अपने परिवार को बेहतर जीवन दे रही हैं, बल्कि समाज में बदलाव की अगुआ बन रही हैं। सोनभद्र की विनीता की यह कहानी बताती है कि अगर सही मंच, उचित मूल्य और सरकारी योजनाओं का साथ मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई इबारत लिख सकतीं हैं।

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़ जिले में संपन्न

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़ जिले में संपन्न मनेद्रगढ़ अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में संपन्न हुई !जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी एवं अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी व छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष द्रोणाचार्य दुबे की मुख्य उपस्थिति में सम्मान समारोह संपन्न हुआ जिसमें एमसीबी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों को समिति द्वारा सम्मान किया गया जिसमें स्मृति चिन्ह के साथ-साथ साल सिर्फ फल देकर सम्मान किया! इस कार्यक्रम में जिले के पत्रकारों की मुख्य उपस्थिति में समिति द्वारा  पत्रकारों को संबोधित किया कार्यक्रम के पश्चात सम्मान किया गया! तथा समिति को आगे विस्तार हेतु चर्चा की गई जिसमें जल्द ही पूरे प्रदेश में समिति का विस्तार किया जाएगा!इस कार्यक्रम में सैकड़ो पत्रकार उपस्थित रहे!

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर मिहिर भोज के अपमान पर बवाल, दादरी रैली पर तेजपाल नागर का अखिलेश पर तीखा हमला असफल साबित हुई अखिलेश की दादरी रैली: विधायक नागर नोएडा   दादरी में समाजवादी पार्टी की रैली के दौरान गुर्जर-प्रतिहार वंश के महान सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोए जाने की घटना ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। दादरी से भाजपा विधायक तेजपाल नागर ने इसे भारत के महापुरुषों का अपमान बताते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज केवल एक नाम नहीं, बल्कि देश के गौरव, पराक्रम और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक हैं, ऐसे महापुरुष के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। तेजपाल नागर ने कहा कि जो लोग आज मंच से सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करते हैं, उनके कार्यों में उस संवेदनशीलता का अभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना गुर्जर समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और परंपरा का अपमान है। नागर ने कहा कि सपा को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भाजपा विधायक ने दादरी में आयोजित सपा की रैली को पूरी तरह असफल करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम को “आह्वान” बताया गया, वह जमीनी हकीकत में असरहीन साबित हुआ। गुर्जर बहुल इस क्षेत्र में अपेक्षित जनभागीदारी का अभाव इस बात का संकेत है कि सपा का जनाधार खिसक चुका है। उन्होंने कहा कि रैली में खाली कुर्सियां ही सच्चाई बयां कर रही थीं। नागर ने कहा कि अखिलेश यादव दादरी के मंच से गुर्जर समाज को कोई ठोस संदेश देने में भी विफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल चुनावी समय में समाज विशेष को साधने की कोशिश करती है, जबकि वास्तविकता में उसका सरोकार केवल सत्ता तक सीमित रहता है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए तेजपाल नागर ने कहा कि गौतमबुद्धनगर जिले को समाप्त करने का निर्णय सपा की नीतियों का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में गुर्जर समाज के प्रति सम्मान होता, तो ऐसा निर्णय नहीं लिया जाता। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से जिले की पुनःस्थापना हुई, जो उस समय की सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। नागर ने सपा सरकार के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का माहौल था, यहां के 500 करोड़ रुपए अन्य जगहों पर भेज दिए गए, जबकि वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा प्रदेश के विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हुई है और विकास को प्राथमिकता दिया जा रही है। इसके विपरीत सपा अब भी जातीय आधार पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है, जिसे जनता समझ चुकी है। तेजपाल नागर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आज का मतदाता केवल भाषणों से प्रभावित नहीं होता, बल्कि वह काम, भरोसे और निरंतरता को महत्व देता है। दादरी की यह रैली सपा के लिए स्पष्ट संकेत है कि जमीन पर विश्वास खोने के बाद केवल नारेबाजी से राजनीति नहीं चल सकती।

सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे कई सौगात    सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल   आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस और स्मार्टफोन   नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को देंगे नियुक्ति पत्र, नए आंगनवाड़ी केंद्रों और परियोजना कार्यालयों का करेंगे शिलान्यास व लोकार्पण  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोकभवन सभागार में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की महिला सशक्तीकरण, बाल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने वाली कई बड़ी पहल का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।  सीएम योगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित करेंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की डायरेक्टर सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 30 मार्च को लोकभवन के सभागार में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए जाएंगे। इनमें स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और मदर एंड चाइल्ड वेटिंग स्केल शामिल हैं। प्रदेश में भर में कुल 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फैंटोमीटर और 58,237 वेटिंग स्केल वितरित किए जाएंगे, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी और अधिक सटीक व प्रभावी हो सकेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा 10 नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा जबकि 46 जिलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा 739 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा 42 जिलों में 15,203 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।  स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम का किया जाएगा शुभारंभ डायरेक्टर ने बताया कि कार्यक्रम में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन भी वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 69,794 कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हो जाएगा। इससे डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा संग्रहण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का भी विमोचन करेंगे, जिसकी लागत लगभग 30.32 लाख रुपये प्रति भवन है। इतना ही नहीं, 13 जिलों में 633 आंगनवाड़ी केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और 27 जिलों में 69 अन्य केंद्रों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर कुल 1,37,04.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 70 जिलों में 2,468 आंगनवाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 3,13,26.31 लाख रुपये है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

जगदलपुर में आज से शुरू होगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का एथलेटिक्स रोमांच

रायपुर.  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

मुंबई इंडियंस का शानदार जीत, KKR को 6 विकेट से मात, रोहित-रिकेल्टन का दमदार प्रदर्शन

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) का दूसरा मैच रविवार को मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया. ये भिड़ंत मुंबई के वानखेड़े मैदान पर हुई जहां मुंबई इंडियंस ने 6 विकेट से जीत हासिल की. मुंबई के लिए ये जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुंबई की टीम ने आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा टोटल चेज किया है. ये मैच  इस मुकाबले में टॉस जीतकर मुंबई ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. केकेआर ने रहाणे और रघुवंशी की फिफ्टी के दम पर मुंबई के सामने 221 रनों का लक्ष्य रखा था. जिसे मुंबई ने 20वें ओवर में चेज कर लिया. इस जीत के साथ मुंबई का 14 सालों का वो शर्मनाक रिकॉर्ड भी टूट गया है जिसमें उसे अपने पहले आईपीएल मैच में हार का सामना करना पड़ता था।  ऐसे रही मुंबई की बैटिंग 221 रनों के जवाब में उतरी मुंबई की शुरुआत बेहद शानदार रही. रोहित और रेयान रिकेल्टन ने पारी का आगाज किया. दोनों ओर से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी हुई और 5वें ओवर में ही दोनों ने टीम का स्कोर 50 के पार पहुंचा दिया. इसके बाद रोहित शर्मा ने छक्के और चौकों में डील किया और केवल 23 गेंद में ही फिफ्टी लगा दी. 6 ओवर के बाद मुंबई का स्कोर 80-0 था. मुंबई को पहला झटका लगा 12वें ओवर में जब रोहित शर्मा महज 38 गेंदों में 78 रनों की तूफानी पारी खेलकर आउट हुए. रोहित का जब विकेट गिरा तब मुंबई का स्कोर 148 रन था. इसके बाद सूर्या ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए लेकिन 15वें ओवर में वो अपना विकेट गंवा बैठे. सूर्या के बल्ले से 16 रन आए।  16वें ओवर में रिकेल्टन अपना विकेट गंवा बैठे. उनके बल्ले से 43 गेंद में 81 रन आए. अपनी पारी में रिकेल्टन ने 4 चौके और 8 छक्के लगाए. लेकिन मुंबई ने 20वें ओवर की पहली ही गेंद पर इस टोटल को 4 विकेट गंवाकर चेज कर लिया।  ऐसे रही केकेआर की बैटिंग पहले बल्लेबाजी करने उतरी केकेआर की पारी का आगाज कप्तान अजिंक्य रहाणे और फिन एलन ने किया.दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग की और 5वें ओवर में ही स्कोर 50 के पार पहुंचा दिया. लेकिन इस खतरनाक साझेदारी को तोड़ा शार्दुल ठाकुर ने. छठे ओवर में शार्दुल ने एलन का विकेट झटका. एलन ने 17 गेंद में 37 रन बनाए. इसके बाद कैमरून ग्रीन ने 10 गेंद में 18 रन बनाए. लेकिन 9वें ओवर में शार्दुल ने उन्हें आउट कर दिया. लेकिन एक छोर पर अजिंक्य रहाणे टिके रहे. उन्होंने केवल 27 गेंद में ही अपनी फिफ्टी पूरी की. हालांकि, शार्दुल ने 14वें ओवर में उनका विकेट झटका. रहाणे के बल्ले से 67 रन आए।  इसके बाद अंगकृष रघुवंशी और रिंकू सिंह ने मोर्चा संभाला. दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग की. रघुवंशी ने केवल 28 गेंद में ही फिफ्टी लगा दी. वहीं, 19वें ओवर में ही केकेआर का स्कोर 200 के पार पहुंच गया. लेकिन इसी ओवर में हार्दिक ने रघुवंशी का विकेट भी झटका. रघुवंशी के बल्ले से 29 गेंद में 51 रन आए. इसके बाद रिंकू सिंह ने 21 गेंद में नाबाद 33 रनों की पारी खेली, जिसके दम पर केकेआर ने मुंबई के सामने 221 रनों का लक्ष्य रखा।  6 चौके, 6 छक्के और 23 गेंद में सबसे तेज पचासा, रोहित शर्मा ने लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) में रविवार को मुंबई इंडियंस का मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ हुआ. वानखेड़े में खेले गए इस मैच में रोहित शर्मा ने रिकॉर्डतोड़ पारी खेली. रोहित ने केकेआर के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया, जो आईपीएल इतिहास में उनका सबसे तेज पचासा है।  इससे पहले रोहित का सबसे तेज आईपीएल अर्धशतक 2015 के फाइनल में आया था, जब उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 25 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी. अब 11 साल बाद उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए 23 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया।  रोहित शुरुआत से ही बेहद आक्रामक अंदाज में दिखे. उन्होंने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया और कोलकाता के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. उनकी बल्लेबाजी में वही पुरानी लय और आत्मविश्वास नजर आया, जिसने उन्हें आईपीएल और भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा मैच विनर बनाया है. इस मुकाबले में रोहित ने शर्मा 38 गेंदों में 78 रन बनाए. अपनी इस पारी में रोहित शर्मा ने 6 चौके और 6 छक्के लगाए।  आईपीएल में जड़ी 50वीं फिफ्टी इस पारी के साथ रोहित शर्मा आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं. अब उनके नाम आईपीएल में 50 बार 50 या उससे ज्यादा का स्कोर दर्ज है।  इस सूची में सबसे ऊपर विराट कोहली हैं, जिन्होंने 72 बार 50 प्लस स्कोर बनाया है. दूसरे स्थान पर David Warner 66 बार और तीसरे नंबर पर Shikhar Dhawan 53 बार 50 से ज्यादा रन बना चुके हैं. वहीं KL Rahul 45 बार 50 प्लस स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर हैं।  रोहित की यह पारी सिर्फ एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि वह अब भी मुंबई इंडियंस के सबसे बड़े मैच विनर हैं. आईपीएल 2026 में उनका यह अंदाज टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है. बता दें कि इस मुकाबले में केकेआर ने पहले बैटिंग करते हुए मुंबई के सामने 221 रनों का लक्ष्य रखा था। 

दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन सोमवार से, लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी पर मंथन के लिए जुटेंगे युवा विधायक

भोपाल.  राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़  एवं राजस्थान के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन  30-31 मार्च को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम सफल एवं सुचारु रूप से संपन्न हो इस के लिये संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।इस अवसर पर विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा भी उपस्थित रहे। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर मंथन करना है। सम्मेलन में लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश में इस तरह का युवा विधायक सम्मेलन होना गर्व की बात है। सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पहले दिन तीन और दूसरे दिन दो सत्र होंगे। सम्मेलन में 45 वर्ष से कम उम्र वाले मध्यप्रदेश के 37, राजस्थान के 13 और छत्तीसगढ़ के 13 विधायक शामिल होंगे। सम्मेलन 30 मार्च 9:30 बजे से प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के प्रथम दिवस ‘लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने के लिये युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर मंथन होगा। प्रथम दिवस माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी भी युवा विधायकों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन के दूसरे दिन 31 मार्च को ‘विकसित भारत 2047− युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। इस दिन अन्य सत्रों के अलावा एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड का संबोधन होगा। समापन समारोह में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश उपस्थित रहेंगे। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उपस्थित रहेंगे।  

सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू

गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी महिलाएं  सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए नई पहल  लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि आधारित गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के बीच हाल ही में एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब प्रदेश की ‘आधी आबादी’ गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। गन्ने से जुड़े अन्य उत्पाद बनाने का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिलेगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 47.5 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। इसमें करीब 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं। इसके अलावा 57 हजार से अधिक महिला किसान 3,000 से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गन्ने की उन्नत किस्मों की पौध तैयार करने का कार्य कर रही हैं। ये समूह गन्ने की नई प्रजातियों के तेजी से प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पहल के तहत महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कार्यों जैसे प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद निर्माण, गुड़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्माण में भी प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन पर दिया जा रहा जोर गन्ना आयुक्त का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। इसी सोच के तहत योगी सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। चाहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान हो या स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की योजनाएं, हर स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर उन्हें गन्ना क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता वृद्धि में भी योगदान देंगी। यह पहल गन्ना उत्पादन प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही उन्नत किस्मों की पौध से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन मिलेगा। साथ ही, वैल्यू एडिशन के जरिए उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि आएगी।