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पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज बदला, अबोहर में तापमान 31.8 डिग्री, ओले गिरने की आशंका

चंडीगढ़  हाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी एरिया में हुई बारिश के चलते पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम बदल गया है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और 31 मार्च को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। सबसे कम अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अबोहर में दर्ज किया गया। 11 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। अन्य जिलों में आंधी और तूफान की संभावना रहेगी, लेकिन ओले नहीं गिरेंगे। मौसम में बदलाव की वजह एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास ऊंचाई पर सक्रिय है, जिसका असर ट्रफ के रूप में दिख रहा है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। वहीं 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे फिर मौसम बदलने के आसार हैं। 3 अप्रैल तक बारिश के आसार मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 30 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच इक्का-दुक्का जगहों पर बारिश के आसार रहेंगे, जबकि इसके बाद फिर से कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। तापमान अगले दो दिनों में 2 से 4 डिग्री तक गिरेगा और उसके बाद 3 से 5 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। 31 मार्च का पूर्वानुमान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अन्य कई जिलों में इक्का-दुक्का स्थानों पर बारिश के आसार हैं। 1 अप्रैल का पूर्वानुमान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में इक्का-दुक्का स्थानों पर बारिश की संभावना है।

प्रॉपर्टी रेट अपडेट: चरखी दादरी में नई कलेक्टर गाइडलाइन अपलोड, आपत्ति दर्ज करने का मौका

चरखी दादरी. चरखी दादरी. हरियाणा सरकार के निर्देशों के अनुसार, चरखी दादरी जिले में वर्ष 2026-27 के लिए जमीनों के नए कलेक्टर रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया सरकार के निर्देशानुसार शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने संशोधित प्रस्तावित दरों की तहसील अनुसार सूची आधिकारिक वेबसाइट charkhidadri.gov.in पर अपलोड कर दी है ताकि कोई भी नागरिक इन दरों की समीक्षा कर अपने सुझाव या आपत्तियां ऑनलाइन माध्यम से जमाबंदी.एनआईसी.आईएन पर प्रस्तुत कर सकें। उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई सूची के अनुसार इस बार अधिकांश क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में अधिक बदलाव नहीं किए गए हैं। वहीं कुछ गांवों में 10 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक रेट में बढ़ोतरी की गई है। इसी प्रकार से दादरी शहर में अधिक बदलाव न करते हुए केवल कुछ स्थानों पर आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी में कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं। शहर में इन क्षेत्रों में प्रस्तावित है कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से अपलोड की गई शहर के प्रस्तावित कलेक्टर रेट की सूची के अनुसार भिवानी रोड माइनर से भिवानी चौक तक आवासीय श्रेणी में प्रति गज जमीन के दाम 21,780 से बढ़ाकर 25,047 रुपये करते हुए 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसी प्रकार नगर परिषद कार्यालय से भगवान परशुराम चौक होते हुए काठ मंडी तक व्यावसायिक श्रेणी की जमीन के कलेक्टर रेट में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है जिसके बाद इस क्षेत्र में दाम 1,14,950 से बढ़कर 1,43,687 रुपये प्रति गज हो जाएंगे। वहीं मुथरी घाटी से गोधडिया कॉलोनी में आवासीय श्रेणी के दाम में 25 प्रतिशत, पुराना शहर में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत, रविदास नगर में आवासीय श्रेणी में 25 प्रतिशत, सैनीपुरा में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसके अलावा शहर में सभी जगह कलेक्टर रेट में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया है। 31 मार्च तक दे सकते हैं प्रतिक्रिया : उपायुक्त उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने कलेक्टर रेट को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत जिले के लोगों को इन प्रस्तावित कलेक्टर रेट पर अपनी राय देने का अवसर दिया गया है। आमजन 31 मार्च को सुबह 10 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे समय पर अपने सुझाव दें, जिससे नए कलेक्टर रेट अधिक पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया के तहत तय किए जा सकें। 

कबीरधाम में आग का कहर: SLRM केंद्र में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

कवर्धा. कवर्धा के कैलाश नगर वार्ड क्रमांक 3 स्थित एसएलआरएम (अपशिष्ट प्रबंधन) केंद्र में बीती रात भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सरोवर तालाब के पास स्थित इस केंद्र में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और सुबह तक उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। जानकारी के अनुसार, आग अचानक भड़क उठी और देखते ही देखते पूरे केंद्र को अपनी चपेट में ले लिया। केंद्र में रखे कचरे और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ता चला गया। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी दहशत का माहौल बन गया। कई लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते वे ज्यादा सफल नहीं हो सके। इस बीच, फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ विरोध भी जताया। घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगने का कारण क्या था। साथ ही, फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया में हुई देरी की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। यह घटना न केवल सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।

सफलता के लिए जीवन में अनुशासन और आजादी का सही तालमेल जरूरी

आजकल का युवा वर्ग आजादी का मतलब अनुशासनहीनता से लगाता है। जबकि लाइफ में अगर सक्सेजफुल होना है तो डिसिप्लिन का होना बेहद जरूरी है। अनुशासन केवल शिक्षा की उम्र तक ही जरूरी नहीं होती बल्कि इसे पूरी लाइफ अपने साथ रखना चाहिए। जिससे केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि रोजगार के समय भी आप सफल हो सकें। लेकिन दैनिक जीवन में पालन किया जाने वाला डिसिप्लिन आपको सक्सेजफुल बना सकता है। चलिए जानें कैसे अनुशासन में रहना फायदेमंद होता है और लाइफ में आगे बढ़ने में मदद करता है। अनुशासन और आजादी एक ही सिक्के के पहलू हैं अनुशासन और आजादी एक दूसरे के विपरीत नही हैं बल्कि ये एक सिक्के के ही पहलू हैं। अनुशासन और आजादी को बराबर मानना चाहिए। आगे जानें कैसे युवा आजादी को अनुशासनहीनता से जोड़ कर देखते हैं। सुबह उठने का रूटीन जब आप सुबह जल्दी और एक ही समय पर हर दिन जागते हैं तो आपको दैनिक क्रिया को करने के लिए पर्याप्त समय मिलता है। साथ ही आप सुबह काम पर जाने की जल्दी में नहीं होते। इससे हर काम पूरी तसल्ली और ठीक से कर पाते हैं। अगर आप आजादी का मतलब सुबह देर से उठना समझते हैं तो इससे दिनभर के काम अस्त-व्यस्त होते है। और अपना ज्यादातर समय बेकार के रोजमर्रा के कामों में बर्बाद कर देंगे।   मिलता है पर्याप्त समय जल्दी उठना, जल्दी सोना अनुशासन का ही एक पार्ट है। जब आप सुबह जल्दी उठते हैं तो आपके पास पर्याप्त समय होता है। जिसे आप एक्सरसाइज या मेडिटेशन करके बिता सकते हैं। रोज की एक्सरसाइज आपकी सेहत को सही रखने में मदद करती है और बीमारियों से दूर रखती है। खाने का अनुशासन घर में मां हमेशा घर के बने शुद्ध खाने के खाने के लिए बोलती है। ये भी एक तरह का अनुशासन है। जिसे पालन करने से आप अपनी सेहत को बचाते हैं। आजादी का अर्थ आजकल युवा वर्ग मन मुताबिक खाने को खाने और स्मोकिंग, शराब, गुटखा की लत को समझते हैं। आप जितना शुद्ध फूड खाते हैं, शराब और स्मोकिंग से दूर रहते हैं, हेल्थ बनी रहती है और बीमार होने से बच जाते हैं। क्योंकि बीमार होने और रिकवर होने में जीवन का काफी सारा समय बेकार हो सकता है। जो आपको बाकी लोगों से पीछे कर देगा। समय का सदुपयोग जब आप दैनिक जीवन के कामों को पूरे डिसिप्लिन के साथ करते हैं तो आपके पास काफी सारा समय बचता है। जिसका सही इस्तेमाल किया जा सकता है। बचे समय में कुछ नया सीखा जा सकता है। जो आपकी लाइफ स्किल को बढ़ाएगा और लाइफ में सफल बनाने में मदद करेगा। डिसिप्लिन लाइफ में आप पॉजिटिव चीजों के बारे में सोचते हैं और अपनी ग्रोथ पर फोकस कर सकते हैं। अनुशासनहीनता ज्यादातर निगेटिव बातों को मन में जन्म देती है जो लाइफ को बर्बाद करने के लिए काफी होती है।

उद्योगों के लिए राहत भरी खबर: पंजाब सरकार की नई O&M नीति से कामकाज होगा सरल

चंडीगढ़. पंजाब के उद्योगों और उद्योगपतियों को राहत देते हुए सरकार ने सेवाओं को तेज, प्रक्रियाओं को सरल और प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत फास्ट सर्विस, विकेंद्रीकरण और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति के जरिए उद्योगों से जुड़ी लंबित समस्याओं को दूर करने की कोशिश की गई है। यह जानकारी उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उद्योग विभाग की निदेशक सुरभि मलिक ने दी। संजीव अरोड़ा ने बताया कि पॉलिसी इंटरप्रिटेशन से जुड़े मुद्दों के कारण सेवाएं धीमी हो रही थीं और उद्योगपतियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब इन सभी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए फास्ट सर्विस को लागू किया गया है, जिससे प्रक्रियाओं को तेज किया जा सके। अब 15 की जगह 10 दिन का लगेगा समय उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत जहां पहले सेवाओं के लिए 15 दिन का समय निर्धारित था, उसे घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा फ्रीहोल्ड प्लांट्स को अतिरिक्त लाभ देते हुए कम समय में सेवाएं देने का प्रावधान किया गया है। लक्ष्य यह रखा गया है कि सभी प्रक्रियाएं चार हफ्तों के भीतर पूरी हो जाएं। अरोड़ा ने बताया कि डेलीगेशन ऑफ पावर्स के तहत विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया गया है, जिससे एक ही अधिकारी को अधिक जिम्मेदारी दी जा सके और उसे अलग-अलग स्तरों पर अप्रूवल लेने की जरूरत न पड़े। इससे काम में तेजी आएगी और देरी कम होगी। ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी अधिकारियों और इंजीनियरों को अपने स्तर पर अपग्रेडेशन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार देना है। पहले फंड कलेक्शन को लेकर दिक्कत आती थी, लेकिन अब यह जिम्मेदारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को दी गई है। बिजली बिलों के साथ वसूले जाएंगे चार्जेज उन्होंने कहा कि अब बिजली बिलों के साथ ही चार्जेज वसूले जाएंगे, जिससे शत-प्रतिशत कलेक्शन सुनिश्चित होगा। इसके बाद यह राशि संबंधित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो यह तय करेगी कि खर्च कहां और कितना करना है। सरकार के सदस्य इसमें मार्गदर्शन और रिपोर्टिंग के लिए होंगे, जबकि निर्णय लेने का अधिकार स्थानीय स्तर पर रहेगा। सुरभि मलिक ने बताया कि यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसे डिप्टी कमिश्नर की अगुवाई वाली संबंधित अथॉरिटी के पास उठाया जा सकता है। अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की अनुमति उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसपीवी को अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की अनुमति दी गई है, जैसे पार्किंग, छोटी जगहों को कमर्शियल किराये पर देना या विज्ञापन के जरिए आय बढ़ाना, बशर्ते यह सभी कार्य कॉरपोरेशन के नियमों के तहत हों। उन्होंने कहा कि पहले उद्योगों से लिया गया टैक्स लोकल गवर्नमेंट को जाता था, लेकिन वहां उद्योगिक क्षेत्रों में अपेक्षित काम नहीं हो पाता था। अब यह सुनिश्चित किया गया है कि उद्योगों से आने वाला पैसा उसी क्षेत्र में खर्च हो, जिससे बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और उद्योगपतियों को सीधा लाभ मिलेगा।

घर में लाएं ये 5 शुभ चीजें और पाएं मां लक्ष्मी का आशीर्वाद दूर होगी दरिद्रता और बढ़ेगा धन

वास्तु शास्त्र में ऊर्जा को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। हमारे आस-पास हर वस्तु अपने भीतर एक खास तरह की ऊर्जा रखती है, जिसका प्रभाव हमारे के जीवन पर पड़ता है। मान्यता है कि जहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, वहां धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होता है। इसी कारण वास्तु विशेषज्ञ घर की संरचना और उसमें रखी वस्तुओं को संतुलित रखने की सलाह देते हैं। यदि घर वास्तु के अनुसार नहीं होता, तो वहां नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है, जबकि सही वास्तु वाला घर सुख-समृद्धि और शांति लेकर आता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में कुछ शुभ वस्तुएं रखने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही यह उपाय करियर और व्यवसाय में उन्नति के मार्ग भी खोल सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 शुभ चीजों के बारे में, जिन्हें घर में रखना लाभकारी माना गया है। श्रीमद् भगवद् गीता हिंदू धर्म में भगवद् गीता को अत्यंत पवित्र ग्रंथ माना जाता है और वास्तु में भी इसका विशेष स्थान है। घर में गीता रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। नियमित रूप से इसका पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और परेशानियां कम होती हैं।   चांदी का सिक्का वास्तु के अनुसार चांदी का सिक्का घर में रखना शुभ होता है। चांदी का संबंध चंद्र ग्रह से माना जाता है, जो मन को शांत और स्थिर रखने में सहायक होता है। इसे तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।   पांच कौड़ियां शास्त्रों में कौड़ियों को मां लक्ष्मी से जुड़ा माना गया है। कहा जाता है कि इनकी उत्पत्ति समुद्र से हुई है, इसलिए इन्हें धन का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन पांच साबुत कौड़ियों को हल्दी लगाकर पूजा स्थान में रखने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। हल्दी की गांठ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हल्दी का संबंध भगवान विष्णु से है। जहां भगवान विष्णु का वास होता है, वहां मां लक्ष्मी भी निवास करती हैं। ऐसे में तिजोरी या धन स्थान पर हल्दी की गांठ रखने से आर्थिक समृद्धि बढ़ती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।

आधुनिक तकनीक और संवेदनशीलता, नई पुलिसिंग की पहचान: मुख्यमंत्री

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है  – मुख्यमंत्री जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुलिस अकादमी में 859 प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह संपन्न रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा। मुख्यमंत्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है।  जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे। समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, … Read more

हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके: प्रधानमंत्री का सपना छत्तीसगढ़ में हो रहा है साकार, CM साय

हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके” प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर – दिल्ली – कोलकाता हवाई यात्रा का किया वर्चुअल शुभारंभ राजधानी दिल्ली से क्षेत्र का सीधा जुड़ाव व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को देगा बढ़ावा केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और सरगुजा सांसद ने विमान सेवा के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी से अंबिकापुर–दिल्ली – कोलकाता हवाई सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों को विमान सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे आमजन को भी सुलभ हवाई यात्रा का लाभ मिल सके।              मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह परिकल्पना रही है कि “हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सके” और छत्तीसगढ़ में यह सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने सरगुजा अंचल के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय सांसद के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सुविधा संभव हो पाई है। राजधानी दिल्ली और कोलकाता से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है और हाल ही में बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा भी प्रारंभ हुई है। इसके साथ ही बजट में ‘सीजी वायु’ योजना के माध्यम से घरेलू विमान सेवाओं के सुचारू संचालन का प्रावधान भी किया गया है। रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।       उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि अंबिकापुर (दरिमा) में 72-सीटर विमान के संचालन से दिल्ली–अंबिकापुर–कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर में नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के साथ-साथ दक्षिण छत्तीसगढ़ में जगदलपुर में भी एयर कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मंत्री राजेश अग्रवाल एवं सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी मुख्यमंत्री को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।               उल्लेखनीय है कि   निर्धारित शेड्यूल के तहत यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा उपलब्ध होगी तथा बिलासपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी। अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का मुख्यालय होने के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं वाणिज्यिक केंद्र है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा एवं खनिज भंडार से समृद्ध है। साथ ही मैनपाट, तातापानी एवं विविध जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। हवाई सेवा के प्रारंभ होने से सरगुजा संभाग सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा।  एलायंस एयर का फ्लाइट शेड्यूल (सप्ताह में 4 दिन)              विमानन कंपनी एलायंस एयर द्वारा इन उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर प्रारंभ हो चुकी है।           उल्लेखनीय है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया, जिससे अब एटीआर जैसे बड़े विमान यहां संचालित हो सकते हैं। माँ महामाया एयरपोर्ट दरिमा, अम्बिकापुर लगभग 365 एकड़ में फैला हुआ है, एयरपोर्ट के सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि रू. 48.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, जिससे इस एयरपोर्ट में सभी कार्य डीजीसीए मानक अनुरूप कराया गया है। मां महामाया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों के अनुरूप कराया गया। हवाई अड्डे में लगभग 100 वाहन की पार्किंग की व्यवस्था के साथ टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया है। दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार) सोमवार (फ्लाइट नं. 91613): दिल्ली से बिलासपुर होते हुए सुबह 11:35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 12:00 बजे अम्बिकापुर से सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। बुधवार (फ्लाइट नं. 91614): दिल्ली से सुबह 10:25 बजे अम्बिकापुर आगमन और दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर होते हुए दिल्ली प्रस्थान करेगी। कोलकाता रूट (गुरुवार और शनिवार) शनिवार (फ्लाइट नं. 91763): कोलकाता से बिलासपुर होते हुए सुबह 10:00 बजे अम्बिकापुर आगमन और 10:25 बजे सीधे कोलकाता प्रस्थान करेगी। गुरुवार (फ्लाइट नं. 91765): कोलकाता से सुबह 08:50 बजे अम्बिकापुर आगमन और 09:15 बजे बिलासपुर होते हुए कोलकाता प्रस्थान करेगी।

कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सर्व समाज के लिए उपयोगी होगा कायस्थ मंगल भवन: संजय श्रीवास्तव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कायस्थ समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि चंदखुरी में इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए खुशी और गौरव का विषय है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक प्रबुद्ध और जागरूक समाज रहा है, जिसने देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है, जो प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में सीजी वायु योजना का प्रावधान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसान अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि इस मंगल भवन का निर्माण पूरे समाज के सहयोग से संभव हुआ है और इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल के बीच होगी कड़ी टक्कर जानें किसकी टीम है मजबूत

मुल्लांपुर गौरतलब है कि इन दोनों ही टीमों के बीच आखिरी आईपीएल मुकाबला साल 2025 में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था जिसे पंजाब किंग्स ने 243 रनों का स्कोर डिफेंड करके 11 रनों से जीता था। इस मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ महज़ 42 गेंदों पर नाबाद 97 रन ठोके थे, वहीं साईं किशोर ने 4 ओवर में 30 रन देकर 3 विकेट निकाले थे। दिन – मंगलवार, 31 मार्च 2026 समय – 07:30 PM IST वेन्यू – PCA स्टेडियम, मुल्लांपुर आईपीएल 2026 का चौथा मुकाबला चंदीगढ़ के PCA स्टेडियम में खेला जाएगा जहां टॉस जीतने वाली टीम रन डिफेंड करना काफी ज्यादा पसंद करती है। गौर करें कि इस मैदान पर हुए पिछले पांच टी20 मुकाबलों में से तीन रन डिफेंड करने वाली टीम ने अपने नाम किए हैं। बताते चलें कि यहां पिछला टी20 मुकाबला भारत और साउथ अफ्रीका के बीच हुआ था जिसे मेहमान टीम ने 214 रनों का स्कोर डिफेंड करके 51 रनों से जीता था। PBKS vs GT Head To Head Record कुल – 06 पंजाब किंग्स – 03 गुजरात टाइटंस – 03 PBKS vs GT, IPL 2026: Where to Watch? आईपीएल 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स और OTT प्लेटफॉर्म JioHotstar पर एन्जॉय कर सकते हैं। PBKS vs GT, IPL 2026: Player to Watch Out For पंजाब किंग्स की टीम से श्रेयस अय्यर, मार्को यानसेन और प्रभसिमरन सिंह स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर गुजरात टाइटंस टीम की तो शुभमन गिल, साईं सुदर्शन और राशिद खान अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। PBKS vs GT Probable Playing XI Punjab Kings Probable Playing XI: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वधेरा, श्रेयस अय्यर (कप्तान),  शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, अज़मतुल्लाह ओमरज़ाई, मार्को यानसेन, बेन ड्वारशुइस, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल। इम्पैक्ट प्लेयर: हरप्रीत बरार। Gujarat Titans Probable Playing XI: साईं सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, वाशिंगटन सुंदर, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। इम्पैक्ट प्लेयर: रवि साईं किशोर। PBKS vs GT Today's Match Prediction आईपीएल 2026 के चौथे मुकाबले में पंजाब किंग्स की टीम जीत हासिल करने के लिए फेवरेट रहेगी।